माइथोलॉजिकल हॉरर कॉमेडी में नजर आएंगी यामी:‘नई नवेली’ की कहानी मॉडर्न है पर पौराणिक मान्यताओं से जुड़ी हैं जड़ें

कंटेंट-ड्रिवेन सिनेमा के लिए जानी जाने वाली यामी गौतम अब अपने करियर के सबसे अलग और साहसी प्रोजेक्ट की ओर बढ़ चुकी हैं। फिल्म गलियारों में चर्चा है कि उन्होंने दिग्गज निर्माता-निर्देशक आनंद एल. राय के साथ एक मायथोलॉजिकल हॉरर कॉमेडी ‘नई नवेली’ के लिए हाथ मिलाया है। यह फिल्म लोक कथाओं और आधुनिक कहानी कहने के फॉर्मेट का अनोखा मेल होगी, जिसमें तकनीकी स्तर पर दक्षिण भारतीय सिनेमा की मजबूत भागीदारी देखने को मिलेगी। मालवणी में चल रही शूटिंग, 2 साल की तैयारी सीक्रेट रही सूत्रों के मुताबिक, फिल्म की शूटिंग मुंबई के मालवणी इलाके में पिछले एक हफ्ते से तेजी से जारी है। यह प्रोजेक्ट आनंद एल. राय के बैनर कलर येलो प्रोडक्शंस के तहत बनाया जा रहा है। खास बात यह है कि इस फिल्म पर लगभग दो वर्षों से सीक्रेटली प्रोडक्शन का काम चल रहा था। कहानी वर्तमान समय में सेट है, लेकिन इसकी जड़ें हजारों साल पुरानी पौराणिक मान्यताओं से जुड़ी हुई बताई जा रही हैं, जो इसे एक अलग सिनेमाई पहचान देंगी। मेरठ की पृष्ठभूमि में रहस्य और फैमिली ड्रामा भी दिखेगा फिल्म का कैनवास मॉडर्न-डे में है, जहां मेरठ के बैकग्राउंड में एक नवविवाहित बहू के घर में आने के बाद रहस्यमयी घटनाओं का सिलसिला शुरू होता है। यह कहानी किसी लुटेरी दुल्हन या ग्रे शेड वाले किरदार पर नहीं है, बल्कि एक फैमिली एंटरटेनर है, जिसमें हॉरर और कॉमेडी के साथ इमोशनल एलिमेंट्स भी हैं। टेक्निकल क्रू में साउथ से जुड़े बड़े दिग्गज नाम होंगे शामिल फिल्म की सबसे बड़ी खासियत इसका टेक्निकल क्रू है, जिसमें साउथ सिनेमा के बड़े नाम शामिल हैं। राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता संगीतकार जी.वी. प्रकाश कुमार इससे हिंदी सिनेमा में डेब्यू करने जा रहे हैं और चूंकि फिल्म म्यूजिकल टोन लिए हुए है, इसलिए उनका संगीत इसकी आत्मा माना जा रहा है। ‘आर्टिकल 370’ के बाद यामी एक बार फिर एक्शन अवतार में दिखेंगी। दिव्य निधि ने लिखी है स्क्रिप्ट, दिखाएगी लोक कथाओं का गहरा पक्ष फिल्म की स्क्रिप्ट दिव्य निधि शर्मा ने लिखी है। उन्होंने इस स्क्रिप्ट में हॉरर और कॉमेडी के बीच एक बारीक संतुलन तैयार किया है। कहानी सिर्फ डराने तक सीमित नहीं है, बल्कि भारतीय लोक कथाओं के उस गहरे पक्ष को सामने लाती है, जो हजारों साल पुरानी मिथकीय कहानियों को आज से जोड़ता है। ‘धुरंधर 2′ के लिए भी सराही गई यामी, आगे फिर पति आदित्य की फिल्म में दिखेंगी यामी फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ में भी दिखीं। इसकी सफलता ने उनके करियर को नई मजबूती दी है। ‘धुरंधर 2′ में उनके कैमियो को जिस तरह सराहा गया, उसने उनके एक्शन-ब्रांड को और मजबूत किया है। ट्रेड एनालिस्ट्स का मानना है कि ‘नई नवेली’ 2026 के अंत तक रिलीज हो सकती है और अपने कॉन्सेप्ट के चलते स्लीपर हिट बनने की क्षमता रखती है। सूत्रों के मुताबिक, यामी का 2027 का शेड्यूल पूरी तरह से बड़े प्रोजेक्ट्स से भरा हुआ है। साल की शुरुआत में वह एक स्पाई थ्रिलर में दिखेंगी। इसमें उनका किरदार एक हाई-प्रोफाइल इंटेलिजेंस ऑफिसर का होगा। फिर 2027 के अंत तक पति आदित्य धर के निर्देशन में एक भव्य एक्शन फिल्म भी आएगी जो ‘धुरंधर’ यूनिवर्स को और विस्तार देगी।
मंदसौर की महिलाओं ने 5 लाख से बनाया आत्मनिर्भरता मॉडल:लोन से शुरू किया लेमन, कच्ची केरी, आंवला जूस का बिजनेस, नोएडा, सूरत, बड़ौदा तक सप्लाई

मंदसौर जिले के ग्राम पिपलिया कराडिया की महिलाओं ने ग्रामीण आजीविका मिशन की पहल से आत्मनिर्भरता की एक मिसाल पेश की है। ‘महाराणा स्वसहायता समूह’ ने 5 लाख रुपये के बैंक ऋण और अन्य सरकारी सहयोग से अपना व्यवसाय स्थापित किया है। यह समूह न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर रहा है, बल्कि 10 अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर सृजित कर रहा है। समूह को ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 5 लाख रुपये का बैंक ऋण, 1.5 लाख रुपये की सामुदायिक निवेश निधि और 10 हजार रुपये की चक्रीय राशि प्रदान की गई। इस वित्तीय सहायता ने समूह को व्यवसाय शुरू करने और उसका विस्तार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समूह की महिलाएं प्राकृतिक और स्वादिष्ट जूस एवं शेक तैयार करती हैं। इनके उत्पादों में लेमन, जीरा, जिंजर लेमन, कच्ची केरी और आंवला जूस शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, मिल्क शेक, बादाम शेक, राजभोग और शाही गुलाब शेक जैसे उत्पाद भी ग्राहकों के बीच लोकप्रिय हैं। आजीविका मिशन के मार्गदर्शन में, समूह ने स्थानीय बाजार से आगे बढ़कर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। उज्जैन, भोपाल, दिल्ली, नोएडा, सूरत, बड़ौदा, चंडीगढ़ और गुरुग्राम जैसे शहरों में आयोजित मेलों में भाग लेकर समूह ने अपने उत्पादों को व्यापक पहचान दिलाई। वर्तमान में, समूह प्रति माह 25 से 30 हजार रुपये तक की शुद्ध अर्जित कर रहा है, जिससे इसकी वार्षिक आय लगभग 3 लाख रुपये तक पहुंच रही है। इस सफलता से समूह की 10 महिला सदस्य आर्थिक रूप से सशक्त हुई हैं, और 10 अन्य लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार भी मिला है। ‘महाराणा स्वसहायता समूह’ की यह सफलता दर्शाती है कि सही मार्गदर्शन, सरकारी सहयोग और कड़ी मेहनत से ग्रामीण महिलाएं भी आत्मनिर्भर बन सकती हैं। यह समूह आज अन्य महिलाओं के लिए एक प्रेरणा स्रोत बनकर उभरा है और स्वरोजगार की दिशा में नई राह दिखा रहा है।
अगर नूडल्स के साथ पनीर मिक्स करके खाएंगे, तो क्या इससे कम नुकसान होगा? डाइटिशियन ने बताया सच

Last Updated:April 14, 2026, 15:50 IST Noodles with Paneer: नूडल्स में पनीर मिलाने से उसका पोषण थोड़ा बेहतर हो सकता है, क्योंकि पनीर प्रोटीन और कैल्शियम का अच्छा सोर्स है. यह ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ने से भी कुछ हद तक रोकता है. हालांकि इससे नूडल्स पूरी तरह हेल्दी नहीं हो जाते. इसलिए इन्हें सीमित मात्रा और सब्जियों के साथ खाना ही बेहतर विकल्प है. नूडल्स में पनीर मिलाकर खाने से इसके नुकसान पूरी तरह खत्म नहीं हो जाते हैं. Can Paneer Reduce Harm of Noodles: आजकल नूडल्स हर उम्र के लोगों की पसंद बन चुके हैं. ये 2 मिनट में तैयार हो जाते हैं और इनका स्वाद भी लोगों को खूब भाता है. बाजार में मिलने वाले अधिकतर नूडल्स मैदा से बने होते हैं, जिसकी वजह से इन्हें सेहत के लिए काफी नुकसानदायक माना जाता है. कई लोग नूडल्स में पनीर मिलाकर खाते हैं और मानते हैं कि इससे नूडल्स से होने वाला नुकसान कम हो जाएगा. अब सवाल है कि अगर मैदा के नूडल्स में हेल्दी चीजें मिलाकर खाएंगे, तो इससे नुकसान कम होगा? इस बारे में डाइटिशियन की राय जानना जरूरी है, क्योंकि सही जानकारी के बिना सेहत को नुकसान पहुंचा लेते हैं. नोएडा के डाइट मंत्रा क्लीनिक की सीनियर डाइटिशियन कामिनी सिन्हा ने News18 को बताया कि बाजार में मिलने वाले इंस्टेंट नूडल्स में मैदा, नमक और प्रिजर्वेटिव्स की मात्रा ज्यादा होती है, जो नियमित सेवन करने पर स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं. इनमें फाइबर कम होता है और ये जल्दी पच जाते हैं, जिससे ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है. यही वजह है कि इन्हें जंक फूड की श्रेणी में रखा जाता है और सीमित मात्रा में खाने की सलाह दी जाती है. अब बात करें पनीर मिलाने की, तो पनीर एक अच्छा प्रोटीन और कैल्शियम का स्रोत है. जब आप नूडल्स में पनीर मिलाते हैं, तो खाने में प्रोटीन की मात्रा बढ़ जाती है. डाइटिशियन के अनुसार प्रोटीन शरीर में शुगर के अवशोषण को धीमा करता है, जिससे ब्लड शुगर अचानक नहीं बढ़ता और आपको ज्यादा देर तक भूख भी नहीं लगती. इस तरह पनीर मिलाने से नूडल्स का न्यूट्रिशन प्रोफाइल कुछ हद तक बेहतर हो सकती है. हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि नूडल्स पूरी तरह हेल्दी हो जाते हैं. अगर आप ज्यादा मात्रा में या रोजाना नूडल्स खाते हैं, तो पनीर मिलाने के बावजूद इसके नुकसान पूरी तरह खत्म नहीं होते. इसे कभी-कभार खाने में ही समझदारी है. इसमें सब्जियां जैसे गाजर, शिमला मिर्च, मटर आदि मिलाने से यह पौष्टिक बन सकता है. एक्सपर्ट की मानें तो अगर आप नूडल्स में ज्यादा तेल या मसाले डालते हैं, तो यह और भारी हो जाते हैं. बेहतर होगा कि कम तेल, ज्यादा सब्जियों और प्रोटीन के साथ इसे तैयार किया जाए. चाहें तो आप मल्टीग्रेन या होल व्हीट नूडल्स का विकल्प भी चुन सकते हैं, जो सामान्य मैदा नूडल्स से बेहतर होते हैं. कुल मिलाकर यह समझ लीजिए कि नूडल्स में पनीर मिलाने से उसका नुकसान पूरी तरह खत्म नहीं होता, लेकिन यह उसे थोड़ा बेहतर बना देता है. सही मात्रा, बेहतर सामग्री और संतुलित डाइट के साथ ही आप ऐसे फूड का आनंद ले सकते हैं. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें First Published : April 14, 2026, 15:49 IST
Sakti Vedanta Power Plant Boiler Blast

सक्ती13 मिनट पहले कॉपी लिंक सक्ती में वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर ब्लास्ट होने से कई मजदूर झुलस गए हैं। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में वेदांता पावर प्लांट में मंगलवार दोपहर बॉयलर ब्लास्ट हो गया। हादसे में 9 मजदूरों की मौत हो गई है। SP प्रफुल्ल ठाकुर ने इसकी पुष्टि की है। 3 मजदूरों की मौत मौके पर ही हो गई थी। वहीं 18 घायलों को रायगढ़ के जिंदल फोर्टिस अस्पताल लाया गया, जहां 6 मजदूरों ने दम तोड़ दिया है। बाकी 12 घायलों की हालत गंभीर है। मजदूर 80% झुलस गए हैं। घटना डभरा थाना क्षेत्र की है। हादसे में 30 से 40 मजदूर गंभीर रूप से झुलसे हैं। प्लांट के बाहर मजदूरों के परिजनों ने हंगामा कर दिया। घायलों से मिलने देने की मांग कर रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने घटना पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने एक्स पर लिखा- पीड़ितों के लिए उचित मुआवजे और घायलों के उपचार की व्यवस्था की जाए। घटना से जुड़ी ये तस्वीरें देखिए- सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में दोपहर करीब 2 बजे बॉयलर ब्लास्ट हो गया। मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। घटना के बाद प्लांट में अफरा-तफरी मच गई। हादसे में कई मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। हादसे में 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। 18 घायलों को रायगढ़ के जिंदल फोर्टिस अस्पताल लाया गया। घटना से जुड़ी अपडेट्स जानने के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए… लाइव अपडेट्स 25 मिनट पहले कॉपी लिंक मृतकों के परिजनों को नौकरी दिया जाए- पूर्व विधायक मालखरौदा से पूर्व विधायक चैन सिंह सामले ने कहा कि मृतकों के परिजनों को नौकरी दिया जाए। उचित मुआवजा दिया जाए। ऐसा नहीं होता है तो लड़ाई लड़ी जाएगी। 37 मिनट पहले कॉपी लिंक वेस्ट बंगाल से काम करने आए थे- सुपरवाइजर ठेका कंपनी के सुपरवाइजर हादसे के समय मौके पर थे। उन्होंने बताया कि बॉयलर-1 में ब्लास्ट हुआ। हम लोग पेंटिंग का काम कर रहे थे। हम लोग वेस्ट बंगाल से काम करने आए थे। 43 मिनट पहले कॉपी लिंक प्लांट के सामने बैठे विधायक रामकुमार यादव विधायक रामकुमार यादव परिजनों के साथ प्लांट के सामने बैठे हुए हैं। उन्होंने मृतकों के परिजनों और घायलों को उचित मुआवजे की मांग की है। 46 मिनट पहले कॉपी लिंक मृतकों के परिजनों को 1 करोड़ मुआवजा दिया जाए- बैज प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने मृतकों के परिजनों को 1-1 करोड़ और घायलों को 50-50 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग की है। बैज ने कहा कि इस घटना में 9 मजदूरों की मौत और 50 से अधिक के घायल होने की खबर बेहद पीड़ादायक है। उन्होंने इसे हादसा नहीं बल्कि ‘हत्या’ बताते हुए प्लांट प्रबंधन और प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने मामले की न्यायिक जांच कराने, घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था करने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। 48 मिनट पहले कॉपी लिंक अच्छा इलाज देना पहली प्राथमिकता- प्रबंधन प्लांट प्रबंधन ने न्यूज एजेंसी PTI को बताया कि सिंहितराई प्लांट की एक बॉयलर यूनिट में हादसा हुआ। इस यूनिट का संचालन और रखरखाव NTPC GE Power Services Limited (NGSL) के कर्मचारी करते हैं, और वही इसमें शामिल थे। प्रबंधन ने कहा कि उनकी सबसे पहली प्राथमिकता घायल लोगों को अच्छा इलाज देना है। इसके लिए वे डॉक्टरों और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। प्रबंधन ने यह भी कहा कि घटना की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है। पार्टनर्स और अधिकारियों के साथ मिलकर इसकी जांच शुरू कर दी गई है। 01:36 PM14 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक प्लांट के बाहर से जानकारी देते हुए भास्कर रिपोर्टर प्लांट के बाहर से मजदूरों के परिजनों ने हंगामा कर दिया। वे घायलों से मिलने की मांग कर रहे हैं। सक्ती से भास्कर रिपोर्टर प्रदीप शर्मा की रिपोर्ट। 01:15 PM14 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक रायगढ़ जिंदल अस्पताल में 6 मजदूरों की मौत रायगढ़ SDM महेश शर्मा ने बताया कि 18 घायलों में 5-6 मजदूरों की मौत गई है। घायलों के इलाज की प्रक्रिया जारी है। 12:50 PM14 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक सीएम बोले- दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी सीएम विष्णुदेव साय ने कहा कि घटना की जांच होगी। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 12:37 PM14 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक रायगढ़ SDM बोले- इलाज की उचित व्यवस्था की जा रही है रायगढ़ SDM महेश शर्मा ने कहा कि करीब 18 घायलों को अस्पताल लाया गया था। सभी का इलाज जारी है। 12:33 PM14 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक सक्ती में प्लांट के बाहर परिजनों का हंगामा सक्ती में प्लांट के बाहर परिजनों ने हंगामा कर दिया है। 12:31 PM14 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक मजदूर बोले- कई लोग गंभीर रूप से झुलसे हैं एक मजदूर ने बताया कि कई लोग गंभीर रूप से झुलसे हैं। 12:26 PM14 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक एक मरीज राय मेडिकल कॉलेज रेफर एक मरीज को जिंदल फोर्टिस से रायगढ़ मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। 12:20 PM14 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक भूपेश बघेल बोले- उचित मुआवजे और इलाज की व्यवस्था की जाए पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने घटना पर दुख जताया है। 12:17 PM14 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक परिजन बोले- प्लांट से कोई नहीं आया एक घायल के परिजन ने कहा कि अस्पताल में प्लांट से कोई नहीं आया। 12:14 PM14 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक हादसे का लाइव वीडियो भी सामने आया बॉयलर में ब्लास्ट के दौरान का वीडियो भी सामने आया है। 12:05 PM14 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक रायगढ़ से जानकारी देते हुए भास्कर रिपोर्टर रायगढ़ के जिंदल अस्पताल से भास्कर रिपोर्टर मोहसिन खान की रिपोर्ट। 11:48 AM14 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक जिंदल अस्पताल में 6 घायलों की मौत की खबर जिंदल अस्पताल में 18 में से 6 घायलों की मौत की खबर है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। 11:39 AM14 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक 18 घायलों को जिंदल फोर्टिस अस्पताल लाया गया रायगढ़ के जिंदल फोर्टिस अस्पताल में करीब 15 लोगों को इलाज के लिए लाया गया है। 11:36 AM14 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक सक्ती से जानकारी देते हुए भास्कर रिपोर्टर ब्लास्ट में 3 मजदूरों की
जबलपुर में डॉ.अंबेडकर की 135वीं जयंती मनाई गई:धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक हस्तियों ने मंच साझा किया

भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की 135वीं जयंती मंगलवार, 14 अप्रैल को जबलपुर शहर में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक संगठनों ने कार्यक्रम आयोजित कर बाबा साहब को श्रद्धांजलि अर्पित की। बोधिसत्व डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर संयुक्त जयंती महोत्सव समिति, ऑल इंडिया समता सैनिक दल और त्रिरत्न बौद्ध विहार निर्भय नगर सहित कई अन्य संगठनों ने आंबेडकर चौक स्थित प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। इसी क्रम में विश्वदीप बौद्ध विहार, रामपुर छापर में सुबह 9 बजे कार्यक्रम आयोजित हुआ। संयुक्त बौद्ध विहार समिति अधारताल के तत्वावधान में भी आयोजन किए गए। महर्षि वाल्मीकि क्षेत्रीय समिति ने साप्ताहिक जन्मोत्सव कार्यक्रम आयोजित कर बाबा साहब के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया। भाजपा के सांसद और मंत्री ने भी श्रद्धांजलि दी राजनीतिक दलों ने भी इस अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किए। भारतीय जनता पार्टी ने आंबेडकर चौक पर प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान सांसद आशीष दुबे, भाजपा नगर अध्यक्ष रत्नेश सोनकर और मध्य प्रदेश महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी परांजपे सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इस अवसर पर सांसद आशीष दुबे ने कहा कि भारतीय संविधान भारत की आधारशिला है और इसका पूरा श्रेय डॉ. भीमराव आंबेडकर को जाता है। उन्होंने देश को एकजुट रखते हुए सभी को समानता का अधिकार देने वाला संविधान दिया, जिसके आधार पर आज भारत निरंतर प्रगति कर रहा है। बाबा साहब के पदचिन्हों पर चलने का संकल्प इसके अलावा आदिवासी बहुजन अधिकार कल्याण संघ और वाल्मीकि समाज जबलपुर ने भी बाबा साहब की तस्वीर पर माल्यार्पण कर उनके पदचिन्हों पर चलने का संकल्प लिया। सुदर्शन समाज और मध्य प्रदेश अनुसूचित जाति जनजाति अधिकार मंच (अजाक्स) की ओर से भी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। लगातार 32 वर्षों से आयोजन जारी है बोधिसत्व डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर संयुक्त जयंती महोत्सव समिति के संयोजक जेपी नन्हट बौद्ध ने बताया कि यह आयोजन पिछले 32 वर्षों से लगातार किया जा रहा है। इसमें शहर के प्रबुद्धजन शामिल होकर बाबा साहब के जीवन और विचारों से प्रेरणा लेते हैं।
श्योपुर में डॉ. अंबेडकर की भव्य शोभायात्रा:भाजपा-कांग्रेस ने अलग-अलग कार्यक्रमों में किया बाबा साहेब को नमन

संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती मंगलवार को श्योपुर जिले में उत्साह और सामाजिक समरसता के साथ मनाई गई। जिलेभर में शोभायात्राएं, माल्यार्पण और संगोष्ठियों का आयोजन कर बाबा साहेब को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। श्योपुर नगर के वार्ड क्रमांक 11 स्थित अंबेडकर नगर से एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इसमें बड़ी संख्या में अनुयायी शामिल हुए, जो डीजे की धुन पर नाचते-गाते हुए चल रहे थे। यह शोभायात्रा मुख्य बाजार, गणेश गली, पुल दरवाजा और पटेल चौक से होते हुए अंबेडकर पार्क में समाप्त हुई। मार्ग में विभिन्न सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों ने पुष्पवर्षा कर इसका स्वागत किया। भाजपा पांडोला मंडल के तहत पांडोला और लुहाड़ ग्राम में भी बाबा साहेब की जयंती मनाई गई। लुहाड़ स्थित अंबेडकर प्रतिमा पर आयोजित कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष शशांक भूषण और पूर्व जिला महामंत्री गिरधारीलाल बैरवा ने डॉ. अंबेडकर के जीवन और संघर्षों पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में शिक्षा प्राप्त कर डॉ. अंबेडकर ने देश के पहले कानून मंत्री और संविधान निर्माता के रूप में अतुलनीय योगदान दिया। कार्यक्रम से पूर्व कार्यकर्ताओं ने प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। शिवकरण मीणा ने संचालन किया और रघुनंदन शर्मा ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इसी क्रम में जिला कांग्रेस कार्यालय श्योपुर में भी डॉ. अंबेडकर की जयंती श्रद्धा और समर्पण के साथ मनाई गई। कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने बाबा साहेब के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके विचारों को याद किया तथा संविधान की उद्देशिका का वाचन किया। इस दौरान वक्ताओं ने समानता, न्याय, स्वतंत्रता और बंधुत्व के मूल्यों को समाज में स्थापित करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में जिला कांग्रेस अध्यक्ष मांगीलाल फौजी, विधायक बाबू जंडेल, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष दौलतराम गुप्ता सहित अनेक पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इस प्रकार श्योपुर जिले में डॉ. अंबेडकर की जयंती सामाजिक समरसता और जागरूकता के साथ मनाई गई, जहां सभी वर्गों के लोगों ने बाबा साहेब के विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।
चना दाल हलवा रेसिपी: मिनटों में घर पर ही तैयार करें चना दाल हलवा, नोट कर लें रेसिपी

चना दाल हलवा रेसिपी: अगर आप अपने घर पर ही रेस्तरां के तौर पर डेजर्ट तैयार करना चाहते हैं, तो चना दाल का हलवा एक बेहतरीन रैंकिंग है। यह हलवे में शानदार खुशबू और क्रीमी टेक्सचर इसे हर उम्र के लोगों के लिए फ़ेवरेट बनाता है। खास बात यह है कि इसे बनाने में ज्यादा समय नहीं लगता। इसके साथ ही कम कंटेंट में भी इसे आसानी से बनाया जा सकता है। इस हलवे को आप वीकेंड में या किसी खास मौत से आसानी से तयार कर सकते हैं। चने की दाल का हलवा सेहत के लिए अच्छा होता है चने की दाल का हलवा सेहत के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। ये आपके गाए और क्रीमी टेक्स्टचर के लिए जाना जाता है। जब इसे घी में अच्छी तरह से अलग-अलग तरह से बनाया जाता है, तो इसका स्वाद पूरे घर में फैल जाता है। बादाम और बादाम का स्वाद इसे और भी स्वादिष्ट बनाता है। यह डिश बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आती है और इसे गर्म या ठंडा करके भी सर्व किया जाए तो इसे खाने में मजा ही आ जाता है। चना दाल का हलवा बनाने की आवश्यक सामग्री इस हलवे को बनाने के लिए चना दाल, घी, चीनी, दूध, इलायची पाउडर और बादाम जैमी सामान्य सामग्री की आवश्यकता होती है। ये सभी चीजें घर पर आसानी से उपलब्ध हैं, जिससे ये रेसिपी और भी आसान बन जाती है। (टैग्सटूट्रांसलेट)चना दाल हलवा रेसिपी(टी)आसान भारतीय मिठाई(टी)घर पर हलवा रेसिपी(टी)भारतीय मिठाई(टी)घर का बना हलवा(टी)त्यौहार मिठाई भारत(टी)त्वरित मिठाई रेसिपी(टी)दाल हलवा(टी)पारंपरिक भारतीय मिठाई
पाकिस्तान में अस्पताल की लापरवाही से 331 बच्चे HIV पॉजिटिव:8 साल के बच्चे की मौत के बाद खुलासा, सिरिंज के दोबारा इस्तेमाल से फैला संक्रमण

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के ताउंसा शहर में 331 बच्चे HIV पॉजिटिव पाए गए। ये मामले नवंबर 2024 से अक्टूबर 2025 के बीच दर्ज हुए। अब इस मामले में सरकारी अस्पताल में गंभीर लापरवाही के आरोप लगे हैं। BBC की रिपोर्ट में पाया गया कि THQ ताउंसा अस्पताल में सिरिंज दोबारा इस्तेमाल हो रही थीं। रिपोर्ट के मुताबिक, कई मामलों में एक ही दवा की शीशी से अलग-अलग बच्चों को इंजेक्शन दिया गया। इससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया। मामले का खुलासा आठ साल के बच्चे मोहम्मद अमीन की मौत के बाद हुआ। उसकी बहन असमा भी HIV पॉजिटिव है। मां का कहना है कि बच्चों को अस्पताल में इलाज के दौरान संक्रमित सुई से HIV हुआ। 32 घंटे में 10 बार दोबारा इस्तेमाल हुई सिरिंज BBC की जांच में 32 घंटे की अंडरकवर रिकॉर्डिंग की गई। इसमें 10 बार देखा गया कि सिरिंज को मल्टी-डोज वायल में दोबारा इस्तेमाल किया गया। इनमें से चार मामलों में उसी दवा को दूसरे बच्चों को दिया गया। संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ अल्ताफ अहमद ने वीडियो देखने के बाद कहा कि सिरिंज का पिछला हिस्सा वायरस को ट्रांसफर कर सकता है, भले ही नई सुई लगा दी जाए। उन्होंने इसे बेहद खतरनाक बताया। जांच में यह भी सामने आया कि 66 बार अस्पताल स्टाफ ने बिना स्टरलाइज्ड ग्लव्स के इंजेक्शन लगाए। एक नर्स को मेडिकल वेस्ट बॉक्स में बिना ग्लव्स के हाथ डालते भी देखा गया। विशेषज्ञों ने इसे संक्रमण नियंत्रण की बड़ी कमी बताया। हालांकि, अस्पताल के नए मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ कासिम बुजदार ने इन वीडियो को मानने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि यह फुटेज पुरानी या स्टेज्ड हो सकती है। प्राइवेट क्लिनिक के डॉक्टर ने संक्रमण का पता लगाया सबसे पहले इस आउटब्रेक को निजी क्लिनिक के डॉक्टर गुल कैसरानी ने पहचाना था। उन्होंने बताया कि 65-70 HIV पॉजिटिव बच्चों में से ज्यादातर का इलाज THQ ताउंसा में हुआ था। कुछ माता-पिता ने भी सिरिंज दोबारा इस्तेमाल की शिकायत की थी। डेटा के मुताबिक, 97 संक्रमित बच्चों के परिवारों में सिर्फ चार माताएं HIV पॉजिटिव पाई गईं। इससे संकेत मिलता है कि संक्रमण मां से बच्चों में नहीं, बल्कि अन्य कारणों से फैला। पंजाब एड्स स्क्रीनिंग प्रोग्राम के डेटा में आधे से ज्यादा मामलों में “कंटैमिनेटेड नीडल” को संक्रमण का कारण बताया गया है। हालांकि बाकी मामलों में कारण स्पष्ट नहीं है। मार्च 2025 में सरकार ने हस्तक्षेप किया और उस समय 106 केस बताए गए। अस्पताल के तत्कालीन सुपरिटेंडेंट डॉ तैयब फारूक चांदियो को सस्पेंड किया गया, लेकिन तीन महीने बाद वे फिर एक ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र में काम करते पाए गए। डॉ चांदियो ने कहा कि उन्होंने तुरंत कार्रवाई की थी, लेकिन अस्पताल को संक्रमण का कारण मानने से इनकार किया। उनके बाद आए डॉ बुजदार ने दावा किया कि उन्होंने स्टाफ को ट्रेनिंग दी और “जीरो टॉलरेंस” नीति लागू की। इसके बावजूद BBC की फुटेज से पता चलता है कि नवंबर-दिसंबर 2025 तक भी असुरक्षित तरीके जारी थे। दवाइयों की शीशियां और इस्तेमाल की गई सुइयां खुले में रखी मिलीं। अस्पताल में बच्चों को अक्सर कैन्युला के जरिए इंजेक्शन दिए जाते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा और बढ़ जाता है क्योंकि दवा सीधे खून में जाती है। अस्पताल और प्रशासन ने आरोपों से इनकार किया एक वीडियो में नर्स को इस्तेमाल की हुई सिरिंज फिर से इस्तेमाल के लिए देते देखा गया। जब यह फुटेज अस्पताल प्रशासन को दिखाई गई, तो उन्होंने इसे फिर खारिज कर दिया। स्थानीय सरकार ने बयान में कहा कि अभी तक कोई पुख्ता सबूत नहीं है कि THQ ताउंसा ही इस आउटब्रेक का स्रोत है। साथ ही, UNICEF, WHO और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त रिपोर्ट में निजी क्लिनिक और बिना जांचे खून चढ़ाने को भी कारण बताया गया। हालांकि, अप्रैल 2025 की लीक रिपोर्ट में अस्पताल में गंभीर खामियां बताई गईं। रिपोर्ट के मुताबिक, बच्चों के इमरजेंसी वार्ड में दवाइयों की कमी थी, IV फ्लूइड दोबारा इस्तेमाल हो रहे थे और साफ-सफाई की हालत खराब थी। फिलहाल ताउंसा में संक्रमित बच्चों के परिवारों पर इसका गहरा असर पड़ा है। असमा के परिवार के मुताबिक, अब लोग उससे दूरी बनाते हैं और वह अकेलापन महसूस करती है।असमा अपनी मां से पूछती है, “मुझे क्या हो गया है?” वह पढ़ाई में मेहनत करती है और कहती है कि बड़ी होकर डॉक्टर बनना चाहती है। पाकिस्तान में HIV फैलने की ऐसी घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं पाकिस्तान में इस तरह की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। 2019 में सिंध के रतोदेरो में सैकड़ों बच्चे HIV पॉजिटिव पाए गए थे। 2021 तक यह संख्या 1500 तक पहुंच गई थी। इसी दौरान कराची के SITE टाउन में भी 84 बच्चों के संक्रमित होने का मामला सामने आया। स्वास्थ्य मंत्री ने माना कि वहां भी दूषित सिरिंज का इस्तेमाल हुआ था। कराची के आगा खान यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल की प्रोफेसर डॉ फातिमा मीर ने कहा कि यह मामला पूरे देश में संक्रमण नियंत्रण की कमजोरी दिखाता है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों को इंजेक्शन देने में ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि पाकिस्तान में जरूरत से ज्यादा इंजेक्शन देने की प्रवृत्ति है। मरीज खुद भी इंजेक्शन मांगते हैं और डॉक्टर भी दे देते हैं, जबकि कई मामलों में दवा मुंह से दी जा सकती है। सप्लाई की कमी भी एक बड़ा कारण है। अस्पतालों को सीमित संसाधन दिए जाते हैं, जिससे स्टाफ पर दबाव रहता है कि वे उन्हें लंबे समय तक चलाएं। HIV क्या है और कैसे फैलता है? HIV (ह्यूमन इम्यूनोडेफिशिएंसी वायरस) ऐसा वायरस है जो शरीर की इम्यून सिस्टम (रोगों से लड़ने की क्षमता) को कमजोर कर देता है। इलाज न मिलने पर यह AIDS में बदल सकता है। सिरिंज से HIV फैलने का जोखिम कितना बड़ा? एक ही सिरिंज या मल्टी-डोज वायल का दोबारा इस्तेमाल HIV फैलाने का सबसे खतरनाक तरीका माना जाता है। अगर एक संक्रमित मरीज को लगी सिरिंज दोबारा इस्तेमाल होती है, तो उसमें मौजूद वायरस सीधे अगले मरीज के खून में पहुंच सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, भले ही नई सुई लगा दी जाए, लेकिन सिरिंज का पिछला हिस्सा भी संक्रमण फैला सकता है।
आशा भोसले को लेकर पोती जनाई का इमोशनल पोस्ट:लोगों ने दादी को अंतिम संस्कार में मिले सम्मान और प्यार पर जताया आभार

आशा भोसले की पोती जनाई भोसले उनकी दादी के अंतिम संस्कार में मिले सम्मान को देखकर इमोशनल हो गईं। जनाई ने सोमवार को इंस्टाग्राम स्टोरी पर कुछ तस्वीरें शेयर कीं, जिनमें आशा भोसले के पार्थिव शरीर को तिरंगे में लिपटा हुआ था। साथ ही उन्होंने लिखा कि मैं अभी इमोशन्स से ओवरवेल्म्ड हूं… जब संभव होगा, तब कुछ लिखूंगी। लेकिन इतना जरूर कहना चाहती हूं कि आज और उससे आगे भी बहुत से लोगों ने उनका सम्मान किया और उन्हें इतना प्यार दिया। मैं दिल की गहराइयों से आप सभी का धन्यवाद करती हूं। जनाई ने आगे लिखा, वह इस सब की पूरी हकदार थीं। मुझे एहसास है कि वह हमेशा हमारे दिलों में जिंदा रहेंगी और ऊपर से सब कुछ देख रही हैं। आशा भोसले का निधन आशा भोसले का रविवार को 92 साल की उम्र में मुंबई में निधन हो गया। सोमवार को उनका राजकीय सम्मान के साथ शिवाजी पार्क श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार हुआ। उन्हें महाराष्ट्र पुलिस ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। अंतिम संस्कार में आमिर खान, विक्की कौशल, अनु मलिक, शान समेत कई सेलेब्स श्रद्धांजलि देने पहुंचे। देखें आशा भोसले के अंतिम संस्कार की तस्वीरें- आशा भोसले के घर कई सेलेब्स पहुंचे शिवाजी पार्क श्मशान घाट में अंतिम संस्कार से पहले सोमवार सुबह आशा भोसले के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए मुंबई स्थित उनके निवास ‘कासा ग्रांडे’ में रखा गया। सचिन तेंदुलकर, रणवीर सिंह, जैकी श्रॉफ, रितेश देशमुख सहित कई सेलेब्स अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। देखें अंतिम दर्शन के दौरान की तस्वीरें-
जनवरी-मार्च में गोल्ड ETF में 31,561 करोड़ का निवेश:इसमें बीते 1 साल में 64% तक का रिटर्न मिला, जानें इससे जुड़ी खास बातें

2026 की पहली तिमाही (जनवरी-मार्च) में गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (गोल्ड ETFs) में निवेशकों ने 31,561 करोड़ रुपए का निवेश किया है। ये दिसंबर 2025 तिमाही के मुकाबले 36% ज्यादा है। अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में गोल्ड ETF में 23,132 करोड़ रुपए का निवेश आया था। यह पिछले साल की जनवरी-मार्च तिमाही के मुकाबले करीब 6 गुना ज्यादा निवेश आया है। साल 2025 की पहली तिमाही में यह निवेश मात्र 5,654 करोड़ रुपए था। जियोपॉलिटिकल तनाव और बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच निवेशक अब सुरक्षित संपत्ति के रूप में सोने पर ज्यादा भरोसा जता रहे हैं। गोल्ड ETFs में निवेश के 2 बड़े कारण एक्सपर्ट की राय: क्यों पसंद आ रहा है डिजिटल गोल्ड? मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट रिसर्च इंडिया की सीनियर एनालिस्ट नेहल मेश्राम का कहना है कि गोल्ड ETFs निवेशकों को फिजीकल रखने की झंझट के बिना निवेश का पारदर्शी और आसान तरीका देते हैं। यह बाजार की अनिश्चितता के समय पोर्टफोलियो को सुरक्षा प्रदान करता है। क्या होता है गोल्ड ETF? एक्सचेंज ट्रेडेड फंड सोने के गिरते-चढ़ते भावों पर बेस्ड होते हैं। गोल्ड ETFs की खरीद-बिक्री शेयर की ही तरह BSE और NSE पर की जा सकती है। हालांकि, इसमें आपको सोना नहीं मिलता। आप जब इससे निकलना चाहें तब आपको उस समय के सोने के भाव के बराबर पैसा मिल जाएगा। इसमें कैसे कर सकते हैं निवेश? गोल्ड ETF खरीदने के लिए आपको अपने ब्रोकर के माध्यम से डीमैट अकाउंट खोलना होता है। इसमें NSE पर उपलब्ध गोल्ड ETF के यूनिट आप खरीद सकते हैं और उसके बराबर की राशि आपके डीमैट अकाउंट से जुड़े बैंक अकाउंट से कट जाएगी। आपके डीमैट अकाउंट में ऑर्डर लगाने के दो दिन बाद गोल्ड ETF आपके अकाउंट में डिपॉजिट हो जाते हैं। ट्रेडिंग खाते के जरिए ही गोल्ड ETF को बेचा जाता है। सोने में सीमित निवेश फायदेमंद एक्सपर्ट के अनुसार, भले ही आपको सोने में निवेश करना पसंद हो तब भी आपको इसमें सीमित निवेश ही करना चाहिए। कुल पोर्टफोलियो का सिर्फ 10 से 15% ही सोने में निवेश करना चाहिए। किसी संकट के दौर में सोने में निवेश आपके पोर्टफोलियो को स्थिरता दे सकता









