नीमच में श्री आदिनाथ जिनालय एवं जिन कुशल सूरी खरतरगछ ट्रस्ट द्वारा आयोजित आठ दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव जारी है। इसी क्रम में आज विकास नगर स्थित महावीर जिनालय पर वार्षिक ध्वजा चढ़ाई गई। इसके बाद दीक्षार्थियों का भव्य वरघोड़ा (शोभायात्रा) निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में जैन समाज के लोग शामिल हुए। सुबह 7 बजे से ही विकास नगर स्थित महावीर जिनालय पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई थी। विधि-विधान से ध्वजारोहण के बाद वरघोड़ा प्रारंभ हुआ। शोभायात्रा में सबसे आगे हाथी, घोड़े और बैंड-बाजे चल रहे थे। चांदी और स्वर्ण जड़ित रथ में भगवान महावीर स्वामी विराजमान थे, जबकि दो दीक्षार्थी जोड़े सुसज्जित बग्गी में सवार थे। समाजजनों ने जगह-जगह दीक्षार्थियों का अक्षत और फूलों से स्वागत किया। ढोल-धमाकों की थाप पर महिलाएं और युवक नृत्य करते हुए चल रहे थे। यह वरघोड़ा विकास नगर से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होता हुआ ग्वालटोली स्थित नवनिर्मित दादाबाड़ी धाम पहुंचा। पूरे मार्ग में ‘गुरुदेव के जयकारे’ और ‘दीक्षार्थियों का संयम अमर रहे’ के नारे गूंजते रहे। इस दौरान बड़ी संख्या में जैन संत और महासतीजी भी उपस्थित रहे, जिनके सानिध्य में समाजजनों ने धर्म लाभ लिया। नवनिर्मित आदिनाथ जिनालय की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर समाज के हर वर्ग में उत्साह देखा जा रहा है। आठ दिवसीय इस महोत्सव में प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जा रहे हैं।














































