Monday, 01 Jun 2026 | 09:52 PM

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इंदौर-मुंबई सेंट्रल के बीच चलेगी नई एसी सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन:तेजस बंद होने के बाद यात्रियों को मिली बड़ी राहत, 21 अप्रैल से होगी शुरू

इंदौर-मुंबई सेंट्रल के बीच चलेगी नई एसी सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन:तेजस बंद होने के बाद यात्रियों को मिली बड़ी राहत, 21 अप्रैल से होगी शुरू

इंदौर और मुंबई के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक राहत भरी खबर है। हाल ही में मुंबई सेंट्रल-इंदौर तेजस सुपरफास्ट एक्सप्रेस का संचालन बंद होने से बनी रिक्तता को भरने के लिए पश्चिम रेलवे ने अब एक नई एसी बाई-वीकली (सप्ताह में दो दिन) सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। यह स्पेशल ट्रेन (गाड़ी संख्या 09085/ 09086) 21 अप्रैल 2026 से शुरू होकर 30 मई 2026 तक संचालित की जाएगी। मुंबई सेंट्रल से इंदौर के लिए ट्रेन संख्या 09085 हर सोमवार और शुक्रवार को रात 11:20 बजे रवाना होगी, जो अगले दिन दोपहर एक बजे इंदौर पहुंचेगी। इसी तरह, इंदौर से मुंबई सेंट्रल के लिए ट्रेन संख्या 09086 प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को शाम 5:00 बजे रवाना होकर अगले दिन सुबह 7:10 बजे मुंबई पहुंचेगी। इस ट्रेन का मुख्य आकर्षण इसकी कोच संरचना है, जिसमें कुल 17 कोच होंगे। इसमें 1 प्रथम श्रेणी एसी, 3 द्वितीय श्रेणी एसी और 11 तृतीय श्रेणी एसी कोच शामिल किए गए हैं। दोनों दिशाओं में इन स्टेशनों पर रुकेगी 827 किलोमीटर की दूरी तय करने वाली यह ट्रेन दोनों दिशाओं में उज्जैन, नागदा, रतलाम, दाहोद, गोधरा, वडोदरा, सूरत, वापी और बोरीवली जैसे प्रमुख स्टेशनों पर रुकेगी। मुंबई से इंदौर की ओर जाते समय इसकी औसत गति 60.51 किमी/घंटा रहेगी, जबकि इंदौर से वापसी के समय यह 57.3 किमी/घंटा की औसत गति से चलेगी। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि यह ट्रेन पूरी तरह से इलेक्ट्रिक इंजन द्वारा संचालित की जाएगी। अप्रैल और मई के पीक सीजन में यात्रियों की बढ़ती भीड़ और तेजस के बंद होने से बढ़ी परेशानी को देखते हुए यह स्पेशल ट्रेन इंदौर और मालवा क्षेत्र के यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प साबित होगी। अब चारलापल्ली तक जाएगी हमसफर एक्सप्रेस दक्षिण मध्य रेलवे (SCR) ने इंदौर-लिंगमपल्ली-इंदौर हमसफर एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 20916/20915) के रूट में विस्तार करने का निर्णय लिया है। अब यह ट्रेन अपने मौजूदा गंतव्य लिंगमपल्ली के बजाय हैदराबाद के नए टर्मिनल चारलापल्ली (Charlapalli) तक जाएगी। यह विस्तार अप्रैल के अंतिम सप्ताह से लागू होगा

महिला आरक्षण बिल पर उज्जैन नगर निगम में नोकझोंक:समर्थन में धन्यवाद प्रस्ताव पारित, कांग्रेस का वॉकआउट

महिला आरक्षण बिल पर उज्जैन नगर निगम में नोकझोंक:समर्थन में धन्यवाद प्रस्ताव पारित, कांग्रेस का वॉकआउट

उज्जैन नगर निगम के विशेष सत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर तीखी बहस हुई। भाजपा ने बिल के समर्थन में धन्यवाद प्रस्ताव पारित कराया, जबकि कांग्रेस पार्षदों ने तीखी नोकझोंक के बाद वॉकआउट कर दिया। यह सत्र महिला आरक्षण को लेकर देशभर में चल रही राजनीतिक हलचल के बीच आयोजित किया गया था। सत्र की शुरुआत संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण से हुई। इसके बाद सदन में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया गया। प्रस्ताव पर चर्चा शुरू होते ही पक्ष और विपक्ष के बीच बहस छिड़ गई। चर्चा के दौरान कांग्रेस पार्षदों ने महिला आरक्षण की अवधारणा को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की नीतियों से जोड़ा। इस पर भाजपा पार्षदों ने आपत्ति जताई, जिससे सदन का माहौल तनावपूर्ण हो गया। विवाद बढ़ने पर कांग्रेस पार्षदों ने विरोध स्वरूप सदन से वॉकआउट कर दिया। उनके बाहर जाते ही भाजपा पार्षदों ने कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी की। इस हंगामे के बीच भाजपा ने बहुमत के आधार पर महिला आरक्षण बिल के समर्थन में धन्यवाद प्रस्ताव पारित कर दिया। नगर निगम सभापति कलावती यादव ने बताया कि यह विशेष सत्र शासन के निर्देश पर आयोजित किया गया था। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है, जो उन्हें संसद में 33 प्रतिशत आरक्षण और नीति निर्माण में मजबूत भागीदारी प्रदान करेगा।

पन्ना में दो बाइकों की भिड़ंत, मजदूर की मौत:तीन गंभीर घायल, रीवा रेफर; ठाकुर बाबा मोड़ के पास हुआ हादसा

पन्ना में दो बाइकों की भिड़ंत, मजदूर की मौत:तीन गंभीर घायल, रीवा रेफर; ठाकुर बाबा मोड़ के पास हुआ हादसा

पन्ना जिले के पहाड़ी खेरा रोड पर शुक्रवार को दो तेज रफ्तार बाइकों के बीच आमने-सामने की टक्कर हो गई। इस हादसे में एक 25 वर्षीय मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घटना ठाकुर बाबा मोड़ की है, जहां तेज रफ्तार के कारण दोनों बाइकों के चालकों ने नियंत्रण खो दिया था। कुछ दिन पहले ही मजदूरी कर घर लौटा था पुलिस के अनुसार, गिरवानी मोहल्ला निवासी रवि अहिरवार (24) और जित्तू रजक (25) पहाड़ी खेरा से लौट रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रहे रोहित आदिवासी (18) और उमा आदिवासी की बाइक से उनकी टक्कर हो गई। हादसे में जित्तू रजक की जान चली गई। वह जिले से बाहर मजदूरी करता था और कुछ ही दिन पहले अपने परिवार से मिलने घर आया था। एक गंभीर, मेडिकल कॉलेज रीवा भेजा हादसे के बाद स्थानीय लोगों और डायल 112 की मदद से सभी घायलों को पन्ना जिला अस्पताल पहुंचाया गया। सिविल सर्जन आलोक गुप्ता ने बताया कि घायल रोहित आदिवासी की स्थिति नाजुक होने के कारण उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद रीवा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। अन्य दो घायलों का इलाज पन्ना में ही किया जा रहा है। घटना की जांच कर रही पुलिस पहाड़ी खेरा रोड पर लगातार हो रही दुर्घटनाओं को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश और डर है। भीम आर्मी के जिला अध्यक्ष सुनील टाइगर ने बताया कि इस सड़क पर हादसे बढ़ते जा रहे हैं। पुलिस ने मृतक का शव कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है और दोनों वाहनों की स्थिति का पंचनामा तैयार किया है।

आगर में निर्माणाधीन मकान के टैंक में गिरा गोवंश:विवेकानंद कॉलोनी में लोगों ने बाल्टियों से पानी निकाला; क्रेन से किया रेस्क्यू

आगर में निर्माणाधीन मकान के टैंक में गिरा गोवंश:विवेकानंद कॉलोनी में लोगों ने बाल्टियों से पानी निकाला; क्रेन से किया रेस्क्यू

आगर मालवा की विवेकानंद कॉलोनी में शुक्रवार शाम करीब 7 बजे एक निर्माणाधीन मकान के खुले पानी के टैंक में एक गोवंश गिर गया। स्थानीय गौ रक्षकों और गौ सेवकों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद गोवंश को सुरक्षित बाहर निकाला। बाल्टियों से पानी निकाला, क्रेन से किया रेस्क्यू घटना की जानकारी मिलते ही गौ सेवक मौके पर पहुंचे और सबसे पहले टैंक में भरे पानी को बाल्टियों से बाहर निकाला। इसके बाद क्रेन बुलाई गई और करीब 2 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद गोवंश को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका। इस दौरान मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। खुले टैंकों को लेकर प्रशासन और नागरिकों से अपील हादसे के बाद गौ सेवकों ने नगर पालिका प्रशासन और आम जनता से निर्माण कार्यों के दौरान गड्ढे और टैंक खुले न छोड़ने की अपील की है। उन्होंने कहा कि शहर में कई स्थानों पर निर्माणाधीन टैंक खुले पड़े हैं, जो पशुओं के साथ-साथ राहगीरों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकते हैं। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग गौ सेवकों ने बताया कि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए निर्माणाधीन स्थलों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। खुले टैंकों को ढकने की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि किसी भी प्रकार की जन-धन की हानि को टाला जा सके।

तेंदूखेड़ा एसडीएम के रीडर को देवास पुलिस ने पकड़ा:खातेगांव में पदस्थ रहते हुए कलेक्टर के फर्जी हस्ताक्षर करने का आरोप

तेंदूखेड़ा एसडीएम के रीडर को देवास पुलिस ने पकड़ा:खातेगांव में पदस्थ रहते हुए कलेक्टर के फर्जी हस्ताक्षर करने का आरोप

नरसिंहपुर जिले की तेंदूखेड़ा तहसील में पदस्थ एसडीएम के रीडर ओमप्रकाश डेहरिया को देवास पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी पर देवास जिले के खातेगांव में पदस्थापना के दौरान कलेक्टर के फर्जी हस्ताक्षर कर आदेश जारी करने और वित्तीय अनियमितताएं करने का गंभीर आरोप है। जबलपुर से हुई गिरफ्तारी देवास के बैंकनोट प्रेस (बीएनपी) थाना प्रभारी प्रीति कटारे ने बताया कि आरोपी ओमप्रकाश डेहरिया (30) को 13 अप्रैल को उसके जबलपुर स्थित निवास से पकड़ा गया। जांच में सामने आया है कि खातेगांव में पदस्थ रहने के दौरान उसने नजूल शाखा के बाबूओं और दलालों के साथ मिलकर फर्जीवाड़े को अंजाम दिया था। कलेक्टर के जाली हस्ताक्षर कर जारी किए आदेश पुलिस के अनुसार, रीडर ने अन्य कर्मचारियों के साथ मिलीभगत कर कलेक्टर के फर्जी हस्ताक्षर किए और अवैध आदेश पारित किए। इस मामले में पुलिस पहले ही तीन बाबूओं और एक दलाल को गिरफ्तार कर चुकी है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, फर्जीवाड़े के नए प्रकरण सामने आ रहे हैं। तेंदूखेड़ा एसडीएम ने की गिरफ्तारी की पुष्टि तेंदूखेड़ा एसडीएम पूजा सोनी ने बताया कि उन्हें रीडर ओमप्रकाश को देवास पुलिस द्वारा ले जाने की सूचना मिली है। हालांकि, उन्होंने रीडर की स्थानीय पदस्थापना के इतिहास के संबंध में अधिक जानकारी होने से इनकार किया है। आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य संगीन धाराओं में मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।

Herbal Flower Tea: चमेली से गुलाब तक, गर्मियों में पिएं इन 10 फूलों की चाय, पूरे दिन बनी रहेगी ताजगी और एनर्जी

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Last Updated:April 17, 2026, 22:41 IST Herbal Flower Tea Benefits: चाय के शौकीन हैं लेकिन गर्मी में इससे गैस और एसिडिटी बनने लगती है. तो चाय पत्ती की जगह फूलों की पंखुड़ियों का इस्तेमाल करें. नियमित रूप से इनका सेवन करने से इम्युनिटी मजबूत होती है और गर्मी से जुड़ी समस्याएं कम होती हैं. हालांकि, अगर आपको किसी फूल से एलर्जी है, तो इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें. ख़बरें फटाफट गर्मियों के मौसम में चाय पीना कई लोगों के लिए मुश्किल हो जाता है. गरम चाय शरीर की गर्मी बढ़ा देती है, जिससे पसीना और थकान महसूस होती है. लेकिन अगर आप चाय के शौकीन हैं और गर्मी में भी ताजगी बनाए रखना चाहते हैं, तो फूलों से बनी हर्बल टी एक अच्छा विकल्प हो सकती है. आयुर्वेद के अनुसार, फूलों में कई औषधीय गुण होते हैं. ये सिर्फ पूजा या सजावट के काम ही नहीं आते, बल्कि शरीर और मन को स्वस्थ रखने में भी मदद करते हैं. फूलों की चाय में एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन और मिनरल्स होते हैं, जो इम्युनिटी बढ़ाने, तनाव कम करने और शरीर को एनर्जी देने में सहायक होते हैं. गर्मियों में पिएं इन फूलों की चाय और जानें फायदे कमल के फूल की चाय गर्मी में बहुत फायदेमंद होती है. यह शरीर की गर्मी कम करती है, प्यास और जलन से राहत देती है और मन को शांत रखती है. गुड़हल (हिबिस्कस) की चाय विटामिन C से भरपूर होती है, जो ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने, इम्युनिटी बढ़ाने और त्वचा को चमकदार बनाने में मदद करती है. गुलाब की चाय गर्मियों में सबसे ज्यादा पसंद की जाती है. यह मूड को बेहतर बनाती है, तनाव कम करती है और पाचन को भी सुधारती है। इसके अलावा यह त्वचा के लिए भी फायदेमंद होती है. पारिजात (हरसिंगार) की चाय जोड़ों के दर्द, सूजन और बुखार में राहत देती है. बनफशा की चाय खांसी, सांस की दिक्कत और त्वचा से जुड़ी समस्याओं में उपयोगी होती है. कृष्णकमल (पैशन फ्लावर) की चाय तनाव, चिंता और अनिद्रा को दूर करने में मदद करती है. मौलश्री की चाय बुखार, खांसी और त्वचा रोगों में लाभकारी मानी जाती है. विष्णुकांता की चाय दिमाग को शांत रखती है और याददाश्त बढ़ाने में मदद करती है. इसके अलावा, सूरजमुखी और चमेली (जैस्मिन) की चाय भी शरीर को ठंडक देती है और तनाव कम करती है. लैवेंडर की चाय खासतौर पर रिलैक्स करने और अच्छी नींद के लिए जानी जाती है. कैसे बनाएं फूलों की चायफूलों की चाय बनाना बहुत आसान है. एक कप गर्म पानी में 1-2 चम्मच ताजे या सूखे फूल डालें और 5–10 मिनट तक ढककर रखें. फिर इसे छान लें. स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें शहद या नींबू भी मिला सकते हैं. दिन में 1-2 कप पीने से शरीर ठंडा रहता है और मन शांत रहता है. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi First Published : April 17, 2026, 22:41 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

बालाघाट में लूट-चाकूबाजी के तीन आरोपी गिरफ्तार:जन्मदिन मनाने के बाद की थी वारदात; दो आरोपियों पर पहले से सात केस

बालाघाट में लूट-चाकूबाजी के तीन आरोपी गिरफ्तार:जन्मदिन मनाने के बाद की थी वारदात; दो आरोपियों पर पहले से सात केस

बालाघाट कोतवाली पुलिस ने शुक्रवार शाम जागपुरघाट में हुई लूट और चाकूबाजी की घटना के तीन फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों में प्रेमनगर निवासी मित बिसेन (18), अक्षय उर्फ प्रिंस वर्मा (21) और एक नाबालिग शामिल है। गुरुवार देर शाम हुई इस वारदात में दो युवक गंभीर रूप से घायल हुए थे। जन्मदिन मनाने के बाद लूट के इरादे से किया हमला पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी मित बिसेन का जन्मदिन मनाने के बाद तीनों आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया। जागपुरघाट में आरोपियों ने यूपेश लिल्हारे और पीयूष रूसे को रोककर मोबाइल और नकदी लूटने का प्रयास किया। विरोध करने पर मित ने चाकू से हमला कर दिया, जिससे दोनों युवक घायल हो गए। घायलों का उपचार जिला अस्पताल में जारी है। सीसीटीवी और सर्विलांस की मदद से पकड़ाए एसपी आदित्य मिश्रा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सात अलग-अलग टीमें बनाई। पुलिस ने रात भर तलाशी अभियान चलाया और सीसीटीवी फुटेज व मोबाइल सर्विलांस के आधार पर तीनों को दबोच लिया। घायल पीयूष की हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। पहले से सात मामले दर्ज पकड़े गए आरोपियों में से मित बिसेन और अक्षय वर्मा शातिर अपराधी हैं। पुलिस के अनुसार, इन दोनों पर मारपीट और चोरी जैसे गंभीर अपराधों के पहले से सात मामले दर्ज हैं। पुलिस अब आरोपियों से लूटा गया सामान और वारदात में इस्तेमाल हथियार बरामद करने की प्रक्रिया पूरी कर रही है। हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कोतवाली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित लूट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों से अन्य आपराधिक गतिविधियों के संबंध में भी पूछताछ की जा रही है। नाबालिग आरोपी को बाल सुधार गृह भेजने की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

‘शहीद’ जनादेश: मोदी सरकार ने लोकसभा में संविधान संशोधन विधेयक क्यों पेश किया, जिसकी हार तय थी | राजनीति समाचार

India Women vs South Africa Women Live Cricket Score, 1st T20I: Stay updated with IND-W vs SA-W Ball by Ball Match Updates and Live Scorecard from Durban. (Picture Credit: X/@BCCIWomen)

आखरी अपडेट:17 अप्रैल, 2026, 22:13 IST यह कदम तत्काल कानून के बारे में कम और आगामी राज्य चुनावों और 2029 के आम चुनावों के लिए कहानी तैयार करने के बारे में अधिक था। नीतिगत दृष्टिकोण से, हारे हुए वोट के साथ आगे बढ़ने का निर्णय यह संकेत देता है कि सरकार शेष कार्यकाल के लिए सर्वसम्मति मॉडल को दरकिनार करने के लिए तैयार है। (फ़ाइल छवि: पीटीआई फ़ाइल) यह जानते हुए भी कि इसमें अनिवार्य दो-तिहाई बहुमत का अभाव है, नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा शुक्रवार को संविधान (131वें संशोधन) विधेयक पर भारी मतदान के लिए मजबूर करने के निर्णय को कई विश्लेषकों द्वारा राजनीतिक दृष्टिकोण के एक सुविचारित मास्टरस्ट्रोक के रूप में देखा जा रहा है। जबकि बिल 326-वोट की सीमा से लगभग 50 कम रह गया, यह कदम तत्काल कानून के बारे में कम और आगामी राज्य चुनावों और 2029 के आम चुनावों के लिए कथा तैयार करने के बारे में अधिक था। सरकार ने वोट के लिए दबाव क्यों डाला क्योंकि उसे पता था कि वह हार जाएगी? वोटों के विभाजन को मजबूर करने के पीछे प्राथमिक तर्क एक स्थायी “विधायी रिकॉर्ड” बनाना था। प्रत्येक संसद सदस्य को वोट डालने के लिए बाध्य करके, सरकार ने महिला आरक्षण को क्रियान्वित करने के लिए बनाए गए कानून के एक टुकड़े पर प्रत्येक विपक्षी सदस्य को सफलतापूर्वक “नहीं” वोट देने का टैग दिया है। प्रधानमंत्री के रणनीतिकारों की नजर में सदन में हार सार्वजनिक मंच पर एक शक्तिशाली हथियार है। गृह मंत्री अमित शाह ने परिणाम को कांग्रेस के नेतृत्व वाले गुट द्वारा “ऐतिहासिक विश्वासघात” बताने में कोई समय बर्बाद नहीं किया। वोट के लिए जोर देकर, सरकार ने उन नामों की एक सूची संग्रहीत की है जिनका उपयोग निस्संदेह भविष्य की अभियान रैलियों में यह दावा करने के लिए किया जाएगा कि विपक्ष ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को सक्रिय रूप से अवरुद्ध कर दिया है। यह हार भाजपा को एक ताकतवर पार्टी से एक एकजुट विपक्ष द्वारा “सताई गई” पार्टी बनने की अनुमति देती है जो लैंगिक न्याय पर “गणितीय गड़बड़ी” को प्राथमिकता देती है। क्या यह कदम विपक्ष को बेनकाब करने का एक रणनीतिक प्रयास था? महिला कोटा की संभावनाओं से परे, सरकार ने विपक्षी एकता के स्थायित्व का परीक्षण करने के लिए 131वें संशोधन को “वेज इश्यू” के रूप में इस्तेमाल किया। लोकसभा को 816 (या 850 तक) सीटों तक विस्तारित करने के विधेयक के प्रस्ताव का उद्देश्य राज्यों के क्षेत्रीय दलों को आकर्षित करना था, जिन्हें प्रतिनिधित्व में शुद्ध लाभ मिलेगा। सरकार को अनुमान था कि भारतीय गुट के भीतर कुछ सहयोगी दल विस्तारित सदन का समर्थन करने के लिए रैंक तोड़ सकते हैं। जबकि विपक्ष मजबूती से खड़ा रहा – राहुल गांधी के “राष्ट्र-विरोधी कृत्य” बयानबाजी के कारण – सरकार ने सफलतापूर्वक उन्हें 1971 की सीट बेसलाइन का सार्वजनिक रूप से बचाव करने के लिए मजबूर किया। परिसीमन की “जहर की गोली” के बारे में बहस करके, सरकार ने विपक्ष को राष्ट्रीय विस्तार की कीमत पर अपने चुनावी मैदान की रक्षा करने वाले एक समूह के रूप में चित्रित किया है। हार यह सुनिश्चित करती है कि “दिन 17” की कहानी सरकार की संख्या की कमी के बारे में नहीं है, बल्कि विपक्ष की कथित दृष्टि की कमी के बारे में है। इस ‘प्रतीकात्मक हार’ का दीर्घकालिक लक्ष्य क्या है? नीतिगत दृष्टिकोण से, हारे हुए वोट के साथ आगे बढ़ने का निर्णय यह संकेत देता है कि सरकार शेष कार्यकाल के लिए सर्वसम्मति मॉडल को दरकिनार करने के लिए तैयार है। मतदान से कुछ घंटे पहले 2023 के 106वें संशोधन को अधिसूचित करके, सरकार ने लंबे समय तक संवैधानिक प्रदर्शन के लिए मंच तैयार किया है। मतदाताओं के लिए संदेश स्पष्ट है: “हमारा इरादा है, लेकिन विपक्ष के पास वीटो है।” यह “शहीद” कानून अब प्राथमिक अभियान स्तंभ के रूप में काम करेगा। यह बिल किसी समिति में लटके रहने के बजाय टकराव का केंद्र बिंदु बन गया है। मोदी प्रशासन के लिए, 17 अप्रैल की हार “टकरावपूर्ण सुधार” के एक नए युग की शुरुआत है, जहां देश के 2029 की ओर बढ़ने के साथ-साथ महिलाओं के प्रतिनिधित्व की रुकी हुई प्रगति के लिए विपक्षी दलों को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 17 अप्रैल, 2026, 22:13 IST समाचार राजनीति ‘शहीद’ जनादेश: मोदी सरकार ने लोकसभा में संविधान संशोधन विधेयक क्यों पेश किया, जिसे हारना तय था अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें

राजगढ़ CMHO ₹20 हजार रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार:डायग्नोस्टिक सेंटर की अनुमति के लिए एक लाख मांगे थे, 50 हजार में हुई थी डील

राजगढ़ CMHO ₹20 हजार रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार:डायग्नोस्टिक सेंटर की अनुमति के लिए एक लाख मांगे थे, 50 हजार में हुई थी डील

भोपाल लोकायुक्त की टीम ने शुक्रवार शाम को राजगढ़ सीएमएचओ डॉ. शोभा पटेल को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई जिला अस्पताल परिसर स्थित उनके सरकारी क्वार्टर में की गई। यह मामला एक निजी डायग्नोस्टिक सेंटर में डॉक्टर का नाम जोड़ने की अनुमति से संबंधित है। भोपाल निवासी हरिओम अहिरवाल राजगढ़ में ‘सुविधा डायग्नोस्टिक सेंटर’ चलाते हैं। आरोप है कि सीएमएचओ डॉ. पटेल ने उनके सेंटर पर डॉक्टर का नाम जोड़ने के लिए पहले 1 लाख रुपए की मांग की थी, जिसे बाद में 50 हजार रुपए में तय किया गया। आवेदक हरिओम अहिरवाल के अनुसार, डॉ. पटेल पहले ही 30 हजार रुपए ले चुकी थीं और शेष 20 हजार रुपए के लिए लगातार दबाव बना रही थीं। काम लंबित रहने और बढ़ती मांगों से परेशान होकर हरिओम ने लोकायुक्त भोपाल में शिकायत दर्ज कराई। 20 हजार रुपए लेते हुए ट्रैप हुईं शिकायत के सत्यापन के बाद पुलिस अधीक्षक दुर्गेश कुमार राठौर के निर्देश पर एक ट्रैप टीम का गठन किया गया। शुक्रवार को योजना के तहत आवेदक को 20 हजार रुपए लेकर डॉ. पटेल के पास भेजा गया। जैसे ही डॉ. पटेल ने रिश्वत की राशि ली, पहले से तैनात लोकायुक्त टीम ने मौके पर दबिश देकर उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया। ट्रैप टीम में उप पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र सिंह, आशीष भट्टाचार्य, निरीक्षक रजनी तिवारी, घनश्याम सिंह मर्सकोले, उप निरीक्षक मोनिका पांडेय और अन्य सदस्य शामिल थे। लोकायुक्त ने डॉ. शोभा पटेल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018) की धारा-7 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: 2344 प्रतिशत किसकी बढ़ी संपत्ति? बंगाल चुनाव के रिकॉर्ड की महिमा के आंकड़े, जानें पूर्वजों के पास कितने पैसे

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: 2344 प्रतिशत किसकी बढ़ी संपत्ति? बंगाल चुनाव के रिकॉर्ड की महिमा के आंकड़े, जानें पूर्वजों के पास कितने पैसे

पश्चिम बंगाल की जंगीपुर सीट से ऑर्थोडॉक्स कांग्रेस के उम्मीदवार जाकिर हुसैन ने 2021 के चुनाव में 67 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति होने का ऐलान किया था और अब पांच साल बाद 2026 के चुनाव में उनके पास 133 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति होने का जिक्र है. पांच ईसाइयों में हुसैन की संपत्ति लगभग दोगुनी शानदार है और इसी के साथ वह 2026 के चुनाव में सबसे अमीर अमीरों में शामिल हैं। संपत्ति में इजाफ़े के मामले में वह अकेली नहीं है। बीजेपी के पुरुलिया विधायक सुदीप कुमार मुखर्जी इस सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. उनकी संपत्ति 2021 में 45 लाख रुपये से बढ़कर 2026 में 11 करोड़ रुपये तक पहुंच गयी, यानी संपत्ति में 2,344 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में कई प्रमुखों ने अपनी संपत्ति में भारी बढ़ोतरी की घोषणा की है. उत्तर डायनाजपुर जिले के रायगंज विधानसभा चुनाव में लोक कल्याण पार्टी की संपत्ति 2021 में लगभग 5.8 करोड़ रुपये से बढ़कर 2026 में 20 करोड़ रुपये से अधिक हो गई है। यह उनकी संपत्ति में 247 प्रतिशत की हिस्सेदारी है। पुरातन कांग्रेस के उम्मीदवार मानस रंजन की दोहरी भव्य संपत्ति पश्चिम मेदिनीपुर जिले के सबांग से चुनावी मैदान में 2021 के गठबंधन के दावेदार मानस रंजन भुंइया ने इस बार अपनी संपत्ति का दोगुना 15 करोड़ रुपये होने का जिक्र किया है। इसके विपरीत, वर्तमान विधानसभा में नामांकन के नेता शुभेंदु अधिकारी की चल संपत्ति में गिरावट दर्ज की गई है। नंदीग्राम सीट से चुनावी लड़ाई और दक्षिण कोलकाता की भवानीपुर सीट से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की चुनौती का सामना कर रहे भाजपा नेता के 2026 के चुनाव शपथपत्र से पता चला है कि उनकी आय 2020-21 में लगभग 8.13 लाख रुपये से लेकर 2024-25 में 17.38 लाख रुपये हो गई है। हालाँकि, शुभेंदु अधिकारी ने अपनी अचल संपत्ति लगभग 24.57 लाख रुपये बताई है, जो 2021 में दर्ज की गई 59.31 लाख रुपये से कम है। सुकुमार राय की संपत्ति में 300 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई बीजेपी के सुकुमार राय, जो बिहार की उत्तर सीट से चुनाव लड़ रहे हैं, की संपत्ति में 300 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि बीजेपी के चिन्मय देब बर्मन (तूफानगंज सीट) और तेलंगाना कांग्रेस के बहरामपुर के उम्मीदवार सुब्रत मित्रा जैसे लोगों की संपत्ति में 150 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. हालाँकि, सभी संपत्तियों की कीमत में वृद्धि दर्ज नहीं की गई है। अधिकारी के अलावा, कलीमपोंग से भारतीय गोरखा लोकतांत्रिक मोर्चा के उम्मीदवार रुडेन सादा लेपाचा, सुती से युवा कांग्रेस के उम्मीदवार इमानी बिस्वास और भाजपा के मोयना सीट से उम्मीदवार और खिलाड़ी से नेता बने अशोक डिंडा ने 2021 की तुलना में अपनी संपत्ति में गिरावट का उल्लेख किया है। ये आंकड़े, चुनाव आयोग द्वारा प्रस्तुत किए गए स्व-घोषित शपथपत्रों पर आधारित हैं, जो 23 अप्रैल को पहले चरण के मतदान में नामांकन में नामांकन कर रहे हैं। यह भी पढ़ें: राहुल गांधी के खिलाफ केस दर्ज होगा, दो तलाक मामला, इलाहाबाद उच्च न्यायालय का आदेश (टैग्सटूट्रांसलेट)बीजेपी(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)टीएमसी(टी)पश्चिम बंगाल(टी)बंगाल चुनाव उम्मीदवारों की संपत्ति(टी)टीएमसी संपत्ति(टी)ममता बनर्जी