घर में घुसकर महिला से छेड़छाड़, विरोध पर स्तन काटा:आरोपी भाजपा मंडल अध्यक्ष का भतीजा; 6 दिन बाद भी नहीं हुई FIR

खंडवा में एक युवक महिला के घर में जबरन घुस गया और उससे जबरन छेड़छाड़ करने लगा। महिला ने जब इसका विरोध किया तो आरोपी ने चाकू से एक स्तन काट दिया। पसलियों में चाकू मार दिया। इतने में महिला का पति पहुंच गया, उसको देख आरोपी मौके से भाग गया। आरोपी भाजपा मंडल अध्यक्ष का भतीजा बताया जा रहा है। मामला पंधाना थाना क्षेत्र के ग्राम शाहपुरा का है। 6 दिन से महिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती है। उसकी हालत गंभीर है, डॉक्टरों ने इंदौर रेफर करने की बात कही है। इलाज के लिए महिला का पति अब रिश्तेदारों से कर्ज लेने की जुगाड़ कर रहा है। इधर, घटना के बाद से अब तक पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है। महिला के पति ने बताया कि, अस्पताल चौकी पुलिस और तहसीलदार ने भी बयान दर्ज किए हैं। अभी तक केस रजिस्टर्ड नहीं हुआ। मामले की शिकायत एसपी से भी की है। पति बोला- दुष्कर्म की कोशिश कर रहा था महिला के पति ने बताया कि, घटना 11 अप्रैल की रात 12 बजे की हैं। उस दिन वह ड्राइवरी के लिए टैक्सी लेकर बुरहानपुर गया था। रात के समय घर आया तो आकाश पटेल मेरी पत्नी से झगड़ा कर रहा था, उसके हाथ में चाकू था। मेरे आने तक वह पत्नी को चाकू से घायल कर चुका था। मैं आकाश को पकड़ने लगा इतने में वह भाग गया। पत्नी ने बताया कि स्तन में चाकू घोंप दिया। मैं उसे लेकर अस्पताल के लिए निकल पड़ा। रास्ते में पत्नी ने बताया कि, आकाश ने उसके साथ रेप करने की कोशिश की। वह पिछले एक हफ्ते से बार-बार घर की तरफ आता था और 5 अप्रैल को भी वह घर में घुस आया था। उस दिन वह शराब के नशे में था और पत्नी को धमकी देकर गया था कि तेरे साथ रेप करूंगा। 5 दिन बाद 11 अप्रैल को पत्नी घर में सो रही थी। इस दौरान वह घर के पीछे खेत तरफ से आया और खिड़की में लगी जाली तोड़ दी। खिड़की से घर में घुसा और पत्नी के साथ रेप का प्रयास किया। आरोपी भाजपा मंडल अध्यक्ष का भतीजा पीड़िता के पति का कहना है कि, घटना के बाद हम लोग बोरगांव बुजुर्ग स्थित पुलिस चौकी गए थे। लेकिन वहां से कहा गया कि आप पहले अस्पताल जाइए, अस्पताल की पुलिस से हम रिपोर्ट मंगा लेंगे। आज 6 दिन हो गए हैं, अस्पताल वाले बयान लेकर चार दिन पहले ही डायरी बोरगांव चौकी पुलिस को दें चुके हैं। यहां तक कि खंडवा तहसीलदार ने खुद आकर बयान भी रिकॉर्ड कर लिए, लेकिन पुलिस ने इस गंभीर केस में भी एफआईआर नहीं की। आरोपी को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त हैं। क्योंकि उसका सगा काका जितेंद्र पटेल भाजपा बोरगांव मंडल का अध्यक्ष हैं। शायद इसीलिए पुलिस ने एफआईआर नहीं की। हमारे साथ बहुत अन्याय हुआ हैं। पुलिस और प्रशासन को हमारी मदद करना थी लेकिन हमें ही परेशान किया जा रहा है। आरोपी खुलेआम घूम रहा हैं। व्हाट्सएप स्टेट्स से पता लगा कि पति घर नहीं महिला के पति के अनुसार, आकाश पटेल पिकअप गाड़ी चलाता है। यानी वह भी मेरी तरह ड्राइवर हैं, इस कारण हम लोग एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। मैंने घटना वाले दिन व्हाट्सएप स्टेट्स डाला कि आज बुरहानपुर जा रहा हूं, कोई सवारी हो तो संपर्क करें। यह स्टेट्स आकाश ने भी सीन किया और उसे लग गया कि मेरी पत्नी घर पर अकेली हैं। वह घर पहुंचा और रेप का प्रयास कर चाकूबाजी की। इतनी देर में मैं खुद चले गया, क्योंकि आते वक्त मेरे पास सवारी नहीं थी, इस कारण मैं सीधे घर पहुंचा था। पुलिस बोली- कोई रिपोर्ट लिखाने नहीं आया इधर, मामले में एफआईआर ना लिखने को लेकर चौकी प्रभारी अविनाश भोपले का कहना है कि ऐसा कोई भी प्रकरण चौकी पर नहीं आया था। अस्पताल से मामले की सूचना जरूर मिली थी। लेकिन एमएलसी में बताया गया कि पति-पत्नी के बीच का आपसी विवाद है और इसी विवाद में महिला को चोट आई। फिलहाल चौकी पर कोई रिपोर्ट लिखाने नहीं पहुंचा।
धुरंधर-2 में एसपी असलम को मारने वाले हिरव की कहानी:बिना डायलॉग के हाव-भाव से दिल जीता; पाकिस्तान से आ रहे ड्राइविंग सिखाने के मैसेज

भारतीय सिनेमा में 3,000 करोड़ रुपए की कमाई का रिकॉर्ड बनाने वाली फ्रेंचाइजी ‘धुरंधर’ में एक चेहरा इन दिनों खूब चर्चा में है। धुरंधर 2 में एसपी असलम चौधरी को मारने वाला यह किरदार हिरव मेहता ने निभाया है। फिल्म में बिना एक भी डायलॉग बोले हिरव ने अपनी ड्राइविंग और हाव-भाव से दर्शकों का दिल जीत लिया है। फिल्म में हिरव का कार से संजय दत्त (एसपी असलम चौधरी) को मारना कहानी का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है। दिव्य भास्कर ने हिरव से खास बातचीत की, जिसमें उन्होंने कई सवालों के जवाब दिए। मुकेश छाबड़ा के ऑफिस से चमकी किस्मत हिरव बताते हैं कि उन्हें यह रोल एक कॉल के जरिए मिला। उन्होंने मशहूर कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा के ऑफिस में अपना परिचय और प्रोफाइल दिया था। वहां से डेटा निकालकर उन्हें ऑनलाइन ऑडिशन और लुक टेस्ट के लिए बुलाया गया। हिरव ने बताया कि जब उन्हें पता चला कि फिल्म में रणवीर सिंह, संजय दत्त और अक्षय खन्ना जैसे बड़े सितारे हैं, तो वे दंग रह गए। उन्हें लगा कि यह उनके करियर का सबसे बड़ा मौका है। लेह से मुंबई तक हुई फिल्म की शूटिंग फिल्म की शूटिंग अगस्त 2025 में लेह-लद्दाख से शुरू हुई थी। हिरव ने बताया कि अक्षय खन्ना का वायरल वॉक वाला सीन लद्दाख में ही शूट हुआ था। उनके खुद के ड्राइविंग वाले सीन की शूटिंग चंडीगढ़ में हुई, जबकि चेहरे के क्लोज-अप शॉट्स आधे चंडीगढ़ और आधे मुंबई की गोरेगांव फिल्म सिटी में शूट किए गए। हिरव के मुताबिक, संजय दत्त जैसे दिग्गज को पर्दे पर मारने का सीन शूट करना डरावना और सुखद, दोनों तरह का अनुभव था। रणवीर सिंह का व्यवहार और ‘मास्टर क्लास’ शूटिंग के दौरान रणवीर सिंह के साथ अपने अनुभव को साझा करते हुए हिरव ने बताया कि रणवीर सबको बराबरी का सम्मान देते हैं। हिरव ने कहा, जब मेरा क्लोज-अप सीन था, तब रणवीर ने कैमरे के पीछे से चिल्लाकर मेरा उत्साह बढ़ाया और कहा चलो हिरव, करते हैं। एक सुपरस्टार को मेरा नाम याद था, यह मेरे लिए बड़ी बात थी।” उन्होंने बताया कि अक्षय खन्ना अपने काम में डूबे रहते हैं, वहीं संजय दत्त दिखने में गंभीर हैं लेकिन बात करने में बहुत विनम्र हैं। पाकिस्तान से आ रहे ‘ड्राइविंग स्कूल’ के मैसेज हिरव के ड्राइविंग सीन और एक्टिंग की तारीफ सीमा पार पाकिस्तान में भी हो रही है। सोशल मीडिया पर लोग उन्हें ‘फेवरेट ड्राइवर’ बता रहे हैं। हिरव ने बताया कि उन्हें पाकिस्तान से कई मैसेज मिल रहे हैं, जिनमें लोग कह रहे हैं ‘हमें भी ड्राइविंग सिखा दो।’ हालांकि, फिल्म को लेकर उठ रहे प्रोपेगेंडा के सवालों पर हिरव का कहना है कि यह फिल्म किसी देश के खिलाफ नहीं, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ है और इसमें कुछ भी गलत नहीं दिखाया गया है। फाइनेंस प्रोफेशनल से ‘मसल मेहता’ तक का सफर हिरव का फिल्मी सफर काफी दिलचस्प रहा है। उन्होंने फाइनेंस में एमबीए किया है और शेयर बाजार में भी काम किया है। बाल कलाकार के रूप में बूस्टर के विज्ञापन से शुरुआत करने वाले हिरव ने फिटनेस की दुनिया में भी नाम कमाया है। वे ‘मसल मेहता’ नाम से इंस्टाग्राम पेज चलाते हैं, जहां वे लोगों को ऑनलाइन ट्रेनिंग देते हैं। फिल्म की सफलता के बाद 15 दिनों में उनके फॉलोअर्स 29 हजार से बढ़कर 1 लाख हो गए हैं। हिरव को अब कुछ और बड़ी फिल्मों के ऑफर भी मिल रहे हैं।
धुरंधर-2 एक्टर को पाकिस्तान से या रहे मैसेज:एसपी असलम को मारने वाले हिरव मेहता बोले- रणवीर बहुत सम्मान देते हैं

भारतीय सिनेमा में 3,000 करोड़ रुपए की कमाई का रिकॉर्ड बनाने वाली फ्रेंचाइजी ‘धुरंधर’ में एक चेहरा इन दिनों खूब चर्चा में है। धुरंधर 2 में एसपी असलम चौधरी को मारने वाला यह किरदार हिरव मेहता ने निभाया है। फिल्म में बिना एक भी डायलॉग बोले हिरव ने अपनी ड्राइविंग और हाव-भाव से दर्शकों का दिल जीत लिया है। फिल्म में हिरव का कार से संजय दत्त (एसपी असलम चौधरी) को मारना कहानी का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है। दिव्य भास्कर ने हिरव से खास बातचीत की, जिसमें उन्होंने धुरंधर 2 के एक्सपीरियंस शेयर किए। मुकेश छाबड़ा के ऑफिस से चमकी किस्मत हिरव बताते हैं कि उन्हें यह रोल एक कॉल के जरिए मिला। उन्होंने मशहूर कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा के ऑफिस में अपना परिचय और प्रोफाइल दिया था। वहां से डेटा निकालकर उन्हें ऑनलाइन ऑडिशन और लुक टेस्ट के लिए बुलाया गया। हिरव ने बताया कि जब उन्हें पता चला कि फिल्म में रणवीर सिंह, संजय दत्त और अक्षय खन्ना जैसे बड़े सितारे हैं, तो वे दंग रह गए। उन्हें लगा कि यह उनके करियर का सबसे बड़ा मौका है। लेह से मुंबई तक हुई फिल्म की शूटिंग फिल्म की शूटिंग अगस्त 2025 में लेह-लद्दाख से शुरू हुई थी। हिरव ने बताया कि अक्षय खन्ना का वायरल वॉक वाला सीन लद्दाख में ही शूट हुआ था। उनके खुद के ड्राइविंग वाले सीन की शूटिंग चंडीगढ़ में हुई, जबकि चेहरे के क्लोज-अप शॉट्स आधे चंडीगढ़ और आधे मुंबई की गोरेगांव फिल्म सिटी में शूट किए गए। हिरव के मुताबिक, संजय दत्त जैसे दिग्गज को पर्दे पर मारने का सीन शूट करना डरावना और सुखद, दोनों तरह का अनुभव था। रणवीर सिंह का व्यवहार और ‘मास्टर क्लास’ शूटिंग के दौरान रणवीर सिंह के साथ अपने अनुभव को साझा करते हुए हिरव ने बताया कि रणवीर सबको बराबरी का सम्मान देते हैं। हिरव ने कहा, जब मेरा क्लोज-अप सीन था, तब रणवीर ने कैमरे के पीछे से चिल्लाकर मेरा उत्साह बढ़ाया और कहा चलो हिरव, करते हैं। एक सुपरस्टार को मेरा नाम याद था, यह मेरे लिए बड़ी बात थी।” उन्होंने बताया कि अक्षय खन्ना अपने काम में डूबे रहते हैं, वहीं संजय दत्त दिखने में गंभीर हैं लेकिन बात करने में बहुत विनम्र हैं। पाकिस्तान से आ रहे ‘ड्राइविंग स्कूल’ के मैसेज हिरव के ड्राइविंग सीन और एक्टिंग की तारीफ सीमा पार पाकिस्तान में भी हो रही है। सोशल मीडिया पर लोग उन्हें ‘फेवरेट ड्राइवर’ बता रहे हैं। हिरव ने बताया कि उन्हें पाकिस्तान से कई मैसेज मिल रहे हैं, जिनमें लोग कह रहे हैं ‘हमें भी ड्राइविंग सिखा दो।’ हालांकि, फिल्म को लेकर उठ रहे प्रोपेगेंडा के सवालों पर हिरव का कहना है कि यह फिल्म किसी देश के खिलाफ नहीं, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ है और इसमें कुछ भी गलत नहीं दिखाया गया है। फाइनेंस प्रोफेशनल से ‘मसल मेहता’ तक का सफर हिरव का फिल्मी सफर काफी दिलचस्प रहा है। उन्होंने फाइनेंस में एमबीए किया है और शेयर बाजार में भी काम किया है। बाल कलाकार के रूप में बूस्टर के विज्ञापन से शुरुआत करने वाले हिरव ने फिटनेस की दुनिया में भी नाम कमाया है। वे ‘मसल मेहता’ नाम से इंस्टाग्राम पेज चलाते हैं, जहां वे लोगों को ऑनलाइन ट्रेनिंग देते हैं। फिल्म की सफलता के बाद 15 दिनों में उनके फॉलोअर्स 29 हजार से बढ़कर 1 लाख हो गए हैं। हिरव को अब कुछ और बड़ी फिल्मों के ऑफर भी मिल रहे हैं।
फिल्म एक दिन का ट्रेलर रिलीज:साई पल्लवी-जुनैद खान के बीच दिखी इमोशनल केमिस्ट्री, कहानी में जापान में आया ट्विस्ट

आमिर खान प्रोडक्शन्स की फिल्म एक दिन का दूसरा ट्रेलर गुरुवार को रिलीज हुआ। फिल्म में साई पल्लवी और जुनैद खान लीड रोल में हैं। इस ट्रेलर में एक लव स्टोरी दिखाई गई है, जिसमें जुनैद एक शर्मीले युवक के किरदार में हैं, जो साई पल्लवी के किरदार से प्यार करते हैं। दोनों एक ही ऑफिस में काम करते हैं, लेकिन वह उनसे बात नहीं कर पाते। कहानी में मोड़ तब आता है जब दोनों ऑफिस ट्रिप के लिए जापान जाते हैं। वहां साई का एक्सीडेंट हो जाता है और उसे ट्रांजिएंट ग्लोबल एमनेशिया (TGA) हो जाता है। इस स्थिति में उन्हें सिर्फ जुनैद याद रहते हैं, जिन्होंने उनकी जान बचाई थी। जापान में दोनों को साथ समय बिताने का मौका मिलता है। लड़का जानता है कि मीरा अगले दिन सब भूल जाएगी, फिर भी वह उस एक दिन को खास बना देता है। फिल्म ‘एक दिन’ के ट्रेलर में साई पल्लवी और जुनैद खान की केमिस्ट्री बेहद इमोशनल दिखाई गई है। दोनों की केमिस्ट्री की खास बात यह है कि इसमें अधूरापन और दर्द दोनों हैं। जुनैद का किरदार जानता है कि यह रिश्ता हर दिन नया शुरू होगा, फिर भी वह हर पल को पूरी शिद्दत से जीता है। यही इमोशनल डेप्थ कहानी को खास बना रही है। आमिर और मंसूर खान फिर साथ आए यह फिल्म 1 मई, 2026 को थिएटर में रिलीज होगी। ‘एक दिन’ को सुनील पांडे ने डायरेक्ट किया है और आमिर खान, मंसूर खान और अपर्णा पुरोहित ने प्रोड्यूस किया है। इस फिल्म में आमिर खान और मंसूर खान लंबे समय के बाद साथ आ रहे हैं। इससे पहले, वे ‘कयामत से कयामत तक’, ‘जो जीता वही सिकंदर’, ‘अकेले हम अकेले तुम’ और ‘जाने तू… या जाने ना’ जैसी फिल्मों में साथ काम कर चुके हैं।
Haryana Congress MLAs Face Suspension Over Rajya Sabha Cross-Voting Allegations

केंद्रीय नेतृत्व ने हरियाणा कांग्रेस की अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति की रिपोर्ट पर यह एक्शन लिया है। हरियाणा राज्यसभा चुनाव में भाजपा समर्थित निर्दलीय कैंडिडेट के पक्ष में वोटिंग करने वाले कांग्रेस के पांच विधायकों शैली चौधरी (नारायणगढ़), रेनू बाला (साढ़ौरा), मोहम्मद इलियास (पुन्हाना), मोहम्मद इजराइल (हथीन) और जरनैल सिंह (रतिया) को निलंबित कर दिया है . 16 मार्च को हुए इस चुनाव में कांग्रेस के आधिकारिक उम्मीदवार कर्मवीर सिंह बौद्ध हारते-हारते बचे थे। हरियाणा कांग्रेस की डिसिप्लिनरी एक्शन कमेटी (DAC) ने विधायकों को निलंबित करने की सिफारिश की थी। इस रिपोर्ट को केंद्रीय नेतृत्व ने स्वीकार कर लिया गया। सस्पेंशन के आदेश पर दैनिक भास्कर एप ने सभी विधायकों से पहला रिएक्शन लिया। शैली चौधरी ने कहा कि निलंबन की जानकारी नहीं है, अभी बाहर हैं। जरनैल सिंह ने कहा-एक तरफा कार्रवाई हुई है। विधायक मोहम्मद इजराइल व मोहम्मद इलियास ने कहा पार्टी का फैसला मंजूर है। रेनू बाला के पीए ने कहा-मैडम पारिवारिक समारोह में व्यस्त हैं। हरियाणा कांग्रेस की ओर से जारी किया गया लेटर… पार्टी से सस्पेंड होने से पांचों विधायकों का क्या होगा… विधायक बने रहेंगेः कानून मामलों के जानकार एडवोकेट हेमंत कुमार के मुताबिक कांग्रेस ने जिन विधायकों को सस्पेंड किया है, उनके विधायक पद को कोई खतरा नहीं है। यानी वो विधायक बने रहेंगे। उनका पद तभी खतरे में होगा, यदि वो खुद पार्टी छोड़ते हैं। व्हिप मानना होगाः विधानसभा सदन में कांग्रेस यदि व्हिप (अनिवार्य आदेश) जारी करती है, तो ये निलंबित विधायक उसे मानने को बाध्य होंगे। किसी महत्वपूर्ण बिल पर वोटिंग की स्थिति में पार्टी व्हिप जारी करती है। पार्टी मीटिंग में नहीं बुलाया जाएगाः आमतौर पर निलंबन की स्थिति में कांग्रेस विधायक दल या पार्टी की मीटिंग में इन विधायकों को नहीं बुलाया जाएगा। हालांकि कांग्रेस विधायक ही कहलाएंगे। निलंबन पर विधायकों ने इस तरह दी प्रतिक्रिया… रतिया विधायक बोले- बहुत धक्का हुआ, हमारी सुनवाई नहीं हई रतिया से विधायक जरनैल सिंह ने कहा कि मुझे मीडिया के जरिए ही पता चला है कि पार्टी ने सस्पेंड कर दिया है। यह हमारे साथ बहुत धक्का हुआ है। हमारी सुनवाई नहीं हुई। जवाब मांगा था, मैंने लिखित में दे दिया था। मगर, बाद में हमें बुलाना चाहिए था। एक तरफा कार्रवाई हुई है, जिसका हमें बहुत दुख हुआ है। आगे कहा कि रतिया में कांग्रेस को जिंदा रखा तो जरनैल सिंह ने रखा है। मैं और मेरे साथी बहुत समय तक कांग्रेस के लिए लगे रहे। रतिया में कभी कांग्रेस नहीं जीती, हमने जिताया। मेरे इलाके के 87 हजार वोटर्स ने मुझे विधायक चुना। उन सबके साथ राय-मशविरा करूंगा। दुख तो इसी बात का है कि जिस आदमी की वफादारी की है, उसी ने यह सिला दिया है। पार्टी हाईकमान ने गलत किया है, हमें बुलाकर पूछना चाहिए था। सारी जांच करनी चाहिए थी। शैली चौधरी बोलीं- हमें कोई चिट्ठी प्राप्त नहीं हुई कांग्रेस पार्टी से निलंबन किए जाने पर नारायणगढ़ से विधायक शैली चौधरी का पहला रिएक्शन आया है। उन्होंने बताया कि अभी उन्हें इस मामले में कोई चिट्ठी पार्टी की ओर से प्राप्त नहीं हुई है। जब तक वह उन्हें नहीं मिल जाती, तब तक वह इस मामले में कुछ नहीं कह पाएंगी। कहा कि वह अभी अपने परिवार के साथ हरियाणा से बाहर आई हुई हैं। संडे को उन्होंने लौटने की बात कही है। इजराइल बोले-हलके के लिए क्रॉस वोट किया हथीन विधायक मोहम्मद इसराइल ने कहा-इलाके के लोगों की भलाई के लिए क्रॉस वोट किया था। कांग्रेस का राज्यसभा का उम्मीदवार पसंद नहीं था। देश में लोकतंत्र है और कोई किसी को भी अपना वोट दे सकता है। हाईकमान का फैसला मंजूर है। पार्टी ने भले ही उनको निलंबित कर दिया हो, लेकिन मैं लोगों की भलाई के लिए काम करता रहूंगा। किसी दूसरी पार्टी में जाने का मन में विचार नहीं है। इलाके के लोगों को एकत्रित करूंगा। जनता जो फैसला लेगी उसी से आगे बढ़ेंगे। इलियास बोले-कुछ नहीं कहूंगा, रेनू बाला का फोन बंद पुन्हाना विधानसभा मोहम्मद इलियास ने कहा-पार्टी का अधिकार है, हम इसमें कुछ नहीं कह सकते, वह चाहे जो कर सकते हैं। BJP या दूसरी किसी पार्टी में शामिल होने वाले सवाल पर वे चुप्पी साध गए। उधर, साढौरा की विधायक रेनू बाला का मोबाइल फोन फिलहाल स्विच ऑफ है। उनके निजी सहायक (पीए) रवि ने बताया कि मैडम आज एक पारिवारिक कार्यक्रम में व्यस्त हैं। सस्पेंशन का आधिकारिक पत्र नहीं मिला है। सस्पेंड होने वाले विधायकों के बारे में जानिए… सस्पेंड की गईं रेनू बाला और शैली चौधरी सांसद कुमारी सैलजा की करीबी हैं। दोनों दूसरी बार विधायक बनी हैं। इन दोनों को टिकट दिलाने में सैलजा की ही भूमिका रही थी। 16 मार्च को वोटिंग के दिन शैली चौधरी विधानसभा के गेट पर सीएम नायब सैनी की टीम से जुड़े तरूण भंडारी के साथ दिखी थीं। वोटिंग के बाद मोहम्मद इलियास सीएम नायब सैनी से मिलने गए थे। इलियास लंबे समय से डायलिसिस पर हैं। दिलचस्प है कि नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा खुद उन्हें अपनी गाड़ी में बैठाकर विधानसभा तक पहुंचे थे। इससे अंदाजा लगाया गया कि हुड्डा को पहले से ही उन पर संदेह था। इलियास पांचवीं बार के विधायक हैं। पहले इनेलो में भी रहे हैं। मोहम्मद इजराइल भी दूसरी बार विधायक बने हैं। उनके पिता जलेब खान हुड्डा सरकार में मुख्य संसदीय सचिव रहे। अब यहां जानिए राज्यसभा चुनाव में क्या हुआ था… कुल 90 वोट थे, इनेलो के 2 विधायकों ने बनाई थी दूरी : 16 मार्च को हरियाणा राज्यसभा चुनाव में कुल 90 विधायकों के वोट थे, जिनमें से इनेलो के 2 विधायकों ने वोट नहीं डाला था, जबकि 5 वोट रद्द हो गए थे। इस प्रकार, कुल 83 वोट बचे। भाजपा के 48 विधायकों में से 1 का वोट रद्द हो गया, जिससे 47 वोट बचे। कांग्रेस के चार और भाजपा को एक वोट रद्द हुआ था: पहली प्राथमिकता वाले वोट संजय भाटिया को 39 और सतीश नांदल को 8 मिले थे। कांग्रेस के 37 विधायकों में से 4 वोट रद्द हो गए थे, जबकि 5 ने क्रॉस वोटिंग की थी, जिससे 28 वोट बचे। इससे कर्मवीर बौद्ध की जीत हुई थी। भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल को पहली प्राथमिकता के
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 27 अप्रैल को आएंगी हिमाचल:शिमला, अटल टनल और पालमपुर का दौरा तय, 2 मई को वापस लौटेंगी दिल्ली, रिट्रीट में रुकेंगी

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 27 अप्रैल से छह दिन के दौरे पर हिमाचल प्रदेश आ रही हैं। राष्ट्रपति सचिवालय द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, वे शिमला, अटल टनल और पालमपुर यूनिवर्सिटी जाएंगी। राष्ट्रपति 27 अप्रैल को दिल्ली से चंडीगढ़ और वहां से सीधे शिमला के कल्याणी हेलिपेड आएंगी। वह दोपहर लगभग 12:15 बजे शिमला पहुंचेंगी और राष्ट्रपति निवास रिट्रीट (छराबड़ा) में ठहरेंगी। 29 अप्रैल को अटल टनल जाएंगी 28 अप्रैल की सुबह वे राष्ट्रपति निवास में आयोजित उद्घाटन समारोह में शामिल होंगी। 29 अप्रैल को राष्ट्रपति शिमला से अटल टनल रोहतांग जाएंगी, जहां वे सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगी। इसके बाद शाम को वे वापस छराबड़ा स्थित रिट्रीट लौटेंगी। 30 अप्रैल को पालमपुर यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में होंगी शामिल 30 अप्रैल को राष्ट्रपति पालमपुर स्थित कृषि विश्वविद्यालय के 17वें दीक्षांत समारोह में भाग लेंगी और उसी शाम शिमला वापस लौटेंगी। 1 मई को शिमला में “एट होम” कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहेंगे। 2 मई को राष्ट्रपति मुर्मू दिल्ली लौट जाएंगी। हर साल गर्मियों में शिमला आते रहे हैं राष्ट्रपति बता दें कि शिमला से लगभग 13 किलोमीटर दूर स्थित छराबड़ा में राष्ट्रपति निवास रिट्रीट है। परंपरागत रूप से राष्ट्रपति यहां ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान ठहरते हैं। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी दो बार शिमला का दौरा कर चुकी हैं। राष्ट्रपति के दौरे की पुष्टि होते ही प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
ग्वालियर हाईकोर्ट से बलात्कार पीड़िता को मिली राहत:10 हफ्ते के गर्भ को मेडिकल बोर्ड की निगरानी में समाप्त करने का आदेश,आज जेएएच में होगी प्रक्रिया

ग्वालियर हाईकोर्ट की एकल पीठ ने दुष्कर्म पीड़िता के पक्ष में महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए उसके गर्भपात (मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी) की अनुमति दे दी है। कोर्ट के आदेश के अनुसार शुक्रवार (17 अप्रैल को) सुबह 10 बजे जीआर मेडिकल कॉलेज में यह प्रक्रिया कराई जाएगी। पीड़िता की ओर से दायर याचिका में बताया गया कि 11 जनवरी को आरोपियों द्वारा उसे घर से ले जाकर दुष्कर्म किया गया, जिसके परिणामस्वरूप वह गर्भवती हो गई। वर्तमान में युवती की उम्र 18 वर्ष 5 माह बताई गई है। परिवार ने अदालत को जानकारी दी कि वे आर्थिक रूप से बच्चे का पालन-पोषण करने में सक्षम नहीं हैं। साथ ही गर्भ के कारण युवती को लगातार शारीरिक पीड़ा, मानसिक आघात और सामाजिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है। कोर्ट ने मेडिकल बोर्ड से मांगी थी रिपोर्ट मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने कमलाराजा अस्पताल एवं जीआर मेडिकल कॉलेज के मेडिकल बोर्ड से रिपोर्ट मांगी थी। मेडिकल जांच के बाद बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि पीड़िता का गर्भ 10 सप्ताह 3 दिन का है और सभी आवश्यक मेडिकल पैरामीटर सामान्य हैं। सुरक्षित गर्भपात का भरोसा दिलाया मेडिकल बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया कि विशेषज्ञों की निगरानी और आवश्यक सुविधाओं के साथ गर्भपात सुरक्षित रूप से किया जा सकता है। इसी आधार पर कोर्ट ने पीड़िता को राहत देते हुए गर्भपात की अनुमति दी, जिससे उसे शारीरिक और मानसिक कष्ट से राहत मिल सके।
US Scientist Death Missing Mystery; Nuclear Space

वॉशिंगटन डीसी14 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिका में न्यूक्लियर और स्पेस रिसर्च से जुड़े वैज्ञानिकों की मौत और गुमशुदगी के मामलों पर अब व्हाइट हाउस सवालों के घेरे में है। 2023 से अब तक ऐसे 10 मामले सामने आए हैं, जिनमें वैज्ञानिक या अधिकारी या तो लापता हो गए या संदिग्ध हालात में मरे। बुधवार को व्हाइट हाउस ब्रीफिंग में पहली बार प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट से इन घटनाओं पर सवाल पूछा गया। जवाब में उन्होंने कहा, “मैंने अभी संबंधित एजेंसियों से इस बारे में बात नहीं की है। मैं ऐसा करूंगी और आपको जवाब दूंगी।” उन्होंने आगे कहा, “अगर यह सही है, तो यह निश्चित तौर पर ऐसी बात है जिसे सरकार जांच के लायक मानेगा।” उनके इस जवाब के बाद लोगों में नाराजगी देखने को मिली। कई लोगों ने आरोप लगाया कि सरकारी एजेंसियां इस पैटर्न को गंभीरता से नहीं ले रही हैं या फिर इसे छुपाने की कोशिश कर रही हैं। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट बुधवार को वैज्ञानिकों के लापता होने से जुड़े सवाल का जवाब देती हुई। कई वैज्ञानिकों घरों से निकले, फिर वापस नहीं लौटे वैज्ञानिकों के लापता या मौत के सभी मामले अमेरिका की हाई-सिक्योरिटी रिसर्च संस्थाओं से जुड़े बताए जा रहे हैं। इनमें लॉस एलामोस नेशनल लैब, NASA का जेट प्रोपल्शन लैब और MIT का प्लाज्मा साइंस एंड फ्यूजन सेंटर शामिल हैं। ये संस्थान न्यूक्लियर हथियार, एडवांस्ड प्रोपल्शन और नई ऊर्जा तकनीकों पर काम करते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक कई लापता वैज्ञानिक अपने घरों से अचानक पैदल निकल गए। उन्होंने फोन, वॉलेट और चाबियां तक पीछे छोड़ दीं। यही पैटर्न कई मामलों में देखा गया है, जिससे संदेह और बढ़ा है। रिटायर्ड एयर फोर्स जनरल विलियम नील मैककैसलैंड का मामला हाल में बहुत चर्चा में रहा। वे 27 फरवरी को अपने न्यू मैक्सिको स्थित घर से गायब हो गए थे। बताया गया कि वे अपने साथ सिर्फ पिस्टल लेकर निकले थे और उनकी पत्नी ने 911 पर कहा कि वे “खुद को छिपाने की कोशिश कर रहे थे।” लापत-मृतक वैज्ञानिकों-रिसर्चर्स और एडमिन की पूरी लिस्ट मोनिका रेजा- लापता मोनिका अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा के जेट प्रोपल्शन लैब से जुड़े एक प्रोजेक्ट में काम कर रही थीं। वहां वह नए मटेरियल और धातुओं पर काम देखने वाली एक टीम की चीफ थी। वह एक खास धातु पर काम कर रही थीं, जिसे मोंडालोय कहा जाता है। यह मटेरियल खास तौर पर रॉकेट इंजन के लिए बताया जाता है। यह भविष्य की स्पेस टेक्नोलॉजी के लिए काफी अहम हो सकता था। मोनिका को आखिरी बार 22 जून की सुबह माउंट वाटरमैन इलाके में दो दोस्तों के साथ हाइकिंग करते हुए देखा गया था। उनके बारे में अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मोनिका का प्रोफेशनल कनेक्शन रिटायर्ड एयर फोर्स जनरल विलियम “नील” मैककैसलैंड से था। वह 8 महीने बाद गायब हो गए। इसके बाद शक और बढ़ गया। मोनिका रेजा रॉकेट साइंटिस्ट थीं और नासा के एक प्रोजेक्ट से जुड़ी थीं। (फाइल फोटो) विलियम मैककैसलैंड- लापता विलियम अमेरिका के रिटायर्ड एयर फोर्स जनरल हैं। वह पहले एयर फोर्स रिसर्च लैबोरेट्री के कमांडर रह चुके हैं। वहां वे अरबों डॉलर के साइंस और टेक्नोलॉजी प्रोग्राम संभालते थे। यह लैब अमेरिकी सेना की सबसे अहम रिसर्च यूनिट्स में से एक है, जहां नई टेक्नोलॉजी, हथियार सिस्टम, स्पेस से जुड़ी टेक्नोलॉजी और एडवांस साइंस पर काम होता है। जिस प्रोजेक्ट में मोनिका रेजा काम कर रही थीं, उससे जुड़ी फंडिंग की देखरेख मैककैसलैंड ने की थी। मैककैसलैंड 27 फरवरी 2026 की सुबह न्यू मैक्सिको में अपने घर के पास आखिरी बार देखे गए थे। स्टीवन गार्सिया- लापता गार्सिया 28 अगस्त 2025 को अपने घर से निकले और फिर नहीं मिले। वे एक सरकारी ठेकेदार के तौर पर काम करते थे। वे कंसास सिटी नेशनल सिक्योरिटी कैंपस से जुड़े थे, जहां परमाणु हथियारों के गैर-न्यूक्लियर पार्ट बनाए जाते हैं। यहां काम करने वाले लोग सुरक्षा के लिहाज से काफी अहम माने जाते हैं। गार्सिया 28 अगस्त 2025 को न्यू मैक्सिको के अल्बुकर्क शहर में अपने घर से अचानक गायब हो गए। सबसे अजीब बात यह थी कि वह घर से पैदल निकले। अपना फोन, वॉलेट, चाबियां सब पीछे छोड़ गए। उनके पास सिर्फ एक पिस्टल थी। इसके बाद से उनका कोई पता नहीं चला। पुलिस को भी अब तक कोई बड़ा सुराग नहीं मिला है। उनका मामला इसलिए ज्यादा चर्चा में है, क्योंकि वह संवेदनशील परमाणु काम से जुड़े थे और उनका गायब होने का तरीका बाकी कुछ मामलों से मिलता-जुलता है एंथनी चावेज- लापता एंथनी चावेज का लॉस आलामोस नेशनल लैब से जुड़े। यह एक हाई सिक्योरिटी परमाणु लैब है, जिसकी स्थापना द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान मैनहटन प्रोजेक्ट के तहत हुई थी और तब से यह परमाणु हथियारों से जुड़े रिसर्च के लिए जानी जाती है। हालांकि एंथनी का सटीक पद क्या था, यह साफ नहीं है, लेकिन इस तरह की जगह से जुड़े होने की वजह से यह मामला और ज्यादा चर्चा में आया। 78 साल के चावेज एक दिन टहलने निकले और उसके बाद अचानक गायब हो गए। उन्होंने घर से निकलते समय अपनी कार ड्राइववे में लॉक करके छोड़ी थी और उनका वॉलेट, चाबियां और बाकी निजी सामान भी घर के अंदर ही मिला। यानी वह बिना जरूरी चीजों के ही बाहर गए थे। उनके गायब होने की सटीक तारीख पता नहीं है। उनके परिवार और दोस्तों का कहना है कि उनका इस तरह अचानक गायब होना उनके स्वभाव के बिल्कुल खिलाफ है। यानी वे बिना बताए कहीं चले जाने वाले व्यक्ति नहीं थे। मेलिसा कैसियास- लापता मेलिसा कैसियास भी एंथनी चावेज की तरह लॉस आलामोस नेशनल लैब से जुड़ी थीं। वह वहां एडमिनिस्ट्रेटिव असिस्टेंट थीं, लेकिन माना जाता है कि उनके पास अहम जानकारी तक पहुंच हो सकती थी। 54 साल की मेलिसा 2025 में न्यू मैक्सिको में अपने घर से अचानक गायब हो गईं। 26 जून को कैसियास अपने पति मार्क कैसियास के साथ लेबोरेटरी गई। वहां दोनों साथ काम करते थे। हालांकि वह खुद वापस घर लौट आईं, क्योंकि वह अपना वर्क बैज भूल गई थीं। उसने घर से काम करने का फैसला किया कैसियास वापस घर लौटीं और फिर पैदल ही कही
US Scientist Death Missing Mystery; Nuclear Space

वॉशिंगटन डीसी53 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिका में न्यूक्लियर और स्पेस रिसर्च से जुड़े वैज्ञानिकों की मौत और गुमशुदगी के मामलों पर अब व्हाइट हाउस सवालों के घेरे में है। 2023 से अब तक ऐसे 10 मामले सामने आए हैं, जिनमें वैज्ञानिक या अधिकारी या तो लापता हो गए या संदिग्ध हालात में मरे। बुधवार को व्हाइट हाउस ब्रीफिंग में पहली बार प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट से इन घटनाओं पर सवाल पूछा गया। जवाब में उन्होंने कहा, “मैंने अभी संबंधित एजेंसियों से इस बारे में बात नहीं की है। मैं ऐसा करूंगी और आपको जवाब दूंगी।” उन्होंने आगे कहा, “अगर यह सही है, तो यह निश्चित तौर पर ऐसी बात है जिसे सरकार जांच के लायक मानेगा।” उनके इस जवाब के बाद लोगों में नाराजगी देखने को मिली। कई लोगों ने आरोप लगाया कि सरकारी एजेंसियां इस पैटर्न को गंभीरता से नहीं ले रही हैं या फिर इसे छुपाने की कोशिश कर रही हैं। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट बुधवार को वैज्ञानिकों के लापता होने से जुड़े सवाल का जवाब देती हुई। कई वैज्ञानिकों घरों से निकले, फिर वापस नहीं लौटे वैज्ञानिकों के लापता या मौत के सभी मामले अमेरिका की हाई-सिक्योरिटी रिसर्च संस्थाओं से जुड़े बताए जा रहे हैं। इनमें लॉस एलामोस नेशनल लैब, NASA का जेट प्रोपल्शन लैब और MIT का प्लाज्मा साइंस एंड फ्यूजन सेंटर शामिल हैं। ये संस्थान न्यूक्लियर हथियार, एडवांस्ड प्रोपल्शन और नई ऊर्जा तकनीकों पर काम करते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक कई लापता वैज्ञानिक अपने घरों से अचानक पैदल निकल गए। उन्होंने फोन, वॉलेट और चाबियां तक पीछे छोड़ दीं। यही पैटर्न कई मामलों में देखा गया है, जिससे संदेह और बढ़ा है। रिटायर्ड एयर फोर्स जनरल विलियम नील मैककैसलैंड का मामला हाल में बहुत चर्चा में रहा। वे 27 फरवरी को अपने न्यू मैक्सिको स्थित घर से गायब हो गए थे। बताया गया कि वे अपने साथ सिर्फ पिस्टल लेकर निकले थे और उनकी पत्नी ने 911 पर कहा कि वे खुद को छिपाने की कोशिश कर रहे थे। विलियम नील मैककैसलैंड एक रिटायर्ड अमेरिकी एयर फोर्स जनरल थे। (फाइल फोटो) लापत-मृतक वैज्ञानिकों-रिसर्चर्स और एडमिन की पूरी लिस्ट मोनिका रेजा- लापता मोनिका अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा के जेट प्रोपल्शन लैब से जुड़े एक प्रोजेक्ट में काम कर रही थीं। वहां वह नए मटेरियल और धातुओं पर काम देखने वाली एक टीम की चीफ थी। वह एक खास धातु पर काम कर रही थीं, जिसे मोंडालोय कहा जाता है। यह मटेरियल खास तौर पर रॉकेट इंजन के लिए बताया जाता है। यह भविष्य की स्पेस टेक्नोलॉजी के लिए काफी अहम हो सकता था। मोनिका को आखिरी बार 22 जून की सुबह माउंट वाटरमैन इलाके में दो दोस्तों के साथ हाइकिंग करते हुए देखा गया था। उनके बारे में अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मोनिका का प्रोफेशनल कनेक्शन रिटायर्ड एयर फोर्स जनरल विलियम “नील” मैककैसलैंड से था। वह 8 महीने बाद गायब हो गए। इसके बाद शक और बढ़ गया। मोनिका रेजा रॉकेट साइंटिस्ट थीं और नासा के एक प्रोजेक्ट से जुड़ी थीं। (फाइल फोटो) विलियम मैककैसलैंड- लापता विलियम अमेरिका के रिटायर्ड एयर फोर्स जनरल हैं। वह पहले एयर फोर्स रिसर्च लैबोरेट्री के कमांडर रह चुके हैं। वहां वे अरबों डॉलर के साइंस और टेक्नोलॉजी प्रोग्राम संभालते थे। यह लैब अमेरिकी सेना की सबसे अहम रिसर्च यूनिट्स में से एक है, जहां नई टेक्नोलॉजी, हथियार सिस्टम, स्पेस से जुड़ी टेक्नोलॉजी और एडवांस साइंस पर काम होता है। जिस प्रोजेक्ट में मोनिका रेजा काम कर रही थीं, उससे जुड़ी फंडिंग की देखरेख मैककैसलैंड ने की थी। मैककैसलैंड 27 फरवरी 2026 की सुबह न्यू मैक्सिको में अपने घर के पास आखिरी बार देखे गए थे। स्टीवन गार्सिया- लापता गार्सिया कंसास सरकारी ठेकेदार थे और सिटी नेशनल सिक्योरिटी कैंपस से जुड़े थे, जहां परमाणु हथियारों के गैर-न्यूक्लियर पार्ट बनाए जाते हैं। यहां काम करने वाले लोग सुरक्षा के लिहाज से काफी अहम माने जाते हैं। गार्सिया 28 अगस्त 2025 को न्यू मैक्सिको के अल्बुकर्क शहर में अपने घर से अचानक गायब हो गए। सबसे अजीब बात यह थी कि वह घर से पैदल निकले। अपना फोन, वॉलेट, चाबियां सब पीछे छोड़ गए। उनके पास सिर्फ एक पिस्टल थी। इसके बाद से उनका कोई पता नहीं चला। पुलिस को भी अब तक कोई बड़ा सुराग नहीं मिला है। उनका मामला इसलिए ज्यादा चर्चा में है, क्योंकि वह संवेदनशील परमाणु काम से जुड़े थे और उनका गायब होने का तरीका बाकी कुछ मामलों से मिलता-जुलता है। स्टीवन गार्सिया सिटी नेशनल सिक्योरिटी कैंपस में सरकारी ठेकेदार थे। एंथनी चावेज- लापता एंथनी चावेज का लॉस आलामोस नेशनल लैब से जुड़े। यह एक हाई सिक्योरिटी परमाणु लैब है, जिसकी स्थापना द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान मैनहटन प्रोजेक्ट के तहत हुई थी और तब से यह परमाणु हथियारों से जुड़े रिसर्च के लिए जानी जाती है। हालांकि एंथनी का सटीक पद क्या था, यह साफ नहीं है, लेकिन इस तरह की जगह से जुड़े होने की वजह से यह मामला और ज्यादा चर्चा में आया। 78 साल के चावेज एक दिन टहलने निकले और उसके बाद अचानक गायब हो गए। उन्होंने घर से निकलते समय अपनी कार ड्राइववे में लॉक करके छोड़ी थी और उनका वॉलेट, चाबियां और बाकी निजी सामान भी घर के अंदर ही मिला। यानी वह बिना जरूरी चीजों के ही बाहर गए थे। उनके गायब होने की सटीक तारीख पता नहीं है। उनके परिवार और दोस्तों का कहना है कि उनका इस तरह अचानक गायब होना उनके स्वभाव के बिल्कुल खिलाफ है। यानी वे बिना बताए कहीं चले जाने वाले व्यक्ति नहीं थे। मेलिसा कैसियास- लापता मेलिसा कैसियास भी एंथनी चावेज की तरह लॉस आलामोस नेशनल लैब से जुड़ी थीं। वह वहां एडमिनिस्ट्रेटिव असिस्टेंट थीं, लेकिन माना जाता है कि उनके पास अहम जानकारी तक पहुंच हो सकती थी। 54 साल की मेलिसा 2025 में न्यू मैक्सिको में अपने घर से अचानक गायब हो गईं। 26 जून को कैसियास अपने पति मार्क कैसियास के साथ लेबोरेटरी गई। वहां दोनों साथ काम करते थे। हालांकि वह खुद वापस घर लौट आईं, क्योंकि वह अपना वर्क बैज भूल गई थीं। उसने घर से काम करने का फैसला किया कैसियास वापस घर लौटीं और फिर
च्युइंग गम और डाइट सोडा से घटाया 60 किलो वजन ! शख्स ने बताए वेट लॉस के 7 अजीबोगरीब तरीके

Last Updated:April 16, 2026, 14:10 IST Strange Weight Loss Tips: वजन घटाने के लिए कई लोग जिम जॉइन करते हैं और डाइटिंग करते हैं. इससे कई बार वजन कम भी होता है, लेकिन एक शख्स ने अजीबोगरीब तरीकों से 60 किलो वजन कम करने में कामयाबी हासिल की है. कुवर कपूर नाम के शख्स ने अपने इंस्टाग्राम पर अपनी सक्सेस स्टोरी शेयर की है. कई बार छोटे-छोटे बदलाव वेट लॉस में कारगर होते हैं. वेट लॉस के लिए शख्स ने बेहद अजीबोगरीब तरीके अपनाए. Weird Weight Loss Hacks: आज के समय में वेट लॉस के लिए नए-नए ट्रेंड फॉलो किए जा रहे हैं. कई लोग इसके लिए जिम में जाकर घंटों पसीना बहाते हैं, तो कुछ लोग स्ट्रिक्ट डाइट फॉलो करते हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो वजन घटाना सिर्फ डाइट और जिम तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें लाइफस्टाइल की छोटी-छोटी आदतों का भी बड़ा रोल होता है. इंटरनेट पर आपको वजन कम करने के हजारों तरीके मिल जाएंगे, लेकिन हाल ही में एक शख्स ने कुछ ऐसे अनोखे टिप्स शेयर किए हैं, जिन्होंने लोगों का ध्यान खींचा है. उसने दावा किया है कि नेचुरल तरीके से सही डाइट, एक्सरसाइज और कुछ अनोखे फिटनेस हैक्स अपनाकर 60 किलोग्राम वजन कम कर लिया. कुछ ऐसे हैक्स हैं, जिन्हें जानकर आप हैरान रह जाएंगे. HT की रिपोर्ट के मुताबिक कुवर कपूर नामक शख्स ने अपने इंस्टाग्राम पर बताया है कि वेट लॉस के लिए उसने कुछ अनोखे बदलाव किए, जिससे उसका वजन 142 किलो से 80 किलो तक पहुंच गया. इनमें सबसे चौंकाने वाली बात थी डाइट सोडा पीना. आमतौर पर कोल्ड ड्रिंक से दूर रहने की सलाह दी जाती है, लेकिन उनका कहना है कि जीरो कैलोरी वाला डाइट सोडा खाने के साथ लेने से पेट भरा हुआ महसूस होता है और ज्यादा खाने से बचाव होता है. इसके अलावा शुगर-फ्री च्युइंग गम चबाने से भी वजन कम हो सकता है. शख्स के मुताबिक खाना खाने के बाद अगर आप च्युइंग गम चबाते हैं, तो दिमाग को लगता है कि आप अभी भी खा रहे हैं. इससे बार-बार स्नैकिंग की आदत कम होती है और अनावश्यक कैलोरी लेने से बचा जा सकता है. View this post on Instagram








