सिंगरौली बैंक डकैती के बाद एमपी में हाई अलर्ट:छिंदवाड़ा में होटलों पर पुलिस की सघन जांच, किरायेदारों पर भी नजर

सिंगरौली में हाल ही में हुई बैंक डकैती की वारदात के बाद पूरे मध्य प्रदेश में पुलिस विभाग अलर्ट मोड पर है। इसी के तहत छिंदवाड़ा में बैंकों की सुरक्षा के साथ-साथ होटलों और ढाबों में ठहरने वाले लोगों की भी सख्ती से जांच की जा रही है। पुलिस यह भी सुनिश्चित कर रही है कि होटल संचालक ठहरने वाले मेहमानों के आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन कर रहे हैं या नहीं। छिंदवाड़ा में भी इस अलर्ट का असर साफ दिखाई दे रहा है। कोतवाली पुलिस लगातार शहर के विभिन्न होटलों में पहुंचकर जांच अभियान चला रही है। रविवार शाम को भी पुलिस टीम ने आधा दर्जन से अधिक होटलों में दबिश दी। इस दौरान ठहरे हुए लोगों का रिकॉर्ड और पहचान संबंधी दस्तावेजों की जांच की गई। पुलिस ने होटल संचालकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि बाहर से आने वाले हर व्यक्ति की जानकारी अनिवार्य रूप से दर्ज करें और संदिग्ध गतिविधि नजर आने पर तुरंत कोतवाली पुलिस को सूचित करें। एसआई नारायण बघेल ने बताया कि कोतवाली क्षेत्र में पहले से ही होटलों की नियमित निगरानी की जा रही थी, लेकिन मुख्यालय से मिले नए निर्देशों के बाद जांच और तेज कर दी गई है। पुलिस टीम लगातार होटलों का निरीक्षण कर रही है और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने पर जोर दिया जा रहा है। पुलिस ने आम लोगों और व्यापारियों से भी सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देने की अपील की है।
सैलरी मांगों तो इंवेस्टिगेशन का हवाला:नौकरी छोड़ने पर बड़ी कंपनियां नकार रहीं FNF; क्या हैं कर्मचारियों के अधिकार

दिल्ली की एक कंपनी में काम करने वाले अर्नव पटेल नौकरी से इस्तीफा देने के लगभग 3 महीने बाद भी अपनी बाकी सैलरी के इंतजार कर रहे हैं। नियमानुसार उन्हें लास्ट वर्किंग डे के 2 दिन के भीतर कंपनी से फुल एंड फाइनल सेटेलमेंट मिल जाना चाहिए था, मगर कंपनी आखिरी महीने की सैलरी देने को भी राजी नहीं है। दिल्ली की ही एक दूसरी कंपनी में काम करने वाली अपर्णा को भी कंपनी ने छंटनी में बाहर कर दिया, मगर FNF देने में महीनों तक टालमटोली की। आखिरकार कानूनी मदद लेने के बाद अपर्णा को अपनी सैलरी मिल पाई। कंपनी ने कहा- अभी इंवेस्टिगेशन जारी ये मामले किन्हीं छोटे दफ्तरों के नहीं, बल्कि बड़ी कंपनियों के हैं। अर्नव ने 2 साल Muthoot Capital Services Ltd में बतौर एरिया सेल्स मैनेजर काम किया। उनके मामले में कंपनी ने 45 दिन की मियाद पूरी होने के बाद भी FNF नहीं दिया। कई बार ई-मेल करने पर भी कोई जवाब नहीं मिला। जब दबाव दिया तो कंपनी HR ने मेल पर जवाब दिया- कंपनी की इंटरनल इंवेस्टिगेशन जारी है, आपके इनवॉल्वमेंट की जांच के बाद ही कोई जवाब दिया जाएगा। हालांकि, जांच कब तक पूरी होगी, ये नहीं बताया। दैनिक भास्कर ने कंपनी से इस बाबत जानकारी पाने की कोशिश की मगर कंपनी ने जवाब नहीं दिया। अर्नव ने हमें बताया कि पहले भी कई कर्मचारियों को इंटरनल जांच, पुलिस केस जैसी बातें बताकर उनका पैसा नहीं दिया गया। क्या हैं कर्मचारियों के अधिकार नवंबर 2025 में लागू नए लेबर कोड्स के अनुसार, कंपनियों को अपने कर्मचारी को लास्ट वर्किंग डे के 2 दिन के अंदर फुल एंड फाइनल सेटेलमेंट देना जरूरी है। कंपनी को सभी औपचारिकताएं 2 दिन में ही पूरी करनी होंगी। यानी देरी होने पर कर्मचारी लेबर कोर्ट में शिकायत कर सकते हैं। कर्मचारी न सिर्फ अपना ड्यू, बल्कि देरी की वजह से हुए मेंटल हेरेसमेंट और कानूनी लड़ाई में खर्च हुए पैसे का भी भुगतान मांग सकते हैं। अगर कंपनी किसी कारण से सैलरी होल्ड करती है, तो इसकी वैध वजह कर्मचारी को बतानी होगी। कर्मचारी इसके खिलाफ भी शिकायत कर सकते हैं। —————
जिम जाकर भी नहीं बन रही मसल्स? ग्रोथ में मदद करेंगे ये 7 फूड्स, बन जाएगी दमदार बॉडी

Last Updated:April 19, 2026, 23:29 IST मसल्स बनाना सिर्फ जिम जाने या भारी वर्कआउट करने से नहीं होता, बल्कि सही खानपान भी इसमें उतना ही जरूरी रोल निभाता है. अगर शरीर को पर्याप्त प्रोटीन, हेल्दी कार्ब्स, अच्छे फैट और जरूरी पोषक तत्व नहीं मिलेंगे, तो मसल्स रिकवरी और ग्रोथ की प्रक्रिया धीमी पड़ सकती है. कई लोग सोचते हैं कि मसल्स बनाने के लिए सिर्फ सप्लीमेंट्स की जरूरत होती है, जबकि सच यह है कि रोजमर्रा की कई साधारण चीजें भी शरीर को ताकत देने और मसल्स बढ़ाने में मदद कर सकती हैं. सही समय पर सही फूड्स लेने से वर्कआउट का फायदा बेहतर मिलता है और शरीर मजबूत बनने लगता है. मसल्स ग्रोथ के लिए जरूरी है कि आप ऐसे फूड्स चुनें जिनमें प्रोटीन के साथ-साथ विटामिन, मिनरल्स और ऊर्जा देने वाले तत्व भी हों. सिर्फ एक चीज खाने से फर्क नहीं पड़ता, बल्कि संतुलित डाइट ज्यादा असरदार होती है. अगर आप दुबलेपन से बाहर निकलना चाहते हैं, स्ट्रेंथ बढ़ाना चाहते हैं या फिट बॉडी बनाना चाहते हैं, तो इन 7 आसान फूड्स को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं. अंडा मसल्स बनाने के लिए सबसे लोकप्रिय फूड्स में से एक है. इसमें हाई क्वालिटी प्रोटीन पाया जाता है, जो मसल्स रिपेयर और ग्रोथ में मदद करता है. अंडे में मौजूद हेल्दी फैट और विटामिन भी शरीर के लिए फायदेमंद होते हैं. दूध और दही प्रोटीन के साथ कैल्शियम भी देते हैं. इनमें व्हे और कैसीन जैसे प्रोटीन पाए जाते हैं, जो मसल्स रिकवरी में मदद करते हैं. वर्कआउट के बाद दूध या दही लेना अच्छा विकल्प माना जाता है. Add News18 as Preferred Source on Google अगर आप नॉन-वेज खाते हैं, तो चिकन ब्रेस्ट लीन प्रोटीन का शानदार स्रोत है. इसमें फैट कम और प्रोटीन ज्यादा होता है, जो मसल्स बनाने वालों के लिए अच्छा माना जाता है. इसे ग्रिल, उबालकर या हल्का पकाकर खाया जा सकता है. शाकाहारी लोगों के लिए पनीर बेहतरीन विकल्प है. इसमें प्रोटीन अच्छी मात्रा में होता है और यह लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करता है. पनीर को सलाद, सब्जी या स्नैक के रूप में खाया जा सकता है. दाल, राजमा, छोले और काला चना जैसे फूड्स प्रोटीन और कॉम्प्लेक्स कार्ब्स दोनों देते हैं. यह ऊर्जा भी देते हैं और मसल्स रिकवरी में मदद करते हैं. शाकाहारी लोगों के लिए यह बेहद जरूरी फूड्स हैं. मसल्स बनाने के लिए सिर्फ प्रोटीन नहीं, ऊर्जा भी चाहिए. ओट्स और ब्राउन राइस जैसे कॉम्प्लेक्स कार्ब्स वर्कआउट के लिए ताकत देते हैं और लंबे समय तक ऊर्जा बनाए रखते हैं. इन्हें प्रोटीन फूड्स के साथ लेना बेहतर रहता है. बादाम, अखरोट, मूंगफली, चिया सीड्स और फ्लैक्स सीड्स जैसे फूड्स हेल्दी फैट, प्रोटीन और मिनरल्स देते हैं. ये कैलोरी बढ़ाने और मसल्स गेन में मददगार हो सकते हैं. इन्हें सीमित मात्रा में स्नैक के तौर पर लिया जा सकता है. अगर आप मसल्स बनाना चाहते हैं, तो इन फूड्स को नियमित डाइट में शामिल करें और साथ में स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, पर्याप्त नींद और पानी का भी ध्यान रखें. सिर्फ खाना या सिर्फ एक्सरसाइज अकेले उतना असर नहीं दिखाते, जितना दोनों मिलकर करते हैं. सही रूटीन अपनाने से धीरे-धीरे शरीर मजबूत और फिट बन सकता है. First Published : April 19, 2026, 23:29 IST
इटारसी में गोंडवाना एक्सप्रेस के इंजन से उठा धुआं:सोना सांवरी फाटक के पास 20 मिनट रुकी; चलती ट्रेन से कूदने का प्रयास करते दिखे लोग

इटारसी से हजरत निजामुद्दीन जा रही 12405 गोंडवाना एक्सप्रेस रविवार शाम इटारसी स्टेशन से छूटते ही तकनीकी खराबी के कारण रुक गई। इंजन से धुआं उठने और फायर अलार्म बजने के बाद ट्रेन को सोना सांवरी फाटक के पास रोका गया। इस दौरान आग लगने की आशंका में यात्रियों के बीच दहशत फैल गई और कई लोग चलती ट्रेन से कूदने का प्रयास करने लगे। फायर अलार्म बजने से मची दहशत ट्रेन के इंजन के पास से धुआं उठता देख स्वचालित फायर अलार्म सक्रिय हो गया। अलार्म की तेज आवाज सुनकर इंजन के ठीक पीछे वाले जनरल कोच के यात्री घबरा गए। यात्रियों को अंदेशा हुआ कि ट्रेन में आग लग गई है, जिसके चलते वे अपना सामान छोड़कर कोच से नीचे उतरने लगे। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ है। तकनीकी जांच के बाद 20 मिनट बाद रवाना सूचना मिलते ही रेलवे की तकनीकी टीम मौके पर पहुंची और इंजन की गहन जांच की। रेलवे सूत्रों के अनुसार, जांच में आग लगने जैसा कोई साक्ष्य नहीं मिला। सुरक्षा सुनिश्चित करने और अलार्म को रीसेट करने के बाद ट्रेन को करीब 20 मिनट की देरी से गंतव्य के लिए रवाना किया गया। जिम्मेदारों ने नहीं दिया जवाब इस घटनाक्रम के दौरान यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। मामले की विस्तृत जानकारी के लिए जब स्टेशन अधीक्षक से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। रेलवे की ओर से फिलहाल धुएं के कारणों पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
दमोह में युवती का शव फंदे से लटका मिला:व्हाट्सएप हैक होने से तीन दिन से परेशान थी; पुलिस ने मोबाइल जब्त किया

दमोह जिले के हटा थाना क्षेत्र में रविवार रात एक 30 वर्षीय युवती ने घर के भीतर फांसी लगा ली। घटना के समय वह घर में अकेली थी। परिजनों ने युवती को फंदे से उतारकर हटा सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। व्हाट्सएप हैक होने से तीन दिन से थी परेशान मृतका की पहचान दीपाली (30), पिता स्वर्गीय मुन्ना लाल साहू के रूप में हुई है। भाई उमेश साहू ने पुलिस को बताया कि दीपाली का मोबाइल हैक हो गया था। व्हाट्सएप और निजी डेटा से जुड़ी इस समस्या के कारण वह पिछले तीन दिनों से अत्यधिक मानसिक तनाव में थी। आशंका जताई जा रही है कि इसी साइबर सुरक्षा से जुड़े मुद्दे के चलते उसने आत्मघाती कदम उठाया। घर में अकेली पाकर लगाया फंदा घटना रविवार रात की है जब मृतका की मां मंदिर गई हुई थीं और भाई उमेश बाजार में था। जब भाई घर लौटा तो उसने बहन का शव फंदे से झूलते देखा। आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। सूचना मिलने पर हटा थाना पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की। पुलिस ने मोबाइल जब्त कर जांच शुरू की हटा पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद मृतका का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। साइबर सेल की मदद से मोबाइल की जांच की जा रही है ताकि व्हाट्सएप हैकिंग के दावों की पुष्टि हो सके और यह पता लगाया जा सके कि क्या उसे किसी के द्वारा ब्लैकमेल या परेशान किया जा रहा था। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
बस 2 महीने तक बाजार में मिलती है ये हरी सब्जी, खत्म होने से पहले बना लें सेहत, विटामिन-प्रोटीन से भरपूर

Last Updated:April 19, 2026, 23:11 IST बाकला एक मौसमी हरी सब्जी है, जो बाजार में सिर्फ फरवरी से अप्रैल तक ही ज्यादा नजर आती है. स्वाद के साथ यह प्रोटीन, फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर होती है, इसलिए इसके सीजन में इसे डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए. ख़बरें फटाफट बाकला का मुख्य सीजन फरवरी, मार्च और अप्रैल माना जाता है. बाकला एक ऐसी हरी सब्जी है, जिसका लोग पूरे साल इंतजार करते हैं क्योंकि यह हर मौसम में बाजार में नहीं मिलती. आमतौर पर बाकला सर्दियों के आखिर और गर्मियों की शुरुआत में बाजार में दिखाई देती है. भारत के कई हिस्सों में यह सब्जी फरवरी से अप्रैल तक सबसे ज्यादा मिलती है, जबकि कुछ जगहों पर जनवरी के अंत से मार्च तक भी उपलब्ध रहती है. यानी इसका सीजन बहुत छोटा होता है और करीब दो महीने तक ही यह आसानी से बाजार में नजर आती है. इसलिए जब भी इसका मौसम आए, लोग इसे खरीदकर अपनी डाइट में जरूर शामिल करते हैं. स्वाद में हल्की मीठी और पौष्टिकता में भरपूर बाकला को कई जगहों पर फावा बीन्स या ब्रॉड बीन्स के नाम से भी जाना जाता है. यह सब्जी सिर्फ स्वाद के लिए नहीं, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद मानी जाती है. इसमें प्रोटीन, फाइबर, आयरन, फोलेट, विटामिन और कई जरूरी मिनरल्स अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं. अगर आप पौष्टिक और हेल्दी चीजें खाना चाहते हैं, तो बाकला बेहतरीन विकल्प हो सकता है. मौसम बदलने के समय यह शरीर को जरूरी पोषण देने में मदद करती है और कमजोरी दूर रखने में भी सहायक मानी जाती है. किस महीने मिलता है बाकलाबाकला का मुख्य सीजन फरवरी, मार्च और अप्रैल माना जाता है. ठंड खत्म होने के बाद यह ताजा रूप में मंडियों और सब्जी बाजारों में नजर आने लगता है. कुछ इलाकों में जनवरी के अंत से इसकी शुरुआत हो जाती है, लेकिन ज्यादा मात्रा में यह फरवरी से मिलता है. फाइबर-प्रोटीन से भरपूर सब्जीबाकला उन लोगों के लिए शानदार विकल्प है जो शाकाहारी भोजन करते हैं. इसमें अच्छी मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है, जो शरीर की मांसपेशियों को मजबूत बनाने और ऊर्जा देने में मदद करता है. बच्चों और बुजुर्गों के लिए भी यह फायदेमंद सब्जी मानी जाती है. इसमें मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को बेहतर रखने में मदद करता है. इसे खाने से पेट लंबे समय तक भरा महसूस होता है, जिससे बार-बार भूख लगने की समस्या कम हो सकती है. वजन नियंत्रित रखने वालों के लिए भी यह अच्छा विकल्प माना जाता है. बाकला में आयरन और फोलेट पाए जाते हैं, जो शरीर में खून की कमी दूर करने और कमजोरी कम करने में मदद कर सकते हैं. महिलाओं और बढ़ते बच्चों के लिए यह खासतौर पर लाभकारी मानी जाती है. कैसे खाएं बाकलाबाकला को सूखी सब्जी, ग्रेवी, पुलाव, सूप या सलाद के रूप में खाया जा सकता है. कुछ लोग इसे आलू, मटर या टमाटर के साथ बनाना पसंद करते हैं. उबालकर हल्के मसालों में बनाना भी स्वादिष्ट तरीका है. खरीदते समय रखें ध्यानबाकला खरीदते समय हमेशा हरी, ताजी और मुलायम फली चुनें. ज्यादा सूखी या सख्त फली स्वाद में अच्छी नहीं होती. घर लाने के बाद इसे फ्रिज में रखकर कुछ दिनों तक ताजा रखा जा सकता है. क्योंकि बाकला सालभर नहीं मिलती, इसलिए इसके छोटे से सीजन में इसे डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए. स्वाद, पोषण और सेहत से भरपूर यह सब्जी आपके खाने का शानदार हिस्सा बन सकती है. About the Author Vividha Singh विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi First Published : April 19, 2026, 23:08 IST
Jalebi Welcome & FCRA License Statement

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपनी आठ दिवसीय ऑस्ट्रेलिया यात्रा पूरी कर रविवार देर रात खजुराहो पहुंचे। एयरपोर्ट पर समर्थकों ने ‘जय श्री राम’ के नारों के साथ उनका स्वागत किया और बुंदेलखंड की प्रसिद्ध जलेबी खिलाकर उनका मुंह म . सिडनी ओपेरा हाउस में पहली बार सनातनी प्रवचन पंडित शास्त्री ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया की संसद ने उन्हें सम्मानित किया है। उन्होंने यूनेस्को की विश्व धरोहर सिडनी ओपेरा हाउस में प्रवचन देने को हिंदुओं के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। उनके अनुसार, ऑस्ट्रेलिया सरकार और विपक्षी नेता भी उनके कार्यक्रमों में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि विश्व को शांति का मार्ग केवल भारत और सनातन धर्म ही दिखा सकता है। बोले- हजारों संस्थाओं के पास एफसीआरए लाइसेंस विदेशी फंडिंग (FCRA) की अनुमति मिलने पर पंडित शास्त्री ने कहा कि देश की हजारों संस्थाओं के पास यह लाइसेंस है, लेकिन केवल उनकी चर्चा की जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अनुमति का उद्देश्य विदेशों में बसे संपन्न भारतीयों के सहयोग से देश के गरीब तबके की मदद करना है, ताकि भारत को विकसित राष्ट्र बनाया जा सके। खजुराहो एयरपोर्ट से सीधे धाम रवाना एयरपोर्ट पर मीडिया से चर्चा के दौरान बाबा ने कहा कि वतन लौटकर उन्हें असीम सुख मिल रहा है। उन्होंने अपनी इस यात्रा की सफलता को बुंदेलखंड की माटी और बालाजी का आशीर्वाद बताया। संक्षिप्त चर्चा के बाद वे अपनी कार से सीधे बागेश्वर धाम के लिए रवाना हो गए। प्रशासन और समर्थकों की भारी भीड़ के कारण एयरपोर्ट पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे।
छतरपुर के नमकीन गोदाम में भीषण आग:फायर ब्रिगेड की देरी से बढ़ा आक्रोश; 70 लाख तक का नुकसान, लोग खुद बुझाते रहे

छतरपुर में सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत फिरंगी पछाड़ स्थित लक्ष्मी मंदिर के पीछे रविवार रात 8 बजे एक नमकीन गोदाम में भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि पूरा गोदाम इसकी चपेट में आ गया। घटना में करीब 60 से 70 लाख रुपए के नुकसान का अनुमान है। गोदाम राकेश नामदेव का बताया जा रहा है। आग लगते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लपटें तेजी से फैलने लगीं। फायर ब्रिगेड के देर से पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने खुद ही आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। बिना पर्याप्त संसाधनों के लोगों ने काफी देर तक आग से जूझते रहे। बताया जा रहा है कि अभी भी आग पर पूरी तरह से काबू नहीं पाया जा सका है। चार तस्वीरों में देखिए आग… फायर ब्रिगेड की देरी पर उठे सवाल रहवासियों का आरोप है कि सूचना देने के करीब एक घंटे बाद फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची। वह भी आधे टैंकर पानी के साथ आई, जो आग बुझाने के लिए पर्याप्त नहीं था। पानी खत्म होने के बाद फायर ब्रिगेड का वाहन वापस चला गया और लंबे समय तक लौटकर नहीं आया। इस दौरान आग और भड़क गई, जिससे नुकसान बढ़ गया। 60-70 लाख का नुकसान, प्रशासन पर नाराजगी गोदाम मालिक संतोष नामदेव और अशोक नामदेव के मुताबिक आग में नमकीन और अन्य सामान जलकर राख हो गया। उन्होंने 60 से 70 लाख रुपए के नुकसान की बात कही और प्रशासन की लापरवाही पर नाराजगी जताई। घटना के दौरान कोई जिम्मेदार अधिकारी या जनप्रतिनिधि मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे लोगों में आक्रोश है। रहवासियों ने फायर व्यवस्था सुधारने और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।
ग्वालियर में युवक ने फांसी लगाकर दी जान:पत्नी से विवाद के बाद डिप्रेशन में चल रहा था युवक, मौत को लगाया गले

हजीरा थाना क्षेत्र में पारिवारिक विवाद से परेशान एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना रविवार को गदाईपुरा नहर रोड की है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, गदाईपुरा निवासी 28 वर्षीय मोनू उर्फ कृष्णकांत शर्मा पुत्र रामवीर शर्मा ने अपने कमरे में फांसी लगा ली। घटना का पता उस समय चला, जब परिजन कमरे में पहुंचे और उसे फंदे पर लटका देखा। परिजनों ने तुरंत उसे नीचे उतारकर बिरला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। पुलिस जांच में सामने आया है कि मोनू का विवाह जून 2025 में हुआ था। शादी के बाद से ही उसका पत्नी से विवाद चल रहा था, जिसके चलते पत्नी अलग रह रही थी। परिजनों के अनुसार, इसी बात को लेकर वह मानसिक तनाव में था और संभवत: इसी कारण उसने यह कदम उठाया। परिजनों का कहना है कि मोनू ने अपनी मानसिक स्थिति का किसी को आभास नहीं होने दिया। हालांकि, वह वैवाहिक जीवन को लेकर परेशान जरूर था, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि वह इतना बड़ा कदम उठा लेगा। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है और सभी पहलुओं पर पड़ताल की जा रही है।
सिवनी में भगवान परशुराम जन्मोत्सव पर निकली वाहन रैली:पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा हुए शामिल; जिले के आठों विकासखंडों में दिखा उत्साह

सिवनी में रविवार को भगवान परशुराम प्राकट्य महोत्सव पर ब्राह्मण समाज ने विशाल वाहन रैली और धर्मसभा का आयोजन किया। मठ मंदिर परिसर से प्रारंभ हुई इस रैली में पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा और पूर्व विधायक संजय शर्मा भी सम्मिलित हुए। शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी इस रैली का समापन डूंडासिवनी स्थित नंदकेश्वर धाम में हुआ। झांकियां रहीं आकर्षण का केंद्र, गूंजे परशुराम के जयकारे मठ मंदिर में ध्वजारोहण और पूजा-अर्चना के बाद शुरू हुई रैली में भगवान परशुराम के पराक्रम को दर्शाती सुसज्जित झांकियां शामिल थीं। पारंपरिक वेशभूषा में सजे युवाओं, महिलाओं और बच्चों ने उत्साह के साथ जयकारे लगाए। रैली के समापन पर नंदकेश्वर धाम मंगल भवन में विद्वान पंडितों द्वारा हवन-पूजन, आरती और विशेष धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए गए। प्रतिभाओं का सम्मान और सामाजिक एकजुटता पर जोर नंदकेश्वर धाम में आयोजित धर्मसभा के दौरान समाज के वरिष्ठजनों ने शिक्षा, संस्कृति संरक्षण और सामाजिक उत्थान के महत्व पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर समाज के प्रतिभावान छात्रों को सम्मानित किया गया और वरिष्ठ नागरिकों का अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में जरूरतमंदों को वस्त्र एवं महाप्रसाद का वितरण भी किया गया। जिले के आठों विकासखंडों में दिखा उत्साह भगवान परशुराम जन्मोत्सव का प्रभाव केवल शहर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जिले के धनोरा, घंसौर, केवलारी, बरघाट, छपारा, कुरई और लखनादौन विकासखंडों में भी श्रद्धा और उत्साह देखा गया। इन क्षेत्रों में सुंदरकांड पाठ, भंडारे और सांस्कृतिक कार्यक्रम देर रात तक चलते रहे। प्रशासन और पुलिस की सक्रियता से जिले भर में सभी आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए।









