देवास में कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने समय-सीमा संबंधी लंबित पत्रों और अंतरविभागीय समन्वय की समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने नरवाई जलाने की घटनाओं, ई-केवाईसी की धीमी गति और गेहूं उपार्जन के भुगतान में देरी पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। कलेक्टर ने नरवाई जलाने की घटनाओं को नहीं रोकने पर पटवारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन पटवारियों के हल्के में सर्वाधिक नरवाई जलाने की घटनाएं हुई हैं, उन पर कार्रवाई की जाए। इसके अतिरिक्त, उपसंचालक कृषि गोपेश पाठक और कृषि विभाग के आरईओ को भी नोटिस जारी किए जाएंगे। 1200 से ज्यादा घटनाएं आईं सामने
बैठक में कलेक्टर ने पटवारियों को अपने-अपने हल्के में सक्रिय रहने और नरवाई जलाने वाले किसानों पर अर्थदंड व कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो भी नरवाई जलाते हुए पाया जाए, उस पर तत्काल कार्रवाई हो। जिले में सैटेलाइट से प्राप्त जानकारी के अनुसार लगभग 1200 नरवाई जलाने की घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें कुछ सामान्य घटनाएं भी शामिल हैं। विभाग ने लगभग 25 लोगों पर एफआईआर दर्ज कराई है और 296 किसानों पर लाखों रुपये का जुर्माना लगाया है। कलेक्टर ने शासकीय भूमि पर अतिक्रमण और अवैध निर्माण करने वालों पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने जिले में ई-केवाईसी के कार्य की धीमी गति पर भी असंतोष व्यक्त किया। कलेक्टर सिंह ने रबी विपणन वर्ष 2025-26 में गेहूं उपार्जन की समीक्षा भी की। समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि गेहूं का उपार्जन तो हो गया है, लेकिन किसानों को भुगतान नहीं किया गया है। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए डीएसओ और सहायक आपूर्ति अधिकारी को किसानों का भुगतान शीघ्र करने के सख्त निर्देश दिए।














































