‘हम पहले से ही जीत की स्थिति में…’, पश्चिम बंगाल में बम्पर वोट से खेली ‘ममता दीदी’ का चेहरा

पश्चिम बंगाल में छुटपुट हिंसा और कट्टरपंथियों की खबरों के बीच रिकॉर्ड वोटिंग दर्ज की गई। शाम 5 बजे से राज्य में 89.93 बजे तक 10 लाख लोगों ने वोट डाले। सीएम बनर्जी ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बंपर वोटिंग की जीत का संकेत है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और वामपंथी प्रमुख ममता बनर्जी ने कहा कि विधानसभा चुनाव के पहले चरण में अब तक हुए मतदान से संकेत मिलता है कि त्रिलोक कांग्रेस अभी भी अपनी जीत की स्थिति में है। बम्पर वोट पर ममता बनर्जी ने क्या कहा? सीएम आरबीआई ने कहा कि मैं लोगों के मन को आसानी से समझ पाया हूं, उनके खाते से अभी तक हुई वोटिंग में यह कहा जा सकता है कि हम सबसे पहले इसी स्थिति में हैं। मुझे किसी भी पैड में कोई नोटबुक नहीं है. मुझे कुर्सी नहीं चाहिए. मैं सिर्फ दिल्ली में भाजपा सरकार का अंत चाहता हूं। कोलकाता के बो बाजार इलाके में आयोजित रैली में ममता ने कहा कि चुनाव के बाद वह सभी आध्यात्म संस्थाओं के साथ दिल्ली (केंद्र की सत्ता) पर विजय हासिल करेंगी। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का पहला चरण 152 के तहत मतदान जारी है। चुनाव आयोग ने कहा है कि शाम पांच बजे तक राज्य में 89.93 फीसदी मतदान दर्ज किया गया. 142 के तहत दूसरे चरण में 29 अप्रैल को मतदान होगा। पश्चिम बंगाल की कई मुख्य धाराओ में हुई वोटिंग पहले चरण का चुनाव प्रशांत महासागर में नहीं हो रहा है। मुर्शिदाबाद, नवादा और अन्य स्थानों पर बम हमले, पत्थरबाज़ी और राजनीतिक दार्शनिकों के बीच जिज्ञासा देखने को मिली। कई जगहों पर बिल्डरों और राजनीतिक संस्थानों में हस्तक्षेप किया जा रहा है। इन घटनाओं में चुनावी कर्मचारियों और सुरक्षा पर सवाल नीचे दिए गए हैं। इसके अलावा एस तेजस्वी का असर भी वोटिंग में देखने को मिला है। यहां बड़ी संख्या में लोग वोट करने निकलते हैं। यह भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: मुर्शिदाबाद में पत्थरबाजी, बिरम-दिनाजपुर में बीजेपी बाजी का फोड़ा सिर…, वोट के बीच बंगाल में हंगामा
मानव एकता दिवस पर सतना में रक्तदान जागरूकता स्कूटर रैली:24 अप्रैल के विशाल शिविर के लिए अपील, निरंकारी मंडल हर साल करता है आयोजन

सतना में मानव एकता दिवस की पूर्व संध्या पर संत निरंकारी मंडल द्वारा रक्तदान जागरूकता स्कूटर रैली निकाली गई। गुरुवार को आयोजित इस रैली का उद्देश्य लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करना था। रैली कृष्णनगर स्थित भवन से शुरू हुई। ब्रांच संयोजक डॉ. जगदीश सेवानी ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रैली कृष्णनगर से अस्पताल चौक, पन्नीलाल चौक, चौक बाजार, बिहारी चौक, जयस्तंभ चौक, स्टेशन रोड, सर्किट हाउस, रीवा रोड और सेमरिया चौक से होते हुए सिंधी कॉलोनी स्थित संत निरंकारी भवन पर समाप्त हुई। रैली में शिष्य मंडल के सदस्य हाथों में पोस्टर लिए हुए थे और “रक्तदान महादान” के नारे लगा रहे थे। इस दौरान लोगों से 24 अप्रैल को आयोजित होने वाले विशाल रक्तदान शिविर में अधिक से अधिक संख्या में आकर रक्तदान करने की अपील की गई। यह रक्तदान शिविर सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक चलेगा। इसमें जिला अस्पताल के ब्लड बैंक का स्टाफ अपनी सहभागिता निभाएगा। संत जगदीश सेवानी ने बताया कि यह पावन दिवस बाबा गुरबचन सिंह जी और चाचा प्रताप सिंह जी की पुण्य स्मृति को समर्पित है। हर साल निरंकारी मंडल द्वारा आयोजित यह रक्तदान शिविर जिले का सबसे बड़ा शिविर माना जाता है।
गन्ने का रस नींबू पानी का रस नारियल पानी: गन्ने का रस, नारियल का पानी या पानी… गर्मियों में कौन सबसे ज्यादा बढ़िया?

फ़ार्मेसी का उत्पाद: यदि आप धूप से थके-हारे आए हैं और तुरंत प्रयास करना चाहते हैं, तो फ़्रेंच का उत्पाद सबसे अच्छा है। फ़ार्मूला के सुपरमार्केट में जो शरीर को तुरंत ग्लूकोज़ मिलता है। छवि: फ्रीपिक फ़्राउन्ट का सारा लिवर के लिए बहुत अच्छा माना जाता है और पीलिया जैसी मज़बूत चीज़ है। इसमें कैलोरी सबसे ज्यादा होती है, इसलिए वजन घटाने वालों और उपभोक्ताओं की संख्या को शामिल करना चाहिए। छवि: फ्रीपिक नारियल पानी: नारियल पानी को कुदरत का ‘मैजिक ड्रिंक’ कहा जाता है। यह उन लोगों के लिए बेस्ट है जो अपने फिटनेस का ध्यान रखते हैं। इसमें पोटैशियम और मैग्नीशियम जैसे खनिज पदार्थ प्रचुरता से पाए जाते हैं। छवि: फ्रीपिक यह शरीर में पानी की कमी को दूर करता है और ब्लड वॉल्यूम को नियंत्रित करने में मदद करता है। यह त्वचा और बालों के लिए भी शोभायमान है। यह थोड़ा महंगा हो सकता है, लेकिन स्वास्थ्य की दृष्टि से इसका कोई मुकाबला नहीं है। छवि: फ्रीपिक नींबूपानी: नींबू पानी हर घर में आसानी से उपलब्ध है और समर का सबसे प्रिय दोस्त है। इसमें विटामिन-सी प्रचुर मात्रा में होता है, जो इम्युनिटी प्राप्त करता है। यह पाचन में सुधार करता है और शरीर को डिटॉक्स करता है। छवि: फ्रीपिक अगर आप वजन कम करना चाहते हैं, तो बिना चीनी वाला पानी सबसे अच्छा है। अधिक एसिडिक होने के कारण कुछ लोगों को खाली पेट पीने से दांतों में झनझनाहट या पेट में जलन हो सकती है। छवि: फ्रीपिक सुबह का समय नारियल पानी पिएं। इसके बाद दो की थकान में क्वार्टर का वास्तुशिल्प होना चाहिए। दिन भर खुद को रिफ्रेश करने के लिए नींबू पानी का सहारा लें। छवि: फ्रीपिक वजन और पाचन के लिए पानी सबसे अच्छा है। ग्लूइंग और ग्लोइंग त्वचा के लिए नारियल का पानी सही रहेगा। तत्काल थकान दूर करने के लिए खेत का सबसे अच्छा उत्पाद है। छवि: फ्रीपिक फ़्रांस के खेतों में बर्फ के टुकड़े और पानी में सफेद चीनी की जगह काला नमक या शहद का इस्तेमाल किया जाता है। छवि: फ्रीपिक
Sunil Shetty Emotional Post For Sisters Birthday

29 मिनट पहले कॉपी लिंक बॉलीवुड एक्टर सुनील शेट्टी ने अपनी बहन सुजाता के जन्मदिन के मौके पर एक खास फोटो शेयर कर इमोशनल पोस्ट लिखी है। सुनील ने बताया कि उनकी बहन उनके जीवन का सबसे मजबूत स्तंभ रही हैं और उनके बिना उनकी जिंदगी अधूरी है। फोटो में सुनील शेट्टी अपनी बहन के साथ पैदल चलते हुए नजर आ रहे हैं। यह फोटो किसी पारिवारिक कार्यक्रम की लग रही हैतस्वीर के साथ सुनील ने लिखा, कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं जिनके लिए ज्यादा शब्दों की जरूरत नहीं होती, क्योंकि वे खुद ही जिंदगी को संभाल लेते हैं। मैं अपनी बहन को धन्यवाद देता हूं कि वह हमेशा मेरी ताकत बनी रही और हर मुश्किल समय में मेरा साथ दिया। आपको जन्मदिन की शुभकामनाएं। मुश्किल समय में दिया सुनील का साथ जब सुनील शेट्टी ने 90 के दशक में बॉलीवुड में कदम रखा, तो उनके पिता वीरप्पा शेट्टी का होटल और रेस्टोरेंट बिजनेस काफी फैला हुआ था। एक पुराने इंटरव्यू में सुनील ने साझा किया था कि उनके पिता की तबीयत खराब होने के दौरान सुजाता ने ही घर और ऑफिस दोनों को संभाला था। सुनील ने बताया था कि मेरी बहन सुजाता ने हमेशा मेरी ढाल बनकर काम किया। जब मैं आउटडोर शूटिंग पर होता था, तो वह सुनिश्चित करती थीं कि घर पर या बिजनेस में कोई कमी न आए। सुजाता शेट्टी शेट्टी परिवार के हॉस्पिटैलिटी बिजनेस (होटल और रियल एस्टेट) के प्रबंधन में सक्रिय रही हैं। सुनील शेट्टी की दो बहनें हैं, सुमिता और सुजाता । ‘वेलकम टू द जंगल’ में दिखेंगे सुनील शेट्टी जल्द ही बड़े पर्दे पर एक बार फिर अक्षय कुमार के साथ नजर आने वाले हैं। वह अहमद खान की फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ का हिस्सा हैं। यह एक मल्टी-स्टारर फिल्म है जिसमें अरशद वारसी, परेश रावल, जैकलीन फर्नांडिस, तुषार कपूर, श्रेयस तलपड़े और राजपाल यादव जैसे कलाकार शामिल हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
40 के बाद मर्दों को ये 5 टेस्ट हर साल कराने चाहिए, डॉक्टर ने बताई इसकी वजह, नहीं कराने से कई खतरे

Last Updated:April 23, 2026, 18:29 IST 5 Yearly Test for All Men After 40 : 40 की उम्र ऐसी है जिसके बाद शरीर में कई तरह के बदलाव आते हैं. अगर किसी क्रोनिक बीमारी की शुरुआत होने वाली होती है तो उनकी शुरुआत भी लगभग इसी उम्र से होती है. इसलिए सेहत के हिसाब से यह उम्र बेहद नाजुक है. ऐसे में डॉक्टरों का कहना है कि 40 के बाद कुछ टेस्ट अगर हर साल करा लिए जाए तो आगे कई बीमारियों से बचने की संभावना होती है. 40 के बाद पुरुषों को कौन-कौन सी जांच करानी चाहिए. 5 Yearly Test for All Men After 40 : वैसे तो अक्सर कहा जाता है कि असली लाइफ 40 के बाद ही शुरु होती है लेकिन असल में यह वह समय है जब आप अपने शरीर पर सही से ध्यान नहीं देंगे तो आगे आने वाला समय कष्टप्रद होने लगेगा. डायबिटीज, हार्ट डिजीज, फैटी लिवर, किडनी डिजीज, मोटापा जैसी कई क्रोनिक बीमारियों की शुरुआत 40 की उम्र से ही शुरू हो जाती है. लेकिन दिक्कत यह है कि ज्यादातर मर्द तब डॉक्टर के पास जाते हैं जब समस्या गंभीर हो जाती है. इस कारण पूरा जीवन बीमारियों से जिंदगी गुजारनी पड़ती है. लेकिन अगर आपको क्वालिटी ऑफ लाइफ चाहिए तो 40 के बाद आपको अपनी सेहत पर खास ध्यान देना चाहिए. इस उम्र के बाद हर साल कुछ टेस्ट जरूर कराने चाहिए ताकि आने वाले समय में बीमारियों का पता पहले लग जाए. वीएनए अस्पताल नई दिल्ली में पुरुष प्रजनन अंग से संबंधित बीमारियों के एक्सपर्ट एंड्रोलॉजिस्ट डॉ. विनीत मल्होत्रा इस बारे में बता रहे हैं कि कौन-कौन से टेस्ट मर्दों को हर साल कराने की जरूरत है. इन 5 टेस्ट को जरूर कराएं. ब्लड प्रेशर-डॉ. विनीत मल्होत्रा कहते हैं कि अगर आपकी उम्र 40 साल हो चुकी है तो आपको हर महीने ब्लड प्रेश की जांच करनी चाहिए. नियमित ब्लड प्रेशर की जांच कराने से पहले से आप इसकी तैयारी कर सकेंगे और आने वाले समय में बीपी को संतुलित कर किसी भी अनहोनी से बच सकते हैं. हार्ट टेस्ट-हार्ट टेस्ट में कई जांचें आती हैं. मुख्य रूप से आपको हर साल ईसीजी और लिपिड प्रोफाइल की जांच हर साल करानी चाहिए. अगर इसमें कुछ संकेत मिलता है तो आगे की जांच कराई जाती है. कोलेस्ट्रॉल की जांच एकदम जरूरी है क्योंकि इसके कोई संकेत नहीं दिखते और यही हार्ट अटैक, हार्ट फेल्योर और कार्डिएक अरेस्ट का सबसे बड़ा कारण बनता है. अगर आप बॉर्डर लाइन पर है तो हर छह महीने में एक बार लिपिड प्रोफाइल टेस्ट कराएं और नियमित रूप से डॉक्टर से सलाह लें. इसके साथ ही लाइफस्टाइल को हेल्दी बनाएं. ब्लड शुगर टेस्ट-भारत में 10 करोड़ लोगों को डायबिटीज है. मुश्किल यह है कि आजकल 30 साल की उम्र से ही डायबिटीज होने लगी है. इसलिए 40 के बाद हर साल या हर 6 महीने पर एक बार शुगर प्रोफाइल टेस्ट कराएं. इस उम्र में टाइप-2 डायबिटीज का जोखिम बढ़ता है. फास्टिंग ब्लड शुगर और HbA1c टेस्ट साल में कम से कम एक बार जरूर करवाना चाहिए. अगर प्री-डायबेटिक हैं तो लाइफस्टाइल में सुधार करने से इस बीमारी से बचा जा सकता है. प्रोस्टेट हेल्थ चेकअप-40 के बाद पुरुषों में प्रोस्टेट से जुड़ी समस्याएं शुरू हो सकती हैं. PSA टेस्ट और डॉक्टर की सलाह से नियमित जांच कराना जरूरी है.डॉ. विनीत मल्होत्रा कहते हैं कि प्रोस्टेट अंडकोष के नीचे एक मटर के दाने के आकार की एक ग्रंथि होती है. प्रजनन काल में इस ग्रंथि से निकले तरल पदार्थ शुक्राणुओं को पोषण देता है और कई तरह के अन्य काम करता है लेकिन जब इसकी आवश्यकता कम होती है और कई अन्य वजहों से प्रोस्टेट के बड़ा होने का खतरा रहता है. इससे पेशाब की नली को दबा देता है जिसके कारण पेशाब करने में बहुत तकलीफ होती है. इसका पूर्णतया इलाज होता है और इसे अगर समय पर टेस्ट करा लिया जाए तो दवा से भी ठीक किया जा सकता है. लिवर और किडनी फंक्शन टेस्ट-आजकल 30 साल की उम्र से ही लोगों को फैटी लिवर डिजीज होने लगी है. जो लोग शराब का सेवन करते हैं उनके लिए इस लिवर और किडनी की बीमारी का खतरा बहुत ज्यादा रहता है. इसके साथ गलत खान-पान और शिथिल जीवनशैली भी किडनी और लिवर पर लोड बढ़ाता है. इसलिए हर पुरुष को 40 के बाद साल में एक बार किडनी फंक्शन टेस्ट और लिवर फंक्शन टेस्ट जरूर कराने चाहिए. About the Author Lakshmi Narayan 18 साल से ज्यादा के लंबे करियर में लक्ष्मी नारायण ने डीडी न्यूज, आउटलुक, नई दुनिया, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक विषयों के विभिन्न मुद्दों, राजनीति, समाज, …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें First Published : April 23, 2026, 18:29 IST
गौ माता को राष्ट्रमाता बनाने की मुहिम तेज:नीमच में बिना बैनर-पोस्टर के एकजुट हुए गौ सेवक, 27 को सौंपेंगे ज्ञापन

नीमच में गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने और गौ-वंश के संरक्षण के लिए ‘गौ सम्मान आह्वान अभियान’ गति पकड़ रहा है। इसी क्रम में शहर के भारत माता चौराहे पर गौ सेवकों द्वारा एक हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। इस अभियान में बड़ी संख्या में आम जनता ने गौ माता के सम्मान के लिए हस्ताक्षर किए। इस मुहिम की विशेषता यह है कि यह किसी राजनीतिक दल, संगठन या व्यक्ति विशेष से संबद्ध नहीं है। प्रचार सामग्री और बैनरों पर किसी का नाम या सौजन्य नहीं है, जो इसे निस्वार्थ गौ सेवा को समर्पित बनाता है। गौ सेवक अंकित ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करवाना, देश में गौ-वध पर पूर्णतः रोक लगाना और गौ संरक्षण को बढ़ावा देना है। नीमच में पिछले तीन महीनों से इस अभियान की रूपरेखा तैयार की जा रही थी, जिसमें अब गोपालक और आम नागरिक लगातार जुड़ रहे हैं। आगामी 27 अप्रैल को ‘गौ सम्मान दिवस’ पर जिले के सभी गौ सेवक रोटरी भवन पर एकत्रित होंगे। यहां से एक विशाल समूह के रूप में कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम प्रार्थना पत्र सौंपा जाएगा। उल्लेखनीय है कि 27 अप्रैल को ही भारत की सभी 5410 तहसीलों में एक साथ यह ज्ञापन सौंपकर गौ माता के सम्मान की मांग उठाई जाएगी।
‘मुसलमान टीएमसी की निजी संपत्ति नहीं’, आसनसोल में कार पर हमले के बाद उग्र बीजेपी उम्मीदवार अग्निमित्रा पॉल

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए अब तक 90 प्रतिशत वोट हो गए हैं। बड़ी संख्या में लोग मतदान करने पोलिंग बूथ तक पहुंच रहे हैं। इस बीच कई जगहों से लेकर हिंसक घटनाएं भी सामने आ रही हैं. कहीं भी भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख ने अपने सहयोगियों के साथ गठबंधन पर आरोप लगाए हैं तो कहीं पर भी भाजपा और विपक्षी कांग्रेस के कार्यकर्ता शामिल हो गए हैं। बंगाल में अलग-अलग जगहों से पत्थरबाजी और रेस्तरां के भी मामले सामने आ रहे हैं। इसी कड़ी में भीड़ ने आसनसोल दक्षिण से उम्मीदवार अग्निमित्रा पॉल की कार को मजबूत बनाया। उनकी कारों में टुकड़े-टुकड़े हो गए, जिनमें टुकड़े-टुकड़े हो गए। इस पर उन्होंने पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी पर जोरदार हमला बोला और कहा कि मुस्लिम आवेदकों की निजी संपत्ति नहीं है। कार पर हुए हमलों के बाद अग्निमित्र पॉल ने आईएएनएस को बताया कि वह रहमतनगर इलाके में गई थी। वहां पीछे कार पर पत्थर के टुकड़े कर दिए गए, जिससे शीशा टूट गया। उन्होंने कहा, ‘रहमत नगर अल्पसंख्यक बहुसंख्यक है। हम वहां थे. एक ही इमारत में कई बूथ हैं। वहां निरीक्षण के बाद हम पास की ही एक दूसरी इमारत (रहमत नगर हाई स्कूल) में गए। वहां हमारा निरीक्षण भी पूरा हो गया था. जब हम कार से बाहर निकले तो पीछे से हम पर पत्थर फेंके गए, जिससे कार का शीशा टूट गया।’ यह भी पढ़ें:- पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: मुर्शिदाबाद में पत्थरबाजी, बीरभूम-दिनाजपुर में भाजपा विपक्ष का फोड़ा सिर…, वोटों के बीच बंगाल में तोड़फोड़ अग्निमित्रा पॉल ने आगे कहा, ‘हर चुनाव में दिव्य यही करता है। ये अवास्तविक क्लासिक ने ही की है. साल 2022 में जब पत्थरबाजी हुई थी, तब भी इसी तरह पत्थरबाजी की गई थी और कार को नुकसान हुआ था।’ उन्होंने यह भी बताया कि वह फिर से उस इलाके में मंगठर गए, जहां कार पर हमला हुआ था। समकालीन पर ऐतिहासिक दावा करते हुए अग्निमित्रा पॉल ने कहा, ‘तृणमूल कांग्रेस को लगता है कि मुसलमानों की अपनी निजी संपत्ति है, लेकिन ऐसा नहीं है। ‘बधाई पर भाजपा का भी अधिकार है, क्योंकि वे मेरे भाई हैं, कोई चाल नहीं है।’ यह भी पढ़ें:- ‘सिर्फ बिहारी बाबू ही नहीं, मैं बैलाबबू भी हूं’, आसनसोल में पहली बार मतदान के बाद बोले शत्रुघ्न सिन्हा इस घटना का वीडियो भी सामने आया, जिसमें अग्निमित्रा पॉल की कार का पिछला शीशा दागा हुआ था। वहीं, अग्निमित्र पॉल कार के सामने खड़े होकर नजर डाली, जो घटना के बारे में लोगों से बात कर रही थी। बाद में इस घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। अग्निमित्रा पॉल ने आईएएनएस को बताया कि पुलिस में अभी तक कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है। (टैग्सटूट्रांसलेट)हुमायूं कबीर(टी)ममता बनर्जी(टी)पश्चिम बंगाल(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026
पहाड़ी पुदीना क्यों होता है खास, किन बीमारियों से दिलाता है छुटकारा? एक्सपर्ट से जानिए एक-एक गुण

Last Updated:April 23, 2026, 18:12 IST Health Tips: कहते हैं कि पहाड़ी पुदीना सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है. इसमें पाए जाने वाले सक्रिय तत्व पेट की गैस, अपच और एसिडिटी को दूर करने में मदद करते हैं. नियमित रूप से इसका सेवन करने से आंतों की कार्यक्षमता बेहतर होती है. आइए एक्सपर्ट से इसके फायदों के बारे में बताते हैं. पहाड़ी पुदीना पाचन से जुड़ी समस्याओं के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है. इसमें पाए जाने वाले सक्रिय तत्व पेट की गैस, अपच और एसिडिटी को दूर करने में मदद करते हैं. नियमित रूप से इसका सेवन करने से आंतों की कार्यक्षमता बेहतर होती है, भोजन आसानी से पचता है. पहाड़ों में लोग इसे चटनी, काढ़ा या हर्बल चाय के रूप में इस्तेमाल करते हैं. यह पेट की जलन को कम करता है, भूख बढ़ाने में भी सहायक होता है. जिन लोगों को अक्सर पेट भारी रहने या बदहजमी की समस्या रहती है, उनके लिए यह एक प्राकृतिक और सुरक्षित उपाय माना जाता है. डॉ. ऐजल पटेल ने लोकल 18 को बताया कि इस पुदीने की तासीर ठंडी होती है, जिससे यह शरीर की गर्मी को संतुलित करता है. गर्मियों के मौसम में इसका सेवन शरीर को अंदर से ठंडक देता है, लू से बचाने में मदद करता है. पहाड़ी इलाकों में लोग इसका शरबत या ठंडी चाय बनाकर पीते हैं, जिससे शरीर तरोताजा बना रहता है. यह थकान को कम करता है, शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है. यह शरीर के तापमान को नियंत्रित करने में भी सहायक होता है, जिससे गर्मी के कारण होने वाली समस्याओं से राहत मिलती है. पहाड़ी पुदीने में मेंथॉल की अच्छी मात्रा पाई जाती है, जो खांसी, जुकाम और सांस की समस्याओं में काफी लाभकारी होती है. इसकी भाप लेने या चाय पीने से नाक खुलती है, गले की खराश कम होती है. यह फेफड़ों को साफ करने में मदद करता है, सांस लेने में आसानी पैदा करता है. अस्थमा या एलर्जी से परेशान लोगों के लिए भी यह सहायक साबित हो सकता है. पहाड़ों में इसे पारंपरिक घरेलू उपचार के रूप में इस्तेमाल किया जाता है, जो बिना किसी साइड इफेक्ट के राहत देता है. Add News18 as Preferred Source on Google इसमें मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुण मुंह की दुर्गंध को दूर करने में मदद करते हैं. इसके सेवन से मुंह के छाले जल्दी ठीक होते हैं, मसूड़ों की सूजन भी कम होती है. कई लोग इसके पत्तों को सीधे चबाते हैं, जिससे मुंह ताजा रहता है, बैक्टीरिया खत्म होते हैं. यह दांतों की सफाई में भी सहायक होता है, ओरल हेल्थ को बेहतर बनाता है. नियमित उपयोग से मुंह से जुड़ी छोटी-छोटी समस्याओं से बचाव किया जा सकता है. पहाड़ी पुदीने की तेज और ताजगी भरी खुशबू मानसिक तनाव को कम करने में मदद करती है. इसके पत्तों का तेल या इसकी सुगंध लेने से सिरदर्द और माइग्रेन में राहत मिलती है. यह दिमाग को ठंडक पहुंचाता है और मानसिक शांति प्रदान करता है. लंबे समय तक काम करने के बाद होने वाली थकान और तनाव को दूर करने के लिए भी इसका उपयोग किया जाता है. पहाड़ी लोग इसे प्राकृतिक रिलैक्सेशन के रूप में अपनाते हैं, जो नींद को बेहतर बनाने में भी मदद करता है. यह पुदीना त्वचा और बालों के लिए भी बेहद फायदेमंद होता है. इसके एंटीसेप्टिक गुण मुंहासों, दाग-धब्बों और त्वचा संक्रमण को कम करने में मदद करते हैं. इसके पत्तों का पेस्ट बनाकर चेहरे पर लगाने से त्वचा साफ और चमकदार बनती है. बालों में इसका इस्तेमाल करने से रूसी कम होती है, बाल मजबूत बनते हैं. यह स्कैल्प को ठंडक देता है, बालों की जड़ों को पोषण प्रदान करता है, जिससे बालों का झड़ना भी कम होता है. यात्रा के दौरान होने वाली मचली और उल्टी की समस्या में पहाड़ी पुदीना काफी कारगर साबित होता है. इसका काढ़ा या चाय पीने से पेट शांत होता है, उल्टी की इच्छा कम होती है. यह पाचन तंत्र को संतुलित करता है और शरीर को आराम देता है. गर्भावस्था के दौरान भी कुछ मामलों में डॉक्टर की सलाह से इसका हल्का सेवन किया जाता है. यह प्राकृतिक रूप से पेट की गड़बड़ी को दूर करता है, व्यक्ति को बेहतर महसूस कराता है. पहाड़ी पुदीना शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में मदद करता है. इसमें मौजूद पोषक तत्व शरीर को संक्रमण से लड़ने की ताकत देते हैं. बुखार के दौरान इसका काढ़ा पीने से शरीर को राहत मिलती है, कमजोरी दूर होती है. यह शरीर को अंदर से डिटॉक्स करने में भी सहायक होता है. नियमित सेवन से शरीर स्वस्थ और मजबूत बना रहता है, जिससे मौसमी बीमारियों का खतरा भी कम हो जाता है. First Published : April 23, 2026, 18:12 IST
‘रिकॉर्ड ब्रेक’ बंगाल: शाम 5 बजे तक 90% वोटिंग, कहां तक पहुंच पाएगा ये पात्र?

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 ने एक बार फिर देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। जहां उग्र हिंसा, बंबई और प्रदर्शनकारियों की खबरें राष्ट्रवादी में हैं, वहीं दूसरी ओर की रैली की भागीदारी ने एक अलग ही कहानी लिखी है। शाम 5 बजे तक राज्य में करीब 90 फीसदी वोटिंग दर्ज हो चुकी है, जो आपके रिकॉर्ड के करीब है। बंगाल में करीब 90 फीसदी वोट चुनाव आयोग के शुरुआती रुझानों के मुताबिक, पिछले एक घंटे में आम तौर पर 2 से 3 प्रतिशत तक मतदान और बढ़ोतरी होती है। ऐसे में सीधा सवाल यह है कि इस बार पश्चिम बंगाल में 95 प्रतिशत मतदान का ऐतिहासिक ऐतिहासिक स्थल क्या है? शाम 5 बजे तक राज्य में 89.93 फीसदी वोटिंग हुई। दिन की शुरुआत से ही कई पूर्वी एशिया में लंबी कतारें देखी गईं। ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरी बूथों तक, महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं की बड़ी संख्या में क्षेत्र में मतदान हुआ। मालतीपुर में एक महिला बूथ पर मृत जैसी घटना भी सामने आई, लेकिन इसके बावजूद लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ। चुनाव के दौरान कई जगहों पर हिंसा हुई हालाँकि, यह चुनाव पूरी तरह से प्रतिबंधित नहीं है। मुर्शिदाबाद, नवादा और अन्य धार्मिक क्षेत्रों में बम हमले, पत्थरबाज़ी और राजनीतिक दार्शनिकों के बीच की खबरें लगातार आती रहती हैं। कई स्थानों पर केंद्रीय सेनाओं और पुलिस की स्थिति पर नियंत्रण के लिए हस्तक्षेप किया गया। इन संस्मरणों में चुनावी कर्मचारियों और सुरक्षा को लेकर प्रश्न भी पूछे गए। इसके बीच एक अहम कारक एस मजबूत प्रक्रिया है। इस प्रक्रिया के तहत सुपरहीरो सूची में व्यापक सुधार और अद्यतन किया गया, जिससे बड़ी संख्या में नए और पुराने रिकॉर्ड मैट्रिक्स शामिल हो गए। स्टॉक एक्सचेंजों का मानना है कि एसआईआर का सीधा असर मतदान प्रतिशत है। अधिक रियेक्ट और अपडेटेड वोटर लिस्ट ने लोगों को मतदान के लिए प्रेरित किया। राजनीतिक दल भी इस भारी मतदान को अपने-अपने तरीके से देख रहे हैं। जहाँ प्रोफ़ेशनल दल इसे अपने समर्थन का संकेत मान रहा है, वहीं कोलैबोज़ा इसे बदलाव की लहर बता रहा है। बंगाल की राजनीति में यह पुराना चलन बना हुआ है-जितना बहुमत, उतना ही अधिक राजनीतिक व्याख्या। दोपहर 3 बजे से 78.77 प्रतिशत वोटिंग का पात्र पार करने के बाद ही यह साफ हो गया था कि इस बार रिकॉर्ड बनने की पूरी संभावना है। होते-होते यह पात्र 89.24 प्रतिशत तक पहुंच गया, जिसने गुणांकों को और दिलचस्प बना दिया। पश्चिम बंगाल में 152 क्वार्टर पर हो रही वोट विधानसभा चुनाव के पहले चरण में पश्चिम बंगाल में 152 क्वार्टरों पर कुल 1,478 अभ्यर्थी मैदान में हैं। इनमें राज्य के लिए 3.60 करोड़ मतदाता वोट डालेंगे। बीजेपी की सभी 152 प्राइमरीज़ पर चुनावी लड़ियाँ चल रही हैं, जबकि बीजेपी की सभी 148 प्राइमरीज़ पर इलेक्शन लड़कियाँ चल रही हैं। बंगाल के पहले चरण की बीजेपी की लोकप्रियता सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है क्योंकि ये इलाके हैं, बीजेपी की ताकत मजबूत है। बंगाल के पहले चरण में केवल आरक्षण की संख्या के दावे बड़े हैं, बल्कि यह उत्तर बंगाल से लेकर जंगलमहल और मतुआ गढ़ तक फैला हुआ है। ये भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: मुर्शिदाबाद में पत्थरबाजी, बीरभूम-दिनाजपुर में भाजपा का फोड़ा सिर…, वोटों के बीच बंगाल में हंगामा
Infosys Q4 Profit ₹8,501 Cr, Revenue Up 13%; ₹25 Dividend For Investors

Hindi News Business Infosys Q4 Profit ₹8,501 Cr, Revenue Up 13%; ₹25 Dividend For Investors मुंबई30 मिनट पहले कॉपी लिंक आईटी कंपनी इंफोसिस ने 23 अप्रैल को वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही के नतीजे जारी किए। कंपनी का कॉन्सोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 21% बढ़कर ₹8,501 करोड़ रहा। पिछले साल इसी तिमाही में ₹7,033 करोड़ का मुनाफा हुआ था। ऑपरेशन्स से होने वाला रेवेन्यू करीब 13.38% बढ़ा। यह ₹46,402 करोड़ पर पहुंच गया है, जो पिछले साल ₹40,925 करोड़ था। वस्तुओं और सेवाओं को बेचने से मिलने वाला पैसा रेवेन्यू होता है। अच्छे प्रदर्शन को देखते हुए इंफोसिस ने FY27 के लिए अपने रेवेन्यू गाइडेंस के अनुमान को 1.5%-3.5% किया है। निवेशकों को 25 रुपए डिविडेंड देगी कंपनी इसके अलावा कंपनी ने अपने निवेशकों को 25 रुपए का डिविडेंड देना का भी ऐलान किया है। कंपनियां अपने मुनाफे का कुछ हिस्सा अपने शेयरधारकों के देती हैं, इसे डिविडेंड या लाभांश कहा जाता है। FY26 की चौथी तिमाही में इंफोसिस का मुनाफा 20.87% बढ़ा सालाना आधार पर इंफोसिस FY26 (जनवरी-मार्च) FY25 (जनवरी-मार्च) चेंज (%) ऑपरेशनल रेवेन्यू ₹46,402 ₹40,925 13.38% टोटल इनकम ₹47,561 ₹42,115 12.93% टोटल खर्च ₹36,764 ₹32,452 13.28% नेट प्रॉफिट ₹8,501 ₹7,033 20.87% तिमाही आधार पर इंफोसिस FY26 (जनवरी-मार्च) FY25 (अक्टूबर-दिसंबर) चेंज (%) ऑपरेशनल रेवेन्यू ₹46,402 ₹45,479 2.02% टोटल इनकम ₹47,561 ₹46,618 2.02% टोटल खर्च ₹36,764 ₹36,100 1.83% नेट प्रॉफिट ₹8,501 ₹6,654 27.75% नोट: आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। मार्च तिमाही में 8,440 कर्मचारियों ने नौकरी छोड़ी आईटी सेक्टर के लिए सबसे बड़ी चिंता ‘एट्रीशन रेट’ (नौकरी छोड़ने की दर) होती है। कंपनी का एट्रीशन रेट पिछले साल के 14.1% से गिरकर अब 12.6% पर आ गया है। तिमाही दर तिमाही आधार पर देखें तो इसमें 0.3% की बढ़ोतरी हुई है। यानी पिछली तिमाही के मुकाबले इस तिमाही में 8,440 लोगों ने नौकरी छोड़ी है। मार्च तिमाही (Q4FY26) के मुताबिक, कंपनी में अभी 3,28,594 कर्मचारी हैं। पिछली तिमाही (Q3FY26) में यह आंकड़ा 3,37,034 था। पिछले साल की समान तिमाही (Q4FY25) में कंपनी में 3,23,578 कर्मचारी थे। एक साल में 16% गिरा इंफोसिस का शेयर रिजल्ट आने से पहले आज इंफोसिस का शेयर करीब 3% गिरकर ₹1,231.80 पर बंद हुआ। पिछले एक महीने में कंपनी का शेयर 2% गिरा है। जबकि 6 महीने में ये 20% और इस साल यानी 1 जनवरी से अब तक 25% गिरा है। वहीं एक साल में 16% गिरा है। कंपनी का मार्केट कैप 5.15 लाख करोड़ रुपए है। क्या होता है रेवेन्यू गाइडेंस? आईटी कंपनियां हर तिमाही में यह अनुमान लगाती हैं कि पूरे साल में उनकी कमाई कितनी बढ़ सकती है। इसे ‘गाइडेंस’ कहते हैं। इंफोसिस ने इसे बढ़ाकर 3.5% किया है, जिसका मतलब है कि आने वाले महीनों में कंपनी को नए ऑर्डर्स मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। नारायण मूर्ति ने 1981 में की थी कंपनी की शुरुआत 1981 में स्थापित, इंफोसिस एक NYSE लिस्टेड ग्लोबल कंसलटिंग और आईटी सर्विसेज कंपनी है। 250 डॉलर (आज के हिसाब से करीब 23,000 रुपए) की पूंजी से नारायण मूर्ति ने कंपनी की शुरुआत हुई थी। कंपनी के CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर सलील पारेख हैं। डी सुंदरम कंपनी के लीड इंडिपेंडेंट डायरेक्टर हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…







