RCB vs LSG IPL 2026

स्पोर्ट्स डेस्क22 मिनट पहले कॉपी लिंक इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 23वें मैच में आज रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) का सामना लखनऊ सुपरजायंट्स से होगा। चिन्नास्वामी स्टेडियम में मैच शाम 7.30 बजे से खेला जाएगा, जिसका टॉस 7 बजे होगा। RCB अपने होमग्राउंड पर LSG को एक भी मैच नहीं हरा सकी है। टीम इस सीजन 4 में से 3 मैच जीतकर तीसरे नंबर पर है, आज जीतकर टीम के पास पॉइंट्स टेबल में नंबर-1 पर पहुंचने का मौका है। दूसरी ओर लखनऊ को 4 में से 2 में जीत मिली है। RCB हेड टु हेड में आगे बेंगलुरु और लखनऊ के बीच अब तक 6 IPL मैच खेले गए। 4 में RCB और महज 2 में LSG को जीत मिली। हालांकि, लखनऊ की दोनों जीत बेंगलुरु के होमग्राउंड पर ही आई। आज का मुकाबला भी यहीं खेला जाएगा। पिछले साल दोनों टीमें लखनऊ में भिड़ी थीं, जहां RCB ने 18.4 ओवर में ही 230 रन चेज कर लिए थे। पाटीदार के पास टॉप स्कोरर बनने का मौका RCB के लिए कप्तान रजत पाटीदार, विराट कोहली और फिल सॉल्ट बेहतरीन फॉर्म में नजर आए। पाटीदार 2 फिफ्टी के सहारे 195 रन बनाकर टूर्नामेंट के चौथे टॉप स्कोरर हैं। वे 30 रन बनाते ही नंबर-1 पर पहुंच जाएंगे। गेंदबाजों में जैकब डफी 6 विकेट लेकर टीम के नंबर-1 बॉलर हैं। LSG के बैटर्स आउट ऑफ फॉर्म लखनऊ का कोई भी बैटर टूर्नामेंट में 110 रन नहीं बना सका है। टॉप स्कोरर ऐडन मार्करम लीग के बाकी बैटर्स में 30वें नंबर पर हैं। कप्तान ऋषभ पंत भी एक ही फिफ्टी लगा सके। इन दोनों के अलावा कोई 100 रन भी नहीं बना सका। गेंदबाजों में जरूर प्रिंस यादव और मोहम्मद शमी ने कमाल दिखाया है। हाई स्कोरिंग है चिन्नास्वामी स्टेडियम बेंगलुरु का चिन्नास्वामी स्टेडियम हाई स्कोरिंग है। यहां इस सीजन 2 मैच खेले गए। जिसकी चारों पारियों में 200 प्लस रन बने। पहले मैच में SRH ने 201 रन बनाए, RCB ने 15.4 ही ओवर में टारगेट हासिल कर लिया। दूसरे मैच में RCB ने 250 रन बना दिए, जवाब में CSK 207 रन ही बना सकी। बारिश नहीं होगी बेंगलुरु में आज बारिश की कोई संभावना नहीं है। हवा की रफ्तार 13 किमी प्रति घंटा रहेगी। टेम्परेचर जरूर 22 से 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाएगा। हालांकि, मैच के दौरान इसके 28 डिग्री तक आने की संभावना है। बेंगलुरु में ओस रहती है, इसलिए टॉस जीतने वाली टीमें पहले बॉलिंग करना पसंद करती है। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-12 RCB: फिल सॉल्ट, विराट कोहली, देवदत्त पडिक्कल, रजत पाटीदार (कप्तान), जितेश शर्मा, टिम डेविड, रोमारियो शेफर्ड, क्रुणाल पंड्या, भुवनेश्वर कुमार, रसिख सलाम/मंगेश यादव, जैकब डफी, सुयश शर्मा। LSG: ऐडन मार्करम, मिचेल मार्श, ऋषभ पंत (कप्तान और विकेटकीपर), आयुष बडोनी, निकोलस पूरन, अब्दुल समद, मुकुल चौधरी, दिग्वेश राठी, मोहम्मद शमी, प्रिंस यादव, आवेश खान, जॉर्ज लिंडे। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
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Hindi News National Breaking News Headlines Today, Pictures, Videos And More From Dainik Bhaskar 27 मिनट पहले कॉपी लिंक सुप्रीम कोर्ट ने अलग रह रही पत्नी की ओर से पति और उसके परिवार के खिलाफ दर्ज घरेलू हिंसा का केस रद्द कर दिया। कोर्ट ने महिला के 170 करोड़ रुपए के सोने (120 करोड़ की ज्वेलरी और 50 करोड़ के गोल्ड बिस्किट) के दावे को भी खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि अगर घरेलू हिंसा के केस में परिजनों पर कोई ठोस आरोप न हों, तो मुकदमे को तुरंत खत्म कर देना चाहिए ताकि परिवार को बेवजह न घसीटा जाए। आज की अन्य बड़ी खबरें… पुणे में हॉस्टल के कमरे में संगीत छात्रा का शव फंदे से लटका मिला पुणे जिले के मुलशी तहसील स्थित एक संस्थान के हॉस्टल में 25 वर्षीय संगीत छात्रा का शव फंदे से लटका मिला। मृतक की पहचान इंदौर निवासी रेनुका लिखिते के रूप में हुई है, जो संगीत में पोस्टग्रेजुएशन कर रही थी और बांसुरी वादक थी। पुलिस के मुताबिक, कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। जब वह फोन नहीं उठा रही थीं, तो एक रिश्तेदार हॉस्टल पहुंचा। कमरा अंदर से बंद था, जिसके बाद गैलरी से अंदर जाकर उनका शव मिला। पुलिस ने आकस्मिक मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दिल्ली कोर्ट ने I-PAC निदेशक विनेश चंदेल को 10 दिन की ED हिरासत में भेजा दिल्ली की एक अदालत ने I-PAC के सह-संस्थापक और निदेशक विनेश चंदेल को 10 दिन की ईडी हिरासत में भेज दिया है। अदालत ने कहा कि शुरुआती जांच में करोड़ों रुपये की कथित मनी लॉन्ड्रिंग, फंड डायवर्जन और हवाला लेनदेन में उनकी सक्रिय भूमिका के संकेत मिले हैं। ईडी ने आरोप लगाया है कि कंपनी के जरिए फंड्स को हवाला चैनलों से इधर-उधर किया गया और जांच के दौरान सबूत मिटाने के लिए ईमेल व वित्तीय रिकॉर्ड डिलीट करने के निर्देश भी दिए गए। अदालत ने 23 अप्रैल तक ईडी कस्टडी मंजूर करते हुए सीसीटीवी निगरानी और हर 48 घंटे में मेडिकल जांच के निर्देश दिए हैं। दिल्ली हाईकोर्ट का ऐतिहासिक आदेश- एक-तिहाई सजा काट चुके कैदियों को तुरंत रिहा किया जाए दिल्ली हाईकोर्ट ने विचाराधीन कैदियों के अधिकारों को लेकर एक ऐतिहासिक और कड़ा फैसला सुनाया है। जस्टिस गिरीश कठपालिया की पीठ ने निर्देश दिया है कि जिन कैदियों ने अपने अपराध के लिए निर्धारित अधिकतम संभावित सजा का एक-तिहाई या आधा हिस्सा जेल में बिता लिया है, उन्हें तत्काल रिहा किया जाना चाहिए। हाईकोर्ट ने धोखाधड़ी के एक मामले में आरोपी को जमानत देते हुए यह आदेश दिया। पीठ ने इस बात पर गहरी चिंता जताई कि आरोपी अधिकतम 7 साल की सजा वाले मामले में पहले ही एक-तिहाई से अधिक समय जेल में काट चुका है, जबकि उसका ट्रायल (मुकदमा) अभी शुरू भी नहीं हुआ है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बावजूद पहली बार अपराध करने वाले कई आरोपी लंबे समय से जेलों में बंद हैं, जो कि न्याय प्रणाली की विफलता को दर्शाता है। सुनवाई के दौरान इस मामले में आरोपी पर खुद की गलत पहचान बताकर शिकायतकर्ता और उसकी बेटी से धोखाधड़ी करने का आरोप था। अभियोजन पक्ष ने वॉट्सएप चैट, ऑडियो रिकॉर्डिंग एवं बैंक दस्तावेजों के आधार पर आरोपों को साबित करने की कोशिश की। हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए। हाईकोर्ट ने पुलिस द्वारा दाखिल स्टेटस रिपोर्ट को भ्रामक करार दिया। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
पाकिस्तान-चीन के खिलाफ तीनों सेनाओं की दो संयुक्त कमान:वाइस सीडीएस भी होंगे; तीन थियेटर कमान का ब्लू प्रिंट तैयार

सरकार तीनों सेनाओं के ढांचे में बड़ा बदलाव करने जा रही है। इसके तहत अब थल, वायु और नौसेना संयुक्त रूप से थियेटर कमान के तौर पर काम करेंगी। पाकिस्तान से निपटने के लिए वेस्टर्न तो चीन से मुकाबले के लिए नार्दर्न थियेटर कमान होगी। हिंद महासागर के बड़े समुद्री क्षेत्र की रखवाली के लिए मैरीटाइम कमान बनेगी। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान की अगुवाई में डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री अफेयर्स ने पिछले सैन्य संघर्षों के अनुभवों से सबक लेते हुए इनके ब्लू प्रिंट तैयार किए हैं। इन्हें अब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के पास भेजेंगे। फिर कैबिनेट समिति मुहर लगाएगी। CDS का विस्तारित कार्यकाल मई अंत में पूरा हो रहा है। सूत्रों ने बताया कि जनरल चौहान के अवकाश ग्रहण करने के बाद CDS के साथ वाइस CDS का पद भी बनेगा। नए रोडमैप के तहत रक्षा बलों का भी विस्तार होगा। इसके अलावा, स्पेस और साइबर कमांड भी गठित करने की योजना है। जल्द मिलेंगी 4 नई फोर्स… देश को डिफेंस जियो स्पेशियली एजेंसी, डेटा, ड्रोन और कॉग्नेटिव वॉरफेयर एक्शन फोर्स मिलेंगी। कॉग्नेटिव फोर्स ह्यूमन माइंड्स के बैटलफील्ड पर काम करेगी। प्रतिद्वंद्वी की सैन्य ताकत को मानसिक स्तर पर प्रभावित करने के तरीके अपनाएगी। वेस्टर्न कमान वायुसेना संभालेगी 10 साल में 5 बार चीन-पाकिस्तान से टकराव सैन्य सूत्रों के अनुसार, एक दशक में पाकिस्तान और चीन के साथ हुए 5 टकरावों से मिले कौशल, चुनौतियों और खामियों को फिल्टर कर नया ढांचा तैयार किया है। इनमें, पाकिस्तान के खिलाफ 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक, 2019 की बालाकोट एयर स्ट्राइक और 2025 में 88 घंटे चला ऑपरेशन सिंदूर शामिल है। वहीं, चीन के खिलाफ 2017 के डोकलाम और 2020 के गलवान संघर्ष के सबक शामिल हैं। इस प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों के अनुसार अलग-अलग सेवाओं की स्वतंत्र कार्रवाई में कम्युनिकेशन गैप और रिसोर्स ओवरलैप जैसी समस्याएं सामने आईं। ऑपरेशन सिंदूर में पहली बार 88 घंटे के भीतर तीनों सेनाओं का कम्पलीट इंटीग्रेशन देखा गया। मिसाइल स्ट्राइक्स, ड्रोन स्वार्म, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर और ग्राउंड फोर्स का तालमेल भरपूर रहा। आजादी के बाद सबसे बड़ा सैन्य सुधार रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल एसएल नरसिम्हन के मुताबिक- यह 1947 के बाद सबसे बड़ा सैन्य ओवरहॉल है। मई 2026 में पहली थिएटर कमान सक्रिय होने पर हमारी सेनाएं न सिर्फ जॉइंट होंगी, बल्कि थिएटर-रेडी भी होंगी। ठीक ऑपरेशन सिंदूर के 88 घंटों की तरह। हर थिएटर में साइबर, स्पेस और स्पेशल ऑपरेशंस सब-कमांड होंगी। तीनों सेनाओं का कॉमन सप्लाई चेन और मेंटेनेंस होगा। इंटेलिजेंस फ्यूजन सेंटर्स होंगे। दो मोर्चों पर युद्ध के प्रोटोकोल होंगे। संसाधन साझा करने की ऑटोमैटिक व्यवस्था होगी। हर थिएटर में साल में कम से कम दो फुल-स्केल जॉइंट एक्सरसाइज होंगी। ———————————— ये खबर भी पढ़ें… 2026 के लिए भारतीय सेना का रोडमैप तैयार, शॉर्ट, मीडियम और लॉन्ग टर्म में प्लानिंग ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के साथ 88 घंटे की जंग के विश्लेषण के बाद सेना ने अहम बदलावों की रूपरेखा तैयार की है। सेना ने इसे तीन हिस्सों अल्पकालिक (शॉर्ट टर्म), मध्यकालिक (मीडियम टर्म) और दीर्घकालिक (लॉन्ग टर्म) रणनीति में बांटा है। पूरी खबर पढ़ें…
जबलपुर के बघौड़ा गांव में अनोखी परंपरा:इस दिन घर में नहीं बाहर बनता है खाना, हैजा से हुई मौतों का डर आज भी

भले ही आज हम 21वीं सदी में जी रहे हो,पर अभी भी पुरानी परंपरा या फिर अंध विश्वास कहे, वो जीवित है। जबलपुर के ग्राम बघौड़ा में वैशाख माह के पहले मंगलवार को सालो से चल आ रही एक प्रथा को गांव के ग्रामीणों ने आज भी जीवित रखा है,यह प्रथा है, कि इस दिन लोग अपने घरों में नहीं बल्कि गांव से बाहर खाना बनाते हैं। गांव की महिलाएं खाने-पीने का समान लेकर एक साथ पहुंचती है और पेड़ के नीच सभी का भोजन बनता है। गांव के लोग इसे बुढ़वा मंगल के रूप में मनाते हैं। बघोड़ा गांव में परंपरा यह लंबे समय से चली आ रही है। कहा जाता है कि बुढ़वा मंगल के डर के कारण ग्रामीण साल में एक दिन (मंगलवार) को बाहर खाना बनाते हैं। खाने में लजीज भोजन नहीं बल्कि गक्कड़, भरता,चटनी बनाने की परंपरा है। बताया जाता है, कि सैकड़ो साल पहले गांव में हैजा नाम से बीमारी फैली थी, और इसका कोई हल नहीं निकल रहा था। एक के बाद एक कई ग्रामीणों की मौत हो रही थी। किसी को कुछ सूझ नहीं रहा था कि क्या किया जाए। बुजुर्ग बताते हैं कि नीम,हकीम, वैध सबको दिखाया, पर गांव में हालात जस के तस बने रहे। इसी समय गांव में एक संत का आगमन हुआ, उन्होंने गांव वालों को वैशाख माह की पहले मंगल को बुढ़वा मंगल मनाने की सलाह दी। संत ने कहा कि अगर गांव के बाहर खाना बनाया गया, और घर के अंदर दोनों वक्त का चूल्हा नहीं जला तो निश्चित रूप से फायदा होगा। ग्रामीणों ने यह सब किया तो गांव में बीमारी का प्रकोप खत्म हो जाएगा। संत की बात सभी ने मानी और फिर एक साथ होकर गांव के बाहर जाकर भोजन बनाया। बताया जाता है कि यह सब करने के बाद गांव से बीमारी दूर हो गई। उस दिन के बाद से आज तक बैसाख के पहले मंगलवार को गांव के सभी लोग बाहर जाकर भोजन बनाकर खाते है। परंपरा को लेकर कहा जाता है कि अगर गांव में किसी ग्रामीण को चाय भी पीनी होती है, तो उसके लिए चाय भी बाहर बनाई जाती है। यदि किसी के घर में शादी-ब्याह भी इस दिन पड़ जाता है तो उसे घर में नहीं बल्कि बाहर ही खाना बनाना होता है। ग्रामीणों की मान्यता है कि बुढ़वा मंगल मानने से उनके गांव में बड़ी बीमारियां नहीं होती है। पुरानी परंपरा का लंबे समय से निर्वाह किया जा रहा है। सारे गांव में घर के बाहर महिलाएं पुरुष एक साथ गक्कड़-भरता बनाते हैं, भगवान को भोग लगाते है फिर खाना होता है। गांव के 70 वर्षीय सन्नू लाल पटेल बताते है कि यह परंपरा कब से चली आ रही है, यह नहीं पता, पर बिना किसी गेप के आज तक बैशाख में मंगलवार को यह किया जाता है। उन्होंने बताया बीमारी में कई लोगों की मौत हुई थी। संत के कहने पर गांव के बाहर भोजन बनाया गया था, जो कि आज भी लगातार चल रहा है। साल में एक बार बुढ़वा मंगल मनाया जाता है। अर्चना पटेल ने बताया कि जब से शादी होकर गांव आई है, तब से लेकर आज तक यह प्रथा चली आ रही है कि साल में एक दिन गांव के बाहर खाना बनाया जाए, उस दिन गांव में किसी के घर में ना ही चूल्हा जले, औ ना ही धुंआ हो। उनका कहना है, कि उस दिन के बाद से आज तक बीमारी गांव में नहीं आई है।
Mahakal Temple Bhasma Aarti Booking Changes: Online Permission Now

महाकालेश्वर मंदिर की भस्मारती की परमिशन को लेकर मंदिर समिति ने बड़ा बदलाव किया है। एक दिन पहले मिलने वाली नि:शुल्क ऑफलाइन परमिशन को बंद कर अब उसे भी ऑनलाइन कर दिया गया है। साथ ही तीन माह पहले होने वाली भस्मारती की बुकिंग का समय बदलकर उसे एक माह कर दिय . महाकालेश्वर मंदिर समिति ने भस्मारती परमिशन के नियमों को लेकर दो बड़े बदलाव किए हैं। श्रद्धालुओं को जहां सुविधा दी है, तो वहीं नि:शुल्क मिलने वाली भस्मारती परमिशन के लिए भी श्रद्धालुओं को 200 रुपए चुकाने होंगे। भस्मारती के दौरान श्रृद्धालु। परमिशन के लिए घंटों खड़ा नहीं होना पड़ेगा महाकाल मंदिर में करीब 1700 भस्म आरती की परमिशन रोजाना ऑनलाइन और ऑफलाइन के माध्यम से होती थी। जिसमें 300 परमिशन ऑफलाइन होती थी जिसमें श्रद्धालुओं को एक दिन पहले महाकाल मंदिर के काउंटर पर करीब 5 से 6 घंटे लाइन में लगकर आरती की परमिशन के लिए खड़े होना पड़ता था। अब परिमशन के लिए श्रद्धालुओं घंटों तक खड़ा नहीं रहना पड़ेगा। महाकाल मंदिर समिति ने 9 अप्रैल से ऑफलाइन परमिशन को पूरी तरह से बंद कर दिया है। श्रद्धालु एक दिन पहले होने वाली बुकिंग को तत्काल कोटे का नाम देकर 300 परमिशन एक दिन पहले ऑनलाइन बुक कर सकेंगे। इसके लिए महाकाल मंदिर की वेबसाइट https://www.shrimahakaleshwar.mp.gov.in/ के माध्यम से 200 रुपए प्रति श्रद्धालु को ऑनलाइन मंदिर समिति को देना होगा। भस्मारती के दौरान श्रृद्धालु। ऐसे की जा सकेगी बुकिंग तत्काल भस्मारती बुकिंग के लिए चयनित तिथि से 1 दिन पहले सुबह 8:00 बजे पोर्टल खुलेगा। (जैसे- यदि आपको 15 अप्रैल के लिए बुकिंग करनी है, तो पोर्टल 14 अप्रैल सुबह 8:00 बजे खुलेगा)। भस्मारती बुकिंग ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर सुनिश्चित की जाएगी। बुकिंग सिर्फ 300 दर्शनर्थियों के लिए होगी। नियमित परमिशन की एक माह पहले खुलेगी विंडो महाकाल मंदिर की भस्मारती की सामान्य ऑनलाइन बुकिंग में बदलाव किया गया है। पहले विंडो तीन माह पहले खुलती थी, लेकिन नए नियम के तहत एक माह पहले खुलेगी। मई माह के लिए नियमित बुकिंग विंडो 21 अप्रैल 2026 को सुबह 8:00 बजे खुलेगी। जून माह एवं आगामी महीनों हेतु बुकिंग एक महीने पहले, हर माह की 1 तारीख को सुबह 8:00 बजे खुलेगी। जून की बुकिंग 1 मई से और जुलाई की बुकिंग 1 जून से प्रारंभ होगी। इस तरह तत्काल बुकिंग की जा सकेगी। संध्या आरती और शयन आरती में कर चुके हैं बदलाव महाकालेश्वर मंदिर में दर्शनार्थियों की सुविधा और सुगम दर्शन व्यवस्था हेतु मंदिर प्रबंध समिति द्वारा भगवान की नित्य होने वाली त्रिकाल आरती बुकिंग प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी और ऑनलाइन कर दिया गया है। संध्या आरती और रात में होने वाली शयन आरती में भक्तों की उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए महाकाल मंदिर प्रबंध समिति ने 19 फरवरी से श्री महाकालेश्वर मंदिर में भस्मारती की तरह संध्या आरती और शयन आरती में दर्शन के लिए भी ऑनलाइन बुकिंग शुरू की थी। इन दोनों आरती में भी भक्तों को प्रवेश के लिए 250-250 रुपए प्रति व्यक्ति चुकाने पड़ रहे है। शुल्क नहीं देने वाले भक्तों को चलित दर्शन की व्यवस्था की गई थी। संध्या आरती: इसके लिए बुकिंग पोर्टल प्रतिदिन दोपहर 12:00 बजे खुलेगा। बुकिंग होने के पश्चात आरती दर्शन हेतु अंतिम प्रवेश समय सायं 6 बजे तक। शयन आरती: इसके लिए बुकिंग पोर्टल प्रतिदिन शाम 4:00 बजे खुलेगा। बुकिंग होने के पश्चात आरती दर्शन हेतु अंतिम प्रवेश समय रात्रि 10 बजे तक। ये खबर भी पढ़ें… भस्म आरती में शामिल हुए मिलिंद सोमन और नितीश राणा विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में मंगलवार तड़के भस्म आरती के दौरान फिल्म अभिनेता मिलिंद सोमन और क्रिकेटर नितीश राणा ने भगवान महाकाल के दर्शन किए। दोनों सुबह 4 बजे होने वाली भस्म आरती में शामिल हुए और बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया। नितीश राणा अपनी पत्नी साँची मारवाह के साथ, जबकि मिलिंद सोमन पत्नी अंकिता कोंवर के साथ रात करीब 2 बजे मंदिर पहुंचे।पूरी खबर पढ़ें
उज्जैन के महाकाल रेस्टोरेंट में लगी आग:समय रहते आग पर काबू पाया, बड़ा हादसा टला

उज्जैन के महाकाल क्षेत्र स्थित गुदरी चौराहे पर मंगलवार को महाकाल रेस्टोरेंट में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। घटना रात 10.30 बजे की है। पुलिस और फायर ब्रिगेड की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया और सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग किचन में शॉर्ट सर्किट के कारण लगी। घटना के समय रेस्टोरेंट में लोग मौजूद थे। इसके साथ ही, बाहर सड़क पर भी भारी भीड़ थी, क्योंकि यह मार्ग पंचकोशी यात्रा के श्रद्धालुओं और महाकाल दर्शनार्थियों द्वारा उपयोग किया जाता है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, महाकाल थाना की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। दमकल की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। पुलिस और स्थानीय टीम ने सूझबूझ दिखाते हुए रेस्टोरेंट में मौजूद सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। आग बुझाने और रेस्क्यू अभियान में थाना प्रभारी गगन बादल, एएसआई चंद्रभान सिंह और मनीष यादव सहित पुलिस टीम की अहम भूमिका रही। महाकाल क्षेत्र में लगातार लोगों का आवागमन बना रहता है, ऐसे में समय रहते की गई कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया।
ग्वालियर में ऑनलाइन सट्टे में गंवाए 20 लाख, किया सुसाइड:सुसाइड नोट में लिखा- मेरी मौत के जिम्मेदार राजेन्द्र और रौनक हैं, प्रिया को बता देना

‘मेरी, मौत के जिम्मेदार राजेन्द्र शर्मा और रौनक गुप्ता हैं। राजेन्द्र अब जयपुर (राजस्थान) में रहता है, जबकि रौनक डबरा का रहने वाला है। मैं मैच पर ऑनलाइन सट्टे में 20 लाख रुपए हार गया हूं। जिसमें रौनक ने डेढ़ लाख रुपए की बेइमानी की है। मेरी मौत के बाद मेरे यह रुपए रौनक से लेकर मेरी मां को दिलाए जाएं। मेरी मौत की खबर राजेन्द्र शर्मा को जरूर दे देना, वो प्रिया को बता देगा, जिससे मेरा बेटा मुखाग्नि दे सके। ’ 47 वर्षीय रवि चौहान ने फांसी लगाने से यह सुसाइड नोट लिखा और हमेशा के लिए खामोश हो गया। घटना मंगलवार शाम सिकंदर कंपू गिरवाई थाना की है। जब उसकी वृद्ध मां घर पहुंची तो बेटा फांसी पर लटका हुआ था। बिजलीघर के पास राजेन्द्र नाथ दुबे के मकान में 47 वर्षीय रवि चौहान उर्फ रवि ठाकुर अपनी वृद्ध मां आशा ठाकुर के साथ किराए से रहता है। वह दिसंबर 2025 से इसी मकान में रह रहा था। रवि शादी शुदा था, लेकिन उसकी नशे और ऑनलाइन मैच सट्टे की लत के चलते उसकी पत्नी प्रिया उसे कुछ समय पहले छोड़कर चली गई थी। साथ में अपने बेटे को भी ले गई थी। मंगलवार को रवि घर में अकेला था। शाम को जब मां बाहर से लौटी तो उसने देखा कि अंदर कमरे में रवि फांसी के फंदे पर लटका हुआ है। रवि की मां के चिल्लाने की आवाज सुनकर मकान मालिक, उसका बेटा व आसपास के लोग वहां पहुंचे। मकान मालिक ने तत्काल रवि को फंदा काटकर नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। घटना स्थल से मिला सुसाइड नोट पुलिस ने जब घटना स्थल पर पहुंचकर छानबीन की तो रूम से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें रवि ने खुदकुशी से पहले का जो दर्द था वो बंया किया है।


