भोपाल लोकायुक्त की टीम ने शुक्रवार शाम को राजगढ़ सीएमएचओ डॉ. शोभा पटेल को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई जिला अस्पताल परिसर स्थित उनके सरकारी क्वार्टर में की गई। यह मामला एक निजी डायग्नोस्टिक सेंटर में डॉक्टर का नाम जोड़ने की अनुमति से संबंधित है। भोपाल निवासी हरिओम अहिरवाल राजगढ़ में ‘सुविधा डायग्नोस्टिक सेंटर’ चलाते हैं। आरोप है कि सीएमएचओ डॉ. पटेल ने उनके सेंटर पर डॉक्टर का नाम जोड़ने के लिए पहले 1 लाख रुपए की मांग की थी, जिसे बाद में 50 हजार रुपए में तय किया गया। आवेदक हरिओम अहिरवाल के अनुसार, डॉ. पटेल पहले ही 30 हजार रुपए ले चुकी थीं और शेष 20 हजार रुपए के लिए लगातार दबाव बना रही थीं। काम लंबित रहने और बढ़ती मांगों से परेशान होकर हरिओम ने लोकायुक्त भोपाल में शिकायत दर्ज कराई। 20 हजार रुपए लेते हुए ट्रैप हुईं
शिकायत के सत्यापन के बाद पुलिस अधीक्षक दुर्गेश कुमार राठौर के निर्देश पर एक ट्रैप टीम का गठन किया गया। शुक्रवार को योजना के तहत आवेदक को 20 हजार रुपए लेकर डॉ. पटेल के पास भेजा गया। जैसे ही डॉ. पटेल ने रिश्वत की राशि ली, पहले से तैनात लोकायुक्त टीम ने मौके पर दबिश देकर उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया। ट्रैप टीम में उप पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र सिंह, आशीष भट्टाचार्य, निरीक्षक रजनी तिवारी, घनश्याम सिंह मर्सकोले, उप निरीक्षक मोनिका पांडेय और अन्य सदस्य शामिल थे। लोकायुक्त ने डॉ. शोभा पटेल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018) की धारा-7 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।













































