Saturday, 30 May 2026 | 04:17 PM

Trending :

EXCLUSIVE

मंदसौर की महिलाओं ने 5 लाख से बनाया आत्मनिर्भरता मॉडल:लोन से शुरू किया लेमन, कच्ची केरी, आंवला जूस का बिजनेस, नोएडा, सूरत, बड़ौदा तक सप्लाई

मंदसौर की महिलाओं ने 5 लाख से बनाया आत्मनिर्भरता मॉडल:लोन से शुरू किया लेमन, कच्ची केरी, आंवला जूस का बिजनेस, नोएडा, सूरत, बड़ौदा तक सप्लाई

मंदसौर जिले के ग्राम पिपलिया कराडिया की महिलाओं ने ग्रामीण आजीविका मिशन की पहल से आत्मनिर्भरता की एक मिसाल पेश की है। ‘महाराणा स्वसहायता समूह’ ने 5 लाख रुपये के बैंक ऋण और अन्य सरकारी सहयोग से अपना व्यवसाय स्थापित किया है। यह समूह न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर रहा है, बल्कि 10 अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर सृजित कर रहा है। समूह को ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 5 लाख रुपये का बैंक ऋण, 1.5 लाख रुपये की सामुदायिक निवेश निधि और 10 हजार रुपये की चक्रीय राशि प्रदान की गई। इस वित्तीय सहायता ने समूह को व्यवसाय शुरू करने और उसका विस्तार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समूह की महिलाएं प्राकृतिक और स्वादिष्ट जूस एवं शेक तैयार करती हैं। इनके उत्पादों में लेमन, जीरा, जिंजर लेमन, कच्ची केरी और आंवला जूस शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, मिल्क शेक, बादाम शेक, राजभोग और शाही गुलाब शेक जैसे उत्पाद भी ग्राहकों के बीच लोकप्रिय हैं। आजीविका मिशन के मार्गदर्शन में, समूह ने स्थानीय बाजार से आगे बढ़कर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। उज्जैन, भोपाल, दिल्ली, नोएडा, सूरत, बड़ौदा, चंडीगढ़ और गुरुग्राम जैसे शहरों में आयोजित मेलों में भाग लेकर समूह ने अपने उत्पादों को व्यापक पहचान दिलाई। वर्तमान में, समूह प्रति माह 25 से 30 हजार रुपये तक की शुद्ध अर्जित कर रहा है, जिससे इसकी वार्षिक आय लगभग 3 लाख रुपये तक पहुंच रही है। इस सफलता से समूह की 10 महिला सदस्य आर्थिक रूप से सशक्त हुई हैं, और 10 अन्य लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार भी मिला है। ‘महाराणा स्वसहायता समूह’ की यह सफलता दर्शाती है कि सही मार्गदर्शन, सरकारी सहयोग और कड़ी मेहनत से ग्रामीण महिलाएं भी आत्मनिर्भर बन सकती हैं। यह समूह आज अन्य महिलाओं के लिए एक प्रेरणा स्रोत बनकर उभरा है और स्वरोजगार की दिशा में नई राह दिखा रहा है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर भाजपा का जोर:मंदसौर में प्रदेश मंत्री बोलीं- 2029 तक दिखेगा असर, 33% आरक्षण से बदलेगा समीकरण

April 13, 2026/
6:31 pm

मंदसौर भाजपा जिला कार्यालय में सोमवार को नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर आयोजित प्रेसवार्ता में भाजपा प्रदेश मंत्री बबीता...

‘डकैत’ में दिखेगी एंग्री लव स्टोरी:अदिवि शेष ने कहा- इंडियन सोल और अमेरिकन टेक्नीक का मेल है ये फिल्म

March 22, 2026/
5:10 pm

अदिवि शेष जल्द ही ‘डकैत: ए लव स्टोरी’ में नजर आने वाले हैं। फिल्म में उनके साथ मृणाल ठाकुर भी...

Brent crude jumped 8% to $116 per barrel and is up nearly 60% since the war began in late February. (Image: Reuters)

March 18, 2026/
8:00 am

आखरी अपडेट:मार्च 18, 2026, 08:00 IST दिलीप घोष को भाजपा ने मेदिनीपुर जिले में स्थित खड़गपुर सदर से मैदान में...

DC vs KKR Live Score, IPL 2026: Follow Delhi Capitals vs Kolkata Knight Riders IPL matches updates and commentary from Arun Jaitley Stadium. (Picture Credit: X/@IPL)

May 8, 2026/
6:39 pm

आखरी अपडेट:08 मई, 2026, 18:39 IST अधिकारी केवल एक नए कार्यालय में कदम नहीं रख रहे हैं; वह ‘प्रथम’, ‘सेकंड’...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

मंदसौर की महिलाओं ने 5 लाख से बनाया आत्मनिर्भरता मॉडल:लोन से शुरू किया लेमन, कच्ची केरी, आंवला जूस का बिजनेस, नोएडा, सूरत, बड़ौदा तक सप्लाई

मंदसौर की महिलाओं ने 5 लाख से बनाया आत्मनिर्भरता मॉडल:लोन से शुरू किया लेमन, कच्ची केरी, आंवला जूस का बिजनेस, नोएडा, सूरत, बड़ौदा तक सप्लाई

मंदसौर जिले के ग्राम पिपलिया कराडिया की महिलाओं ने ग्रामीण आजीविका मिशन की पहल से आत्मनिर्भरता की एक मिसाल पेश की है। ‘महाराणा स्वसहायता समूह’ ने 5 लाख रुपये के बैंक ऋण और अन्य सरकारी सहयोग से अपना व्यवसाय स्थापित किया है। यह समूह न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर रहा है, बल्कि 10 अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर सृजित कर रहा है। समूह को ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 5 लाख रुपये का बैंक ऋण, 1.5 लाख रुपये की सामुदायिक निवेश निधि और 10 हजार रुपये की चक्रीय राशि प्रदान की गई। इस वित्तीय सहायता ने समूह को व्यवसाय शुरू करने और उसका विस्तार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समूह की महिलाएं प्राकृतिक और स्वादिष्ट जूस एवं शेक तैयार करती हैं। इनके उत्पादों में लेमन, जीरा, जिंजर लेमन, कच्ची केरी और आंवला जूस शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, मिल्क शेक, बादाम शेक, राजभोग और शाही गुलाब शेक जैसे उत्पाद भी ग्राहकों के बीच लोकप्रिय हैं। आजीविका मिशन के मार्गदर्शन में, समूह ने स्थानीय बाजार से आगे बढ़कर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। उज्जैन, भोपाल, दिल्ली, नोएडा, सूरत, बड़ौदा, चंडीगढ़ और गुरुग्राम जैसे शहरों में आयोजित मेलों में भाग लेकर समूह ने अपने उत्पादों को व्यापक पहचान दिलाई। वर्तमान में, समूह प्रति माह 25 से 30 हजार रुपये तक की शुद्ध अर्जित कर रहा है, जिससे इसकी वार्षिक आय लगभग 3 लाख रुपये तक पहुंच रही है। इस सफलता से समूह की 10 महिला सदस्य आर्थिक रूप से सशक्त हुई हैं, और 10 अन्य लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार भी मिला है। ‘महाराणा स्वसहायता समूह’ की यह सफलता दर्शाती है कि सही मार्गदर्शन, सरकारी सहयोग और कड़ी मेहनत से ग्रामीण महिलाएं भी आत्मनिर्भर बन सकती हैं। यह समूह आज अन्य महिलाओं के लिए एक प्रेरणा स्रोत बनकर उभरा है और स्वरोजगार की दिशा में नई राह दिखा रहा है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.