साउथ अफ्रीकी बॉलर एनगिडी के सिर में चोट:IPL मैच में कैच लेते वक्त गिरे, एम्बुलेंस से अस्पताल ले जाया गया; 15 मिनट खेल रुका

दिल्ली कैपिटल्स और पंजाब किंग्स के बीच शनिवार को अरुण जेटली स्टेडियम में खेले जा रहे IPL मुकाबले के दौरान एक गंभीर हादसा हो गया। दिल्ली के तेज गेंदबाज लुंगी एनगिडी कैच लेने की कोशिश में पीछे की ओर गिर पड़े और उनका सिर जोर से जमीन से टकराया। चोट इतनी गंभीर थी कि खेल करीब 15 मिनट तक रुका रहा। उन्हें एंबुलेंस से राजेंद्र नगर में मौजूद मैक्स अस्पताल ले जाया गया। अभी उनकी जांच चल रही है। यह घटना पंजाब की पारी के तीसरे ओवर में हुई। अक्षर पटेल की फुल लेंथ गेंद पर बल्लेबाज प्रियांश आर्या ने हवा में शॉट खेला। गेंद मिड-ऑफ के ऊपर गई, जहां से एनगिडी तेजी से पीछे भागे। कैच जज करने में हल्की सी चूक हुई और उनका बैलेंस बिगड़ गया। वे पीछे की ओर गिरते हुए सीधे सिर के बल जमीन पर गिरे। टकराव काफी तेज था। गिरते ही उन्होंने सिर पकड़ लिया और मैदान पर ही लेटे रहे। एनगिडी की चोट, 5 PHOTOS पहले स्ट्रेचर, फिर डॉक्टर और एंबुलेंस घटना के तुरंत बाद मैदान पर पहले स्ट्रेचर लाया गया। इसके बाद मेडिकल टीम दौड़कर पहुंची। डॉक्टरों ने एनगिडी से बात की। शुरुआती कुछ क्षणों में वे रिस्पॉन्ड करते हुए नजर आए, जिससे थोड़ी राहत की स्थिति बनी। हालांकि, कुछ ही देर में स्थिति बदलती दिखी। एनगिडी की हालत को लेकर चिंता बढ़ने लगी। मेडिकल स्टाफ ने अतिरिक्त सावधानी बरतते हुए उन्हें स्थिर रखने की कोशिश की। करीब 15 मिनट तक खेल रुका पूरे घटनाक्रम के दौरान मैच करीब 15 मिनट तक रुका रहा। खिलाड़ी, अंपायर और सपोर्ट स्टाफ सभी स्थिति पर नजर बनाए हुए थे। स्थिति गंभीर लगने पर मैदान पर एंबुलेंस बुलाई गई। इसके बाद एनगिडी को स्ट्रेचर पर ले जाकर एंबुलेंस में शिफ्ट किया गया और तुरंत अस्पताल रवाना किया गया। एनगिडी जूझ रहे थे, डीजे गाने बजा रहा था हादसे के बीच एक और बात ने ध्यान खींचा। जब एनगिडी मैदान पर दर्द से जूझ रहे थे और मेडिकल टीम उनका इलाज कर रही थी, उसी दौरान स्टेडियम का डीजे लगातार गाने बजाता रहा। आमतौर पर ऐसी गंभीर स्थिति में माहौल शांत रखा जाता है, लेकिन यहां म्यूजिक चलता रहा। जेंटल जायंट के नाम से जाने जाते हैं एनगिडी लुंगी एनगिडी का पूरा नाम लुंगिसानी ट्रू-मैन एंगिडी है। उनका जन्म 29 मार्च 1996 को साउथ अफ्रीका के डरबन में हुआ था। वह अपनी लंबी कद-काठी और शांत स्वभाव के कारण ‘जेंटल जायंट’ के नाम से जाने जाते हैं। एनगिडी का बचपन एक साधारण परिवार में बीता। उनकी मां घरेलू कामगार थीं और पिता मेंटेनेंस वर्कर थे। शुरुआती दिनों में उन्होंने रग्बी में भी अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन बाद में उन्होंने पूरी तरह क्रिकेट पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने हिल्टन कॉलेज से स्कॉलरशिप पर पढ़ाई की और आगे चलकर प्रिटोरिया यूनिवर्सिटी में इंडस्ट्रियल सोशियोलॉजी में बैचलर डिग्री की पढ़ाई भी की। भारत के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया एनगिडी दाएं हाथ के तेज गेंदबाज हैं, जो 140 किमी/घंटा से ज्यादा की रफ्तार से गेंदबाजी करने के लिए जाने जाते हैं। उनकी स्लोअर बॉल खास पहचान है, जो डेथ ओवर्स में बल्लेबाजों के लिए काफी मुश्किल पैदा करती है। उन्होंने 2018 में भारत के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया और पहली ही पारी में 6 विकेट लेकर अपनी पहचान बनाई। इसके बाद उनका अंतरराष्ट्रीय करियर तेजी से आगे बढ़ा। 2020 में उन्हें साउथ अफ्रीका का बेस्ट वनडे और टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेटर चुना गया। वे 2025 में ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप जीतने वाली साउथ अफ्रीकी टीम का हिस्सा भी रहे। क्रिकेट में सिर की चोट को लेकर सख्त नियम क्रिकेट में सिर पर लगने वाली चोट को बेहद गंभीर माना जाता है। ऐसे मामलों में कंशन का खतरा रहता है, जो खिलाड़ी के लिए जोखिम भरा हो सकता है। ICC ने इसको लेकर स्पष्ट प्रोटोकॉल तय कर रखे हैं। किसी भी खिलाड़ी को सिर पर चोट लगने पर तुरंत मेडिकल जांच और जरूरत पड़ने पर मैदान से बाहर किया जाता है। एनगिडी की मौजूदा स्थिति फिलहाल एनगिडी की स्थिति को लेकर आधिकारिक अपडेट का इंतजार है। शुरुआती तौर पर उनका डॉक्टरों को रिस्पॉन्ड करना सकारात्मक संकेत था, लेकिन बाद में एंबुलेंस बुलाना स्थिति की गंभीरता की ओर इशारा करता है। दिल्ली कैपिटल्स के लिए यह घटना खेल से बड़ा झटका हो सकती है, क्योंकि एनगिडी टीम के प्रमुख तेज गेंदबाजों में शामिल हैं। दिल्ली ने बनाया सीजन का सबसे बड़ा स्कोर इससे पहले मैच में दिल्ली कैपिटल्स ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 2 विकेट पर 264 रन बनाए। यह इस सीजन का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर है। दिल्ली के बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया और पंजाब के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। लक्ष्य का पीछा कर रही पंजाब टीम की पारी की शुरुआत ही थी, जब यह हादसा हुआ।
मणिपुर में प्रदर्शनकारी पुलिस से भिड़े:सुरक्षाबलों ने रोकने के लिए आंसू गैस के गोले चलाए, CM के घर की ओर मार्च निकाल रहे थे

मणिपुर में स्थायी शांति की मांग कर रहे हजारों लोगों की शनिवार को पुलिस से झड़प हो गई। ये सभी CM आवास की ओर मार्च करने निकले थे लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के लगाए बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश की। सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के कई गोले दागे। प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाए और तख्तियां थामे हुए बिष्णुपुर जिले में हाल ही में हुए एक बम धमाके में मारे गए दो बच्चों के लिए न्याय और जातीय संघर्ष से प्रभावित आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों के पुनर्वास की मांग की। बाद में प्रदर्शनकारियों के एक समूह को CM वाई. खेमचंद सिंह से मिलने की अनुमति दी गई। उन्होंने इस मामले पर एक ज्ञापन सौंपा। 5 तस्वीरें में देखें घटना: रैलियों को रोका, CM के घर की सुरक्षा बढ़ाई प्रदर्शनकारियों ने, मैतेई संगठन COCOMI (कोऑर्डिनेटिंग कमिटी ऑन मणिपुर इंटीग्रिटी) के बैनर तले चार अलग-अलग रैलियां निकालीं, जिन्हें अलग-अलग जगहों पर रोक दिया गया। ये बाबूपाड़ा इलाके में CM के बंगले की ओर बढ़ रहे थे। अधिकारियों ने बताया कि CM के आवास की ओर जाने वाली चारों दिशाओं में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए और बैरिकेड लगाए गए। इंफाल पूर्वी जिले में खुराई लामलोंग में CM के बंगले से करीब 2 किलोमीटर दूर प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की। आंदोलन और तेज करेंगे COCOMI के संयोजक वाई. के. धीरेन ने CM से मुलाकात के बाद पत्रकारों से कहा कि संगठन, जनता के साथ मिलकर, लोगों की मांगों को मनवाने के लिए आंदोलन को और तेज करेगा। उन्होंने कहा कि 3 मई, 2023 से मणिपुर संकट में कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है; उन्होंने आरोप लगाया कि निर्णायक राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी है और परस्पर विरोधी बयानों ने शांति प्रयासों में बाधा डाली है। COCOMI के प्रवक्ता नाहकपम शांता सिंह ने इससे पहले कहा था कि संगठन मणिपुर सरकार से 7 अप्रैल को त्रोंगलाओबी में हुए बम धमाके में दो बच्चों की मौत पर ‘एक्शन टेकन रिपोर्ट’ की मांग करता है। उन्होंने कहा, “इसके साथ ही, हमने कई अन्य मांगें भी उठाई हैं। यदि सरकार जवाब देने में विफल रहती है, तो हम आंदोलन के अन्य लोकतांत्रिक तरीकों को अपनाने के लिए विवश होंगे। 3 मई, 2023 से मणिपुर में इम्फाल घाटी के मैतेई और आस-पास की पहाड़ियों के कुकी समुदायों के बीच हुई जातीय हिंसा में 260 से अधिक लोग मारे गए हैं और हजारों लोग बेघर हो गए हैं। मणिपुर में एक साल राष्ट्रपति शासन रहा, 4 फरवरी को नई सरकार बनी मणिपुर में मई 2023 में मैतेई और कुकी-जो समुदायों के बीच जातीय हिंसा शुरू हुई थी। यह 2025 के शुरुआती महीनों तक जारी रही। हिंसा के दौरान कई इलाकों में आगजनी, लूट और हत्याओं की घटनाएं हुईं। हजारों लोग विस्थापित हुए और राहत शिविरों में रहने को मजबूर हुए। मणिपुर के तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने 9 फरवरी, 2025 को इस्तीफा दे दिया था। दो साल से ज्यादा समय तक जारी हिंसा न रोक पाने के कारण उनपर लगातार राजनीतिक दबाव बन रहा था। बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद 13 फरवरी 2025 को मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगा था। करीब एक साल बाद 4 फरवरी 2026 को मणिपुर में नई सरकार का गठन हुआ। भाजपा के युमनाम खेमचंद सिंह ने मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। —————————————- ये खबर भी पढ़ें: मणिपुर के उखरुल में फायरिंग से 3 की मौत:मिलिटेंट्स ने कई घर जलाए, नगा-कुकी समुदाय में तनाव; 7 अप्रैल से अब तक 10 मौतें मणिपुर के उखरुल जिले में शुक्रवार सुबह दो अलग-अलग फायरिंग घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई। मुल्लम गांव के पास सुरक्षाबलों ने करीब 11:25 बजे दो शव बरामद किए। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दोनों आर्मी प्रिंट कपड़ों में थे। पढ़ें पूरी खबर…
Indian Universities Lag, China Leads Top Ranks

Hindi News Career Asia University Rankings 2026: Indian Universities Lag, China Leads Top Ranks 18 मिनट पहले कॉपी लिंक ‘टाइम्स हायर एजुकेशन’ (THE) की एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में सबसे ज्यादा यूनिवर्सिटीज भारतीय हैं। रैंकिंग में शामिल कुल 929 यूनिवर्सिटीज में से 128 भारतीय हैं, जो कि सबसे ज्यादा हैं। हालांकि, टॉप 10 लिस्ट में चीन की 5 यूनिवर्सिटी शामिल है जबकि भारत की कोई भी यूनिवर्सिटी टॉप 40 में भी जगह नहीं बना पाई है। चीन लगातार 8वें साल भी टॉप पर रैंकिंग के मुताबिक, एशिया की टॉप 10 यूनिवर्सिटीज में एक बार फिर चीन ने अपना दबदबा कायम रखा है। पहले और दूसरे नंबर पर चाइनीज यूनिवर्सिटीज हैं और टॉप 10 में भी 5 चाइनीज यूनिवर्सिटीज शामिल है। इस रैंकिंग में सिंघुआ यूनिवर्सिटी लगातार 8वें साल भी टॉप पर बना हुआ है। पेकिंग यूनिवर्सिटी भी दूसरे नंबर पर बरकरार है। इसके अलावा सिंगापुर और हांगकांग की भी दो-दो यूनिवर्सिटीज लिस्ट में शामिल है। वहीं जापान की एक यूनिवर्सिटी ने भी लिस्ट में अपनी जगह बनाई हुई है। टॉप 40 में एक भी इंडियन यूनिवर्सिटी नहीं रैंकिंग लिस्ट में इंडिया 128 इंस्टीट्यूट्स और यूनिवर्सिटीज के साथ मोस्ट रिप्रेजेंटेड नेशन है। इसके बाद 115 इंस्टीट्यूट्स के साथ जापान दूसरे नंबर पर है। हालांकि, लिस्ट में टॉप 40 में एक भी इंडियन इंस्टीट्यूट नहीं है। लिस्ट में टॉप 50 में सिर्फ एक ही इंस्टीट्यूट-इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस है। यहां तक की, टॉप 100 में भी सिर्फ ये एक इंस्टीट्यूट है। पिछले साल के मुकाबले इंडियन यूनिवर्सिटीज की रैंकिंग गिरी इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस, बेंगलुरू की 65.1 स्कोर के साथ 43वीं रैंक है। ये पिछले साल 65.2 स्कोर के साथ अपनी 38वीं रैंक से पांच रैंक नीचे है। वहीं, 2024 में 32वीं रैंक के मुकाबले 11 रैंक नीचे गिरा है। वहीं, इंदौर का इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी भी 2025 में 131वीं रैंक से 2026 में 10 रैंक नीचे गिरकर 141वीं रैंक पर है। यही 2021 में 78 रैंक पर था। टॉप 150 में दो पाकिस्तानी यूनिवर्सिटीज टॉप 150 यूनिवर्सिटीज में पाकिस्तान की कायदे-ए-आजम यूनिवर्सिटी (रैंक 148) और नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी (रैंक 150) है। 2025 की रैंकिंग में कायदे-ए-आजम यूनिवर्सिटी की रैंक 137 थी,जो अब 11 रैंक नीचे खिसकर 148 पर आ गई है। नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी की रैंकिंग 145 से 150 हो गई है। टॉप 200 में सिर्फ 12 इंडियन यूनिवर्सिटी, पिछले साल 14 रही 2026 की रैंकिंग में टॉप 200 में 12 इंडियन इंस्टीट्यूट्स और यूनिवर्सिटीज हैं, जबकि पिछली साल 14 थे। इस साल अन्ना यूनिवर्सिटी (2025 में रैंक 111), महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी (2025 में रैंक 140), IIT गुवाहाटी (2025 में रैंक 184), UPES (2025 में रैंक 188) और IIIT हैदराबाद (2025 में रैंक 200) टॉप 200 से बाहर हो गए हैं। इसकी जगह अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, मणिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन और यूनिवर्सिटी ऑफ दिल्ली ने टॉप 200 में जगह बनाई है। वहीं सवीता इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड टेक्निकल साइंसेज ने 149 से 21 रैंक की सुधार के बाद 128 रैंक पर है। KIIT यूनिवर्सिटी 184 से 169 रैंक पर है। स्टोरी – सोनाली राय ——————- ये खबर भी पढ़ें… CBSE 10वीं बोर्ड में 500/500 लाकर परफेक्ट स्कोर किया:पिता ने कहा था- 33% में भी दिक्कत नहीं; आयुष्मान ने बताए तैयारी के सीक्रेट्स CBSE 10वीं की बोर्ड परीक्षा में ओडिशा के आयुष्मान मोहपात्र ने 500/500 नंबर स्कोर किए हैं। उन्होंने टॉप 5 सब्जेक्ट में परफेक्ट 100 स्कोर किया है। CBSE ने 15 अप्रैल को दसवीं बोर्ड का रिजल्ट जारी किया था। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
पंजाब आप की सबसे बड़ी जीत थी – क्या अब यह पार्टी के सबसे बड़े पतन का कारण बन गई है? | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:25 अप्रैल, 2026, 18:17 IST पंजाब में AAP की 2022 की जीत को ‘दिल्ली मॉडल’ के सफल निर्यात के रूप में घोषित किया गया था, लेकिन इसके बाद की प्रशासनिक वास्तविकता ने गहरी नाराजगी पैदा कर दी पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान 2 दिसंबर, 2023 को गुरदासपुर में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और तत्कालीन आप सांसद राघव चड्ढा के साथ। फ़ाइल तस्वीर/पीटीआई भारत के उच्च सदन में शुक्रवार को हुए विवर्तनिक बदलाव ने आम आदमी पार्टी (आप) को अपने सबसे सफल मोर्चे पंजाब में अस्तित्व के संकट का सामना करना पड़ रहा है। 2022 के पंजाब भूस्खलन के प्राथमिक वास्तुकारों सहित सात राज्यसभा सांसदों का दलबदल, संख्या की हानि से कहीं अधिक का प्रतीक है। राघव चड्ढा और संदीप पाठक को खोकर, AAP ने अनिवार्य रूप से अपने बौद्धिक और परिचालन मुख्यालय को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के हाथ में जाते देखा है। जैसा कि पार्टी इस आंतरिक “बाढ़” से निपट रही है, केंद्रीय प्रश्न यह है कि क्या वही राज्य जिसने आप को सबसे बड़ी जीत दिलाई, अब उसके विखंडन का उत्प्रेरक बन गया है। क्या पंजाब में ‘दिल्ली मॉडल’ दोधारी तलवार थी? पंजाब में आम आदमी पार्टी की 2022 की जीत को “दिल्ली मॉडल” के सफल निर्यात के रूप में घोषित किया गया था, लेकिन इसके बाद की प्रशासनिक वास्तविकता ने गहरी नाराजगी पैदा कर दी। शुरू से ही, यह धारणा कि भगवंत मान सरकार को राष्ट्रीय राजधानी से “दूरस्थ रूप से नियंत्रित” किया जा रहा था, आंतरिक असंतोष का केंद्र बिंदु बन गया। आलोचकों और अब दिवंगत अंदरूनी सूत्रों का सुझाव है कि पंजाब इकाई को एक द्वितीयक उपग्रह के रूप में माना जाता था, जिसे स्थानीय प्राथमिकताओं के बजाय राष्ट्रीय महत्वाकांक्षाओं को वित्तपोषित करने का काम सौंपा गया था। इस घर्षण को राघव चड्ढा की भूमिका ने व्यक्त किया, जिन्होंने पंजाब सरकार की सलाहकार समिति के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। जबकि चड्ढा आलाकमान के “नीली आंखों वाले लड़के” थे, चंडीगढ़ में उनकी उपस्थिति को अक्सर स्थानीय नेताओं द्वारा पंजाब की क्षेत्रीय स्वायत्तता पर अतिक्रमण के रूप में देखा जाता था। चड्ढा और पंजाब से निर्वाचित पांच अन्य सांसदों के जाने से पता चलता है कि “दिल्ली-ओवर-पंजाब” की कहानी अंततः एक संरचनात्मक कमजोरी बन गई, जिसका भाजपा सर्जिकल सटीकता के साथ फायदा उठाने में सक्षम थी। संदीप पाठक की हार से AAP की चुनाव मशीनरी कैसे कमजोर हो गई? अगर आम आदमी पार्टी राजनीतिक दुनिया में एक “स्टार्ट-अप” है, तो संदीप पाठक इसके मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी थे। आईआईटी-दिल्ली के पूर्व प्रोफेसर, पाठक “मूक मास्टरमाइंड” थे, जिन्होंने डेटा-संचालित एल्गोरिदम का निर्माण किया, जिसने पंजाब में 92-सीटों की जीत हासिल की। उनका जाना यकीनन पार्टी की भविष्य की संभावनाओं के लिए सबसे विनाशकारी झटका है। पाठक ने सिर्फ अभियानों का प्रबंधन नहीं किया; उन्होंने बूथ-स्तरीय स्वयंसेवक नेटवर्क और मतदाता-भावना मानचित्रण प्रणाली का निर्माण किया, जिसने AAP को कांग्रेस और अकाली दल जैसे पारंपरिक दिग्गजों से आगे निकलने की अनुमति दी। पाठक की विश्लेषणात्मक कठोरता के बिना, AAP अपने प्राथमिक रणनीतिकार के बिना 2027 के चुनाव चक्र में प्रवेश करती है। भाजपा, जिसने ऐतिहासिक रूप से पंजाब के ग्रामीण इलाकों में पैर जमाने के लिए संघर्ष किया है, ने न केवल राज्यसभा में सात सीटें हासिल की हैं; इसने वही “प्लेबुक” हासिल कर लिया है जिसने चार साल पहले पार्टी को खत्म कर दिया था। मनीष सिसौदिया और संजय सिंह के लिए, गहन कानूनी और राजनीतिक जांच के तहत, संस्थागत बुद्धिमत्ता के इस स्तर को फिर से बनाना एक अत्यंत कठिन कार्य बना हुआ है। क्या पार्टी ‘मालीवाल और हरभजन’ के इशारे से बच पाएगी? पलायन का एक बड़ा प्रतीकात्मक महत्व भी है। स्वाति मालीवाल का जाना, जिन्होंने “हवेली की राजनीति” और व्यक्तिगत हमले की संस्कृति का हवाला दिया, पार्टी के नैतिक मूल को निशाना बनाता है। इसके साथ ही, हरभजन सिंह और अशोक मित्तल जैसे गैर-राजनेता चेहरों का बाहर जाना उस “सेलिब्रिटी” विंग के बीच विश्वास की कमी का संकेत देता है जिसने आप को क्रॉसओवर अपील दी। जब “आम आदमी” ब्रांड उन पेशेवरों और खेल आइकनों के बीच अपनी चमक खोने लगता है, जिन्होंने कभी “स्वच्छ राजनीति” के वादे का समर्थन किया था, तो चुनावी नतीजा शायद ही कभी पीछे रह जाता है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 25 अप्रैल, 2026, 18:16 IST समाचार राजनीति पंजाब आप की सबसे बड़ी जीत थी – क्या अब यह पार्टी के सबसे बड़े पतन का कारण बन गई है? अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)राघव चड्ढा समाचार(टी)आप(टी)राघव चड्ढा(टी)बीजेपी(टी)राज्यसभा(टी)आम आदमी पार्टी(टी)अरविंद केजरीवाल(टी)पंजाब(टी)राघव चड्ढा बीजेपी में शामिल हुए(टी)राघव चड्ढा बीजेपी में शामिल हुए(टी)संदीप पाठक(टी)राघव चड्ढा बीजेपी में शामिल हुए(टी)अशोक मित्तल(टी)राघव चड्ढा आम आदमी पार्टी(टी)राघव चड्ढा ट्विटर(टी)राघव चड्ढा किस पार्टी में शामिल हुए(टी)राघव चड्ढा समाचार आज(टी)राघव चड्ढा(टी)आप राज्य सभा सदस्य(टी)राघव चड्ढा उम्र(टी)राघव चड्ढा फिल्में(टी)राघव चड्ढा बीजेपी में शामिल हुए(टी)हरभजन सिंह(टी)राघव चड्ढा(टी)क्या राघव चड्ढा बीजेपी में शामिल हुए(टी)राघव चड्ढा बीजेपी(टी)राघव चड्ढा समाचार(टी)राघव चड्ढा बीजेपी में(टी)राघव चड्ढा पार्टी(टी)राघव चड्ढा ताजा खबर(टी)राघव चड्ढा कौन सी पार्टी(टी)राघव चड्ढा की पत्नी(टी)परिणीति चोपड़ा
रणवीर सिंह को कांतारा विवाद में कोर्ट से राहत:चार हफ्तों में मंदिर जाकर माफी की शर्त, हाईकोर्ट ने केस निपटाने के संकेत दिए

बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह ‘कांतारा मिमिक्री विवाद’ में कर्नाटक हाईकोर्ट से राहत की ओर बढ़ते दिख रहे हैं। कोर्ट ने केस निपटाने के संकेत दिए हैं, लेकिन एक शर्त रखी है। हाईकोर्ट ने अभिनेता को 4 हफ्ते में चामुंडी हिल मंदिर जाकर माफी मांगने को कहा है। रणवीर सिंह ने अपने खिलाफ दर्ज FIR रद्द करने के लिए याचिका दाखिल की थी। मामला तब सामने आया था, जब उन्होंने गोवा में इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) के दौरान ‘कांतारा’ के एक सीन की मिमिक्री की थी। आरोप है कि इस दौरान उन्होंने ‘चवुंडा दैवा’ पर टिप्पणी की, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक वकील की शिकायत पर FIR दर्ज हुई थी। इसके बाद रणवीर ने कोर्ट का रुख किया और माफी मांगी। सुनवाई में उनके वकील ने कहा कि रणवीर खेद जता चुके हैं और मंदिर जाकर सम्मान प्रकट करने को तैयार हैं। हालांकि, याचिकाकर्ता ने दलील दी कि अभिनेता की माफी स्पष्ट और ठोस नहीं है। उन्होंने कहा कि “ड्यू कोर्स” जैसे शब्द अस्पष्ट हैं, इसलिए तय समयसीमा होनी चाहिए। इस पर कोर्ट ने कहा कि आदेश में लिखा जाएगा कि रणवीर को चार हफ्तों में मंदिर जाना होगा। सुनवाई में जस्टिस एम नागप्रसन्ना ने कहा कि अभिनेता के व्यवहार पर टिप्पणी की जाएगी, ताकि भविष्य में सेलिब्रिटी ऐसी घटनाओं को हल्के में न लें। कोर्ट ने संकेत दिया कि केस निपटाते समय चेतावनी दर्ज की जा सकती है। विवाद की शुरुआत तब हुई जब रणवीर सिंह ने ‘कांतारा’ में ऋषभ शेट्टी के किरदार की नकल करते हुए उसे ‘घोस्ट’ कहा था। इस पर सोशल मीडिया पर काफी आलोचना हुई, जिसके बाद मामला कानूनी रूप ले गया। अब सभी की नजरें कोर्ट के अंतिम फैसले पर हैं, जो आने वाले दिनों में विवाद को खत्म कर सकता है।
रणवीर सिंह को कांतारा विवाद में कोर्ट से राहत:चार हफ्तों में मंदिर जाकर माफी की शर्त, हाईकोर्ट ने केस निपटाने के संकेत दिए

बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह ‘कांतारा मिमिक्री विवाद’ में कर्नाटक हाईकोर्ट से राहत की ओर बढ़ते दिख रहे हैं। कोर्ट ने केस निपटाने के संकेत दिए हैं, लेकिन एक शर्त रखी है। हाईकोर्ट ने अभिनेता को 4 हफ्ते में चामुंडी हिल मंदिर जाकर माफी मांगने को कहा है। रणवीर सिंह ने अपने खिलाफ दर्ज FIR रद्द करने के लिए याचिका दाखिल की थी। मामला तब सामने आया था, जब उन्होंने गोवा में इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) के दौरान ‘कांतारा’ के एक सीन की मिमिक्री की थी। आरोप है कि इस दौरान उन्होंने ‘चवुंडा दैवा’ पर टिप्पणी की, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक वकील की शिकायत पर FIR दर्ज हुई थी। इसके बाद रणवीर ने कोर्ट का रुख किया और माफी मांगी। सुनवाई में उनके वकील ने कहा कि रणवीर खेद जता चुके हैं और मंदिर जाकर सम्मान प्रकट करने को तैयार हैं। हालांकि, याचिकाकर्ता ने दलील दी कि अभिनेता की माफी स्पष्ट और ठोस नहीं है। उन्होंने कहा कि “ड्यू कोर्स” जैसे शब्द अस्पष्ट हैं, इसलिए तय समयसीमा होनी चाहिए। इस पर कोर्ट ने कहा कि आदेश में लिखा जाएगा कि रणवीर को चार हफ्तों में मंदिर जाना होगा। सुनवाई में जस्टिस एम नागप्रसन्ना ने कहा कि अभिनेता के व्यवहार पर टिप्पणी की जाएगी, ताकि भविष्य में सेलिब्रिटी ऐसी घटनाओं को हल्के में न लें। कोर्ट ने संकेत दिया कि केस निपटाते समय चेतावनी दर्ज की जा सकती है। विवाद की शुरुआत तब हुई जब रणवीर सिंह ने ‘कांतारा’ में ऋषभ शेट्टी के किरदार की नकल करते हुए उसे ‘घोस्ट’ कहा था। इस पर सोशल मीडिया पर काफी आलोचना हुई, जिसके बाद मामला कानूनी रूप ले गया। अब सभी की नजरें कोर्ट के अंतिम फैसले पर हैं, जो आने वाले दिनों में विवाद को खत्म कर सकता है।
Khargone BEO Caught Taking Bribe Rs 2000 for Teacher Salary

खरगोन जिले की झिरन्या तहसील के शिक्षा अधिकारी प्रभात परमार्थी को लोकायुक्त पुलिस इंदौर ने 2000 रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई एक महिला अतिथि शिक्षक के वेतन अनुमोदन के लिए रिश्वत मांगने के आरोप में की गई। . लोकायुक्त पुलिस ने यह कार्रवाई भगवानपुरा तहसील के अनकवाड़ी निवासी सुभाष बर्डे की शिकायत पर की। शनिवार दोपहर 12.30 बजे आरोपी प्रभात परमार्थी को खरगोन के ज्योतिनगर स्थित उनके घर पर पकड़ा गया। सुभाष बर्डे ने लोकायुक्त एसपी इंदौर राजेश सहाय को शिकायत दी थी कि उनकी पत्नी सेवंती बर्डे प्राथमिक विद्यालय भेड़िया फलिया, गलतार में अतिथि शिक्षक हैं। लोकायुक्त पुलिस ने शिक्षा अधिकारी प्रभात परमार्थी को रिश्वत लेते पकड़ा है। 10 हजार मांगे थे, 2 हजार पहले ही ले ली शिकायत के अनुसार, सेवंती बर्डे का नवंबर 2025 का वेतन अनुमोदन न होने के कारण रोक दिया गया था। इस संबंध में जब सुभाष बर्डे ने तत्कालीन संकुल प्राचार्य (शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मोहनपुरा) प्रभात परमार्थी से संपर्क किया, तो उन्होंने 2000 रुपए की रिश्वत मांगी। कुल 10,000 रुपए की मांग की गई थी, जिसमें से 8,000 रुपए पहले ही दिए जा चुके थे। प्रभात परमार्थी दिसंबर 2025 में झिरन्या के BEO पद पर पदस्थ हो चुके थे। लोकायुक्त पुलिस ने शिकायत का सत्यापन किया और सही पाए जाने पर यह कार्रवाई की। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में डीएसपी सुनील तालान, आरक्षक आशीष शुक्ला, रामेश्वर निगवाल, चंद्रमोहन बिष्ट, अनिल परमार और आशीष आर्य शामिल थे।
एकल घर खरीद की सबसे बड़ी डील:रिनात ने 5 हजार करोड़ का खरीदा घर; मां का खाली पर्स देख लिया प्रण, पैसों से भर देंगे

यूक्रेन के सबसे अमीर व बैंकिंग कारोबारी रिनात अख्मेतोव (59) ने यूरोपीय देश मोनाको के मारेटेरा में 5,137 करोड़ रु. में पांच मंजिला अपार्टमेंट खरीदा है। 2024 में हुई ये डील इतिहास की सबसे बड़ी एकल आवासीय डील में से एक है। यह खुलासा हाल ही में मोनाको के संपत्ति रिकॉर्ड और लीक ईमेल की जांच के बाद हुआ है। खदान मजदूर के बेटे से 73,328 करोड़ रुपए की नेटवर्थ खड़ी करने के पीछे अथक प्रयास हैं। रिनात का जन्म 1966 में यूक्रेन के डोनेत्स्क में हुआ। मजदूर परिवार से होने के चलते बचपन तंगहाली में बीता। 215 वर्गफुट फीट का घर था, जिसमें शौचालय और पानी की सुविधा नहीं थी। एक बार डॉक्टर को दिखाकर वे मां के संग लौट रहे थे। रास्ते में उनकी नजर मां के खाली बटुए पर पड़ी। यह देख रिनात बहुत दुखी हुए। तभी उन्होंने ठान लिया कि एक दिन वो बड़े फुटबॉलर बनेंगे और मां का पर्स पैसों से भर देंगे। 29 साल बाद वे फुटबॉल क्लब ‘एफसी शाख्तार डोनेत्स्क’ के प्रेसिडेंट बने। 90 के दशक में रिनात ने ‘आर्स’ कंपनी बनाकर कोयला व्यापार शुरू किया और यहीं से पहली बार 10 लाख रु. कमाए। इसके बाद एनर्जी, बैंकिंग, स्टील क्षेत्रों से जुड़े। अभी इनकी होल्डिंग कंपनी सिस्टम कैपिटल मैनेजमेंट है। 2000 के दशक में रिनात अरबपति बने, तो बचपन की पुरानी झोपड़ी वाली जगह पर मां को तोहफा देते हुए बड़ा महल बनवा दिया। 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होते ही रिनात ने अपने स्टील प्लांट्स का काम बदलकर टैंक रोधी अवरोध, बंकर और स्टील शेल्टर बनाने शुरू किए। इस दौरान 1.70 लाख बुलेटप्रूफ जैकेट तैयार कर सेना को मुफ्त में दान दिए। 2011 में लंदन का सबसे महंगा पेंटहाउस भी खरीदा था 2011 में रिनात ने लंदन के ‘वन हाइड पार्क’ में दो अपार्टमेंट्स खरीदे और उन्हें मिलाकर एक आलीशान पेंटहाउस बनवाया। इसकी कीमत उस समय लगभग ₹930 करोड़ से अधिक थी। ये तब ब्रिटेन के इतिहास की सबसे महंगी आवासीय खरीद भी थी। रिनात के पास 5,510 करोड़ रु. कीमत की यॉट भी है।
Punjab Chandigarh big News; AAP MPs Defection

. पंजाब में आज की सबसे बड़ी खबर AAP के 7 सांसदों के पार्टी छोड़ने से जुड़ी रही। वर्करों ने विरोध कर भज्जी, राजिंदर के घर पर गद्दार लिख दिया। वहीं सीएम ने राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगा है। दिनभर की 10 चुनिंदा बड़ी खबरों को VIDEO में देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन 10 बड़ी खबरों को विस्तार से यहां पढ़ भी सकते हैं। तो आइए जानते हैं, पंजाब-चंडीगढ़ में दिनभर में क्या कुछ खास रहा… AAP का दावा- मालीवाल-गुप्ता के साइन फर्जी, उपराष्ट्रपति को ज्ञापन देंगे पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी (AAP) के 10 राज्यसभा सांसदों में से 7 सांसदों ने कल (24 अप्रैल) पार्टी छोड़ दी। इनमें से 6 पंजाब से हैं। पार्टी छोड़ने के बाद पंजाब से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने शुक्रवार शाम को ही सांसद अशोक मित्तल और संदीप पाठक के साथ BJP जॉइन कर ली। राघव चड्ढा के मुताबिक हरभजन सिंह, विक्रमजीत सिंह साहनी, स्वाति मालीवाल, राजेंदर गुप्ता भी हमारे साथ हैं। इन 7 में से 3 राज्यसभा सांसदों हरभजन सिंह भज्जी, राजिंदर गुप्ता और LPU के संस्थापक अशोक मित्तल के खिलाफ AAP के वर्करों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने जालंधर में भज्जी और लुधियाना में राजिंदर गुप्ता के घर के बाहर गद्दार लिख दिया। फगवाड़ा में अशोक मित्तल की यूनिवर्सिटी LPU के गेट पर भी ‘पंजाब का गद्दार’ लिख दिया गया। वित्तमंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि AAP जल्द राज्यसभा के सभापति को पत्र देगी और दलबदल कानून के तहत राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल की सदस्यता खत्म करने की मांग करेगी। इसके लिए सांसद संजय सिंह उपराष्ट्रपति को ज्ञापन देंगे। चीमा ने कहा कि सिर्फ 3 ही सांसद भाजपा में गए हैं। 2 सांसदों स्वाति मालीवाल और राजिंदर गुप्ता के फर्जी साइन किए गए हैं। इससे पहले राघव चड्ढा ने कल दावा किया था कि उनकी पार्टी के राज्यसभा में 10 सांसद हैं। इनमें से दो तिहाई यानी 7 सांसद हमारे साथ हैं। ऐसे में हमारे ऊपर दलबदल कानून लागू नहीं होता। (पढ़ें पूरी खबर) 2. पंजाब में फीडर ट्रिप, सप्लाई सिस्टम फेल, रात भर कट लग रहे पंजाब में अप्रैल में गर्मी बढ़ते ही आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार का बिजली सप्लाई सिस्टम चरमरा गया है। शुक्रवार रात को पूरे पंजाब में बिजली के 2 से 4 घंटे तक के कट लगे। टेंपरेचर 40 डिग्री पार होने के चलते लोग पहले ही गर्मी से परेशान थे, बिजली बंद होने से पूरी रात वह पसीने से तरबतर रहे और सो तक नहीं सके। पावरकॉम के हेल्पलाइन सिस्टम से भी कोई मदद नहीं मिली। इसी बीच पंजाब में बिजली की डिमांड तेजी से बढ़ रही है। शुक्रवार को यह डिमांड 12,130 मेगावाट तक पहुंच गई। जिसके बाद पंजाब ने सेंट्रल पूल से 7 हजार मेगावाट बिजली खरीदी। वहीं पंजाब में 5100 मेगावाट बिजली पैदा की गई। इसके बावजूद पावरकॉम डिमांड पूरी नहीं कर पा रहा है। सबसे बड़ी टेंशन पावरकॉम के टेक्निकल स्टाफ को लेकर हो गई है। टेक्निकल स्टाफ सिर्फ वही काम कर रहा है, जो उनके प्रोफाइल में है। वह अतिरिक्त कोई काम नहीं कर रहे, जिससे फीडर ट्रिप होने के बाद ठीक होने में काफी टाइम लग रहा है। वह सिर्फ 8 घंटे की ही ड्यूटी कर रहे हैं। उनकी हड़ताल 25 मई तक की है (पढ़ें पूरी खबर) 3. पंजाब के इंस्पेक्टर की लाश कार में मिली पंजाब के एक्साइज इंस्पेक्टर की लाश हरियाणा के सिरसा में कार में पड़ी मिली। कार डबवाली के पास अमृतसर-जामनगर भारतमाला रोड पर हाईवे किनारे खड़ी थी। जब काफी देर से कार में कोई हलचल नहीं हुई तो आसपास के लोग नजदीक गए। उन्होंने देखा कि इंस्पेक्टर की लाश फ्रंट की दोनों सीटों के बीच फंसे हुए थे। सीट बेल्ट पेट पर कसी हुई थी। पास में ही सरकारी पिस्टल भी पड़ी थी। इसकी सूचना मिलते ही डबवाली पुलिस मौके पर पहुंची और मोबाइल नंबर, आईडी कार्ड के आधार पर पुलिस ने परिवार को सूचना दी। उधर, परिवार ने घटना पर शक जताते हुए कहा कि तैनाती स्थल से 200 किलोमीटर दूर इंस्पेक्टर यहां कैसे पहुंचे, ये उन्हें नहीं पता। फिलहाल, पुलिस ने शव को कब्जे लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही इंस्पेक्टर की पिस्टल को भी कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। मृतक इंस्पेक्टर की पहचान 45 वर्षीय करमजीत सिंह चीमा के रूप में हुई है, जो पंजाब से लुधियाना के रहने वाले थे। वर्तमान में मोगा में एक्साइज विभाग में इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत थे। शहर थाना पुलिस से एएसआई सुखदेव सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मौत का कारण हार्ट अटैक बताया जा रहा है। (पढ़ें पूरी खबर) 4. चंडीगढ़ में ‘स्टैच्यू’ बन बैठा युवक बोला- दोस्तों ने जॉम्बी ड्रग की लत लगाई चंडीगढ़ में सड़क किनारे करीब एक घंटे तक ‘स्टैच्यू’ बन बैठे युवक का वीडियो सामने आने के बाद दैनिक भास्कर ने उसे ढूंढ निकाला और उसकी आपबीती जानी। युवक ने बताया कि वह करीब दो महीने से कथित “जॉम्बी ड्रग” की चपेट में है, जहां दोस्तों ने ही उसे इस नशे में धकेला। उसने कहा कि पहले हेरोइन लेते थे, लेकिन अब इंजेक्शन के जरिए लिए जाने वाले इस खतरनाक नशे का आदी हो चुका है, जिसके असर से शरीर सुन्न पड़ जाता है और इंसान घंटों तक एक ही पोजीशन में जकड़ा रह जाता है। वह PGI में नौकरी करता था। वहां से नौकरी छूटने के बाद उसकी हालत तेजी से बिगड़ी। इलाज और काउंसलिंग के बावजूद वह दोबारा नशे में लौट गया। अजय ने यह भी दावा किया कि यह नशा इंजेक्शन के जरिए नस में लगाया जाता है। अजय ने कहा कि अगर कोई खड़ा है, तो खड़ा ही रह जाता है और अगर बैठा है, तो उसी तरह बैठा रहता है, शरीर में किसी तरह की हलचल नहीं होती। अजय ने कहा कि यह ड्रग सेक्टर 38-ए, डड्डूमाजरा कॉलोनी की चार मंजिला इमारतों में और मलोया में मिलता है, जहां से उसके दोस्त इसे लेकर आते थे। (पढ़ें पूरी खबर) 5. कारोबारी ने VIDEO बनाकर सुसाइड किया, बोला- DSP, जज की रीडर जिम्मेदार बठिंडा में एक रेत-बजरी कारोबारी ने कोर्ट रीडर पर धोखाधड़ी का आरोप
गर्मियों में मिलने वाला यह पौधा सेहत के लिए फायदेमंद, कई गंभीर बीमारियों का जड़ से करता खात्मा

Last Updated:April 25, 2026, 17:46 IST Health News: हमारे देश के लोग आज भी बड़ी से बड़ी बीमारी में आयुर्वेदिक औषधीयों का सहारा लेते हैं, क्योंकि आयुर्वेद में हर मर्ज का इलाज है ऐसी ही एक औषधि, जिसे मेंथा का पौधा कहते हैं. यह हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद ही फायदेमंद है. आइए एक्सपर्ट से इसके फायदों के बारे में जानते हैं. आयुर्वेद में कई ऐसे पेड़-पौधे बताए गए हैं, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी माने जाते हैं. उन्हीं में से एक है मेंथा का पौधा. यह एक सुगंधित और शीतल प्रकृति वाला पौधा है, जो खासतौर पर गर्मियों के मौसम में आसानी से खेतों और बागानों में उगाया जाता है. मेंथा को प्राकृतिक औषधि के रूप में भी जाना जाता है, क्योंकि इसमें कई प्रकार के औषधीय गुण मौजूद होते हैं. इसकी पत्तियों का उपयोग शरीर की विभिन्न प्रकार की समस्याओं में मददगार साबित होता है और सामान्य उपयोग में इसके कोई विशेष दुष्प्रभाव नहीं होते. आयुर्वेद के अनुसार, मेंथा का नियमित सेवन शरीर को स्वस्थ रखने और कई छोटी-बड़ी बीमारियों से बचाव में सहायक होता है. जिला अस्पताल बाराबंकी के चिकित्सक डॉक्टर अमित वर्मा एमडी मेडिसिन ने बताया कि गर्मियों के दिनों में पाए जाने वाला मेंथा एक औषधीय पौधा है. इसे मेंथा पुदीना के नाम से भी जाना जाता है. इसके पत्ते तना हमारी सेहत वह स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद हैं. इसमें बहुत सारे औषधीय गुण मौजूद होते हैं. इसमें कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, नियासिन, विटामिन-ए, विटामिन-सी, सोडियम, पोटैशियम, आयरन, मैग्नीशियम और कैल्शियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो हमें कई बीमारियों से बचाते हैं. बस इसका सही से इस्तेमाल करने की जरूरत है. गठिया की समस्या में फायदेमंद: अगर आपको काफी ज्यादा सूजन हो रही है, तो इसकी पत्तियों का इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके लिए पिपरमिंट की पत्तियों को अच्छे से पीस लें. अब इस पीसी हुई पत्तियों के पेस्ट को अपने प्रभावित हिस्से पर लगाएं. इससे गठिया में होने वाले सूजन से तुरंत आराम मिल सकता है. Add News18 as Preferred Source on Google पेट की समस्या में फायदेमंद: अक्सर मसालेदार खाना या ज्यादा खाना खा लेने से पेट में गैस हो जाता है, जो पेट दर्द का कारण बन जाता है. घर में पेट दर्द से जल्द आराम पाने के लिए 25 ग्राम पिपरमिंट के निचोड़ में शक्कर मिलाकर सेवन करने से पेट दर्द से राहत मिलती है. दांत दर्द में फायदेमंद: आजकल बच्चे से लेकर बूढ़े सभी दांत दर्द से किसी न किसी समय परेशान होते ही हैं. सबसे अहम बात यह है कि दांत दर्द होने पर लोग घरेलू उपाय ही सबसे पहले उपयोग करते हैं. पिपरमिंट के क्रिस्टल को दांतों के बीच में रखकर दबाने से दांत दर्द में लाभ होता है. सर्दी में फायदेमंद: सालभर में जब भी मौसम में उतार-चढ़ाव होता है, सर्दी सबको अपनी चपेट में ले लेती है. सर्दी से आराम दिलाने में पिपरमिंट बहुत ही गुणकारी होता है. पिपरमिंट का बफारा या भाप लेने से सर्दी या कफ जैसी बीमारियों से राहत मिलती है. दस्त की समस्या में फायदेमंद: अक्सर गलत खानपान की वजह से दस्त होना शुरू हो जाता है. दस्त होने पर पिपरमिंट का सेवन इस तरह से करने पर लाभ मिलता है. पिपरमिंट के पत्तों का काढ़ा बनाकर 5-10 मिली मात्रा में पीने से दस्त, पेट संबंधी समस्या और पेट दर्द में लाभ मिलता है. सिर दर्द की समस्या में फायदेमंद: दिनभर काम के तनाव की वजह से या मौसम के कारण सिरदर्द से सबको कभी न कभी परेशान होना पड़ता है. पिपरमिंट के पत्ते, तना को पीसकर मस्तक पर लगाने से सिरदर्द से लाभ होता है. First Published : April 25, 2026, 17:46 IST








