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छत्तीसगढ़ में पेड़ से तोता उतारने फायर ब्रिगेड पहुंची, VIDEO:पानी की बौछार कर हजारों लीटर बहाया; लोग बोले- बड़े घर का है

छत्तीसगढ़ में पेड़ से तोता उतारने फायर ब्रिगेड पहुंची, VIDEO:पानी की बौछार कर हजारों लीटर बहाया; लोग बोले- बड़े घर का है

छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में एक पालतू तोता पेड़ पर बैठ गया। उसे नीचे उतारने के लिए फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और पानी की तेज बौछारें कीं। इस दौरान हजारों लीटर पानी बहा दिया गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जो OBC बॉयज हॉस्टल के पास का बताया जा रहा है। तोता किसका है, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों के रिएक्शंस आ रहे हैं। कोई इसे किसी अधिकारी का तोता बता रहा है, तो कोई फायर ब्रिगेड के इस्तेमाल पर सवाल उठा रहा है। भीषण गर्मी के बीच पानी की बर्बादी को लेकर लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। पहले देखिए ये तस्वीरें… जानिए क्या है पूरा मामला ? जानकारी के अनुसार, ओबीसी बॉयज हॉस्टल कैंपस के पास कहीं से आकर एक तोता पेड़ पर बैठ गया। लंबे समय तक वहीं बैठा रहा। वह नीचे उतरने का नाम ही नहीं ले रहा था। इस दौरान फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। जिसके बाद फायर ब्रिगेड कर्मियों ने पानी की तेज बौछारें डाली। तोता काफी ऊंचाई पर बैठा था और उसे नीचे लाने के लिए पाइप से लगातार पानी डाला गया। कड़ी मशक्कत के बाद तोता नीचे उतरा। इस दौरान हजारों लीटर पानी बहाया गया, जबकि इलाका पहले से ही भीषण गर्मी और पानी की कमी से जूझ रहा है। सोशल मीडिया यूजर्स ने उठाए सवाल स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया यूजर्स ने वीडियो वायरल होने के बाद सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि, फायर ब्रिगेड जैसी आपातकालीन सेवा का इस्तेमाल आगजनी, दुर्घटनाओं और जनसेवा के लिए होना चाहिए, न कि इस तरह के कामों के लिए। किस अधिकारी का था तोता, स्पष्ट नहीं लोगों का आरोप है कि, यह सरकारी संसाधनों और पानी की खुली बर्बादी है। हालांकि, तोता किस अधिकारी का है, फिलहाल अभी यह आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं है। मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है। अब देखना होगा कि इस मामले में जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है। ……………………… इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… प्रवासी पक्षियों से गुलजार खैरागढ़..ब्राह्मणी बतख भी दिखी:जिले में 213 प्रजाति के पक्षी; वेटलैंड्स में 90 रंगबिरंगे सारस, 1100 से ज्यादा बत्तख दिखे छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ इस समय प्रवासी पक्षियों से गुलजार है। जिले में 213 प्रजाति के पक्षी मिले हैं। रूस के कॉमन क्रेन पक्षी के अलावा 90 पेंटेड स्टॉर्क्स और 1100 से अधिक प्रवासी बत्तखें देखी गई हैं। जलचर पक्षियों में नॉर्दर्न शोवलर, यूरेशियन कर्ल्यू और कॉमन पोचार्ड शामिल हैं। पढ़ें पूरी खबर…

IMD Weather Update; MP UP CG Rajasthan Heatwave Alert

IMD Weather Update; MP UP CG Rajasthan Heatwave Alert

Hindi News National IMD Weather Update; MP UP CG Rajasthan Heatwave Alert | North East Rain Kashmir Himachal Snowfall नई दिल्ली24 मिनट पहले कॉपी लिंक देश के मैदानी इलाकों में तेज गर्मी जारी है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, ओडिशा और दिल्ली के कई इलाकों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश के भोपाल समेत 9 जिलों में पहली बार ‘वॉर्म नाइट’ की चेतावनी दी है। मैहर जिले में कक्षा 5वीं तक के सभी स्कूलों में 30 अप्रैल तक छुट्टी घोषित कर दी गई है। उत्तर प्रदेश के ज्यादातर हिस्से तेज गर्मी और सूखे की वजह से परेशान हैं। प्रयागराज में पारा 44.6°C पहुंच गया। प्रदेश के 26 जिलों का तापमान 40°C से ज्यादा रहा। मौसम विभाग ने मंगलवार को 26 जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में तापमान 43.8°C दर्ज किया गया। यहां रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर मिस्टिंग सिस्टम के तहत ठंडी फुहारें छोड़ी गईं। बिहार के पटना समेत 8 जिलों का तापमान 42 डिग्री दर्ज किया है। राजस्थान में सोमवार को 12 शहरों में तापमान 40°C या उससे ऊपर दर्ज हुआ। सबसे ज्यादा तापमान कोटा में 42°C रिकॉर्ड हुआ। बाड़मेर में रात का न्यूनतम तापमान 29.6°C दर्ज हुआ। देशभर से गर्मी की 8 तस्वीरें… बिहार के पटना में तेज धूप से बचने के लिए फेस कवर करके जाती महिलाएं। पश्चिम बंगाल के नादिया में पानी पीती महिला। यूपी के प्रयागराज में तेज धूप में जाती महिलाएं। दिल्ली गर्मी से राहत पाने आइसक्रीम खाती बच्ची। बिहार के सुपौल में नगर निगम ने सड़कों पर पानी का छिड़काव किया है। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर मिस्टिंग सिस्टम शुरू किया गया। यूपी के प्रयागराज में तेज गर्मी के बीच बस स्टॉप पर इंतजार करते यात्री। दिल्ली में पानी की किल्लत होने पर टैंकर से पानी भरते लोग। वॉर्म नाइट अलर्ट क्या है? मौसम विभाग के अनुसार, जब रात का न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी ज्यादा हो जाता है, तो उसे ‘वॉर्म नाइट’ कहा जाता है। यह स्थिति तब बनती है जब रात का तापमान सामान्य से 4.5 से 6.4 डिग्री सेल्सियस तक अधिक हो और दिन का तापमान 40 डिग्री या उससे ऊपर बना रहे। इससे रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिलती और मौसम असामान्य रूप से गर्म बना रहता है। अगले 2 दिन के मौसम का हाल 23 अप्रैल: एमपी, यूपी, बिहार, महाराष्ट्र, झारखंड, ओडिशा और राजस्थान में हीटवेव का अलर्ट है। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में भारी बारिश हो सकती है। 24 अप्रैल: गुजरात, कर्नाटक और तमिलनाडु में गर्म और उमस भरा मौसम रह सकता है। तेलंगाना, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में बिजली गिरने की संभावना है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

IMD Weather Update; MP UP CG Rajasthan Heatwave Alert

IMD Weather Update; MP UP CG Rajasthan Heatwave Alert

Hindi News National IMD Weather Update; MP UP CG Rajasthan Heatwave Alert | North East Rain Kashmir Himachal Snowfall नई दिल्ली1 घंटे पहले कॉपी लिंक देश के मैदानी इलाकों में तेज गर्मी जारी है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, ओडिशा और दिल्ली के कई इलाकों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश के भोपाल समेत 9 जिलों में पहली बार ‘वॉर्म नाइट’ की चेतावनी दी है। मैहर जिले में कक्षा 5वीं तक के सभी स्कूलों में 30 अप्रैल तक छुट्टी घोषित कर दी गई है। उत्तर प्रदेश के ज्यादातर हिस्से तेज गर्मी और सूखे की वजह से परेशान हैं। प्रयागराज में पारा 44.6°C पहुंच गया। प्रदेश के 26 जिलों का तापमान 40°C से ज्यादा रहा। मौसम विभाग ने मंगलवार को 26 जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में तापमान 43.8°C दर्ज किया गया। यहां रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर मिस्टिंग सिस्टम के तहत ठंडी फुहारें छोड़ी गईं। बिहार के पटना समेत 8 जिलों का तापमान 42 डिग्री दर्ज किया है। राजस्थान में सोमवार को 12 शहरों में तापमान 40°C या उससे ऊपर दर्ज हुआ। सबसे ज्यादा तापमान कोटा में 42°C रिकॉर्ड हुआ। बाड़मेर में रात का न्यूनतम तापमान 29.6°C दर्ज हुआ। देशभर से गर्मी की 8 तस्वीरें… बिहार के पटना में तेज धूप से बचने के लिए फेस कवर करके जाती महिलाएं। पश्चिम बंगाल के नादिया में पानी पीती महिला। यूपी के प्रयागराज में तेज धूप में जाती महिलाएं। दिल्ली गर्मी से राहत पाने आइसक्रीम खाती बच्ची। बिहार के सुपौल में नगर निगम ने सड़कों पर पानी का छिड़काव किया है। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर मिस्टिंग सिस्टम शुरू किया गया। यूपी के प्रयागराज में तेज गर्मी के बीच बस स्टॉप पर इंतजार करते यात्री। दिल्ली में पानी की किल्लत होने पर टैंकर से पानी भरते लोग। वॉर्म नाइट अलर्ट क्या है? मौसम विभाग के अनुसार, जब रात का न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी ज्यादा हो जाता है, तो उसे ‘वॉर्म नाइट’ कहा जाता है। यह स्थिति तब बनती है जब रात का तापमान सामान्य से 4.5 से 6.4 डिग्री सेल्सियस तक अधिक हो और दिन का तापमान 40 डिग्री या उससे ऊपर बना रहे। इससे रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिलती और मौसम असामान्य रूप से गर्म बना रहता है। अगले 2 दिन के मौसम का हाल 23 अप्रैल: एमपी, यूपी, बिहार, महाराष्ट्र, झारखंड, ओडिशा और राजस्थान में हीटवेव का अलर्ट है। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में भारी बारिश हो सकती है। 24 अप्रैल: गुजरात, कर्नाटक और तमिलनाडु में गर्म और उमस भरा मौसम रह सकता है। तेलंगाना, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में बिजली गिरने की संभावना है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

राहुल गांधी का कोलकाता दौरा रद्द:प्रशासन पर परमिशन नहीं देने का आरोप; शाह बोले- बंगाल में बाबरी मस्जिद नहीं बनने देंगे

राहुल गांधी का कोलकाता दौरा रद्द:प्रशासन पर परमिशन नहीं देने का आरोप; शाह बोले- बंगाल में बाबरी मस्जिद नहीं बनने देंगे

कांग्रेस नेता राहुल गांधी का 23 अप्रैल को कोलकाता दौरा रद्द कर दिया गया है। पार्टी का आरोप है कि स्थानीय प्रशासन ने ममता सरकार के इशारे पर अनुमति नहीं दी। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, पार्टी ने शाम 6 बजे तक मंजूरी का इंतजार किया। पुलिस से अनुमति नहीं मिलने पर कार्यक्रम की तैयारियां पूरी करना संभव नहीं रहा। पार्टी अब नए शेड्यूल के लिए आवेदन करेगी। दौरा 25 या 26 अप्रैल को कराया जा सकता है। इधर, गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल में तीन रैलियां की। उन्होंने चांदीपुर में कहा कि भाजपा की सरकार बनने पर बंगाल में बाबरी मस्जिद नहीं बनने देंगे। अयोध्या में जहां बाबरी मस्जिद थी, वहां राम मंदिर बन चुका है। बंगाल में ऐसी कोई कोशिश सफल नहीं होगी। इसके अलावा शाह ने आसनसोल में कहा कि ममता के गुंडों कान खोलकर सुन लें। 23 तारीख को मतदान में जरा भी खलल डाला तो 4 मई के बाद उल्टा लटकाकर सीधा करने का काम करेंगे। ममता के गुंडों की बंगाल के जनता के सामने कोई मजाल नहीं है। चुनाव राज्यों में मंगलवार के तीन बड़े अपडेट्स…

Khabar hatke- UP Baraat to DM Office | China 300 Kids Adopted

Khabar hatke- UP Baraat to DM Office | China 300 Kids Adopted

उत्तर प्रदेश में बिजली कटने पर एक दूल्हा पूरी बारात लेकर डीएम ऑफिस पहुंच गया। वहीं, चीन में एक शख्स ने अब तक 300 बच्चों को अडॉप्ट किया है। उधर, ब्रिटेन में एक खरगोश ने सबसे लंबी जिंदगी जीने का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। . ब्रिटेन में ही एक नीलामी के दौरान टाइटैनिक जहाज की लाइफ जैकेट ₹9 करोड़ में बिकी। वहीं, अमेरिका में एक शख्स ने ओवन के अंदर ओवन रखकर उसे ही माइक्रोवेव करने की कोशिश की। आज खबर हटके में जानेंगे ऐसी ही 5 रोचक खबरें… तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…

Healthy Digestion Diet Plan; Stress-Free Lifestyle

Healthy Digestion Diet Plan; Stress-Free Lifestyle

21 मिनट पहलेलेखक: अदिति ओझा कॉपी लिंक खराब लाइफस्टाइल, अनियमित खानपान और स्ट्रेस डाइजेशन को प्रभावित करते हैं। इससे एसिडिटी, कब्ज और अपच जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। अगर ये दिक्कतें लगातार बनी रहें तो एनर्जी, काम करने की क्षमता और मूड तीनों प्रभावित होते हैं। अमेरिकन ग्लोबल हेल्थकेयर कंपनी ‘एबॉट’ के ‘गट हेल्थ सर्वे’ के अनुसार, 22% भारतीय वयस्क कब्ज से परेशान रहते हैं। वहीं 13% गंभीर कब्ज की समस्या का सामना कर रहे हैं। ऐसे में डाइजेस्टिव हेल्थ पर ध्यान देना जरूरी है। इसलिए ‘जरूरत की खबर’ में जानेंगे कि- हेल्दी डाइजेशन के लिए क्या करें? कौन-सी गलतियां नहीं करनी चाहिए? एक्सपर्ट: डॉ. सुकृत सिंह सेठी, डायरेक्टर, सीनियर कंसल्टेंट, गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी, नारायणा हॉस्पिटल, गुरुग्राम डॉ. अमृता मिश्रा, सीनियर डाइटीशियन, दिल्ली सवाल- अच्छी सेहत के लिए डाइजेशन दुरुस्त रहना क्यों जरूरी है? जवाब- अच्छी सेहत के लिए डाइजेशन दुरुस्त रहना सिर्फ जरूरी नहीं, बल्कि क्रिटिकल है। पॉइंटर्स से इसे समझते हैं- अगर डाइजेस्टिव सिस्टम सही नहीं है, तो विटामिन, मिनरल, प्रोटीन और फैट का एब्जॉर्प्शन प्रभावित होता है। इससे कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं। जैसे- लो एनर्जी लो इम्यूनिटी स्किन और बालों से जुड़ी समस्याएं हॉर्मोनल इंबैलेंस इसके अलावा हमारे गट माइक्रोब्स इम्यून सिस्टम और ब्रेन हेल्थ से भी जुड़े होते हैं। यह ओवरऑल बॉडी फंक्शनिंग को प्रभावित करते हैं। सवाल- क्या डाइजेशन का दुरुस्त रहना इस बात पर निर्भर है कि हमारी डाइट कैसी है? जवाब- हां, सही डाइजेशन काफी हद तक डाइट पर निर्भर करता है। इसे ऐसे समझते हैं- हमारी डाइट सीधे माइक्रोबायोम (आंतों में रहने वाले गुड-बैड बैक्टीरिया) के स्ट्रक्चर को प्रभावित करती है। फाइबर-रिच फूड्स जैसे फल, सब्जियां और साबुत अनाज प्रीबायोटिक की तरह काम करते हैं। यह गुड बैक्टीरिया बढ़ाते हैं। ये बैक्टीरिया शॉर्ट-चेन फैटी एसिड (SCFAs) बनाते हैं। ये आंतों की प्रोटेक्शन लेयर को मजबूत करते हैं और इंफ्लेमेशन कम करते हैं। इससे डाइजेशन सुधरता है। संतुलित डाइट डाइजेस्टिव एंजाइम्स के सिक्रेशन को भी रेगुलेट करती है। इससे कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और फैट का ब्रेकडाउन अच्छे से होता है। सवाल- डाइजेशन सिस्टम को दुरुस्त रखने का साइंटिफिक तरीका क्या है? जवाब- इसके तीन हिस्से हैं- 1. लाइफस्टाइल डाइजेशन पूरे शरीर के रिद्म और रूटीन से जुड़ा होता है। पॉइंटर्स से समझते हैं- फिजिकल एक्टिविटी रेगुलर एक्सरसाइज आंतों के मूवमेंट को स्टिमुलेट करती है। इससे डाइजेशन बेहतर होता है। डाइजेशन ठीक रहने से कब्ज की समस्या भी कम होती है। हाइड्रेशन पर्याप्त हाइड्रेशन से पाचन आसान होता है और डाइजेस्टिव एंजाइम्स बेहतर ढंग से काम करते हैं। पानी पेट और आंतों में बनने वाले डाइजेस्टिव जूस (ग्रैस्ट्रिक जूस) के सही सिक्रेशन को सपोर्ट करता है। पानी फाइबर के साथ मिलकर एक जेली पदार्थ बनाता है, जो स्टूल को सॉफ्ट करता है। अगर शरीर में पानी की कमी होगी तो पाचन धीमा पड़ सकता है। इससे कब्ज और ब्लोटिंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं। 2. माइंडफुल ईटिंग खाने का तरीका भी फूड चॉइस जितना ही जरूरी है। इसे पॉइंटर्स से समझते हैं- जब धीरे-धीरे चबाकर खाते हैं तो शरीर ‘रेस्ट एंड डाइजेस्ट’ मोड में चला जाता है। इस अवस्था में लार, गैस्ट्रिक जूस और एंजाइम्स सही मात्रा में रिलीज होते हैं। इससे पाचन सुधरता है। जल्दबाजी में खाने से यह सिस्टम एक्टिव नहीं हो पाता है। इससे फूड का शुरुआती ब्रेकडाउन ही प्रभावित हो जाता है। इससे लंबे समय में गैस, ब्लोटिंग जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। ग्राफिक से समझिए, हेल्दी डाइजेशन के लिए लाइफस्टाइल और खाने के तरीके में क्या बदलाव जरूरी हैं- 3. न्यूट्रिशन बैलेंस्ड और वेरायटी डाइट गट माइक्रोब्स को स्थिर रखती है। इसे पॉइंटर्स से समझते हैं- हेल्दी वेरायटी डाइट से गुड बैक्टीरिया एक्टिव होते हैं और डाइजेस्टिव प्रोसेस स्मूद रहती है। सही न्यूट्रिशन गट लाइनिंग (आंतों की ऊपरी लेयर) को मजबूत करता है। इससे न्यूट्रिएंट्स का अवशोषण बेहतर होता है और शरीर में टॉक्सिन्स प्रवेश नहीं कर पाते हैं। संतुलित डाइट डाइजेस्टिव एंजाइम्स और बाइल जूस के सिक्रेशन को सपोर्ट करती है। यह फूड ब्रेकडाउन के लिए जरूरी होता है। ग्राफिक में देखिए, हेल्दी डाइजेशन के क्या खाना चाहिए- सवाल- किन गलतियों से डाइजेशन खराब होता है? जवाब- खराब डाइजेशन शरीर के अंदर कई बायोलॉजिकल प्रोसेस को भी डिस्टर्ब करता है। जैसे- खराब खानपान और स्ट्रेस की वजह से गट माइक्रोब का संतुलन बिगड़ जाता है। अनहेल्दी डाइट पाचन के लिए जरूरी एंजाइम्स के प्रोडक्शन को प्रभावित करती है। इन आदतों से गट मूवमेंट स्लो हो जाता है। इससे फूड ज्यादा देर तक पेट में रुका रहता है और गैस, ब्लोटिंग व कब्ज जैसी समस्याएं होती हैं। खराब लाइफस्टाइल शरीर में लो-ग्रेड इंफ्लेमेशन बढ़ा सकता है। नीचे ग्राफिक में देखिए कि हमारी कौन सी आदतें डाइजेशन को खराब करती हैं- सवाल- क्या स्ट्रेस से भी डाइजेशन खराब होता है? जवाब- हां, जब शरीर स्ट्रेस में होता है तो सिंपेथेटिक नर्वस सिस्टम (इमरजेंसी या स्ट्रेस्ड सिचुएशन में सक्रिय होता है) एक्टिव हो जाता है। इससे बॉडी ‘फाइट या फ्लाइट’ मोड में चली जाती है। इस दौरान शरीर डाइजेस्टिव प्रोसेस को स्लो कर देता है। बॉडी को मैसेज जाता है कि खुद को बचाना जरूरी है। ऐसे में ब्लड फ्लो ब्रेन और मसल्स की ओर बढ़ जाता है। पेट की ओर फ्लो कम होने से डाइजेशन स्लो हो जाता है। सवाल- हेल्दी डाइजेशन के लिए अच्छी नींद क्यों जरूरी है? जवाब- नींद के दौरान शरीर खुद को रिपेयर और रीसेट करता है, जिसमें डाइजेस्टिव सिस्टम भी शामिल है। पर्याप्त नींद से गट मूवमेंट सही रहता है। डाइजेस्टिव एंजाइम्स और हॉर्मोन्स भी बैलेंस्ड रहते है। नींद की कमी से भोजन सही तरीके से नहीं पचता है। अच्छे डाइजेशन के लिए रोजाना 7-8 घंटे की अच्छी और गहरी नींद जरूरी है। ……………… ये खबर भी पढ़िए जरूरत की खबर- फर्मेंटेड फूड खाने से बच्ची की मौत: गर्मियों में ओवर फर्मेंटेशन से इन हेल्थ प्रॉब्लम्स का रिस्क, बरतें 5 सावधानियां ओडिशा के मयूरभंज जिले के एक सरकारी स्कूल में फर्मेंटेड चावल खाने के बाद एक 12 साल की बच्ची की मौत हो गई। वहीं 150 से ज्यादा बच्चे बीमार पड़ गए। बच्चों ने पखाला भात (फर्मेंटेड चावल), आलू भरता और आम की चटनी खाई थी। आगे पढ़िए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

शूटिंग रोकी तो मधुबाला को कटघरे तक ले पहुंचे बी.आर.चोपड़ा:प्रिंस ने भारत को समझने के लिए इनकी फिल्म देखी, जवाहरलाल नेहरू ने लिखी चिट्ठी

शूटिंग रोकी तो मधुबाला को कटघरे तक ले पहुंचे बी.आर.चोपड़ा:प्रिंस ने भारत को समझने के लिए इनकी फिल्म देखी, जवाहरलाल नेहरू ने लिखी चिट्ठी

22 अप्रैल 1914 आज से ठीक 112 साल पहले अखण्ड भारत के पंजाब में पीडब्ल्यू डी में सरकारी नौकरी करने वाले विलायती राज चोपड़ा के घर बेटे बलदेव का जन्म हुआ। बलदेव राज चोपड़ा, 6 भाई-बहनों के परिवार में दूसरे नंबर पर थे। पढ़ाई में अव्वल रहने वाले बलदेव के लिए पिता ने बचपन से सोच रखा था कि इसे सरकारी अफसर बनाऊंगा। समय बीता और तैयारी शुरू कर दी गई। पाकिस्तान के लाहौर गवर्नमेंट कॉलेज में इंग्लिश में मास्टर डिग्री लेते हुए उनका इंडियन सिविल सर्विस का फॉर्म भरवाया गया। पिता को उम्मीद थी कि बेटा परीक्षा निकाल लेगा, लेकिन परीक्षा की तारीखों से ठीक पहले बलदेव की तबीयत ऐसी बिगड़ी की पूरी तैयारी में पानी फिर गया। परीक्षा दी, परिणाम आए तो वो फेल हो चुके थे। बलदेव खूब रोए। पिता ने समझाया, कुछ दिनों के लिए लंदन चले जाए, 6 महीनें बाद फिर तारीख है, तब पेपर दे देना। रोते हुए बच्चे ने एक ही जवाब दिया- अब कभी सरकारी नौकरी नहीं करूंगा। सरकारी नौकरी का सपना चूर-चूर हो गया, लेकिन किसे पता था कि वही लड़का एक दिन हिंदी सिनेमा में इतिहास रच देगा। वो फेल होने वाला लड़का था बलदेव राज चोपड़ा, जिसे देश बी.आर.चोपड़ा नाम से जानता है। जिसकी फिल्मों की तारीफ तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू तक किया करते थे। भारत-पाकिस्तान के बंटवारे के दंगों के बीच हिंदी सिनेमा में कदम रखने वाले बी.आर.चोपड़ा ने हमराज, नया दौर, साधना, निकाह, कानून जैसी कई सुपरहिट फिल्में बनाईं। समय से आगे चलने वाली कहानियां और सस्पेंस, किरदारों की कहानियों ने दर्शकों को खूब बांधे रखा और फिर 1988 में उन्होंने टीवी शो महाभारत बनाया, तो भगवान और पौराणिक कथा को घर-घर पहुंचातकर इतिहास ही रच दिया। लोग शो शुरू होने से पहले चप्पल उतारकर, जमीन पर हाथ जोड़े बैठते, तो कुछ टीवी की आरती उतारते। वो शो, जिसके नाम आज भी विश्व रिकॉर्ड है। इस कामयाबी के सफर में बी.आर.चोपड़ा की जिद और स्वाभिमान भी चर्चा में रहा। कभी शूटिंग में खलल पैदा करने वालीं मधुबाला को कठघरे में खड़ा किया, तो कभी गोविंदा जैसे स्टार को ऑफिस से बाहर भगाय दिया। बी.आर. चोपड़ा की आज 112 वीं बर्थ एनिवर्सरी है, इस खास मौके पर पढ़िए, उनके फिल्मों में आने और इतिहास रचने से जुड़े कुछ चुनिंदा किस्से- किस्सा-1, अखबार के लिए लिखते थे, दोस्तों के कहने पर फिल्म बनाई तो हुआ नुकसान कॉलेज के दिनों में बी.आर.चोपड़ा ने कलकत्ता के वैराइटी अखबार के लिए लिखना शुरू कर दिया। उनका पहला आर्टिकल फिल्मों पर था। एक आर्टिकल में फिल्म बनाने वाले कलाकारों को ललकारते हुए उन्होंने लिखा, कुछ अच्छा बनाओ, कहानी डालो, समाज को बताओ की समाज में क्या चल रहा है, क्या दिक्कतें हैं। आर्टिकल कलकत्ता भेजा, लेकिन वो छपा ही नहीं। अगले 3 आर्टिकल भी छपे नहीं। तीसरे हफ्ते उन्हें एक पार्सल मिला, जिसमें वैराइटी अखबार की एक प्रति थी, जिसमें उनके पिछले तीनों आर्टिक्ल थे। इसके साथ एडिटर का एक माफीनामा भी था। लिखने का सिलसिला चल निकला। 1944 में बी.आर.चोपड़ा न्यू स्टार फिल्म प्रोडक्शन कंपनी की सिने हैराल्ड मैगजीन के लिए लिखने लगे। जब आजादी की लड़ाई से तनाव बढ़ने लगा, तो बचने के लिए बी.आर.चोपड़ा जालंधर के पैतृक घर में रहने लगे। वहां 150 लोग और ठहरे हुए थे। एक रोज पिता के कुछ दोस्तों ने उन्हें हिंदी सिनेमा की फिल्मों में पैसे लगाने का सुझाव दिया। 5 दोस्त और जुड़ गए। सभी ने फिल्म करवट बनाई, जो बुरी तरह फ्लॉप हो गई। बी.आर.चोपड़ा की पूरी कमाई खत्म हो गई। किस्सा-2, नुकसान के बाद फिर अखबार में काम करने की अर्जी दी फिल्म प्रोडक्शन में नुकसान होने के बाद बी.आर.चोपड़ा ने तय किया कि अब वो अखबार में काम करेंगे। तब हिंदुस्तान टाइम्स के एडिटर उनके अंकल दुर्गा दास थे। खत लिखा, तो जवाब मिला, बॉम्बे आ जाओ, लेकिन हारकर मत आना। बी.आर.चोपड़ा सोच में थे कि क्या किया जाए, वो पैरिसियन कैफे में चाय पीने गए। चाय पी ही रहे थे कि आवाज आई- अरे चोपड़ा साहब क्या कर रहे हैं। उन्होंने थकी सी आवाज में कहा- चाय पी रहे हैं। उस शख्स ने फिर कहा- क्या कर रहा है तू। इस पर बी.आर.चोपड़ा ने गुस्से में कहा- कर ही क्या सकता हूं, न पैसा है न ढेला है, न अनुभव है। कहां से करूं कुछ। इस पर उस शख्स ने कहा- एक काम कर, कुछ तो कर। स्टोरी ले ले कम से कम। वो शख्स थे, आई.एस.जौहर। उस दौर के जाने-माने एक्टर और कॉमेडियन। उस स्टोरी पर बी.आर.चोपड़ा ने लाहौर में फिल्म चांदनी चौक बनाना शुरू किया। शूटिंग शुरू हुई ही थी कि बंटवारे में दंगे ऐसे भड़के की शूटिंग बंद करनी पड़ी। वो बॉम्बे जाकर बसे, जहां दोस्तों की सलाह पर उन्होंने दोबारा फिल्ममेकिंग शुरू की। दो नाकामी के बाद 1951 की उनकी बतौर डायरेक्टर फिल्म अफसाना चल निकली। इस फिल्म में अशोक कुमार ने डबल रोल निभाया। कहा जाता है कि डबल रोल का ट्रेंड यही फिल्म लाई थी। ये फिल्म पहले दिलीप कुमार को ऑफर हुई थी, लेकिन उन्होंने ये कहते हुए इनकार कर दिया कि वो जज के रोल में फिट नहीं बैठेंगे। आगे बी.आर.चोपड़ा ने हमराज, कानून जैसी कई हिट फिल्में बनाईं। किस्सा-3, संजीव कुमार ने ठंडे-ठंडे पानी से गाने में वजन घटाने का वादा कर वजन बढ़ाया साल 1978 में बी.आर.चोपड़ा ने फिल्म पति पत्नी और वो बनाई, जिसमें संजीव कुमार लीड रोल में थे। फिल्म का गाना ठंडे-ठंडे पानी में के लिए संजीव कुमार को शर्टलेस होकर बच्चे के साथ बैठकर नहाना था। बिना कपड़ो के बैठने में संजीव कुमार का पेट काफी दिख रहा था। उन्होंने शूटिंग शुरू होने के बाद बी.आर.चोपड़ा से कहा, देखिए, मेरा पेट बहुत निकल गया है, क्यों न हम इस गाने की शूटिंग आखिर में करें। तब तक मैं वजन घटा लूंगा। बी.आर.चोपड़ा उनकी जिद पर मान गए। अगले ही दिन से संजीव कुमार ने डाइटिंग शुरू कर दी। अगले दिन सेट पर उनके लिए खाने में सिर्फ सलाद और सूप आया। उन्होंने खाना खाया और बी.आर.चोपड़ा से कहा- चोपड़ा अब मैं थोड़ी देर सो जाता हूं। थोड़ी देर बाद चोपड़ा साहब का लंच आया। जैसे ही वो खोला गया, तो उसमें फिश करी और

John Turnus Apple New CEO

John Turnus Apple New CEO

Hindi News Career John Turnus Apple New CEO | April 2026 Current Affairs; Anil Chauhan Indian CDS Britain 12 मिनट पहले कॉपी लिंक जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… इंटरनेशनल (INTERNATIONAL) 1. जॉन टर्नस एपल के नए CEO होंगे 21 अप्रैल को एपल ने नए CEO के नाम का ऐलान किया। अब एपल CEO टिम कुक की जगह जॉन टर्नस नए CEO होंगे। वे 1 सितंबर 2026 से कंपनी की कमान संभालेंगे। कुक अब कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन की भूमिका निभाएंगे और बोर्ड ने सर्वसम्मति से कुक के अपॉइंटमेंट को मंजूरी दे दी है। जॉन टर्नस हार्डवेयर इंजीनियरिंग के सीनियर वाइस प्रेसीडेंट हैं। जॉन टर्नस ने 2001 में एपल कंपनी जॉइन की थी। जॉन ने iPhone, iPad, Mac सॉफ्टवेयर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। टिम कुक: टिम कुक 1998 में एपल से जुड़े थे और 2011 में एपल के CEO बने थे। टिम ने एपल के प्रॉडक्ट्स को को-डेवलप और डिजाइन किया है। टिम ने FBI टेरेरिज्म केस में iPhone को अन लॉक करने से इनकार किया। टिम ने एपल की प्राइवेसी, सस्टेनेबिलिटी पर काम किया। टिम एपल को 3 ट्रिलियन पर ले जाने वाले एपल के पहले CEO बने। टिम की लीडरशिप में एपल की मार्केट वैल्यू 350 बिलियन डॉलर (करीब ₹32 लाख करोड़) से बढ़कर 4 ट्रिलियन डॉलर (लगभग ₹350 लाख करोड़) हुई। कंपनी का सालाना रेवेन्यू भी 108 बिलियन डॉलर (करीब ₹10 लाख करोड़) से बढ़कर 2025 में 416 बिलियन डॉलर (₹39 लाख करोड़) के पार पहुंच गया है। Apple की स्थापना 1 अप्रैल 1976 को स्टीव जॉब्स, स्टीव वोजनियाक और रोनाल्ड वेन ने की थी। ये कंपनी कैलिफोर्निया के लॉस अल्टोस में स्टीव जॉब्स के गैरेज से शुरू हुई थी। कंपनी पर्सनल कंप्यूटर बनाने के लिए शुरू की गई थी। टिम कुक एपल को 3 ट्रिलियन पर ले जाने वाले पहले CEO हैं। 2. CDS जनरल अनिल चौहान यूके के दौरे पर पहुंचे 20 अप्रैल को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान लंदन की 3 दिन की आधिकारिक यात्रा पर पहुंचे हैं, जो किसी भारतीय CDS की यूके की पहली यात्रा है। जनरल चौहान CDS रिचर्ड नाइटन से मुलाकात करेंगे। इसके साथ ही ब्रिटेन की मिलिट्री लीड से भी मुलाकात की। इस यात्रा में CDS अनिल चौहान और यूके प्रमुख साइबर सिक्योरिटी, इंटेलिजेंस इनफॉर्मेशन (खुफिया जानकारी) शेयर करने पर बात करेंगे। इसके साथ ही इस यात्रा के दौरान डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉलेबरेशन, जॉइंट मिलिट्री एक्सरसाइज पर भी बात होगी। इस यात्रा का उद्देश्य देशों के बीच इंटर ऑपरेटबिलिटी और ऑपरेशनल को-ऑपरेशन को बढ़ाना है। CDS जनरल की ये यात्रा पिछले महीने नई दिल्ली में दोनों देशों के बीच सीनियर मिलिट्री लीडर्स के बीच हुई बैठक के बाद हुई है। CDS जनरल की ये यात्रा भारत और ब्रिटेन के बीच डिफेंस पार्ट्नर्शिप को बेहतर करना और ग्लोबल सिक्योरिटी के बीच मजबूत रिलेशन बिल्ड करने के लिए है। यात्रा के दौरान CDS जनरल रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज इंस्टीट्यूट भी जाएंगे। रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज ब्रिटेन का एक हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूट है, जो ब्रिटिश फोर्स और सिविल सर्विस के लिए ट्रेनिंग देता है। CDS जनरल अनिल चौहान की यूके यात्रा दोनों देशों के बीच 5वीं हाई लेवल मिलिट्री एंगजमेंट का हिस्सा है। नेशनल (NATIONAL) 3. भारत और साउथ कोरिया ने स्पोर्ट्स, कल्चर समेत 4 MoU साइन किए 20 अप्रैल को भारत और साउथ कोरिया ने स्पोर्ट्स, कल्चर और स्मॉल एंड मीडियम इंडस्ट्री इंटरप्राइज सेक्टर कॉर्पोरेशन के लिए चार MoU साइन किए। दोनों देशों के प्रमुखों ने इकोनॉमिक पार्ट्नर्शिप और भारत-कोरिया के डिजिटल ब्रिज के स्ट्रक्चर को बेहतर बनाने के लिए जॉइंट डिकलरेशन पर साइन किए। नई दिल्ली में पीएम नरेंद्र मोदी और साउथ कोरिया के प्रेसीडेंट ली जे म्युंग के बीच वार्ता के बाद इन पर साइन हुए। इसके साथ ही भारत और कोरिया दोनों शांतिपूर्ण, प्रगतिशील और इंडो-पैसिफिक की दिशा में योगदान देना जारी रखेंगे। दोनों देशों ने AI, सेमीकंडक्टर और प्रौद्योगिकी में साझेदारी को और गहरा करने के लिए भारत-कोरिया डिजिटल ब्रिज लॉन्च किया जा रहा है। पीएम मोदी ने कहा- भारत और कोरिया के बीच द्विपक्षीय व्यापार 27 अरब डॉलर है। जिसके 2030 तक 50 अरब डॉलर होने की उम्मीद है। इससे पहले जुलाई 2018 में राष्ट्रपति मून जे-इन ने भारत का दौरा किया था। साउथ कोरिया के प्रेसीडेंट ली जे म्युंग 3 दिन की यात्रा पर भारत आए हैं और ये उनकी पहली भारत यात्रा है। निधन (DEATH) 4. पूर्व राज्यसभा सदस्य डॉ गोपालराव पाटिल का निधन 20 अप्रैल को पूर्व राज्यसभा सदस्य और बाल रोग विशेषज्ञ डॉ गोपालराव पाटिल का निधन हो गया। वे 95 साल के थे। पाटिल एक डॉक्टर थे उसके बाद महाराष्ट्र से बीजेपी के नेता रहे। पाटिल 1994 और 2000 के बीच भाजपा से राज्यसभा सदस्य रहे। पाटिल ने वाणिज्य, विदेश मामलों और रेलवे सहित प्रमुख संसदीय समितियों के मेम्बर भी रहे। पाटिल हैदराबाद के कुरनूल स्थित एक मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसर भी रहे। पाटिल ने इंडियन पीडियाट्रिक एसोसिएशन की स्थापना की और उसके पहले अध्यक्ष भी रहे। पाटिल बाल रोग विशेषज्ञ के रूप में उनके योगदान के लिए कई पुरस्कार भी प्रदान किए गए पाटिल महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री विलासाराव देशमुख के रिश्तेदार थे। 2019 में पाटिल को स्वामी रामानंद तीर्थ मराठवाड़ा यूनिवर्सिटी ने ‘जीवन साधना (लाइफटाइम अचीवमेंट) पुरस्कार’ से सम्मानित किया था। डॉ गोपालराव पाटिल ने कोल्हापुर जिले के कुरुंदवाड़ में मेडिकल ऑफिसर के रूप में भी सेवाएं दीं। स्पोर्ट्स (SPORTS) 5. लॉरियस वर्ल्ड स्पोर्ट्स अवार्ड्स में टेनिस प्लेयर कार्लोस को बेस्ट प्लेयर अवार्ड 20 अप्रैल को लॉरियस वर्ल्ड स्पोर्ट्स अवार्ड्स का ऐलान हुआ। इसमें टेनिस प्लेयर कार्लोस अलकराज और आर्यना सबालेंका को बेस्ट प्लेयर ऑफ द ईयर का अवार्ड मिला। साथ ही पेरिस सेंट-जर्मेन को ‘टीम ऑफ द ईयर’ चुना गया। अलकराज ने पिछले साल फ्रेंच और US ओपन जीता था और जनवरी में ऑस्ट्रेलियन ओपन जीता था। इस महीने मास्टर्स खिताब जीतने वाले रोरी मैकलरॉय को साल का सर्वश्रेष्ठ अवार्ड मिला। 18 साल की उम्र में बार्सिलोना और स्पेन के लिए लैमिन यमल को साल के सबसे यंग प्लेयर का अवार्ड जीता। फॉर्मूला वन चैंपियन लैंडो नॉरिस को वर्ल्ड ब्रेकथ्रू ऑफ द ईयर का अवार्ड जीता।

Relationship Vs Physical Intimacy; Girlfriend Consent

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53 मिनट पहले कॉपी लिंक सवाल- मेरी उम्र 24 साल है। मैं मास्टर्स की पढ़ाई कर रही हूं। एक साल से रिलेशनशिप में हूं। हमारे बीच बहुत अच्छी बॉन्डिंग है। प्रॉब्लम ये है कि मेरा बॉयफ्रेंड इंटीमेट होना चाहता है, लेकिन अभी मैं इसके लिए तैयार नहीं हूं। वो अलग-अलग तरीकों से कहता है, इंसिस्ट करता है और मुझे कन्विंस करने की कोशिश करता है। मैं ‘हां’ बोलने के लिए तैयार नहीं हूं और खुलकर ‘ना’ भी नहीं बोल पा रही हूं। मैं उसे कैसे समझाऊं? इस सिचुएशन से कैसे डील करूं? प्लीज गाइड मी। एक्सपर्ट- डॉ. जया सुकुल, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट, नोएडा जवाब- सबसे पहले तो शुक्रिया, आपने जरूरी सवाल पूछा है। इससे बहुत लोगों को डिसीजन मेकिंग में मदद मिलेगी। रिलेशनशिप में अच्छी बॉन्डिंग पॉजिटिव इंटेंट है, लेकिन फिजिकल इंटीमेसी पूरी तरह आपकी सहजता और मानसिक तैयारी पर निर्भर है। इंटीमेसी कोई ‘रिलेशनशिप टेस्ट’ नहीं है, जिसे पास करना जरूरी ही है। एक हेल्दी रिश्ते में ‘ना’ का सम्मान, ‘हां’ से भी ज्यादा जरूरी है। अगर आप तैयार नहीं हैं तो दबाव में लिया गया कोई भी फैसला आपकी मेंटल हेल्थ और रिश्ते, दोनों को नुकसान पहुंचा सकता है। आइए आपकी सिचुएशन को समझते हैं और सॉल्यूशन पर बात करते हैं। सबसे पहले ‘NO’ का मतलब समझिए- ‘NO’ का मतलब सिर्फ ‘NO’ है बॉलीवुड की एक फिल्म है, ‘पिंक।’ फिल्म के आखिरी सीन में अमिताभ बच्चन बतौर लॉयर कोर्ट में दलील देते हुए कहते हैं, “NO का मतलब सिर्फ NO होता है।” दुनिया के हर शख्स, खासतौर पर पुरुषों को यह बात समझने की बहुत जरूरत है। NO का मतलब ‘शायद’ नहीं होता। NO का मतलब ‘फिर कभी’ नहीं होता। NO का मतलब ‘बाद में’ नहीं होता। NO का मतलब ‘कल, परसों’ नहीं होता। NO का मतलब सिर्फ ‘NO’ होता है। सहमति- इंटीमेसी की पहली और सबसे जरूरी शर्त किसी भी रिश्ते में कंसेंट यानी सहमति को सही तरीके से समझना बहुत जरूरी है। यह सिर्फ एक बार ‘हां’ कहने तक सीमित नहीं होता। इसमें अपनी मर्जी, सहजता और कभी भी फैसला बदलने का हक शामिल है। आइए ग्राफिक के जरिए समझते हैं कि कंसेंट का असली मतलब क्या है। ‘NO’ कहने पर मैनिपुलेट कर सकता है पार्टनर ऐसी कंडीशन में पार्टनर अक्सर ‘इमोशनल मैनिपुलेशन’ का सहारा लेते हैं। आपने लिखा भी है कि पार्टनर तरह-तरह से इंसिस्ट करता है। यह प्यार नहीं, बल्कि कंट्रोलिंग का एक तरीका है। अगर किसी शर्त या दवाब के बाद पार्टनर ‘हां’ कहे तो उसका मतलब ‘ना’ ही होता है। इसे दोनों को समझना होगा। ‘बात मानने’ और ‘कंसेंट’ में बड़ा फर्क रिश्ते में किसी की बात मान लेना और मन से राजी होना, दोनों में बड़ा फर्क है। फीमेल पार्टनर झगड़ा टालने या सामने वाले की खुशी के लिए ‘हां’ कह देती हैं, लेकिन असल में तैयार नहीं होतीं। ऐसी मजबूरी में दी गई सहमति धीरे-धीरे रिश्ते में कड़वाहट घोल सकती है। ग्राफिक से समझिए कि किस ‘हां’ का मतलब कंसेंट नहीं है- सिर्फ पार्टनर की खुशी के लिए ‘हां’ न करें अगर आप अपने मन और मूल्यों के खिलाफ जाकर पार्टनर की खुशी के लिए समझौता करती हैं तो यह ‘सेल्फ-बिट्रेयल’ (स्वयं को धोखा देना) है। इसका आपके व्यक्तित्व पर गहरा असर पड़ता है। इससे कई तरह के नुकसान हो सकते हैं। ग्राफिक में देखिए- पार्टनर वो जो ‘NO’ का सम्मान करे अगर पार्टनर आपकी ‘ना’ सुनने के बाद भी बार-बार वही बात दोहराता है या नाराज होता है तो संभल जाएं। यह संकेत है कि वह आपकी भावनाओं से ज्यादा अपनी जरूरतों को अहमियत दे रहा है। अच्छा पार्टनर ‘NO’ का सम्मान करता है। अपने साथ समझौता न करें रिलेशनशिप में अपनी सीमाएं तय करना स्वार्थ नहीं, बल्कि सेल्फ-रिस्पेक्ट है। जो पार्टनर आपकी ‘ना’ का सम्मान नहीं कर सकता, उससे भविष्य में हेल्दी रिलेशनशिप की उम्मीद करना मुश्किल है। इस स्थिति से कैसे निपटें? अगर आप ऐसी दुविधा में हैं तो इन 4 स्टेप्स की मदद से स्थिति को संभाल सकती हैं- 1. आमने-सामने बैठकर बात करें- इशारों में बात करने की बजाय पार्टनर के साथ बैठकर बात करें। उसे स्पष्ट शब्दों में कहें- मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूं और हमारे रिश्ते की कद्र करती हूं, लेकिन अभी मैं इंटीमेसी के लिए मेंटली तैयार नहीं हूं। अगर आपके बीच वाकई अच्छी बॉन्डिंग है तो वह आपकी ईमानदारी का सम्मान करेगा, न कि आप पर दबाव बनाएगा। 2. अपनी प्राथमिकता तय करें अमूमन लोग सोचते हैं कि ‘ना’ कहने से रिश्ता टूट जाएगा, लेकिन याद रखें कि खुद की मर्जी के खिलाफ जाकर कुछ करना प्यार नहीं, समझौता है। आपका मानसिक सुकून और आत्म-सम्मान सबसे ऊपर होना चाहिए। जो रिश्ता आपकी सहजता की कीमत मांगे, वह लंबे समय तक खुशी नहीं दे सकता। 3. पार्टनर की प्रतिक्रिया को नोटिस करें ‘ना’ कहने के बाद यह जरूर देखें कि आपके पार्टनर का व्यवहार कैसा है। क्या वह आपकी बात मानकर आपको समय दे रहा है? या फिर नाराज हो रहा है, इमोशनल ब्लैकमेल कर रहा है या नजरअंदाज कर रहा है? उसकी यह प्रतिक्रिया आपको बताएगी कि वो आपसे प्यार करता है या सिर्फ अपनी जरूरतें पूरी करना चाहता है। 4. गिल्ट से पूरी तरह बाहर निकलें कई बार लड़कियां ‘ना’ कहने के बाद खुद को दोषी महसूस करने लगती हैं। उन्हें लगता है कि उन्होंने पार्टनर का दिल दुखाया है। यह समझना जरूरी है कि अपनी बॉडी और लाइफ पर आपका पूरा अधिकार है। ‘ना’ कहना आपका बुनियादी हक है। खुद को यह बताएं कि आपने कोई गलती नहीं की है। ……………… ये खबर भी पढ़िए रिलेशनशिप एडवाइज- कहीं मुझे प्यार तो नहीं हो गया: हमेशा बस उसका ही ख्याल, न देखूं तो बेचैनी, ये प्यार है या सिर्फ अट्रैक्शन आप जीवन के उस पड़ाव पर हैं, जहां भावनाएं बहुत तीव्र होती हैं। इस उम्र में किसी की तरफ अट्रैक्ट होना, हर वक्त उसके बारे में सोचना, बेचैनी होना बहुत स्वाभाविक है। आगे पढ़िए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

शूटिंग रोकी तो मधुबाला को कटघरे तक ले पहुंचे बी.आर.चोपड़ा:प्रिंस ने भारत को समझने के लिए इनकी फिल्म देखी, जवाहरलाल नेहरू ने लिखी चिट्ठी

शूटिंग रोकी तो मधुबाला को कटघरे तक ले पहुंचे बी.आर.चोपड़ा:प्रिंस ने भारत को समझने के लिए इनकी फिल्म देखी, जवाहरलाल नेहरू ने लिखी चिट्ठी

22 अप्रैल 1914 आज से ठीक 112 साल पहले अखण्ड भारत के पंजाब में पीडब्ल्यू डी में सरकारी नौकरी करने वाले विलायती राज चोपड़ा के घर बेटे बलदेव का जन्म हुआ। बलदेव राज चोपड़ा, 6 भाई-बहनों के परिवार में दूसरे नंबर पर थे। पढ़ाई में अव्वल रहने वाले बलदेव के लिए पिता ने बचपन से सोच रखा था कि इसे सरकारी अफसर बनाऊंगा। समय बीता और तैयारी शुरू कर दी गई। पाकिस्तान के लाहौर गवर्नमेंट कॉलेज में इंग्लिश में मास्टर डिग्री लेते हुए उनका इंडियन सिविल सर्विस का फॉर्म भरवाया गया। पिता को उम्मीद थी कि बेटा परीक्षा निकाल लेगा, लेकिन परीक्षा की तारीखों से ठीक पहले बलदेव की तबीयत ऐसी बिगड़ी की पूरी तैयारी में पानी फिर गया। परीक्षा दी, परिणाम आए तो वो फेल हो चुके थे। बलदेव खूब रोए। पिता ने समझाया, कुछ दिनों के लिए लंदन चले जाए, 6 महीनें बाद फिर तारीख है, तब पेपर दे देना। रोते हुए बच्चे ने एक ही जवाब दिया- अब कभी सरकारी नौकरी नहीं करूंगा। सरकारी नौकरी का सपना चूर-चूर हो गया, लेकिन किसे पता था कि वही लड़का एक दिन हिंदी सिनेमा में इतिहास रच देगा। वो फेल होने वाला लड़का था बलदेव राज चोपड़ा, जिसे देश बी.आर.चोपड़ा नाम से जानता है। जिसकी फिल्मों की तारीफ तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू तक किया करते थे। भारत-पाकिस्तान के बंटवारे के दंगों के बीच हिंदी सिनेमा में कदम रखने वाले बी.आर.चोपड़ा ने हमराज, नया दौर, साधना, निकाह, कानून जैसी कई सुपरहिट फिल्में बनाईं। समय से आगे चलने वाली कहानियां और सस्पेंस, किरदारों की कहानियों ने दर्शकों को खूब बांधे रखा और फिर 1988 में उन्होंने टीवी शो महाभारत बनाया, तो भगवान और पौराणिक कथा को घर-घर पहुंचातकर इतिहास ही रच दिया। लोग शो शुरू होने से पहले चप्पल उतारकर, जमीन पर हाथ जोड़े बैठते, तो कुछ टीवी की आरती उतारते। वो शो, जिसके नाम आज भी विश्व रिकॉर्ड है। इस कामयाबी के सफर में बी.आर.चोपड़ा की जिद और स्वाभिमान भी चर्चा में रहा। कभी शूटिंग में खलल पैदा करने वालीं मधुबाला को कठघरे में खड़ा किया, तो कभी गोविंदा जैसे स्टार को ऑफिस से बाहर भगाय दिया। बी.आर. चोपड़ा की आज 112 वीं बर्थ एनिवर्सरी है, इस खास मौके पर पढ़िए, उनके फिल्मों में आने और इतिहास रचने से जुड़े कुछ चुनिंदा किस्से- किस्सा-1, अखबार के लिए लिखते थे, दोस्तों के कहने पर फिल्म बनाई तो हुआ नुकसान कॉलेज के दिनों में बी.आर.चोपड़ा ने कलकत्ता के वैराइटी अखबार के लिए लिखना शुरू कर दिया। उनका पहला आर्टिकल फिल्मों पर था। एक आर्टिकल में फिल्म बनाने वाले कलाकारों को ललकारते हुए उन्होंने लिखा, कुछ अच्छा बनाओ, कहानी डालो, समाज को बताओ की समाज में क्या चल रहा है, क्या दिक्कतें हैं। आर्टिकल कलकत्ता भेजा, लेकिन वो छपा ही नहीं। अगले 3 आर्टिकल भी छपे नहीं। तीसरे हफ्ते उन्हें एक पार्सल मिला, जिसमें वैराइटी अखबार की एक प्रति थी, जिसमें उनके पिछले तीनों आर्टिक्ल थे। इसके साथ एडिटर का एक माफीनामा भी था। लिखने का सिलसिला चल निकला। 1944 में बी.आर.चोपड़ा न्यू स्टार फिल्म प्रोडक्शन कंपनी की सिने हैराल्ड मैगजीन के लिए लिखने लगे। जब आजादी की लड़ाई से तनाव बढ़ने लगा, तो बचने के लिए बी.आर.चोपड़ा जालंधर के पैतृक घर में रहने लगे। वहां 150 लोग और ठहरे हुए थे। एक रोज पिता के कुछ दोस्तों ने उन्हें हिंदी सिनेमा की फिल्मों में पैसे लगाने का सुझाव दिया। 5 दोस्त और जुड़ गए। सभी ने फिल्म करवट बनाई, जो बुरी तरह फ्लॉप हो गई। बी.आर.चोपड़ा की पूरी कमाई खत्म हो गई। किस्सा-2, नुकसान के बाद फिर अखबार में काम करने की अर्जी दी फिल्म प्रोडक्शन में नुकसान होने के बाद बी.आर.चोपड़ा ने तय किया कि अब वो अखबार में काम करेंगे। तब हिंदुस्तान टाइम्स के एडिटर उनके अंकल दुर्गा दास थे। खत लिखा, तो जवाब मिला, बॉम्बे आ जाओ, लेकिन हारकर मत आना। बी.आर.चोपड़ा सोच में थे कि क्या किया जाए, वो पैरिसियन कैफे में चाय पीने गए। चाय पी ही रहे थे कि आवाज आई- अरे चोपड़ा साहब क्या कर रहे हैं। उन्होंने थकी सी आवाज में कहा- चाय पी रहे हैं। उस शख्स ने फिर कहा- क्या कर रहा है तू। इस पर बी.आर.चोपड़ा ने गुस्से में कहा- कर ही क्या सकता हूं, न पैसा है न ढेला है, न अनुभव है। कहां से करूं कुछ। इस पर उस शख्स ने कहा- एक काम कर, कुछ तो कर। स्टोरी ले ले कम से कम। वो शख्स थे, आई.एस.जौहर। उस दौर के जाने-माने एक्टर और कॉमेडियन। उस स्टोरी पर बी.आर.चोपड़ा ने लाहौर में फिल्म चांदनी चौक बनाना शुरू किया। शूटिंग शुरू हुई ही थी कि बंटवारे में दंगे ऐसे भड़के की शूटिंग बंद करनी पड़ी। वो बॉम्बे जाकर बसे, जहां दोस्तों की सलाह पर उन्होंने दोबारा फिल्ममेकिंग शुरू की। दो नाकामी के बाद 1951 की उनकी बतौर डायरेक्टर फिल्म अफसाना चल निकली। इस फिल्म में अशोक कुमार ने डबल रोल निभाया। कहा जाता है कि डबल रोल का ट्रेंड यही फिल्म लाई थी। ये फिल्म पहले दिलीप कुमार को ऑफर हुई थी, लेकिन उन्होंने ये कहते हुए इनकार कर दिया कि वो जज के रोल में फिट नहीं बैठेंगे। आगे बी.आर.चोपड़ा ने हमराज, कानून जैसी कई हिट फिल्में बनाईं। किस्सा-3, संजीव कुमार ने ठंडे-ठंडे पानी से गाने में वजन घटाने का वादा कर वजन बढ़ाया साल 1978 में बी.आर.चोपड़ा ने फिल्म पति पत्नी और वो बनाई, जिसमें संजीव कुमार लीड रोल में थे। फिल्म का गाना ठंडे-ठंडे पानी में के लिए संजीव कुमार को शर्टलेस होकर बच्चे के साथ बैठकर नहाना था। बिना कपड़ो के बैठने में संजीव कुमार का पेट काफी दिख रहा था। उन्होंने शूटिंग शुरू होने के बाद बी.आर.चोपड़ा से कहा, देखिए, मेरा पेट बहुत निकल गया है, क्यों न हम इस गाने की शूटिंग आखिर में करें। तब तक मैं वजन घटा लूंगा। बी.आर.चोपड़ा उनकी जिद पर मान गए। अगले ही दिन से संजीव कुमार ने डाइटिंग शुरू कर दी। अगले दिन सेट पर उनके लिए खाने में सिर्फ सलाद और सूप आया। उन्होंने खाना खाया और बी.आर.चोपड़ा से कहा- चोपड़ा अब मैं थोड़ी देर सो जाता हूं। थोड़ी देर बाद चोपड़ा साहब का लंच आया। जैसे ही वो खोला गया, तो उसमें फिश करी और