रणबीर-आलिया की शादी की चौथी एनिवर्सरी:बर्फबारी के बीच सेलब्रैशन की तस्वीरें शेयर की; एक्ट्रेस ने लिखा- तू साथ है तो दिन रात है

बॉलीवुड कपल आलिया भट्ट और रणबीर कपूर ने 14 अप्रैल को अपनी शादी की चौथी एनिवर्सरी सेलिब्रेट की। इस मौके पर आलिया ने सोशल मीडिया पर अपने वेकेशन की कई अनसीन तस्वीरें और वीडियो शेयर किए हैं। इन तस्वीरों में यह कपल बर्फीली वादियों के बीच सुकून के पल बिताता नजर आ रहा है। आलिया ने इंस्टाग्राम पर अपनी स्कीइंग ट्रिप की झलक दिखाई है। शेयर किए गए वीडियो में दोनों पहाड़ों पर स्कीइंग करते और बर्फीली वादियों का लुत्फ उठाते दिख रहे हैं। एक फोटो में दोनों साथ बैठकर गर्म ड्रिंक्स एन्जॉय कर रहे हैं। हालांकि आलिया ने लोकेशन का खुलासा नहीं किया है, लेकिन विजुअल्स देखकर फैंस कयास लगा रहे हैं कि यह कपल स्विट्जरलैंड के गस्ताद में छुट्टियां मना रहा है। बेटी राहा संग नजर आए रणबीर कपूर तस्वीरों में रणबीर कपूर अपनी बेटी राहा के साथ नजर आ रहे हैं। रणबीर, राहा को साथ में लेकर ‘एल्पका’ (एक तरह का पहाड़ी जानवर) को खाना खिलाते दिख रहे हैं। आलिया ने पोस्ट के साथ एक इमोशनल नोट भी लिखा फिसलने और गिरने, चलने और बहुत सारी बातें करने के बीच… हमने अपने लिए एक बहुत ही शानदार लाइफ बना ली है। शॉर्ट में कहूं तो… तू साथ है तो दिन रात है। आलिया ने इस पोस्ट के बैकग्राउंड में अपनी फिल्म ‘हाईवे’ का म्यूजिक इस्तेमाल किया है। फैमिली ने दी बधाई आलिया की इस पोस्ट पर परिवार और बॉलीवुड सितारों ने खूब प्यार बरसाया। रणबीर की मां नीतू कपूर ने इसे ‘परफेक्ट’ बताया, वहीं आलिया की मां सोनी राजदान ने कमेंट किया “यह सब कितना जादुई और प्यारा है।” रणबीर की बहन रिद्धिमा ने भी दिल वाला इमोजी शेयर किया। अयान की फिल्म से शुरू हुई थी लव स्टोरी आलिया और रणबीर की प्रेम कहानी अयान मुखर्जी की फिल्म ‘ब्रह्मास्त्र’ के सेट पर शुरू हुई थी। कई सालों तक डेटिंग के बाद 14 अप्रैल 2022 को दोनों ने मुंबई में अपने घर ‘वास्तु’ में सादगी से शादी की थी। उसी साल नवंबर में उन्होंने बेटी राहा का स्वागत किया। अब यह जोड़ी एक बार फिर बड़े पर्दे पर साथ नजर आने वाली है। संजय लीला भंसाली की अगली फिल्म ‘लव एंड वॉर’ में रणबीर-आलिया के साथ विक्की कौशल भी लीड रोल में होंगे।
Govt Jobs 2026: Gujarat 11000 Vacancies & More

49 मिनट पहले कॉपी लिंक आज की सरकारी नौकरी में जानकारी SSC में 3003 पदों पर भर्ती की। बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन में 899 वैकेंसी की। साथ ही मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में 14 ओपनिंग्स की। इन जॉब्स के बारे में पूरी जानकारी के साथ आवेदन की प्रक्रिया यहां देखिए… 1. SSC में 3003 पदों पर भर्ती, 10वीं, 12वीं पास करें अप्लाई स्टाफ सिलेक्शन कमीशन की ओर से फेज 14 भर्ती परीक्षा के लिए आवेदन की शुरुआत हो चुकी है। उम्मीदवार एसएससी की ऑफिशियल वेबसाइट ssc.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। फीस जमा करने की लास्ट डेट 5 मई 2026 तय की गई है। 11 से 13 मई 2026 तक फॉर्म में करेक्शन का मौका दिया जाएगा। कैटेगरी वाइस वैकेंसी डिटेल्स : कैटेगरी का नाम पदों की संख्या जनरल 1534 ओबीसी 66 ईडब्ल्यूएस 271 एससी 346 एसटी 185 कुल पदों की संख्या 3003 एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : 10वीं, 12वीं, ग्रेजुएशन पास एज लिमिट : न्यूनतम : 18 साल अधिकतम : 30 साल रिजर्व कैटेगरी के उम्मीदवारों को अधिकतम उम्र में छूट दी जाएगी। सिलेक्शन प्रोसेस : रिटन एग्जाम के बेसिस पर सैलरी : 5,200 – 34,800 रुपए प्रतिमाह क्वालिफाइंग मार्क्स : जनरल : 30% ओबीसी, ईडब्ल्यूएस : 25% अन्य : 20% एग्जाम पैटर्न बदला : पार्ट सब्जेक्ट क्वेश्चन नंबर मार्क्स पार्ट – ए जनरल इंटेलिजेंसी 25 50 पार्ट – बी जनरल अवेयरनेस 25 50 पार्ट – सी जनरल एप्टीट्यूड 25 50 पार्ट – डी इंग्लिश लैंग्वेज 25 50 टोटल 100 200 ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट ssc.gov.in पर जाएं। होम पेज जाकर Apply लिंक पर क्लिक करें। भर्ती से संबंधित लिंक पर क्लिक करें। यहां पहले New User Register Now लिंक पर क्लिक करके मांगी गई जानकारी दर्ज करें। रजिस्ट्रेशन करके लॉग इन करें। अन्य डिटेल्स भरकर आवेदन प्रक्रिया पूरी करें। फीस जमा करके फॉर्म सब्मिट करें। इसका प्रिंटआउट निकालकर रखें। ऑनलाइन आवेदन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक 2. BRO में 899 भर्ती का नोटिफिकेशन जारी, 18 अप्रैल से आवेदन शुरू सीमा सड़क संगठन (बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन) ने 899 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती के लिए आवेदन की शुरुआत 18 अप्रैल से होगी। उम्मीदवारों को ऑफलाइन आवेदन करना होगा। वैकेंसी डिटेल्स : पद का नाम पदों की संख्या ड्राफ्ट्समैन 42 हिंदी टाइपिस्ट 10 स्टोर कीपर टेक्निकल (SKT) 300 ऑपरेटर कम्युनिकेशन 261 ऑपरेटर एक्सकेविटिंग मशीनर (OEM) (Ordinary Grade) 207 इलेक्ट्रिशियन 79 कुल पदों की संख्या 899 एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : पद के अनुसार, 10वीं, 12वीं पास, आईटीआई की डिग्री, टाइपिंग टेस्ट एज लिमिट : न्यूनतम : 18 साल अधिकतम : 37 साल सरकारी नियमों के अनुसार, आरक्षित वर्गों को अधिकतम आयु सीमा में नियमानुसार छूट दी जाएगी। सिलेक्शन प्रोसेस : रिटन एग्जाम फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट स्किल टेस्ट/ट्रेड टेस्ट मेडिकल एग्जाम डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन सैलरी : जारी नहीं ऐसे करें आवेदन : नोटिफिकेशन पीडीएफ पढ़ें। अप्लाई ऑनलाइन लिंक पर क्लिक करें। जरूरी डॉक्यूमेंट्स अटैच करें। आवेदन फॉर्म को भरकर इस पते पर भेजें : कमांडेंट ग्रेफ सेंटर दिघी कैंप आलंदी रोड पुणे, महाराष्ट्र – 411015 ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक 3. मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में 14 भर्ती, सैलरी 1 लाख 77 हजार तक मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPPCB) ने असिस्टेंट इंजीनियर (पर्यावरण) के पदों पर भर्ती निकाली है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट www.mppcb.mp.gov.in पर जाकर अप्लाई कर सकते हैं। इस भर्ती के लिए 13 अप्रैल से 2 मई 2026 तक करेक्शन विंडो ओपन रहेगी। कैटेगरी वाइस वैकेंसी डिटेल्स : कैटेगरी का नाम पदों की संख्या अनारक्षित 05 अनुसूचित जाति (एससी) 02 अनुसूचित जनजाति (एसटी) 03 अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) 03 आर्थिक कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) 01 कुल 14 एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से पर्यावरण इंजीनियरिंग में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री। ग्रेजुएट लेवल पर सिविल इंजीनियरिंग की डिग्री। एज लिमिट : न्यूनतम : 21 साल अधिकतम : 40 साल रिजर्व कैटेगरी (केवल मध्य प्रदेश) के उम्मीदवारों को ऊपरी उम्र में नियमानुसार छूट दी जाएगी। सिलेक्शन प्रोसेस : कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट इंटरव्यू डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन सैलरी : पे लेवल 12 के अनुसार 56,100 – 1,77,500 रुपए प्रतिमाह ऐसे करें आवेदन : उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट mppcb.mp.gov.in पर जाएं। रजिस्ट्रेशन पेज पर अपना यूजरनेम और पासवर्ड दर्ज करें। लॉग इन करके होम पेज पर जाएं। यहां मांगी गई डिटेल्स दर्ज करें। फॉर्म सब्मिट करके फीस का भुगतान करें। इसका प्रिंटआउट निकाल कर रखें। ऑनलाइन आवेदन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक 4. महाराष्ट्र TET 2026 की लास्ट डेट करीब, 16 अप्रैल तक करें अप्लाई महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा 2026 के लिए आवेदन 27 मार्च से जारी हैं। इस भर्ती के लिए आवेदन की आखिरी तारीख 16 अप्रैल तय की गई है। उम्मीदवार महाराष्ट्र टीईटी की ऑफिशियल वेबसाइट mahatet.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। महाराष्ट्र TET 2026 परीक्षा 21 जून को दो सेशन में आयोजित की जाएगी। इस भर्ती के लिए एडमिट कार्ड डाउनलोड करने का लिंक 9 जून से मौजूद रहेगा। उम्मीदवार 21 जून तक अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : पेपर का नाम क्वालिफिकेशन पेपर 1 12वीं पास, डीएड या बीएड की डिग्री पेपर 2 12वीं पास या ग्रेजुएशन की डिग्री, डीएड या बीएड की डिग्री पेपर – 1 और 2 डीएड या बीएड की डिग्री, 12वीं पास या ग्रेजुएशन एग्जाम शेड्यूल : पेपर डेट टाइम ड्यूरेशन पेपर I (कक्षा 1-5) 21 जून, 2026 सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक ढाई घंटे पेपर II (कक्षा 6-8) 21 जून, 2026 दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक ढाई घंटे कैटेगरी वाइस फीस : कैटेगरी का नाम पेपर 1 या 2 के लिए फीस पेपर 1 और 2 के लिए फीस एससी, एसटी 700 रुपए 900 रुपए दिव्यांग 700 रुपए 900 रुपए ओबीसी, ईडब्ल्यूएस, एसईबीसी, ओपन 1000 रुपए 1200 रुपए एग्जाम पैटर्न : क्वेश्वन टाइप : एमसीक्यू सही उत्तर के लिए मिलेगा : 1 अंक क्ववेश्चन नंबर : 150 निगेटिव मार्किंग : नहीं पेपर – 1 सब्जेक्ट प्रश्नों की संख्या टोटल मार्क्स चाइल्ड डेवलपमेंट एंड पेडागॉजी 30 30 लैंग्वेज – 1 30 30 लैंग्वेज – 2 30 30 मैथ्स 30 30 एनवायरोमेंटल स्टडीज 30 30 टोटल 150 150 पेपर – 2 : सब्जेक्ट प्रश्नों की संख्या टोटल मार्क्स चाइल्ड डेवलपमेंट एंड पेडागॉजी 30 30 लैंग्वेज – 1 30 30 लैंग्वेज – 2 30 30 मैथ्स एंड साइंस या सोशल
एमपी में गर्मी बढ़ी, पारा 42 पार, नर्मदापुरम सबसे गर्म:अगले 5 दिन तापमान में 3-4 डिग्री बढ़ोतरी होगी, नर्मदा घाटों पर लग रही भीड़

मध्यप्रदेश में गर्मी ने अब तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। सीजन में पहली बार तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। मंगलवार को प्रदेश में सबसे अधिक तापमान नर्मदापुरम में दर्ज किया गया, जहां दिन का तापमान 42.1 डिग्री और रात का तापमान 25.6 डिग्री रहा। नर्मदापुरम के अलावा रतलाम में 41.4 डिग्री और खजुराहो व नौगांव में 41 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। धार में भी तापमान 40.6 डिग्री तक पहुंच गया। मौसमविद एचएस पांडे के अनुसार, जिले में अगले पांच दिनों तक दिन के तापमान में लगातार बढ़त दर्ज होगी। तापमान में 3 से 4 डिग्री तक की और बढ़ोतरी हो सकती है। रात के तापमान में भी बदलाव के संकेत हवाओं की दिशा में बदलाव के चलते रात के तापमान में भी वृद्धि होने की संभावना है। पचमढ़ी में मंगलवार को अधिकतम तापमान 33.8 डिग्री और न्यूनतम 14.2 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार 15 अप्रैल से एक नया मौसम सिस्टम सक्रिय होगा, लेकिन यह कमजोर रहेगा। ऐसे में गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है। विभाग के मुताबिक अप्रैल का दूसरा पखवाड़ा आमतौर पर सबसे ज्यादा गर्म रहता है। ग्वालियर में तापमान 45 डिग्री और भोपाल में 44 डिग्री तक पहुंचने का रिकॉर्ड रहा है। प्रदेश के सबसे गर्म 5 शहर न्यूनतम तापमान वाले 5 शहर
India Economy to Surge Amidst Middle East Crisis; IMF Raises GDP Forecast

Hindi News Business India Economy To Surge Amidst Middle East Crisis; IMF Raises GDP Forecast नई दिल्ली22 मिनट पहले कॉपी लिंक इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) ने भारत की जीडीपी ग्रोथ को लेकर नए आंकड़े जारी किए हैं। IMF के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बावजूद भारतीय इकोनॉमी पहले के अनुमान से कहीं ज्यादा तेजी से आगे बढ़ेगी। संस्था ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की विकास दर के अनुमान को बढ़ाकर 6.5% कर दिया है। इससे पहले जनवरी में जारी अपनी रिपोर्ट में IMF ने इसके 6.4% रहने का अनुमान जताया था। वित्त वर्ष 2027 के लिए अनुमान में 0.1% की बढ़ोतरी मंगलवार (14 अप्रैल) को जारी अपनी लेटेस्ट रिपोर्ट में IMF ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की ग्रोथ रेट में 0.1% की मामूली बढ़ोतरी की गई है। इसके पीछे दो मुख्य कारण बताए गए हैं। पहला- साल 2025 में भारतीय इकोनॉमी का शानदार प्रदर्शन और दूसरा- अमेरिका द्वारा भारतीय सामानों पर एडिशनल टैरिफ को 50% से घटाकर 10% करना। IMF का मानना है कि इन दो सकारात्मक कारणों का असर मिडिल ईस्ट संकट से होने वाले नुकसान से कहीं ज्यादा होगा। सरकारी अनुमान और IMF के आंकड़ों में अंतर भारत सरकार और IMF के आंकड़ों में काफी अंतर है। भारत सरकार का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2025-26 में इकोनॉमी 7.6% की रफ्तार से बढ़ेगी। यह IMF के पुराने अनुमान से 1% ज्यादा है। हालांकि, IMF ने कहा है कि साल 2027 में भी भारत की विकास दर 6.5% के स्तर पर स्थिर बनी रह सकती है। महंगाई 2.1% से बढ़कर 4.7% पर पहुंच सकती है IMF ने महंगाई को लेकर सतर्क भी किया है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में महंगाई की दर में तेज उछाल देखने को मिल सकता है। वित्त वर्ष 2025-26 में जहां महंगाई 2.1% रहने का अनुमान है। वहीं वित्त वर्ष 2026-27 में यह बढ़कर 4.7% पर पहुंच सकती है। हालांकि, राहत की बात यह है कि वित्त वर्ष 2027-28 तक यह वापस रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के मिड-पॉइंट यानी 4% के करीब आ सकती है। चीन में कम रहेगी महंगाई, ग्लोबल ग्रोथ सुस्त पड़ेगी IMF का कहना है कि चीन में महंगाई निचले स्तरों से बढ़ना शुरू होगी। वहीं भारत में 2025 के दौरान फूड प्राइसेज (खाने-पीने की चीजों की कीमतों) में आई कमी की वजह से महंगाई काफी नीचे रहेगी, लेकिन इसके बाद यह फिर से टार्गेट लेवल की तरफ बढ़ेगी। ग्लोबल लेवल पर आर्थिक स्थिति कुछ खास अच्छी नहीं रहने वाली है। IMF ने दुनिया की कुल ग्रोथ रेट का अनुमान 3.3% से घटाकर 3.1% कर दिया है। साल 2025 में ग्लोबल इकोनॉमी 3.4% की दर से बढ़ी थी, यानी अब इसमें सुस्ती आने के संकेत हैं। यूरोप पर सबसे बुरा असर, अमेरिका-चीन सुरक्षित रहेंगे दुनियाभर में छाई सुस्ती का असर अलग-अलग देशों पर अलग होगा… यूरोप: इस क्षेत्र पर सबसे बुरा असर पड़ने वाला है। यूरो एरिया की ग्रोथ में 0.2% की गिरावट आ सकती है। ब्रिटेन: ब्रिटेन की इकोनॉमी के अनुमान में 0.5% की बड़ी कटौती की गई है। अमेरिका और चीन: ये दोनों बड़ी ताकतें इस सुस्ती से काफी हद तक सुरक्षित रहेंगी। इनके ग्रोथ रेट अनुमान में महज 0.1% की ही कमी की गई है। क्या होता है US टैरिफ और भारत को फायदा क्यों? जब अमेरिका किसी देश से आने वाले सामान पर टैरिफ कम करता है, तो वह सामान वहां सस्ता हो जाता है। भारत के मामले में यह शुल्क 50% से घटकर 10% हुआ है। इससे भारतीय एक्सपोर्टर्स के कपड़े, ज्वेलरी और आईटी सर्विसेज जैसे प्रोडक्ट्स अमेरिकी मार्केट में सस्ते होंगे, जिससे भारत की कमाई बढ़ेगी। ये खबर भी पढ़ें… पेट्रोल ₹18 और डीजल ₹35 तक महंगा हो सकता है: बंगाल सहित 5 राज्यों में चुनाव के बाद बढ़ सकते हैं दाम, तेल कंपनियां नुकसान में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों की वजह से पेट्रोल ₹18 और डीजल ₹35 प्रति लीटर तक महंगा हो सकता है। विदेशी ब्रोकरेज फर्म मैक्वायरी की रिपोर्ट में कहा गया है कि क्रूड ऑयल महंगा होने के बावजूद देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर हैं। इससे कंपनियों को नुकसान हो रहा है। ऐसे में पश्चिम बंगाल सहित 5 राज्यों में चुनाव खत्म होने के बाद कंपनियां दाम बढ़ा सकती हैं। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
ट्रम्प ने PM मोदी को फोन किया, 40 मिनट बातचीत:ईरान जंग पर चर्चा, दोनों ने कहा- होर्मुज स्ट्रेट का खुला रहना बहुत जरूरी

PM मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के बीच करीब 40 मिनट तक फोन पर बातचीत हुई। अमेरिका-ईरान सीजफायर के बाद दोनों नेताओं के बीच पहली बातचीत थी। फोन कॉल के दौरान पीएम मोदी ने ट्रम्प से कहा, “भारत के लोग आपको पसंद करते हैं।” PM मोदी इस बातचीत को लेकर सोशल मीडिया पर लिखा- मुझे मेरे दोस्त राष्ट्रपति ट्रम्प का फोन आया। हमने दोनों देशों के बीच अलग-अलग क्षेत्रों में हुए काम और प्रगति पर बात की। हमने यह भी कहा कि आगे चलकर भारत और अमेरिका के रिश्ते को और मजबूत करेंगे। साथ ही, पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा हुई और इस बात पर जोर दिया कि हॉरमुज खुला और सुरक्षित रहना बहुत जरूरी है। अमेरिकी राजदूत बोले- भारत-US में जल्द बड़ा समझौता भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के बीच होर्मुज की घेराबंदी के मुद्दे पर चर्चा हुई। उन्होंने यह भी बताया कि आने वाले कुछ दिनों और हफ्तों में भारत और अमेरिका के बीच ऊर्जा से जुड़े बड़े समझौते होने की उम्मीद है। राजदूत सर्जियो गोर ने कहा है कि भारत और अमेरिका के रिश्ते मजबूत हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग लगातार बढ़ रहा है और कई अहम मुद्दों पर साथ मिलकर काम किया जा रहा है। गोर के मुताबिक, ट्रम्प ने पीएम मोदी से कहा कि हम सभी आपसे प्यार करते हैं। ट्रम्प-मोदी के बीच 20 दिन में दूसरी बातचीत इससे पहले पीएम मोदी और ट्रम्प के बीच 24 मार्च को फोन पर बात हुई थी। उस बातचीत में दोनों नेताओं ने मिडिल ईस्ट के हालात पर बात की थी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि भारत चाहता है कि तनाव कम हो और जल्द से जल्द शांति बहाल हो उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट को खुला और सुरक्षित रखने की अहमियत भी बताई थी, क्योंकि इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। यह खबर अपडेट हो रही है…
सड़क किनारे खेल रही बच्ची को ट्रैक्टर ने कुचला, मौत:ड्राइव कर रहा नाबालिग भागा; शिवपुरी पुलिस ने वाहन जब्त किया

शिवपुरी जिले के पिछोर थाना क्षेत्र में मंगलवार दोपहर एक सड़क हादसे में 7 साल की बच्ची की मौत हो गई। बच्ची सड़क किनारे खेल रही थी, तभी एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने उसे टक्कर मार दी। हादसे के बाद ट्रैक्टर चला रहा नाबालिग चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। जानकारी के अनुसार, यह घटना बड़ेरा गांव के पुलिया धार मजरा में हुई। हरगोविंद प्रजापति ने बताया कि मुकेश प्रजापति की 7 वर्षीय बेटी माधवी उर्फ कल्ली प्रजापति सड़क किनारे खेल रही थी। इसी दौरान एक ट्रैक्टर सड़क से नीचे उतरकर बच्ची से टकरा गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि मासूम की मौके पर ही मौत हो गई। 14-15 साल का नाबालिग ड्राइव कर रहा था बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर को करीब 14 से 15 साल का एक नाबालिग चला रहा था। घटना के तुरंत बाद वह ट्रैक्टर लेकर मौके से फरार हो गया। इस घटना से इलाके में तनाव फैल गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पिछोर थाना प्रभारी नीतू सिंह अहिरवार ने बताया कि पुलिस ने ट्रैक्टर को जब्त कर केस दर्ज कर लिया गया है। बच्ची के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। पुलिस अब फरार नाबालिग ड्राइवर की तलाश में जुटी हुई है।
पान का पत्ता है सेहत का खजाना! यूरिक एसिड से लेकर पेट की हर समस्या में देता है जबरदस्त राहत

Last Updated:April 14, 2026, 19:20 IST भारतीय परंपराओं में पान के पत्ते का इस्तेमाल सिर्फ पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सेहत के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं माना जाता. आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में जहां लोग कई बीमारियों से जूझ रहे हैं, वहीं पान के पत्तों के फायदे एक बार फिर लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रहे हैं. पान के पत्ते का इस्तेमाल. भारतीय घरों में पान के पत्तों का उपयोग बहुत पुराने समय से होता आ रहा है. धार्मिक अनुष्ठानों और परंपराओं में इसकी खास अहमियत मानी जाती है, लेकिन यह सिर्फ रस्मों तक सीमित नहीं है. पान के पत्ते सेहत के लिए भी कई तरह से फायदेमंद होते हैं, जिस वजह से आयुर्वेद में भी इसका जिक्र मिलता है. आज के समय में जब लोग प्राकृतिक चीजों की तरफ फिर से लौट रहे हैं, पान के पत्ते एक असरदार घरेलू उपाय के रूप में सामने आ रहे हैं. वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार, पान के पत्तों में फिनोलिक यौगिक, फ्लेवोनॉयड्स और एंटीऑक्सीडेंट्स जैसे कई सक्रिय तत्व पाए जाते हैं. ये शरीर में मौजूद फ्री रेडिकल्स को कम करने में मदद करते हैं, जिससे कोशिकाओं को नुकसान से बचाया जा सकता है. इसके साथ ही इनमें एंटीबैक्टीरियल और सूजन-रोधी गुण भी होते हैं, जो शरीर को संक्रमण और अंदरूनी सूजन से बचाने में सहायक हो सकते हैं. यूरिक एसिड और पाचन के लिए फायदेमंदआजकल बढ़ता यूरिक एसिड एक आम समस्या बन चुका है, जिससे जोड़ों में दर्द और सूजन की शिकायत बढ़ जाती है. पान के पत्तों में मौजूद तत्व शरीर के मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाने में मदद करते हैं, जिससे यूरिक एसिड को संतुलित रखने में सहायता मिल सकती है. इसके अलावा, पाचन से जुड़ी परेशानियों में भी पान के पत्ते उपयोगी माने जाते हैं. ये लार के उत्पादन को बढ़ाते हैं, जिससे खाना आसानी से पचता है और गैस, एसिडिटी व कब्ज जैसी समस्याओं से राहत मिलती है. About the Author Vividha Singh विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi First Published : April 14, 2026, 19:20 IST
सम्राट चौधरी का राजनीतिक सफर: राबड़ी देवी के मंत्री से बिहार के मुख्यमंत्री तक | पूर्ण समयरेखा | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:14 अप्रैल, 2026, 19:13 IST भाजपा नेता सम्राट चौधरी कल बिहार के 23वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे, जो हिंदी पट्टी के केंद्र में “भगवा” राजनीति के एक नए युग का संकेत है। पटना: बिहार भाजपा अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने मंगलवार, 2 जनवरी, 2024 को अयोध्या में हिंदू राम मंदिर के उद्घाटन से पहले ‘लव कुश रथ यात्रा’ को हरी झंडी दिखाई। (पीटीआई फोटो) (पीटीआई01_02_2024_000241बी) जिसे बिहार की राजनीतिक व्यवस्था का एक ऐतिहासिक परिवर्तन बताया जा रहा है, सम्राट चौधरी उस राज्य के पहले भाजपा मुख्यमंत्री बनने के लिए तैयार हैं, जिसने कम से कम दो दशकों तक जदयू प्रमुख नीतीश कुमार को शासन में देखा है। चौधरी बुधवार (15 अप्रैल) को बिहार के 23वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे, जो हिंदी पट्टी के केंद्र में “भगवा” राजनीति के एक नए युग का संकेत है। उनकी राजद की जड़ों से लेकर उनकी भाजपा के प्रति निष्ठा तक, एक प्रभावशाली क्षेत्रीय नेता के रूप में उनके उदय का पता राज्य की राजनीति में एक मजबूत पारिवारिक विरासत और कुशवाह (कोइरी) समुदाय से एक ओबीसी नेता के रूप में उनकी पकड़ से लगाया जा सकता है। यहां उनकी राजनीतिक यात्रा का पता लगाया जा रहा है: सूत्रीकरण: राजद की गहरी जड़ें सम्राट चौधरी का राजनीतिक विकास 1990 के दशक में भाजपा के भीतर से नहीं बल्कि उनके पिता शकुनी चौधरी के मार्गदर्शन में शुरू हुआ। राबड़ी देवी के नेतृत्व वाली सरकार में युवा मंत्री कुशवाह (कोइरी) समुदाय के भीतर एक शक्तिशाली व्यक्ति, शकुनी लालू प्रसाद यादव के करीबी सहयोगी थे, यह सुनिश्चित करते हुए कि सम्राट को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की पारंपरिक “सामाजिक न्याय” की राजनीति में प्रशिक्षित किया गया था। सम्राट का उत्थान उल्लेखनीय रूप से तेजी से हुआ: 1999 तक, उन्हें कम उम्र में राबड़ी देवी के नेतृत्व वाली सरकार में कृषि मंत्री के रूप में नियुक्त किया गया, एक ऐसा कदम जिसने उनके शुरुआती प्रभाव और राजद के लिए उनके परिवार के जाति-आधारित समर्थन के महत्व का संकेत दिया। 2000 के दशक की शुरुआत में, उन्होंने 2000 और 2010 दोनों में राजद के टिकट पर परबत्ता निर्वाचन क्षेत्र से विधायक के रूप में निर्वाचित होकर अपनी स्थिति मजबूत की। इस अवधि के दौरान, वह राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के कट्टर विरोधी थे और उन्होंने 2010 तक राज्य विधान सभा में विपक्ष के मुख्य सचेतक के रूप में कार्य किया और खुद को उस सरकार के तीव्र, मुखर आलोचक के रूप में स्थापित किया जिसका वह एक दिन नेतृत्व करेंगे। रणनीतिक: सहयोगी बनने के लिए आलोचक सम्राट चौधरी के करियर में महत्वपूर्ण मोड़ 2014 में आया जब उन्होंने राजद के भीतर एक महत्वपूर्ण विद्रोह किया। जद(यू) में दलबदल एक अलग समूह बनाने के लिए 13 विधायकों के साथ दलबदल करके, सम्राट ने अपने पूर्व आकाओं को प्रभावी ढंग से कमजोर कर दिया और अपनी निष्ठा जद (यू) में स्थानांतरित कर दी, जहां उन्होंने जीतन राम मांझी के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में शहरी विकास और आवास मंत्री के रूप में शपथ ली। लेकिन, उनका सबसे परिणामी बदलाव 2017 और 2018 के बीच आया जब वह औपचारिक रूप से भाजपा में शामिल हो गए। पार्टी नेतृत्व ने उन्हें जद (यू) प्रमुख नीतीश कुमार के पारंपरिक गढ़ “लव-कुश” (कुर्मी-कोइरी) वोट बैंक में सेंध लगाने के लिए एक महत्वपूर्ण संपत्ति के रूप में पहचाना। इस बदलाव के बाद सम्राट ने खुद को फिर से स्थापित किया और अपनी राजद की जड़ों से दूर जाकर बिहार में भाजपा की ओबीसी आउटरीच रणनीति के लिए प्राथमिक आवाज बन गए। कुशवाह समुदाय के भीतर अपने प्रभाव का लाभ उठाकर, उन्होंने भगवा पार्टी को पिछड़े वर्ग के मतदाताओं के लिए एक व्यवहार्य विकल्प के रूप में सफलतापूर्वक स्थापित किया। उत्थान और उत्थान: ‘पगड़ी’ प्रतिज्ञा भाजपा पदानुक्रम के भीतर सम्राट चौधरी का उत्थान उल्कापिंड था। 2020 में दूसरे कार्यकाल के लिए बिहार विधान परिषद के लिए चुने जाने के बाद, उन्होंने पंचायती राज मंत्री के रूप में कार्य किया। नीतीश कुमार के खिलाफ विपक्ष के नेता सम्राट के नेतृत्व गुणों को 2022 में और अधिक मजबूत किया गया जब वह नीतीश के अस्थायी तौर पर महागठबंधन में शामिल होने के बाद विधान परिषद में विपक्ष के नेता बने। 2023 में, उन्हें राज्य भाजपा अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया। इसी दौरान उन्होंने पार्टी की एकल महत्वाकांक्षाओं के प्रति अपनी प्रसिद्ध प्रतिबद्धता व्यक्त की और राज्य में भाजपा की अपनी सरकार बनने तक अपनी पगड़ी पहनने की कसम खाई। इस प्रतीकात्मक संकेत ने गठबंधन पर निर्भरता के युग को समाप्त करने के प्रति उनके समर्पण को उजागर किया। यहां तक कि जब जनवरी 2024 में नीतीश एनडीए में लौटे और उन्हें डिप्टी सीएम के रूप में शपथ दिलाई गई, तब भी उनका ध्यान भाजपा के नेतृत्व वाले प्रशासन के अंतिम लक्ष्य पर केंद्रित रहा। अब, 2025 के विधानसभा चुनावों के बाद राजनीतिक परिदृश्य में एक अंतिम, निर्णायक बदलाव आया है, जहां भाजपा 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। सम्राट का प्रभाव नवंबर 2025 में बढ़ गया जब उन्होंने कुछ समय के लिए गृह मंत्री के रूप में कार्य किया और उस पोर्टफोलियो को संभाला जो परंपरागत रूप से नीतीश के पास था। बिहार में शीर्ष पद पर उनका आरोहण दशकों पुरानी यात्रा की परिणति है – राजद की “सामाजिक न्याय” की बयानबाजी से आधुनिक भाजपा की “हिंदुत्व प्लस ओबीसी” रणनीति में संक्रमण। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 14 अप्रैल, 2026, 19:13 IST समाचार राजनीति सम्राट चौधरी का राजनीतिक सफर: राबड़ी देवी के मंत्री से बिहार के मुख्यमंत्री तक | पूर्ण समयरेखा अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)सम्राट चौधरी बिहार के मुख्यमंत्री(टी)सम्राट चौधरी की राजनीतिक यात्रा(टी)बिहार के पहले बीजेपी मुख्यमंत्री(टी)बिहार 2025 विधानसभा चुनाव(टी)नीतीश कुमार जेडी(यू) विरासत(टी)बीजेपी ओबीसी आउटरीच बिहार(टी)कुशवाहा कोइरी समुदाय के नेता(टी)आरजेडी से बीजेपी में दलबदल
‘…देश को बेच दिया’- पश्चिम बंगाल की रैली के दौरान राहुल गांधी की सरकार पर बड़ा हमला

राहुल गांधी ने पश्चिम बंगाल में कांग्रेस रैली के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला। उन्होंने भारत-विदेश के व्यापारिक सौदों को लेकर आरोप लगाया कि सरकार ने देश के हितों पर समझौता किया है और यहां तक कहा कि ‘मोदी देशभक्त नहीं, बल्कि देशभक्त हैं।’ ट्रेड डील पर बड़ा आरोपराहुल गांधी ने कहा कि इस तरह भारत की ऊर्जा सुरक्षा अमेरिका के हाथ में आ गई है। उनका दावा है कि सरकार ने अमेरिकी दबाव में यह निर्णय लिया है, जिससे देश को नुकसान होगा। कृषि और उद्योग पर खतरे की बातउन्होंने चेतावनी दी कि इस समझौते से भारत का कृषि क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित होगा। साथ ही अगर अमेरिकी सामान बड़ी मात्रा में भारत में आ गए, तो छोटे और मध्यम उद्योग बंद हो सकते हैं, जिससे रोजगार पर भी बड़ा असर हो सकता है। डेटा और राष्ट्रीय सुरक्षा पर प्रश्नराहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार ने देश का डेटा अमेरिका को भी दे दिया है, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हो सकता है. उन्होंने कहा कि किसी भी देश की सेना अपने डेटा पर प्रतिबंध लगाती है। 9.5 लाख करोड़ रुपये की खरीद का दावाउन्होंने कहा कि सरकार ने अमेरिका से करीब 9.5 लाख करोड़ रुपये के सामान का वादा किया है। उनका कहना है, इससे भारतीय बाजार में अमेरिकी सामान ‘सुनामी’ की तरह आने वाले और स्थानीय सामान को नुकसान होगा। बंगाल को होगा ‘डबल नुकसान’राहुल गांधी ने कहा कि इस संकट का असर पश्चिम बंगाल पर सबसे ज्यादा है, क्योंकि यहां पहले से ही उद्योग खराब हो गए हैं। उन्होंने राज्य सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि वह रोजगार देने का वादा पूरा नहीं कर पाई। बेरोजगारी पर नैतिकता सरकार परउन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 5 लाख बेरोजगारी भत्ता का वादा किया था, लेकिन 84 लाख युवाओं ने बेरोजगारी भत्ता के लिए आवेदन किया है। बीजेपी-आरएसएस पर संविधान को लेकर हमलाराहुल गांधी ने भाजपा और आरएसएस पर आरोप लगाया कि वे ‘नफ़रत भरी सोच’ के माध्यम से संविधान को ख़राब कर रहे हैं और चुनाव में गड़बड़ी करने की कोशिश कर रहे हैं। वोटर्स लिस्ट पर भी प्रश्नउन्होंने चुनाव आयोग की विशेष गहनता से समीक्षा (एसआईआर) प्रक्रिया को असंवैधानिक बताया और कहा कि जहां भी भाजपा और आरएसएस को संभावना है, वे संविधान के खिलाफ काम करते हैं।
‘तमिलनाडु नहीं रहेगा चुप’, स्टालिन की मोदी सरकार को खुली चेतावनी, कहा- सड़क पर उतरेगा हर परिवार

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन (एमके स्टालिन) ने प्रस्तावित परिसीमन को केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर इस प्रक्रिया से तमिलनाडु या दक्षिणी राज्यों के रसूख को नुकसान पहुंचता है तो राज्य में बड़े पैमाने पर आंदोलन और पूरे प्रदेश में आंदोलन हो सकता है। एमके स्टालिन ने 14 अप्रैल को वीडियो जारी कर कहा, ‘इस समय मैं केंद्र की बीजेपी सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कुछ अहम बात कहना चाहता हूं।’ संसद सत्र में समाजवादी पार्टी का बहुमत। अगर ऐसा कुछ भी किया गया है जो तमिलनाडु को नुकसान पहुंचाता है या उत्तरी राज्य की राजनीतिक शक्ति को प्रवेश के रूप में लेता है तो हम तमिल में चुप नहीं रहेंगे।’ उनकी यह चेतावनी ऐसे समय में है जब संसद का विशेष सत्र 16 अप्रैल से शुरू होने जा रहा है, जिसमें संसद और महिला से जुड़े अहम संशोधनों पर चर्चा प्रस्तावित है। तमिल टूल हो जाएं- स्टालिन की दो टूक स्टालिन ने अपने संदेश में साफ कर दिया कि यह सिर्फ राजनीतिक बयान नहीं है, बल्कि गंभीर चेतावनी है। उन्होंने कहा, ‘तमिलनाडु पूरी ताकत से अपना विरोध दर्ज कराता है। हर परिवार पर उतरेगा। ‘तेलम के मुख्यमंत्री के रूप में मेरे नेतृत्व में, हम एक बड़ा आंदोलन करेंगे।’ उन्होंने आगे कहा, ‘अगर तमिल को विनाश की ओर ले जाने के लिए कोई भी कदम नहीं उठाया गया या उत्तर प्रदेश में राजनीतिक ताकतों को संगठित करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया तो तमिल का विनाश हो जाएगा।’ यह बयान स्पष्ट रूप से संकेत देता है कि डीएमके इस मुद्दे पर सिर्फ राजनीतिक बहस तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जन आंदोलन में शामिल होने की तैयारी में है। विश्वास के तरीके से हो रहा है परिसीमन-स्टायल का आरोप स्टालिन ने केंद्र सरकार पर परिसीमन प्रक्रिया को विश्वास बनाए रखने और राज्यों से बिना सलाह के आगे बढ़ाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया पर विश्वास कायम रखा गया है और भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार बिना किसी राजनीतिक दल या राज्य से सलाह लेकर इसे व्यापक रूप से आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है।’ उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संसद के विशेष सत्र के बीच में संवैधानिक संशोधनों को तेजी से पास करने के लिए कहा जा रहा है। लोकतंत्र और राज्य के अधिकारों पर हमला: एमके स्टालिन सीएम एमके स्टालिन ने इस कदम को सिर्फ समाजवादी प्रक्रिया की ओर नहीं, बल्कि लोकतंत्र पर सीधा हमला बताया। उन्होंने कहा, ‘यह संसद में भाजपा सरकार की ओर से लोकतंत्र को आगे बढ़ाने की कोशिश पर खुला हमला है। इससे भी यह अधिकांश राज्यों के अधिकारों पर सीधा हमला है। हमें यह भी नहीं पता कि यह प्रक्रिया कैसे लागू होगी।’ उन्होंने याद दिलाया कि दक्षिणी राज्यों में केंद्र की सलाह पर जनसंख्या नियंत्रण के उपाय अपनाए गए थे, लेकिन अब भी उनके राजनीतिक अलगाव को खतरा है। ये अंतिम चेतावनी है- मोदी सरकार को संदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चट्टानी कंकाल पर कहा, ‘अगर तमिल प्रभावित होता है, तो हम पूरे देश को इसकी अनुभूति कराएंगे। मोदी जी ने फिर से दोहराता हूं कि इस तमिल की ओर से आपको अंतिम चेतावनी दी गई है। तेलुगु लड़कियाँ, तमिल जीतेगा। इसे ख़तरनाक मत समझिए, यह एक चेतावनी है। हमारे लिए सत्य नहीं, सिद्धांत स्थापित हैं। ‘राज्य के अधिकार-प्रमाणित हैं।’ दूध की सफाई के बाद यह विवाद क्यों अहम है? प्रस्तावित पेरिसमन के बाद नॉमिनेटेड की संख्या 543 से 850 तक हो सकती है। माना जा रहा है कि इस जनगणना के आधार पर उत्तरी राज्यों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा, जबकि दक्षिणी राज्यों का प्रतिनिधित्व कम हो सकता है। यही वजह है कि इस विषय में दक्षिणी राज्यों के कई राजनीतिक खतरे बताए जा रहे हैं। हालांकि पीएम मोदी ने अपनी केरल की रैली में कहा कि जनसंख्या को सुविधाजनक नियंत्रण करने वाले दक्षिण भारतीय राज्यों में जनसंख्या की संख्या कम नहीं होगी और देश भर के राज्यों को लाभ के लिए पैनल के लिए सीटों की कुल संख्या में बढ़ोतरी होगी। उन्होंने कहा कि ये चंचल अफवाहें फैलाई जा रही हैं कि जनसंख्या नियंत्रण के कारण दक्षिण भारत में सीटों की संख्या कम कर दी गई है, लेकिन यह पूरी तरह सच है। पीएम मोदी ने साफ किया कि इस विस्तार से सुनिश्चित किया जाएगा कि जनसंख्या नियंत्रण में सफलता के बावजूद दक्षिण भारतीय राज्यों की सीटों की संख्या में कोई कमी नहीं होगी। संसद यह सुनिश्चित करने के लिए कदम मजबूत करेगी कि उनकी सीट पूरी तरह से सुरक्षित रहे। प्रधानमंत्री ने कहा कि केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, गोवा और तेलंगाना जैसे राज्यों में जनसंख्या नियंत्रण की दिशा में अच्छा काम किया गया है। उनकी जनसंख्या वृद्धि कम रहने पर भी उनकी कोई सीट कम नहीं होनी चाहिए। ये भी पढ़ें: बंगाल में मुखर भूचाल: टीएमसी का हमला- ईडी बनी ‘बेहद हताश’, बीजेपी-लेफ्ट बोले- मेकर का नेटवर्क घेरा







