मध्यप्रदेश अनुसूचित जाति जनजाति अधिकारी कर्मचारी संघ (अजाक्स) में वर्चस्व की लड़ाई अब बड़ा राजनीतिक रूप लेती दिख रही है। मामला राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत तक पहुंच गया है। पूर्व अपर मुख्य सचिव जेएन कंसोटिया समर्थक गुट ने संघ प्रमुख को लिखित शिकायत कर संगठन में हस्तक्षेप के गंभीर आरोप लगाए हैं। अजाक्स के संगठन महामंत्री गौतम पाटिल ने शिकायत में आरोप लगाया है कि संघ से जुड़े पदाधिकारी संगठन के कामकाज में दखल दे रहे हैं। विशेष रूप से सुरेन्द्र मिश्रा पर आरोप है कि वे मुकेश मौर्य के साथ मिलकर संगठन पर अनधिकृत नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं। उधर, इसी मामले में मुकेश मौर्य जिन्हें शासन ने अजाक्स का प्रांताध्यक्ष बताया है, उनके द्वारा अजाक्स भवन पर कब्जा करने के मामले में जल्द एफआईआर कराने की शिकायत की जा सकती है। मौर्य पर सदस्यता और गबन के आरोप शिकायत में कहा गया है कि अजाक्स में प्रदेश के लाखों शासकीय अधिकारी एवं कर्मचारी सदस्य के रूप में जुड़े हुए हैं और यह प्रदेश की लगभग 36 प्रतिशत अनुसूचित जाति एवं जनजाति आबादी का प्रतिनिधित्व करता है। अजाक्स में केवल शासकीय कर्मचारी ही सदस्य बन सकते हैं, जबकि मुकेश मौर्य एक निजी संस्थान में कार्यरत हैं। उन पर करीब 17.95 लाख रुपए की सदस्यता राशि के गबन का आरोप भी लगाया गया है। इनमें से लगभग ₹12.95 लाख रुपए स्थानीय स्तर पर रसीद काटकर एकत्र की गई, जिसे न तो बैंक में जमा किया गया और न ही उसका कोई लेखा-जोखा प्रस्तुत किया गया। इस संबंध में उन्हें जुलाई 2023 में प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया गया। फर्जी कार्यकारिणी बनाने और संगठन की छवि खराब करने का आरोप गौतम पाटिल ने यह भी आरोप लगाया कि 29 एवं 30 जुलाई 2023 में कथित बैठकों के आधार पर कूटरचित कार्यकारिणी बनाकर उसे भोपाल में पंजीयन के लिए प्रस्तुत किया गया। इस पूरे मामले में शासन के अधिकारियों से मिलीभगत कर एक गैर-शासकीय व्यक्ति को प्रांताध्यक्ष बनाने का प्रयास बताया गया है। शिकायत में कहा गया है कि यह पूरा घटनाक्रम धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और अवैध हस्तक्षेप जैसे गंभीर अपराधों की श्रेणी में आता है। साथ ही इससे संघ और संगठन दोनों की छवि प्रभावित हो रही है। मौर्य का पलटवार: संपत्ति हड़पने की साजिश दूसरी ओर मुकेश मौर्य ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए पलटवार किया है। उनका कहना है कि कंसोटिया, एसएल सूर्यवंशी और गौतम पाटिल समेत कुछ लोग ट्रस्ट बनाकर संगठन की संपत्ति हड़पना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि उनके प्रांताध्यक्ष बनने के बाद ही यह विवाद खड़ा किया गया है। मौर्य ने कहा कि वे अपने कार्यकाल में कंसोटिया को संरक्षक बनाने को तैयार थे पर इनके द्वारा संगठन को तोड़ने का काम किया जा रहा है। मौर्य ने कहा कि बुधवार को इन सबके विरुद्ध एफआईआर कराएंगे। अजाक्स कार्यालय को घेर कर रखा है। फर्जी शिकायत कर रहे हैं। अधिकार नहीं है, फिर भी कब्जा कर रहे हैं। मौर्य ने कहा कि सुरेंद्र मिश्रा ने ग्वालियर में रविदास जयंती पर कार्यक्रम किया था तो ग्वालियर का कार्यालय भवन उन्हें सौंपा था। इसलिए ये लोग विरोध कर रहे हैं। मौर्य ने कहा कि सामाजिक समरसता के लिए सालों से काम कर रहा हूं। इसी तरह का कोई और कार्यक्रम करता है तो उसमें बुराई है? सभी वर्ग आएंगे इसलिए सहमति दी थी।















































