Sunday, 31 May 2026 | 01:40 AM

Trending :

‘मौत को देखा जा सकता था’: अभिषेक पर सोनारपुर हमले की क्रूरता से हैरान ममता बनर्जी | भारत समाचार शिवकुमार को सीएलपी नेता चुने जाने के बाद कर्नाटक में ‘डीकेएस सरकार’ हकीकत के करीब पहुंची | शीर्ष बिंदु | भारत समाचार सुरक्षा उल्लंघन का एनाटॉमी: बंगाल के सोनारपुर में अभिषेक बनर्जी का विवरण कैसे छीन लिया गया | भारत समाचार आशुतोष राणा के 'हमारे राम' शो के दौरान लगी आग:शॉर्ट सर्किट से कंट्रोल पैनल में भड़की लपटें, ऑडिटोरियम में अंधेरा; एक्टर और लोगों का रेस्क्यू सात्विक-चिराग सिंगापुर ओपन बैडमिंटन के फाइनल में पहुंचे:दुनिया की नंबर-1 जोड़ी को हराया; कोरिया के वर्ल्ड चैंपियंस को 21-19, 21-18 से हराया IPL फाइनल- टिकट बुंकिंग को लेकर फैंस ने शिकायत की:स्टेडियम के बाहर विराट की टी-शर्ट ज्यादा बिक रही; मैच से पहले मंदिर पहुंचे क्रुणाल
EXCLUSIVE

महिलाओं के लिए अमृत है सतावर, जानिए इसके गजब फायदे

ask search icon

Last Updated:

Shatavari Benefits For Women: झारखंड के जंगलों में पाई जाने वाली सतावर यानी शतावरी एक ऐसी औषधीय जड़ी-बूटी है, जिसे आयुर्वेद में खास तौर पर महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी माना गया है. इसकी जड़ों में मौजूद पोषक तत्व शरीर की कमजोरी दूर करने, हार्मोन संतुलन बनाए रखने और प्रसव के बाद दूध बढ़ाने में मदद करते हैं. ग्रामीण इलाकों में लंबे समय से इसे प्राकृतिक टॉनिक के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है, जो पाचन, नींद और संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में भी सहायक मानी जाती है. रिपोर्ट- शशिकांत कुमार ओझा

झारखंड का बड़ा भू-भाग जंगल और पहाड़ी इलाकों से घिरा हुआ है, जहां आदिवासी समाज आज भी पारंपरिक जड़ी-बूटियों पर निर्भर रहता है. इन्हीं जंगलों में मिलने वाला एक महत्वपूर्ण औषधीय पौधा है सतावर, जिसे शतावरी, सतावरि, सतमूली और सरनोई जैसे कई नामों से जाना जाता है. आयुर्वेद में इस पौधे को महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी बताया गया है.

हेल्थ

खासतौर पर इसकी जड़ में मौजूद औषधीय गुण महिलाओं की शारीरिक कमजोरी दूर करने, प्रसव के बाद दूध बढ़ाने और शरीर को ताकत देने में उपयोगी माने जाते हैं. ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में महिलाएं लंबे समय से इस जड़ी-बूटी का घरेलू इलाज के रूप में इस्तेमाल करती रही हैं.

हेल्थ

घरेलू महिला नीलम दीदी ने लोकल18 को बताया कि सूखी सतावर की जड़ों का बारीक चूर्ण बनाकर उसका सेवन करने से शरीर को ऊर्जा मिलती है. एक चम्मच सतावर चूर्ण को गर्म दूध और मिश्री के साथ सुबह-शाम लेने से शारीरिक कमजोरी दूर होती है और शरीर मजबूत बनता है. प्रसव के बाद स्तनपान कराने वाली माताओं में दूध की कमी होने पर सतावर चूर्ण को दूध के साथ लेना काफी लाभकारी माना जाता है. यही कारण है कि ग्रामीण इलाकों में इसे माताओं के लिए प्राकृतिक टॉनिक के रूप में उपयोग किया जाता है.

Add News18 as
Preferred Source on Google

हेल्थ

उन्होंने कहा कि सतावर पाचन तंत्र के लिए भी फायदेमंद बताया जाता है. इसके चूर्ण को घी में पकाकर सेवन करने से पेट की जलन, एसिडिटी और कफ की समस्या में राहत मिलती है. वहीं अनिद्रा और मानसिक तनाव से परेशान लोगों के लिए भी यह जड़ी-बूटी उपयोगी मानी जाती है.

हेल्थ

सतावर के चूर्ण को दूध में खीर की तरह पकाकर रात में खाने से अच्छी नींद आती है और तनाव कम होता है. इसके अलावा सतावर की जड़ के रस को बराबर मात्रा में गाय के दूध के साथ पीने से गुर्दे की पथरी में भी आराम मिलने की बात कही जाती है. इससे खून की कमी दूर होती है.

हेल्थ

आगे कहा कि शतावरी महिलाओं के हार्मोन संतुलन, कमजोरी दूर करने और शरीर को पोषण देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. झारखंड के जंगलों में प्राकृतिक रूप से मिलने वाली यह जड़ी-बूटी स्थानीय लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है.

हेल्थ

हालांकि विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि किसी भी औषधीय जड़ी-बूटी का नियमित सेवन करने से पहले जानकार वैद्य या चिकित्सक की सलाह जरूर लेनी चाहिए, ताकि इसका सही और सुरक्षित लाभ मिल सके.

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
Share Market Today LIVE Updates.

March 4, 2026/
12:35 pm

आखरी अपडेट:मार्च 04, 2026, 12:35 IST भाजपा ने बुधवार को महाराष्ट्र से आगामी राज्यसभा द्विवार्षिक चुनाव के लिए चार उम्मीदवारों...

असम-बंगाल में कांग्रेस के 21 में से 20 विधायक मुस्लिम:AIUDF बोली- कांग्रेस अब 'मुस्लिम लीग' बनी; भाजपा ने एक भी मुस्लिम को टिकट नहीं दिया था

May 5, 2026/
7:46 pm

पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में मुस्लिम सीटों पर सबसे अलग ट्रेंड बंगाल में दिखा। यहां 142 मुस्लिम सीटों में...

लता मंगेशकर-आशा भोसले की याद में बनेगा अस्पताल:भाई हृदयनाथ बोले- पुणे में एशिया का सबसे बड़ा हॉस्पिटल बनाने की कोशिश कर रहे हैं

April 14, 2026/
9:49 am

सिंगर लता मंगेशकर और आशा भोसले की याद में पुणे में एशिया का सबसे बड़ा अस्पताल बनाया जाएगा। दोनों सिंगर्स...

RPSC AEN Mains Admit Card March 19

March 15, 2026/
12:13 pm

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से सहायक अभियंता संयुक्त प्रतियोगी (मुख्य) परीक्षा- 2024 (कार्मिक विभाग) का आयोजन 22...

बिना तेल वाली रेसिपी: गर्मियों में फिट रहने का ये है सुपर-सीक्रेट, बिना तेल वाली ये 5 रेसिपीज जरूर आजमाएं

March 28, 2026/
10:08 pm

28 मार्च 2026 को 22:08 IST पर अपडेट किया गया बिना तेल के व्यंजन: गर्मियों में अगर गर्मी से बचना...

भोपाल में रात 12 बजे तक पब-बार बंद होंगे:आदेश का उल्लंघन करने पर लाइसेंस निरस्त होंगे; पुलिस कमिश्नर ने दिए निर्देश

April 24, 2026/
10:56 pm

भोपाल में पब और बार संचालन को लेकर पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। शुक्रवार को पुलिस कमिश्नर संजय कुमार...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

महिलाओं के लिए अमृत है सतावर, जानिए इसके गजब फायदे

ask search icon

Last Updated:

Shatavari Benefits For Women: झारखंड के जंगलों में पाई जाने वाली सतावर यानी शतावरी एक ऐसी औषधीय जड़ी-बूटी है, जिसे आयुर्वेद में खास तौर पर महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी माना गया है. इसकी जड़ों में मौजूद पोषक तत्व शरीर की कमजोरी दूर करने, हार्मोन संतुलन बनाए रखने और प्रसव के बाद दूध बढ़ाने में मदद करते हैं. ग्रामीण इलाकों में लंबे समय से इसे प्राकृतिक टॉनिक के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है, जो पाचन, नींद और संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में भी सहायक मानी जाती है. रिपोर्ट- शशिकांत कुमार ओझा

झारखंड का बड़ा भू-भाग जंगल और पहाड़ी इलाकों से घिरा हुआ है, जहां आदिवासी समाज आज भी पारंपरिक जड़ी-बूटियों पर निर्भर रहता है. इन्हीं जंगलों में मिलने वाला एक महत्वपूर्ण औषधीय पौधा है सतावर, जिसे शतावरी, सतावरि, सतमूली और सरनोई जैसे कई नामों से जाना जाता है. आयुर्वेद में इस पौधे को महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी बताया गया है.

हेल्थ

खासतौर पर इसकी जड़ में मौजूद औषधीय गुण महिलाओं की शारीरिक कमजोरी दूर करने, प्रसव के बाद दूध बढ़ाने और शरीर को ताकत देने में उपयोगी माने जाते हैं. ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में महिलाएं लंबे समय से इस जड़ी-बूटी का घरेलू इलाज के रूप में इस्तेमाल करती रही हैं.

हेल्थ

घरेलू महिला नीलम दीदी ने लोकल18 को बताया कि सूखी सतावर की जड़ों का बारीक चूर्ण बनाकर उसका सेवन करने से शरीर को ऊर्जा मिलती है. एक चम्मच सतावर चूर्ण को गर्म दूध और मिश्री के साथ सुबह-शाम लेने से शारीरिक कमजोरी दूर होती है और शरीर मजबूत बनता है. प्रसव के बाद स्तनपान कराने वाली माताओं में दूध की कमी होने पर सतावर चूर्ण को दूध के साथ लेना काफी लाभकारी माना जाता है. यही कारण है कि ग्रामीण इलाकों में इसे माताओं के लिए प्राकृतिक टॉनिक के रूप में उपयोग किया जाता है.

Add News18 as
Preferred Source on Google

हेल्थ

उन्होंने कहा कि सतावर पाचन तंत्र के लिए भी फायदेमंद बताया जाता है. इसके चूर्ण को घी में पकाकर सेवन करने से पेट की जलन, एसिडिटी और कफ की समस्या में राहत मिलती है. वहीं अनिद्रा और मानसिक तनाव से परेशान लोगों के लिए भी यह जड़ी-बूटी उपयोगी मानी जाती है.

हेल्थ

सतावर के चूर्ण को दूध में खीर की तरह पकाकर रात में खाने से अच्छी नींद आती है और तनाव कम होता है. इसके अलावा सतावर की जड़ के रस को बराबर मात्रा में गाय के दूध के साथ पीने से गुर्दे की पथरी में भी आराम मिलने की बात कही जाती है. इससे खून की कमी दूर होती है.

हेल्थ

आगे कहा कि शतावरी महिलाओं के हार्मोन संतुलन, कमजोरी दूर करने और शरीर को पोषण देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. झारखंड के जंगलों में प्राकृतिक रूप से मिलने वाली यह जड़ी-बूटी स्थानीय लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है.

हेल्थ

हालांकि विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि किसी भी औषधीय जड़ी-बूटी का नियमित सेवन करने से पहले जानकार वैद्य या चिकित्सक की सलाह जरूर लेनी चाहिए, ताकि इसका सही और सुरक्षित लाभ मिल सके.

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.