खेत की झोपड़ी में लगी आग, मजदूर जिंदा जला:कांटी गांव में अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम; झोपड़ी में सो रहा था

दमोह जिले के कांटी गांव में रविवार शाम खेत में बनी एक झोपड़ी में आग लगने से 42 वर्षीय मजदूर जीवन विश्वकर्मा की मौत हो गई। घटना के समय वह झोपड़ी के भीतर सो रहा था। आग की लपटों में बुरी तरह घिरने के कारण वह गंभीर रूप से झुलस गया था, जिसने जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही दम तोड़ दिया। खेत पर बनी झोपड़ी में सो रहे थे मृतक जीवन विश्वकर्मा गांव के ही गोलू पटेल के खेत पर मजदूरी करने गया था। शाम के समय दोनों खेत पर बनी झोपड़ी में सो रहे थे, तभी अचानक अज्ञात कारणों से आग लग गई। गोलू पटेल झोपड़ी से सुरक्षित बाहर निकल गया और उसने परिजनों को घटना की सूचना दी। जब तक परिजन मौके पर पहुंचे, आग पूरी झोपड़ी को अपनी चपेट में ले चुकी थी। अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ा दम परिजनों ने झुलसी हुई अवस्था में जीवन को हटा सिविल अस्पताल पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी नाजुक हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। हालांकि, रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। शव को फिलहाल हटा अस्पताल के फ्रीजर में रखा गया है, जिसका सोमवार सुबह पोस्टमार्टम किया जाएगा। हटा पुलिस ने शुरू की जांच हटा पुलिस ने मर्ग कायम कर घटना की पड़ताल शुरू कर दी है। आग लगने का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस खेत मालिक गोलू पटेल और परिजनों के बयान दर्ज कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आग दुर्घटनावश लगी या इसके पीछे कोई अन्य कारण था।
जबलपुर के शहपुरा-भिटौनी में 200 कन्याओं का सामूहिक विवाह संपन्न:अक्षय तृतीया पर हुआ आयोजन, जेसीबी से हुई फूलों की बारिश

अक्षय तृतीया के अवसर पर शहपुरा-भिटौनी में मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह/निकाह योजना के तहत 200 कन्याओं का सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किया गया। इनमें 198 हिंदू कन्याओं का विवाह पंडितों द्वारा विधि-विधान से संपन्न हुआ, जबकि 2 मुस्लिम कन्याओं का निकाह मौलवी द्वारा कराया गया। दोपहर में सभी वर-वधुओं ने सात फेरे लेकर विवाह संस्कार पूरे किए। शाम को सामूहिक बारात निकाली गई, जिसके स्वागत में दो जेसीबी मशीनों से फूलों की बारिश की गई। इससे आयोजन स्थल पर उत्सव का माहौल बन गया। बरगी विधायक और जनपद सदस्यों ने द्वारचार कर बारातियों का फूल-मालाओं से स्वागत किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का वर्चुअल संबोधन भी हुआ। उन्होंने नवदंपतियों को आशीर्वाद देते हुए कन्यादान के महत्व पर प्रकाश डाला और इसे दो परिवारों के साथ सात जन्मों के बंधन का प्रतीक बताया। इस अवसर पर जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने पहुंचकर नवदंपतियों को शुभकामनाएं दीं। इस सामूहिक विवाह में सामाजिक संगठनों और व्यापारियों का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा। क्षत्रिय सभा शहपुरा ने वधुओं को डिनर सेट भेंट किया, जबकि कृषि मंडी के व्यापारियों ने बर्तन दिए। एथेनॉल कंपनी और वेयरहाउस संचालकों ने भी उपहार प्रदान किए। विधायक ने नवविवाहितों को कुकर, बिछिया और साड़ी भेंट की। कार्यक्रम के अंत में सभी 200 वधुओं के खातों में शासन की निर्धारित राशि डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से सीधे हस्तांतरित की गई।
शरीर के ये 5 अंग होते हैं सबसे गंदे, छिपे होते हैं हजारों बैक्टीरिया, सिर्फ पानी से नहीं होंगे साफ, करें ये काम

Which part of the body is the dirtiest: गर्मियों के मौसम में शरीर से पसीना अधिक निकलता है. यदि आप हर दिन इस भीषण गर्मी में स्नान ना करें तो पसीने के कारण स्किन पर बैक्टीरिया पनपते हैं, जिससे शरीर से बदबू आने लगती है. शरीर में धूल-मिट्टी, गंदगी के कारण मैल जमने लगती है. ऐसे में गर्मियों के मौसम में शरीर से बदबू आने लगती है और कई भाग बेहद गंदे हो जाते हैं. हर दिन शरीर को अच्छी तरह से साफ करना बेहद जरूरी हो जाता है, ताकि आप फ्रेश और साफ-सुथरे रह सकें. शरीर का कई भाग ऐसा है, जहां से बदबू अधिक आती है, अगर रेगुलर इनकी सफाई ना की जाए तो बीमारियां हो सकती हैं. इन जगहों पर बैक्टीरिया अधिक रहने के कारण दानें, फोड़े-फुंसियां, रैशेज, कीड़े, बदबू आदि अधिक आने लगती है. क्या आप जानते हैं कि इंसान के शरीर में कई ऐसे अंग या हिस्से हैं, जो सबसे अधिक गंदे होते हैं और बदबू भी आती है? चलिए यहां जानिए ऐसे ही कुछ बॉडी पार्ट्स के बारे में जो होते हैं सबसे गंदे. शरीर के ये 5 हिस्से होते हैं सबसे गंदेकुछ शोध के अनुसार, शरीर में नाभि को सबसे गंदा हिस्सा बताया गया है. यह नहाने के बाद भी आसानी से साफ नहीं होता है, लेकिन शरीर के कुछ अन्य अंग भी हैं, जिन्हें गंदा माना जाता है. शरीर का कौन सा हिस्सा सबसे गंदा है, इसे तय करना आसान नहीं है. ऐसा इसलिए, क्योंकि अलग-अलग जगहों पर अलग तरह के बैक्टीरिया मौजूद रहते हैं. हालांकि, वैज्ञानिक शोध के अनुसार, शरीर के कुछ हिस्सों में बैक्टीरिया ज्यादा मात्रा में पाए जाते हैं, जिससे ये सबसे ज्यादा गंदे और बदबूदार होते हैं. 1. नाभि (Belly Button) नाभि को शरीर के सबसे गंदे हिस्सों में गिना जाता है. इसकी गहराई और बंद संरचना के कारण इसमें पसीना, धूल और बैक्टीरिया आसानी से जमा हो जाते हैं और सिर्फ उंगलियों से साफ करने से ये क्लीन नहीं होती है. कैसे साफ करें नाभिनहाते समय इस हिस्से में भी साबुन लगाएं और हल्का सा उंगलियों से इसमें जमी मैल को निकालें. फिर पानी से साफ करें. सप्ताह में दो बार कॉटन बड (earbud) को हल्का गीला करके नाभि के अंदर धीरे-धीरे साफ करें. नाभि के पास प्रेशर अधिक न लगाएं, इससे त्वचा को नुकसान हो सकता है. 2. मुंह (Mouth) नाभि के बाद शरीर का सबसे गंदा हिस्सा मुंह होता है, क्योंकि यहां भी बहुत ज्यादा बैक्टीरिया होता है. दिन भर आप जो भी खाते हैं, उसके छोटे-छोटे कण, लार और नमी होने के कारण सैकड़ों तरह के सूक्ष्मजीव पनपते हैं. इससे बदबू आती है. सुबह उठकर इसलिए अच्छी तरह से ब्रश करना चाहिए, ताकि दांतों में फंसे कणों के कारण कैविटी ना बनने पाए. कैसे साफ करें मुंहदिन में दो बार ब्रश करें. जीभ को भी साफ करें, क्योंकि वहां बैक्टीरिया जमा होते हैं. माउथवॉश भी यूज कर सकते हैं. अपने ब्रश को 1 से 2 महीने पर बदल लें. 3. बगल (Armpits) सबसे अधिक पसीना बगलों में आता है. कुछ लोगों का पसीना बहुत ही अधिक स्मेल करने वाला होता है. यदि आप डेली स्नान नहीं करते हैं तो इससे अधिक बदबू आती है, क्योंकि पसीने के कारण यहां बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं और बदबू पैदा करते हैं. कैसे साफ करें बगलअपने बगलों में स्नान करते समय दो बार साबुन लगाएं ताकि मैल, पसीने के कारण पनपे बैक्टीरिया हट जाएं. नहाने के बाद बगलों को अच्छी तरह से सुखाएं. जरूरत हो तो डिओडरेंट या एंटीपर्सपिरेंट इस्तेमाल करें. बगलों के बालों को छोटे रखें या पूरी तरह से साफ कर दें. 4. गुदा क्षेत्र (Anal Area) यह शरीर का ऐसा हिस्सा है, जहां प्राकृतिक रूप से बैक्टीरिया ज्यादा होते हैं, इसलिए इसे साफ रखना बहुत जरूरी होता है. आप टॉयलेट करें तो भी इस पार्ट को अच्छी तरह से पानी से साफ करें. स्नान करते समय भी प्राइवेट एरिया को साफ करना चाहिए ताकि पसीना, बैक्टीरिया, गंदगी, बदबू दूर हो. कैसे साफ करें गुदा क्षेत्रटॉयलेट के बाद पानी से अच्छी तरह धोएं. नहाते समय थोड़ा सा साबुन लगाकर आसपास की स्किन को साफ करें. अधिक तेजी से रगड़ने से बचें. जितना हो सके प्राइवेट पार्ट को साफ और ड्राई रखें. 5. पैर और उंगलियों के बीच (Feet & Toes) कुछ लोगों के पैरों से भी बहुत तेज बदबू आती है. खासकर, गर्मियों में जूते-मोजे पहनने से नमी और गर्मी बनी रहती है, जिससे फंगस और बैक्टीरिया आसानी से पनपते हैं. यदि आप जूता उतारने के बाद पैरों को पानी से साफ नहीं करते हैं तो बदबू आती रहेगी. फंगल इंफेक्शन हो सकता है. आपके पैर लगातार जमीन के संपर्क में रहते हैं, जिससे ये गंदे होते रहते हैं. ऐसे में सफाई का ध्यान रखना जरूरी हो जाता है. कैसे साफ करें पैर और उंगलियों कोरोज साबुन और पानी से पैर धोएं. उंगलियों के बीच अच्छी तरह साबुन लगाकर साफ करें. पैरों को सूख रखें. एक ही मोजे को 3-4 दिन ना पहनें. जूतों को धूप में रखें, ताकि नमी के कारण आने वाली स्मेल दूर हो. नोट- शरीर का कोई एक हिस्सा सबसे गंदा नहीं होता है, बल्कि ये उन हिस्सों पर निर्भर करता है, जहां नमी, पसीना और गंदगी ज्यादा जमा होती है. शरीर को साफ रखने के टिप्स हर दिन नहाएं. शरीर के इन हिस्सों को अच्छी तरह साफ करें.दिन भर में दो बार ब्रश जरूर करें. रात में सोने से पहले भी आप ब्रश करें या कुल्ला जरूर कर लें.पैरों को सूखा रखें. जूता खोलने के बाद पैरों को पानी से साफ करें. अच्छी तरह से टॉवल से पोछ लें.एक ही अंडरगार्मेंट्स, शर्ट, पैंट को लगातार 2-3 दिनों तक न पहनें. खासकर गर्मियों के मौसम में.
इंदौर का एबी रोड बीआरटीएस से मुक्त:बस स्टॉप-रेलिंग हटे; बारिश से पहले सफाई के निर्देश

इंदौर के एबी रोड को बीआरटीएस से मुक्त कर दिया गया है। रविवार को नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने अधिकारियों के साथ मौके का निरीक्षण किया और स्टॉर्म वॉटर लाइन व चेंबरों की सफाई के निर्देश दिए, ताकि बारिश में जलभराव की समस्या न हो। नगर निगम ने 11.5 किमी लंबे बीआरटीएस कॉरिडोर से 17 बस स्टॉप और दोनों ओर की रेलिंग हटा दी है। चिड़ियाघर के पास सुरक्षा कारणों से 50 मीटर रेलिंग फिलहाल नहीं हटाई गई है, जबकि दो बस स्टॉप का मलबा एलिवेटेड कॉरिडोर की बैरिकेडिंग के भीतर होने से हटाया जाना बाकी है। शेष हिस्सों में काम पूरा कर लिया गया है और हटाए गए हिस्सों पर समानांतर रूप से डामर पैचवर्क किया गया है। निरीक्षण के दौरान कमिश्नर ने कुछ स्थानों पर सुरक्षा के लिहाज से बैरिकेडिंग और गहन सफाई के निर्देश दिए। उन्होंने विजय नगर से एलआईजी तक स्टॉर्म वॉटर लाइन की स्थिति का जायजा लिया और हर चेंबर पर इनलेट चेंबर बनाने व डीप सफाई सुनिश्चित करने को कहा। कुछ जगहों पर क्रॉस कनेक्शन नहीं होने से ब्लॉकेज पाया गया, जिसे तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गए। साथ ही बारिश से पहले सभी चेंबर और पाइपलाइनों की पूरी तरह सफाई कराने को कहा गया, ताकि एबी रोड पर जलभराव की स्थिति न बने। इस दौरान अपर आयुक्त अभय राजनगांवकर, सहायक यंत्री शैलेंद्र मिश्रा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
नरसिंहपुर जिला अस्पताल में प्रसूता और अजन्मी बेटी की मौत:करेली से रेफर होकर आई थी गर्भवती; मुंह से झाग निकलने के बाद तोड़ा दम

नरसिंहपुर जिला अस्पताल में प्रसव से पहले एक 26 वर्षीय गर्भवती महिला और उसकी अजन्मी बेटी की मौत हो गई। रविवार को मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में हुए पोस्टमार्टम के दौरान महिला के गर्भ से मृत नवजात बालिका को बाहर निकाला। करेली से जिला अस्पताल रेफर किया था जानकारी के मुताबिक, करेली निवासी रचना कुशवाहा (पति राजेश कुशवाहा) को शनिवार को प्रसव पीड़ा होने पर प्राथमिक उपचार के लिए करेली के शासकीय अस्पताल ले जाया गया था। वहां महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे तत्काल जिला अस्पताल नरसिंहपुर रेफर कर दिया। शनिवार शाम को उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। भर्ती होने के कुछ देर बाद बिगड़ी हालत प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों ने बताया कि अस्पताल में भर्ती होने के कुछ समय बाद ही रचना की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उसे तेज झटके आने लगे और मुंह से झाग निकलने लगा। डॉक्टरों ने स्थिति संभालने का प्रयास किया, लेकिन प्रसूता ने उपचार के दौरान ही दम तोड़ दिया। प्रसूता की मौत के साथ ही गर्भ में पल रही बच्ची की भी जान चली गई। मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में हुआ पीएम मामले की गंभीरता को देखते हुए रविवार को नायब तहसीलदार की उपस्थिति में मृतका के मायके और ससुराल पक्ष के सामने पंचनामा तैयार किया गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। अस्पताल चौकी पुलिस मामले की जांच कर रही है। रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगा मौत का कारण डॉक्टरों ने बताया कि मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगी। प्रारंभिक लक्षणों के आधार पर स्थिति को समझने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उपचार के दौरान किसी स्तर पर लापरवाही तो नहीं हुई।
पति ने पारिवारिक कलह में घर को लगाई आग:कटनी में सिलेंडर फटा, गांव में दहशत फैली; युवक हिरासत में

कटनी जिले के बड़वारा थाना क्षेत्र के विलायत कला गांव में रविवार शाम एक युवक ने पारिवारिक विवाद के बाद अपने घर में आग लगा दी। आग इतनी भीषण थी कि घर का सारा सामान जलकर खाक हो गया। इस दौरान घर में रखा रसोई गैस सिलेंडर फटने से जोरदार धमाका हुआ, जिससे पूरे गांव में दहशत फैल गई। जानकारी के अनुसार, विलायत कला निवासी कौशलेंद्र का अपनी पत्नी के साथ किसी घरेलू बात को लेकर गंभीर विवाद हुआ था। विवाद बढ़ने पर पत्नी घर छोड़कर अपने मायके चली गई। पत्नी के जाने से नाराज कौशलेंद्र ने शाम के वक्त अपने सूने घर में आग लगा दी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें देखकर ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। इसी बीच, घर के अंदर रखा गैस सिलेंडर आग की तपिश से फट गया। धमाका इतना तेज था कि आसपास के घरों में रहने वाले लोग सहम गए। गनीमत रही कि धमाके के वक्त घर के भीतर कोई मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ी जनहानि टल गई। घटना की सूचना मिलते ही बड़वारा थाना प्रभारी केके पटेल पुलिस बल के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। स्थानीय ग्रामीणों की सक्रियता और पुलिस के घंटों के प्रयास के बाद आग पर काबू पाया जा सका। हालांकि, तब तक घर का अधिकांश हिस्सा और कीमती सामान जलकर राख हो चुका था। पुलिस ने युवक को हिरासत में लिया थाना प्रभारी केके पटेल ने बताया कि पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। आगजनी करने वाले आरोपी युवक को हिरासत में लेकर थाने लाया गया है। प्रथम दृष्टया यह मामला पारिवारिक विवाद का प्रतीत हो रहा है। युवक से विस्तृत पूछताछ की जा रही है।
शिवपुरी में अक्षय तृतीया से पहले दो बाल विवाह रुके:चाइल्ड हेल्पलाइन की सूचना पर कार्रवाई: विशेष निगरानी के लिए टीमें गठित

शिवपुरी जिले में अक्षय तृतीया से पहले प्रशासन ने बाल विवाह रोकने के लिए सक्रियता दिखाई है। चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर मिली सूचना के आधार पर रविवार को प्रशासनिक टीम ने दो अलग-अलग गांवों में पहुंचकर दो बाल विवाह रुकवाए। दोनों ही मामलों में परिजनों को समझाइश दी गई और कम उम्र में शादी न करने का लिखित आश्वासन लिया गया। कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देश पर गठित टीम ने पहली कार्रवाई तेंदुआ थाना क्षेत्र में की। यहां एक 17 वर्षीय लड़के का विवाह तय किया गया था। जांच में पता चला कि जिस लड़की से शादी होनी थी, वह विदिशा जिले के सिरोंज क्षेत्र की निवासी है और उसकी उम्र भी 18 वर्ष से कम है। दोनों के नाबालिग होने की पुष्टि होने पर मौके पर ही विवाह रुकवा दिया गया। दूसरी कार्रवाई रन्नौद थाना क्षेत्र में की गई। यहां 17 वर्ष 10 माह की एक लड़की का विवाह कराया जा रहा था। सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और परिजनों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी दी, जिसके बाद शादी रुकवा दी गई। परिवार को समझाइश दी गई प्रशासन ने दोनों मामलों में परिजनों को बाल विवाह कानून के तहत होने वाली सजा से अवगत कराया। इसके बाद परिवारों ने निर्धारित कानूनी उम्र पूरी होने से पहले विवाह न करने का लिखित आश्वासन दिया। विदिशा जिले की टीम ने भी सिरोंज में संबंधित परिवार से संपर्क कर विवाह रोकने की कार्रवाई सुनिश्चित की। परियोजना अधिकारी अमित यादव ने बताया कि लड़का और लड़की दोनों नाबालिग पाए गए थे। जिला कार्यक्रम अधिकारी धीरेंद्र सिंह जादौन ने जानकारी दी कि अक्षय तृतीया के दौरान जिलेभर में विवाह आयोजनों की निगरानी के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति चोरी-छिपे बाल विवाह कराता है तो उसके खिलाफ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 और किशोर न्याय अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। आमजन से अपील की गई है कि बाल विवाह की सूचना तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 या नजदीकी थाने को दें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
रोटी-चावल बंद करके भी नहीं घट रहा वजन? एक्सपर्ट्स ने बताया असली कारण

आज के समय में बढ़ता वजन एक आम समस्या बन चुका है, इसलिए लोग तेजी से वजन घटाने के तरीके खोजते रहते हैं. कई लोग जैसे ही डाइट शुरू करते हैं, सबसे पहले कार्बोहाइड्रेट को अपनी थाली से हटा देते हैं. उन्हें लगता है कि रोटी, चावल, ब्रेड या आलू जैसी चीजें सीधे वजन बढ़ाती हैं. लेकिन सच्चाई इससे थोड़ी अलग है. हेल्थ एक्सपर्ट्स और विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, कार्बोहाइड्रेट अपने आप में वजन बढ़ाने वाले नहीं होते, बल्कि यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस तरह के कार्ब्स और कितनी मात्रा में उनका सेवन कर रहे हैं. शरीर को रोजमर्रा के काम, दिमागी सक्रियता और ऊर्जा के लिए कार्बोहाइड्रेट की जरूरत होती है. अगर इन्हें पूरी तरह बंद कर दिया जाए, तो थकान, कमजोरी, चिड़चिड़ापन और मूड स्विंग्स जैसी समस्याएं हो सकती हैं. इसलिए कार्ब्स को दुश्मन मानकर छोड़ देना सही तरीका नहीं माना जाता. असल जरूरत सही कार्बोहाइड्रेट चुनने की है. प्रोसेस्ड और रिफाइंड कार्ब्स जैसे मैदा, सफेद ब्रेड, सफेद चावल, मीठे स्नैक्स, बिस्किट, चीनी और कोल्ड ड्रिंक्स शरीर में तेजी से शुगर बढ़ाते हैं और जल्दी भूख लगने का कारण बन सकते हैं. इसके विपरीत, कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट फाइबर से भरपूर होते हैं और धीरे-धीरे पचते हैं. इससे पेट लंबे समय तक भरा रहता है, ब्लड शुगर संतुलित रहती है और बार-बार खाने की इच्छा कम होती है. वजन घटाने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए यह बेहतर विकल्प माना जाता है. इसलिए पूरी तरह कार्ब्स छोड़ने के बजाय समझदारी से सही कार्ब्स चुनना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है. कौन से कार्बोहाइड्रेट हैं बेहतर विकल्पअगर आप वजन कम करना चाहते हैं, तो साबुत अनाज सबसे अच्छे विकल्पों में गिने जाते हैं. गेहूं, जौ, ओट्स, बाजरा, रागी और ब्राउन राइस जैसे विकल्प शरीर को धीरे-धीरे ऊर्जा देते हैं. इनमें फाइबर ज्यादा होता है, जिससे पाचन बेहतर रहता है और पेट जल्दी खाली नहीं होता. दालें और बीन्स भी हैं जरूरीदालें, राजमा, छोले, लोबिया और अन्य बीन्स कार्बोहाइड्रेट के साथ प्रोटीन और फाइबर भी देती हैं. ये लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करती हैं और वजन नियंत्रण में उपयोगी हो सकती हैं. इन्हें नियमित भोजन में शामिल करना फायदेमंद माना जाता है. फल और सब्जियों को न करें नजरअंदाजफल और सब्जियां भी हेल्दी कार्ब्स का अच्छा स्रोत हैं. सेब, केला, संतरा, पपीता, बेरीज जैसे फल शरीर को जरूरी विटामिन और फाइबर देते हैं. वहीं हरी सब्जियां, गाजर, शिमला मिर्च, लौकी और अन्य मौसमी सब्जियां डाइट को पौष्टिक बनाती हैं. नट्स और सीड्स भी करें शामिलबादाम, अखरोट, चिया सीड्स, फ्लैक्स सीड्स और सूरजमुखी के बीज जैसे विकल्प हेल्दी फैट, फाइबर और पोषण देते हैं. थोड़ी मात्रा में इन्हें खाने से भूख कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है. वजन घटाने का सही फॉर्मूलासिर्फ कार्ब्स कम कर देना वजन घटाने का हल नहीं है. सही तरीका यह है कि डाइट में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और हेल्दी फैट का संतुलन रखा जाए. इसके साथ रोजाना व्यायाम, पर्याप्त पानी और अच्छी नींद भी जरूरी है.
मोहनखेड़ा महातीर्थ में 550 तपस्वियों का पारणा महोत्सव संपन्न:अक्षय तृतीया पर सीएम बोले- उपवास से आत्मशुद्धि होती है, सरकार आध्यात्म को दे रही बढ़ावा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव धार जिले के राजगढ़ स्थित मोहनखेड़ा महातीर्थ में आदिराज पारणा महोत्सव में शामिल हुए। अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने उपवास और संस्कारों के महत्व पर प्रकाश डाला। मुख्यमंत्री ने कहा कि मानव जीवन अनेक योनियों के बाद प्राप्त होता है, और इसे श्रेष्ठ बनाने के लिए उपवास एक प्रभावी साधन है। उन्होंने पारणोत्सव जैसे आध्यात्मिक आयोजनों को पुण्य संचयन और आत्मशुद्धि की दिशा में महत्वपूर्ण बताया। डॉ. यादव ने गुरु की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि जिस प्रकार सूर्य पूरे संसार को ऊर्जा देता है, उसी प्रकार गुरुदेव मानव जीवन को सही दिशा और मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। यह महोत्सव गच्छाधिपति श्रीमद विजय नित्यसेन सुरीश्वरजी महाराज साहब की पावन निश्रा में संपन्न हुआ। इसमें 550 से अधिक तपस्वियों का विधिवत पारणा कराया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने धर्मलाभ लिया। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि सरकार भौतिक विकास के साथ-साथ आध्यात्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों को सशक्त करने के लिए भी निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने गौशालाओं में अनुदान राशि बढ़ाने, प्राकृतिक कृषि को प्रोत्साहन देने और गरीबों के जीवन स्तर को सुधारने की योजनाओं का उल्लेख किया। कार्यक्रम के समापन के बाद, मुख्यमंत्री ने मोहनखेड़ा महातीर्थ में विधिवत पूजन-अर्चन कर दर्शन किए। इस अवसर पर मंत्री चैतन्य काश्यप, अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। देखिए तस्वीरें…
मम्मा कहने पर भड़कीं श्रुति हासन:पैपरजी से बोलीं- क्या बक रहे हो तुम; मुंबई में रेस्टोरेंट के बाहर हुआ विवाद

एक्ट्रेस और सिंगर श्रुति हासन हाल ही में मुंबई में पैपरजी पर बुरी तरह भड़क गईं। यह वाकया एक रेस्टोरेंट के बाहर हुआ, जहां श्रुति डिनर के लिए पहुंची थीं। शख्स ने उन्हें ‘मम्मा’ कहकर बुलाया, ये सुनते ही श्रुति का पारा चढ़ गया और उन्होंने तुरंत वहां अपना गुस्सा उतार दिया। श्रुति बोलीं- क्या बक रहे हो तुम घटना के वीडियो में श्रुति हासन जब रेस्टोरेंट से बाहर निकलकर अपनी कार की तरफ बढ़ रही थीं, तभी वहां मौजूद फोटोग्राफर्स ने उन्हें कवर करना शुरू कर दिया। इसी बीच भीड़ में से किसी ने उन्हें ‘मम्मा’ कहा। श्रुति इसी बात पर बिफर गईं। वीडियो में श्रुति काफी गुस्से में नजर आ रही हैं। उन्होंने तुरंत पैपरजी की तरफ मुड़कर पूछा, “कौन है मम्मा? तुम्हारी मम्मा है? क्या बक रहे हो तुम?” इसके बाद एक्ट्रेस ने अपनी कार चेक की और बिना पोज दिए तुरंत वहां से निकल गईं। दुलकर सलमान और प्रभास के साथ आएंगी नजर वर्कफ्रंट की बात करें तो श्रुति हासन आने वाले समय में कई बड़े प्रोजेक्ट्स का हिस्सा हैं। वे फिल्म ‘Aakasamlo Oka Tara’ में दुलकर सलमान के साथ नजर आएंगी। इसके अलावा सबसे ज्यादा चर्चा ‘सलार पार्ट 2’ की है, जिसमें वे प्रभास और पृथ्वीराज सुकुमारन के साथ दोबारा स्क्रीन शेयर करेंगी। श्रुति ओटीटी पर भी डेब्यू कर चुकी हैं और जल्द ही अनन्या पांडे की वेब सीरीज ‘कॉल मी बे’ के दूसरे सीजन में एक अहम रोल में दिखाई देंगी।









