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नासिक में खौफ का खुलासा: एचआर मैनेजर निदा खान पर कॉरपोरेट ग्रूमिंग रैकेट चलाने का आरोप?

नासिक में खौफ का खुलासा: एचआर मैनेजर निदा खान पर कॉरपोरेट ग्रूमिंग रैकेट चलाने का आरोप?

नासिक से चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं क्योंकि एक एचआर मैनेजर निदा खान पर कमजोर महिलाओं को निशाना बनाने वाले एक कॉर्पोरेट ग्रूमिंग गिरोह का मास्टरमाइंड होने का आरोप है। जांच से प्रणालीगत शोषण और अनदेखी की गई शिकायतों का पता चलता है, जिससे कॉर्पोरेट स्थानों में गंभीर सुरक्षा चिंताएं बढ़ जाती हैं। n18oc_politics

गुना नगरपालिका की 'गर्लफ्रेंड पंत' करेगी जनगणना:नपा का ऑर्डर बना चर्चा का विषय; 17 अप्रैल से होगी ट्रेनिंग

गुना नगरपालिका की 'गर्लफ्रेंड पंत' करेगी जनगणना:नपा का ऑर्डर बना चर्चा का विषय; 17 अप्रैल से होगी ट्रेनिंग

गुना में जनगणना का काम शुरू हो गया है। इसके लिए गणना करने वाले कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी जाएगी। ट्रेनिंग के लिए नगरपालिका के कर्मचारियों को भी लगाया गया है। इसमें एक नाम ऐसा शामिल किया है, जो चर्चा का विषय बन गया है। नगरपालिका द्वारा जारी सूची में कर्मचारी का नाम ‘गर्लफ्रेंड पंत’ लिखा हुआ है। बता दें कि पहले चरण में मकानों की गणना के बाद अब जनगणना का काम शुरू हो रहा है। दूसरे चरण ने अब जनगणना का काम होना है। जनगणना करने वाले कर्मचारियों को पहले ट्रेनिंग दी जा रही है। अलग अलग विभागों के कर्मचारियों को इसके लिए चयनित किया गया है। कर्मचारियों को जनगणना की ट्रेनिंग दी जाएगी। गुना नगरपालिका के 36 कर्मचारियों की गणनाकार के रूप में ड्यूटी लगाई जाएगी। साथ ही 6 कर्मचारियों को सुपरवाइजर बनाया गया है। इन कर्मचारियों को 17,18 और 19 अप्रैल को ट्रेनिंग दी जाएगी। गांधी वोकेशनल कॉलेज में इनको ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके लिए नगरपालिका की ओर से एक आदेश जारी किया गया है। इस आदेश ने 5 नंबर पर लिखा कर्मचारी का नाम चर्चा का विषय बन गया है। कर्मचारी के नाम की जगह ‘गर्लफ्रेंड पंत’ लिखा हुआ है। उसकी यूजर आईडी भी et _24460027372_girlfriend लिखी हुई है। हालांकि, जब आदेश में दिए कर्मचारी के मोबाइल नंबर को सर्च किया गया, तो उसका नाम प्रेमिका पंत लिखा हुआ आया। आदेश सामने आते ही यह चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, नपा के अधिकारी इसे टाइपिंग त्रुटि बता रहे हैं।

डायबिटीज से छुटकारा पाने का ये है देसी जुगाड़! वैज्ञानिकों ने खोज निकाला चमत्कारिक औषधि, सिर्फ रात में फुलाकर सुबह पीना है पानी

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Last Updated:April 15, 2026, 07:56 IST Paneer Doda Diabetes Benefits: रांची के बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने पनीर डोटा पर रिसर्च किया है. जहां इसमें पाया गया कि इसका पानी पीने से टाइप टू डायबिटीज और सूजन में राहत मिल सकती है. आइये जानते हैं इसके लाभ के बारे में. ख़बरें फटाफट रांची: झारखंड की राजधानी रांची के बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के कृषि वैज्ञानिक खासतौर पर पनीर डोटा पर रिसर्च कर रहे हैं. रिसर्च में उन्होंने पाया की खासतौर पर इसको रात में फुला कर इसका पानी पीने से टाइप टू डायबिटीज में काफी राहत मिलती है. इसमें इंसुलिन की मात्रा कम होती है. इस वजह से इससे शरीर में सूजन से और थकान से काफी राहत मिलती है. आइये जानते हैं इसके बारे में. फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के कृषि वैज्ञानिक प्रशांत ने बताया कि यह शरीर के पेनक्रियाज के सेल को प्राकृतिक रूप से रिपेयर करता है. क्योंकि पेनक्रियाज से ही इंसुलिन जो है. वह बैलेंस होता है. ऐसे में खासतौर पर पेनक्रियाज में अगर कोई समस्या आती है तो इंसुलिन की मात्रा ऊपर नीचे होने लगती है. ये खासतौर पर पेनक्रियाज के हेल्थ के लिए काफी बेस्ट माना जाता है. इस तरीके से करना है सेवन उन्होंने बताया कि पनीर डोटा आपको रांची के जंगलों में तो खूब मिलता है. साथ ही आपको यहां के बाजार में भी मिल जाएगा, लेकिन अभी तक शुगर के मरीज इसका उतना सेवन उनता नहीं करते हैं. क्योंकि इसके बारे में इतना पता नहीं है. लोगों को ऐसे आपको एक मुट्ठी पर ही डोडा को लेना है. यह बिल्कुल चने की तरह होता है और रात भर पानी में फुला लेना है. उन्होंने बताया कि सुबह में आप देखेंगे कि इसका जो पानी है. वह पूरी तरह ब्राउन हो गया है. आपको पनीर डोटा को नहीं खाना है. बल्कि, उसका पानी जो है. उसको पी लेना है. इसमें आपके शरीर में जो इन्फ्लेशन होता है. उसको ठीक करता है. इसमें एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण है और ये सिर्फ पेनक्रियाज को ही नहीं बल्कि आपके चेहरे के स्किन को भी रिपेयर करता है. बुझे चेहरे में भी आ जाएगी चमक वह आगे बताते हैं कि ऐसे में डायबिटीज की वजह से चेहरा अगर एकदम बुझा हुआ है तो भी यह काफी फायदेमंद है. कई बार डायबिटीज की वजह से चेहरे में थोड़ा कालापन आ जाता है या स्किन ढीला हो जाता है. ऐसे में जब आपका पैंक्रियाज का सेल सही होगा, तब आप देखेंगे आपके चेहरे पर भी ग्लो आना शुरू हो जाएगा. उन्होंने कहा कि शुगर के मरीज इसका सेवन कर सकते हैं. About the Author Brijendra Pratap Singh बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand First Published : April 15, 2026, 07:56 IST

Rajasthan Education Dept Names List

Rajasthan Education Dept Names List

शिक्षा विभाग के सुझाए नाम में कई हास्यास्पद और अजीबोगरीब हैं। सवाल उठ रहा है कि क्या ऐसे नामों से बच्चों को हीन भावना से बचाया जाएगा। (AI इमेज) राजस्थान के स्कूलों में पढ़ने वाले ‘घसीटाराम’, ‘नाहर’ और ‘शैतान’ जैसे अजीब नाम वाले बच्चों को हीन भावना से बचाने के लिए शिक्षा विभाग ने ‘सार्थक नाम अभियान’ शुरू किया है। . बाकायदा 2950 नामों की सूची जारी की गई है। इनमें 409 नाम लड़कों और 1541 नाम लड़कियों के हैं। विभाग का दावा है कि नाम अद्वितीय, राजस्थानी संस्कृति एवं परम्परा के अनुरूप हैं। इन नामों पर गौर किया गया तो शिक्षा विभाग की हास्यास्पद कारगुजारी सामने आई। सूची में गलतियों की भरमार है। सामान्य हिंदी शब्द भी गलत लिखे गए हैं। सूची में शामिल तमाम नाम ‘अजीबोगरीब’ हैं। जैसे- बीकानेर, दहीभाई, अहंकार, अहित और बेचारादास। ये ऐसे नाम हैं, जिन्हें सुनकर बच्चा आत्मविश्वास से भरेगा नहीं, बल्कि सहम जाएगा। लिस्ट को केवल लंबा करने के लिए एक ही नाम के पीछे सिंह, चंद, कुमार और दास जोड़कर संख्या बढ़ाई गई है। हद तो यह है कि लड़कों की लिस्ट में लड़कियों के और लड़कियों की लिस्ट में लड़कों के नाम जोड़ दिए गए हैं। सूची में लड़कों के लिए गंगोत्री, गोदावरी, रामप्यारी जैसे नाम सुझाए गए हैं। ‘अहंकार’ और ‘दहीभाई’ से बढ़ेगा आत्मविश्वास? विभाग का तर्क है कि नाम व्यक्ति की सामाजिक छवि का दर्पण होता है। लेकिन विभाग की सुझाई लिस्ट में ऐसे नाम भी शामिल हैं, जिन्हें सुनकर किसी को भी हैरानी हो सकती है। अटपटे नाम : बीकानेर, दहीभाई, अहंकार, अहित, बेचारादास। जेंडर का घालमेल : लड़कों के लिए सुझाए गए नामों में गंगोत्री, गोदावरी और रामप्यारी जैसे नाम शामिल हैं। कॉपी-पेस्ट का कमाल: कई नाम तो हूबहू रिपीट किए गए हैं। जैसे दीनानाथ और दीनानाथ दो बार, जयपाल और जयपाल सिंह। गिनती बढ़ाने के लिए ‘सरनेम’ का सहारा विभाग ने 1409 लड़कों और 1541 लड़कियों के नामों की लिस्ट जारी की है। इसमें रचनात्मकता की जगह ‘फॉर्मूले’ का इस्तेमाल ज्यादा दिखा है। गोपाल सीरीज : गोपालदास, गोपालकिशोर, गोपाललाल, गोपालप्रसाद और गोपालसिंह। हरि सीरीज: हरिगोपाल, हरिनारायण, हरिदत्त, हरिकांत, हरिकुमार, हरिमंगल, हरिनाथ, हरिपाल, हरिराज, हरिसिंह। इसी तरह कैलाश, मंगल, मथुरा और अयोध्या के साथ भी अलग-अलग उपनाम जोड़कर लिस्ट लंबी की गई है। ये कुछ उदाहरण हैं… अयोध्या प्रसाद और अयोध्या सिंह। बुद्धिमाल, बुद्धिप्रकाश, बुद्धिराम और बुद्धिसिंह। दलपत और दलपतसिंह। दयाल, दयालदास और दयालसिंह। दीनानाथ और दीनानाथ। ध्रुवकुमार, ध्रुवलाल, ध्रुवराज और ध्रुवसिंह। द्वारकानाथ, द्वारकाधीश, द्वारकाप्रसाद और द्वारकासिंह। गंभीर और गंभीरसिंह। गोपालदास, गोपालकिशोर, गोपाललाल, गोपालप्रसाद और गोपालसिंह। गोवर्धन और गोवर्धनसिंह। गोविंदचंद, गोविंदलाल, गोविंदप्रसाद और गोविंदसिंह। हरिगोपाल, हरिनारायण, हरिदत्त, हरिकांत, हरिकुमार, हरिमंगल, हरिनाथ, हरिपाल, हरिराज, हरिसिंह। जगतपाल, जगतराम और जगतसिह। जयपाल और जयपाल सिंह। जयसिंह और जयसिंहराज। कैलाशचंदर कैलाश सिंह, कैलाश प्रसाद और कैलाशचंद। कालीदत्त, कालीप्रसाद, कालीराम और कालीसिंह। मंगलदास, मंगलदेव, मंगललाल, मंगलप्रसाद और मंगलसिह। मथुरा, मथुराप्रसाद, मथुरासिंह और मथुरादास। भोला, भोलानाथ। चेतन और चेतन देव। हिम्मत और हिम्मतसिंह। जितेंदर और जितेंद्र, कुंवर और कुंवरसिंह। रतन और रतनलाल, संग्राम और संग्रामसिंह। सवाई और सवाईसिंह, श्याम, श्यामलाल और श्यामसिंह। ठाकुर और ठाकुर सिंह। उदय और उदयसिंह। उत्तम और उत्तमसिंह। विजय और विजयसिंह। स्वरूप और स्वरूपसिंह। शार्दूल और शार्दूलसिंह। शेर और शेरसिंह। टीकम, टीकमचंद और टीकमसिंह। अजित,अजितदेव और अजित सिंह। अमोघ और अमोघलाल। अमृत, अमृतलाल और अमृतराज। आनंद कुमार और आनंदलाल। अभियान का असल मकसद क्या? संयुक्त शासन सचिव की तरफ से शिक्षा विभाग के निदेशक को भेजे गए पत्र में लिखा है- व्यक्ति का नाम उसके व्यक्तित्व, संस्कार और सामाजिक छवि का दर्पण होता है। नाम सुनते ही हमारे मन में उस व्यक्ति की एक छवि बनने लगती है। नाम व्यक्ति की पहचान और विशिष्टता को दर्शाता है। प्रत्येक नाम के साथ एक अर्थ, एक भावना एवं सांस्कृतिक संदर्भ जुड़ा होता है। नाम का व्यक्ति के आत्मविश्वास और व्यवहार पर भी प्रभाव पड़ता है। एक अच्छा, सरल और सकारात्मक अर्थ वाला नाम व्यक्ति में गर्व और आत्मबल बढ़ाता है, जबकि जटिल या नकारात्मक अर्थ वाले नाम कभी-कभी संकोच का कारण बन सकते हैं। इस सम्बन्ध में निर्देशानुसार राजकीय विद्यालयों में पढ़ने वाले ऐसे विद्यार्थी जिनके नाम अर्थहीन अथवा नकारात्मक लगते हैं, जिससे उनके आत्मविश्वास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, ऐसे विद्यार्थियों के नामों को अधिक सार्थक, सरल एवं शुद्ध बनाने के उद्देश्य से ‘सार्थक नाम अभियान’ शुरू किया जाना है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ऐसे नामों का चयन कर संशोधन करना है, जो सकारात्मक अर्थ लिए हुए हों तथा विद्यार्थियों के आत्मसम्मान एवं व्यक्तित्व विकास में सहायक सिद्ध हों। शिक्षा विभाग के सुझाए नामों पर उठ रहे सवाल… वरिष्ठ समाजशास्त्री और राजस्थान विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर, राजीव गुप्ता ने सूची के नामों का विश्लेषण करके बताया- इनमें से कई नाम सामान्य नहीं हैं और आम बोलचाल में इस्तेमाल नहीं होते। जब माता-पिता ने बच्चों के नाम रखे, तब उनकी चेतना में कोई ना कोई कारण रहा होगा। राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय में दर्शनशास्त्र विभाग के डीन शास्त्री कौसलेंद्रदास कहते हैं- भारतीय शास्त्र परपंरा में नामकरण जीवन का प्रमुख संस्कार है। भारतीय संस्कृति में नाम को व्यक्ति से अधिक महत्व दिया गया है। शिक्षा विभाग की सूची में दिए गए नामों में सुधार की आवश्यकता है। ग्रामीण अंचल में बुरे नाम रखने के पीछे कारणों की चर्चा करते हुए सामाजिक कार्यकर्ता यशवर्धन सिंह कहते हैं- पहले शादी के कई वर्षों के बाद जन्म लेने वालों और अपने से बड़े भाई-बहनों की मृत्यु के बाद पैदा होने वाले बच्चों को बुरी नजर से बचाने के लिए उनके नकारात्मक भाव वाले नाम रखने का चलन था। इस सूची में शिक्षा विभाग ने जो नाम दिए हैं, वे हास्यास्पद हैं। ——— यह खबर भी पढ़िए… स्कूलों में घसीटाराम, नाहर जैसे अटपटे नाम बदल सकेंगे बच्चे, सरकार देगी नए नामों का ऑप्शन घसीटाराम, नाहर, नन्नूमल, शैतान, खोजाराम…ये कुछ ऐसे नाम हैं, जो स्कूलों के रजिस्टर में दर्ज रहते हैं। कई बार सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को ‘अटपटे’ और ‘अर्थहीन-अजीब’ नामों के कारण शर्मिंदगी झेलनी पड़ती है। ऐसे नामों को लेकर शिक्षा विभाग ने नई पहल की है। पढ़ें पूरी खबर…

नोएडा बवाल- RJD की 2 महिला प्रवक्ताओं पर FIR:गलत VIDEO पोस्ट कर माहौल बिगाड़ने का आरोप; 2 दिन बाद फैक्ट्रियां खुलीं, फोर्स तैनात

नोएडा बवाल- RJD की 2 महिला प्रवक्ताओं पर FIR:गलत VIDEO पोस्ट कर माहौल बिगाड़ने का आरोप; 2 दिन बाद फैक्ट्रियां खुलीं, फोर्स तैनात

नोएडा में 2 दिन हुए बवाल के बाद आज यानी बुधवार को फैक्ट्रियां खुल गई हैं। हालात सामान्य हैं। जगह-जगह फोर्स तैनात है। CCTV और ड्रोन से निगरानी की जा रही है। 16 कंपनी RAF और पीएसी लगाई गई है। नोएडा सेक्टर 63, 84, 85, 80, फेस 2 में पुलिस ने फ्लैगमार्च किया। कंपनियों के बाहर सैलरी हाईक के नोटिस चस्पा किए गए हैं। हालांकि, कुछ कंपनियों में आज छुट्‌टी कर दी गई है। कंपनियों ने बाहर नोटिस चिपकाकर कर्मचारियों को बताया गया कि आज कंपनी बंद रहेगी। कल के लिए सूचना आपको पहले से ही दे दी जाएगी। इस बीच, नोएडा साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में राजद की दो महिला प्रवक्ताओं कंचना यादव और प्रियंका भारती पर FIR दर्ज की गई है। आरोप है कि दोनों ने सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो शेयर कर माहौल खराब करने की कोशिश की। कानून-व्यवस्था और पुलिस कर छवि खराब करने का प्रयास किया। डीएम मेधा रुपम ने कहा- अगर कोई आउटसोर्सिंग एजेंसी या उसका कर्मचारी गड़बड़ी या उपद्रव करता है तो उसकी जिम्मेदारी एजेंसी की भी होगी। ऐसी स्थिति में एजेंसी को ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है। उसका लाइसेंस भी रद्द हो सकता है। दरअसल, सैलरी बढ़ाने को लेकर सोमवार-मंगलवार को फैक्ट्री कर्मचारियों ने बवाल किया। 80 से अधिक जगहों पर पथराव किया। 350 कंपनियों में तोड़फोड़ की गई। मंत्री अनिल राजभर ने कहा- इस पूरी घटना में बड़ी साजिश की बू आ रही है। कुछ देश विरोधी ताकतें इसमें शामिल हो सकती हैं। वहीं, कंपनी मालिकों कहना है कि बाहरी लोगों ने माहौल को भड़काया। मजदूर कभी हिंसक प्रदर्शन नहीं कर सकते हैं। फिलहाल, 7 थानों में 1800 लोगों और 4 हैंडलर्स के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। 4 महिलाओं समेत 396 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। तस्वीरें देखिए- नोएडा में बवाल से जुड़े पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…

पंजाब में श्रद्धालुओं से भरी बस पलटी, 6 की मौत:15 घायल, बच्चे भी शामिल; 40 लोग सवार थे; आनंदपुर साहिब से लौट रहे थे

पंजाब में श्रद्धालुओं से भरी बस पलटी, 6 की मौत:15 घायल, बच्चे भी शामिल; 40 लोग सवार थे; आनंदपुर साहिब से लौट रहे थे

फतेहगढ़ साहिब में श्रद्धालुओं से भरी बस पलट गई। इसमें 6 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। वहीं 15 घायल हो गए। सभी घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। बस में 40 श्रद्धालु सवार थे। घटना देर रात की है। श्रद्धालु आनंदपुर साहिब में बैसाखी मेले से वापस लौट रहे थे। इस बीच बस्सी पठाना में मैंण माजरी गांव के पास बस में तकनीकी खराबी आई गई। इसके बाद बस अनियंत्रित होकर बिजली के खंभे में टकराकर पलट गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और राहत दल तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और बचाव अभियान शुरू किया। घायलों को मोरिंडा, फतेहगढ़ साहिब के अस्पतालों में दाखिल किया गया है। गंभीर रूप से घायल श्रद्धालुओं को चंडीगढ़ पीजीआई रेफर कर दिया गया है। घायलों में बच्चे भी शामिल हैं। ग्रामीणों ने बस में फंसे श्रद्धालुओं को निकाला स्थानीय लोगों का कहना है कि देर रात बस पलटी है और वहां से गुजर रहे अन्य लोगों ने देखा तो उन्होंने आसपास के गांवों में संपर्क किया। लोग रात को मौके पर पहुंचे और उन्होंने बस में फंसे लोगों को बाहर निकाला। बठिंडा से शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने दुख जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर लिखा- दुखद समाचार। श्री आनंदपुर साहिब से आ रहे तीर्थयात्रियों की बस पलटने से 6 श्रद्धालुओं की मृत्यु का समाचार सुनकर गहरा दुख हुआ है। गुरु साहिब दिवंगत आत्माओं को अपने चरणों में स्थान दें और घायलों को शीघ्र स्वस्थ करें। हम खबर को अपडेट कर रहे हैं…

अजाक्स में वर्चस्व की जंग, RSS प्रमुख भागवत तक पहुंची:कंसोटिया समर्थक ने की शिकायत; मौर्य का जवाब- संगठन की संपत्ति पर कब्जा करने की साजिश

अजाक्स में वर्चस्व की जंग, RSS प्रमुख भागवत तक पहुंची:कंसोटिया समर्थक ने की शिकायत; मौर्य का जवाब- संगठन की संपत्ति पर कब्जा करने की साजिश

मध्यप्रदेश अनुसूचित जाति जनजाति अधिकारी कर्मचारी संघ (अजाक्स) में वर्चस्व की लड़ाई अब बड़ा राजनीतिक रूप लेती दिख रही है। मामला राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत तक पहुंच गया है। पूर्व अपर मुख्य सचिव जेएन कंसोटिया समर्थक गुट ने संघ प्रमुख को लिखित शिकायत कर संगठन में हस्तक्षेप के गंभीर आरोप लगाए हैं। अजाक्स के संगठन महामंत्री गौतम पाटिल ने शिकायत में आरोप लगाया है कि संघ से जुड़े पदाधिकारी संगठन के कामकाज में दखल दे रहे हैं। विशेष रूप से सुरेन्द्र मिश्रा पर आरोप है कि वे मुकेश मौर्य के साथ मिलकर संगठन पर अनधिकृत नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं। उधर, इसी मामले में मुकेश मौर्य जिन्हें शासन ने अजाक्स का प्रांताध्यक्ष बताया है, उनके द्वारा अजाक्स भवन पर कब्जा करने के मामले में जल्द एफआईआर कराने की शिकायत की जा सकती है। मौर्य पर सदस्यता और गबन के आरोप शिकायत में कहा गया है कि अजाक्स में प्रदेश के लाखों शासकीय अधिकारी एवं कर्मचारी सदस्य के रूप में जुड़े हुए हैं और यह प्रदेश की लगभग 36 प्रतिशत अनुसूचित जाति एवं जनजाति आबादी का प्रतिनिधित्व करता है। अजाक्स में केवल शासकीय कर्मचारी ही सदस्य बन सकते हैं, जबकि मुकेश मौर्य एक निजी संस्थान में कार्यरत हैं। उन पर करीब 17.95 लाख रुपए की सदस्यता राशि के गबन का आरोप भी लगाया गया है। इनमें से लगभग ₹12.95 लाख रुपए स्थानीय स्तर पर रसीद काटकर एकत्र की गई, जिसे न तो बैंक में जमा किया गया और न ही उसका कोई लेखा-जोखा प्रस्तुत किया गया। इस संबंध में उन्हें जुलाई 2023 में प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया गया। फर्जी कार्यकारिणी बनाने और संगठन की छवि खराब करने का आरोप गौतम पाटिल ने यह भी आरोप लगाया कि 29 एवं 30 जुलाई 2023 में कथित बैठकों के आधार पर कूटरचित कार्यकारिणी बनाकर उसे भोपाल में पंजीयन के लिए प्रस्तुत किया गया। इस पूरे मामले में शासन के अधिकारियों से मिलीभगत कर एक गैर-शासकीय व्यक्ति को प्रांताध्यक्ष बनाने का प्रयास बताया गया है। शिकायत में कहा गया है कि यह पूरा घटनाक्रम धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और अवैध हस्तक्षेप जैसे गंभीर अपराधों की श्रेणी में आता है। साथ ही इससे संघ और संगठन दोनों की छवि प्रभावित हो रही है। मौर्य का पलटवार: संपत्ति हड़पने की साजिश दूसरी ओर मुकेश मौर्य ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए पलटवार किया है। उनका कहना है कि कंसोटिया, एसएल सूर्यवंशी और गौतम पाटिल समेत कुछ लोग ट्रस्ट बनाकर संगठन की संपत्ति हड़पना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि उनके प्रांताध्यक्ष बनने के बाद ही यह विवाद खड़ा किया गया है। मौर्य ने कहा कि वे अपने कार्यकाल में कंसोटिया को संरक्षक बनाने को तैयार थे पर इनके द्वारा संगठन को तोड़ने का काम किया जा रहा है। मौर्य ने कहा कि बुधवार को इन सबके विरुद्ध एफआईआर कराएंगे। अजाक्स कार्यालय को घेर कर रखा है। फर्जी शिकायत कर रहे हैं। अधिकार नहीं है, फिर भी कब्जा कर रहे हैं। मौर्य ने कहा कि सुरेंद्र मिश्रा ने ग्वालियर में रविदास जयंती पर कार्यक्रम किया था तो ग्वालियर का कार्यालय भवन उन्हें सौंपा था। इसलिए ये लोग विरोध कर रहे हैं। मौर्य ने कहा कि सामाजिक समरसता के लिए सालों से काम कर रहा हूं। इसी तरह का कोई और कार्यक्रम करता है तो उसमें बुराई है? सभी वर्ग आएंगे इसलिए सहमति दी थी।

Kerala Sabarimala Temple Women Entry Case; Supreme Court

Kerala Sabarimala Temple Women Entry Case; Supreme Court

Hindi News National Kerala Sabarimala Temple Women Entry Case; Supreme Court | Hindu Beliefs नई दिल्ली2 घंटे पहले कॉपी लिंक केरल के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं की एंट्री और धर्मस्थलों पर भेदभाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को चौथे दिन सुनवाई होगी। 14 अप्रैल से 16 अप्रैल के दौरान सबरीमाला में महिलाओं की एंट्री के समर्थन में दलीलें रखी जाएंगी। इससे पहले 7 से 9 अप्रैल तक सुनवाई के दौरान महिलाओं की एंट्री के विरोध में दलीलें रखी गईं। केंद्र सरकार ने कहा था कि देश के कई देवी मंदिरों में पुरुषों की एंट्री भी बैन है, इसलिए धार्मिक परंपराओं का सम्मान किया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के नौ जजों की बेंच ने कहा था कि मंदिरों और मठों में एंट्री का अधिकार सभी लोगों को होना चाहिए। किसी एक संप्रदाय को बाहर रखना हिंदू धर्म पर नकारात्मक असर डालेगा। इससे समाज बंटेगा। केरल हाईकोर्ट ने 1991 में सबरीमाला में 10 से 50 साल की महिलाओं की एंट्री पर बैन लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इसे भेदभावपूर्ण बताते हुए बैन हटा दिया। इसके बाद दायर पुनर्विचार याचिकाओं के आधार पर 7 महत्वपूर्ण संवैधानिक प्रश्न तय किए गए हैं, जिन पर अब बहस हो रही है। सुप्रीम कोर्ट में 3 सुनवाई में अब तक क्या हुआ 7 अप्रैल : केंद्र की दलील- मंदिर में महिलाओं की एंट्री का फैसला गलत सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता: महिलाओं की मंदिर में एंट्री पर 2018 का फैसला गलत तरीके से लिया गया। उन्हें मंदिर में न जाने देना उनका अपमान करना नहीं है। भारत में उन्हें पूजा जाता है। हमें इस बात पर ऐतराज है कि मंदिर की इस परंपरा को ‘अस्पृश्यता’ (छुआछूत या अनुच्छेद 17) कहा गया। छुआछूत जाति के आधार पर होती थी, यह मामला उससे अलग है। जैसे हम मस्जिद, मजार या गुरुद्वारे में जाते समय सिर ढंकते हैं, वैसे ही सबरीमाला की भी एक अनोखी परंपरा है, जिसका सम्मान होना चाहिए। ये धार्मिक आस्था और संप्रदाय की स्वायत्तता का मुद्दा है, जो न्यायिक समीक्षा के दायरे से बाहर है। पूरी खबर पढ़ें… 8 अप्रैल- जो भक्त नहीं, वो धार्मिक परंपरा को चुनौती कैसे दे रहा सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा कि जो लोग भगवान अयप्पा के भक्त नहीं हैं, वे केरल के सबरीमाला मंदिर की परंपराओं को कैसे चुनौती दे सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने धार्मिक स्वतंत्रता के दायरे पर 7 सवाल तय किए हैं। इनमें से एक सवाल यह है कि क्या कोई व्यक्ति, जो किसी धार्मिक संप्रदाय या समूह से संबंधित नहीं है, उस ‘धार्मिक संप्रदाय या समूह’ की किसी प्रथा को जनहित याचिका (PIL) के माध्यम से चुनौती दे सकता है। पूरी खबर पढ़ें… 9 अप्रैल- सुप्रीम कोर्ट बोला- मंदिरों में एंट्री रोकने से समाज बंटेगा सुप्रीम कोर्ट में सबरीमाला केस की सुनवाई के दौरान मंदिरों के रीति-रिवाजों का जिक्र हुआ। जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि मंदिरों में सिर्फ खास समुदाय की एंट्री और बाहरी लोगों की मनाही से समाज बंटेगा। यह हिंदु धर्म के लिए ठीक नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि मान लीजिए (सबरीमाला केस को छोड़कर), अगर यह कहा जाए कि सिर्फ गौड़ सारस्वत लोग ही एक मंदिर में आएं या कांची मठ के लोग सिर्फ कांची ही जाएं, दूसरे मठ (जैसे शृंगेरी) न जाएं तो यह ठीक नहीं होगा। बल्कि जितने ज्यादा लोग अलग-अलग मंदिरों और मठों में जाएंगे, उतना ही धर्म मजबूत बनेगा। पूरी खबर पढ़ें… सबरीमाला मामले पर सुनवाई करने वाले 9 जजों के नाम सबरीमाला सहित 5 मामले, जिन पर SC फैसला करेगा सबरीमाला मंदिर में महिलाओं का प्रवेश: सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में सभी उम्र की महिलाओं को मंदिर में जाने का अधिकार दिया था। अब बड़ी पीठ तय करेगी कि यह फैसला सही था या नहीं। दाऊदी बोहरा समुदाय में महिलाओं का खतना: एडवोकेट सुनीता तिवारी ने 2017 में इसके खिलाफ याचिका दायर की और कहा कि यह प्रथा महिलाओं के साथ भेदभाव करती है और यह नाबालिग बच्चियों के अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है। कोर्ट यह तय करेगा कि क्या यह प्रथा मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है? मस्जिदों में महिलाओं का प्रवेश: यास्मीन जुबैर अहमद पीरजादा नाम की महिला ने 2016 में मुस्लिम महिलाओं के मस्जिद में प्रवेश के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। कोर्ट तय करेगा कि क्या मुस्लिम महिलाओं को मस्जिद में नमाज पढ़ने से रोका जा सकता है। पारसी महिलाओं का अग्निमंदिर में प्रवेश: 2012 में पारसी महिला गुलरुख एम गुप्ता ने हिंदू व्यक्ति से शादी के बाद अग्नि मंदिर में प्रवेश से रोके जाने के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की। सुप्रीम कोर्ट तय करेगा कि क्या गैर-पारसी से शादी करने पर पारसी महिला को मंदिर में प्रवेश से रोका जा सकता है। मुस्लिम पर्सनल लॉ से जुड़े लैंगिक भेदभाव के प्रश्न: सुप्रीम कोर्ट तय करेगा कि क्या धार्मिक गतिविधियों में जेंडर के आधार पर भेदभाव को क्या मौलिक अधिकार का हनन माना जा सकता है? दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

बिहार मुख्यमंत्री शपथ लाइव: सम्राट चौधरी शपथ ग्रहण, कैबिनेट मंत्रियों की सूची

बिहार मुख्यमंत्री शपथ लाइव: सम्राट चौधरी शपथ ग्रहण, कैबिनेट मंत्रियों की सूची

सम्राट चौधरी बिहार के मुख्यमंत्री शपथ लाइव अपडेट: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता सम्राट चौधरी बुधवार को बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे, जो राज्य के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे जनता दल (यूनाइटेड) के नीतीश कुमार की जगह लेंगे। चौधरी को भाजपा विधायक दल के नेता के रूप में चुना गया और उन्होंने बिहार में नई सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए राज्यपाल सैयद अता हसनैन से मुलाकात की। उनके साथ एनडीए के तमाम नेता भी थे. पिछले हफ्ते राज्यसभा सांसद बने नीतीश कुमार द्वारा राज्यपाल हसनैन को अपना इस्तीफा सौंपने के तुरंत बाद उन्हें विधायक दल का नेता चुना गया। चौधरी और उनके मंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह में भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है। बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार के भी मौजूद रहने की संभावना है. न्यूज18 इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, विजेंद्र प्रसाद यादव और विजय चौधरी के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने की उम्मीद है. लाइव अपडेट का पालन करें (टैग्सटूट्रांसलेट)बिहार प्रथम भाजपा सीएम(टी)सम्राट चौधरी शपथ ग्रहण समारोह(टी)बिहार सीएम शपथ समारोह लाइव(टी)बिहार नए कैबिनेट मंत्रियों की सूची(टी)बिहार सीएम शपथ लोक भवन पटना(टी)सम्राट चौधरी शपथ समारोह लाइव अपडेट(टी)बिहार नए सीएम लाइव अपडेट(टी)बिहार कैबिनेट मंत्रियों की 2026 सूची(टी)बिहार बीजेपी सीएम समाचार(टी)सम्राट चौधरी बिहार सीएम शपथ का समय(टी)बिहार शपथ समारोह लाइव पटना(टी)लोक भवन पटना शपथ समारोह(टी)बिहार सीएम शपथ ग्रहण लाइव(टी)बिहार राजनीतिक समाचार लाइव अपडेट

जमीन में नहीं उगती ये जड़ी बूटी, फिर भी शरीर के लिए है रामबाण औषधि, बस जरा संभल कर करें सेवन

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X जमीन में नहीं उगती ये जड़ी बूटी, फिर भी शरीर के लिए है रामबाण औषधि   Amarbel khane ke fayde: अमरबेल एक अनोखी औषधीय बेल है. जिसे आयुर्वेद में बेहद उपयोगी माना गया है. यह जमीन में नहीं उगती, बल्कि अन्य पौधों पर आश्रित होकर उनसे पोषक तत्व लेकर जीवित रहती है. इसी कारण इसे परजीवी लता भी कहा जाता है. आयुर्वेद विशेषज्ञों के अनुसार अमरबेल में कई स्वास्थ्य लाभ छिपे है. यह खून को साफ करने, पित्त और कफ को संतुलित करने में मदद करती है. डैंड्रफ और बाल झड़ने की समस्या में तिल के तेल के साथ इसका उपयोग फायदेमंद माना जाता है. वहीं, गैस, एसिडिटी और पाचन से जुड़ी परेशानियों में भी यह राहत देती है. जोड़ों की सूजन में इसकी लताओं को उबालकर लगाने से फायदा मिलता है. इसके अलावा यह हीमोग्लोबिन बढ़ाने में भी सहायक है. जिससे शरीर को मजबूती मिलती है.