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सुबह सिर्फ 5 मिनट करें ये चमत्कारी योगासन, रीढ़ होगी मजबूत और पेट की चर्बी पिघलने लगेगी!

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Last Updated:April 19, 2026, 03:01 IST अगर आप शरीर को फिट, रीढ़ को मजबूत और मन को शांत रखना चाहते हैं, तो बद्ध पद्मासन आपके लिए बेहतरीन योगासन हो सकता है. रोज कुछ मिनट इसका अभ्यास करने से शरीर में लचीलापन बढ़ता है और कई स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं. बद्ध पद्मासन योग केवल शरीर को लचीला बनाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह मन, शरीर और श्वास के बीच संतुलन स्थापित करने की प्राचीन विधा है. योग शास्त्र में कई ऐसे आसन बताए गए हैं, जो शारीरिक शक्ति के साथ मानसिक स्थिरता भी बढ़ाते हैं. इन्हीं प्रभावशाली आसनों में एक नाम बद्ध पद्मासन का है, जिसे योग की उन्नत मुद्राओं में गिना जाता है. यह आसन देखने में जितना आकर्षक लगता है, उतना ही लाभकारी भी माना जाता है. नियमित अभ्यास से शरीर में संतुलन, लचीलापन और ध्यान क्षमता बेहतर हो सकती है. बद्ध पद्मासन को पद्मासन का एडवांस रूप माना जाता है. इसमें पैरों को कमल की मुद्रा में मोड़कर बैठा जाता है और हाथों को पीछे ले जाकर पैरों के अंगूठों को पकड़ने की कोशिश की जाती है. ‘बद्ध’ का अर्थ होता है बंधा हुआ और ‘पद्म’ का मतलब कमल. इस वजह से इसे बंधा हुआ कमल आसन भी कहा जाता है. यह मुद्रा शरीर को स्थिर बनाती है और रीढ़ को सीधा रखने में मदद करती है. साथ ही, यह आसन शरीर की जागरूकता और मानसिक एकाग्रता बढ़ाने के लिए भी जाना जाता है. कैसे करें बद्ध पद्मासनइस आसन को करने के लिए सबसे पहले जमीन पर योगा मैट बिछाकर पद्मासन की मुद्रा में बैठ जाएं. बाएं पैर को दाईं जांघ पर और दाएं पैर को बाईं जांघ पर रखें. ध्यान रखें कि दोनों एड़ियां नाभि के पास आरामदायक स्थिति में रहें. अब धीरे-धीरे दोनों हाथों को पीठ के पीछे ले जाएं. बाएं हाथ से बाएं पैर का अंगूठा और दाएं हाथ से दाएं पैर का अंगूठा पकड़ने की कोशिश करें. छाती को खुला रखें, कंधों को पीछे खींचें और रीढ़ को सीधा रखें. सामान्य सांस लेते रहें और शुरुआत में 30 सेकंड तक इस मुद्रा में रहें. अभ्यास बढ़ने पर समय धीरे-धीरे बढ़ाया जा सकता है. रीढ़ और पीठ के लिए फायदेमंदबद्ध पद्मासन का नियमित अभ्यास पीठ की मांसपेशियों को स्ट्रेच देता है और रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाने में मदद करता है. जब रीढ़ सीधी रहती है, तो शरीर का पोश्चर बेहतर होता है और कमर दर्द जैसी समस्याओं में राहत मिल सकती है. यह आसन शरीर में रक्त संचार को बेहतर बनाने में भी सहायक माना जाता है. पाचन और सांस लेने की क्षमता में मददगारइस आसन में बैठने से पेट के आसपास हल्का दबाव बनता है, जिससे पाचन क्रिया बेहतर हो सकती है. कब्ज, गैस और अपच जैसी समस्याओं में यह सहायक माना जाता है. साथ ही, जब छाती खुलती है तो फेफड़ों को फैलने की जगह मिलती है, जिससे सांस लेने की क्षमता बेहतर हो सकती है और श्वसन तंत्र को लाभ मिलता है. मन को शांत करने में सहायकबद्ध पद्मासन केवल शरीर ही नहीं, मन के लिए भी फायदेमंद माना जाता है. इस मुद्रा में बैठकर आंखें बंद करने और श्वास पर ध्यान देने से मानसिक तनाव कम हो सकता है. यह ध्यान, एकाग्रता और सोचने की क्षमता को मजबूत करने में मदद कर सकता है. इसलिए इसे मेडिटेशन के लिए भी उपयोगी आसन माना जाता है. इन लोगों को बरतनी चाहिए सावधानीयह एक उन्नत योगासन है, इसलिए शुरुआती लोगों को इसे विशेषज्ञ की देखरेख में करना चाहिए. अगर घुटनों, टखनों, कूल्हों या पीठ में चोट या तेज दर्द हो, तो इसका अभ्यास करने से बचें. जबरदस्ती शरीर को मोड़ने की कोशिश न करें. धीरे-धीरे अभ्यास और सही तकनीक से ही इसका पूरा लाभ लिया जा सकता है. About the Author Vividha Singh विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi First Published : April 19, 2026, 03:01 IST

Manipur Firing | NIA Probe; Search Operation; Ukhrul Murder

Manipur Firing | NIA Probe; Search Operation; Ukhrul Murder

3 मिनट पहले कॉपी लिंक मणिपुर के उखरुल जिले में शनिवार दोपहर करीब 2:30 बजे एक रिटायर्ड आर्मी जवान समेत दो लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतकों की पहचान एसडब्ल्यू चिनाओशांग (46 वर्ष) और यरुइंगम वाशुम (42 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों इंफाल से उखरुल जा रहे थे, तभी उग्रवादियों ने अचानक उनकी गाड़ी पर फायरिंग शुरू कर दी। इस घटना से एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने उखरुल का दौरा किया था और कूकी तथा नागा समुदायों से शांति और संवाद बनाए रखने की अपील की थी। मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी गई है। सुरक्षा बलों ने हमलावरों की तलाश में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। साथ ही सभी समुदायों से शांति बनाए रखने और किसी भी उकसावे में न आने की अपील की गई है। कूकी काउंसिल ने घटना की निंदा की कूकी जो काउंसिल ने इस घटना में समुदाय की किसी भी भूमिका से इनकार किया है। वहीं, तंगखुल नागा लॉन्ग (TNL) की वर्किंग कमेटी ने घटना की निंदा की और आरोप लगाया कि हमला कूकी SoO कैडरों ने किया है। कमेटी ने इलाके में तुरंत सर्च ऑपरेशन चलाने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। 6 अप्रैल बम हमले में 2 बच्चों की मौत 6 अप्रैल को मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में मोइरांग ट्रोंगलाओबी इलाके में देर रात उग्रवादियों ने एक घर में बम फेंक दिया। जिसमें 5 साल के एक लड़के और छह महीने की बच्ची की मौत हो गई। पुलिस ऑफिसर ने बताया कि जब घर में बम फटा, तब बच्चे अपनी मां के साथ बेडरूम में सो रहे थे। इसके बाद भीड़ ने घटनास्थल से 100 मीटर दूर CRPF कैंप पर भी हमला कर दिया। जवाबी फायरिंग में 2 की मौत हो गई, पांच घायल हो गए। मणिपुर सरकार ने मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए, इंफाल वेस्ट, इंफाल ईस्ट, थौबल, काकचिंग और बिष्णुपुर जिलों में इंटरनेट और मोबाइल डेटा सर्विस को 3 दिनों के लिए बंद कर दिया था। —————————————– ये खबर भी पढ़ें… मणिपुर- 3 साल पहले गैंगरेप की शिकार युवती की मौत:सदमे में थी; 2023 हिंसा में किडनैपिंग, फिर दरिंदगी हुई, अबतक एक भी गिरफ्तारी नहीं मणिपुर में 3 मई 2023 में जातीय हिंसा शुरू होने के तुरंत बाद गैंगरेप का शिकार हुई 20 साल की युवती की मौत हो गई है। गैंगरेप के समय वह सिर्फ 18 साल की थी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔