India Economy to Surge Amidst Middle East Crisis; IMF Raises GDP Forecast

Hindi News Business India Economy To Surge Amidst Middle East Crisis; IMF Raises GDP Forecast नई दिल्ली22 मिनट पहले कॉपी लिंक इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) ने भारत की जीडीपी ग्रोथ को लेकर नए आंकड़े जारी किए हैं। IMF के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बावजूद भारतीय इकोनॉमी पहले के अनुमान से कहीं ज्यादा तेजी से आगे बढ़ेगी। संस्था ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की विकास दर के अनुमान को बढ़ाकर 6.5% कर दिया है। इससे पहले जनवरी में जारी अपनी रिपोर्ट में IMF ने इसके 6.4% रहने का अनुमान जताया था। वित्त वर्ष 2027 के लिए अनुमान में 0.1% की बढ़ोतरी मंगलवार (14 अप्रैल) को जारी अपनी लेटेस्ट रिपोर्ट में IMF ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की ग्रोथ रेट में 0.1% की मामूली बढ़ोतरी की गई है। इसके पीछे दो मुख्य कारण बताए गए हैं। पहला- साल 2025 में भारतीय इकोनॉमी का शानदार प्रदर्शन और दूसरा- अमेरिका द्वारा भारतीय सामानों पर एडिशनल टैरिफ को 50% से घटाकर 10% करना। IMF का मानना है कि इन दो सकारात्मक कारणों का असर मिडिल ईस्ट संकट से होने वाले नुकसान से कहीं ज्यादा होगा। सरकारी अनुमान और IMF के आंकड़ों में अंतर भारत सरकार और IMF के आंकड़ों में काफी अंतर है। भारत सरकार का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2025-26 में इकोनॉमी 7.6% की रफ्तार से बढ़ेगी। यह IMF के पुराने अनुमान से 1% ज्यादा है। हालांकि, IMF ने कहा है कि साल 2027 में भी भारत की विकास दर 6.5% के स्तर पर स्थिर बनी रह सकती है। महंगाई 2.1% से बढ़कर 4.7% पर पहुंच सकती है IMF ने महंगाई को लेकर सतर्क भी किया है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में महंगाई की दर में तेज उछाल देखने को मिल सकता है। वित्त वर्ष 2025-26 में जहां महंगाई 2.1% रहने का अनुमान है। वहीं वित्त वर्ष 2026-27 में यह बढ़कर 4.7% पर पहुंच सकती है। हालांकि, राहत की बात यह है कि वित्त वर्ष 2027-28 तक यह वापस रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के मिड-पॉइंट यानी 4% के करीब आ सकती है। चीन में कम रहेगी महंगाई, ग्लोबल ग्रोथ सुस्त पड़ेगी IMF का कहना है कि चीन में महंगाई निचले स्तरों से बढ़ना शुरू होगी। वहीं भारत में 2025 के दौरान फूड प्राइसेज (खाने-पीने की चीजों की कीमतों) में आई कमी की वजह से महंगाई काफी नीचे रहेगी, लेकिन इसके बाद यह फिर से टार्गेट लेवल की तरफ बढ़ेगी। ग्लोबल लेवल पर आर्थिक स्थिति कुछ खास अच्छी नहीं रहने वाली है। IMF ने दुनिया की कुल ग्रोथ रेट का अनुमान 3.3% से घटाकर 3.1% कर दिया है। साल 2025 में ग्लोबल इकोनॉमी 3.4% की दर से बढ़ी थी, यानी अब इसमें सुस्ती आने के संकेत हैं। यूरोप पर सबसे बुरा असर, अमेरिका-चीन सुरक्षित रहेंगे दुनियाभर में छाई सुस्ती का असर अलग-अलग देशों पर अलग होगा… यूरोप: इस क्षेत्र पर सबसे बुरा असर पड़ने वाला है। यूरो एरिया की ग्रोथ में 0.2% की गिरावट आ सकती है। ब्रिटेन: ब्रिटेन की इकोनॉमी के अनुमान में 0.5% की बड़ी कटौती की गई है। अमेरिका और चीन: ये दोनों बड़ी ताकतें इस सुस्ती से काफी हद तक सुरक्षित रहेंगी। इनके ग्रोथ रेट अनुमान में महज 0.1% की ही कमी की गई है। क्या होता है US टैरिफ और भारत को फायदा क्यों? जब अमेरिका किसी देश से आने वाले सामान पर टैरिफ कम करता है, तो वह सामान वहां सस्ता हो जाता है। भारत के मामले में यह शुल्क 50% से घटकर 10% हुआ है। इससे भारतीय एक्सपोर्टर्स के कपड़े, ज्वेलरी और आईटी सर्विसेज जैसे प्रोडक्ट्स अमेरिकी मार्केट में सस्ते होंगे, जिससे भारत की कमाई बढ़ेगी। ये खबर भी पढ़ें… पेट्रोल ₹18 और डीजल ₹35 तक महंगा हो सकता है: बंगाल सहित 5 राज्यों में चुनाव के बाद बढ़ सकते हैं दाम, तेल कंपनियां नुकसान में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों की वजह से पेट्रोल ₹18 और डीजल ₹35 प्रति लीटर तक महंगा हो सकता है। विदेशी ब्रोकरेज फर्म मैक्वायरी की रिपोर्ट में कहा गया है कि क्रूड ऑयल महंगा होने के बावजूद देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर हैं। इससे कंपनियों को नुकसान हो रहा है। ऐसे में पश्चिम बंगाल सहित 5 राज्यों में चुनाव खत्म होने के बाद कंपनियां दाम बढ़ा सकती हैं। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
ट्रम्प ने PM मोदी को फोन किया, 40 मिनट बातचीत:ईरान जंग पर चर्चा, दोनों ने कहा- होर्मुज स्ट्रेट का खुला रहना बहुत जरूरी

PM मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के बीच करीब 40 मिनट तक फोन पर बातचीत हुई। अमेरिका-ईरान सीजफायर के बाद दोनों नेताओं के बीच पहली बातचीत थी। फोन कॉल के दौरान पीएम मोदी ने ट्रम्प से कहा, “भारत के लोग आपको पसंद करते हैं।” PM मोदी इस बातचीत को लेकर सोशल मीडिया पर लिखा- मुझे मेरे दोस्त राष्ट्रपति ट्रम्प का फोन आया। हमने दोनों देशों के बीच अलग-अलग क्षेत्रों में हुए काम और प्रगति पर बात की। हमने यह भी कहा कि आगे चलकर भारत और अमेरिका के रिश्ते को और मजबूत करेंगे। साथ ही, पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा हुई और इस बात पर जोर दिया कि हॉरमुज खुला और सुरक्षित रहना बहुत जरूरी है। अमेरिकी राजदूत बोले- भारत-US में जल्द बड़ा समझौता भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के बीच होर्मुज की घेराबंदी के मुद्दे पर चर्चा हुई। उन्होंने यह भी बताया कि आने वाले कुछ दिनों और हफ्तों में भारत और अमेरिका के बीच ऊर्जा से जुड़े बड़े समझौते होने की उम्मीद है। राजदूत सर्जियो गोर ने कहा है कि भारत और अमेरिका के रिश्ते मजबूत हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग लगातार बढ़ रहा है और कई अहम मुद्दों पर साथ मिलकर काम किया जा रहा है। गोर के मुताबिक, ट्रम्प ने पीएम मोदी से कहा कि हम सभी आपसे प्यार करते हैं। ट्रम्प-मोदी के बीच 20 दिन में दूसरी बातचीत इससे पहले पीएम मोदी और ट्रम्प के बीच 24 मार्च को फोन पर बात हुई थी। उस बातचीत में दोनों नेताओं ने मिडिल ईस्ट के हालात पर बात की थी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि भारत चाहता है कि तनाव कम हो और जल्द से जल्द शांति बहाल हो उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट को खुला और सुरक्षित रखने की अहमियत भी बताई थी, क्योंकि इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। यह खबर अपडेट हो रही है…
सड़क किनारे खेल रही बच्ची को ट्रैक्टर ने कुचला, मौत:ड्राइव कर रहा नाबालिग भागा; शिवपुरी पुलिस ने वाहन जब्त किया

शिवपुरी जिले के पिछोर थाना क्षेत्र में मंगलवार दोपहर एक सड़क हादसे में 7 साल की बच्ची की मौत हो गई। बच्ची सड़क किनारे खेल रही थी, तभी एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने उसे टक्कर मार दी। हादसे के बाद ट्रैक्टर चला रहा नाबालिग चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। जानकारी के अनुसार, यह घटना बड़ेरा गांव के पुलिया धार मजरा में हुई। हरगोविंद प्रजापति ने बताया कि मुकेश प्रजापति की 7 वर्षीय बेटी माधवी उर्फ कल्ली प्रजापति सड़क किनारे खेल रही थी। इसी दौरान एक ट्रैक्टर सड़क से नीचे उतरकर बच्ची से टकरा गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि मासूम की मौके पर ही मौत हो गई। 14-15 साल का नाबालिग ड्राइव कर रहा था बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर को करीब 14 से 15 साल का एक नाबालिग चला रहा था। घटना के तुरंत बाद वह ट्रैक्टर लेकर मौके से फरार हो गया। इस घटना से इलाके में तनाव फैल गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पिछोर थाना प्रभारी नीतू सिंह अहिरवार ने बताया कि पुलिस ने ट्रैक्टर को जब्त कर केस दर्ज कर लिया गया है। बच्ची के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। पुलिस अब फरार नाबालिग ड्राइवर की तलाश में जुटी हुई है।
पान का पत्ता है सेहत का खजाना! यूरिक एसिड से लेकर पेट की हर समस्या में देता है जबरदस्त राहत

Last Updated:April 14, 2026, 19:20 IST भारतीय परंपराओं में पान के पत्ते का इस्तेमाल सिर्फ पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सेहत के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं माना जाता. आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में जहां लोग कई बीमारियों से जूझ रहे हैं, वहीं पान के पत्तों के फायदे एक बार फिर लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रहे हैं. पान के पत्ते का इस्तेमाल. भारतीय घरों में पान के पत्तों का उपयोग बहुत पुराने समय से होता आ रहा है. धार्मिक अनुष्ठानों और परंपराओं में इसकी खास अहमियत मानी जाती है, लेकिन यह सिर्फ रस्मों तक सीमित नहीं है. पान के पत्ते सेहत के लिए भी कई तरह से फायदेमंद होते हैं, जिस वजह से आयुर्वेद में भी इसका जिक्र मिलता है. आज के समय में जब लोग प्राकृतिक चीजों की तरफ फिर से लौट रहे हैं, पान के पत्ते एक असरदार घरेलू उपाय के रूप में सामने आ रहे हैं. वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार, पान के पत्तों में फिनोलिक यौगिक, फ्लेवोनॉयड्स और एंटीऑक्सीडेंट्स जैसे कई सक्रिय तत्व पाए जाते हैं. ये शरीर में मौजूद फ्री रेडिकल्स को कम करने में मदद करते हैं, जिससे कोशिकाओं को नुकसान से बचाया जा सकता है. इसके साथ ही इनमें एंटीबैक्टीरियल और सूजन-रोधी गुण भी होते हैं, जो शरीर को संक्रमण और अंदरूनी सूजन से बचाने में सहायक हो सकते हैं. यूरिक एसिड और पाचन के लिए फायदेमंदआजकल बढ़ता यूरिक एसिड एक आम समस्या बन चुका है, जिससे जोड़ों में दर्द और सूजन की शिकायत बढ़ जाती है. पान के पत्तों में मौजूद तत्व शरीर के मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाने में मदद करते हैं, जिससे यूरिक एसिड को संतुलित रखने में सहायता मिल सकती है. इसके अलावा, पाचन से जुड़ी परेशानियों में भी पान के पत्ते उपयोगी माने जाते हैं. ये लार के उत्पादन को बढ़ाते हैं, जिससे खाना आसानी से पचता है और गैस, एसिडिटी व कब्ज जैसी समस्याओं से राहत मिलती है. About the Author Vividha Singh विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi First Published : April 14, 2026, 19:20 IST
सम्राट चौधरी का राजनीतिक सफर: राबड़ी देवी के मंत्री से बिहार के मुख्यमंत्री तक | पूर्ण समयरेखा | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:14 अप्रैल, 2026, 19:13 IST भाजपा नेता सम्राट चौधरी कल बिहार के 23वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे, जो हिंदी पट्टी के केंद्र में “भगवा” राजनीति के एक नए युग का संकेत है। पटना: बिहार भाजपा अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने मंगलवार, 2 जनवरी, 2024 को अयोध्या में हिंदू राम मंदिर के उद्घाटन से पहले ‘लव कुश रथ यात्रा’ को हरी झंडी दिखाई। (पीटीआई फोटो) (पीटीआई01_02_2024_000241बी) जिसे बिहार की राजनीतिक व्यवस्था का एक ऐतिहासिक परिवर्तन बताया जा रहा है, सम्राट चौधरी उस राज्य के पहले भाजपा मुख्यमंत्री बनने के लिए तैयार हैं, जिसने कम से कम दो दशकों तक जदयू प्रमुख नीतीश कुमार को शासन में देखा है। चौधरी बुधवार (15 अप्रैल) को बिहार के 23वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे, जो हिंदी पट्टी के केंद्र में “भगवा” राजनीति के एक नए युग का संकेत है। उनकी राजद की जड़ों से लेकर उनकी भाजपा के प्रति निष्ठा तक, एक प्रभावशाली क्षेत्रीय नेता के रूप में उनके उदय का पता राज्य की राजनीति में एक मजबूत पारिवारिक विरासत और कुशवाह (कोइरी) समुदाय से एक ओबीसी नेता के रूप में उनकी पकड़ से लगाया जा सकता है। यहां उनकी राजनीतिक यात्रा का पता लगाया जा रहा है: सूत्रीकरण: राजद की गहरी जड़ें सम्राट चौधरी का राजनीतिक विकास 1990 के दशक में भाजपा के भीतर से नहीं बल्कि उनके पिता शकुनी चौधरी के मार्गदर्शन में शुरू हुआ। राबड़ी देवी के नेतृत्व वाली सरकार में युवा मंत्री कुशवाह (कोइरी) समुदाय के भीतर एक शक्तिशाली व्यक्ति, शकुनी लालू प्रसाद यादव के करीबी सहयोगी थे, यह सुनिश्चित करते हुए कि सम्राट को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की पारंपरिक “सामाजिक न्याय” की राजनीति में प्रशिक्षित किया गया था। सम्राट का उत्थान उल्लेखनीय रूप से तेजी से हुआ: 1999 तक, उन्हें कम उम्र में राबड़ी देवी के नेतृत्व वाली सरकार में कृषि मंत्री के रूप में नियुक्त किया गया, एक ऐसा कदम जिसने उनके शुरुआती प्रभाव और राजद के लिए उनके परिवार के जाति-आधारित समर्थन के महत्व का संकेत दिया। 2000 के दशक की शुरुआत में, उन्होंने 2000 और 2010 दोनों में राजद के टिकट पर परबत्ता निर्वाचन क्षेत्र से विधायक के रूप में निर्वाचित होकर अपनी स्थिति मजबूत की। इस अवधि के दौरान, वह राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के कट्टर विरोधी थे और उन्होंने 2010 तक राज्य विधान सभा में विपक्ष के मुख्य सचेतक के रूप में कार्य किया और खुद को उस सरकार के तीव्र, मुखर आलोचक के रूप में स्थापित किया जिसका वह एक दिन नेतृत्व करेंगे। रणनीतिक: सहयोगी बनने के लिए आलोचक सम्राट चौधरी के करियर में महत्वपूर्ण मोड़ 2014 में आया जब उन्होंने राजद के भीतर एक महत्वपूर्ण विद्रोह किया। जद(यू) में दलबदल एक अलग समूह बनाने के लिए 13 विधायकों के साथ दलबदल करके, सम्राट ने अपने पूर्व आकाओं को प्रभावी ढंग से कमजोर कर दिया और अपनी निष्ठा जद (यू) में स्थानांतरित कर दी, जहां उन्होंने जीतन राम मांझी के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में शहरी विकास और आवास मंत्री के रूप में शपथ ली। लेकिन, उनका सबसे परिणामी बदलाव 2017 और 2018 के बीच आया जब वह औपचारिक रूप से भाजपा में शामिल हो गए। पार्टी नेतृत्व ने उन्हें जद (यू) प्रमुख नीतीश कुमार के पारंपरिक गढ़ “लव-कुश” (कुर्मी-कोइरी) वोट बैंक में सेंध लगाने के लिए एक महत्वपूर्ण संपत्ति के रूप में पहचाना। इस बदलाव के बाद सम्राट ने खुद को फिर से स्थापित किया और अपनी राजद की जड़ों से दूर जाकर बिहार में भाजपा की ओबीसी आउटरीच रणनीति के लिए प्राथमिक आवाज बन गए। कुशवाह समुदाय के भीतर अपने प्रभाव का लाभ उठाकर, उन्होंने भगवा पार्टी को पिछड़े वर्ग के मतदाताओं के लिए एक व्यवहार्य विकल्प के रूप में सफलतापूर्वक स्थापित किया। उत्थान और उत्थान: ‘पगड़ी’ प्रतिज्ञा भाजपा पदानुक्रम के भीतर सम्राट चौधरी का उत्थान उल्कापिंड था। 2020 में दूसरे कार्यकाल के लिए बिहार विधान परिषद के लिए चुने जाने के बाद, उन्होंने पंचायती राज मंत्री के रूप में कार्य किया। नीतीश कुमार के खिलाफ विपक्ष के नेता सम्राट के नेतृत्व गुणों को 2022 में और अधिक मजबूत किया गया जब वह नीतीश के अस्थायी तौर पर महागठबंधन में शामिल होने के बाद विधान परिषद में विपक्ष के नेता बने। 2023 में, उन्हें राज्य भाजपा अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया। इसी दौरान उन्होंने पार्टी की एकल महत्वाकांक्षाओं के प्रति अपनी प्रसिद्ध प्रतिबद्धता व्यक्त की और राज्य में भाजपा की अपनी सरकार बनने तक अपनी पगड़ी पहनने की कसम खाई। इस प्रतीकात्मक संकेत ने गठबंधन पर निर्भरता के युग को समाप्त करने के प्रति उनके समर्पण को उजागर किया। यहां तक कि जब जनवरी 2024 में नीतीश एनडीए में लौटे और उन्हें डिप्टी सीएम के रूप में शपथ दिलाई गई, तब भी उनका ध्यान भाजपा के नेतृत्व वाले प्रशासन के अंतिम लक्ष्य पर केंद्रित रहा। अब, 2025 के विधानसभा चुनावों के बाद राजनीतिक परिदृश्य में एक अंतिम, निर्णायक बदलाव आया है, जहां भाजपा 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। सम्राट का प्रभाव नवंबर 2025 में बढ़ गया जब उन्होंने कुछ समय के लिए गृह मंत्री के रूप में कार्य किया और उस पोर्टफोलियो को संभाला जो परंपरागत रूप से नीतीश के पास था। बिहार में शीर्ष पद पर उनका आरोहण दशकों पुरानी यात्रा की परिणति है – राजद की “सामाजिक न्याय” की बयानबाजी से आधुनिक भाजपा की “हिंदुत्व प्लस ओबीसी” रणनीति में संक्रमण। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 14 अप्रैल, 2026, 19:13 IST समाचार राजनीति सम्राट चौधरी का राजनीतिक सफर: राबड़ी देवी के मंत्री से बिहार के मुख्यमंत्री तक | पूर्ण समयरेखा अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को 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घर में आग लगी, बुजुर्ग महिला को बचाया:सिंगरौली में पुलिस ने लोगों के साथ मिलकर पाया काबू

सिंगरौली के सरई नगर परिषद के नौडिया गांव (वार्ड नंबर 12) में भैया लाल जायसवाल के घर में अचानक आग लग गई। आग इतनी तेज थी कि देखते ही देखते पूरे इलाके में खलबली मच गई। गांव वालों ने अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन लपटें काबू में नहीं आ रही थीं। उसी वक्त सरई थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह भदौरिया वहां से गुजर रहे थे। आग देख वह तुरंत अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बिना वक्त गंवाए ग्रामीणों के साथ मिलकर खुद मोर्चा संभाला और आग बुझाना शुरू किया। बुजुर्ग महिला को सुरक्षित निकाला सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि घर के अंदर एक बुजुर्ग महिला फंसी हुई थी। थाना प्रभारी ने सूझबूझ दिखाते हुए महिला को सुरक्षित बाहर निकाला, जिससे उनकी जान बच गई। उनकी इस तत्परता की वजह से एक बड़ा हादसा होने से टल गया। अब हालात काबू में थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से अब आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है। फिलहाल इस बात की जांच की जा रही है कि आखिर आग लगी कैसे। प्रशासन अब नुकसान का जायजा लेने में जुटा है।
सांसद अमृतपाल को पंजाब लाने से बिगड़ेंगे हालात:राज्य सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को लिखा पत्र, 23 अप्रैल को खत्म हो रही NSA अवधि

पंजाब सरकार ने खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह को लेकर बड़ा कदम उठाया है। सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने का हवाला देते हुए राज्य सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर मांग की है कि राष्ट्रीय सुरक्षा कानून यानी राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत उनकी हिरासत अवधि खत्म होने के बाद भी उन्हें असम की डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल में ही रखा जाए। पंजाब में अमृतपाल को लाने से हालत बिगड़ सकते हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने का हवाला दिया सरकार ने अपने पत्र में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने का हवाला दिया है। सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार ने केंद्रीय गृह सचिव से अनुरोध किया है कि असम सरकार की सहमति लेकर ट्रांसफर ऑफ प्रिजनर्स एक्ट, 1952 तथा पंजाब संशोधन अधिनियम 2025 के प्रावधानों के तहत अमृतपाल को डिब्रूगढ़ जेल में रखने की अनुमति दी जाए। इस मामले में शीघ्र निर्णय लेने की भी अपील की गई है। पंजाब पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने रिहाई से कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका जताई सूत्रों के मुताबिक, पंजाब पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने आशंका जताई है कि उनकी रिहाई से राज्य में कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) और अमृतसर (देहात) के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) की रिपोर्ट पर गृह विभाग ने यह सिफारिश की है। 24 फरवरी 2023 को किया था अमृतपाल को गिरफ्तार गौरतलब है कि अमृतपाल सिंह के खिलाफ 24 फरवरी 2023 को अमृतसर के अजनाला थाने में मामला दर्ज किया गया था, जब उन्होंने अपने समर्थकों के साथ पुलिस स्टेशन पर धावा बोलकर एक सहयोगी को छुड़ा लिया था। इसके बाद वे करीब एक महीने तक फरार रहे और 23 अप्रैल 2023 को गिरफ्तार किए गए। गिरफ्तारी के बाद से ही अमृतपाल को एनएसए के तहत डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल में रखा गया है। उनकी हिरासत अवधि को अप्रैल 2024 और अप्रैल 2025 में बढ़ाया जा चुका है। वर्तमान में यह अवधि 22 अप्रैल 2026 को समाप्त होने वाली है। सुरक्षा के मद्देनजर अमृतपाल बाहर रखना उपयुक्त रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि एनएसए की अवधि समाप्त होने के बाद 23 अप्रैल को अमृतपाल को दोबारा गिरफ्तार किया जा सकता है, हालांकि राज्य की सुरक्षा के मद्देनजर उन्हें पंजाब से बाहर ही रखना अधिक उपयुक्त माना गया है। उल्लेखनीय है कि डिब्रूगढ़ जेल में बंद अमृतपाल के नौ सहयोगियों को एनएसए की अवधि समाप्त होने के बाद पंजाब वापस लाया जा चुका है, लेकिन उनके मामले को अलग मानते हुए सरकार ने विशेष व्यवस्था बनाए रखने की जरूरत जताई है। अब इस मामले में अंतिम निर्णय केंद्र सरकार और असम सरकार की सहमति के बाद लिया जाएगा। 1.97 लाख वोटों से जीता था अमृतपाल अमृतपाल सिंह अजनाला थाने पर हमला करने समेत 12 एफआईआर में भी आरोपी हैं। जेल में रहते हुए अमृतपाल सिंह ने पंजाब के खडूर साहिब संसदीय क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर 2024 का लोकसभा चुनाव जीता है। अमृतपाल सिंह ने कांग्रेस के कुलबीर सिंह जीरा को करीब 1.97 लाख वोटों के अंतर से हराया था। खडूर साहिब से जीत के बाद अमृतपाल को शपथ ग्रहण के लिए पैरोल मिली थी।
बाजार में असली या केमिकल वाला आम? ऐसे करें सेकंड्स में पहचान वरना सेहत हो सकती है खराब

Mango Safety Tips: गर्मियों का मौसम आते ही एक फल सबसे ज्यादा चर्चा में आ जाता है-आम. बच्चे हों या बड़े, हर कोई इसका बेसब्री से इंतजार करता है. बाजार में ढेरों किस्म के आम दिखते हैं और हर कोई चाहता है कि सबसे मीठा और अच्छा आम ही घर जाए, लेकिन आजकल एक बड़ी दिक्कत ये है कि हर आम असली तरीके से पका हुआ नहीं होता. कई जगह आम को जल्दी पकाने के लिए केमिकल का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे वो दिखने में तो आकर्षक लगता है, लेकिन अंदर से उतना अच्छा नहीं होता. ऐसे आम खाने से शरीर पर गलत असर पड़ सकता है. सिर दर्द, उल्टी, पेट में गड़बड़ी जैसी परेशानियां सामने आ सकती हैं. इसलिए जरूरी है कि आप आम खरीदते समय थोड़ा समझदारी दिखाएं. बिना देखे-समझे आम खरीदना अब सही फैसला नहीं है. अच्छी बात ये है कि कुछ आसान तरीकों से आप खुद पहचान सकते हैं कि आम सही तरीके से पका है या केमिकल से. इस आर्टिकल में हम आपको ऐसे ही आसान और काम के टिप्स बता रहे हैं, जिनसे आप खुद सही आम चुन पाएंगे. कैसे पहचानें केमिकल से पका आम?1. खुशबू से करें पहचानअसली पके आम की खुशबू बहुत हल्की और मीठी होती है, अगर आम में कोई तेज या अजीब गंध आ रही है, तो समझ लें कि कुछ गड़बड़ है. केमिकल से पके आम में अक्सर नेचुरल खुशबू नहीं होती. 2. रंग पर ध्यान देंनेचुरल तरीके से पका आम एक जैसा पीला या हल्का हरा-पीला दिखता है, लेकिन केमिकल से पके आम ज्यादा चमकीले और एकदम साफ रंग के नजर आते हैं. बहुत ज्यादा चमकदार रंग वाले आम से थोड़ा सावधान रहें. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. 3. दाग और निशान देखेंअगर आम पर बहुत ज्यादा धब्बे, कट के निशान या काले स्पॉट दिख रहे हैं, तो यह केमिकल या इंजेक्शन से पकाया गया हो सकता है. ऐसे आम लेने से बचना बेहतर है. 4. दबाकर चेक करेंजब आप आम को हल्का सा दबाते हैं, तो नेचुरल पका आम थोड़ा सॉफ्ट लगता है, लेकिन ज्यादा गूदेदार नहीं होता. केमिकल से पके आम बहुत ज्यादा नरम या दबते ही अंदर धंसने लगते हैं. 5. बेकिंग सोडा टेस्टघर लाने के बाद आप एक आसान टेस्ट कर सकते हैं. आम को बेकिंग सोडा मिले पानी से धोएं, अगर धोने के बाद उसका रंग अजीब तरीके से बदलता है, तो समझ जाएं कि आम केमिकल से पका है. केमिकल से पके आम खाने के नुकसानकेमिकल से पकाए गए आम सिर्फ स्वाद में ही नहीं, सेहत के लिए भी ठीक नहीं होते. इससे सिर दर्द, चक्कर, उल्टी, पेट दर्द जैसी दिक्कतें हो सकती हैं. लंबे समय तक ऐसे फल खाने से शरीर पर और भी बुरा असर पड़ सकता है. इसलिए हमेशा कोशिश करें कि भरोसेमंद जगह से ही आम खरीदें. आम खरीदते समय ध्यान रखने वाली बातें-हमेशा ऐसे दुकानदार से आम लें जिस पर भरोसा हो-बहुत सस्ते आम देखकर तुरंत न खरीदें-मौसम की शुरुआत में ज्यादा सावधानी रखें-घर लाकर आम को अच्छे से धोना न भूलें
माराडोना की मौत मामले में फिर जांच शुरू हो रही:मेडिकल टीम पर इलाज में लापरवाही के आरोप; पहला ट्रायल रद्द हुआ था

फुटबॉल दिग्गज डिएगो माराडोना की मौत के मामले की जांच दोबारा मंगलवार से शुरू हो रहा है। उनकी मेडिकल टीम पर सही इलाज न देने और लापरवाही बरतने के आरोप हैं। मई 2025 में शुरू हुआ पहला ट्रायल उस समय रद्द कर दिया गया था, जब एक जज पर कोर्ट में बिना अनुमति डॉक्यूमेंट्री शूट कराने का आरोप लगा। अब नए जजों के सामने सुनवाई शुरू होगी। माराडोना को फुटबॉल इतिहास के महान खिलाड़ियों में गिना जाता है। उन्होंने 1986 वर्ल्ड कप में अर्जेंटीना को जीत दिलाई थी और ‘हैंड ऑफ गॉड’ गोल के लिए भी जाने जाते हैं। माराडोना की 25 नवंबर 2020 को 60 साल की उम्र में मौत हुई थी। वे ब्रेन ब्लड क्लॉट की सर्जरी के बाद घर पर रिकवर कर रहे थे। पोस्टमॉर्टम में दिल का दौरा और फेफड़ों में पानी भरने को मौत की वजह बताया गया। मेडिकल टीम पर कुलपेबल होमिसाइड का केस दर्ज इस मामले में मेडिकल टीम के 7 सदस्य ट्रायल का सामना कर रहे हैं। इन पर ‘कुलपेबल होमिसाइड’ का केस दर्ज है। दोषी पाए जाने पर उन्हें 8 से 25 साल तक की सजा हो सकती है। एक्सपर्ट्स माराडोना के इलाज को अपर्याप्त बताया जांच में सामने आया कि टीम को माराडोना की गंभीर हालत की जानकारी थी, लेकिन उन्होंने जरूरी कदम नहीं उठाए। मेडिकल एक्सपर्ट्स ने उनके इलाज को ‘लापरवाह और अपर्याप्त’ बताया। ट्रायल में करीब 100 गवाहों के बयान होंगे, जिनमें उनकी बेटियां भी शामिल हैं। यह सुनवाई जुलाई तक चल सकती है। माराडोना ने करियर में 312 गोल दागे मैराडोना ने फुटबॉल करियर में 312 गोल किए। उन्होंने इंटरनेशनल करियर में 91 मैच खेले, जिसमें 34 गोल किए। मैराडोना बार्सिलोना, नेपोली, सेविला, नेवेल्स ओल्ड ब्यूऑयज और बोका जूनियर्स जैसे क्लब से खेल चुके हैं। बार्सिलोना से खेलते हुए उन्होंने 36 मैच में 22 और नेपोली के लिए 188 मैच में 81 गोल किए। करियर में 11 टूर्नामेंट जीते मैराडोना ने करियर में 11 टूर्नामेंट्स जीते हैं। इसमें 1 वर्ल्ड कप खिताब, एक UEFA कप खिताब, एक नेशंस लीग, एक FIFA वर्ल्ड यूथ चैम्पियनशिप और 5 नेशनल कप जीते हैं। मैराडोना को फीफा प्लेयर ऑफ द सेंचुरी से भी नवाजा जा चुका है। उन्होंने एक बार वर्ल्ड कप गोल्डन बॉल, एक बार बेलोन डी’ओर, 2 बार साउथ अमेरिकन फुटबॉलर ऑफ द ईयर, 6 बार नेशनल लीग टॉप स्कोरर अवॉर्ड जीता है।
Suryakumar Yadav ICC Player of Month March

Hindi News Sports Suryakumar Yadav ICC Player Of Month March | T20 World Cup Record स्पोर्ट्स डेस्क1 घंटे पहले कॉपी लिंक टी-20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी के साथ संजू सैमसन और कुलदीप यादव। भारत के ओपनर संजू सैमसन को मार्च के लिए ICC प्लेयर ऑफ द मंथ चुना गया है। दुबई में ICC ने मंगलवार को इसका ऐलान किया। सैमसन ने टी-20 वर्ल्ड कप में भारत के लिए सबसे ज्यादा 321 रन बनाए थे। सुपर-8 में मौका मिला शुरुआती मैचों में प्लेइंग XI में नहीं रहने के बाद भी संजू ने सुपर-8 में खुद को साबित किया। उन्होंने कहा कि यह अवॉर्ड उनके क्रिकेट करियर के खास दौर में मिला है। भारत की टी-20 वर्ल्ड कप जीत में योगदान देना सपना पूरा होने जैसा था और इस पल की अहमियत समझने में समय लगा। उन्होंने आगे कहा- भारतीय क्रिकेट में काफी प्रतिभा है और टीम व कोचिंग स्टाफ का भरोसा उनके प्रदर्शन में मददगार रहा। वेस्टइंडीज के खिलाफ नाबाद 97 रन बनाए सैमसन ने जिम्बाब्वे के खिलाफ 24 रन से शुरुआत की और फिर लगातार अच्छा प्रदर्शन किया। वेस्टइंडीज के खिलाफ वह शतक से तीन रन से चूके, लेकिन 97* रन बनाकर भारत को सेमीफाइनल में पहुंचाया। इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ वानखेड़े में 89 रन बनाकर टीम को 253/7 तक पहुंचाया। इंग्लैंड यह लक्ष्य हासिल नहीं कर सका और सात रन से हार गया। अहमदाबाद में फाइनल में भी उन्होंने 89 रन बनाए और भारत को 96 रन से जीत दिलाने में योगदान दिया। मार्च में खेले तीन T20 मैचों में सैमसन ने 275 रन बनाए। उनका औसत 137.50 और स्ट्राइक रेट 199.27 रहा। पहली बार अवॉर्ड मिला यह पहली बार है जब सैमसन ने प्लेयर ऑफ द मंथ अवॉर्ड जीता है। इससे पहले पांच महीनों में अलग-अलग देशों के खिलाड़ी यह सम्मान जीत चुके हैं। वहीं, महिलाओं में न्यूजीलैंड की कप्तान मेली केर को यह अवॉर्ड तीसरी बार मिला। उन्होंने जिम्बाब्वे और साउथ अफ्रीका के खिलाफ सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया। केर ने जिम्बाब्वे के खिलाफ ODI सीरीज के तीन मैचों में 16 विकेट लिए, जिसमें 7/34 उनका करियर बेस्ट रहा। साथ ही बैटिंग में 140 रन बनाकर टीम के लिए अहम भूमिका निभाई। ———————————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… IPL में आज चेन्नई vs कोलकाता:धोनी का इस मैच में भी खेलना मुश्किल, KKR को पहली जीत की तलाश IPL के इस सीजन के 22वें मैच में आज चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) का सामना कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) से होगा। मैच चेन्नई के MA चिदंबरम स्टेडियम (चेपॉक) में शाम 7:30 बजे से शुरू होगा, जबकि टॉस 7:00 बजे होगा। पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…









