Tips To increase hemoglobin| diet plan for anemia: चुकंदर-पालक सब खा रहे फिर भी नहीं बढ़ रहा हीमोग्लोबिन? डॉक्टर ने बताया कारण

Last Updated:April 24, 2026, 17:54 IST Hemoglobin Increase Diet: शरीर में खून की कमी होने पर आयरन रिच डाइट मददगार साबित होता है. लेकिन फिर भी लोगों में खून की कमी की समस्या दूर नहीं होता है. डॉक्टर कीर्ति शर्मा ने इसके पीछे के कारणों को बताते हुए हीमोग्लोबिन को बढ़ाने के लिए क्या और कैसे खाना चाहिए ये भी समझाया है. ख़बरें फटाफट शरीर में हीमोग्लोबिन का लो लेवल मतलब खून की कमी जो कि खाने में पर्याप्त आयरन न होने के कारण होती है. महिलाओं में ये समस्या प्रेग्नेंसी और मेंस्ट्रुएशन साइकिल की वजह से ज्यादा कॉमन है. वैसे तो ज्यादातर लो खून की कमी वाले पेशेंट्स को डॉक्टर डाइट में सुधार करने की सलाह ही देते हैं. लेकिन यदि हीमोग्लोबिन का लेवल अगर 10 से कम हो जाए तो सिर्फ डाइट काफी नहीं होता, सप्लीमेंट्स लेना भी जरूरी हो जाता है. डॉक्टर कीर्ति शर्मा एमएस, प्रसूति एवं स्त्रीरोग विशेषज्ञ हैं. एक्सपर्ट ने अपने हालिया इंस्टाग्राम पोस्ट में हीमोग्लोबिन बढ़ाने के नेचुरल तरीके के बारे में जानकारी शेयर की है. यदि आप भी खून की कमी की परेशान से जूझ रहे हैं और लगातार चुकंदर पालक जैसे आयरन रिच वाला डाइट ले रहे हैं, लेकिन हीमोग्लोबिन नहीं तो ये पोस्ट आपके लिए बहुत मददगार साबित हो सकती है. View this post on Instagram
Punjab Chandigarh big News Update; Raghav Chadha Joins BJP

. पंजाब की आज की सबसे बड़ी खबर राघव चड्ढा से जुड़ी रही। वे AAP को छोड़कर 3 सांसदों के साथ भाजपा में शामिल हो गए। उनके साथ कुल 7 सांसदों ने पार्टी छोड़ दी है। दिनभर की 10 चुनिंदा बड़ी खबरों को VIDEO में देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन 10 बड़ी खबरों को विस्तार से यहां पढ़ भी सकते हैं। तो आइए जानते हैं, पंजाब-चंडीगढ़ में दिनभर में क्या कुछ खास रहा… 1. AAP के 7 सांसदों के साथ राघव चड्ढा भाजपा में शामिल राघव चड्ढा 3 सांसदों के साथ BJP में शामिल हो गए। इसका ऐलान पंजाब से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने शुक्रवार शाम को 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया। उन्होंने बताया कि सांसद संदीप पाठक, अशोक कुमार मित्तल, हरभजन सिंह, विक्रमजीत सिंह साहनी, स्वाति मालीवाल, राजेंदर गुप्ता हमारे साथ हैं। राघव चड्ढा ने कहा कि पार्टी के दो-तिहाई सांसदों के साथ भाजपा में शामिल हो रहा हूं। संदीप पाठक और अशोक मित्तल के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। चड्ढा ने कहा- हमने यह फैसला किया है कि हम, यानी राज्यसभा में AAP के दो-तिहाई सदस्य, भारत के संविधान के प्रावधानों का इस्तेमाल करते हुए खुद को BJP में मिला लेंगे। उन्होंने कहा- जिस AAP को मैंने अपने खून-पसीने से सींचा और अपनी जवानी के 15 साल दिए, वह अब अपने सिद्धांतों, मूल्यों और मूल नैतिकता से भटक गई है। उधर, सीएम भगवंत मान ने कहा कि राघव का यहां दम घुटने लग गया। जब 50 नंबर कोठी में थे, तो वहां पर बड़ी खुली हवा आती थी। साइकिल का भी स्टैंड होता है। कहीं तो खड़े हो जाओ। वैसे तो यह सरपंच बनने लायक नहीं थे। अशोक मित्तल के यहां ईडी का एक छापा था। इनकी पार्टी ईडी और सीबीआई के सिर पर चलती है। यह मेले वाले अमरूद बनकर रह गए हैं। इन्हें कौन पूछेगा। (पढ़ें पूरी खबर) 2. रिटायर्ड सूबेदार की बेटी की बेंच पर बैठे-बैठे मौत लुधियाना से कनाडा गई एक युवती की पार्क में बैठे-बैठे मौत हो गई। पार्क में मौजूद लोगों ने जब उसे हिलाकर देखा तो उसकी सांसें नहीं चल रही थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। घटना कनाडा के ओंटारियो प्रांत की है। युवती रोजाना की तरह जॉर्जियन कॉलेज बैरी और अपने घर के बीच स्थित एक पार्क में सैर करने गई थी। वहीं पार्क की एक बेंच पर उसकी मौत हो गई। युवती की पहचान नई आबादी अकालगढ़ सुधार बाजार की रहने वाली अनमोलदीप कौर (26) के रूप में हुई है। अनमोलदीप कनाडा में पढ़ाई के साथ चाइल्ड केयर का काम कर रही थी और वर्क परमिट पर रह रही थी। करीब एक साल पहले उसने पीआर के लिए भी आवेदन किया था। अनमोलदीप के पिता, सेना से रिटायर्ड सूबेदार परमिंदर सिंह ने बताया कि उनकी बेटी 2021 में कनाडा गई थी। उन्होंने बताया कि अनमोलदीप ने हाल ही में अपनी मां अमरदीप कौर को विजिटर वीजा पर कनाडा बुलाने के लिए भी आवेदन किया था। जल्द वीजा मिलने की उम्मीद थी। (पढ़ें पूरी खबर ) 3. मां-बाप संग मिलकर पत्नी की हत्या चंडीगढ़ में ससुरालियों ने महिला की मौत को पहले नेचुरल डेथ बताकर मामला दबाने की कोशिश की, लेकिन पड़ोसी के एक बयान ने पुलिस के शक को गहरा कर दिया। जांच के दौरान सामने आया कि घटना से करीब 10 दिन पहले घर में मारपीट हुई थी। इसी इनपुट के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और जांच का दायरा बढ़ाया। अस्पताल की एमएलसी और बाद में आई पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से मामला पूरी तरह पलट गया। मृतका प्रतिमा की शादी करीब दो साल पहले चंडीगढ़ के धनास स्थित ईडब्ल्यूएस कॉलोनी में हुई थी। शादी के बाद वह ससुराल में रह रही थी और उसकी एक 10 महीने की बेटी भी है। 4 अप्रैल को प्रतिमा का पति नवीन अपनी ड्यूटी पर गया हुआ था। परिवार के अनुसार, दोपहर घर के कमरे में बेड पर प्रतिमा चुपचाप लेटी थी। सास रीवा देवी ने आवाज लगाई, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। पास जाकर हिलाया, लेकिन शरीर में कोई हलचल नहीं थी। इसके अस्पताल लेकर पहुंचे तो डॉक्टरों ने उसकी मौत की पुष्टि की। इसके बाद ससुरालियों के पूछताछ में बयानों के विरोधाभास सामने आए और खुलासा हुआ कि पति ने मां-बाप के साथ मिलकर पत्नी की हत्या की थी। इसी आधार पर पति, सास और ससुर को आरोपी बनाकर गिरफ्तार कर लिया।(पढ़ें पूरी खबर) 4. कनाडा में बुजुर्ग पंजाबी को धक्के मारे, युवक बोला- इंडिया जाओ कनाडा में एक लोकल युवक ने पंजाबी बुजुर्ग को धक्के मारे। उसने बुजुर्ग को कनाडा से पंजाब जाने को कहा। उसने ये भी कहा कि तुम मेरे देश में क्या कर रहे हो। यह घटना शुक्रवार को कनाडा के वुडस्टाक की है। जिस वक्त युवक ने बुजुर्ग के साथ बदतमीजी की, वह घर के बाहर घूम रहे थे। इसका वीडियो भी सामने आया है, जिसमें आरोपी युवक ने मास्क लगा रखा है। वह बुजुर्ग पर नस्लीय टिप्पणियां करता हुआ दिख रहा है। इस घटना को देख वहां मौजूद दूसरे लोगों ने तुरंत पुलिस को कॉल कर दिया। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को जमीन पर गिराकर गिरफ्तार कर लिया है। मास्क पहना युवक वीडियो में बुजुर्ग को उकसाता हुआ नजर आता है। वुडस्टाक पुलिस का कहना है कि अभी प्राथमिक जांच में यही सामने आया है कि युवक ने ये काम अपनी मर्जी से किया है। इसके पीछे कोई ग्रुप या शरारती तत्व नहीं है। सिख समुदाय इसे कनाडा में बढ़ते एंटी सिख हेट क्राइम का हिस्सा मान रहा है। वुडस्टाक पुलिस के प्रवक्ता ने कहा कि आरोपी युवक को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी गई है। आरोपी और पंजाबी बुजुर्ग की पुलिस ने पहचान उजागर नहीं की है। पुलिस का कहना है कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, कनाडा के कानून अनुसार पहचान नहीं बताई जा सकती। बुजुर्ग के परिवार की तरफ से भी कोई बयान नहीं आया। (पढ़ें पूरी खबर) 5. खालिस्तानी समर्थक सांसद अमृतपाल 2027 में होंगे CM फेस अकाली दल वारिस पंजाब दे ने 2027 विधानसभा चुनावों को लेकर
सोना ₹420 महंगा होकर ₹1,51,479 पर बंद:चांदी ₹3,229 बढ़कर ₹2,40,596 पर आई, इस साल सोना ₹18 हजार महंगा हुआ

सोना-चांदी में आज यानी 24 अप्रैल को तेजी रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 420 रुपए महंगा होकर 1,51,479 रुपए पर बंद हुआ। इससे पहले 23 अप्रैल को इसकी कीमत 1,51,059 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। वहीं एक किलो चांदी 3,229 रुपए महंगी होकर 2,40,596 रुपए पर आ गई है। इससे पहले गुरुवार को इसकी कीमत 2,40,596 रुपए प्रति किलो थी। सोना इस साल 18 हजार और चांदी 10 हजार रुपए महंगी 2026 में सोना अब तक 18 हजार रुपए महंगा हुआ है। 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोना 1.33 लाख रुपए पर था, जो अब 1.51 लाख रुपए पर पहुंच गया है। इस साल चांदी 10 हजार रुपए महंगी हुई है। 31 दिसंबर 2025 को चांदी 2.30 लाख रुपए किलो थी, जो अब बढ़कर 2.40 लाख रुपए पर पहुंच गई है। 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का हाई बनाया था। यानी पीक से सोना 25 हजार रुपए और चांदी 1.46 लाख सस्ती हुई है। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है। असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके
राघव चड्ढा न्यूज़ लाइव अपडेट: राघव चड्ढा बीजेपी में शामिल हो गए

राघव चड्ढा भाजपा समाचार नवीनतम अपडेट: एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम में, राघव चड्ढा ने शुक्रवार को घोषणा की कि वह राज्यसभा में आम आदमी पार्टी (आप) के एक बड़े सांसद सदस्य के साथ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होंगे। एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, चड्ढा ने दावा किया कि आप के उच्च सदन के लगभग दो-तिहाई सांसद उनके साथ जाने के लिए तैयार हैं, जो दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी के लिए एक बड़ा झटका है। बीजेपी में शामिल होने वाले प्रमुख नामों में हरभजन सिंह और स्वाति मालीवाल शामिल हैं। घोषणा के दौरान चड्ढा के साथ वरिष्ठ सांसद अशोक मित्तल और संदीप पाठक भी मौजूद थे। लाइव अपडेट्स का पालन करें
India Beats Canada 3-1, Lakshya Sen Loses, Doubles Win

Hindi News Sports Thomas Cup: India Beats Canada 3 1, Lakshya Sen Loses, Doubles Win स्पोर्ट्स डेस्क20 मिनट पहले कॉपी लिंक सात्विक-चिराग जोड़ी ने जीत हासिल की। भारत ने थॉमस कप बैटमिंटन टूर्नामेंट में शानदार शुरुआत करते हुए शुक्रवार को कनाडा को 3-1 से हरा दिया। इस मुकाबले में भारतीय डबल्स के सात्विक साईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने जीत दर्ज की। वहीं एकमात्र हार लक्ष्य सेन के नाम रही। पहले मैच में लक्ष्य सेन हारे मैच की शुरुआत भारत के लिए अच्छी नहीं रही। पहले सिंगल्स मुकाबले में लक्ष्य सेन को कनाडा के विक्टर लाई के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। लक्ष्य ने पहला गेम 21-18 से जीता, लेकिन इसके बाद विक्टर लाई ने शानदार वापसी करते हुए 21-19, 21-10 से मैच जीत लिया। लक्ष्य को विक्टर लाई के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। सात्विक और चिराग ने वापसी कराई भारत की स्टार डबल्स जोड़ी सात्विक साईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने टीम को बराबरी दिलाई। उन्होंने कनाडाई जोड़ी को एकतरफा मुकाबले में 21-10, 21-11 से हराया। यह मैच सिर्फ 29 मिनट में खत्म हो गया। तीसरे सिंगल्स मुकाबले में आयुष शेट्टी ने ब्रायन यांग को 21-13, 21-17 से हराकर भारत को बढ़त दिलाई। दूसरे डबल्स ने भारत की जीत पक्की की दूसरे डबल्स और में हरिहरन और एमआर अर्जुन की जोड़ी ने 21-7, 21-15 से मैच जीतकर 3-1 की निर्णायक बढ़त दिलाई। 5वें मैच में किदांबी श्रीकांत ने 21-17 और 21-12 से जीत हासिल की। भारत ने 4-1 से मैच जीतकर टूर्नामेंट की विजयी शुरुआत की है। भारत का दूसरा मुकाबला 27 अप्रैल को ऑस्ट्रेलिया और तीसरा मैच 29 अप्रैल को चीन से होगा। ——————————————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… ओलिंपिक-कॉमनवेल्थ के बाद अब 2038 एशियन गेम्स की तैयारी:भारत ने प्रस्ताव भेजा; अहमदाबाद होगा मुख्य सेंटर, OCA की टीम जल्द करेगी दौरा 2036 ओलिंपिक की मजबूत दावेदारी और 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स (CWG) की मेजबानी हासिल करने के बाद अब भारत की नजरें 2038 के एशियन गेम्स पर हैं। भारतीय ओलिंपिक संघ (IOA) ने आधिकारिक तौर पर इसके लिए अपनी इच्छा जाहिर की है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
पश्चिम बंगाल चुनाव के दूसरे चरण के लिए बीजेपी ने चुनी ताकत, शाह बोले- ‘दीदी के गुडों’ की खैर नहीं

बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: पश्चिम बंगाल क्षेत्र के दूसरे चरण के लिए बीजेपी ने चुनावी प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी है. शुक्रवार को गृह मंत्री अमित शाह ने हिंगलगंज विधानसभा क्षेत्र में बंगाल की प्रांतीय सरकार पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने बंगाल की महिलाओं से अपील करते हुए कहा कि ‘आप बीजेपी की सरकार बनी दो, बहन लोग, हर महीने आपके अकाउंट में 3 हजार रुपये बीजेपी भेजती है।’ अमित शाह ने कहा कि ‘हर बैचलर स्टूडेंट के अकाउंट में भी हम 3 हजार जमा करा देंगे।’ मित्रता है कि इससे पहले गृह मंत्री ने भाजपा की बंगाल टीम ने अपना चित्र बनाया था। इसके आधार 152 में से भाजपा के 110 से अधिक लोग शामिल हुए हैं। क्या हैं अमित शाह के बड़े ऐलान? शाह ने रैली के दौरान कुछ अहम घोषणाएं कीं जो कुछ इस तरह हैं: युवाओं को रैली परीक्षाओं की तैयारी के लिए अमित शाह ने हर 15 विद्यार्थियों को अपने खाते में शामिल करने का वादा किया। किसानों को पहले 6 हजार रुपए सम्मान निधि से 9 हजार रुपए देने का दावा किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि ‘मछुआरा उद्योगपति को 9 हजार की नौकरी मिल जाएगी।’ उन्होंने महिलाओं से वोट की अपील करते हुए कहा, ‘हर महीने आपके अकाउंट में 3 हजार पिज्जा भेजे गए हैं, और हर महीने आपके अकाउंट में भी हम 3 हजार जमा करा देते हैं।’ अमित शाह ने ममता बनर्जी के लिए ये क्या कहा डाला? शाह ने आर जी कर मेडिकल कॉलेज में हुए जघन्य वाइस पर कहा कि ‘संदेशखाली का अन्याय, आर जी कर में जो हुआ वो सहन नहीं किया जा सकता। मित्र के गुंडो ने मित्र के संरक्षण में रहते हुए अन्याय किया। बीजेपी ने उन परिवारों को टिकटें भेजने का काम किया है।’ शाह ने कहा, ‘दीदी ने अन्याय किया, हम फिल्म एंकर के साथ न्याय करने के अभियान की शुरुआत करेंगे।’ उन्होंने फिर कहा कि सुंदरबन के संदेशखाली में जो बच गए हैं वे उनकी फाइल कर भंडार के पीछे के हिस्से का काम करेंगे। ये भी पढ़ें: ऑपरेशन लोटस, राजनीति का घटिया खेल और धोखा…, राघव चन्ना के कदम पर आप के ये पांच आरोप
भारत-अमेरिका रिश्ते पर बयान को लेकर राम माधव की माफी:बोले- मैंने गलत फैक्ट्स दिए; वॉशिंगटन में कहा था- भारत ने रूसी तेल नहीं खरीदने पर सहमति दी थी

भाजपा नेता और RSS लीडर राम माधव ने भारत-अमेरिका रिश्ते पर अपने बयान को लेकर माफी मांगी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शुक्रवार को लिखा, ‘भारत ने कभी भी रूस से तेल आयात रोकने पर सहमति नहीं दी। साथ ही, 50% टैरिफ लगाए जाने का भी उसने जोरदार विरोध किया।’ राम माधव ने टिप्पणी पर सफाई देते हुए कहा- ‘मैंने जो कहा, वह गलत था। मैं दूसरे पैनलिस्ट के जवाब में सीमित तर्क रखने की कोशिश कर रहा था, लेकिन उसके फैक्ट्स गलत थे। इसके लिए मैं माफी चाहता हूं।’ दरअसल, राम माधव ने वॉशिंगटन में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था, ‘भारत ने ईरान से तेल खरीदना बंद करने पर सहमति दी। रूस से तेल खरीदना बंद करने पर भी सहमति दी। 50% टैरिफ भी ज्यादा विरोध किए बिना स्वीकार किया। तो फिर आखिर भारत अमेरिका के साथ काम करने में कहां कमी कर रहा है?’
बारात में डांस को लेकर विवाद, 3 कुएं में गिरे:राजगढ़ में धक्का-मुक्की के दौरान हादसा; एक की मौत, 2 घायल

राजगढ़ के नादनपुरा गांव में गुरुवार रात बारात के दौरान DJ पर नाचने को लेकर शुरू हुआ विवाद जानलेवा बन गया। दो पक्षों में धक्का-मुक्की के बीच तीन युवक पास के कुएं में गिर गए। इनमें 23 वर्षीय कान्हा गुर्जर की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि दो अन्य युवक घायल हैं। जानकारी के अनुसार राजगढ़ से अनिल तंवर की बारात नादनपुरा गांव पहुंची थी। रात में DJ पर नाचने के दौरान पवन तंवर और रजत चौहान के बीच विवाद हुआ, जिसे उस समय शांत करा दिया गया था। लेकिन खाना खाने के बाद लौटते समय फिर विवाद भड़क गया। 10-15 लोगों के साथ पहुंचे, बढ़ी झड़प मृतक के परिजन सोनू गुर्जर के मुताबिक, रंजीत चौहान अपने 10-15 साथियों के साथ मौके पर पहुंचा और पवन तंवर से बहस करने लगा। देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और गाली-गलौज के बाद धक्का-मुक्की शुरू हो गई। झगड़ा शांत कराने पहुंचे कान्हा गुर्जर सहित तीन युवक अफरा-तफरी में संतुलन खो बैठे और पास के कुएं में गिर गए। घटना के बाद मौके पर हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने निकाला, अस्पताल में मौत ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए तीनों को कुएं से बाहर निकाला और सुठालिया अस्पताल पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर राजगढ़ रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान कान्हा की मौत हो गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है।
कैसे राघव चड्ढा, अन्य आप सांसदों ने राज्यसभा सदस्यता संरक्षण की मांग के लिए दसवीं अनुसूची के पैराग्राफ 4 का इस्तेमाल किया | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:24 अप्रैल, 2026, 17:22 IST दसवीं अनुसूची के पैराग्राफ 2 में अयोग्यता का प्रावधान है यदि कोई सदस्य स्वेच्छा से अपने राजनीतिक दल की सदस्यता छोड़ देता है या पार्टी व्हिप के विरुद्ध मतदान करता है। राघव चड्ढा ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत 2012 में 24 साल की उम्र में की थी। आम आदमी पार्टी के दो-तिहाई से अधिक राज्यसभा सांसदों ने दसवीं अनुसूची के तहत भाजपा के साथ विलय का दावा करते हुए शुक्रवार को पाला बदल लिया – एक ऐसा कदम जो उन्हें दल-बदल विरोधी कानून के तहत अपनी सदन सदस्यता बनाए रखने में मदद कर सकता है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि एक बार जब कोई व्यक्ति राज्यसभा के लिए चुना जाता है, तो उसकी सदस्यता संविधान के तहत संरक्षित होती है। कोई पार्टी सीधे तौर पर किसी सांसद को नहीं हटा सकती, लेकिन दल-बदल विरोधी प्रावधानों के तहत अयोग्यता संभव है। यह घोषणा राघव चड्ढा ने संदीप पाठक और अशोक मित्तल की मौजूदगी में की। चड्ढा ने दावा किया कि हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, विक्रम साहनी और स्वाति मालीवाल के भी इस कदम में शामिल होने की संभावना है। हालांकि, बाकी बचे ज्यादातर सांसदों ने अब तक कोई घोषणा नहीं की है. AAP के कुल 10 राज्यसभा सांसदों में से सदस्यता की सुरक्षा के लिए कम से कम दो-तिहाई (सात) सांसदों को किसी अन्य पार्टी के साथ विलय का समर्थन करना होगा। 10 सांसदों में से तीन दिल्ली से और सात पंजाब से थे। चड्ढा द्वारा साझा किए गए सात नामों में से मालीवाल दिल्ली से एकमात्र सांसद थीं और बाकी छह पंजाब से थे। आज, भारत के संविधान के प्रावधानों का प्रयोग करते हुए, राज्यसभा में AAP के दो-तिहाई से अधिक सांसदों का भाजपा में विलय हो गया है। सात सांसदों ने दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर किए हैं, जो राज्यसभा के माननीय सभापति को प्रस्तुत किया गया था। मैं, दो अन्य सांसदों के साथ… – राघव चड्ढा (@raghav_chadha) 24 अप्रैल 2026 घोषणा करते समय, चड्ढा ने कहा कि राज्यसभा में AAP के 10 सांसद हैं और “उनमें से दो-तिहाई से अधिक इसमें हमारे साथ हैं। उन्होंने हस्ताक्षर किए हैं और आज सुबह हमने हस्ताक्षरित पत्र और दस्तावेज राज्यसभा के सभापति को सौंप दिए हैं।” यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि अंतिम निर्णय राज्यसभा सभापति का है। दल-बदल विरोधी नियम दसवीं अनुसूची के पैराग्राफ 2 में अयोग्यता का प्रावधान है यदि कोई सदस्य स्वेच्छा से अपने राजनीतिक दल की सदस्यता छोड़ देता है या पार्टी व्हिप के विरुद्ध मतदान करता है – दलबदल के आधार पर अयोग्य घोषित किया जाता है। हालाँकि, उसी पाठ के पैराग्राफ 4 में कहा गया है कि विलय के मामले में दलबदल के आधार पर अयोग्यता लागू नहीं की जाएगी और “संबंधित विधायक दल के कम से कम दो-तिहाई सदस्य इस तरह के विलय के लिए सहमत हुए हैं”। ब्रेकअवे जैसा कि इस महीने की शुरुआत में बताया गया था, चड्ढा और मालीवाल दोनों पहले से ही आप के खिलाफ बोल रहे थे लेकिन बाकी सांसदों का फैसला आश्चर्यचकित करने वाला था। अपनी कहानी में यह जोड़ते हुए कि जनता के लिए बोलने के कारण उन्हें चुप कराया जा रहा है, चड्ढा ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने खुद को पार्टी की गतिविधियों से दूर कर लिया क्योंकि वह “उनके अपराधों का हिस्सा नहीं बनना चाहते थे”। उन्होंने कहा, “मैं उनकी दोस्ती का पात्र नहीं था क्योंकि मैं उनके अपराध का हिस्सा नहीं था। हमारे पास केवल दो विकल्प थे – या तो राजनीति छोड़ दें और पिछले 15-16 वर्षों में अपना सार्वजनिक काम छोड़ दें या हम अपनी ऊर्जा और अनुभव के साथ सकारात्मक राजनीति करें। इसलिए, हमने फैसला किया है कि हम, राज्यसभा में AAP के 2/3 सदस्य, भारत के संविधान के प्रावधानों का प्रयोग करें और खुद को भाजपा में विलय कर लें।” मालीवाल के मामले में, वह लगभग एक साल तक आप और उसके प्रमुख अरविंद केजरीवाल के खिलाफ मुखर रही थीं, लेकिन वह आज तक किसी अन्य राजनीतिक दल में शामिल नहीं हुईं। आम आदमी पार्टी का रुख आप सांसद और राज्यसभा में पार्टी प्रमुख संजय सिंह ने इसे “ऑपरेशन लोटस” करार देते हुए इसे भाजपा की साजिश और पंजाब के लोगों के साथ धोखा बताया। सिंह ने कहा, “पार्टी ने चाहड़ा को सब कुछ दिया। लेकिन अब वह बीजेपी की गोद में हैं…पाठक को भी पार्टी से बड़ी जिम्मेदारियां मिलीं…यहां तक कि मालीवाल को भी…आप और पंजाब ने उन्हें सब कुछ दिया…पंजाब के लोग उन्हें कभी माफ नहीं करेंगे।” सिंह ने कहा, “जब भी किसी ने आप और पंजाब के लोगों को धोखा दिया, उन्हें जवाब मिला। इस बार भी ऐसा ही होगा…” उन्होंने अलगाव और मित्तल पर प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी के बीच संबंध का भी जिक्र किया. 15 अप्रैल को, ईडी ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम के तहत, हरियाणा और पंजाब में मित्तल के परिसरों और उनके और उनके परिवार द्वारा प्रचारित शैक्षणिक संस्थानों पर तलाशी ली। यह छापेमारी आप द्वारा चड्ढा की जगह उन्हें राज्यसभा में पार्टी का उपनेता नियुक्त करने के कुछ दिनों बाद हुई है, जिससे पार्टी के साथ उनकी अनबन शुरू हो गई थी। अब, सिंह के अलावा, AAP केवल दो और सांसदों तक सिमट गई है – दिल्ली से नारायण दास गुप्ता और पंजाब से संत बलबीर सिंह। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 24 अप्रैल, 2026, 16:58 IST समाचार राजनीति कैसे राघव चड्ढा, अन्य आप सांसदों ने राज्यसभा सदस्यता संरक्षण की मांग के लिए दसवीं अनुसूची के पैराग्राफ 4 का इस्तेमाल किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें
Adani Green Energy Profit Jumps 34% FY26

नई दिल्ली7 मिनट पहले कॉपी लिंक अडाणी ग्रीन एनर्जी का वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 34% बढ़कर 514 करोड़ रुपए रहा। पिछले साल इसी तिमाही में यह 383 करोड़ रुपए था। वहीं तिमाही आधार पर मुनाफा 100 गुना से ज्यादा बढ़ा है। दिसंबर 2025 तिमाही में कंपनी का मुनाफा ₹5 करोड़ रुपए था। कंपनी ने 24 अप्रैल को नतीजें जारी किए हैं। वहीं सालाना आधार पर (YoY) कंपनी का रेवेन्यू 16% बढ़ा है। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹2,666 करोड़ था, जो अब बढ़कर ₹3,094 करोड़ हो गया है। तिमाही आधार पर रेवेन्यू 25% से ज्यादा बढ़ा है। दिसंबर तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 2420 करोड़ रुपए रहा था। बेहतर प्रदर्शन के 3 बड़े कारण कंपनी ने अपनी अर्निंग ग्रोथ के लिए मुख्य रूप से तीन वजहें बताई हैं: वित्त वर्ष 2026 में 5.1 GW की रिकॉर्ड ग्रीनफील्ड क्षमता जोड़ना। एडवांस रिन्यूएबल एनर्जी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल और प्लांट का मजबूत प्रदर्शन। गुजरात के खावड़ा और राजस्थान जैसे इलाकों में नए प्रोजेक्ट्स की शुरुआत। EBITDA भी 19.98% बढ़कर ₹2,882 करोड़ पहुंचा कंपनी का कामकाजी मुनाफा यानी EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और एमोर्टाइजेशन से पहले की कमाई) 19.98% बढ़कर ₹2,882 करोड़ हो गया है। पिछले साल यह ₹2,402 करोड़ था। इसके साथ ही कंपनी के मार्जिन में भी 78.2% से बढ़कर 82.3% पर पहुंच गए हैं । पूरे साल का प्रदर्शन: ₹1,987 करोड़ मुनाफा अगर पूरे वित्त वर्ष (FY26) की बात करें, तो कंपनी का नेट प्रॉफिट 1% से भी कम मामूली गिरावट के साथ 1,987 करोड़ रुपए रहा, जो पिछले साल 2,001 करोड़ रुपए था। हालांकि, सालाना रेवेन्यू में 22% की अच्छी बढ़त दिखी और यह 11,602 करोड़ रुपए तक पहुंच गया। खावड़ा में बैटरी स्टोरेज क्षमता 1,376 MWh तक पहुंची अडाणी ग्रीन ने बताया कि गुजरात के खावड़ा में उसकी बैटरी स्टोरेज क्षमता 1,376 MWh तक पहुंच गई है। यह दुनिया के किसी भी एक लोकेशन पर सबसे बड़े ऑपरेशन्स में से एक है। कंपनी का लक्ष्य 2027 तक इस क्षमता को बढ़ाकर 10,000 MWh करने का है। सागर अडाणी बोले- यह एक ऐतिहासिक साल रहा अडाणी ग्रीन एनर्जी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सागर अडाणी ने कहा, “वित्त वर्ष 2026 कंपनी के इतिहास में एक मील का पत्थर रहा है। हमने एक साल में 5.1 GW की ग्रीनफील्ड क्षमता जोड़ी है, जिससे हमारी कुल ऑपरेशनल क्षमता 19.3 GW हो गई है। चीन के बाहर किसी भी कंपनी द्वारा एक साल में किया गया यह दुनिया का सबसे बड़ा विस्तार है।” नतीजों के बाद शेयर में तेजी नतीजों की घोषणा के बाद अडाणी ग्रीन एनर्जी के का शेयर 1.02% की बढ़त के साथ 1,227 रुपए पर बंद हुआ। इस साल अब तक कंपनी के शेयरों में 21% की तेजी आई है। नॉलेज पार्ट: क्या होता है EBITDA और ग्रीनफील्ड क्षमता? EBITDA: इसका मतलब है ‘Earnings Before Interest, Taxes, Depreciation, and Amortization’। यह कंपनी की ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस को समझने का एक तरीका है, जिसमें टैक्स और कर्ज के ब्याज को घटाने से पहले की कमाई देखी जाती है। ग्रीनफील्ड क्षमता: जब कोई कंपनी बिल्कुल नए सिरे से खाली जमीन पर प्रोजेक्ट शुरू करती है, तो उसे ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट कहा जाता है। इसमें किसी पुराने प्लांट का विस्तार नहीं होता। कंसोलिडेटेड मुनाफा मतलब पूरे ग्रुप का प्रदर्शन कंपनियों के रिजल्ट दो भागों में आते हैं- स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड। स्टैंडअलोन में केवल एक यूनिट का वित्तीय प्रदर्शन दिखाया जाता है। जबकि कंसोलिडेटेड या समेकित फाइनेंशियल रिपोर्ट में पूरी कंपनी की रिपोर्ट दी जाती है। जनवरी 2015 में बनी थी अडाणी ग्रीन एनर्जी अडाणी ग्रीन एनर्जी को 23 जनवरी 2015 को अडाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (AEL) की सहायक कंपनी के रूप में बनाया गया था। अडाणी ग्रीन भारत की सबसे बड़ी रिन्यूएबल एनर्जी कंपनियों में से एक है। अडाणी ग्रीन की मौजूदगी 12 राज्यों में है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…








