Sunday, 06 Sep 2026 | 07:31 PM

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SC: Hindu Sects Open Doors Or Face Loss

SC: Hindu Sects Open Doors Or Face Loss

नई दिल्लीकुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक सबरीमाला मंदिर में 10 से 50 साल की महिलाओं की एंट्री को लेकर SC में सुनवाई चल रही है। केरलम के सबरीमाला मंदिर सहित धार्मिक स्थलों में महिलाओं के साथ होने वाले भेदभाव से जुड़ी याचिकाओं पर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो रही है। सुनवाई के दौरान जस्टिस बी.वी. नागरत्ना ने कहा कि वॉट्सएप यूनिवर्सिटी से मिली जानकारी को स्वीकार नहीं किया जा सकता। जस्टिस नागरत्ना ने यह टिप्पणी दाउदी बोहरा समुदाय की ओर से पेश हुए सीनियर एडवोकेट नीरज किशन कौल की दलील के जवाब में की थी। कौल ने कहा था कि ज्ञान और समझ, चाहे वह किसी भी सोर्स से मिली हो, उसे स्वीकार करने में कोई बुराई नहीं है। कौल एक अखबार में कांग्रेस सांसद डॉ. शशि थरूर के लिखे लेख का हवाला दे रहे थे, जिसमें धार्मिक मामलों में न्यायिक संयम बरतने की बात कही गई है। CJI सूर्यकांत ने कहा, हम सभी प्रतिष्ठित व्यक्तियों, विधिवेत्ताओं आदि का सम्मान करते हैं, लेकिन निजी राय निजी राय ही होती है। इसके पहले कोर्ट ने बुधवार को कहा कि किसी धार्मिक प्रथा को जरूरी (एसेन्शियल) या गैर-जरूरी घोषित करना कोर्ट के लिए मुश्किल है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली नौ जजों की संविधान बेंच ने कहा कि संविधान में ‘एसेन्शियल’ शब्द का जिक्र नहीं है। 7 सवाल, जिनपर सुप्रीम कोर्ट में बहस हो रही 22 अप्रैल: सुनवाई के दौरान 5 मुख्य टिप्पणियां जस्टिस बीवी नागरत्ना ने कहा कि मंदिरों को अलग-अलग संप्रदाय के नाम पर बंद नहीं किया जा सकता। उन्होंने साफ कहा कि “हिंदू समाज को एक होना चाहिए” और अगर मंदिर दूसरों के लिए नहीं खुलेंगे तो खुद उस संप्रदाय को नुकसान होगा। सीनियर वकील राकेश द्विवेदी ने कहा कि धार्मिक संप्रदाय एक “बंद और अनुशासित समूह” होता है, जिसे अपने नियम तय करने का अधिकार है। उन्होंने दलील दी कि पूजा कैसे, कब और किस तरह होगी। यह तय करने का हक श्रद्धालुओं और संप्रदाय के पास होना चाहिए। CJI सूर्यकांत ने कहा कि यह तय करना बेहद कठिन है कि कौन-सी धार्मिक प्रथा जरूरी है और कौन-सी नहीं। उन्होंने माना कि हर प्रथा किसी न किसी रूप में धर्म से जुड़ी होती है, इसलिए कोर्ट के लिए इसकी सीमा तय करना आसान नहीं है। सीनियर वकील सीए सुंदरम ने कहा कि संविधान के तहत “क्लास” में जेंडर शामिल नहीं है। उन्होंने दलील दी कि पूजा स्थलों में महिलाओं की एंट्री का सवाल सीधे इस प्रावधान से नहीं जुड़ता, और इसे बराबरी के अधिकार के तहत अलग तरीके से देखना होगा। सीनियर वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि धर्म की स्वतंत्रता पूरी तरह निरंकुश नहीं है। यह सार्वजनिक व्यवस्था, नैतिकता और स्वास्थ्य जैसी शर्तों के अधीन है। यानी धार्मिक अधिकार भी कुछ संवैधानिक सीमाओं के भीतर ही लागू होते हैं। सबरीमाला मामले पर 7 अप्रैल से शुरू हुई सुनवाई सबरीमाला मंदिर मामले पर 7 अप्रैल से सुनवाई शुरू हुई है। पहले 3 दिन, 9 अप्रैल तक सुनवाई हुई। इस दौरान केंद्र सरकार ने महिलाओं की एंट्री के विरोध में दलीलें रखीं। सरकार ने कहा था कि देश के कई देवी मंदिरों में पुरुषों की एंट्री भी बैन है, इसलिए धार्मिक परंपराओं का सम्मान किया जाना चाहिए। पिछले 7 दिन की सुनवाई में क्या हुआ, पढ़िए… 7 अप्रैल : केंद्र की दलील- मंदिर में महिलाओं की एंट्री का फैसला गलत 8 अप्रैल- जो भक्त नहीं, वो धार्मिक परंपरा को चुनौती कैसे दे रहा 9 अप्रैल- सुप्रीम कोर्ट बोला- मंदिरों में एंट्री रोकने से समाज बंटेगा 15 अप्रैल- सबरीमाला मैनेजमेंट बोला- अयप्पा मंदिर रेस्टोरेंट नहीं, यहां ब्रह्मचारी देवता 17 अप्रैल- SC बोला- संविधान सबसे ऊपर, निजी धार्मिक मान्यताओं से उठकर फैसला जरूरी 21 अप्रैल- सुप्रीम कोर्ट ने पूछा-छूने से देवता अपवित्र कैसे होते हैं 22 अप्रैल- सुप्रीम कोर्ट बोला- हिंदू एकजुट रहें, संप्रदायों में बंटे नहीं सबरीमाला मंदिर में महिलाओं की एंट्री विवाद की टाइम लाइन सुप्रीम कोर्ट के 9 जजों की बेंच सुनवाई कर रही लाइव अपडेट्स 9 मिनट पहले कॉपी लिंक संवैधानिक नैतिकता एक फ्लैक्सिबल विचार जस्टिस अमानुल्लाह: आगे बढ़ने से पहले, क्या आप हमारी इस बात में मदद कर सकते हैं कि इस संदर्भ में नैतिकता शब्द में संवैधानिक नैतिकता भी शामिल है या नहीं? संवैधानिक नैतिकता एक फ्लैक्सिबल विचार हो सकता है। नैतिकता अपने आप में शायद ज्यादा स्थिर हो, लेकिन संवैधानिक नैतिकता संदर्भ के हिसाब से बदल भी सकती है। भले ही कोई अनुच्छेद 25 और 26 में संवैधानिक नैतिकता को शामिल करके देखे। तो क्या इसका भी नतीजा आखिरकार वही नहीं निकलेगा कि इसे एक खास तरीके से ही समझा जाना चाहिए? 19 मिनट पहले कॉपी लिंक सार्वजनिक व्यवस्था में धार्मिक संप्रदाय का अधिकार हमेशा सबसे ऊपर नहीं जस्टिस नागरत्ना: जब किसी कानून को सार्वजनिक व्यवस्था, नैतिकता और स्वास्थ्य की कसौटी पर परखा जाता है, और उसे आर्टिकल 25(2)(b) के तहत बनाया जाता है, तो यह नहीं कहा जा सकता कि किसी धार्मिक संप्रदाय का अधिकार हमेशा सबसे ऊपर रहेगा। वे अधिकार खुद भी सार्वजनिक व्यवस्था, नैतिकता और स्वास्थ्य के अधीन होते हैं। यही बात सामाजिक सुधार या सामाजिक कल्याण से जुड़े कानूनों का आधार बन सकती है। 41 मिनट पहले कॉपी लिंक धार्मिक संप्रदाय के अधिकार के लिए एक मजबूत ‘सामूहिक पहचान’ का होना पूर्व-शर्त है एडवोकेट कौल: किसी धार्मिक संप्रदाय के अधिकार के लिए एक मजबूत ‘सामूहिक पहचान’ का होना पूर्व-शर्त है। इसका अर्थ है धार्मिक प्रथाओं से कुछ व्यक्तियों या रीतियों को बाहर रखने का अधिकार। धर्म की शक्ति को बनाए रखने और यह सुनिश्चित करने के लिए कि धर्म अपनी पहचान न खो दे, यह जरूरी भी है। यदि अनुच्छेद 25 के तहत व्यक्तिगत दावे नियमित रूप से अनुच्छेद 26 पर हावी होने लगें, तो संप्रदाय की स्वायत्तता का मूल तत्व ही खोखला हो जाएगा, जिससे अनुच्छेद 26 के पीछे का संवैधानिक उद्देश्य ही विफल हो जाएगा। एडवोकेट कौल- ‘देवरू’ मामला यह नहीं कहता कि अनुच्छेद 26(b) अनुच्छेद 25(2)(b) के अधीन है। यह बात केवल मंदिरों में प्रवेश के खास संदर्भ में कही गई है। देवरू केस में भी यह नहीं कहा गया है कि एक प्रावधान दूसरे के अधीन है। 07:17 AM23 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक हर धार्मिक प्रथा को जरूरी नहीं माना जा

मच में महावीर जिनालय प वार्षिक ध्वजारोहण:स्वर्ण जड़ित रथ में विराजे भगवान, बैंडृ-बाजों के साथ निकली शोभायात्रा

मच में महावीर जिनालय प वार्षिक ध्वजारोहण:स्वर्ण जड़ित रथ में विराजे भगवान, बैंडृ-बाजों के साथ निकली शोभायात्रा

नीमच में श्री आदिनाथ जिनालय एवं जिन कुशल सूरी खरतरगछ ट्रस्ट द्वारा आयोजित आठ दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव जारी है। इसी क्रम में आज विकास नगर स्थित महावीर जिनालय पर वार्षिक ध्वजा चढ़ाई गई। इसके बाद दीक्षार्थियों का भव्य वरघोड़ा (शोभायात्रा) निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में जैन समाज के लोग शामिल हुए। सुबह 7 बजे से ही विकास नगर स्थित महावीर जिनालय पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई थी। विधि-विधान से ध्वजारोहण के बाद वरघोड़ा प्रारंभ हुआ। शोभायात्रा में सबसे आगे हाथी, घोड़े और बैंड-बाजे चल रहे थे। चांदी और स्वर्ण जड़ित रथ में भगवान महावीर स्वामी विराजमान थे, जबकि दो दीक्षार्थी जोड़े सुसज्जित बग्गी में सवार थे। समाजजनों ने जगह-जगह दीक्षार्थियों का अक्षत और फूलों से स्वागत किया। ढोल-धमाकों की थाप पर महिलाएं और युवक नृत्य करते हुए चल रहे थे। यह वरघोड़ा विकास नगर से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होता हुआ ग्वालटोली स्थित नवनिर्मित दादाबाड़ी धाम पहुंचा। पूरे मार्ग में ‘गुरुदेव के जयकारे’ और ‘दीक्षार्थियों का संयम अमर रहे’ के नारे गूंजते रहे। इस दौरान बड़ी संख्या में जैन संत और महासतीजी भी उपस्थित रहे, जिनके सानिध्य में समाजजनों ने धर्म लाभ लिया। नवनिर्मित आदिनाथ जिनालय की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर समाज के हर वर्ग में उत्साह देखा जा रहा है। आठ दिवसीय इस महोत्सव में प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जा रहे हैं।

ट्रम्प के डीलमेकर जम्पोली चर्चा में:20 मिनट में 20 अरब डॉलर के सौदे; मेलानिया से इन्होंने ही मिलवाया, बोइंग से डील करा जीता भरोसा

ट्रम्प के डीलमेकर जम्पोली चर्चा में:20 मिनट में 20 अरब डॉलर के सौदे; मेलानिया से इन्होंने ही मिलवाया, बोइंग से डील करा जीता भरोसा

‘20 मिनट में 20 अरब डॉलर’ की डील यह दावा है अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के खास दूत पाओलो जम्पोली (56) का। हाल ही में वे उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के साथ हंगरी में परमाणु ऊर्जा की डील में शामिल होकर सुर्खियों में आए हैं। ट्रम्प के लिए ‘डील मशीन’ कहे जाने वाले जम्पोली के काम का तरीका कूटनीति के पुराने ढर्रों से बिल्कुल अलग है। जम्पोली-ट्रम्प का रिश्ता 90 के दशक में न्यूयॉर्क की हाई-सोसाइटी से शुरू हुआ। तब ट्रम्प सफल कारोबारी थे, लेकिन बड़े अमीरों तक उनकी पहुंच सीमित थी। जम्पोली ने अपनी मॉडलिंग एजेंसी ‘आईडी मॉडल्स’ के जरिए ट्रम्प की पार्टियों में टॉप मॉडल्स और यूरोपियन अमीरों की एंट्री करवाई, जिससे उनकी इमेज ‘ग्लोबल ब्रैंड’ बनी और भरोसे का रिश्ता तैयार हुआ। इटली के कारोबारी परिवार से आए जम्पोली 1998 में न्यूयॉर्क पहुंचे और यहीं एजेंसी खड़ी की। इसी दौरान एक फैशन पार्टी में उन्होंने ट्रम्प की मुलाकात स्लोवेनियाई मॉडल मेलानिया से करवाई, जो बाद में उनकी पत्नी बनीं। आगे चलकर वे ‘ट्रम्प ऑर्गनाइजेशन’ में इंटरनेशनल डेवलपमेंट डायरेक्टर बने और कई प्रॉपर्टी डील्स में भूमिका निभाई। ट्रम्प शासन आने के बाद सितंबर 2025 में उज्बेकिस्तान दौरे पर, जब 37,164 करोड़ रु. के विमानों का प्रस्ताव आया, तो उन्होंने इसे ‘छोटा सौदा’ कहकर ठुकरा दिया और सीधे 4.64 लाख करोड़ की मांग रख दी। जम्पोली का दावा है कि कुछ मिनटों में डील 1.86 लाख करोड़ पर पहुंच गई। हालांकि बाद में ट्रम्प प्रशासन ने 74 हजार करोड़ में खरीद का ऐलान किया, जिसमें आगे और विकल्प भी जोड़े गए। जम्पोली कूटनीति में काफी सक्रिय हैं। 2013 में डोमिनिका के लिए यूएन में राजदूत रहे, 2025 में इटली के अनौपचारिक दूत बने। अभी बतौर विशेष दूत वे कई देश जाकर अमेरिकी हितों के सौदे कराते हैं। वे साफ कहते हैं कि राष्ट्रपति को खुश करना है तो बोइंग जैसे अमेरिकी प्रोडक्ट खरीदो। हाल में रोमानिया में ‘डोनाल्ड जे ट्रम्प पार्क’ की डील भी इसी पहुंच से कराई। सीधा, लेन-देन पर आधारित तरीका उन्हें ट्रम्प का खास बनाता है। एयरपोर्ट कर्मियों को ट्रक भरकर खिलौने देते थे जम्पोली 90 के दशक में इटली में जम्पोली की कंपनी खिलौने बनाती थी। वहां मिलान एयरपोर्ट पर वे वीआईपी मेहमानों की बिना रोक-टोक एंट्री के लिए सुरक्षा अधिकारियों को खिलौनों से भरे ट्रक गिफ्ट करते थे यहीं से उन्होंने सिस्टम को अपने पक्ष में मोड़ने की कला सीखी। जो आज उन्हें ट्रम्प की ‘ग्लोबल डील मशीन’ का सबसे भरोसेमंद चेहरा बनाती है।

ग्रीष्मकालीन विशेष: क्या आप भी शुगर से जुड़े हैं? नाश्ते में शामिल करें ये 5 चीजें

ग्रीष्मकालीन विशेष

23 अप्रैल 2026 को 12:34 IST पर अद्यतन किया गया ग्रीष्म ऋतु विशेष: बढ़ती गर्मी से बेरोजगारी के लिए परेशानी का कारण बन सकती है। क्योंकि डायहाइड्रेशन और हीट ब्लड शुगर लेवल प्रभावित होता है। एक सही ब्रेकास्ट न केवल आपको पर्यावरणीय ऊर्जावान बनाए रखता है, बल्कि ग्लूकोज लेवल को भी स्थिर बनाए रखता है। यहां 5 ऐसी चीजें हैं जिनमें आपको अपनी बात जरूर शामिल करनी चाहिए। आइए जानते हैं। अनुसरण करना : मूंग दाल और बेसन दोनों का ग्लाइसेमिक घटक (जीआई) कम होता है। प्रचुर मात्रा में नारियल रहता है, जो धीरे-धीरे शुगर रिलीज करता है। इसे पुदीने की चटनी के साथ खाने से पेट ठंडा होता है। छवि: फ्रीपिक ओट्स में बीटा-ग्लूकोन होता है जो टेस्ला में सबसे अच्छा काम करता है। इनसाइडर से मैस लाइब्रेरी डबल हो जाती है। इससे लंबे समय तक भूख कम नहीं लगती। छवि: फ्रीपिक जौ की तासीर अनमोल होती है, जो गर्मी में शुगर की खपत के लिए सबसे अच्छी होती है। यह मेटाबॉलिज़्म को स्थिरांक और वजन में मदद करता है। इसमें मौजूद सॉल्युबल बड़ शुगर स्पाइक्स का आगमन हुआ है। छवि: फ्रीपिक इलिनोइस मूंग या चीनी प्रोटीन का उत्कृष्ट स्रोत जो पेट के लिए बहुत प्रभाव पड़ता है। इसमें खेडा, टमाटर और नींबू मिलाकर इसे ताज़ा करें। कच्चे या पाइप स्टीम खाने से पोषक तत्त्व बने रहते हैं। छवि: फ्रीपिक सत्तू का नारियल मसाला (नमक, जीरा, पुदीना) शर्करा नियंत्रण है। यह शरीर को तुरंत हाइड्रेशन देता है और लू से सीखता है। इसमें जीरो चॉकलेट और हाई प्रोटीन होता है। छवि: फ्रीपिक द्वारा प्रकाशित : आर्या पांडे प्रकाशित 23 अप्रैल 2026 12:34 IST

बीकाजी के CMD शिवरतन अग्रवाल का हार्ट अटैक से निधन:चेन्नई में ली अंतिम सांस, पत्नी के ऑपरेशन के लिए परिवार के साथ गए थे

बीकाजी के CMD शिवरतन अग्रवाल का हार्ट अटैक से निधन:चेन्नई में ली अंतिम सांस, पत्नी के ऑपरेशन के लिए परिवार के साथ गए थे

बीकाजी के सीएमडी शिवरतन अग्रवाल (74) का गुरुवार सुबह चेन्नई में निधन हो गया। वे अपनी पत्नी के ऑपरेशन के सिलसिले में चेन्नई में थे। गुरुवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। जानकारी के अनुसार, उनकी पत्नी का हाल ही में हार्ट बायपास का ऑपरेशन हुआ था। डॉक्टरों ने उन्हें आराम की सलाह दी थी। इसी कारण शिवरतन अग्रवाल परिवार सहित वहां के एक होटल में ठहरे हुए थे। बीकानेर के सार्दुलगंज के रहने वाले शिवरतन 10 दिन पहले परिवार के साथ चेन्नई गए थे। सुबह असहज महसूस कर रहे थे गुरुवार सुबह करीब साढ़े सात बजे शिवरतन अग्रवाल कुछ असहज महसूस कर रहे थे। हालत बिगड़ने पर उन्हें प्राइवेट हॉस्पिटल ले जाया गया था। जहां उनका निधन हो गया। शिवरतन अग्रवाल ने साल 1993 में बीकानेर में बीकाजी ब्रांड की स्थापना की थी। छोटे स्तर से शुरू हुआ यह कारोबार आज एक बड़े फूड ब्रांड के रूप में स्थापित है। बीकानेर से साल 1986 में हुई थी शुरुआत बिजनेस के बंटवारे के बाद शिव रतन अग्रवाल ने अपने खानदानी बिजनेस ‘हल्दी राम’ से अलग होकर खुद का बिजनेस शुरू करने के बारे में सोचा। अपनी अलग पहचान बनाने की जिद के साथ शिव रतन अग्रवाल बीकानेर पहुंच गए। यहां उन्होंने ‘शिवदीप फूड्स प्रोड्क्ट्स’ के नाम से भुजिया बनाने का बिजनेस शुरू किया। इसके साथ ही भारतीय स्नैक मार्केट की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक बीकाजी ब्रांड की शुरुआत हुई। एक यूनीक पहचान बनाने के लिए नाम रखा बीकाजी शिव रतन चाहते थे कि असली भारतीय टेस्ट को पूरी दुनिया में पहचान मिले। उन्हें लगा कि ब्रांड का नाम ऐसा हो जो सभी को आसानी से याद हो जाए और एक यूनीक पहचान भी दे। यह नाम बीकानेर शहर के संस्थापक राव बीका के नाम पर है। बीकानेर शहर का नाम भी राव बीका के नाम पर ही रखा गया था। 8वीं पास शिव रतन ने क्रिएटिव विजन से बनाया ब्रांड शिव रतन अग्रवाल ने केवल 8वीं तक पढ़ाई की है। उन्होंने अपने क्रिएटिव विजन से बीकाजी को एक ब्रांड बनाया। जब वे अपने बिजनेस की शुरुआत कर रहे थे तो उन्होंने कई देशों की यात्रा की। दरअसल, उस समय तक भुजिया केवल हाथों से ही बनाई जाती थी। किसी ने सोचा भी नहीं था कि इस इंडियन स्नैक को मशीनों से भी बनाया जा सकता है। मगर शिव रतन ने मशीन से भुजिया बनाने का सेट-अप बनाया। बीकाजी भारत का पहला ऐसा ब्रांड बना जिसने मशीन से भुजिया बनाई। इससे बीकाजी की प्रोडक्टिविटी और क्वालिटी दोनों बढ़ी। बीकाजी के प्रोडक्ट्स की मेकिंग से लेकर पैकिंग तक हर काम मशीन से होने लगा। बीकाजी आज इंटरनेशनल ब्रांड है इसलिए प्रोडक्ट्स में सभी पैरामीटर्स का ध्यान रखा जाता है।

धार में महिला से छेड़छाड़, आरोपी ने ब्लाउज फाड़ा:मुंह दबाकर चुप कराने की कोशिश की, शोर मचाने पर भागा

धार में महिला से छेड़छाड़, आरोपी ने ब्लाउज फाड़ा:मुंह दबाकर चुप कराने की कोशिश की, शोर मचाने पर भागा

धार के कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम दिलावरा में खेत में सो रही एक महिला से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। यह घटना 21 अप्रैल को हुई थी। पीड़िता ने गुरुवार को कोतवाली थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई।जानकारी के अनुसार, आरोपी चुपचाप महिला के पास पहुंचा। आहट होने पर जब महिला ने विरोध किया, तो आरोपी ने उसकी छाती पर हाथ लगाया और ब्लाउज फाड़ दिया। महिला के विरोध करने और शोर मचाने पर आरोपी ने उसका मुंह दबाकर चुप कराने की कोशिश की। हालांकि, महिला ने हिम्मत दिखाते हुए संघर्ष किया, जिसके बाद आरोपी मौके से भाग निकला। पीड़िता के पास आने-जाने का साधन न होने के कारण उसने घटना के कुछ दिन बाद गुरुवार को थाने पहुंचकर पूरी जानकारी दी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 75(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। घटना के बाद से आरोपी फरार है। कोतवाली थाना पुलिस की टीम उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है और आसपास के क्षेत्रों में भी तलाशी अभियान चला रही है। पुलिस ने बताया कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

CBSE 10th Session 2 Exam Date Sheet 2026

CBSE 10th Session 2 Exam Date Sheet 2026

Hindi News Career CBSE 10th Session 2 Exam Date Sheet 2026 | Absent Students Barred From May 15 7 मिनट पहले कॉपी लिंक केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने दूसरे सत्र की परीक्षा के लिए डेटशीट जारी कर दी है। CBSE द्वारा जारी की गई डेटशीट के अनुसार, CBSE कक्षा 10वीं की सेकेंड सेशन की परीक्षा 15 मई से शुरू होगी जो 21 मई 2026 तक आयोजित की जाएगी। सेकेंड बोर्ड एग्जाम कौन दे सकता है मार्क्स सुधार वे स्टूडेंट जो 10वीं सेशन 1 एग्जाम में शामिल थे और अधिकतम 3 विषयों (साइंस, मैथमेटिक्स, सोशल साइंस और लैंग्वेज सहित) में मार्क्स सुधारना चाहते हैं। कंपार्टमेंट छात्र जिन्हें पहले फेज में ‘कंपार्टमेंट’ मिला है या जो 2025 के कंपार्टमेंट कैटेगरी में थे। विशेष छूट बोर्ड द्वारा अनुमति प्राप्त स्पोर्ट्स छात्र और प्रथम/तृतीय अवसर वाले कंपार्टमेंट छात्र भी सेशन 2 परीक्षा दे सकते हैं। कौन नहीं दे सकता एग्जाम वे छात्र जो पहले सेशल में तीन या अधिक विषयों में अनुपस्थित थे, ये एग्जाम नहीं दे सकते हैं। 15 अप्रैल को आया था सेशन 1 का रिजल्ट इससे पहले सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन यानी CBSE ने 10वीं सेशन 1 का रिजल्ट 15 अप्रैल 2026 को जारी किया था। एग्जाम में लड़कियों का पासिंग परसेंटेज 94.99% रहा, जबकि लड़कों का पासिंग परेसेंटेज 92.95% रहा। ट्रांसजेंडर छात्रों ने भी इस बार 91.30% रिजल्‍ट के साथ शानदार प्रदर्शन किया। 99.75% के साथ त्रिवेंद्रम रीजन का रिजल्ट बेस्ट रहा। मेरिट लिस्‍ट नहीं होगी जारी CBSE बोर्ड मेरिट लिस्‍ट जारी नहीं करता है। इसके अलावा रिजल्‍ट में कोई टॉपर भी घोषित नहीं किया जाता है। बोर्ड सभी स्‍कूलों और शैक्षणिक संस्‍थानों को ये निर्देश भी देता है कि किसी भी बच्‍चे को स्‍कूल या जिले का टॉपर घोषित न करें। इस साल सीबीएसई 10वीं बोर्ड सेशन – 2 में लगभग 25 लाख स्टूडेंट्स शामिल हुए थे। नए टू बोर्ड सिस्टम के तहत हुई एग्जाम इस साल सीबीएसई ने कक्षा 10वीं की एग्जाम नए टू बोर्ड सिस्टम के तहत आयोजित की है। पहला बोर्ड एग्जाम (अनिवार्य) : 17 फरवरी से 11 मार्च 2026 को हुआ था। 33% पासिंग मार्क्स जरूरी सीबीएसई 10वीं सेशन – 1 की परीक्षाओं में पास होने के लिए, थ्योरी और इंटरनल असेसमेंट दोनों में न्यूनतम 33% अंक लाना जरूरी है। इस साल 10वीं बोर्ड सेशन – 1 एग्जाम देश के 8 हजार से ज्यादा एग्जाम सेंटर पर आयोजित की गई थी। CBSE के 2 बार एग्जाम के फैसले को 8 सवाल-जवाब में जानें… सवाल: दो बार एग्‍जाम होने का नियम कब से लागू होगा। जवाब: ये नियम 2025-26 सेशन से लागू होगा। इसका मतलब है कि साल 2026 में बोर्ड एग्‍जाम 2 बार आयोजित होंगे। सवाल: क्‍या दोनों बार एग्‍जाम देना जरूरी होगा। जवाब: नहीं। स्टूडेंट्स के पास 3 ऑप्शन होंगे- 1. साल में एक बार परीक्षा दें। 2. दोनों परीक्षाओं में शामिल हों। 3. किसी सब्जेक्ट में अच्छा परफॉर्म न कर पाने पर, दूसरी परीक्षा में उस विषय का दोबारा एग्‍जाम दें। सवाल: अगर एग्‍जाम 2 बार दिए हैं, तो रिजल्‍ट कैसे तय होगा। जवाब: जो स्‍टूडेंट्स दोनों बार बोर्ड एग्‍जाम में शामिल होंगे, उनका वो रिजल्‍ट फाइनल माना जाएगा, जो बेहतर होगा। यानी अगर दूसरी बार एग्‍जाम देने पर नंबर घट जाएंगे, तो पहली परीक्षा के नंबर ही फाइनल माने जाएंगे। सवाल: क्‍या दोनों परीक्षाओं में आधा-आधा सिलेबस पूछा जाएगा। जवाब: नहीं। दोनों परीक्षाएं पूरे सिलेबस पर आधारित होंगी। एग्‍जाम का फॉर्मेट भी दोनों परीक्षाओं में एक जैसा ही होगा। सवाल: क्‍या दो एग्‍जाम्स के बाद सप्‍लीमेंट्री एग्‍जाम भी देने का मौका मिलेगा। जवाब: नहीं। 10वीं के लिए सप्‍लीमेंट्री एग्‍जाम अब खत्‍म कर दिया जाएगा। सवाल: क्‍या दोनों बार बोर्ड परीक्षाओं के लिए अलग-अलग एग्‍जाम सेंटर मिलेगा। जवाब: नहीं। दोनों परीक्षाओं के लिए एग्‍जाम सेंटर एक ही रहेगा। सवाल: क्‍या दोनों परीक्षाओं के लिए रजिस्‍ट्रेशन अलग-अलग करना होगा? फीस भी 2 बार लगेगी। जवाब: नहीं। दोनों परीक्षाओं के लिए रजिस्‍ट्रेशन एक ही बार करना होगा। हालांकि, दो बार परीक्षा देने का ऑप्‍शन चुनने पर फीस एक साथ ली जाएगी। सवाल: क्‍या प्रैक्टिकल एग्‍जाम भी 2 बार होंगे। जवाब: नहीं। प्रैक्टिकल और इंटरनल एग्‍जाम एक ही बार होंगे। ये पहले की तरह दिसंबर-जनवरी में आयोजित किए जाएंगे। सरकारी नौकरी की ये खबरें भी पढ़ें SBI में 105 वैकेंसी; पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया में 660 ओपनिंग्स, यूपी में 209 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी आज की सरकारी नौकरी में जानकारी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में 105 वैकेंसी, पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया में 660 पदों पर भर्ती की। साथ ही हवलदार प्रशिक्षक मुख्य परीक्षा का नोटिफिकेशन जारी होने की। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Govt Denies Petrol-Diesel Price Hike; Kotak Report Claims Post-Poll Rise

Govt Denies Petrol-Diesel Price Hike; Kotak Report Claims Post-Poll Rise

Hindi News Business Govt Denies Petrol Diesel Price Hike; Kotak Report Claims Post Poll Rise नई दिल्ली17 मिनट पहले कॉपी लिंक पेट्रोल-डीजल की कीमतों में ₹25-28 प्रति लीटर बढ़ोतरी की खबरों को सरकार ने गलत बताया है। आज यानी 23 अप्रैल को पेट्रोलियम मिनिस्ट्री ने कहा कि दाम बढ़ाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। ये खबरें भ्रामक हैं और डर फैलाने के लिए फैलाई जा रही हैं। एक दिन पहले कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने रिपोर्ट में अनुमान लगाया था कि बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के खत्म होने के बाद पेट्रोल-डीजल महंगा हो सकता है। यह अनुमान क्रूड ऑयल की कीमत करीब 120 डॉलर प्रति बैरल पर आधारित था। तेल कंपनियों को हर महीने ₹27,000 करोड़ का घाटा CNBC-TV18 की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकारी तेल कंपनियां हर महीने करीब 27,000 करोड़ रुपए का नुकसान झेल रही हैं। कच्चे तेल की खरीद और पेट्रोल-डीजल की बिक्री के बीच बढ़ते अंतर के कारण कंपनियों के लिए मौजूदा कीमतों को बनाए रखना मुश्किल हो गया है। भारत में पिछले 4 साल से नहीं बढ़े दाम सरकारी बयान में इस बात पर जोर दिया गया है कि भारत दुनिया का एकमात्र ऐसा बड़ा देश है, जहां पिछले 4 साल में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी नहीं हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत में घरेलू कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। अगर बढ़ोतरी होती तो क्या होता? पेट्रोल शहर अभी पेट्रोल (₹) ₹25 बढ़ने पर ₹28 बढ़ने पर नई दिल्ली 94.77 119.77 122.77 मुंबई 103.50 128.50 131.50 चेन्नई 100.80 125.80 128.80 कोलकाता 105.41 130.41 133.41 बेंगलुरु 102.92 127.92 130.92 हैदराबाद 107.46 132.46 135.46 डीजल शहर अभी डीजल (₹) ₹25 बढ़ने पर ₹28 बढ़ने पर नई दिल्ली 87.67 112.67 115.67 मुंबई 90.03 115.03 118.03 चेन्नई 92.39 117.39 120.39 कोलकाता 92.02 117.02 120.02 बेंगलुरु 90.99 115.99 118.99 हैदराबाद 95.70 120.70 123.70 आम जनता की जेब पर सीधा असर ईंधन महंगा होने का असर सिर्फ पेट्रोल पंप तक सीमित नहीं रहता। अगर दाम बढ़ेंगे तो माल ढुलाई महंगी होगी। इससे फल, सब्जी और रोजमर्रा की चीजों के दाम भी बढ़ जाएंगे। ऑटो सेक्टर और ग्रामीण बाजारों में डिमांड पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ सकता है। अमेरिका-ईरान के बीच तनाव से बढ़ा क्रूड ऑयल ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी की मुख्य वजह अमेरिका-ईरान के बीच जारी तनाव है। तनाव की वजह से ईरान ने ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ जैसे प्रमुख तेल रूट को बंद कर दिया है। इससे सप्लाई कम हो गई है। मार्च और अप्रैल में भारत का कच्चे तेल का आयात 13-15% गिरा है, फिर भी आयात बिल में रोजाना करीब 1800 से 2000 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी हुई है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Govt Denies Petrol-Diesel Price Hike; Kotak Report Claims Post-Poll Rise

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Hindi News Business Govt Denies Petrol Diesel Price Hike; Kotak Report Claims Post Poll Rise नई दिल्ली40 मिनट पहले कॉपी लिंक पेट्रोल-डीजल की कीमतों में ₹25-28 प्रति लीटर बढ़ोतरी की खबरों को सरकार ने गलत बताया है। आज यानी 23 अप्रैल को पेट्रोलियम मिनिस्ट्री ने कहा कि दाम बढ़ाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। ये खबरें भ्रामक हैं और डर फैलाने के लिए फैलाई जा रही हैं। एक दिन पहले कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने रिपोर्ट में अनुमान लगाया था कि बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के खत्म होने के बाद पेट्रोल-डीजल महंगा हो सकता है। यह अनुमान क्रूड ऑयल की कीमत करीब 120 डॉलर प्रति बैरल पर आधारित था। तेल कंपनियों को हर महीने ₹27,000 करोड़ का घाटा CNBC-TV18 की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकारी तेल कंपनियां हर महीने करीब 27,000 करोड़ रुपए का नुकसान झेल रही हैं। कच्चे तेल की खरीद और पेट्रोल-डीजल की बिक्री के बीच बढ़ते अंतर के कारण कंपनियों के लिए मौजूदा कीमतों को बनाए रखना मुश्किल हो गया है। भारत में पिछले 4 साल से नहीं बढ़े दाम सरकारी बयान में इस बात पर जोर दिया गया है कि भारत दुनिया का एकमात्र ऐसा बड़ा देश है, जहां पिछले 4 साल में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी नहीं हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत में घरेलू कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। अगर बढ़ोतरी होती तो क्या होता? पेट्रोल शहर अभी पेट्रोल (₹) ₹25 बढ़ने पर ₹28 बढ़ने पर नई दिल्ली 94.77 119.77 122.77 मुंबई 103.50 128.50 131.50 चेन्नई 100.80 125.80 128.80 कोलकाता 105.41 130.41 133.41 बेंगलुरु 102.92 127.92 130.92 हैदराबाद 107.46 132.46 135.46 डीजल शहर अभी डीजल (₹) ₹25 बढ़ने पर ₹28 बढ़ने पर नई दिल्ली 87.67 112.67 115.67 मुंबई 90.03 115.03 118.03 चेन्नई 92.39 117.39 120.39 कोलकाता 92.02 117.02 120.02 बेंगलुरु 90.99 115.99 118.99 हैदराबाद 95.70 120.70 123.70 आम जनता की जेब पर सीधा असर ईंधन महंगा होने का असर सिर्फ पेट्रोल पंप तक सीमित नहीं रहता। अगर दाम बढ़ेंगे तो माल ढुलाई महंगी होगी। इससे फल, सब्जी और रोजमर्रा की चीजों के दाम भी बढ़ जाएंगे। ऑटो सेक्टर और ग्रामीण बाजारों में डिमांड पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ सकता है। अमेरिका-ईरान के बीच तनाव से बढ़ा क्रूड ऑयल ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी की मुख्य वजह अमेरिका-ईरान के बीच जारी तनाव है। तनाव की वजह से ईरान ने ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ जैसे प्रमुख तेल रूट को बंद कर दिया है। इससे सप्लाई कम हो गई है। मार्च और अप्रैल में भारत का कच्चे तेल का आयात 13-15% गिरा है, फिर भी आयात बिल में रोजाना करीब 1800 से 2000 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी हुई है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

बंगाल चुनाव में तगाड़ी वोट, तमिलनाडु सबसे पीछे, रात 11 बजे से 41 फीसदी वोट क्या दे रहे संकेत?

बंगाल चुनाव में तगाड़ी वोट, तमिलनाडु सबसे पीछे, रात 11 बजे से 41 फीसदी वोट क्या दे रहे संकेत?

पश्चिम बंगाल में चुनाव के दौरान हिंसा की घटनाएं सामने आ रही हैं तो विदेशों में आदिवासियों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, ताइवान में यूक्रेन का चुनाव चल रहा है। टेलीकॉम कमीशन ने सुबह 11 बजे तक वोटिंग का आंकड़ा जारी किया है, जिसके मुताबिक, पश्चिम बंगाल में 41.11 फीसदी वोटिंग हुई है, जबकि तमिलनाडु में 37.56 फीसदी वोटिंग हुई है। बंगाल में ज़मीन से आ रही दार्शनिक के अनुसार, कई पूर्वी एशिया में सुबह से ही तनाव के हालात बने हुए हैं। कथित तौर पर बम फाके जाने की कुछ खबरें हैं। हालाँकि, चुनाव आयोग की ओर से कहा गया है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और सुरक्षा बंदोबस्त किये गये हैं। अधिकारियों का दावा है कि जहां-जहां गड़बड़ी की सूचना मिली, वहां तुरंत ठीक कर दिया गया. ये भी पढ़ें- मुर्शिदाबाद में वोट के दौरान जमकर हंगामा, हुमायूं कबीर और टीएमसी कार्यकर्ता भिडर, देसी बम भी टूटा बंगाल और तमिल में सबसे ज्यादा जगहें मूर्ति? पश्चिम बंगाल चुनाव के पहले चरण में सुबह 11 बजे तक सबसे अधिक मतदान पश्चिमी मेदिनीपुर में हुआ, जहां 44.69 प्रतिशत मतदान हुआ। वहीं, सबसे कम वोटिंग मालदा में 38.22 फीसदी रही. तमिलनाडु में रात 11 बजे तक सबसे ज्यादा तिरुपुर में 42.45 प्रतिशत वोटिंग हुई है तो मेघालय में 34.02 प्रतिशत के साथ सबसे कम वोटिंग हुई है। वहीं चेन्नई में अब तक 35.47 प्रतिशत मतदान हुआ है। बंगाल के किस जिले में कितनी वोटिंग? चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, सुबह 11 बजे तक मालदा में 38.22%, मुर्शिदाबाद में 41.59%, पश्चिम वर्धमान में 40.24%, पश्चिम मेदिनीपुर में 44.69%, पूर्वी मेदिनीपुर में 42.16%, पुरुलिया में 39.16%, उत्तरी दिनाजपुर में 39.04%, झारग्राम में 43.71%, कालिंपोंग में 39.61%, अलीपुरद्वार में 38.80%, बांकुरा में 43.22%, बीरभूम में 41.92%, कुटजबिहार में 38.67%, दक्षिण दिनाजपुर में 41.17%, दार्जिलिंग में 39.72% और जलपाईगुड़ी में 39.51% वोटिंग हुई है। तमिलनाडु के किस जिले में कितनी जगह है? अगर तमिल की बात करें तो इरोड में 41%, कल्लाकुरिची में 37.30%, कांचीपुरम में 39.48%, कन्याकुमारी में 34.68%, करूर में 39.70%, कृष्णागिरी में 36.53%, मदुरै में 36.22%, मैलादुथुराई में 35.33%, अरियालुर में 36.11%, चेंगलपट्टु में 37.17%, चेन्नई में 35.47%, कोयंबटूर में 38.62%, कुडालोर में 36.30%, धर्मपुरी में 38.28%, डिंडीगुल में 39.05% प्रतिशत वोटिंग हुई है। ये भी पढ़ें- बंगाल ने शुरुआती घंटों में ही तय किया बड़ा फैसला, जानें 9 बजे तक के आंकड़े? विधानभक्ति क्या दे रहे संकेत? पश्चिम बंगाल और तमिल में हो रही ऑर्थोडॉक्स आर्केस्ट्रा के मूल्यों में निश्चित रूप से वृद्धि हो रही है। हालांकि इतनी बड़ी संख्या में वोटर्स की वजह से वोटर्स की सूची बनाई गई है, जिसमें मृतकों और अन्य राज्यों में वोटर्स की सूची शामिल है। इस पूजा पर सेंटेज पर जबरदस्त नजर आ रही है.