UN दूत बोलीं-भारत ने इजराइल की मदद कर कानून तोड़ा:हथियार भेजना नियमों के खिलाफ, इससे ग्लोबल सिस्टम कमजोर हो रहा

संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में भारत पर अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इजराइल के साथ उसके संबंध और युद्ध के समर्थन को लेकर भारत की कानूनी और नैतिक जिम्मेदारी बनती है। ‘टॉर्चर एंड जेनोसाइड’ नाम की इस रिपोर्ट को UN स्पेशल दूत फ्रांसेस्का अल्बानीज ने 23 मार्च को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में पेश किया। द हिंदू से बात करते हुए उन्होंने भारत पर आरोप लगाया कि इजराइल के साथ करीबी संबंधों के चलते भारत अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपने दायित्वों का उल्लंघन कर रहा है और उसे इसकी जिम्मेदारी उठानी पड़ सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस ने इजराइल के कब्जे को गलत बताया है और देशों से हथियारों का लेन-देन रोकने को कहा है। इसके बावजूद भारत का हथियार भेजना नियमों के खिलाफ हो सकता है। उन्होंने कहा कि कानून के साथ-साथ भारत की नैतिक जिम्मेदारी भी बनती है। उनका मानना है कि भारत का इतिहास और न्याय की सोच ऐसे फैसलों के खिलाफ खड़ी होती है, लेकिन अभी सरकार का रुख उससे अलग नजर आ रहा है। गाजा में यातना शिविर जैसे हालात टॉर्चर एंड जेनोसाइड रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अक्टूबर 2023 से इजराइल ने गाजा और डिटेंशन सेंटर्स में फिलिस्तीनियों के खिलाफ व्यवस्थित यातना का इस्तेमाल किया। रिपोर्ट में गाजा को बहुत बड़ा यातना शिविर बताया गया है। इसी रिपोर्ट के आधार पर अल्बानीज ने भारत की भूमिका पर टिप्पणी करते हुए कहा कि इजराइल के साथ करीबी संबंधों के चलते भारत अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपने दायित्वों का उल्लंघन कर रहा है और उसे इसकी जिम्मेदारी उठानी पड़ सकती है। इसी संदर्भ में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फरवरी में इजराइल यात्रा और ‘स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ का जिक्र किया। उनके अनुसार, यह संबंध अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को कमजोर करने की दिशा में जाता है। जेल से बाहर भी टॉर्चर सिस्टम रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि टॉर्चर केवल जेलों तक सीमित नहीं है। निगरानी, फेस रिकग्निशन, ड्रोन और चेकपॉइंट्स के जरिए फिलिस्तीनियों के जीवन पर लगातार नियंत्रण रखा जा रहा है। इससे उनकी रोजमर्रा की जिंदगी भी एक तरह के मानसिक और सामाजिक दबाव में रहती है। अल्बनीज ने बताया कि गाजा में हालात बेहद खराब हैं। करीब 1,90,000 लोग 50 वर्ग किमी से कम इलाके में रह रहे हैं। वहां दवाइयों, साफ-सफाई और सुरक्षा की भारी कमी है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति “कंसंट्रेशन कैंप” से भी बदतर हो गई है। उन्होंने यह भी कहा कि जेलों के अंदर और बाहर दोनों जगह एक जैसी नीतियां लागू हैं, जैसे भूख से दबाव बनाना और बुनियादी जरूरतों से वंचित रखना। उनके मुताबिक, यह सब लोगों की उम्मीद खत्म करने की कोशिश है। रिपोर्ट में वकीलों, डॉक्टरों, पत्रकारों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को निशाना बनाए जाने का भी जिक्र है। अल्बनीज ने कहा कि जब टॉर्चर पूरे सिस्टम में फैला हो और उसे संस्थागत समर्थन मिले, तो यह व्यक्तिगत घटना नहीं बल्कि राज्य नीति बन जाती है। अल्बनीज के मुताबिक, कई देश जैसे कोलंबिया, साउथ अफ्रीका, स्पेन, स्लोवेनिया और मलेशिया इस स्थिति को रोकने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वैश्विक स्तर पर प्रभावशाली समूहों के कारण कार्रवाई मुश्किल हो रही है।
UN दूत बोलीं-भारत ने इजराइल की मदद कर कानून तोड़ा:हथियार भेजना नियमों के खिलाफ, इससे ग्लोबल सिस्टम कमजोर हो रहा

संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में भारत पर अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इजराइल के साथ उसके संबंध और युद्ध के समर्थन को लेकर भारत की कानूनी और नैतिक जिम्मेदारी बनती है। ‘टॉर्चर एंड जेनोसाइड’ नाम की इस रिपोर्ट को UN स्पेशल दूत फ्रांसेस्का अल्बानीज ने 23 मार्च को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में पेश किया। द हिंदू से बात करते हुए उन्होंने भारत पर आरोप लगाया कि इजराइल के साथ करीबी संबंधों के चलते भारत अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपने दायित्वों का उल्लंघन कर रहा है और उसे इसकी जिम्मेदारी उठानी पड़ सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस ने इजराइल के कब्जे को गलत बताया है और देशों से हथियारों का लेन-देन रोकने को कहा है। इसके बावजूद भारत का हथियार भेजना नियमों के खिलाफ हो सकता है। उन्होंने कहा कि कानून के साथ-साथ भारत की नैतिक जिम्मेदारी भी बनती है। उनका मानना है कि भारत का इतिहास और न्याय की सोच ऐसे फैसलों के खिलाफ खड़ी होती है, लेकिन अभी सरकार का रुख उससे अलग नजर आ रहा है। गाजा में यातना शिविर जैसे हालात टॉर्चर एंड जेनोसाइड रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अक्टूबर 2023 से इजराइल ने गाजा और डिटेंशन सेंटर्स में फिलिस्तीनियों के खिलाफ व्यवस्थित यातना का इस्तेमाल किया। रिपोर्ट में गाजा को बहुत बड़ा यातना शिविर बताया गया है। इसी रिपोर्ट के आधार पर अल्बानीज ने भारत की भूमिका पर टिप्पणी करते हुए कहा कि इजराइल के साथ करीबी संबंधों के चलते भारत अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपने दायित्वों का उल्लंघन कर रहा है और उसे इसकी जिम्मेदारी उठानी पड़ सकती है। इसी संदर्भ में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फरवरी में इजराइल यात्रा और ‘स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ का जिक्र किया। उनके अनुसार, यह संबंध अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को कमजोर करने की दिशा में जाता है। जेल से बाहर भी टॉर्चर सिस्टम रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि टॉर्चर केवल जेलों तक सीमित नहीं है। निगरानी, फेस रिकग्निशन, ड्रोन और चेकपॉइंट्स के जरिए फिलिस्तीनियों के जीवन पर लगातार नियंत्रण रखा जा रहा है। इससे उनकी रोजमर्रा की जिंदगी भी एक तरह के मानसिक और सामाजिक दबाव में रहती है। अल्बनीज ने बताया कि गाजा में हालात बेहद खराब हैं। करीब 1,90,000 लोग 50 वर्ग किमी से कम इलाके में रह रहे हैं। वहां दवाइयों, साफ-सफाई और सुरक्षा की भारी कमी है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति “कंसंट्रेशन कैंप” से भी बदतर हो गई है। उन्होंने यह भी कहा कि जेलों के अंदर और बाहर दोनों जगह एक जैसी नीतियां लागू हैं, जैसे भूख से दबाव बनाना और बुनियादी जरूरतों से वंचित रखना। उनके मुताबिक, यह सब लोगों की उम्मीद खत्म करने की कोशिश है। रिपोर्ट में वकीलों, डॉक्टरों, पत्रकारों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को निशाना बनाए जाने का भी जिक्र है। अल्बनीज ने कहा कि जब टॉर्चर पूरे सिस्टम में फैला हो और उसे संस्थागत समर्थन मिले, तो यह व्यक्तिगत घटना नहीं बल्कि राज्य नीति बन जाती है। अल्बनीज के मुताबिक, कई देश जैसे कोलंबिया, साउथ अफ्रीका, स्पेन, स्लोवेनिया और मलेशिया इस स्थिति को रोकने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वैश्विक स्तर पर प्रभावशाली समूहों के कारण कार्रवाई मुश्किल हो रही है।
शाहरुख की किंग ने रिलीज से पहले ₹250 करोड़ कमाए:फिल्म के बजट का आधे से ज्यादा हिस्सा कवर, पेन मरुधर ने डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स खरीदे

शाहरुख खान की अपकमिंग फिल्म किंग ने रिलीज से पहले ही 250 करोड़ रुपए की कमाई कर ली है। फिल्म का बजट 400 करोड़ रुपए बताया जा रहा है। यानी फिल्म का आधे से ज्यादा बजट कवर हो गया। बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी पेन मरुधर ने फिल्म किंग के ऑल इंडिया डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स 250 करोड़ रुपए में खरीद लिए। यह इस साल की बड़ी थिएट्रिकल डील्स में से एक मानी जा रही है। बता दें कि पेन मरुधर का शाहरुख खान के प्रोडक्शन हाउस के साथ पुराना संबंध रहा है। कंपनी पहले जवान, डंकी, जीरो, बदला और इत्तेफाक जैसी फिल्मों को रिलीज कर चुकी है। ए.ए. फिल्म्स, जियो स्टूडियोज, पीवीआर आईनॉक्स पिक्चर्स, यशराज फिल्म्स और धर्मा प्रोडक्शंस जैसी कंपनियों ने भी फिल्म के डोमेस्टिक राइट्स के लिए बोली लगाई थी। क्रिसमस 2026 में होगी बड़ी टक्कर किंग क्रिसमस 2026 के दौरान रिलीज होगी, जब जुमांजी, एवेंजर्स: डूम्सडे और ड्यून 3 जैसी हॉलीवुड फिल्में भी रिलीज होंगी। इस कॉम्पिटिशन को देखते हुए, फिल्म के लिए बड़े थिएटर रिलीज की प्लानिंग की जा रही है। फिल्म में शाहरुख खान के अलावा दीपिका पादुकोण, रानी मुखर्जी, अभिषेक बच्चन, सुहाना खान, अनिल कपूर, अभय वर्मा और अरशद वारसी भी नजर आएंगे। किंग की कहानी एक मेंटर और शिष्य के सफर पर आधारित है, जो कठिन परिस्थितियों में अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष करते हैं।
ईवीएम नंबर पर फ़ुजन से गरमाया भवानीपुर! ममता बनर्जी टूटना, 2 या 5? अंतिम किस नंबर है ममता का नाम

भबनीपुर विधानसभा सीट: हाई-वोल्टेज सीट भवानीपुर इस बार पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 का सबसे बड़ा केंद्र बन गया है। 2021 के नंदीग्राम के बाद इस बार सारी नजरें भवानीपुर पर टिकी हैं, जहां ममता बनर्जी और सुवेंदु अधिकारी के बीच सीधी टक्कर देखने को मिल रही है। चुनाव से ठीक पहले भवानीपुर में एक अजीब कन्फ्यूजन सामने आया। ईवीएम में ममता बनर्जी का नाम कौन सा नंबर है? 2 या 5? इसी मुद्दे पर ममता बनर्जी नाराज नजर आईं। शेक्सपियर इलाके में रोड शो के दौरान उन्होंने कहा, “नंबर 2 कौन कह रहा है? आपने तो मुझे 5 बताया था। स्टिकर्स देखने वाले बताते हैं।” बाद में उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा- “नंबर 2 ही सही है, 2 का मतलब जीत।” सोमवार को ममता बनर्जी ने अपने क्षेत्र में घर-घर प्रचार किया. कभी वह शेक्सपियर साइंटिफिक टीम में शामिल होता है, तो कभी लॉर्ड सिन्हा रोड के हाई-राइज बिल्डिंग्स में लोगों से वोट मांगता है। इस दौरान फिरहाद हकीम और सोया मजूमदार भी उनके साथ नजर आए। दूसरी ओर बीजेपी ने भी पूरी ताकत लगा दी है. सुवेन्दु अधिकारी ने भवानीपुर में राष्ट्रवादी यात्रा को बढ़ावा दिया। उन्होंने कहा कि 23 अप्रैल को पहले चरण के मतदान के बाद वह रात 8:30 बजे भवानीपुर के कलाकार और 4 मई को जीत का प्रमाण पत्र लेकर सीधे नरेंद्र मोदी से मिलेंगे। ममता बनर्जी ने भी बैठक में भाजपा पर तीखा हमला बोला और कहा कि आज या कल भाजपा सत्ता से बाहर होगी, उनका यह सबसे बड़ा दिन नहीं रहेगा। 29 अप्रैल को होने वाले मतदान और 4 मई को आने वाले जादू पर अब पूरे राज्य की नजरें टिकी हुई हैं। भवानीपुर की यह सीट सिर्फ चुनाव नहीं, बल्कि प्रतिष्ठा की लड़ाई बन रही है—जहां हर छोटा सा सामान भी बड़ा इंजेक्टेबल मैसेज बन रहा है। भवानीपुर विधानसभा सीट पर इस बार का मुकाबला बेहद दिलचस्प है, जहां कई आश्रम और बेरोजगारों ने मैदान में ताल ठोक दी है। ममता बनर्जी और सुवेन्दु अधिकारी के अल्लाता प्रदीप प्रसाद (कांग्रेस), श्रीजीब विश्वास (सीपीएम), अनुमिता शॉ (एसयू सी-सी), मोनिका मुखर्जी (भारतीय न्याय-अधिकार रक्षा पार्टी) भी मैदान में हैं। वहीं, 6 अन्य जिद्दी प्रतियोगी के रूप में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
गोरी रंगत का लालच पड़ा भारी! 15 साल स्टेरॉयड क्रीम लगाने से डैमेज हुई स्किन, डॉक्टर ने बताया इसे रोकने का सही तरीका

Last Updated:April 21, 2026, 12:06 IST Fairness Cream Side Effects: जब लोग इसे ‘फेयरनेस क्रीम’ की तरह सालों-साल लगाते हैं, तो स्किन इसकी ‘एडिक्ट’ (आदी) हो जाती है. इसे अचानक छोड़ने पर चेहरा काला पड़ जाता है और चेहरे पर मवाद वाले दाने निकलने लगते हैं. हाल ही में श्रीनगर के प्रसिद्ध क्लिनिक ‘जरमीन एस्थेटिक्स’ से एक ऐसा ही दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक महिला को 15 साल तक स्टेरॉयड क्रीम का इस्तेमाल करना बेहद भारी पड़ा. ख़बरें फटाफट एक महिला को 15 साल तक स्टेरॉयड क्रीम का इस्तेमाल करना बेहद भारी पड़ा. Skin thinning causes and treatment : आज के दौर में गोरी और बेदाग त्वचा पाने की चाहत में लोग किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं. सोशल मीडिया के चमक-धमक वाले विज्ञापनों और बिना किसी डॉक्टरी सलाह के मेडिकल स्टोर से मिलने वाली ‘फेयरनेस क्रीम’ का चलन भारत में एक महामारी की तरह बढ़ रहा है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि रातों-रात रंग साफ करने का दावा करने वाली ये क्रीम्स आपकी स्किन को हमेशा के लिए बर्बाद कर सकती हैं? हाल ही में श्रीनगर के प्रसिद्ध क्लिनिक ‘जरमीन एस्थेटिक्स’ से एक ऐसा ही दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक महिला को 15 साल तक स्टेरॉयड क्रीम का इस्तेमाल करना बेहद भारी पड़ा. 15 साल के इस्तेमाल से बर्बाद हुई स्किनअक्सर लोग झाइयों (Pigmentation) या रंग साफ करने के लिए ऐसी क्रीम्स का सहारा लेते हैं जिनमें स्टेरॉयड की मात्रा बहुत अधिक होती है. इस मरीज ने भी पिछले 15 सालों से इन क्रीम्स को अपना ‘डेली स्किनकेयर’ समझकर इस्तेमाल किया. परिणाम स्वरूप, आज उनकी त्वचा की हालत इतनी गंभीर है कि उसे देख पाना भी मुश्किल है. श्रीनगर की मशहूर डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. कुरत-उल-ऐन के अनुसार के अनुसार, लंबे समय तक स्टेरॉयड के इस्तेमाल ने उनकी स्किन पर ये गहरे जख्म छोड़ दिए हैं: त्वचा का कागज जैसा पतला होना (Skin Thinning):मरीज की त्वचा इतनी पतली हो गई है कि अब चेहरा अपनी प्राकृतिक मजबूती खो चुका है. दिखने वाली रक्त वाहिकाएं (Visible Blood Vessels): त्वचा की ऊपरी परत खत्म होने के कारण अंदर की नीली और लाल नसों का जाल चेहरे पर साफ दिखाई देने लगा है. गंभीर लालिमा और असहनीय जलन: धूप की किरणें हों या किचन में गैस के पास काम करना, चेहरा बुरी तरह लाल होकर जलने लगता है. अत्यधिक संवेदनशीलता: अब स्थिति यह है कि त्वचा पर साधारण पानी या मॉइस्चराइजर लगाना भी मरीज के लिए दर्दनाक हो गया है. परमानेंट पिगमेंटेशन: जिस झाई को हटाने के लिए उन्होंने ये क्रीम शुरू की थी, वह अब और भी गहरी, काली और जिद्दी हो गई है जिसे ठीक करना अब एक बड़ी चुनौती है. स्किनकेयर नहीं, दवा है स्टेरॉयड क्रीमश्रीनगर की मशहूर डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. कुरत-उल-ऐन का स्पष्ट कहना है कि स्टेरॉयड क्रीम्स कोई ब्यूटी प्रोडक्ट नहीं हैं; ये गंभीर दवाएं हैं. इनका इस्तेमाल केवल डॉक्टर के पर्चे पर एक्जिमा या सोरायसिस जैसी बीमारियों के इलाज के लिए बहुत सीमित समय के लिए किया जाता है. जब लोग इसे ‘फेयरनेस क्रीम’ की तरह सालों-साल लगाते हैं, तो स्किन इसकी ‘एडिक्ट’ (आदी) हो जाती है. इसे अचानक छोड़ने पर चेहरा काला पड़ जाता है और चेहरे पर मवाद वाले दाने निकलने लगते हैं, जिसे मेडिकल भाषा में ‘टॉपिकल स्टेरॉयड विड्रॉल’ (TSW) कहा जाता है. View this post on Instagram
ग्वालियर में प्रॉपर्टी कारोबारी से पिस्टल दिखाकर ओरल सेक्स:मारपीट की, दस-दस लाख के तीन चेक साइन कराए, दुश्मन को गालियां देते वीडियो बनाए

ग्वालियर में बेखौफ गुंडों ने एक कंस्ट्रक्शन कंपनी के संचालक प्रॉपर्टी कारोबारी को अपने रूम पर बंधक बनाकर पिस्टल की दम पर उसके साथ ओरल सेक्स किया और मारपीट की। इतना ही नहीं ऑनलाइन पेमेंट करवाकर शराब की बोतल मंगाई। 10-10 लाख रुपए के तीन चेक साइन करवाए। गुंडों ने अपने दुश्मन को गालियां दिलवाकर वीडियो बनाए और पीड़ित के मोबाइल से ही भेजे। गुंडों का दुश्मन पीड़ित का बिजनेस पार्टनर भी है। जिससे आरोपियों का विवाद चल रहा है। घटना 15 अप्रैल शाम 5:30 से रात 9 बजे के बीच की है। घबराए प्रॉपर्टी कारोबारी ने अब जाकर पुलिस से शिकायत की है। मुख्य आरोपी ओमकार सिकरवार, मृतक गैंगस्टर पंकज सिकरवार का भाई है। पुलिस ने सोमवार को आरोपियों पर मामला दर्ज कर लिया है। बातचीत करने के लिए बुलाया था शहर के गोला का मंदिर इलाके में रहने वाले एक 48 वर्षीय युवक कंस्ट्रक्शन कंपनी का संचालन करता है और प्रॉपर्टी की खरीद फरोख्त का व्यवसाय करते हैं। ठेकेदार का कहना है कि वह पिछले 10 साल से ओमकार सिंह उर्फ भूरे सिकरवार को जानते हैं। ओमकार उनके दोस्त पंकज सिकरवार का छोटा भाई है। पंकज गैंगस्टर था और 10 जुलाई 2019 को उसकी शूटर्स ने गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। 15 अप्रैल को भूरे सिकरवार उर्फ ओमकार सिंह ने ठेकेदार को कॉल कर सोनू राठौर से चल रहे लेनदेन को लेकर बातचीत करने के लिए बुलाया। जिस पर वह पीतांबरा धर्मकांटा पहुंचा। यह धर्मकांटा ओमकार सिकरवार का है। कुछ देर इंतजार के बाद ओमकार सिंह तथा गौरी यादव ब्रेजा कार से वहां पर पहुंचा और उसे लेकर धर्मकांटे के ऑफिस पहुंचे। कमरे में ले जाकर बंधक बना लिया ऑफिस में ओमकार के आधा दर्जन साथी पहले से ही बैठे हुए थे। उनके अंदर आते गुंडों ने गाली गलौज करते हुए कहा कि आज बुरा फंसा है तू हमारे बीच। यहां से अब जिंदा नहीं जा पाएगा। इसके बाद उन्होंने शराब के लिए पैसे मांगे और पैसे नहीं होने पर QR कोड उसे दिया, जिस पर उसने अपने बेटे से कॉल कर पंद्रह सौ रुपए का पेमेंट कराया। गुंडे ने पिस्टल अड़ाकर किया ओरल सेक्स बदमाश ओमकार सिकरवार ने ठेकेदार पर पिस्टल अड़ाकर उसके साथ ओरल सेक्स किया। जिसका गुंडे का साथी गौरी यादव अपने मोबाइल से वीडियो बनाता रहा। इसके बाद आरोपी ने उससे उसके मित्र सोनू राठौर के लिए अपशब्द बुलवाए, जिन्हें भी वीडियो में सूट किया था। इसके बाद उन्होंने सोनू राठौर को बुलवाने का दबाव बनाया, लेकिन ठेकेदार ने कॉल नहीं किया। पिस्टल अड़ाकर तीन दस-दस लाख के चेक साइन कराए ओमकार सिकरवार व उसके साथी इंद्रपाल सिंह तोमर, जितेन्द्र सिकरवार ने पिस्टल अड़ाकर उससे चेक बुक मंगाने को कहा। नहीं मंगाने पर गोली मारने की धमकी दी। डर कर उसने अपने बेटे को कॉल किया तो वह चेक बुक लेकर वहां पर पहुंचा। इसके बाद तीन चेक दस-दस लाख के भरवाकर साइन करा लिए। जिसमें एक चेक ठेकेदार की पत्नी के नाम अकाउंट से था और दो चेक ठेकेदार के नाम से अकाउंट के थे। थप्पड़ों से पीटा, बुलवाया अपनी मर्जी से दिए चेक आरोपियों ने उसकी बेटे के सामने ही थप्पड़ों से मारपीट कर वीडियो सूट कर बुलवाया कि वह अपने लेनदेन के पैसों के चेक दिए हैं। करीब तीन घंटे बंधक रखने के बाद आरोपियों ने रात नौ बजे उसे छोड़ा। इसके बाद वह थाने पहुंचा और शिकायत की। शिकायत की जांच के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना सीएसपी महाराजपुरा ने बताया कि दोनों ही पक्ष में पहले से ही विवाद चल रहा है। एक पक्ष ने शिकायत की थी कि पिस्टल की दम पर उसके साथ गंदी हरकत की है। जिस पर मामला दर्ज कर लिया है आरोपियों की तलाश की जा रही है।
तमिलनाडु चुनाव 2026: ओवैसी की बड़ी अपील- DMK गठबंधन को वोट दें, स्टालिन को सत्ता में वापस लाना

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने एक बड़ा राजनीतिक कदम उठाते हुए एमके स्टालिन के नेतृत्व वाले डीएमके गठबंधन के पक्ष में अपना समर्थन व्यक्त किया है। उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी करते हुए तमिलनाडु के आह्वान से आग्रह किया है कि वे 23 अप्रैल को होने वाले मतदान में गठबंधन के साथ अपने बहुमत की ओर रुख करें, ताकि सत्ता में वापस आ सकें। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के मीडिया से सोनी ने वोट की अपील की वीडियो संदेश को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से जारी करते हुए ओवैसी ने अपनी बात की शुरुआत ‘सलाम अलैकुम, वनक्कम’ की शुरुआत की। उन्होंने कहा, ‘एआईएमआईएम पार्टी की ओर से, इस वीडियो संदेश के माध्यम से, मैं लेबल के प्रतिष्ठित और स्वामित्व वाले किले से साझा करता हूं कि कृपया इस महीने की 23 तारीख को स्टालिन के नेतृत्व वाले डीएमके गठबंधन के पक्ष में अपना बहुमूल्य वोट डालें।’ उन्होंने आशा और मंच से मंच से वापस आकर सत्य को वापस लाने की आशा की। अपने संदेश में ओसासी ने यह भी जानकारी दी कि उनकी पार्टी एआईएमआईएम और तमिलनाडु के प्रमुख वकील अहमद ने सबसे पहले अपने स्टाल के नेतृत्व वाले डीएमके गठबंधन का समर्थन करने की घोषणा की है। उन्होंने एक बार फिर से 23 तारीख को डीएमके गठबंधन के पक्ष में वोट देने का वादा किया, वानियांबाडी (वाणियांबाडी) इलेक्ट्रोलाइट क्षेत्र पर गठबंधन के उम्मीदवार के पक्ष में। ‘मैं तमिल के गोदाम से गुजराती करता हूं’ ओवैसी ने ट्वीट के जरिए हिंदी में अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने लिखा, ‘मैं टेम्पलेट के लाइब्रेरी से गुजराती करता हूं कि 23 अप्रैल को डीएमके गठबंधन के समर्थकों को अपना कीमती वोट हासिल करें।’ उन्होंने सभी को अपनी शुभकामनाएं और धन्यवाद दिया। यह अपील उस समय आई है जब तमिलनाडु में राजनीतिक दल अपने चरम पर हैं। 23 अप्रैल को होने वाले मतदान के लिए दल अपनी पूरी ताकत के साथ मतदान कर रहे हैं। एआईएमआईएम का यह डीएमके गठबंधन का समर्थन करना काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि वानियामबाडी में कई नामांकन में अल्पसंख्यक नामांकन की संख्या में भूमिका निभाई गई है। राजनीतिक मान्यता है कि ओसासी का यह संदेश डीएमके गठबंधन के लिए एकजुट होने के लिए हो सकता है। यह भी पढ़ें- पश्चिम बंगाल में शराबबंदी: शराब की बिक्री पर रोक, बंगाल चुनाव से पहले लिया बड़ा फैसला, जानिए
डायबिटीज के मरीजों के लिए क्यों ज्यादा खतरनाक है शराब? डॉक्टर ने बताया शुगर लेवल पर कैसे होता है असर

Last Updated:April 21, 2026, 11:26 IST Should Diabetics Drink Alcohol: डायबिटीज के मरीजों के लिए शराब खतरनाक हो सकती है, क्योंकि यह ब्लड शुगर लेवल को कभी बहुत कम तो कभी बहुत ज्यादा कर सकती है. इससे हाइपोग्लाइसीमिया और अन्य जटिलताओं का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए इसका सेवन सीमित या पूरी तरह से टालना बेहतर होता है. डायबिटीज के मरीजों के लिए शराब खतरनाक हो सकती है. How Alcohol Impacts Blood Sugar: डायबिटीज की बीमारी महामारी की तरह फैल चुकी है. भारत में डायबिटीज के 10 करोड़ से ज्यादा मरीज हैं. आने वाले कुछ साल में इनकी संख्या 15 करोड़ तक पहुंच सकती है. डायबिटीज के मरीजों को ब्लड शुगर कंट्रोल करने के लिए दवा और इंसुलिन का सहारा लेना पड़ता है. इसके अलावा खानपान और लाइफस्टाइल का सीधा असर ब्लड शुगर पर पड़ता है. डॉक्टर्स की मानें तो डायबिटीज के मरीजों के लिए शराब बेहद खतरनाक हो सकती है, क्योंकि यह शुगर लेवल गड़बड़ा देती है. शुगर के मरीजों को शराब बिल्कुल नहीं पीनी चाहिए. ग्रेटर नोएडा के फोर्टिस हॉस्पिटल के फिजीशियन डॉ. दिनेश कुमार त्यागी ने News18 को बताया शराब का सबसे बड़ा असर लिवर पर पड़ता है, जो शरीर में ग्लूकोज लेवल को कंट्रोल करने में अहम भूमिका निभाता है. जब कोई व्यक्ति शराब पीता है, तो लिवर का ध्यान शुगर कंट्रोल करने के बजाय शराब को मेटाबोलाइज करने में लग जाता है. इससे ब्लड में ग्लूकोज का स्तर अचानक गिर सकता है, जिसे हाइपोग्लाइसीमिया कहा जाता है. यह स्थिति डायबिटीज के मरीजों के लिए खतरनाक हो सकती है. खासतौर से जिनका शुगर लेवल फ्लक्चुएट होता है, उनके लिए शराब का सेवन जानलेवा साबित हो सकता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. डॉक्टर ने बताया कि कुछ अल्कोहलिक ड्रिंक्स जैसे बीयर, कॉकटेल या शराब में शुगर और कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अधिक होती है, जिससे ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है. शराब कभी शुगर को बहुत कम कर सकती है और कभी बहुत ज्यादा बढ़ा सकती है. यह फ्लक्चुएशन ही इसे डायबिटीज मरीजों के लिए खतरनाक बनाता है. कई बार लोग शराब के साथ अनहेल्दी स्नैक्स खाते हैं, जिससे कैलोरी और शुगर का सेवन बढ़ जाता है. इससे शुगर लेवल और ज्यादा गड़बड़ा सकता है. साथ ही शराब दवाइयों के असर को भी कम या ज्यादा कर सकती है, जिससे ट्रीटमेंट बुरी तरह प्रभावित होता है. एक्सपर्ट के मुताबिक लंबे समय तक शराब का सेवन करने से नसों, आंखों और किडनी पर भी बुरा असर पड़ सकता है. शुगर के मरीजों में पहले से ही इन ऑर्गन्स के प्रभावित होने का खतरा रहता है, ऐसे में शराब इस जोखिम को और बढ़ा देती है. इसके अलावा शराब से डिहाइड्रेशन भी होता है, जिससे शरीर का संतुलन बिगड़ सकता है. अगर डायबिटीज के मरीज शराब पिएं, तो बेहद कम मात्रा में लें. खाली पेट शराब भूलकर भी न पिएं और किसी भी असामान्य लक्षण जैसे चक्कर, कमजोरी या पसीना आने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. अगर शुगर लेवल बहुत ज्यादा रहता है, तब शराब पीने का रिस्क बिल्कुल न लें. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें First Published : April 21, 2026, 11:26 IST
पचपदरा रिफाइनरी अग्निकांड- सुरक्षा एजेंसियां जांच करने पहुंचीं:पीएम का दौरा स्थगित होने के बाद क्रेन से हटा रहे डोम; सीएम आज करेंगे निरीक्षण

लोकार्पण से करीब 20 घंटे पहले (20 अप्रैल) बालोतरा के पचपदरा रिफाइनरी में आग लगने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दौरान स्थगित हो गया था। वह आज (मंगलवार) को रिफाइनरी का उद्घाटन करने वाले थे। अब सुरक्षा एजेंसियां और तकनीकी टीमें हादसे के कारणों की जांच करने मौके पर पहुंची हैं। उधर, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा आज दोपहर करीब 12:35 बजे स्थिति का जायजा लेने पहुंचेंगे। क्रेन से हटाए जा रहे डोम, फीकी पड़ीं तैयारियां हादसे के बाद प्रधानमंत्री का कार्यक्रम टलते ही रिफाइनरी परिसर में मायूसी छा गई। जिस भव्य डोम (सभा स्थल) को पीएम की जनसभा के लिए तैयार किया गया था, उसे मंगलवार सुबह से क्रेन की मदद से हटाने का काम शुरू कर दिया गया है। मौके पर अफरा-तफरी का माहौल है और सुरक्षा के लिहाज से बाहरी लोगों का प्रवेश पूरी तरह बंद कर दिया गया है। कई किलोमीटर दूर से दिख रही थीं लपटें शुरुआती जानकारी के अनुसार, सोमवार दोपहर करीब 2:00 बजे हीट एक्सचेंजर सर्किट में हाइड्रोकार्बन लीकेज की वजह से आग भड़की थी। धुएं का गुबार और आग की लपटों को कई किलोमीटर दूर से देखा गया था। राजस्थान में हिंदुस्तान पेट्रोलियम की रिफाइनरी में आग:कई घंटे बाद काबू पाया गया; प्रधानमंत्री उद्घाटन करने वाले थे, घटना के बाद कार्यक्रम स्थगित 13 साल से अधूरा सपना,रिफाइनरी में आग से उठे सवाल:बेस्ट टेक्नोलॉजी और इंजीनियर्स के बावजूद हादसा, एक्सपट्र्स ने बताया कितना बड़ा नुकसान पल-पल के अपडेट के लिए ब्लॉग देखिए…
पंजाब में 5 दिन 8-10 घंटे बिजली कट लगेंगे:लुधियाना में सबसे ज्यादा, जालंधर-मोहाली, अमृतसर, बठिंडा, पटियाला में भी कट, शेड्यूल जानें

पंजाब में लोगों को अगले 5 दिन लंबे बिजली कट झेलने पड़ सकते हैं। पावरकॉम (PSPCL) की तरफ से बिजली कट लगाने को लेकर पब्लिक नोटिस जारी किया गया है। जिसके मुताबिक 21 अप्रैल से 28 अप्रैल तक लुधियाना, जालंधर, अमृतसर, बठिंडा और पटियाला में लंबे बिजली कट लगेंगे। इसके लिए पावरकॉम ने बिजली डिस्ट्रिब्यूशन में सुधार और मॉडर्नाइजेशन का हवाला दिया है। इन शहरों में 8 से लेकर 10 घंटे तक का पावर कट रहेगा। हालांकि पंजाब में लगातार गर्मी बढ़ रही है और मौसम विभाग ने 3 दिन के लिए हीटवेव का यलो अलर्ट जारी किया है। 21 जिलों में टेंपरेचर 35 पार हो चुका है। सेहत विभाग को एडवाइजरी भी जारी करनी पड़ गई। वहीं अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रखते हुए स्पेशल वार्ड बनाने के साथ 24 घंटे स्टाफ तैनात किया गया है। ऐसे में बिजली कटों से गर्मी के हालात और बिगड़ सकते हैं। डेटवाइज जानिए, कहां, कब और कितनी देर के कट लगेंगे 21 अप्रैल 22 अप्रैल: 23 अप्रैल: 24 अप्रैल: 25 अप्रैल: 26 अप्रैल: गर्मी से बिजली की डिमांड साढ़े 3 हजार मेगावाट बढ़ चुकी पावरकॉम के मुताबिक पंजाब में बिजली की डिमांड अभी 6 हजार मेगावाट के करीब है। हालांकि टेंपरेचर बढ़ने पर कुछ दिन पहले यह डिमांड 9500 मेगावाट तक पहुंच गई थी। पंजाब में बिजली का उत्पादन 3300 मेगावाट के करीब है और केंद्रीय पूल से 2700 मेगावाट बिजली खरीदी जा रही है। अप्रैल के दूसरे सप्ताह तक बिजली की डिमांड आम तौर पर 5 से 6 हजार मेगावाट के बीच में ही रहती है। आजकल पंजाब में व्यापक स्तर पर मेंटेनेंस कट लग रहे हैं, इसलिए बिजली की डिमांड कम आ रही है। पावरकॉम के मुताबिक पूरे राज्य में जब टेंपरेचर जब 40 डिग्री के पार पहुंचता है तो सूबे में डिमांड 10 हजार मेगावाट के आसपास रहती है।









