शराब नीति केस में केजरीवाल की याचिका पर आज फैसला:जज बदलने की मांग; पिछली सुनवाई में कहा था- जज के परिवार का केंद्र से जुड़ाव

दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा आज शाम 4:30 बजे शराब नीति मामले में पूर्व CM अरविंद केजरीवाल समेत 23 अन्य आरोपियों की रीक्यूजल याचिका पर फैसला सुनाएंगी। केजरीवाल और अन्य आरोपियों ने याचिका में जज से खुद को मामले से अलग करने की मांग की है। इससे पहले फैसला सुनाने का समय 2:30 बजे तय था। हालांकि, इसे दो घंटे बढ़ाया गया है। सुनवाई के दौरान केजरीवाल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए। उन्होंने कहा कि उनकी ‘रिजॉइंडर’ (जवाबी दलील) को रिकॉर्ड में नहीं लिया गया है, जो न्याय का उल्लंघन है। इस पर कोर्ट ने कहा कि कानून में लिखित दलीलों पर ‘रिजॉइंडर’ का कोई प्रावधान नहीं है, लेकिन निष्पक्षता बनाए रखने के लिए इसे लिखित सबमिशन के तौर पर स्वीकार किया गया। वहीं, CBI की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इसका विरोध करते हुए कहा कि आदेश सुरक्षित होने के बाद नई दलील स्वीकार नहीं की जानी चाहिए। केजरीवाल और अन्य ने जज पर पक्षपात और हितों के टकराव के आरोप लगाकर उनसे खुद को मामले से अलग करने (रीक्यूज) की मांग की है। 15 अप्रैल को पिछली सुनवाई में केजरीवाल ने दावा किया था कि जज का परिवार केंद्र सरकार से जुड़ा हुआ है।
ड्रिप लाइन से दूल्हा-दुल्हन पर बरसी पानी की फुहारें:अक्षय तृतीया पर सामूहिक विवाह सम्मेलन में 32 जोड़ों ने लिए सात फेरे

देवास में अक्षय तृतीया के अवसर पर शहर के कई स्थानों पर सामूहिक विवाह सम्मेलनों का आयोजन किया गया। इन आयोजनों में कुल 32 जोड़ों ने विवाह किया। भीषण गर्मी से राहत के लिए विशेष इंतजाम किए गए, जिनमें ड्रिप लाइन से पानी की फुहारें बरसाना और कूलर लगाना शामिल था। यादव गवली समाज का सामूहिक विवाह सम्मेलन केपी कॉलेज में संपन्न हुआ। इसमें 16 जोड़ों का विवाह कराया गया, जिनमें देवास सहित अन्य जिलों से आए दूल्हा-दुल्हन शामिल थे। सोमवार सुबह इन जोड़ों की बनौली (बारात) निकाली गई। इस दौरान दूल्हा घोड़ी पर सवार था, जबकि दुल्हन कार में बैठकर आई। गर्मी से राहत के लिए पानी की फुहार इसी तरह, श्री गुजराती रामी माली समाज द्वारा भी सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में भी 16 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ। यहां दूल्हा-दुल्हन और उनके परिवारों के लिए गर्मी से बचाव के खास इंतजाम किए गए थे। आयोजकों ने 15 से अधिक कूलर लगाए थे। इसके अतिरिक्त, गर्मी से राहत देने के लिए ड्रिप लाइन की व्यवस्था की गई थी, जिससे दूल्हा-दुल्हन पर लगातार पानी की फुहारें बरसती रहीं। देखें तस्वीरें
Asia Energy Crisis Deepens | Iran War Impact; Flights Cancelled, Supply Chain Hit, Inflation Rises

Hindi News International Asia Energy Crisis Deepens | Iran War Impact; Flights Cancelled, Supply Chain Hit, Inflation Rises वॉशिंगटन डीसी3 मिनट पहले कॉपी लिंक ईरान में 28 फरवरी से शुरू हुआ युद्ध एशिया-प्रशांत इलाके पर उम्मीद से कहीं ज्यादा तेजी से और ज्यादा असर डाल रहा है। शुरुआत में लगा था कि तेल और गैस की कमी का असर धीरे-धीरे दिखेगा, लेकिन हकीकत में कई देशों की अर्थव्यवस्था और आम जिंदगी पर अचानक बड़ा झटका लगा है। कई विशेषज्ञ इसकी तुलना कोविड जैसे बड़े संकट से कर रहे हैं। भले ही जल्द शांति समझौता हो जाए, लेकिन इस पूरे क्षेत्र पर इसका असर लंबे समय तक रहने वाला है। आने वाले महीनों में उड़ानें रद्द होने, खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ने, फैक्ट्रियों के रुकने, सामान की सप्लाई में देरी और बाजारों में रोजमर्रा की चीजों की कमी देखने को मिल सकती है। इसमें प्लास्टिक बैग, इंस्टेंट नूडल्स, वैक्सीन, सिरिंज, लिपस्टिक, माइक्रोचिप और स्पोर्ट्सवियर जैसी चीजें भी शामिल हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर मिडिल ईस्ट के रास्तों से व्यापार कुछ और हफ्तों तक बाधित रहा, तो कई देशों में हालात बिगड़ सकते हैं, अशांति फैल सकती है और मंदी आ सकती है। कई कंपनियां दिवालिया होने के कगार पर हैं और सरकारें महंगाई को काबू में रखने के लिए भारी कर्ज ले रही हैं। संयुक्त राष्ट्र के अनुमान के मुताबिक, साल के अंत तक एशिया में लाखों लोग गरीबी में जा सकते हैं। तेहरान की एक बिल्डिंग पर होर्मुज स्ट्रेट से जुड़ा बैनर लगा है। इसमें दिखाया गया है कि होर्मुज पर ईरान का कंट्रोल है। भारत से श्रीलंका तक आर्थिक संकट का खतरा अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के मुताबिक, दुनिया की अर्थव्यवस्था लगभग हर जगह धीमी हो रही है क्योंकि दुनिया के करीब 20% तेल की सप्लाई बाजार से बाहर हो गई है। मिडिल ईस्ट से आने वाला तेल-गैस रुकने से पूरे एशिया की सप्लाई चेन हिल गई है। एशिया-प्रशांत पर सबसे ज्यादा असर इसलिए पड़ा क्योंकि यह क्षेत्र मिडिल ईस्ट के तेल और गैस पर बहुत ज्यादा निर्भर है, यहां की अर्थव्यवस्था आपस में गहराई से जुड़ी है और पहले से ही ऊर्जा की मांग ज्यादा थी जबकि सप्लाई कम पड़ रही थी। यहां तक कि अगर होर्मुज की समस्या कल ही ठीक भी हो जाए तो भी तेल और गैस की सप्लाई को पहले जैसे स्तर पर आने में सालों लग सकते हैं। चीन जैसे अमीर देशों पर असर थोड़ा कम होगा क्योंकि उनके पास ज्यादा संसाधन हैं, लेकिन बाकी एशिया में हालात ज्यादा खराब हैं। कई देशों की असली स्थिति उतनी अच्छी नहीं है जितनी दिखाई जा रही है। वियतनाम के किसान, भारत के मजदूर, श्रीलंका के होटल मालिक, फिलीपींस के ड्राइवर और हांगकांग-सिंगापुर के कारोबारी सबकी चिंता बढ़ी हुई है। कई सरकारें बाहर से शांत दिखने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन अंदर ही अंदर हालात संभालना मुश्किल हो रहा है। ट्रांसपोर्ट, मैन्युफैक्चरिंग और रोजगार ये तीनों बड़े सेक्टर एक साथ दबाव में हैं। संकट में ट्रांसपोर्ट सेक्टर, सप्लाई खतरे में ट्रांसपोर्ट सेक्टर में भारी संकट आ गया है। 28 फरवरी को युद्ध शुरू होते ही एशिया में ट्रक, जहाज और विमान प्रभावित होने लगे। मार्च में दुनिया भर में 92,000 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसिल हुईं, जो पहले के मुकाबले दोगुनी हैं, और इसका सबसे ज्यादा असर एशिया-प्रशांत में दिखा। मिडिल ईस्ट के रास्ते उड़ान भरने वाली एयरलाइंस ने दुबई जैसे बड़े हब के लिए उड़ानें तुरंत रोक दीं। जेट फ्यूल की कीमत लगभग दोगुनी हो गई और सप्लाई भी खतरे में पड़ गई, जिससे एयरलाइंस ने कई रूट बंद कर दिए। क्वांटस, एयर न्यूजीलैंड, लायन एयर, वियेटजेट, एयरएशिया, एयर इंडिया और कैथे पैसिफिक जैसी कई कंपनियों ने सेवाएं कम की हैं। मलेशिया की बाटिक एयर ने तो 35% उड़ानें घटा दीं ताकि दिवालिया होने से बच सके। विशेषज्ञों के मुताबिक, एशिया-प्रशांत में हवाई ट्रैफिक एक तिहाई तक गिर चुका है। छोटी एयरलाइंस हर हफ्ते करोड़ों का नुकसान झेल रही हैं और कई बंद होने की कगार पर हैं। यहां तक कि कोविड के समय भी इतनी अनिश्चितता नहीं थी जितनी अब है। इसका असर दूरदराज इलाकों पर भी पड़ा है, जहां अब पहुंचना और मुश्किल हो गया है। ट्रैवल एजेंसी, होटल और रेस्टोरेंट का कारोबार अचानक गिर गया है। श्रीलंका में एक होटल मालिक के मुताबिक, टिकट के दाम तीन गुना हो गए हैं और होटल की बुकिंग 80-90% तक गिर गई है। श्रीलंका के एक बीच पर पर्यटक; साउथ एशिया के कई होटलों में ऑक्यूपेंसी में तेज गिरावट दर्ज हुई है। कच्चे माल की किल्लत, फैक्ट्रियां धीमी, सप्लाई चेन टूटी फैक्ट्रियों में भी संकट गहराता जा रहा है। कई उद्योगों के लिए जरूरी कच्चा माल मिडिल ईस्ट से आता है और अब भंडार खत्म होने लगा है। इंडोनेशिया में निकेल उत्पादन कम करना पड़ा है क्योंकि गैस और सल्फर की कमी हो गई है। बांग्लादेश के गारमेंट सेक्टर में भी उत्पादन और सप्लाई प्रभावित हो रही है। धागे की कीमत लगभग दोगुनी हो गई है और फैक्ट्रियों के लिए काम चलाना मुश्किल हो रहा है। सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री भी प्रभावित हो रही है क्योंकि कतर में हीलियम उत्पादन रुक गया है, जो चिप बनाने के लिए जरूरी है। इससे कीमतें बढ़ गई हैं और उत्पादन पर असर पड़ सकता है। ढाका की एक गार्मेंट फैक्ट्री में काम करती महिलाएं। ईरान युद्ध के कारण उत्पादन और शिपमेंट में बड़े स्तर पर बाधाएं देखी जा रही हैं। डोमिनो इफेक्ट: एक संकट से कई संकट विशेषज्ञों के मुताबिक, यह ‘डोमिनो इफेक्ट’ तेजी से फैल रहा है। यानी कि एक समस्या दूसरी समस्या को जन्म दे रही है। प्लास्टिक की कमी से ब्यूटी प्रोडक्ट्स की सप्लाई घट रही है, खाद की कमी से वियतनाम में खेती प्रभावित हो रही है और ऑस्ट्रेलिया में मांस की कमी का खतरा बढ़ गया है। इसका सबसे बड़ा असर आम लोगों पर पड़ रहा है। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, एशिया-प्रशांत में करीब 88 लाख लोग गरीबी में जा सकते हैं, जिनमें से लगभग 50 लाख सिर्फ ईरान में होंगे। रोजगार कम हो रहा है, खर्च बढ़ रहा है और दवाइयों व वैक्सीन की सप्लाई भी प्रभावित हो रही है। कई जगह स्कूल-कॉलेज भी प्रभावित हो रहे हैं और बिजली
Asia Energy Crisis Deepens | Iran War Impact; Flights Cancelled, Supply Chain Hit, Inflation Rises

Hindi News International Asia Energy Crisis Deepens | Iran War Impact; Flights Cancelled, Supply Chain Hit, Inflation Rises वॉशिंगटन डीसी24 मिनट पहले कॉपी लिंक ईरान में 28 फरवरी से शुरू हुआ युद्ध एशिया-प्रशांत इलाके पर उम्मीद से कहीं ज्यादा तेजी से और ज्यादा असर डाल रहा है। शुरुआत में लगा था कि तेल और गैस की कमी का असर धीरे-धीरे दिखेगा, लेकिन हकीकत में कई देशों की अर्थव्यवस्था और आम जिंदगी पर अचानक बड़ा झटका लगा है। कई विशेषज्ञ इसकी तुलना कोविड जैसे बड़े संकट से कर रहे हैं। भले ही जल्द शांति समझौता हो जाए, लेकिन इस पूरे क्षेत्र पर इसका असर लंबे समय तक रहने वाला है। आने वाले महीनों में उड़ानें रद्द होने, खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ने, फैक्ट्रियों के रुकने, सामान की सप्लाई में देरी और बाजारों में रोजमर्रा की चीजों की कमी देखने को मिल सकती है। इसमें प्लास्टिक बैग, इंस्टेंट नूडल्स, वैक्सीन, सिरिंज, लिपस्टिक, माइक्रोचिप और स्पोर्ट्सवियर जैसी चीजें भी शामिल हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर मिडिल ईस्ट के रास्तों से व्यापार कुछ और हफ्तों तक बाधित रहा, तो कई देशों में हालात बिगड़ सकते हैं, अशांति फैल सकती है और मंदी आ सकती है। कई कंपनियां दिवालिया होने के कगार पर हैं और सरकारें महंगाई को काबू में रखने के लिए भारी कर्ज ले रही हैं। संयुक्त राष्ट्र के अनुमान के मुताबिक, साल के अंत तक एशिया में लाखों लोग गरीबी में जा सकते हैं। तेहरान की एक बिल्डिंग पर होर्मुज स्ट्रेट से जुड़ा बैनर लगा है। इसमें दिखाया गया है कि होर्मुज पर ईरान का कंट्रोल है। भारत से श्रीलंका तक आर्थिक संकट का खतरा अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के मुताबिक, दुनिया की अर्थव्यवस्था लगभग हर जगह धीमी हो रही है क्योंकि दुनिया के करीब 20% तेल की सप्लाई बाजार से बाहर हो गई है। मिडिल ईस्ट से आने वाला तेल-गैस रुकने से पूरे एशिया की सप्लाई चेन हिल गई है। एशिया-प्रशांत पर सबसे ज्यादा असर इसलिए पड़ा क्योंकि यह क्षेत्र मिडिल ईस्ट के तेल और गैस पर बहुत ज्यादा निर्भर है, यहां की अर्थव्यवस्था आपस में गहराई से जुड़ी है और पहले से ही ऊर्जा की मांग ज्यादा थी जबकि सप्लाई कम पड़ रही थी। यहां तक कि अगर होर्मुज की समस्या कल ही ठीक भी हो जाए तो भी तेल और गैस की सप्लाई को पहले जैसे स्तर पर आने में सालों लग सकते हैं। चीन जैसे अमीर देशों पर असर थोड़ा कम होगा क्योंकि उनके पास ज्यादा संसाधन हैं, लेकिन बाकी एशिया में हालात ज्यादा खराब हैं। कई देशों की असली स्थिति उतनी अच्छी नहीं है जितनी दिखाई जा रही है। वियतनाम के किसान, भारत के मजदूर, श्रीलंका के होटल मालिक, फिलीपींस के ड्राइवर और हांगकांग-सिंगापुर के कारोबारी सबकी चिंता बढ़ी हुई है। कई सरकारें बाहर से शांत दिखने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन अंदर ही अंदर हालात संभालना मुश्किल हो रहा है। ट्रांसपोर्ट, मैन्युफैक्चरिंग और रोजगार ये तीनों बड़े सेक्टर एक साथ दबाव में हैं। संकट में ट्रांसपोर्ट सेक्टर, सप्लाई खतरे में ट्रांसपोर्ट सेक्टर में भारी संकट आ गया है। 28 फरवरी को युद्ध शुरू होते ही एशिया में ट्रक, जहाज और विमान प्रभावित होने लगे। मार्च में दुनिया भर में 92,000 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसिल हुईं, जो पहले के मुकाबले दोगुनी हैं, और इसका सबसे ज्यादा असर एशिया-प्रशांत में दिखा। मिडिल ईस्ट के रास्ते उड़ान भरने वाली एयरलाइंस ने दुबई जैसे बड़े हब के लिए उड़ानें तुरंत रोक दीं। जेट फ्यूल की कीमत लगभग दोगुनी हो गई और सप्लाई भी खतरे में पड़ गई, जिससे एयरलाइंस ने कई रूट बंद कर दिए। क्वांटस, एयर न्यूजीलैंड, लायन एयर, वियेटजेट, एयरएशिया, एयर इंडिया और कैथे पैसिफिक जैसी कई कंपनियों ने सेवाएं कम की हैं। मलेशिया की बाटिक एयर ने तो 35% उड़ानें घटा दीं ताकि दिवालिया होने से बच सके। विशेषज्ञों के मुताबिक, एशिया-प्रशांत में हवाई ट्रैफिक एक तिहाई तक गिर चुका है। छोटी एयरलाइंस हर हफ्ते करोड़ों का नुकसान झेल रही हैं और कई बंद होने की कगार पर हैं। यहां तक कि कोविड के समय भी इतनी अनिश्चितता नहीं थी जितनी अब है। इसका असर दूरदराज इलाकों पर भी पड़ा है, जहां अब पहुंचना और मुश्किल हो गया है। ट्रैवल एजेंसी, होटल और रेस्टोरेंट का कारोबार अचानक गिर गया है। श्रीलंका में एक होटल मालिक के मुताबिक, टिकट के दाम तीन गुना हो गए हैं और होटल की बुकिंग 80-90% तक गिर गई है। श्रीलंका के एक बीच पर पर्यटक; साउथ एशिया के कई होटलों में ऑक्यूपेंसी में तेज गिरावट दर्ज हुई है। कच्चे माल की किल्लत, फैक्ट्रियां धीमी, सप्लाई चेन टूटी फैक्ट्रियों में भी संकट गहराता जा रहा है। कई उद्योगों के लिए जरूरी कच्चा माल मिडिल ईस्ट से आता है और अब भंडार खत्म होने लगा है। इंडोनेशिया में निकेल उत्पादन कम करना पड़ा है क्योंकि गैस और सल्फर की कमी हो गई है। बांग्लादेश के गारमेंट सेक्टर में भी उत्पादन और सप्लाई प्रभावित हो रही है। धागे की कीमत लगभग दोगुनी हो गई है और फैक्ट्रियों के लिए काम चलाना मुश्किल हो रहा है। सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री भी प्रभावित हो रही है क्योंकि कतर में हीलियम उत्पादन रुक गया है, जो चिप बनाने के लिए जरूरी है। इससे कीमतें बढ़ गई हैं और उत्पादन पर असर पड़ सकता है। ढाका की एक गार्मेंट फैक्ट्री में काम करती महिलाएं। ईरान युद्ध के कारण उत्पादन और शिपमेंट में बड़े स्तर पर बाधाएं देखी जा रही हैं। डोमिनो इफेक्ट: एक संकट से कई संकट विशेषज्ञों के मुताबिक, यह ‘डोमिनो इफेक्ट’ तेजी से फैल रहा है। यानी कि एक समस्या दूसरी समस्या को जन्म दे रही है। प्लास्टिक की कमी से ब्यूटी प्रोडक्ट्स की सप्लाई घट रही है, खाद की कमी से वियतनाम में खेती प्रभावित हो रही है और ऑस्ट्रेलिया में मांस की कमी का खतरा बढ़ गया है। इसका सबसे बड़ा असर आम लोगों पर पड़ रहा है। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, एशिया-प्रशांत में करीब 88 लाख लोग गरीबी में जा सकते हैं, जिनमें से लगभग 50 लाख सिर्फ ईरान में होंगे। रोजगार कम हो रहा है, खर्च बढ़ रहा है और दवाइयों व वैक्सीन की सप्लाई भी प्रभावित हो रही है। कई जगह स्कूल-कॉलेज भी प्रभावित हो रहे हैं और बिजली
जापान में 7.5 तीव्रता का भूकंप आया:3 मीटर तक सुनामी लहरे आने की आशंका, लोगों से ऊंचे इलाकों में जाने की अपील

जापान में सोमवार को 7.5 रिक्टर तीव्रता का जोरदार भूकंप आया। इसके बाद तटीय क्षेत्रों में सुनामी चेतावनी जारी कर दी गई है। जापान मौसम एजेंसी (JMA) के मुताबिक, इवाते प्रांत और होक्काइडो और आओमोरी के कुछ हिस्सों में 3 मीटर तक ऊंची लहरें उठने की आशंका जताई गई है। अधिकारियों ने लोगों से तुरंत ऊंचे इलाकों में जाने और तट तथा नदियों से दूर रहने की अपील की है। राहत और आपात सेवाएं हालात पर नजर बनाए हुए हैं और संभावित नुकसान का आकलन किया जा रहा है। रेल सेवा रोकी गई भूकंप के झटके रिकॉर्ड होने के बाद तोहोकू शिंकानसेन बुलेट ट्रेन सेवा को टोक्यो स्टेशन और शिन-आओमोरी स्टेशन के बीच अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। ऑपरेटर ने बताया कि सुरक्षा कारणों से यह कदम उठाया गया है। इसके अलावा टोक्यो इलेक्ट्रिक पावर कंपनी (TEPCO) ने कहा है कि वह फुकुशिमा दाइची और फुकुशिमा दाइनी न्यूक्लियर प्लांट में किसी तरह के नुकसान की जांच कर रही है। फुकुशिमा दाइनी परमाणु प्लांट के ऑपरेटर ने बताया है कि अभी तक किसी भी तरह की असामान्यता की कोई सूचना नहीं मिली है। साथ ही कहा गया है कि प्लांट के आसपास रेडिएशन स्तर सामान्य बने हुए हैं।
गांधी नगर में गाय गायब, फार्म हाउस में खून मिला:बजरंग दल ने थाने में दिया धरना, आरोपियों की गिरफ्तारी और SIT जांच की मांग

भोपाल के गांधी नगर इलाके में चोरी हुई दो गायों के मामले में शनिवार को फार्म हाउस में उनकी घंटियां और पास ही बड़ी मात्रा में खून मिलने के बाद विवाद बढ़ गया है। आरोप है कि गायों को काटकर तस्करी के लिए ले जाया गया, लेकिन अब तक पुलिस आरोपियों की पहचान नहीं कर सकी है। ऐसे में आरोपियों की गिरफ्तारी, धाराएं बढ़ाने और एसआईटी जांच की मांग को लेकर सोमवार को बजरंग दल और विहिप कार्यकर्ताओं ने गांधी नगर थाने में धरना दिया। कार्यकर्ताओं ने एडिशनल डीसीपी मलकीत सिंह को ज्ञापन सौंपा। खेत से बंधी गायें हुई थीं गायब पुलिस के मुताबिक फरियादी बद्रीप्रसाद भिलाला ने बताया कि वे अचारपुरा रोड गोदरमऊ के निवासी हैं और खेती करते हैं। शुक्रवार रात उन्होंने गायों को खेत के पास मैदान में बांधा था, जो सुबह गायब मिलीं। गायों की तलाश के दौरान जैन फार्म हाउस में उनके गले की घंटियां मिलीं। पास ही बड़ी मात्रा में खून और अवशेष भी पाए गए, जिससे गाय काटे जाने की आशंका जताई गई। पुलिस ने दर्ज किया केस, जांच जारी टीआई ब्रजेंद्र मर्सकोले ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और जांच जारी है।
दावा- सलमान खान की फिल्म का अंडरवर्ल्ड कनेक्शन:राम गोपाल वर्मा का बड़ा खुलासा, फिरौती केस से जुड़ा नाम

बॉलीवुड और अंडरवर्ल्ड का कनेक्शन एक समय चर्चा में रहा है। अब फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा ने उस दौर की याद दिलाते हुए सलमान खान की फिल्म ‘चोरी चोरी चुपके चुपके’ को लेकर खुलासा किया। उन्होंने बताया कि 2001 में रिलीज इस फिल्म के पीछे अंडरवर्ल्ड की परछाई थी, जिसका असर इसके निर्माण और रिलीज पर पड़ा। यह फिल्म सलमान खान, प्रीति जिंटा और रानी मुखर्जी स्टारर थी, जिसे सरोगेसी जैसे विषय पर बनी शुरुआती फिल्मों में गिना जाता है। लेकिन कहानी से ज्यादा चर्चा इसके विवादों और अंडरवर्ल्ड कनेक्शन को लेकर हुई। हुसैन जैदी से बातचीत में राम गोपाल वर्मा ने बताया कि फिल्म की शुरुआत दिलचस्प तरीके से हुई। फाइनेंसर भरत शाह को एक व्यक्ति ने संपर्क किया, जिसने दावा किया कि उसके पास सलमान खान की डेट्स हैं। शुरुआत में शक हुआ, लेकिन जब सलमान ने पुष्टि की तो भरत शाह को भरोसा हो गया और उन्होंने फिल्म में पैसा लगा दिया। बाद में सामने आया अंडरवर्ल्ड कनेक्शन रामू के मुताबिक, कुछ समय बाद भरत शाह को पता चला कि फिल्म के प्रोड्यूसर नाजिम रिजवी के कथित तौर पर अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा शकील से संबंध हैं। हालांकि शाह को लगा कि वह वैध बिजनेस कर रहे हैं और किसी दूसरे के कनेक्शन से उन्हें फर्क नहीं पड़ना चाहिए। फिरौती के मामलों में जुड़ा नाम मामला तब गंभीर हुआ जब इंडस्ट्री के एक कारोबारी को 5 करोड़ रुपए की फिरौती का कॉल आया। मदद के लिए वह भरत शाह के पास पहुंचा। कहा जाता है कि अंडरवर्ल्ड से बातचीत के बाद रकम घटाकर 2 करोड़ कर दी गई। इसके बाद कई लोग ऐसे मामलों में शाह से मदद मांगने लगे। इस पूरे मामले में पुलिस ने फोन टैपिंग शुरू की, जिससे मामला खुलता गया। आखिरकार 2001 में भरत शाह और नाजिम रिजवी को गिरफ्तार कर लिया गया। भरत शाह को इस केस में सजा हुई, हालांकि वह ट्रायल के दौरान काफी समय जेल में बिता चुके थे। फिल्म की रिलीज आसान नहीं रही। अंडरवर्ल्ड फंडिंग के शक में जांच एजेंसियों ने इसकी प्रिंट्स जब्त कर ली थीं, जिससे रिलीज टल गई थी। बाद में फिल्म रिलीज हुई और बॉक्स ऑफिस पर ठीक-ठाक प्रदर्शन किया। बॉलीवुड-अंडरवर्ल्ड कनेक्शन की याद राम गोपाल वर्मा के इस खुलासे ने उस दौर की याद ताजा कर दी है, जब फिल्म इंडस्ट्री पर अंडरवर्ल्ड का दबदबा बताया जाता था। फिल्मों की फंडिंग से कास्टिंग और उगाही तक, कई मामलों में गैंगस्टर्स के हस्तक्षेप की बातें सामने आती रही हैं। कुल मिलाकर, ‘चोरी-चोरी चुपके-चुपके’ सिर्फ फिल्म नहीं, बल्कि बॉलीवुड के उस दौर की कहानी है, जहां ग्लैमर के पीछे कई अनकही सच्चाइयां छिपी थीं।
दावा- सलमान खान की फिल्म का अंडरवर्ल्ड कनेक्शन:राम गोपाल वर्मा का बड़ा खुलासा, फिरौती केस से जुड़ा नाम

बॉलीवुड और अंडरवर्ल्ड का कनेक्शन एक समय चर्चा में रहा है। अब फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा ने उस दौर की याद दिलाते हुए सलमान खान की फिल्म ‘चोरी चोरी चुपके चुपके’ को लेकर खुलासा किया। उन्होंने बताया कि 2001 में रिलीज इस फिल्म के पीछे अंडरवर्ल्ड की परछाई थी, जिसका असर इसके निर्माण और रिलीज पर पड़ा। यह फिल्म सलमान खान, प्रीति जिंटा और रानी मुखर्जी स्टारर थी, जिसे सरोगेसी जैसे विषय पर बनी शुरुआती फिल्मों में गिना जाता है। लेकिन कहानी से ज्यादा चर्चा इसके विवादों और अंडरवर्ल्ड कनेक्शन को लेकर हुई। ऐसे शुरू हुई फिल्म हुसैन जैदी से बातचीत में राम गोपाल वर्मा ने बताया कि फिल्म की शुरुआत दिलचस्प तरीके से हुई। फाइनेंसर भरत शाह को एक व्यक्ति ने संपर्क किया, जिसने दावा किया कि उसके पास सलमान खान की डेट्स हैं। शुरुआत में शक हुआ, लेकिन जब सलमान ने पुष्टि की तो भरत शाह को भरोसा हो गया और उन्होंने फिल्म में पैसा लगा दिया। बाद में सामने आया अंडरवर्ल्ड कनेक्शन रामू के मुताबिक, कुछ समय बाद भरत शाह को पता चला कि फिल्म के प्रोड्यूसर नाजिम रिजवी के कथित तौर पर अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा शकील से संबंध हैं। हालांकि शाह को लगा कि वह वैध बिजनेस कर रहे हैं और किसी दूसरे के कनेक्शन से उन्हें फर्क नहीं पड़ना चाहिए। फिरौती के मामलों में जुड़ा नाम मामला तब गंभीर हुआ जब इंडस्ट्री के एक कारोबारी को 5 करोड़ रुपए की फिरौती का कॉल आया। मदद के लिए वह भरत शाह के पास पहुंचा। कहा जाता है कि अंडरवर्ल्ड से बातचीत के बाद रकम घटाकर 2 करोड़ कर दी गई। इसके बाद कई लोग ऐसे मामलों में शाह से मदद मांगने लगे। इस पूरे मामले में पुलिस ने फोन टैपिंग शुरू की, जिससे मामला खुलता गया। आखिरकार 2001 में भरत शाह और नाजिम रिजवी को गिरफ्तार कर लिया गया। भरत शाह को इस केस में सजा हुई, हालांकि वह ट्रायल के दौरान काफी समय जेल में बिता चुके थे। फिल्म की रिलीज आसान नहीं रही। अंडरवर्ल्ड फंडिंग के शक में जांच एजेंसियों ने इसकी प्रिंट्स जब्त कर ली थीं, जिससे रिलीज टल गई थी। बाद में फिल्म रिलीज हुई और बॉक्स ऑफिस पर ठीक-ठाक प्रदर्शन किया। बॉलीवुड-अंडरवर्ल्ड कनेक्शन की याद राम गोपाल वर्मा के इस खुलासे ने उस दौर की याद ताजा कर दी है, जब फिल्म इंडस्ट्री पर अंडरवर्ल्ड का दबदबा बताया जाता था। फिल्मों की फंडिंग से कास्टिंग और उगाही तक, कई मामलों में गैंगस्टर्स के हस्तक्षेप की बातें सामने आती रही हैं। कुल मिलाकर, ‘चोरी-चोरी चुपके-चुपके’ सिर्फ फिल्म नहीं, बल्कि बॉलीवुड के उस दौर की कहानी है, जहां ग्लैमर के पीछे कई अनकही सच्चाइयां छिपी थीं।
Rajasthan Pachpadra Refinery Fire Accident LIVE Video Update; PM Modi

राजस्थान में बाड़मेर के नजदीक बालोतरा में हिंदुस्तान पेट्रोलियम लिमिटेड (HPCL) की रिफाइनरी में सोमवार दोपहर 2 बजे भीषण आग लग गई। जानकारी के मुताबिक आग रिफाइनरी में कच्चे तेल को साफ करने वाली दो यूनिट में लगी। . यूनिट से धुआं उठने पर कर्मचारियों ने फायर सेफ्टी सिस्टम चालू किया। इसके बाद मौके पर पहुंचीं फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने करीब 2 से 3 घंटे में आग पर काबू पाया। इस दौरान यूनिट से लपटें उठती रहीं। करीब 79 लाख 459 करोड़ रुपए की लागत से बनी इस रिफाइनरी का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को उद्घाटन करने वाले थे। इस घटना के बाद उनका दौरा स्थगित हो गया है। आग लगते ही पूरे क्षेत्र को खाली करा लिया गया था। किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। अधिकारियों ने बताया कि आग पर पूरी तरह काबू पाने के बाद ही नुकसान और आग लगने के कारणों का आकलन किया जा सकेगा। सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा- मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। रिफाइनरी में भड़की आग की 6 PHOTOS रिफाइनरी की क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट से उठती आग की लपटें। फायर ब्रिगेड की टीम आग को बुझाने में जुटी रही। आग लगने के तुरंत बाद फायर सेफ्टी सिस्टम चालू कर दिया गया था। रिफाइनरी में आग से आसमान में धुएं का गुबार छा गया था। फायर सेफ्टी सिस्टम से पानी छिड़ककर आग बुझाने के प्रयास किए गए थे। पचपदरा रिफाइनरी में लगी आग के बाद काफी देर तक धुआं उठता रहा था। नए बने जिले बालोतरा में HPCL की रिफाइनरी सरकारी तेल कंपनी हिंदुस्तान पेट्रोलियम लिमिटेड यानी HPCL की यह रिफाइनरी राजस्थान में नए बने जिले बालोतरा के पचपदरा में मौजूद है। करीब 79 लाख 459 करोड़ रुपए की लागत से करीब 4500 एकड़ (7200 बीघा) में बनी रिफाइनरी में विदेशों से मंगाए जाने वाले कच्चे तेल को प्रोसेस करने और उससे अलग-अलग प्रोडक्ट तैयार करने के लिए पूरा कॉम्प्लेक्स बनाया गया है। यहां सालाना 9 मिलियन टन कच्चा तेल साफ किया जा सकता है। कच्चा तेल फिल्टर करने वाली दो यूनिटों में लगी आग HPCL रिफाइनरी के दो हिस्सों में आग लगी। इनके नाम क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट (CDU) और वैक्यूम डिस्टिलेशन यूनिट (VDU) हैं। पाइप लाइन के जरिए आने वाला कच्चा तेल इन्हीं यूनिट में आता है। फिर उसे फिल्टर करके अलग-अलग यूनिट में भेजा जाता है। पचपदरा रिफाइनरी में गुजरात से आता है कच्चा तेल राजस्थान की इस रिफाइनरी में गुजरात के मुंद्रा पोर्ट से पाइप लाइन के जरिए कच्चा तेल आता है। मुंद्रा से इसकी दूरी करीब 487 किलोमीटर है। यह खबर भी पढ़ें… राजस्थान की रिफाइनरी से देश बनेगा एनर्जी सुपरपावर:एक्सपर्ट बोले- जामनगर और भटिंडा की तरह बनेगा नया पेट्रोकेमिकल हब, इकोनॉमिक मैप में आएगा नजर … पल-पल के अपडेट के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए…
बाजार में सिर्फ 40 दिन के लिए मिलता है यह फल, इसका मटर जितना साइज, खट्टा-मीठा स्वाद बना देगा दीवाना

Last Updated:April 20, 2026, 14:25 IST Falsa Fruit Health Benefits: फालसा एक ऐसा मौसमी फल है, जो गर्मियों में सिर्फ कुछ हफ्तों के लिए बाजार में मिलता है. यह छुटकू सा फल शरीर को ठंडक देने, इम्यूनिटी बढ़ाने और पाचन सुधारने में बेहद फायदेमंद होता है. गर्मियों में इसे खाने से लू और डिहाइड्रेशन से भी बचाव होता है. फालसा का खट्टा-मीठा स्वाद सभी लोगों को खूब पसंद आता है. फालसा बाजार में सिर्फ कुछ दिनों के लिए आता है और सेहत के लिए फायदेमंद होता है. Health Benefits of Falsa: गर्मी के मौसम में कुछ ऐसे फल भी आते हैं, जो बहुत कम समय के लिए बाजार में मिलते हैं, लेकिन सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं. ऐसा ही एक खास फल फालसा है, जो आमतौर पर सिर्फ 40 से 45 दिनों के लिए ही बाजार में उपलब्ध होता है. इसका स्वाद हल्का खट्टा-मीठा होता है और यह शरीर को तुरंत ठंडक पहुंचाने के लिए जाना जाता है. फालसा को गर्मियों का नेचुरल कूलिंग फल माना जाता है. इसमें पानी की मात्रा ज्यादा होती है, जो शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करती है. तेज गर्मी और लू से बचाव के लिए यह एक बेहतरीन विकल्प है. इसे खाने से शरीर में ठंडक महसूस होती है. नोएडा के डाइट मंत्रा क्लीनिक की डाइटिशियन कामिनी सिन्हा ने News18 को बताया फालसा छोटा होता है, लेकिन इसमें पोषक तत्वों की भरमार होती है. फालसा विटामिन C, एंटीऑक्सीडेंट्स और मिनरल्स से भरपूर होता है. ये सभी मिलकर इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाते हैं और शरीर को बीमारियों से लड़ने की ताकत देते हैं. खासकर गर्मियों में होने वाली थकान और कमजोरी को दूर करने में यह काफी असरदार होता है. पाचन तंत्र के लिए भी फालसा बहुत फायदेमंद होता है. यह पेट को ठंडक देता है और एसिडिटी, जलन और कब्ज से राहत दिलाता है. इसके नियमित सेवन से डाइजेशन बेहतर होता है और पेट हल्का महसूस होता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. एक्सपर्ट के मुताबिक फालसा का सेवन आप सीधे फल के रूप में कर सकते हैं या इसका शरबत बनाकर भी पी सकते हैं. इसका जूस भी काफी लोकप्रिय है, जो शरीर को तुरंत एनर्जी देता है और गर्मी से राहत दिलाता है. खास बात यह है कि यह स्वाद के साथ-साथ सेहत का भी ख्याल रखता है. अगर आपको बाजार में फालसा नजर आए, तो इसे नजरअंदाज न करें. कम समय के लिए मिलने वाला यह फल सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. गर्मियों में इसे अपनी डाइट में शामिल करके आप खुद को फिट, ठंडा और एनर्जेटिक रख सकते हैं. इसकी कीमत ज्यादा होती है, लेकिन रोज कम मात्रा में खाएंगे, तब भी गजब के फायदे मिलेंगे. अगर आप फालसा का शरबत बनाना चाहते हैं, तो यह बहुत आसान है. सबसे पहले ताजे फालसे को अच्छी तरह धो लें, फिर उन्हें हल्के से मसलकर या मिक्सर में थोड़ा पानी डालकर पीस लें. इसके बाद इस मिश्रण को छानकर बीज अलग कर लें. अब इसमें स्वादानुसार चीनी या गुड़ मिलाएं, साथ में चुटकी भर काला नमक और चाहें तो थोड़ा भुना जीरा पाउडर भी डाल सकते हैं. इसे अच्छे से मिलाकर ठंडा करने के लिए कुछ देर फ्रिज में रखें या बर्फ डालकर सर्व करें. इस तरह शरबत तैयार हो जाएगा. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें First Published : April 20, 2026, 14:25 IST








