जल-मिट्टी-चिता सत्याग्रह के बाद कल सांकेतिक फांसी:छतरपुर में केन-बेतवा परियोजना का विरोध तेज; प्रदर्शनकारी जमीन नहीं छोड़ने पर अड़े

छतरपुर में केन-बेतवा लिंक परियोजना के विरोध में आदिवासी और किसानों का आंदोलन पहले से और तेज हो गया। मंगलवार को जिले में कई मोर्चों पर एक साथ प्रदर्शन हुए, जिनमें ‘जल सत्याग्रह’, ‘मिट्टी सत्याग्रह’ और ‘चिता आंदोलन’ शामिल थे। आंदोलनकारियों ने कल (बुधवार) को सांकेतिक फांसी की घोषणा की है। आज (मंगलवार) बड़ी संख्या में ग्रामीण केन नदी में उतरकर घंटों पानी में खड़े रहे। उन्होंने अपने विस्थापन के खिलाफ विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जिस केन नदी के पानी के नाम पर यह परियोजना बनाई जा रही है, वही अब उनके उजड़ने का कारण बन रही है। आंदोलनकारियों ने इसे “जीवन और अस्तित्व की अंतिम लड़ाई” बताया। बोले- पुश्तैनी जमीन नहीं छोड़ेंगे ‘मिट्टी सत्याग्रह’ का मंगलवार को दूसरा दिन था। ग्रामीणों ने अपने खेतों की मिट्टी हाथ में लेकर संकल्प लिया कि वे अपनी पुश्तैनी जमीन किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ेंगे। वहीं, ‘चिता आंदोलन’ दसवें दिन भी जारी रहा, जहां लोग प्रतीकात्मक चिताओं के पास बैठकर विस्थापन के दर्द को व्यक्त कर रहे हैं। इसके साथ ही कई प्रभावित गांवों में ‘चूल्हा बंद’ रखा गया। बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे भूखे रहकर आंदोलन को समर्थन दे रहे हैं, जिससे गांवों में सन्नाटा पसरा हुआ है। आरोप- फर्जी ग्राम सभाएं कराई गईं प्रभावितों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि फर्जी ग्राम सभाएं कराई गईं, अधूरा मुआवजा दिया गया और दबाव बनाकर बेदखली की कोशिश की जा रही है। आंदोलनकारियों का दावा है कि रुंज, मझगांय और नेगुवा बांध से जुड़ी ग्राम सभाएं केवल कागजों में पूरी कर ली गईं। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि गांवों में बिचौलिये सक्रिय हैं, जो मुआवजे की राशि में अवैध कटौती कर रहे हैं। पहचान पत्रों के नाम पर गरीबों से पैसे वसूले जा रहे हैं। जय किसान संगठन के नेता अमित भटनागर के अनुसार, प्रशासन के साथ हुई बातचीत बेनतीजा रही। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी जमीनी सच्चाई से दूर रहकर केवल कागजी कार्रवाई कर रहे हैं। भटनागर ने कहा, “हम विकास के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन विकास के नाम पर आदिवासियों का विनाश स्वीकार नहीं करेंगे।” कल सांकेतिक फांसी का ऐलान आंदोलनकारियों ने बुधवार को ‘सांकेतिक फांसी आंदोलन’ की घोषणा की है। उनका कहना है कि जमीन और आजीविका छिनने के बाद जीवन का कोई अर्थ नहीं बचता। यह प्रदर्शन प्रशासन को चेतावनी देने के लिए किया जाएगा। फिलहाल हजारों ग्रामीण प्रदर्शन स्थलों पर डटे हुए हैं। ‘भूख-पड़ताल’ जारी है और आंदोलन लगातार उग्र रूप लेता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है, “हम पानी में खड़े हैं, भूखे हैं और चिता पर लेटने को तैयार हैं, लेकिन अपनी जमीन नहीं छोड़ेंगे।”
MP Minister Kailash Vijayvargiya Bengal Fake Cases

मध्य प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय अपने ही एक बयान के कारण मुसीबत में घिर गए हैं। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने शनिवार रात रतलाम में कहा कि उनके खिलाफ पश्चिम बंगाल में 38 फर्जी केस दर्ज हैं और वहां जाने पर उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता . मंत्री के इस बयान के बाद कांग्रेस ने चुनाव आयोग से शिकायत करते हुए कैलाश विजयवर्गीय का चुनाव शून्य करने की मांग की है। कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक। मुकेश नायक बोले: विजयवर्गीय की सदस्यता शून्य हो कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने कहा- पिछले दिनों कैलाश विजयवर्गीय से पूछा गया कि वो बंगाल के प्रभारी रहे हैं अब वहां प्रचार करने क्यों नहीं जा रहे हैं? तो उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में उनके खिलाफ 35 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं उनका वॉरंट निकला हुआ है इस कारण वे चुनाव प्रचार करने नहीं जा रहे हैं। उन्होंने खुद स्वीकार किया है कि उन पर 30-35 केस उन पर दर्ज हैं। लेकिन, इन मुकदमों की जानकारी उन्होंने अपने निर्वाचन के समय फॉर्म में नहीं दी। तो जिस आधार पर मुकेश मल्होत्रा के चुनाव को शून्य घोषित किया गया है उसी आधार पर कैलाश विजयवर्गीय के चुनाव को भी शून्य घोषित करना चाहिए क्योंकि उन्होंने भी अपने ऊपर चल रहे मुकदमों की जानकारी छिपाई है। हमारे अधिवक्ता और कांग्रेस प्रवक्ता प्रमोद द्विवेदी ने निर्वाचन आयोग से तथ्यों के साथ इसकी शिकायत की है कि इन्होंने निर्वाचन के समय मुकदमों की जानकारी छिपाई है इसलिए उन पर कार्रवाई होनी चाहिए। मुख्य चुनाव आयुक्त को भेजी गई शिकायत। कांग्रेस प्रवक्ता ने निर्वाचन आयोग से की लिखित शिकायत एमपी कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता और एडवोकेट प्रमोद द्विवेदी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को एक लिखित शिकायत भेजी है। प्रमोद द्विवेदी ने मुख्य चुनाव आयुक्त से स्वत: संज्ञान लेकर मामला दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने अपने शिकायती पत्र में लिखा कि मप्र सरकार के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने रतलाम में कहा कि उन पर फर्जी मुकदमे दर्ज हैं जो ममता बनर्जी की सरकार ने लगाए हैं। जिसमें गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए हैं। क्या कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 1 से विधानसभा चुनाव के दौरान चुनावी हलफनामे में इन केसों का उल्लेख किया है? यदि उल्लेख नहीं किया है तो चुनाव आयोग स्वयं उनके हलफनामे की जांच करे और मुकद्मे छिपाने के अपराध के तहत उनका निर्वाचन निरस्त करवाया जाए। अगर एक आपराधिक मामले को छिपाने पर कांग्रेस के दो विधायक दोषी करार दिए गए तो विजयवर्गीय ने स्वयं स्वीकार किया है। ये खबर भी पढ़ें… कैलाश विजयवर्गीय बोले- बंगाल गया तो गिरफ्तार हो जाऊंगा मध्य प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने शनिवार रात रतलाम में कहा कि उनके खिलाफ पश्चिम बंगाल में 38 फर्जी केस दर्ज हैं और वहां जाने पर उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। पूर्व आरडीए अध्यक्ष अशोक पोरवाल के राजबाग स्थित निवास पर मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि पार्टी ने भी ‘नए लफड़े’ से बचने के लिए उन्हें बंगाल चुनाव में जाने से मना किया है। पढ़ें पूरी खबर…
MP Minister Kailash Vijayvargiya Bengal Fake Cases

भोपाल7 घंटे पहले कॉपी लिंक मध्य प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय अपने ही एक बयान के कारण मुसीबत में घिर गए हैं। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने शनिवार रात रतलाम में कहा कि उनके खिलाफ पश्चिम बंगाल में 38 फर्जी केस दर्ज हैं और वहां जाने पर उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। विजयवर्गीय ने यह भी कहा था कि पार्टी ने भी ‘नए लफड़े’ से बचने के लिए उन्हें बंगाल चुनाव में जाने से मना किया है। मंत्री के इस बयान के बाद कांग्रेस ने चुनाव आयोग से शिकायत करते हुए कैलाश विजयवर्गीय का चुनाव शून्य करने की मांग की है। कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक। मुकेश नायक बोले: विजयवर्गीय की सदस्यता शून्य हो कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने कहा- पिछले दिनों कैलाश विजयवर्गीय से पूछा गया कि वो बंगाल के प्रभारी रहे हैं अब वहां प्रचार करने क्यों नहीं जा रहे हैं? तो उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में उनके खिलाफ 35 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं उनका वॉरंट निकला हुआ है इस कारण वे चुनाव प्रचार करने नहीं जा रहे हैं। उन्होंने खुद स्वीकार किया है कि उन पर 30-35 केस उन पर दर्ज हैं। लेकिन, इन मुकदमों की जानकारी उन्होंने अपने निर्वाचन के समय फॉर्म में नहीं दी। तो जिस आधार पर मुकेश मल्होत्रा के चुनाव को शून्य घोषित किया गया है उसी आधार पर कैलाश विजयवर्गीय के चुनाव को भी शून्य घोषित करना चाहिए क्योंकि उन्होंने भी अपने ऊपर चल रहे मुकदमों की जानकारी छिपाई है। हमारे अधिवक्ता और कांग्रेस प्रवक्ता प्रमोद द्विवेदी ने निर्वाचन आयोग से तथ्यों के साथ इसकी शिकायत की है कि इन्होंने निर्वाचन के समय मुकदमों की जानकारी छिपाई है इसलिए उन पर कार्रवाई होनी चाहिए। मुख्य चुनाव आयुक्त को भेजी गई शिकायत। कांग्रेस प्रवक्ता ने निर्वाचन आयोग से की लिखित शिकायत एमपी कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता और एडवोकेट प्रमोद द्विवेदी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को एक लिखित शिकायत भेजी है। प्रमोद द्विवेदी ने मुख्य चुनाव आयुक्त से स्वत: संज्ञान लेकर मामला दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने अपने शिकायती पत्र में लिखा कि मप्र सरकार के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने रतलाम में कहा कि उन पर फर्जी मुकदमे दर्ज हैं जो ममता बनर्जी की सरकार ने लगाए हैं। जिसमें गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए हैं। क्या कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 1 से विधानसभा चुनाव के दौरान चुनावी हलफनामे में इन केसों का उल्लेख किया है? यदि उल्लेख नहीं किया है तो चुनाव आयोग स्वयं उनके हलफनामे की जांच करे और मुकद्मे छिपाने के अपराध के तहत उनका निर्वाचन निरस्त करवाया जाए। अगर एक आपराधिक मामले को छिपाने पर कांग्रेस के दो विधायक दोषी करार दिए गए तो विजयवर्गीय ने स्वयं स्वीकार किया है। ये खबर भी पढ़ें… कैलाश विजयवर्गीय बोले- बंगाल गया तो गिरफ्तार हो जाऊंगा मध्य प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने शनिवार रात रतलाम में कहा कि उनके खिलाफ पश्चिम बंगाल में 38 फर्जी केस दर्ज हैं और वहां जाने पर उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। पूर्व आरडीए अध्यक्ष अशोक पोरवाल के राजबाग स्थित निवास पर मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि पार्टी ने भी ‘नए लफड़े’ से बचने के लिए उन्हें बंगाल चुनाव में जाने से मना किया है। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
GE Aerospace & HAL Deal Complete; Tejas Fleet Strength Boost

नई दिल्ली22 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिकी डिफेंस कंपनी GE एयरोस्पेस और भारत की सरकारी कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के बीच फाइटर जेट इंजन बनाने की डील जल्द पूरी हो सकती है। दोनों कंपनियों ने लड़ाकू विमानों के लिए F414 जेट इंजन के को-प्रोडक्शन को लेकर तकनीकी मामलों पर सहमति जताई है। मंगलवार को कंपनी ने बताया कि पिछले तीन साल से चल रही बातचीत में अब बड़ी प्रोग्रेस हुई है। GE एयरोस्पेस और HAL के बीच साल 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान F414 इंजन को लेकर एक शुरुआती समझौता हुआ था। तब से दोनों पक्ष इसके बारीक पहलुओं और तकनीक ट्रांसफर (ToT) पर चर्चा कर रहे थे। ताजा अपडेट के मुताबिक, दोनों कंपनियों ने तकनीकी मामलों पर आपसी सहमति बना ली है। यह भारत के ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान और ‘मेक इन इंडिया’ के तहत डिफेंस सेक्टर के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। वायुसेना के लिए डोमेस्टिक डिपो बनेगा, विदेशों पर निर्भरता खत्म होगी F414 डील के अलावा GE एयरोस्पेस ने सोमवार को भारतीय वायुसेना (IAF) के साथ एक और महत्वपूर्ण कॉन्ट्रैक्ट साइन किया है। इसके तहत भारत में ही F404-IN20 इंजनों के रखरखाव के लिए एक डोमेस्टिक डिपो फैसिलिटी बनाई जाएगी। यह इंजन फिलहाल वायुसेना के तेजस बेड़े को पावर देता है। अभी तक इंजनों की बड़ी मरम्मत या मेंटेनेंस के लिए भारत को विदेशों पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे काफी समय और पैसा खर्च होता था। अब यह सुविधा भारत में ही होगी, जिसे भारतीय वायुसेना खुद ऑपरेट और मेंटेन करेगी। GE इसमें ट्रेनिंग और जरूरी उपकरण मुहैया कराएगी। GE एयरोस्पेस और HAL के बीच साल 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान F414 इंजन को लेकर एक शुरुआती समझौता हुआ था। भारत-US के बीच 40 साल पुरानी पार्टनरशिप और मजबूत हुई GE एयरोस्पेस ने अपने बयान में कहा कि यह समझौता आर्थिक विकास को मजबूत करने और भारत-अमेरिका के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे GE और HAL की पिछले 40 सालों की पार्टनरशिप को नया विस्तार मिलेगा। कंपनी का मानना है कि इस सुविधा से इंजन के टर्नअराउंड टाइम (मरम्मत में लगने वाला समय) में काफी सुधार आएगा और वायुसेना की ऑपरेशनल क्षमता बढ़ेगी। भविष्य के विमानों के लिए क्यों जरूरी है F414 इंजन? भारत अपने भविष्य के लड़ाकू विमानों- LCA तेजस मार्क-2 और AMCA (एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट) के लिए पावरफुल इंजन की तलाश में है। F414 इंजन अपनी कैटेगरी में दुनिया के सबसे भरोसेमंद इंजनों में से एक माना जाता है। भारत में इसके उत्पादन से न केवल भारतीय वायुसेना को अत्याधुनिक तकनीक मिलेगी, बल्कि भारत ग्लोबल एयरोस्पेस सप्लाई चेन का एक अहम हिस्सा भी बन जाएगा। GE एयरोस्पेस की वाइस प्रेसिडेंट ने क्या कहा? GE एयरोस्पेस में डिफेंस एंड सिस्टम्स की वाइस प्रेसिडेंट रीटा फ्लेहर्टी ने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों का समर्थन करने की हमारी प्रतिबद्धता हमें लगातार प्रेरित करती है। इस डिपो फैसिलिटी के जरिए हम यह सुनिश्चित करेंगे कि भारतीय वायुसेना के पास अपने रक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए हमेशा कटिंग-एज टेक्नोलॉजी उपलब्ध रहे। क्या है F414 और F404 इंजन में अंतर? फीचर F404-IN20 इंजन F414-INS6 इंजन उपयोग वर्तमान तेजस (Mk1 और Mk1A) में इस्तेमाल। भविष्य के तेजस Mk2 और AMCA के लिए प्रस्तावित। थ्रस्ट (पावर) करीब 80-85 kN (किलोन्यूटन)। करीब 98 kN, यानी यह काफी ज्यादा शक्तिशाली है। खासियत हल्का और कॉम्पैक्ट डिजाइन। सुपरक्रूज क्षमता और बेहतर पेलोड के लिए मशहूर। ये खबर भी पढ़ें… IMF ने भारत की GDP-ग्रोथ-रेट का अनुमान बढ़ाकर 6.5% किया: मिडिल ईस्ट संकट के बावजूद इकोनॉमी में तेजी आएगी; 2027 में महंगाई बढ़ने की आशंका इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) ने भारत की जीडीपी ग्रोथ को लेकर नए आंकड़े जारी किए हैं। IMF के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बावजूद भारतीय इकोनॉमी पहले के अनुमान से कहीं ज्यादा तेजी से आगे बढ़ेगी। संस्था ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की विकास दर के अनुमान को बढ़ाकर 6.5% कर दिया है। इससे पहले जनवरी में जारी अपनी रिपोर्ट में IMF ने इसके 6.4% रहने का अनुमान जताया था। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
GE Aerospace & HAL Deal Complete; Tejas Fleet Strength Boost

नई दिल्ली1 घंटे पहले कॉपी लिंक अमेरिकी डिफेंस कंपनी GE एयरोस्पेस और भारत की सरकारी कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के बीच फाइटर जेट इंजन बनाने की डील जल्द पूरी हो सकती है। दोनों कंपनियों ने लड़ाकू विमानों के लिए F414 जेट इंजन के को-प्रोडक्शन को लेकर तकनीकी मामलों पर सहमति जताई है। मंगलवार को कंपनी ने बताया कि पिछले तीन साल से चल रही बातचीत में अब बड़ी प्रोग्रेस हुई है। GE एयरोस्पेस और HAL के बीच साल 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान F414 इंजन को लेकर एक शुरुआती समझौता हुआ था। तब से दोनों पक्ष इसके बारीक पहलुओं और तकनीक ट्रांसफर (ToT) पर चर्चा कर रहे थे। ताजा अपडेट के मुताबिक, दोनों कंपनियों ने तकनीकी मामलों पर आपसी सहमति बना ली है। यह भारत के ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान और ‘मेक इन इंडिया’ के तहत डिफेंस सेक्टर के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। वायुसेना के लिए डोमेस्टिक डिपो बनेगा, विदेशों पर निर्भरता खत्म होगी F414 डील के अलावा GE एयरोस्पेस ने सोमवार को भारतीय वायुसेना (IAF) के साथ एक और महत्वपूर्ण कॉन्ट्रैक्ट साइन किया है। इसके तहत भारत में ही F404-IN20 इंजनों के रखरखाव के लिए एक डोमेस्टिक डिपो फैसिलिटी बनाई जाएगी। यह इंजन फिलहाल वायुसेना के तेजस बेड़े को पावर देता है। अभी तक इंजनों की बड़ी मरम्मत या मेंटेनेंस के लिए भारत को विदेशों पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे काफी समय और पैसा खर्च होता था। अब यह सुविधा भारत में ही होगी, जिसे भारतीय वायुसेना खुद ऑपरेट और मेंटेन करेगी। GE इसमें ट्रेनिंग और जरूरी उपकरण मुहैया कराएगी। GE एयरोस्पेस और HAL के बीच साल 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान F414 इंजन को लेकर एक शुरुआती समझौता हुआ था। भारत-US के बीच 40 साल पुरानी पार्टनरशिप और मजबूत हुई GE एयरोस्पेस ने अपने बयान में कहा कि यह समझौता आर्थिक विकास को मजबूत करने और भारत-अमेरिका के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे GE और HAL की पिछले 40 सालों की पार्टनरशिप को नया विस्तार मिलेगा। कंपनी का मानना है कि इस सुविधा से इंजन के टर्नअराउंड टाइम (मरम्मत में लगने वाला समय) में काफी सुधार आएगा और वायुसेना की ऑपरेशनल क्षमता बढ़ेगी। भविष्य के विमानों के लिए क्यों जरूरी है F414 इंजन? भारत अपने भविष्य के लड़ाकू विमानों- LCA तेजस मार्क-2 और AMCA (एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट) के लिए पावरफुल इंजन की तलाश में है। F414 इंजन अपनी कैटेगरी में दुनिया के सबसे भरोसेमंद इंजनों में से एक माना जाता है। भारत में इसके उत्पादन से न केवल भारतीय वायुसेना को अत्याधुनिक तकनीक मिलेगी, बल्कि भारत ग्लोबल एयरोस्पेस सप्लाई चेन का एक अहम हिस्सा भी बन जाएगा। GE एयरोस्पेस की वाइस प्रेसिडेंट ने क्या कहा? GE एयरोस्पेस में डिफेंस एंड सिस्टम्स की वाइस प्रेसिडेंट रीटा फ्लेहर्टी ने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों का समर्थन करने की हमारी प्रतिबद्धता हमें लगातार प्रेरित करती है। इस डिपो फैसिलिटी के जरिए हम यह सुनिश्चित करेंगे कि भारतीय वायुसेना के पास अपने रक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए हमेशा कटिंग-एज टेक्नोलॉजी उपलब्ध रहे। क्या है F414 और F404 इंजन में अंतर? फीचर F404-IN20 इंजन F414-INS6 इंजन उपयोग वर्तमान तेजस (Mk1 और Mk1A) में इस्तेमाल। भविष्य के तेजस Mk2 और AMCA के लिए प्रस्तावित। थ्रस्ट (पावर) करीब 80-85 kN (किलोन्यूटन)। करीब 98 kN, यानी यह काफी ज्यादा शक्तिशाली है। खासियत हल्का और कॉम्पैक्ट डिजाइन। सुपरक्रूज क्षमता और बेहतर पेलोड के लिए मशहूर। ये खबर भी पढ़ें… IMF ने भारत की GDP-ग्रोथ-रेट का अनुमान बढ़ाकर 6.5% किया: मिडिल ईस्ट संकट के बावजूद इकोनॉमी में तेजी आएगी; 2027 में महंगाई बढ़ने की आशंका इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) ने भारत की जीडीपी ग्रोथ को लेकर नए आंकड़े जारी किए हैं। IMF के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बावजूद भारतीय इकोनॉमी पहले के अनुमान से कहीं ज्यादा तेजी से आगे बढ़ेगी। संस्था ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की विकास दर के अनुमान को बढ़ाकर 6.5% कर दिया है। इससे पहले जनवरी में जारी अपनी रिपोर्ट में IMF ने इसके 6.4% रहने का अनुमान जताया था। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
गर्मी में पिएं हेल्दी बेल मिल्क शेक, मिनटों में तैयार होगी स्वादिष्ट ड्रिंक, टेस्ट भी जबरदस्त, सेहत भी शानदार

Last Updated:April 14, 2026, 21:04 IST Make Bael Milkshake at Home: गर्मियों के मौसम में अगर आप कोल्ड ड्रिंक और शरबत पीकर बोर हो चुके हैं और कुछ नया, स्वादिष्ट और हेल्दी ड्रिंक ट्राई करना चाहते हैं, तो आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प है बेल मिल्क शेक जिससे बच्चे और बड़े दोनों ही बहुत पसंद करतें हैं.ऐसे में बोकारो सेक्टर-1 की विभा ने खास तौर पर गर्मी और बच्चों के लिए एक आसान और पौष्टिक रेसिपी साझा की है. जिसे आप घर पर कुछ ही मिनटों में तैयार कर सकते है.विभा बताती हैं कि इस रेसिपी को बनाने के लिए ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं होती इसके लिए बस ताजा दूध, चीनी और पका हुआ बेल फल कि जरूरत होती है. सबसे पहले पेड़ से ताजा बेल तोड़कर उसका गूदा (पल्प) निकाल लें इसके बाद उस पल्प को अच्छे से मसलकर छलनी की मदद से दबाएं, ताकि उसका रस आसानी से बाहर निकल सके फिर दूसरे चरण में बेल के रस को किसी साफ गिलास या कटोरी में इकट्ठा कर लें. अपने स्वाद के अनुसार इसमें चीनी मिलाएं इसके बाद ताजा दूध और बेल के रस को जूसर या मिक्सर में डालकर अच्छी तरह ब्लेंड कर ले. Add News18 as Preferred Source on Google फिर गिलास में डालकर या फिर ठंडाकर तैयार कर स्वादिष्ट बेल मिल्क शेक का आनंद उठा सकते हैं. वहीं विभा का कहना है कि यह रेसिपी जितनी आसान है, उतनी ही फायदेमंद भी है. बेल के फल में कई औषधीय गुण पाए जाते हैं.जो शरीर को ठंडक पहुंचाने के साथ-साथ पाचन को बेहतर बनाते है. गर्मियों में लू से बचाव में भी मदद करते हैं First Published : April 14, 2026, 21:04 IST
‘दीदी को बयान का समय’, अमित शाह की ममता सरकार पर हमले, घुसपैठ और सीमा बाड़ लगाने को लेकर लेकर आए ये बड़े वादे

अमित शाह भाषण: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी सरकार पर ज़ोरदार सामूहिक गठबंधन की घोषणा की। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बड़े वादे किए। अमित शाह ने कहा कि चुनाव आयोग मजबूत कर रहा है और घुसपैठियों के नाम की सूची जारी की जा रही है, लेकिन ममता बनर्जी उनके लिए रो रही हैं। उन्होंने कहा, “दीदी, आपका समय अब खत्म हो गया है। जनता आपको बता रही है।” अमित शाह ने यह भी कहा कि केवल उत्तर बंगाल ही नहीं, बल्कि पूरे देश में घुसपैठियों को चुन-चुनकर नदी का काम करने को कहा। किसानों के मुद्दे पर सरकार को घेरा केंद्रीय गृह मंत्री ने ममता सरकार पर लगाया किसानों की अनदेखी का आरोप. उन्होंने कहा कि किसानों की खुशहाली के लिए कोल्ड स्टोरेज की जरूरत थी, लेकिन राज्य सरकार ने इस दिशा में कोई काम नहीं किया. उन्होंने वादा किया कि अगर बंगाल में भाजपा की सरकार बनी तो किसानों के लिए कोल्ड स्टोरेज बनाने का काम किया जाएगा। बॉर्डर फेंसिंग को लेकर बड़ा खुलासा शाह ने कहा कि भाजपा सरकार ने 45 दिनों के भीतर सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जरूरी 600 एकड़ जमीन केंद्र सरकार को दे दी है। उन्होंने कहा कि इसके बाद सीमा पर फेंसिंग का काम पूरा किया जाएगा। गंदगी में भारी भीड़ का जिक्र करते हुए अमित शाह ने कहा कि 4 तारीख को ममता बनर्जी को “टाटा बाय-बाइ” कहने का समय आ गया है। उन्होंने दावा किया कि 5 मई को पश्चिम बंगाल में पहली बार पूर्ण बहुमत के साथ भाजपा की सरकार बनेगी। ममता बनर्जी ने सारसाधिक संरचना तैयार की पश्चिम मेदिनीपुर में ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार और केंद्र सरकार पर हमला बोल दिया। उन्होंने कहा, “पुलिस शांति बनाए रखने के लिए बनी रहती है, केंद्रीय पुलिस को भी शांति बनाए रखनी चाहिए। हमें कोई शर्त नहीं है, आप 2 लाख नहीं 10 लाख जवान भेजे गए… लेकिन मैं यह नहीं कह रहा हूं कि किसी को मारो, दंगा कराओ या अत्याचार करो। सवाल यह है कि आप अपनी सुरक्षा की रक्षा करेंगे या नहीं? मैं पूरे दिन इसी तरह काम करता रहा हूं। मैंने आपके लिए सुप्रीम कोर्ट में भी केस किया है।” ममता बनर्जी ने आगे आरोप लगाया कि, “सामग्री से लेकर ओएम और सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कांग्रेस के संगठन को गिरफ्तार कर लिया जाए, ताकि वे बूथ पर न जाएं। जब मैं यह कह रहा हूं तो जिम्मेदारी के साथ कह रही हूं, क्योंकि मैंने खुद ही देखा है कि वह किस तरह से धमाका कर रहे हैं? अगर आप चाहते हैं तो जनता से सीधे मुकाबला करें। आपने यहां से वोट क्यों हटा दिए? क्योंकि आप बंगाल की जनता से डर रहे हैं।” ये भी पढ़ें: बंगाल में मुखर भूचाल: टीएमसी का हमला- ईडी बनी ‘बेहद हताश’, बीजेपी-लेफ्ट बोले- मेकर का नेटवर्क घेरा बंधक मुक्त बंगाल का वादा अमित शाह ने कहा कि ममता बनर्जी की जगह भाजपा सरकार आने का मतलब है “घुसपैठिया मुक्त बंगाल” बनाना। उन्होंने इस बात पर सहमति जताई कि बीजेपी एक-एक हमलावर को प्रोजेक्ट कर उन्हें बाहर काम करने का मौका देगी।
ज्वेलरी दुकान से दो लाख के सोने के पेंडल चोरी:दमोह में खरीदारी के बहाने आया युवक, डिब्बी लेकर फरार; CCTV तलाश रही पुलिस

दमोह के नगर पालिका टाउन हॉल स्थित शिवम ज्वेलर्स में मंगलवार शाम एक अज्ञात युवक सोने के पेंडल से भरी डिब्बी लेकर भाग गया। दुकान संचालक द्वारा पीछा किए जाने के बावजूद आरोपी पकड़ में नहीं आ सका। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। ग्राहक बनकर की वारदात शिवम ज्वेलर्स के संचालक अशोक सोनी ने बताया कि करीब 32 वर्षीय युवक पहले चांदी की हाय खरीदने के बहाने दुकान पर आया। इसके बाद उसने सोने के पेंडल देखने की इच्छा जताई। संचालक ने उसे 14 पेंडल वाली एक डिब्बी दिखाई और जैसे ही वे दूसरी डिब्बी निकालने के लिए तिजोरी की ओर मुड़े, युवक माल लेकर रफूचक्कर हो गया। दो लाख रुपए के पेंडल चोरी दुकान संचालक ने बताया कि चोरी गए सोने के पेंडल की अनुमानित कीमत लगभग दो लाख रुपए है। वारदात के बाद संचालक ने आरोपी का पीछा घंटाघर तक किया, लेकिन भीड़ का फायदा उठाकर वह गायब हो गया। पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ की, लेकिन पहचान न होने पर उसे छोड़ दिया गया। सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी कैमरों के केवल दुकानों की ओर होने के कारण आरोपी की पहचान में पुलिस को चुनौती मिल रही है। कोतवाली पुलिस ने दुकानदार के आवेदन पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब मुख्य मार्ग पर लगे अन्य कैमरों के फुटेज खंगाल कर आरोपी की तलाश कर रही है।
Peoples Will Crucial for National Security

गांधीनगर16 मिनट पहले कॉपी लिंक राष्ट्रीय रक्षा यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में संबोधित करते NSA डोभाल। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने मंगलवार को कहा कि देश की सुरक्षा सिर्फ उसकी सैन्य ताकत से तय नहीं होती, बल्कि जनता की इच्छाशक्ति सबसे जरूरी है। देश की ताकत आंकते समय सबसे बड़ी गलती लोगों के मनोबल को नजरअंदाज करना है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मौजूदगी में राष्ट्रीय रक्षा यूनिवर्सिटी (RRU) के पांचवें दीक्षांत समारोह में बोलते हुए डोभाल ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा जटिल और मल्टी डायमेंशनल विषय है। इसमें सेना, तकनीक, संसाधन और कूटनीति के साथ मानव शक्ति भी शामिल है। राष्ट्रीय सुरक्षा सिर्फ सेना, पुलिस या खुफिया एजेंसियों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि यह पूरे देश की सामूहिक जिम्मेदारी है। डोभाल ने कहा-राष्ट्रीय सुरक्षा पूरे देश की जिम्मेदारी है। युद्ध का मुख्य उद्देश्य दुश्मन का मनोबल तोड़ना डोभाल ने कहा कि सोवियत संघ का अफगानिस्तान से 1988-89 में हटना, अमेरिका का वियतनाम से 1970 के दशक में पीछे हटना या अफगानिस्तान में अपने लक्ष्य हासिल न कर पाना, इन सबका कारण सैन्य या तकनीकी कमजोरी नहीं थी। असल वजह वहां के लोगों की भावना और प्रतिबद्धता थी, जिसे हम राष्ट्र की इच्छाशक्ति कहते हैं। जंग का मुख्य उद्देश्य दुश्मन का मनोबल तोड़ना होता है, ताकि उसे अपनी शर्तों पर समझौता करने के लिए मजबूर किया जा सके। इच्छाशक्ति को मजबूत करने में आम जनता की भूमिका सबसे अहम है। लोगों में अपनी सुरक्षा को लेकर जागरूकता जितनी ज्यादा होगी, देश की ताकत उतनी ही मजबूत होगी। भारत में अब इस दिशा में बदलाव दिख रहा है और लंबे समय बाद नई जागरूकता आई है कि राष्ट्रीय सुरक्षा पूरे देश की जिम्मेदारी है। अकादमिक, रिसर्च और ऑपरेशनल क्षेत्र में काम करने वाले लोगों का ज्ञान और तकनीकी क्षमता नतीजों को प्रभावित करती है। इसमें सफल होने के लिए चरित्र, अनुशासन, मानसिक शक्ति और टीमवर्क बेहद जरूरी हैं। इसके अलावा उन्होंने प्रतिबद्धता को तीसरा जरूरी तत्व बताया। डोभाल को मानद PhD से नवाजा युवाओं को संदेश देते हुए डोभाल ने कहा, “यह ऐसा क्षेत्र है जिसमें कोई सिल्वर मेडल नहीं होता। आप या तो जीतते हैं या हारते हैं। अगर आप जीतते हैं तो इतिहास बनाते हैं, और अगर हारते हैं तो इतिहास बन जाते हैं।” दीक्षांत समारोह के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अजीत डोभाल को राष्ट्रीय सुरक्षा में उनके योगदान के लिए मानद PhD की उपाधि भी दी। इस पर डोभाल ने आभार जताते हुए कहा कि वह इस सम्मान को विनम्रता के साथ स्वीकार करते हैं। ————————— ये खबर भी पढ़ें: NSA डोभाल बोले- तानाशाही से देश कमजोर होते हैं:लोकतंत्रों के पतन की वजह गलत शासन; बांग्लादेश-श्रीलंका और नेपाल खराब गवर्नेंस के उदाहरण अजीत डोभाल दिल्ली में राष्ट्रीय एकता दिवस में कार्यक्रम में शामिल हुए। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने शुक्रवार को कहा, ‘किसी राष्ट्र की असली ताकत उसकी सरकारों की ताकत में होती है। बांग्लादेश, श्रीलंका और नेपाल में हाल के शासन परिवर्तन खराब गवर्नेंस के उदाहरण हैं।’ पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
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गांधीनगर2 घंटे पहले कॉपी लिंक राष्ट्रीय रक्षा यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में संबोधित करते NSA डोभाल। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने मंगलवार को कहा कि देश की सुरक्षा सिर्फ उसकी सैन्य ताकत से तय नहीं होती, बल्कि जनता की इच्छाशक्ति सबसे जरूरी है। देश की ताकत आंकते समय सबसे बड़ी गलती लोगों के मनोबल को नजरअंदाज करना है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मौजूदगी में राष्ट्रीय रक्षा यूनिवर्सिटी (RRU) के पांचवें दीक्षांत समारोह में बोलते हुए डोभाल ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा जटिल और मल्टी डायमेंशनल विषय है। इसमें सेना, तकनीक, संसाधन और कूटनीति के साथ मानव शक्ति भी शामिल है। राष्ट्रीय सुरक्षा सिर्फ सेना, पुलिस या खुफिया एजेंसियों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि यह पूरे देश की सामूहिक जिम्मेदारी है। डोभाल ने कहा-राष्ट्रीय सुरक्षा पूरे देश की जिम्मेदारी है। युद्ध का मुख्य उद्देश्य दुश्मन का मनोबल तोड़ना डोभाल ने कहा कि सोवियत संघ का अफगानिस्तान से 1988-89 में हटना, अमेरिका का वियतनाम से 1970 के दशक में पीछे हटना या अफगानिस्तान में अपने लक्ष्य हासिल न कर पाना, इन सबका कारण सैन्य या तकनीकी कमजोरी नहीं थी। असल वजह वहां के लोगों की भावना और प्रतिबद्धता थी, जिसे हम राष्ट्र की इच्छाशक्ति कहते हैं। जंग का मुख्य उद्देश्य दुश्मन का मनोबल तोड़ना होता है, ताकि उसे अपनी शर्तों पर समझौता करने के लिए मजबूर किया जा सके। इच्छाशक्ति को मजबूत करने में आम जनता की भूमिका सबसे अहम है। लोगों में अपनी सुरक्षा को लेकर जागरूकता जितनी ज्यादा होगी, देश की ताकत उतनी ही मजबूत होगी। भारत में अब इस दिशा में बदलाव दिख रहा है और लंबे समय बाद नई जागरूकता आई है कि राष्ट्रीय सुरक्षा पूरे देश की जिम्मेदारी है। अकादमिक, रिसर्च और ऑपरेशनल क्षेत्र में काम करने वाले लोगों का ज्ञान और तकनीकी क्षमता नतीजों को प्रभावित करती है। इसमें सफल होने के लिए चरित्र, अनुशासन, मानसिक शक्ति और टीमवर्क बेहद जरूरी हैं। इसके अलावा उन्होंने प्रतिबद्धता को तीसरा जरूरी तत्व बताया। डोभाल को मानद PhD से नवाजा युवाओं को संदेश देते हुए डोभाल ने कहा, “यह ऐसा क्षेत्र है जिसमें कोई सिल्वर मेडल नहीं होता। आप या तो जीतते हैं या हारते हैं। अगर आप जीतते हैं तो इतिहास बनाते हैं, और अगर हारते हैं तो इतिहास बन जाते हैं।” दीक्षांत समारोह के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अजीत डोभाल को राष्ट्रीय सुरक्षा में उनके योगदान के लिए मानद PhD की उपाधि भी दी। इस पर डोभाल ने आभार जताते हुए कहा कि वह इस सम्मान को विनम्रता के साथ स्वीकार करते हैं। ————————— ये खबर भी पढ़ें: NSA डोभाल बोले- तानाशाही से देश कमजोर होते हैं:लोकतंत्रों के पतन की वजह गलत शासन; बांग्लादेश-श्रीलंका और नेपाल खराब गवर्नेंस के उदाहरण अजीत डोभाल दिल्ली में राष्ट्रीय एकता दिवस में कार्यक्रम में शामिल हुए। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने शुक्रवार को कहा, ‘किसी राष्ट्र की असली ताकत उसकी सरकारों की ताकत में होती है। बांग्लादेश, श्रीलंका और नेपाल में हाल के शासन परिवर्तन खराब गवर्नेंस के उदाहरण हैं।’ पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…







