खरगोन जिले की झिरन्या तहसील के शिक्षा अधिकारी प्रभात परमार्थी को लोकायुक्त पुलिस इंदौर ने 2000 रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई एक महिला अतिथि शिक्षक के वेतन अनुमोदन के लिए रिश्वत मांगने के आरोप में की गई।
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लोकायुक्त पुलिस ने यह कार्रवाई भगवानपुरा तहसील के अनकवाड़ी निवासी सुभाष बर्डे की शिकायत पर की। शनिवार दोपहर 12.30 बजे आरोपी प्रभात परमार्थी को खरगोन के ज्योतिनगर स्थित उनके घर पर पकड़ा गया। सुभाष बर्डे ने लोकायुक्त एसपी इंदौर राजेश सहाय को शिकायत दी थी कि उनकी पत्नी सेवंती बर्डे प्राथमिक विद्यालय भेड़िया फलिया, गलतार में अतिथि शिक्षक हैं।
लोकायुक्त पुलिस ने शिक्षा अधिकारी प्रभात परमार्थी को रिश्वत लेते पकड़ा है।
10 हजार मांगे थे, 2 हजार पहले ही ले ली
शिकायत के अनुसार, सेवंती बर्डे का नवंबर 2025 का वेतन अनुमोदन न होने के कारण रोक दिया गया था। इस संबंध में जब सुभाष बर्डे ने तत्कालीन संकुल प्राचार्य (शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मोहनपुरा) प्रभात परमार्थी से संपर्क किया, तो उन्होंने 2000 रुपए की रिश्वत मांगी। कुल 10,000 रुपए की मांग की गई थी, जिसमें से 8,000 रुपए पहले ही दिए जा चुके थे।
प्रभात परमार्थी दिसंबर 2025 में झिरन्या के BEO पद पर पदस्थ हो चुके थे। लोकायुक्त पुलिस ने शिकायत का सत्यापन किया और सही पाए जाने पर यह कार्रवाई की। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में डीएसपी सुनील तालान, आरक्षक आशीष शुक्ला, रामेश्वर निगवाल, चंद्रमोहन बिष्ट, अनिल परमार और आशीष आर्य शामिल थे।














































