वर्ल्ड हेरिटेज डे: रोशनी से जगमगाया जहाज महल:कल मिलेगा स्मारकों में मुफ्त प्रवेश; यूनेस्को सूची के लिए प्रशासन ने भेजे नए प्रस्ताव

विश्व विरासत दिवस पर शनिवार को मांडू के सभी केंद्रीय संरक्षित स्मारकों में पर्यटकों का प्रवेश निशुल्क रहेगा। भारतीय पुरातत्व विभाग इस दिन पर सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए विशेष आयोजन कर रहा है। इसी कड़ी में शुक्रवार रात जहाज महल को विद्युत रोशनी से रोशन किया गया। इंदौर कमिश्नर और धार कलेक्टर ने भेजे प्रस्ताव तत्कालीन इंदौर संभाग आयुक्त दीपक सिंह और तत्कालीन धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने मांडू को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने के लिए शासन को कई प्रस्ताव भेजे हैं। मांडू वर्तमान में यूनेस्को की संभावित सूची में शामिल है। प्रशासन अब इसे पूर्ण विश्व धरोहर का दर्जा दिलाने के लिए तकनीकी डोजियर तैयार करने के प्रयासों में जुटा है। मांडू में होंगी विविध गतिविधियां विश्व धरोहर दिवस पर मांडू में हेरिटेज वॉक, चित्रकला, वाद-विवाद और फोटो प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इन आयोजनों का उद्देश्य मांडू की प्राचीन वास्तुकला, जल प्रबंधन प्रणालियों और सांस्कृतिक विरासत के प्रति आमजन को जागरूक करना है। एएसआई इस बार ‘विरासत और जलवायु’ विषय पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। 61 केंद्रीय और 14 राज्य संरक्षित स्मारक मौजूद ऐतिहासिक नगरी मांडू में बाज बहादुर-रानी रूपमती महल, हिंडोला महल, अशर्फी महल और होशंगशाह के मकबरे सहित कुल 61 केंद्रीय पुरातत्व विभाग के संरक्षित स्मारक हैं। इसके अलावा राज्य पुरातत्व विभाग के भी 14 स्मारक यहां स्थित हैं। मांडू को यूनेस्को की सूची में शामिल करने के लिए वर्ष 1998 से संघर्ष जारी है। प्राचीन जल संरचनाओं के संरक्षण पर विशेष फोकस पुरातत्वविद और एएसआई भोपाल मंडल के अधीक्षक डॉ. मनोज कुमार कुर्मी ने बताया कि मांडू की प्राचीन जल संरचनाएं विश्व में अद्वितीय हैं। विभाग इन जलस्रोतों और स्मारकों के समूह को आधार बनाकर एक सशक्त प्रस्तुतिकरण तैयार कर रहा है। यूनेस्को में भारत का प्रतिनिधित्व एएसआई द्वारा किया जाता है, जिससे मांडू की दावेदारी अब और मजबूत हुई है।
परिसीमन विधेयक क्यों पारित नहीं हो सका: लोकसभा मतदान नियमों को समझना | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:17 अप्रैल, 2026, 21:40 IST बिल को 298 सांसदों का समर्थन मिला, जबकि 230 ने इसके खिलाफ वोट किया। हालाँकि, यह पारित होने के लिए पर्याप्त नहीं था। नई दिल्ली में शुक्रवार, 17 अप्रैल, 2026 को संसद के विशेष सत्र के दौरान बारिश के बीच विरोध प्रदर्शन के दौरान एनडीए सांसदों ने नारे लगाए। (पीटीआई फोटो) परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़ा एक संविधान संशोधन विधेयक विपक्ष की तुलना में पक्ष में अधिक वोट मिलने के बावजूद शुक्रवार को लोकसभा में गिर गया। बिल को 298 सांसदों का समर्थन मिला, जबकि 230 ने इसके खिलाफ वोट किया। हालाँकि, यह पारित होने के लिए पर्याप्त नहीं था। कुल 528 सदस्यों ने मतदान किया और विधेयक को अनिवार्य दो-तिहाई बहुमत हासिल करने के लिए कम से कम 352 वोटों की आवश्यकता थी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने घोषणा की कि विधेयक पारित नहीं हुआ क्योंकि यह इस आवश्यकता को पूरा करने में विफल रहा। संविधान संशोधन विधेयकों को सामान्य कानूनों की तुलना में अधिक सीमा की आवश्यकता होती है, जिसका अर्थ है कि साधारण बहुमत पर्याप्त नहीं है। यह भी पढ़ें: परिसीमन विधेयक: कैसे महिला आरक्षण 1971 की ठंड को समाप्त करने में मदद कर सकता है, समझाया गया विधेयक में क्या प्रस्तावित है? प्रस्तावित संशोधन का उद्देश्य लोकसभा सीटों की संख्या को 543 से बढ़ाकर 850 तक करना था। इस विस्तार का उद्देश्य 2029 के चुनावों से संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को लागू करने में मदद करना था। यह योजना 2011 की जनगणना के आधार पर नए सिरे से परिसीमन प्रक्रिया पर निर्भर थी। परिसीमन में जनसंख्या परिवर्तन को प्रतिबिंबित करने और उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन क्षेत्र की सीमाओं को फिर से तैयार करना शामिल है। विधेयक में महिला आरक्षण को समायोजित करने के लिए राज्य विधानसभाओं में सीटें बढ़ाने का भी प्रस्ताव है। मतदान नियमों को समझना संविधान के अनुच्छेद 368 के तहत, किसी भी संशोधन विधेयक को सदन की कुल संख्या के बहुमत और उपस्थित और मतदान करने वाले कम से कम दो-तिहाई सदस्यों द्वारा पारित किया जाना चाहिए। इससे नियमित कानून की तुलना में ऐसे कानूनों को पारित करना अधिक कठिन हो जाता है। संसद की मंजूरी के बाद भी, कुछ संशोधनों को कम से कम आधे राज्य विधानसभाओं द्वारा भी अनुमोदित किया जाना चाहिए। राजनीतिक प्रतिक्रिया तीखी थी. सरकार ने विपक्ष पर महिला सशक्तीकरण को अवरुद्ध करने का आरोप लगाया, जबकि विपक्षी नेताओं ने कहा कि विधेयक त्रुटिपूर्ण था और दावा किया कि संवैधानिक सिद्धांतों की रक्षा के लिए इसे विफल कर दिया गया है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए उन पर भारत की महिलाओं के खिलाफ “ऐतिहासिक विश्वासघात” का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष ने दशकों से लंबित सुधार को रोकने के लिए परिसीमन की तकनीकीताओं के पीछे छिपकर अपने “महिला विरोधी” पूर्वाग्रह को उजागर किया है। रिजिजू ने सदन के बाहर संवाददाताओं से कहा, ”विपक्ष ने आज भारत की बेटियों की आकांक्षाओं के खिलाफ मतदान किया है।” दूसरी ओर, विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि परिणाम संवैधानिक मूल्यों की रक्षा है, उन्होंने कहा कि विपक्ष ने “संविधान पर इस हमले को हरा दिया है”। उन्होंने कहा, “हमने स्पष्ट रूप से कहा कि यह महिला विधेयक नहीं है, बल्कि भारत की चुनावी संरचना को बदलने का प्रयास है जिसे हमने रोक दिया है।” (एजेंसियों से इनपुट के साथ) चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 17 अप्रैल, 2026, 21:40 IST समाचार राजनीति परिसीमन विधेयक क्यों पारित नहीं हो सका: लोकसभा मतदान नियमों को समझना अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)संविधान संशोधन विधेयक(टी)महिला आरक्षण(टी)लोकसभा सीटों में वृद्धि(टी)दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता(टी)अनुच्छेद 368 संविधान(टी)2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन(टी)संसद में महिला कोटा(टी)राज्य विधानसभाओं की सीटें
Indore DAVV IMS Farewell Party Controversy

इंदौर में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV) के IMS कॉलेज में आयोजित फेयरवेल पार्टी को लेकर विवाद सामने आया है। कार्यक्रम में बाहरी लोगों की एंट्री को लेकर हंगामा हुआ, जिसके बाद बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए। . जानकारी के मुताबिक, 17 अप्रैल को एमबीए (फुल टाइम) छात्रों द्वारा फेयरवेल पार्टी आयोजित की गई थी। आरोप है कि आयोजकों ने कुछ बाहरी लोगों को पैसे लेकर एंट्री पास दिए, जिससे वे पार्टी में शामिल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, डांस और म्यूजिक के दौरान कुछ बाहरी युवक छात्राओं के साथ नजर आए, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। कार्यक्रम में बाहरी लोगों की एंट्री को लेकर हंगामा हुआ। सूचना पर पहुंचे बजरंग दल कार्यकर्ता मामले की जानकारी मिलते ही बजरंग दल के कार्यकर्ता कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे और आयोजकों से चर्चा की। इस दौरान कुछ देर के लिए विवाद की स्थिति भी बनी। स्थिति बिगड़ती देख आयोजकों ने बाहरी लोगों को कार्यक्रम से बाहर कर दिया, जिसके बाद मामला शांत हो गया। फिलहाल, इस मामले में पुलिस या कॉलेज प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
Jhabua Schools Timings Changed | Nursery to 12th Classes 7:30 AM

झाबुआ जिले में लगातार बढ़ रहे तापमान और लू के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने स्कूली छात्र-छात्राओं को राहत दी है। कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने जिले के सभी स्कूलों के संचालन समय में परिवर्तन करने के निर्देश जारी किए हैं। यह आदेश शनिवार से प्रभावी ह . सभी बोर्ड के स्कूलों पर लागू होगा नया समय कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जिले के समस्त शासकीय, अशासकीय, अनुदान प्राप्त, सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड से संबद्ध स्कूलों में अब कक्षाएं सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक ही संचालित की जा सकेंगी। यह नियम नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के सभी विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य होगा। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि विद्यार्थियों की छुट्टी दोपहर 12:30 बजे कर दी जाएगी, लेकिन विद्यालय के शिक्षकों और अन्य शैक्षणिक स्टाफ को दोपहर 1:00 बजे तक स्कूल में रहकर अपने लंबित कार्य पूर्ण करने होंगे। परीक्षाओं के समय में नहीं होगा बदलाव प्रशासन ने राहत के साथ यह भी स्पष्ट किया है कि जिन विद्यालयों में पूर्व निर्धारित समय सारणी के अनुसार परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं, उनके समय में कोई बदलाव नहीं होगा। परीक्षाएं अपनी तय समय-सीमा और निर्देशों के अनुसार ही संपन्न होंगी। छात्रों के स्वास्थ्य को दी प्राथमिकता कलेक्टर डॉ. भरसट ने बताया कि दोपहर की भीषण गर्मी और लू के कारण बच्चों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ने की आशंका थी। अभिभावकों और मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह सुरक्षात्मक कदम उठाया गया है। यह व्यवस्था आगामी आदेश तक निरंतर जारी रहेगी।
नरसिंहपुर में सूने मकान से 3 लाख कैश चोरी:अलमारी का लॉक तोड़कर जेवर भी ले गए बदमाश; बदमाशों का मोबाइल और मफलर छूटा

नरसिंहपुर जिले के अंशिका पुरम राजमार्ग पर एक सूने मकान को चोरों ने निशाना बनाया। अज्ञात बदमाशों ने एक ढाबा संचालक के घर से करीब तीन लाख रुपए नकद और लाखों के सोने-चांदी के आभूषण चुरा लिए। पुलिस ने शुक्रवार शाम मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। परिवार की अनुपस्थिति में हुई वारदात पीड़ित राजेश शुक्ला (45) ने पुलिस को बताया कि वे सागर जिले के मढपिपरिया में ‘रूद ढाबा’ चलाते हैं। गुरुवार सुबह वे अपने बेटे के साथ ढाबे पर थे और दोपहर में उनकी पत्नी भी घर पर ताला लगाकर अपने मायके बम्होरी चली गईं। रात करीब 11 बजे जब पिता-पुत्र घर लौटे, तो उन्हें मुख्य गेट और कमरों के ताले टूटे हुए मिले। अलमारी खंगालकर जेवरात चुराए चोरों ने घर के अंदर रखी गोदरेज की अलमारी का लॉक तोड़कर उसमें रखे सोने का हार, चैन, चूड़ियां, झुमकी, अंगूठियां और चांदी के पायजेब सहित अन्य कीमती आभूषण चोरी कर लिए। अलमारी में रखे 3 लाख रुपये नगद और स्टेट बैंक की चेकबुक भी गायब मिली। घर के अंदर सामान बिखरा पड़ा था और जेवरों के खाली डिब्बे जमीन पर पड़े मिले। घटनास्थल पर मिला चोरों का मोबाइल और मफलर मकान के निरीक्षण के दौरान एक स्लेटी रंग का कीपैड मोबाइल और एक भूरे रंग का मफलर बरामद हुआ है। पीड़ित परिवार के अनुसार यह सामान उनका नहीं है, जिससे प्रबल आशंका है कि चोरी की वारदात के दौरान यह सामान बदमाशों का वहीं छूट गया। पुलिस इन सबूतों को अहम मानकर जांच कर रही है। संदिग्धों से पूछताछ कर रही पुलिस सुआताला थाना पुलिस ने राजेश शुक्ला की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों पर केस दर्ज किया है। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाल रही है और संदिग्धों से पूछताछ जारी है।
Daisy Shah Casting Couch Statement

8 मिनट पहले कॉपी लिंक बॉलीवुड एक्ट्रेस डेजी शाह ने अपने करियर के शुरुआती दिनों के एक बुरे अनुभव को साझा किया है। डेजी ने बताया कि कैसे एक कास्टिंग मीटिंग के दौरान एक फिल्ममेकर ने उन्हें गलत तरीके से छुआ, जिसके बाद वे काफी अनकंफर्टेबल हो गई थीं। एक्ट्रेस ने यह भी साफ किया कि इस घटना के बाद उन्होंने फैसला किया कि वे काम के सिलसिले में कभी किसी से अकेले नहीं मिलेंगी। 6-7 लड़कियां लाइन में लगी थीं ‘फ्री प्रेस जर्नल’ को दिए इंटरव्यू में डेजी शाह ने बताया कि यह वाकया मुंबई का है। साउथ के एक फिल्ममेकर मुंबई में कास्टिंग के लिए आए थे। डेजी ने बताया, वहां करीब 6 से 7 लड़कियां काम के सिलसिले में मिलने पहुंची थीं। वह फिल्ममेकर हर लड़की से अकेले में मिल रहा था। जब मेरी बारी आई और मैं अंदर गई, तो मुझे मीटिंग खत्म होने से पहले ही अजीब महसूस होने लगा था। गलत तरीके से पकड़ा हाथ एक्ट्रेस ने उस असहज पल को याद करते हुए कहा, उस फिल्ममेकर ने मुझे गलत तरीके से छुआ और मेरा हाथ पकड़ लिया। मुझे यह बिल्कुल पसंद नहीं आया। डेजी ने यह भी बताया कि उन्हें शुरू से ही किसी का छूना पसंद नहीं है। उन्होंने कहा, मैं मसाज भी नहीं कराती क्योंकि मुझे टच पसंद नहीं है, फिर चाहे वह कोई महिला ही क्यों न हो। ऐसे में किसी अनजान मर्द का मुझे छूना मेरे लिए बहुत बड़ी बात थी। बिना जवाब दिए वहां से निकल गईं उस स्थिति को डेजी ने फिल्ममेकर से कहा, मैं आपसे बाद में बात करती हूं, लेकिन उन्होंने कभी उससे संपर्क नहीं किया। डेजी ने कहा कि उन्होंने खुद को सुरक्षित रखने के लिए वहां से तुरंत निकलना ही बेहतर समझा। इस घटना ने उन्हें एक बड़ा सबक दिया कि इंडस्ट्री में काम के लिए कभी भी किसी से अकेले नहीं मिलना चाहिए। सलमान खान की मदद पर दी सफाई इंटरव्यू के दौरान डेजी से उनके और सलमान खान के कनेक्शन पर भी सवाल पूछा गया। अक्सर कहा जाता है कि डेजी का करियर सलमान खान की वजह से ही चल रहा है। इस पर उन्होंने कहा, लोग हमेशा सोचते हैं कि किसी महिला की सफलता के पीछे किसी का हाथ होता है। अब मुझे इन बातों का बुरा नहीं लगता। लाइफ में मदद मिलना सामान्य बात है, लेकिन मेरी अपनी मेहनत भी मायने रखती है। अब मैं ऐसी बातों की आदी हो चुकी हूं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Daisy Shah Casting Couch Statement

28 मिनट पहले कॉपी लिंक बॉलीवुड एक्ट्रेस डेजी शाह ने अपने करियर के शुरुआती दिनों के एक बुरे अनुभव को साझा किया है। डेजी ने बताया कि कैसे एक कास्टिंग मीटिंग के दौरान एक फिल्ममेकर ने उन्हें गलत तरीके से छुआ, जिसके बाद वे काफी अनकंफर्टेबल हो गई थीं। एक्ट्रेस ने यह भी साफ किया कि इस घटना के बाद उन्होंने फैसला किया कि वे काम के सिलसिले में कभी किसी से अकेले नहीं मिलेंगी। 6-7 लड़कियां लाइन में लगी थीं ‘फ्री प्रेस जर्नल’ को दिए इंटरव्यू में डेजी शाह ने बताया कि यह वाकया मुंबई का है। साउथ के एक फिल्ममेकर मुंबई में कास्टिंग के लिए आए थे। डेजी ने बताया, वहां करीब 6 से 7 लड़कियां काम के सिलसिले में मिलने पहुंची थीं। वह फिल्ममेकर हर लड़की से अकेले में मिल रहा था। जब मेरी बारी आई और मैं अंदर गई, तो मुझे मीटिंग खत्म होने से पहले ही अजीब महसूस होने लगा था। गलत तरीके से पकड़ा हाथ एक्ट्रेस ने उस असहज पल को याद करते हुए कहा, उस फिल्ममेकर ने मुझे गलत तरीके से छुआ और मेरा हाथ पकड़ लिया। मुझे यह बिल्कुल पसंद नहीं आया। डेजी ने यह भी बताया कि उन्हें शुरू से ही किसी का छूना पसंद नहीं है। उन्होंने कहा, मैं मसाज भी नहीं कराती क्योंकि मुझे टच पसंद नहीं है, फिर चाहे वह कोई महिला ही क्यों न हो। ऐसे में किसी अनजान मर्द का मुझे छूना मेरे लिए बहुत बड़ी बात थी। बिना जवाब दिए वहां से निकल गईं उस स्थिति को डेजी ने फिल्ममेकर से कहा, मैं आपसे बाद में बात करती हूं, लेकिन उन्होंने कभी उससे संपर्क नहीं किया। डेजी ने कहा कि उन्होंने खुद को सुरक्षित रखने के लिए वहां से तुरंत निकलना ही बेहतर समझा। इस घटना ने उन्हें एक बड़ा सबक दिया कि इंडस्ट्री में काम के लिए कभी भी किसी से अकेले नहीं मिलना चाहिए। सलमान खान की मदद पर दी सफाई इंटरव्यू के दौरान डेजी से उनके और सलमान खान के कनेक्शन पर भी सवाल पूछा गया। अक्सर कहा जाता है कि डेजी का करियर सलमान खान की वजह से ही चल रहा है। इस पर उन्होंने कहा, लोग हमेशा सोचते हैं कि किसी महिला की सफलता के पीछे किसी का हाथ होता है। अब मुझे इन बातों का बुरा नहीं लगता। लाइफ में मदद मिलना सामान्य बात है, लेकिन मेरी अपनी मेहनत भी मायने रखती है। अब मैं ऐसी बातों की आदी हो चुकी हूं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
होर्मुज रूट खुलने के बाद कच्चा-तेल 86 डॉलर पर आया:13 प्रतिशत सस्ता हुआ; अमेरिकी शेयर बाजार 2% चढ़ा, डाउ जोन्स 49,500 के पार

ईरान के होर्मुज रूट को कॉमर्शियल जहाजों के लिए पूरी तरह खोलने के ऐलान के बाद क्रूड ऑयल (कच्चा तेल) 13% सस्ता हुआ है। शुक्रवार, 17 अप्रैल को दाम करीब 13 डॉलर गिरकर 86 डॉलर प्रति बैरल पर आ गए हैं। एक दिन पहले क्रूड ऑयल की कीमत 99.39 डॉलर प्रति बैरल थी। 28 फरवरी को जंग शुरू होने से पहले कच्चा तेल 73 डॉलर प्रति बैरल था। जंग के दौरान दाम बढ़कर 120 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गए थे। तब से पेट्रोल-डीजल के रेट बढ़ने की आशंका जताई जा रही थी। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, तेल सस्ता होने से अब यह आशंकाएं भी खत्म हो गई हैं। अमेरिका का डाउ जोन्स करीब 1,000 अंक चढ़ा कच्चे तेल की कीमत गिरने से ग्लोबल मार्केट में भी बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। अमेरिका का डाउ जोन्स करीब 1,000 अंक की तेजी के साथ 49,500 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। SP 500 में 1.12% और नैस्डैक इंडेक्स में 1.04% की बढ़त देखने को मिल रही है। ईरान के विदेश मंत्री ने होर्मुज खोलने की जानकारी दी ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी दी कि इजराइल और लेबनान के बीच युद्धविराम के मद्देनजर होर्मुज रूट को सभी व्यापारिक जहाजों के लिए पूरी तरह खोल दिया गया है। मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने की उम्मीद से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। ट्रम्प बोले- ईरान होर्मुज को कभी बंद नहीं करेगा ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर लिखा- ‘ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को फिर कभी बंद न करने पर सहमति जताई है। अब इसका इस्तेमाल दुनिया के खिलाफ एक हथियार के तौर पर नहीं किया जाएगा।’ कच्चा तेल सस्ता होने से भारत को क्या फायदे होंगे? कच्चा तेल भारत के लिए जरूरी है, क्योंकि हम करीब 85% तेल आयात करते हैं। तेल की कीमतें गिरने पर अर्थव्यवस्था को कई मोर्चों पर राहत मिलती है। पेट्रोल-डीजल के रेट नहीं बढ़ेंगे: कच्चा तेल सस्ता होने पर IOC, BPCL, HPCL जैसी कंपनियों के तेल की कीमत बढ़ाने की आशंका कम हो जाएगी। इससे ट्रांसपोर्ट लागत घटती है और आम आदमी के बजट पर असर पड़ता है। महंगाई पर असर: डीजल के रेट न बढ़ने से ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ेगी नहीं। इससे फल, सब्जियां, अनाज और अन्य रोजमर्रा के खाने-पीने के सामानों के दाम नहीं बढ़ेंगे। CAD में सुधार: कच्चा तेल सस्ता होने से इंपोर्ट बिल घटता है। विदेशी मुद्रा भंडार बचता है और करंट अकाउंट डेफिसिट यानी CAD कम होता है। रुपये को मजबूती: कच्चे तेल का बिल घटने से डॉलर की मांग कम होती है। इससे रुपया मजबूत होता है और आयात सस्ता होता है। सब्सिडी बोझ कम: कच्चा तेल सस्ता होने से सरकार का सब्सिडी खर्च घटता है। बचा पैसा सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे सेक्टर में लगा सकती है। कॉर्पोरेट प्रॉफिट: तेल सस्ता होने से लागत घटती है और मुनाफा बढ़ता है। इससे शेयर बाजार पर पॉजिटिव असर पड़ता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कच्चा तेल 10 डॉलर सस्ता होने पर करंट अकाउंट डेफिसिट में 9-10 बिलियन डॉलर की कमी और महंगाई में करीब 0.5% राहत मिल सकती है। तेल सप्लाई में रुकावट से जूझ रही थी दुनिया आईएनजी (ING) के एनालिसिस के अनुसार, युद्ध की वजह से बाजार में रोजाना लगभग 1.3 करोड़ बैरल तेल की सप्लाई प्रभावित हो रही थी। हालांकि, वैकल्पिक पाइपलाइन रूटों का इस्तेमाल किया गया, लेकिन सप्लाई पर दबाव बना रहा। अब इस जलमार्ग के खुलने से उम्मीद की जा रही है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और एनर्जी मार्केट में स्थिरता लौटेगी। ट्रम्प के बयान से शांति की उम्मीद जगी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गुरुवार को कहा था कि ईरान युद्ध जल्द ही खत्म होना चाहिए। लास वेगास के एक कार्यक्रम में उन्होंने संघर्ष के सकारात्मक दिशा में बढ़ने की बात कही और कहा कि तेहरान ‘डील’ करने के लिए काफी उत्सुक है। ट्रम्प के मुताबिक, इजराइल और लेबनान के बीच 10 दिनों का युद्धविराम शुरू हो चुका है और जल्द ही दोनों देशों के प्रमुखों को व्हाइट हाउस आमंत्रित किया जा सकता है। होर्मुज प्रभावित होने से तेल महंगा हुआ था जंग के बाद ईरान ने होर्मुज रूट लगभग बंद कर दिया था। दुनिया का करीब 20% तेल-गैस इसी रास्ते से गुजरता है। इसके बंद होने से कच्चा तेल, LPG, एल्युमीनियम, फर्टिलाइजर और प्लास्टिक महंगे हुए थे। ब्रिटेन-यूरोप में दवाओं और जरूरी चीजों की कमी का खतरा बढ़ा, क्योंकि शिपिंग खर्च कई गुना बढ़ गया था। इस सप्लाई संकट के कारण अमेरिका में गैस की कीमतें 4.15 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई थीं और महंगाई दर में भी उछाल आया था। मार्च में क्रूड ऑयल 60% महंगा हुआ था मार्च में कच्चे तेल में 60% उछाल आया था। यह 1990 के खाड़ी युद्ध के बाद एक महीने में सबसे बड़ी बढ़ोतरी थी। फरवरी अंत में 72.48 डॉलर से बढ़कर मार्च में 120 डॉलर पार पहुंच गया था। इससे पहले सितंबर 1990 में सद्दाम हुसैन के कुवैत पर हमले के समय तेल की कीमतें एक महीने में 46% बढ़ी थीं। भारत के कुल तेल आयात का 51% खाड़ी देशों से आता है भारत कच्चे तेल के लिए सबसे ज्यादा पश्चिम एशिया पर निर्भर है। FY2025-26 के पहले 10 महीनों में कुल आयात में 51% हिस्सा इसी क्षेत्र का था। कीमत बढ़ने से आयात बिल तेजी से बढ़ रहा था। ये खबर भी पढ़ें… सेंसेक्स 505 अंक चढ़कर 78,494 पर बंद: निफ्टी में भी 157 अंकों की तेजी, 24,354 पर पहुंचा; FMCG शेयरों में खरीदारी हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन आज यानी शुक्रवार 17 अप्रैल को सेंसेक्स 505 अंक (0.65%) की तेजी के साथ 78,494 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 157 अंकों (0.65%) की तेजी रही, ये 24,354 पर पहुंच गया। आज के कारोबार में FMCG,मीडिया और मेटल शेयरों में खरीदारी रही, जबकि आईटी शेयरों में बिकवाली रही। पूरी खबर पढ़ें…
होर्मुज रूट खुलने के बाद कच्चा तेल 13% सस्ता:एक बैरल का दाम 99.39 से घटकर 86 डॉलर हुआ; अमेरिकी शेयर बाजार 2% चढ़ा

ईरान के होर्मुज रूट को कॉमर्शियल जहाजों के लिए पूरी तरह खोलने के ऐलान के बाद क्रूड ऑयल (कच्चा तेल) 13% सस्ता हुआ है। शुक्रवार, 17 अप्रैल को दाम करीब 13 डॉलर गिरकर 86 डॉलर प्रति बैरल पर आ गए हैं। एक दिन पहले क्रूड ऑयल की कीमत 99.39 डॉलर प्रति बैरल थी। 28 फरवरी को जंग शुरू होने से पहले कच्चा तेल 73 डॉलर प्रति बैरल था। जंग के दौरान 9 मार्च को दाम बढ़कर 120 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गए थे। तब से पेट्रोल-डीजल के रेट बढ़ने की आशंका जताई जा रही थी। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, तेल सस्ता होने से अब यह आशंकाएं भी खत्म हो गई हैं। अमेरिका का डाउ जोन्स करीब 1,000 अंक चढ़ा कच्चे तेल की कीमत गिरने से ग्लोबल मार्केट में भी बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। अमेरिका का डाउ जोन्स करीब 1,000 अंक की तेजी के साथ 49,500 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। SP 500 में 1.12% और नैस्डैक इंडेक्स में 1.04% की बढ़त देखने को मिल रही है। ईरान के विदेश मंत्री ने होर्मुज खोलने की जानकारी दी ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी दी कि इजराइल और लेबनान के बीच युद्धविराम के मद्देनजर होर्मुज रूट को सभी व्यापारिक जहाजों के लिए पूरी तरह खोल दिया गया है। मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने की उम्मीद से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। ट्रम्प बोले- ईरान होर्मुज को कभी बंद नहीं करेगा ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर लिखा- ‘ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को फिर कभी बंद न करने पर सहमति जताई है। अब इसका इस्तेमाल दुनिया के खिलाफ एक हथियार के तौर पर नहीं किया जाएगा।’ कच्चा तेल सस्ता होने से भारत को क्या फायदे होंगे? कच्चा तेल भारत के लिए जरूरी है, क्योंकि हम करीब 85% तेल आयात करते हैं। तेल की कीमतें गिरने पर अर्थव्यवस्था को कई मोर्चों पर राहत मिलती है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कच्चा तेल 10 डॉलर सस्ता होने पर करंट अकाउंट डेफिसिट में 9-10 बिलियन डॉलर की कमी और महंगाई में करीब 0.5% राहत मिल सकती है। तेल सप्लाई में रुकावट से जूझ रही थी दुनिया आईएनजी (ING) के एनालिसिस के अनुसार, युद्ध की वजह से बाजार में रोजाना लगभग 1.3 करोड़ बैरल तेल की सप्लाई प्रभावित हो रही थी। हालांकि, वैकल्पिक पाइपलाइन रूटों का इस्तेमाल किया गया, लेकिन सप्लाई पर दबाव बना रहा। अब इस जलमार्ग के खुलने से उम्मीद की जा रही है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और एनर्जी मार्केट में स्थिरता लौटेगी। ट्रम्प के बयान से शांति की उम्मीद जगी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गुरुवार को कहा था कि ईरान युद्ध जल्द ही खत्म होना चाहिए। लास वेगास के एक कार्यक्रम में उन्होंने संघर्ष के सकारात्मक दिशा में बढ़ने की बात कही और कहा कि तेहरान ‘डील’ करने के लिए काफी उत्सुक है। ट्रम्प के मुताबिक, इजराइल और लेबनान के बीच 10 दिनों का युद्धविराम शुरू हो चुका है और जल्द ही दोनों देशों के प्रमुखों को व्हाइट हाउस आमंत्रित किया जा सकता है। होर्मुज प्रभावित होने से तेल महंगा हुआ था जंग के बाद ईरान ने होर्मुज रूट लगभग बंद कर दिया था। दुनिया का करीब 20% तेल-गैस इसी रास्ते से गुजरता है। इसके बंद होने से कच्चा तेल, LPG, एल्युमीनियम, फर्टिलाइजर और प्लास्टिक महंगे हुए थे। ब्रिटेन-यूरोप में दवाओं और जरूरी चीजों की कमी का खतरा बढ़ा, क्योंकि शिपिंग खर्च कई गुना बढ़ गया था। इस सप्लाई संकट के कारण अमेरिका में गैस की कीमतें 4.15 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई थीं और महंगाई दर में भी उछाल आया था। मार्च में क्रूड ऑयल 60% महंगा हुआ था मार्च में कच्चे तेल में 60% उछाल आया था। यह 1990 के खाड़ी युद्ध के बाद एक महीने में सबसे बड़ी बढ़ोतरी थी। फरवरी अंत में 72.48 डॉलर से बढ़कर मार्च में 120 डॉलर पार पहुंच गया था। इससे पहले सितंबर 1990 में सद्दाम हुसैन के कुवैत पर हमले के समय तेल की कीमतें एक महीने में 46% बढ़ी थीं। भारत के कुल तेल आयात का 51% खाड़ी देशों से आता है भारत कच्चे तेल के लिए सबसे ज्यादा पश्चिम एशिया पर निर्भर है। FY2025-26 के पहले 10 महीनों में कुल आयात में 51% हिस्सा इसी क्षेत्र का था। कीमत बढ़ने से आयात बिल तेजी से बढ़ रहा था। ये खबर भी पढ़ें… सेंसेक्स 505 अंक चढ़कर 78,494 पर बंद: निफ्टी में भी 157 अंकों की तेजी, 24,354 पर पहुंचा; FMCG शेयरों में खरीदारी हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन आज यानी शुक्रवार 17 अप्रैल को सेंसेक्स 505 अंक (0.65%) की तेजी के साथ 78,494 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 157 अंकों (0.65%) की तेजी रही, ये 24,354 पर पहुंच गया। आज के कारोबार में FMCG,मीडिया और मेटल शेयरों में खरीदारी रही, जबकि आईटी शेयरों में बिकवाली रही। पूरी खबर पढ़ें…
भोजशाला विवाद; वसंत पंचमी-जुमे पर टकराव रोकने की मांग:सामाजिक सद्भाव की अपील, दोनों समुदायों के हित में नियम बनाने की बात

धार भोजशाला से जुड़े विवाद में दायर याचिका पर शुक्रवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। आवेदक अंतर सिंह यादव, अनवर हुसैन, मजरुल्ला खान, नंदराम परमार, पुरुषोत्तम हिरवले, रामनारायण धाकड़ और रियाज मोहम्मद खान (सभी निवासी धार) की ओर से वरिष्ठ ए़डवोकेट अशोक चितले ने पक्ष रखा। एडवोकेट चितले ने कोर्ट को बताया कि भोजशाला एक संरक्षित ऐतिहासिक स्मारक है, जिसका धार्मिक उपयोग हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों द्वारा किया जाता रहा है। उन्होंने तर्क दिया कि वसंत पंचमी और शुक्रवार एक ही दिन पड़ने की स्थिति में पूर्व में कई बार तनाव, झड़प और टकराव की स्थिति बनी है। उच्च स्तरीय समिति गठन की मांग याचिकाकर्ताओं की ओर से कोर्ट से मांग की गई कि भविष्य में दोनों समुदायों के बीच टकराव की स्थिति न बने, इसके लिए उच्च स्तरीय समिति/आयोग गठित करने और केंद्र व राज्य शासन को आवश्यक विधायी प्रावधान या नियम बनाने के निर्देश दिए जाएं, ताकि विवाद की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। इस पर कोर्ट ने टिप्पणी की कि यह अलग याचिका है, जिसमें सामाजिक सद्भाव बनाए रखने की मांग की गई है। कोर्ट ने कहा भारतीय संविधान के तहत हम सभी धर्मों को साथ लेकर चलते हैं। साथ ही मामले में आगे की सुनवाई अगले दिन जारी रखने की बात कही। इंटरविनर पर कोर्ट की टिप्पणी सुनवाई के दौरान एक इंटरविनर द्वारा बहस की अनुमति मांगे जाने पर कोर्ट ने कहा कि कोर्ट ऐसा मंच नहीं है जहां हर कोई अपनी मांग लेकर उपस्थित हो। यदि किसी याचिका में ठोस आधार (सब्सटेंस) नहीं होगा तो उसे नहीं सुना जाएगा। एएसआई को भी पक्ष रखने की अनुमति एएसआई के एडवोकेट सुनील जैन को कोर्ट ने पक्षकार बताते हुए अपनी रिपोर्ट या पक्ष प्रस्तुत करने की अनुमति दी। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि सुनवाई लगातार जारी रखी जाएगी। अंतर सिंह एवं अन्य की ओर से ए़डवोकेट चितले अगली सुनवाई में अपनी दलीलें जारी रखेंगे।







