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पाकिस्तान में पेट्रोल 5.44 और डीजल 31.05 रुपया महंगा:पेट्रोल 316.15 और हाई-स्पीड डीजल 354.35 रुपया लीटर मिल रहा, नई कीमतें 18 जुलाई से लागू

पाकिस्तान में पेट्रोल 5.44 और डीजल 31.05 रुपया महंगा:पेट्रोल 316.15 और हाई-स्पीड डीजल 354.35 रुपया लीटर मिल रहा, नई कीमतें 18 जुलाई से लागू

पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल के दाम में 5.44 रुपया (पाकिस्तानी रुपया) प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल में 31.05 रुपया प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। इस बढ़ोतरी के बाद पाकिस्तान में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 316.15 रुपया और हाई-स्पीड डीजल की कीमत 354.35 रुपया लीटर हो गई है। नई कीमतें 18 जुलाई से लागू हो गई हैं। इसके अलावा सरकार ने अब पेट्रोल-डीजल की कीमतें साप्ताहिक की जगह रोजाना तय करने का फैसला किया है। फरवरी से शुरू हुआ था बढ़ने का सिलसिला हालिया बढ़ोतरी के बावजूद दोनों ईंधन अपनी रिकॉर्ड ऊंचाई (पीक लेवल) से नीचे बने हुए हैं। 3 अप्रैल को डीजल की कीमत 520.35 रुपया प्रति लीटर के ऑल-टाइम हाई स्तर पर पहुंच गई थी। ईंधन की कीमतों में यह तेजी 28 फरवरी को अमेरिका-ईरान युद्ध शुरू होने के बाद देखने को मिली थी, जब डीजल 281 रुपया प्रति लीटर के स्तर पर था। वहीं दूसरी ओर, पेट्रोल की कीमत भी 3 अप्रैल को 458.41 रुपया के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी, जिसकी शुरुआत मार्च के पहले हफ्ते में 266 रुपया प्रति लीटर से हुई थी। अब हर रोज तय होंगे दाम पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच जंग के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें तेजी से बदल रही हैं। इसे देखते हुए केंद्रीय कैबिनेट और प्रधानमंत्री ने फैसला किया है कि अब ऑयल एंड गैस रेगुलेटरी अथॉरिटी (OGRA) को रोजाना कीमतें तय करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। OGRA न सिर्फ अपनी वेबसाइट पर रोज सुबह नए रेट जारी करेगी, बल्कि यह भी सार्वजनिक करेगी कि पेट्रोल पंप तक पहुंचते-पहुंचते टैक्स, मार्जिन और अन्य खर्चों की वजह से कीमतें किस तरह तय हुईं। इससे पहले मार्च की शुरुआत से सरकार हर हफ्ते कीमतों की समीक्षा कर रही थी। एक लीटर तेल पर 105 रुपया तो सिर्फ टैक्स, डीलर्स ने दी आंदोलन की चेतावनी आम जनता को मिलने वाले पेट्रोल-डीजल पर सरकार भारी-भरकम टैक्स वसूल रही है। इस समय दोनों पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स पर प्रति लीटर लगभग 105 रुपया का टैक्स लिया जा रहा है। इसमें कस्टम ड्यूटी, पेट्रोलियम लेवी, क्लाइमेट सपोर्ट लेवी और इनलैंड फ्रेट इक्वलाइजेशन मार्जिन शामिल हैं। दूसरी ओर, ऑल पाकिस्तान डीलर्स एसोसिएशन ने सरकार के ‘डेली प्राइसिंग’ यानी रोज दाम बदलने के फैसले को सिरे से खारिज कर दिया है। एसोसिएशन का कहना है कि रोज दाम बदलने से उनके बिजनेस और स्टॉक मैनेजमेंट में दिक्कतें आएंगी। डीलर्स ने चेतावनी दी है कि वे इसके खिलाफ अगले हफ्ते एक बड़ा विरोध प्रदर्शन और हड़ताल कर सकते हैं। मिडिल क्लास और ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर पेट्रोल की कीमतों में बदलाव का सीधा असर देश के मिडिल और लोअर-मिडिल क्लास पर पड़ता है, क्योंकि इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से प्राइवेट गाड़ियों, छोटी कारों, ऑटो रिक्शा और टू-व्हीलर्स में होता है। वहीं, डीजल महंगा होने से पूरे देश में महंगाई बढ़ने का खतरा है, क्योंकि इसका इस्तेमाल भारी कमर्शियल वाहनों (ट्रकों-बसों), पावर प्लांट्स और बड़े जनरेटरों में होता है। पाकिस्तान में हर महीने करीब 7 से 8 लाख टन पेट्रोल और डीजल की भारी-भरकम बिक्री होती है, जबकि केरोसिन (मिट्टी के तेल) की मासिक मांग सिर्फ 10 हजार टन ही है। यही वजह है कि पेट्रोल-डीजल सरकार के लिए रेवेन्यू जुटाने का सबसे बड़ा जरिया बने हुए हैं।

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पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल के दाम में 5.44 रुपया (पाकिस्तानी रुपया) प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल में 31.05 रुपया प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। इस बढ़ोतरी के बाद पाकिस्तान में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 316.15 रुपया और हाई-स्पीड डीजल की कीमत 354.35 रुपया लीटर हो गई है। नई कीमतें 18 जुलाई से लागू हो गई हैं। इसके अलावा सरकार ने अब पेट्रोल-डीजल की कीमतें साप्ताहिक की जगह रोजाना तय करने का फैसला किया है। फरवरी से शुरू हुआ था बढ़ने का सिलसिला हालिया बढ़ोतरी के बावजूद दोनों ईंधन अपनी रिकॉर्ड ऊंचाई (पीक लेवल) से नीचे बने हुए हैं। 3 अप्रैल को डीजल की कीमत 520.35 रुपया प्रति लीटर के ऑल-टाइम हाई स्तर पर पहुंच गई थी। ईंधन की कीमतों में यह तेजी 28 फरवरी को अमेरिका-ईरान युद्ध शुरू होने के बाद देखने को मिली थी, जब डीजल 281 रुपया प्रति लीटर के स्तर पर था। वहीं दूसरी ओर, पेट्रोल की कीमत भी 3 अप्रैल को 458.41 रुपया के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी, जिसकी शुरुआत मार्च के पहले हफ्ते में 266 रुपया प्रति लीटर से हुई थी। अब हर रोज तय होंगे दाम पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच जंग के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें तेजी से बदल रही हैं। इसे देखते हुए केंद्रीय कैबिनेट और प्रधानमंत्री ने फैसला किया है कि अब ऑयल एंड गैस रेगुलेटरी अथॉरिटी (OGRA) को रोजाना कीमतें तय करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। OGRA न सिर्फ अपनी वेबसाइट पर रोज सुबह नए रेट जारी करेगी, बल्कि यह भी सार्वजनिक करेगी कि पेट्रोल पंप तक पहुंचते-पहुंचते टैक्स, मार्जिन और अन्य खर्चों की वजह से कीमतें किस तरह तय हुईं। इससे पहले मार्च की शुरुआत से सरकार हर हफ्ते कीमतों की समीक्षा कर रही थी। एक लीटर तेल पर 105 रुपया तो सिर्फ टैक्स, डीलर्स ने दी आंदोलन की चेतावनी आम जनता को मिलने वाले पेट्रोल-डीजल पर सरकार भारी-भरकम टैक्स वसूल रही है। इस समय दोनों पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स पर प्रति लीटर लगभग 105 रुपया का टैक्स लिया जा रहा है। इसमें कस्टम ड्यूटी, पेट्रोलियम लेवी, क्लाइमेट सपोर्ट लेवी और इनलैंड फ्रेट इक्वलाइजेशन मार्जिन शामिल हैं। दूसरी ओर, ऑल पाकिस्तान डीलर्स एसोसिएशन ने सरकार के ‘डेली प्राइसिंग’ यानी रोज दाम बदलने के फैसले को सिरे से खारिज कर दिया है। एसोसिएशन का कहना है कि रोज दाम बदलने से उनके बिजनेस और स्टॉक मैनेजमेंट में दिक्कतें आएंगी। डीलर्स ने चेतावनी दी है कि वे इसके खिलाफ अगले हफ्ते एक बड़ा विरोध प्रदर्शन और हड़ताल कर सकते हैं। मिडिल क्लास और ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर पेट्रोल की कीमतों में बदलाव का सीधा असर देश के मिडिल और लोअर-मिडिल क्लास पर पड़ता है, क्योंकि इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से प्राइवेट गाड़ियों, छोटी कारों, ऑटो रिक्शा और टू-व्हीलर्स में होता है। वहीं, डीजल महंगा होने से पूरे देश में महंगाई बढ़ने का खतरा है, क्योंकि इसका इस्तेमाल भारी कमर्शियल वाहनों (ट्रकों-बसों), पावर प्लांट्स और बड़े जनरेटरों में होता है। पाकिस्तान में हर महीने करीब 7 से 8 लाख टन पेट्रोल और डीजल की भारी-भरकम बिक्री होती है, जबकि केरोसिन (मिट्टी के तेल) की मासिक मांग सिर्फ 10 हजार टन ही है। यही वजह है कि पेट्रोल-डीजल सरकार के लिए रेवेन्यू जुटाने का सबसे बड़ा जरिया बने हुए हैं।

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