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हिमाचल के जोड़ीदार भाईयों के घर हुई बेटी, कौन हैं असली पापा? कैसे चलेगा पता? बहस पर डॉक्टर ने दिया जवाब

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Jodidara sirmauri bhai: हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के शिलाई गांव में दो भाईयों की एक ही महिला से हुई शादी एक बार फिर चर्चा में है. जुलाई 2025 में शादी के बाद जोड़ीदार भाई कपिल और प्रदीप की पत्नी सुनीता ने शादी के 10 महीने बाद एक प्यारी नन्ही परी को जन्म दिया है. सोशल मीडिया पर काफी वायरल जोड़ीदार भाईयों को लगातार बधाईयां मिल रही हैं. हालांकि कुछ लोग सिरमौरी जोड़ीदार भाइयों से यह भी पूछ रहे हैं कि परंपरा के अनुसार दो भाईयों की एक पत्नी से शादी तो ठीक है लेकिन बच्ची का असली पिता कौन है और उसके बर्थ सर्टिफिकेट पर किस पिता का नाम दर्ज होगा? सोशल मीडिया पर लोगों का यह सवाल इसलिए भी जायज है क्योंकि इस बच्ची के सामाजिक रूप से दो पिता हैं लेकिन जैविक रूप से तो कोई एक ही पिता होगा, ऐसे में जन्म प्रमाणपत्र से लेकर अन्य दस्तावेजों पर किस पिता नाम लिखा जाएगा? और यह कैसे पता चलेगा कि वास्तव में वही उसके जैविक पिता हैं? इस बारे में News18hindi ने एम्स नई दिल्ली की पूर्व एचओडी और फॉर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट में गायनेकोलॉजी एंड ऑब्स्टेट्रिक्स में डायरेक्टर डॉ. सुनीता मित्तल से बात की तो उन्होंने इस बारे में कई बातें बताईं. डॉ. सुनीता ने कहा कि उस बच्चे के पिता नाम क्या होगा, यह तो उस गांव की प्रथा के अनुसार जो नियम होगा, वहीं से तय होगा. अभी तक इस प्रथा के अनुसार पैदा होने वाले बच्चों के पिता का नाम कैसे तय किया जाता रहा है, यह उस पर निर्भर करेगा. हो सकता है कि वहां ऐसा हो कि घर के बड़े बेटे का नाम ही पिता के रूप में दस्तावेजों में दर्ज होगा, या कुछ और भी क्राइटेरिया हो सकता है. क्‍या कहती है मेड‍िकल साइंस  डॉ. सुनीता कहती हैं,  ‘हालांकि अगर मेडिकली बात करें तो बच्चे के जैविक पिता का पता डीएनए से ही चल सकता है. हालांकि डीएनए जांच भी तब होती है माता-पिता या बच्चे बड़े हो जाएं और उनकी ओर से मांग हो. अगर वे जैविक पिता का पता लगाने के बाद उस बच्चे का पिता कौन होगा, ये तय करेंगे तो उन्हें डीएनए जांच ही करानी होगी, हालांकि पुरानी प्रथा के संदर्भ में लगता नहीं है कि ऐसा कुछ होता होगा.’ यहां सबसे बड़ी बात है कि उस बच्ची के पिता भी सगे भाई हैं और एक ही पिता के बेटे हैं. ऐसे में उनका भी डीएनए बहुत अलग नहीं होगा, लेकिन फिर भी जांच में तो उनमें भी अंतर का पता लगाया जा सकता है. ‘डीएनए जांच के तहत मानव शरीर में 46 क्रोमोजोम होते हैं, जिनमें एक-एक क्रोमोजोर में कम से कम 1000 डीएनए होते हैं, ऐसे में अगर बच्ची और पिताओं की जांच होती है तो आराम से उनमें संबंध मिल सकता है. हालांकि इस केस में ऐसी जरूरत दिखाई नहीं दे रही.’ कुछ मामलों में ब्लड ग्रुप से भी बच्चे और पिता के बारे में अनुमान लगाया जा सकता है, लेकिन वह पूरी तरह सटीक नहीं होता. आमतौर पर बच्चों का ब्लड ग्रुप माता-पिता से मिलता है, लेकिन वह माता-पिता के भाई-बहनों से भी मैच कर सकता है. क्या पैदा होते ही बच्ची का हो सकता है डीएनए टेस्ट नहीं नवजात बच्चों का डीएनए टेस्ट अवॉइड किया जाता है, क्योंकि 15 दिन या तीन हफ्ते से पहले तक बच्चे के डीएनए का रिजल्ट पूरी तरह ठीक न आने की कुछ संभावना होती है. हालांकि बच्चे के 3 महीने का होते ही यह जांच हो सकती है. क्या है यह प्रथा बता दें कि कपिल नेगी और प्रदीप नेगी हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के शिलाई गांव के रहने वाले है. दोनों किसान परिवार से हैं. प्रदीप हिमाचल में ही सरकारी नौकरी में हैं तो कपिल विदेश (बहरीन) में नौकरी कर रहे हैं. कपिल शादी के बाद से बहरीन में ही हैं. दोंनों भाइयों की एक ही महिला से शादी काफी सुर्खियों में आई थी. इन दोनों ने कुनहाट गांव की रहने वाली सुनीता चौहान से शादी की थी. दोनों भाइयों ने हाटी समुदाय की बहुपति (पॉलीएंड्री) परंपरा के तहत शादी की. इस परंपरा के तहत एक ही युवती एक परिवार के दो या उससे अधिक भाइयों को साझा रूप से पति मानती है. बहुपति और बहु-पत्नी प्रथा के पीछे तर्क दिया जाता हैं कि यह परंपरा संपत्ति के विभाजन को रोकने, संयुक्त परिवार को बनाए रखने और भाईयों के बीच आपसी प्रेम और विश्वास को बढ़ाने के लिए अपनाई जाती है.

युवक का सेप्टिक टैंक में 9 टुकड़ों में मिला शव:6 दिन से लापता था, स्थानीय निवासियों ने बड़े भाई पर मर्डर का जताया शव

युवक का सेप्टिक टैंक में 9 टुकड़ों में मिला शव:6 दिन से लापता था, स्थानीय निवासियों ने बड़े भाई पर मर्डर का जताया शव

मंडला के अंजनिया चौकी क्षेत्र में शुक्रवार को एक युवक का शव घर के सेप्टिक टैंक से 9 टुकड़ों में बरामद किया गया है। मृतक की पहचान करियागांव निवासी आशीष साहू के रूप में हुई है। वह 6 दिन पहले यानी 11 अप्रैल से लापता था। खोजबीन के बाद परिजनों ने 15 अप्रैल को अंजनिया चौकी में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सेप्टिक टैंक से बदबू आने पर हुआ खुलासा जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को मृतक के पिता मुन्ना लाल साहू ने पुलिस को सूचना दी कि घर के सेप्टिक टैंक से तेज बदबू आ रही है। पुलिस मौके पर पहुंची और टैंक की जांच की, तो अंदर कपड़े में लिपटे शव के टुकड़े मिले। बाद में मुन्ना लाल ने शव की पहचान अपने बेटे आशीष के रूप में की। घटना की सूचना मिलते ही एडिशनल एसपी शिवकुमार वर्मा भी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का मुआयना किया। एफएसएल टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए अंजनिया भेजा गया है। मृतक के बड़े भाई पर हत्या का शक इस मामले में मृतक के बड़े भाई घनश्याम साहू पर शक जताया जा रहा है। पिता और स्थानीय लोगों ने भी उसी पर संदेह व्यक्त किया है। फिलहाल पुलिस घनश्याम से गहन पूछताछ कर रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, दोनों भाई अलग-अलग काम करते थे। आशीष ने कुछ समय पहले ट्रैक्टर खरीदा था और उसी से रोजगार चला रहा था, जबकि घनश्याम मंडला की एक फैक्ट्री में काम करता है। दोनों की मां भी 2019 से लापता बताई जा रही है। पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है और हत्या के पीछे के कारणों का पता लगाने में जुटी है।

15 बैंकों को सोना-चांदी के इंपोर्ट का नया लाइसेंस मिला:SBI, PNB और HDFC लिस्ट में शामिल, देश में सप्लाई की कमी नहीं होगी

15 बैंकों को सोना-चांदी के इंपोर्ट का नया लाइसेंस मिला:SBI, PNB और HDFC लिस्ट में शामिल, देश में सप्लाई की कमी नहीं होगी

केंद्र सरकार ने देश के 15 प्रमुख बैंकों को 31 मार्च 2029 तक सोना और चांदी इंपोर्ट करने की अनुमति दे दी है। इस लिस्ट में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), पंजाब नेशनल बैंक (PNB) और HDFC बैंक जैसे बड़े नाम शामिल हैं। यह मंजूरी 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो गई है। कॉमर्स मिनिस्ट्री के तहत आने वाले विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने नोटिफिकेशन जारी कर इसकी जानकारी दी है। इन 15 बैंकों को सोना-चांदी के इम्पोर्ट की मंजूरी मिली अक्षय तृतीया से पहले आई नई लिस्ट यह फैसला 19 अप्रैल 2026 को आने वाली अक्षय तृतीया से ठीक पहले लिया गया है। भारत में अक्षय तृतीया को शादी के सीजन के अलावा सोना खरीदने का सबसे बड़ा मौका माना जाता है। रिटेल सेल्स में इस त्योहार की हिस्सेदारी करीब 15% से 20% तक होती है। पिछले कुछ हफ्तों में कीमतों में आई गिरावट के कारण एनालिस्ट इसे खरीदारों के लिए अच्छा मौका मान रहे हैं। रॉयटर्स की रिपोर्ट के बाद मची थी हलचल इससे पहले एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि सरकारी नोटिफिकेशन न होने के कारण बैंकों ने गोल्ड और सिल्वर के ऑर्डर रोक दिए थे। इसके चलते कंसाइनमेंट कस्टम पर फंस गए थे। इस खबर के बाद शुक्रवार को ज्वेलरी कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट देखी गई। कल्याण ज्वेलर्स का शेयर 6% और टाइटन का शेयर 3% तक टूट गया। वहीं सरकारी ट्रेडिंग कंपनी MMTC के शेयरों में 16% की तेजी रही। आम आदमी को 3 बड़े फायदे ट्रेड डेफिसिट कंट्रोल करने के लिए भारत दुनिया में सोने के सबसे बड़े उपभोक्ताओं में से एक है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक, 2025 में भारत में सोने की मांग गिरकर 710.9 मीट्रिक टन रही, जो 5 साल का निचला स्तर है। ईरान संघर्ष की वजह से तेल और गैस की कीमतें बढ़ने से भारत का इंपोर्ट बिल बढ़ने की आशंका है। ऐसे में सरकार ट्रेड डेफिसिट (व्यापार घाटा) को कंट्रोल करने के लिए रेगुलेट कर रही है। सोना-चांदी का अवैध व्यापार रोकने में मदद मिलेगी DGFT के इस कदम से अगले 3 साल के लिए बुलियन ट्रेड में स्पष्टता आएगी। इससे ज्वेलर्स, रिफाइनर्स और इंस्टीट्यूशनल खरीदारों को सप्लाई चेन बनाए रखने में मदद मिलेगी। सरकार का उद्देश्य सोने-चांदी के आयात को रेगुलेटेड चैनलों के जरिए लाना है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और अवैध व्यापार पर रोक लगे। नोटिफिकेशन में देरी से फंसा था करोड़ों का सोना-चांदी पिछले कुछ दिनों से देश में सोने और चांदी की नई खेप आने में दिक्कत हो रही थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार की ओर से औपचारिक नोटिफिकेशन जारी न होने के कारण बैंकों ने नए ऑर्डर देना बंद कर दिया था। जो खेप पहले ही भारत पहुंच चुकी थी, वह भी कस्टम क्लियरेंस न मिलने की वजह से बंदरगाहों पर अटकी हुई थी। दरअसल, पिछला आधिकारिक आदेश 31 मार्च 2026 को समाप्त हो गया था। नई लिस्ट जारी होने में देरी से ज्वेलर्स और डीलरों को डर था कि इससे घरेलू बाजार में सप्लाई कम हो सकती है और कीमतें बढ़ सकती हैं। नॉलेज पार्ट: DGFT क्या है? डायरेक्टरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय का एक अटैच्ड ऑफिस है। इसका मुख्य काम विदेशी व्यापार से जुड़ी नीतियां बनाना और उन्हें लागू करना है, जैसे एक्सपोर्ट-इंपोर्ट (EXIM) पॉलिसी।

TCS नासिक केस- मानवाधिकार आयोग ने रिपोर्ट मांगी:फरार आरोपी निदा ने खुद को प्रेग्नेंट बताया, कोर्ट से अग्रिम जमानत मांगी

TCS नासिक केस- मानवाधिकार आयोग ने रिपोर्ट मांगी:फरार आरोपी निदा ने खुद को प्रेग्नेंट बताया, कोर्ट से अग्रिम जमानत मांगी

नासिक के TCS ऑफिस में धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न के आरोपों पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने शुक्रवार को महाराष्ट्र के DGP समेत कई विभागों से रिपोर्ट मांगी है। इस बीच फरार आरोपी नीदा खान ने अग्रिम जमानत के लिए कोर्ट में अर्जी दी है। उन्होंने बताया कि वह गर्भवती है। वहीं, निदा के पिता ने कहा कि उनकी बेटी के खिलाफ साजिस हुई है। इस मामले में अब तक 8 लोगों के खिलाफ 9 FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने 7 लोगों को गिरफ्तार कर किया है। सीएम फडणवीस ने कहा कि सरकार इसमें शामिल मॉड्यूल का पर्दाफाश करेंगे। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। परिवार का आरोप- निदा के खिलाफ साजिश हुई निदा के परिवार ने सभी आरोपों को गलत और राजनीतिक साजिश बताया है। परिवार का कहना है कि यह मामला जानबूझकर बनाया गया है। पिता ने कहा कि यह मामला नासिक के बाबा अशोक खरात से जुड़े विवाद को दबाने के लिए खड़ा किया गया है। नीदा ने शिकायत करने वाली महिला से कभी बात तक नहीं की और न ही किसी को धर्म परिवर्तन के लिए कहा। उनका परिवार सभी धर्मों का सम्मान करता है। परिवार ने बताया कि निदा इस समय गर्भवती है और भिवंडी स्थित अपने ससुराल में रह रही हैं। नीदा खान सस्पेंड, कंपनी ने गंभीर मामला बताया मीडियो रिपोर्ट के मुताबिक, TCS ने 9 अप्रैल को नीदा को सस्पेंड कर दिया था। सस्पेंड में कहा गया कि उनके खिलाफ गंभीर मामला सामने आया है। कंपनी ने उनका सिस्टम एक्सेस बंद कर दिया है। सभी कंपनी एसेट्स लौटाने के निर्देश दिए हैं। लेटर पर नासिक-पुणे-गोवा क्षेत्र के HR हेड शेखर कांबले के हस्ताक्षर हैं। रिपोर्ट के अनुसार, नीदा खान ने दिसंबर 2021 में कंपनी जॉइन की थी। वह प्रोसेस एसोसिएट के पद पर काम कर रही थीं। SIT जांच कर रही, 7 आरोपी गिरफ्तार पुलिस के मुताबिक, इस मामले में 9 शिकायतों की जांच हो रही है। इनमें 8 महिला कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि उनके सीनियर ने उनके साथ मानसिक और यौन उत्पीड़न किया। ये घटनाएं फरवरी 2022 से मार्च 2026 के बीच की बताई गई हैं। पुलिस ने इस मामले में सात कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें छह पुरुष और एक महिला HR शामिल हैं। सभी आरोपियों को कंपनी ने निलंबित कर दिया है। जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) बनाई गई है, जो शिकायतों की जांच कर रही है। शादी का झांसा, जबरन संबंध और धार्मिक दबाव के आरोप शिकायतों में कहा गया कि एक आरोपी ने शादी का झांसा देकर कर्मचारी के साथ बार-बार शारीरिक संबंध बनाए। इसके अलावा आपत्तिजनक तरीके से छूने और निजी जीवन को लेकर अपमानजनक टिप्पणियां करने के आरोप भी हैं। पुलिस के मुताबिक, एक मामले में एक कर्मचारी को नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किया गया। साथ ही उसके धर्म का अपमान करने का भी आरोप है। शिकायत यह भी कहा गया है कि ऑफिस के अंदर और बाहर छेड़छाड़ की गई, आपत्तिजनक टिप्पणियां और इशारे किए गए। एक मामले में महिला को ऑफिस में ही जबरन पकड़ने की कोशिश का आरोप है। कुछ पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। सीएम ने कहा- पूरे मॉड्यूल का पर्दाफाश करेंगे महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस के कहा कि सरकार इस पूरे मामले में शामिल मॉड्यूल का पर्दाफाश करेगी। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि यह गंभीर मामला है और एक संगठित मॉड्यूल के तहत किया गया है। हम इस मॉड्यूल को तोड़ेंगे। इसके लिए केंद्रीय एजेंसियों की मदद भी ली जा रही है।

Cottage Cheese Vs Paneer: कॉटेज चीज और पनीर में फर्क है? किसमें ज्यादा प्रोटीन, सेहत के लिए क्या है हेल्दी ऑप्शन, जानें दोनों का अंतर

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Last Updated:April 17, 2026, 17:29 IST Cottage Cheese vs Paneer: कॉटेज चीज और पनीर को लेकर ज्यादातर लोगों को कंफ्यूजन रहता है. दोनों ही ताजे चीज हैं जिनका इस्तेमाल रेसिपीज में किया जाता है, लेकिन इन दोनों की अपनी-अपनी कुछ खास विशेषताएं होती हैं. ऐसे में सेहत और कुकिंग के लिहाज से बेस्ट ऑप्शन क्या है, चलिए इस लेख में समझते हैं. ख़बरें फटाफट भारतीय घरों में डेयरी प्रॉडक्ट का इस्तेमाल काफी लंबे समय से होता आ रहा है. दूध, दही और घी के बारे में लगभग हर कोई जानता है. लेकिन आज के समय में जब बात पनीर की आती है, तो कंफ्यूजन बढ़ जाता है और मन में दस तरह के सवाल उठने लगते हैं. इसका कारण है वेस्ट में दूध से बनाए जाने वाले प्रोडक्ट. कॉटेज चीज ऐसा ही एक खाए जाने वाला डेयरी आइटम है, जिसे लगभग पनीर की तरह ही होता है. कई लोग इसे पनीर ही मानते हैं. लेकिन वास्तव में दोनों कितने अलग हैं, और आपकी सेहत के लिए बेस्ट ऑप्शन क्या है, चलिए जानते हैं. क्या पनीर और कॉटेज चीज एक ही है?नहीं, पनीर और कॉटेज चीज एक ही नहीं है. हालांकि दोनों ही फ्रेश चीज है, जिसका इस्तेमाल भारतीय घरों में बड़े स्तर पर होता है. लेकिन दोनों में बनाने प्रक्रिया से लेकर सेहत से जुड़े फायदों तक दोनों में काफी अंतर होता है. हालांकि सॉफ्ट और फिक्स्ड, फर्म टेक्सचर के कारण ज्यादा करी वारी रेसिपीज के लिए लोगों की पहली पसंद पनीर ही होती. पनीर और कॉटेज चीज में अंतर मेकिंग प्रोसेस- घर पर कॉटेज चीज बनाने के लिए फुल-क्रीम दूध को गर्म किया जाता है, और फिर उसमें सिरका या नींबू का रस मिलाया जाता है ताकि दूध फट जाए और चीज मट्ठे से अलग हो जाए. 30 मिनट तक रखने के बाद, चीज को छान लिया जाता है. फिर इसे ठंडे पानी से धोया जाता है. फिर इसमें स्वाद के अनुसार नमक और क्रीम मिलाया जाता है. वहीं, पनीर को बनाने के लिए 1 लीटर फुल-फैट दूध को उबालें, उसे फाड़ने के लिए उसमें 2–3 बड़े चम्मच नींबू का रस या सिरका डालें. इससे जब दूध फट जाए तो उसे मलमल के कपड़े से छान लें. खट्टापन हटाने के लिए उसे धो लें, और फिर 1–2 घंटे तक किसी भारी चीज से दबाकर रखें. इस तरह आपको बिना किसी प्रिजर्वेटिव के ताजा और मुलायम पनीर मिल जाएगा. टेस्ट और टेक्सचर- कॉटेज पनीर अपनी मुलायम और क्रीमी बनावट के साथ-साथ हल्के स्वाद के लिए जाना जाता है. इसके दही के कणों को मट्ठे में ढीला छोड़ दिए जाने के कारण इसकी बनावट थोड़ी दानेदार होती है. जबकि पनीर चीज का एक ठोस टुकड़ा होता है, जिसकी बनावट घनी और भुरभुरी होती है, और इसका स्वाद हल्का व दूधिया होता है. न्यूट्रिशन वैल्यू- USDA के अनुसार, पनीर की 100g सर्विंग में लगभग 21g प्रोटीन होता है. जबकि कॉटेज चीज में ये मात्रा लगभग 11g होता है.पनीर में प्रोटीन की मात्रा कॉटेज चीज की तुलना में लगभग दोगुनी होती है.वहीं, पनीर में कैलोरी की मात्रा प्रति 100g 321 होती है और कॉटेज चीज की 100g सर्विंग में 98 कैलोरी होती हैं. इसके अलावा कॉटेज चीज में आमतौर पर कैल्शियम, फॉस्फॉरस, सेलेनियम और विटामिन B12 की अच्छी-खासी मात्रा होती है. वहीं, पनीर में भी कैल्शियम और फॉस्फोरस के अलावा विटामिन A और राइबोफ्लेविन भी होता है. फायदे- कॉटेज चीज मौजूद गुण इसे हड्डियों, एनर्जी और मेटाबॉलिज्म के लिए एक पौष्टिक विकल्प बनाते हैं. जबकि पनीर एनर्जी और हड्डियों के साथ आंखों के लिए भी फायदेमंद साबित होता है. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi First Published : April 17, 2026, 17:29 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

Karnataka MLA Convicted in 2016 Murder Case

Karnataka MLA Convicted in 2016 Murder Case

बेंगलुरु5 मिनट पहले कॉपी लिंक कर्नाटक के चर्चित योगेश गौड़ा गौदार हत्याकांड में बेंगलुरु की विशेष अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री विनय कुलकर्णी समेत 16 दोषियों को उम्रकैद की सजा दी गई है। विशेष जज संतोष गजानन भट ने सभी आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और 120B (आपराधिक साजिश) के तहत दोषी ठहराया। यह मामला CBI द्वारा जांचा गया था, जिसमें कुलकर्णी को मुख्य साजिशकर्ता बताया गया। सरकारी वकीलों ने बिना रियायत उम्रकैद की मांग की थी, जबकि बचाव पक्ष ने नरमी की अपील की, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। दरअसल, 15 जून 2016 को बीजेपी नेता और जिला पंचायत सदस्य योगेशगौड़ा गौदार की धारवाड़ में उनके जिम में हत्या कर दी गई थी। शुरुआती जांच के बाद 2019 में मामला CBI को सौंपा गया था। इस फैसले के बाद विनय कुलकर्णी की विधानसभा सदस्यता पर भी असर पड़ सकता है, क्योंकि कानून के मुताबिक दो साल या उससे अधिक सजा मिलने पर जनप्रतिनिधि अयोग्य हो जाता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Karnataka MLA Convicted in 2016 Murder Case

Karnataka MLA Convicted in 2016 Murder Case

बेंगलुरुकुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक कर्नाटक के चर्चित योगेश गौड़ा गौदार हत्याकांड में बेंगलुरु के स्पेशल कोर्ट ने शुक्रवार को कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री विनय कुलकर्णी समेत 17 दोषियों को उम्रकैद की सजा दी है। कोर्ट ने सभी दोषियों पर 30-30 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। कर्नाटक के धारवाड़ में 15 जून 2016 को बीजेपी नेता और जिला पंचायत सदस्य योगेश गौड़ा की उनके जिम में हत्या कर दी गई थी। शुरुआत में स्थानीय पुलिस ने जांच की, लेकिन राजनीतिक दबाव और आरोपों के चलते 2019 में मामला CBI को सौंप दिया गया था। कोर्ट ने 15 अप्रैल को कांग्रेस विधायक और 16 अन्य लोगों को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और 120B (आपराधिक साजिश) के तहत दोषी ठहराया था। स्पेशल जज संतोष गजानन भट ने कहा कि सभी दोषियों ने मिलकर हत्या की आपराधिक साजिश रची थी। CBI ने 5 नवंबर 2020 को विनय कुलकर्णी को मुख्य साजिशकर्ता बताते हुए गिरफ्तार किया था। सजा के बाद कांग्रेस विधायक की सदस्यता जाने की संभावना मामले में कांग्रेस विधायक को मुख्य साजिशकर्ता माना गया। कोर्ट के फैसले के बाद कुलकर्णी की विधानसभा सदस्यता पर भी असर पड़ सकता है, क्योंकि कानून के मुताबिक दो साल या उससे अधिक सजा मिलने पर जनप्रतिनिधि अयोग्य हो जाता है। दो आरोपियों को कोर्ट ने सबूतों के अभाव में बरी किया विधायक विनय कुलकर्णी के अलावा आरोपियों में विक्रम बेल्लारी, कीर्ति कुमार, संदीप सावदत्ती, विनायक कटगी, महाबलेश्वर होंगल उर्फ ​​मुदाका, संतोष सावदत्ती, दिनेश एम, एस अश्वथ, केएस सुनील, नजीर अहमद, शानवाज, के नूतन, सी हर्षित, चन्द्रशेखर इंडी उर्फ ​​चंद्रू मामा, विकास कलबुर्गी और चन्नकेशव तिंगरीकर शामिल हैं। आरोपियों में शामिल दो लोगों, वासुदेव रामा नीलेकानी और सोमशेखर न्यामगौड़ा को सबूतों की कमी के कारण बरी कर दिया गया। योगेश गौड़ा मर्डर केस की टाइमलाइन 1. 15 जून 2016: धारवाड़ के सप्तापुर जिम में योगेश गौड़ा गौडर की हत्या हुई। 2. 2016-2018: स्थानीय पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया। मुख्य चार्जशीट में विनय कुलकर्णी का नाम नहीं था। 3. सितंबर 2019: सरकार बदलने के बाद केस CBI को सौंपा गया। 4. 5 नवंबर 2020: CBI ने विनय कुलकर्णी को मुख्य साजिशकर्ता बताते हुए गिरफ्तार किया। 5. 11 अगस्त 2021: सुप्रीम कोर्ट ने कुलकर्णी को सशर्त जमानत दी, धारवाड़ जाने पर रोक लगा दिया। 6. 7 जून 2025: सुप्रीम कोर्ट ने गवाह प्रभावित करने के आरोप में कुलकर्णी की जमानत रद्द की। 7. 27 फरवरी 2026: कुलकर्णी को सभी मुख्य गवाहों की गवाही के बाद सुप्रीम कोर्ट से फिर जमानत मिली। 8. 15 अप्रैल 2026: स्पेशल जज संतोष गजानन भट ने कुलकर्णी समेत 17 को दोषी ठहराया। 9. 17 अप्रैल 2026: कोर्ट ने सभी 17 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। ———————- क्राइम से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… तमिलनाडु में 9 पुलिसकर्मियों को फांसी की सजा:6 साल पहले बाप-बेटे की हिरासत में मौत हुई थी, कोविड लॉकडाउन में दुकान खोली थी तमिलनाडु की मदुरै सेशन कोर्ट ने हाल ही में पिता-पुत्र की कस्टोडियल डेथ केस में 9 पुलिसकर्मियों को मौत की सजा सुनाई। कोर्ट ने इसे ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ बताया। कहा कि अत्यधिक बर्बरता और सत्ता के दुरुपयोग का मामला है। यह मामला 2020 का है। छह साल तक सुनवाई चली। इस मामले में कुल 10 आरोपी थे। एक की कोविड के दौरान मौत हो गई। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Student Suicide & Apple Product Scam

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. ये है, इंदौर में आज की 10 बड़ी खबरें। अब आप रोज शाम 5 बजे एक ही जगह पर शहर की दिन भर की बड़ी खबरें पढ़ सकते हैं। कब-क्या हुआ, इसकी सारी जानकारी यहां मिलेगी। राजनीति से लेकर हर दिन होने वाले बड़े इवेंट, हादसे, कार्यक्रम सबकुछ…। 1. सिटी बस का पास 3 गुना महंगा सिटी बस के पास के दाम बढ़ने से स्टूडेंट्स से लेकर बुजुर्गों तक में नाराजगी हैं। जो पास उन्हें पहले कम कीमत में मिलता था अब उसकी कीमत तीन गुना हो गई है। ऐसे में स्टूडेंट्स का सवाल है कि हम रोज कॉलेज आना-जाना कैसे करेंगे। पढ़ें पूरी खबर… 2. 12वीं फेल होने पर छात्रा ने जहर खाया गांधी नगर इलाके में रहने वाली एक छात्रा ने गुरुवार को जहर खा लिया। तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां देर रात उसकी मौत हो गई। बताया जाता है कि एक दिन पहले छात्रा का 12वीं का रिजल्ट आया था। पढ़ें पूरी खबर… 3. राजबाड़ा पर विहिप-बजरंग दल का प्रदर्शन विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को राजबाड़ा के सामने लव जिहाद के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान संगठन पदाधिकारियों ने देश में कथित ‘लव जिहाद’ की घटनाओं पर अंकुश लगाने की मांग की। पढ़ें पूरी खबर… 4. ऑनलाइन ठगी गिरोह के 5 आरोपी गिरफ्तार भंवरकुआ थाना पुलिस ने ऑनलाइन ठगी के मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी अलग-अलग राज्यों के रहने वाले हैं। पुलिस ने आरोपियों के खातों में जमा करीब 10 लाख रुपए फ्रीज कराए हैं। पढ़ें पूरी खबर… 5. एप्पल प्रोडक्ट बदलकर 14 लाख की ठगी ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म के जरिए ठगी करने वाले गिरोह का चंदन नगर पुलिस ने खुलासा किया है। आरोपी महंगे एप्पल प्रोडक्ट मंगवाकर उन्हें बदलकर नकली सामान कंपनी को वापस कर देते थे। पढ़ें पूरी खबर… 6. छात्रा के सुसाइड मामले में प्रेमी पर मामला दर्ज एमआईजी थाना क्षेत्र में एक छात्रा द्वारा आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। घटना 30 मार्च की है। श्रद्धाश्री कॉलोनी में रहने वाली 23 वर्षीय प्रीति मीणा ने अपने कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी थी। पढ़ें पूरी खबर… 7. मजदूर की हत्या, मैदान में मिला शव लसूडिया थाना क्षेत्र स्थित स्कीम नंबर 136 में शुक्रवार सुबह एक मजदूर का शव खाली मैदान में मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। शुरुआती जांच में मृतक की सिर कुचलकर हत्या किए जाने की बात सामने आई है। पढ़ें पूरी खबर… 8. गीताभवन पर कैफे में आग गीताभवन क्षेत्र में गुरुवार-शुक्रवार दरमियानी रात एक कैफे में आग लग गई। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। इस दौरान सिलेंडर फटने से बड़ा धमाका भी हुआ। पढ़ें पूरी खबर… 9. हीरानगर बंधक कांड में नया खुलासा हीरानगर में तीन दिन पहले रमेश जोशी ने अपनी पत्नी के साथ अंकित, अभिषेक और गुलशन द्वारा बंधक बनाए जाने के मामले में एफआईआर दर्ज कराई थी। जोशी ने बताया था कि उनके बेटे अंकित जोशी का आरोपियों से 40 लाख रुपए का लेन-देन है। पढ़ें पूरी खबर… 10. पेट्रोल पंप पर युवक से मारपीट: तीन हिरासत में सदर बाजार क्षेत्र में एक पेट्रोल पंप पर पेट्रोल लेने आए युवक से कर्मचारियों द्वारा मारपीट का मामला सामने आया है। जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन कर्मचारियों को हिरासत में लिया। पढ़ें पूरी खबर…

‘प्रधानमंत्री और मेरे बीच पत्नी का मुद्दा नहीं है’: राहुल गांधी का ‘बैचलरहुड मजाक’ महिला कोटा बहस को हल्का करता है | राजनीति समाचार

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आखरी अपडेट:17 अप्रैल, 2026, 16:59 IST जबकि इस चुटकी पर लोग हंसने लगे और मेजें थपथपाने लगीं, राहुल गांधी तुरंत 850 सीटों वाली लोकसभा विस्तार योजना के खिलाफ अपने मूल तर्क पर वापस आ गए। राहुल गांधी ने इस अवसर पर अपनी बहन प्रियंका गांधी वाद्रा की भी सराहना की, जिनका पिछले दिन का संबोधन वायरल हो गया था। छवि: संसद टीवी विशेष संसद सत्र की तीव्र विधायी खींचतान से एक दुर्लभ ब्रेक में, विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को लोकसभा में उत्साह का क्षण भर दिया। संविधान (131वां संशोधन) विधेयक पर बहस में भाग लेते हुए, गांधी ने मजाक में कहा कि उन्हें और प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी दोनों को “पत्नी के मुद्दे” से छूट प्राप्त है, इस पर वित्त मंत्रालय और विपक्ष दोनों की ओर से हंसी की गूंज सुनाई दी। यह टिप्पणी महिलाओं के आरक्षण को नए सिरे से परिसीमन अभ्यास से जोड़ने की सरकार की योजनाओं की उनकी अन्यथा तीखी आलोचना के लिए एक संक्षिप्त, मानवीय प्रस्तावना के रूप में कार्य करती है। राहुल गांधी ने लोकसभा में क्यों उठाया ‘पत्नी मुद्दा’? यह हास्यप्रद टिप्पणी संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू की पहले की हल्की-फुल्की टिप्पणी से शुरू हुई थी, जिन्होंने अपने सहयोगी अर्जुन राम मेघवाल के विपरीत, अपनी पत्नी के लिए एक कविता नहीं लिखने के कारण घर पर “डांट” प्राप्त करने के बारे में एक किस्सा साझा किया था। मज़ाक को भुनाते हुए, गांधी ने कहा कि महिलाएं राष्ट्रीय कल्पना में एक केंद्रीय, प्रेरक शक्ति हैं और सदन का प्रत्येक सदस्य अपने जीवन में महिलाओं से गहराई से प्रभावित हुआ है। गांधी ने मुस्कुराहट के साथ रुकने से पहले कहा, “इस कमरे में हम सभी महिलाओं से प्रभावित हुए हैं, सिखाए गए हैं और महिलाओं से बहुत कुछ सीखा है – माताओं, बहनों और पत्नियों से।” “बेशक, प्रधान मंत्री और मेरे बीच पत्नी का मुद्दा नहीं है, इसलिए हमें वह इनपुट नहीं मिलता है, लेकिन हमारी मां और बहनें हैं।” उनके साझा कुंवारेपन का आत्म-निंदा करने वाला संदर्भ दो राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को एक ही ब्रैकेट में रखे जाने का एक दुर्लभ उदाहरण था, जिसने 2026 के विशेष सत्र को परिभाषित करने वाले गहरे पक्षपातपूर्ण विभाजन को क्षण भर के लिए पाट दिया। गांधी ने राजनीतिक बहस को वापस लाने के लिए इस हल्केपन का उपयोग कैसे किया? जबकि इस चुटकी पर हंसी और मेजें थपथपाने लगीं, गांधी तुरंत 850 सीटों के विस्तार की योजना के खिलाफ अपने मूल तर्क पर वापस आ गए। उन्होंने व्यक्तिगत किस्से का इस्तेमाल यह रेखांकित करने के लिए किया कि हालांकि पुरुष नेताओं को जीवनसाथी से “घरेलू इनपुट” की कमी हो सकती है, माताओं और बहनों की सामूहिक बुद्धि यह समझने के लिए पर्याप्त होनी चाहिए कि महिलाएं तत्काल प्रतिनिधित्व की हकदार हैं। उन्होंने तर्क दिया कि यदि सरकार वास्तव में महिलाओं की “प्रेरक शक्ति” को महत्व देती है, तो वह 33 प्रतिशत कोटा में देरी करने के लिए 10-दिवसीय युद्धविराम या जटिल परिसीमन गणित की तकनीकीताओं के पीछे नहीं छुपेगी। गांधी ने इस अवसर पर अपनी बहन प्रियंका गांधी वाद्रा की भी सराहना की, जिनका पिछले दिन का संबोधन भी वायरल हो गया था। उन्होंने प्रियंका के “चाणक्य” तंज पर गृह मंत्री की प्रतिक्रिया का जिक्र करते हुए कहा, “कल, मैं अपनी बहन को पांच मिनट में वह हासिल करते हुए देख रहा था जो मैं अपने राजनीतिक करियर के 20 वर्षों में नहीं कर पाया – अमित शाह जी को मुस्कुराएं।” बुद्धि के इन क्षणों को उजागर करके, गांधी ने विपक्ष को एक ऐसी ताकत के रूप में चित्रित करने की कोशिश की जो तर्क और हास्य दोनों के साथ सरकार को चुनौती दे सकती है, जबकि वे शाम 4 बजे विधेयक के खिलाफ मतदान करने के लिए तैयार थे। व्यस्त सत्र में इस ‘दोस्ताना नोक-झोंक’ का क्या महत्व था? “पत्नी मुद्दा” टिप्पणी महज़ एक मजाक से कहीं अधिक थी; यह उस सदन में तापमान कम करने का एक सामरिक प्रयास था जिसने 2011 की जनगणना बेसलाइन और उत्तर-दक्षिण सीट असमानता पर लगातार व्यवधान देखा है। प्रधान मंत्री के साथ समानता को स्वीकार करते हुए, गांधी ने संक्षेप में कथा को “राष्ट्र-विरोधी” लेबल और “चालाक” आरोपों से दूर कर दिया, जो सुबह के सत्र में हावी थे। हालाँकि, सौहार्द अल्पकालिक था। जैसे ही हंसी शांत हुई, गांधी अपने “जहर की गोली” सिद्धांत पर लौट आए, और जोर देकर कहा कि भाजपा चुनावी मानचित्र के “शर्मनाक” पुनर्गठन के लिए “महिलाओं की पवित्रता” को राजनीतिक ढाल के रूप में उपयोग कर रही है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 17 अप्रैल, 2026, 16:59 IST समाचार राजनीति ‘प्रधानमंत्री और मेरे बीच पत्नी का मुद्दा नहीं है’: राहुल गांधी के ‘बैचलरहुड मजाक’ ने महिला कोटा की बहस को हल्का कर दिया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें

‘वह बचपन के आघात से गुजर रहे हैं’: राहुल गांधी की ‘जादू’ टिप्पणी पर कंगना रनौत की प्रतिक्रिया | राजनीति समाचार

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आखरी अपडेट:17 अप्रैल, 2026, 16:54 IST बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने पीएम मोदी पर ‘जादूगर’ वाले बयान पर राहुल गांधी को सिरदर्द बताया. बाएं: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी; दाएं: बीजेपी सांसद कंगना रनौत भाजपा सांसद कंगना रनौत ने शुक्रवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की संसद में ”जादू” वाली टिप्पणी पर उन पर कटाक्ष किया और इसे ”सिरदर्द” बताया। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि कांग्रेस नेता बचपन में देखे गए जादू के शो के कारण बचपन के आघात से गुजर रहे हैं। पत्रकारों से बात करते हुए, रानौत ने कहा, “उन्हें सुनना बहुत सिरदर्द था। वह अपने बचपन के दुखों और बचपन में देखे गए जादू के शो से गुजर रहे हैं। यह एक उपद्रव था। अध्यक्ष ने उन्हें रुकने के लिए भी कहा। उन्होंने संसद का मजाक बनाया है।” #घड़ी | दिल्ली: लोकसभा में राहुल गांधी के भाषण पर बीजेपी सांसद कंगना रनौत का कहना है, “उन्हें सुनना बहुत सिरदर्द था। वह अपने बचपन के दुखों और जादू के शो से गुजर रहे हैं जो उन्होंने बचपन में देखा था। यह एक उपद्रव था। सभापति ने उन्हें रुकने के लिए भी कहा। उन्होंने… pic.twitter.com/XDNyBBIyv9– एएनआई (@ANI) 17 अप्रैल 2026 राहुल गांधी ने क्या कहा? महिला आरक्षण विधेयक पर बहस के दौरान लोकसभा को संबोधित करते हुए, गांधी ने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को “जादूगर” कहा, इस टिप्पणी से निचले सदन में हंगामा शुरू हो गया। गांधी ने कहा, “आप (भाजपा) जो कर रहे हैं, क्योंकि आप देश की राजनीति में जो हो रहा है उससे डरे हुए हैं, आप अपनी ताकत के क्षरण से डरे हुए हैं, और आप भारतीय राजनीतिक मानचित्र को बदलने की कोशिश कर रहे हैं। आपने असम, जम्मू-कश्मीर में ऐसा किया और अब कल्पना कर रहे हैं कि आप इसे भारत में भी कर सकते हैं। आपको ऐसा करने के लिए एक संवैधानिक संशोधन की आवश्यकता है।” उन्होंने कहा, “सच्चाई यह है कि जादूगर पकड़ा गया है। बालाकोट का जादूगर, नोटबंदी का जादूगर, सिन्दूर का जादूगर अचानक पकड़ा गया है। हर कोई जानता है कि हमारे दोस्त, जादूगर और व्यापारी के बीच साझेदारी है।” राहुल गांधी की ‘जादू’ वाली टिप्पणी पर बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गांधी की टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस नेता प्रधानमंत्री के लिए गलत भाषा का इस्तेमाल कर रहे थे और बालाकोट हमलों और ऑपरेशन सिन्दूर का संदर्भ देकर देश और सेना को बदनाम कर रहे थे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी हस्तक्षेप करते हुए कहा, “विपक्ष के नेता द्वारा इस देश के प्रधान मंत्री के बारे में जिस तरह के शब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा है, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। मेरा मानना ​​है कि इसकी जितनी भी निंदा की जाए वह कम है।” उन्होंने कहा, “उन्हें बार-बार ‘जादूगर’ कहना वास्तव में देश के लोगों का अपमान है। मैं आपसे अनुरोध करना चाहता हूं कि उन्होंने जिन शब्दों का इस्तेमाल किया है, उन्हें कार्यवाही से हटा दिया जाए। राहुल गांधी को माफी मांगनी चाहिए।” चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 17 अप्रैल, 2026, 16:54 IST समाचार राजनीति ‘वह बचपन के आघात से गुजर रहे हैं’: कंगना रनौत ने राहुल गांधी की ‘जादू’ टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)राहुल गांधी जादूगर टिप्पणी(टी)कंगना रनौत बीजेपी सांसद(टी)राहुल गांधी जादू टिप्पणी(टी)लोकसभा बहस(टी)महिला आरक्षण विधेयक(टी)मोदी जादूगर संदर्भ(टी)भाजपा प्रतिक्रिया राहुल गांधी(टी)बालाकोट स्ट्राइक टिप्पणी