Tuesday, 09 Jun 2026 | 04:16 PM

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Raghav Chadha BJP Joining Controversy; AAP Sanjay Singh

Raghav Chadha BJP Joining Controversy; AAP Sanjay Singh

Hindi News National Raghav Chadha BJP Joining Controversy; AAP Sanjay Singh | Sandeep Pathak Swati Maliwal नई दिल्ली8 मिनट पहले कॉपी लिंक भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल को शुक्रवार शाम को भाजपा कार्यालय में पार्टी की सदस्यता दिलाई थी। आम आदमी पार्टी (AAP) अपने सात राज्यसभा सांसदों के भाजपा में शामिल होने की घोषणा के बाद उन्हें अयोग्य ठहराने के लिए राज्यसभा चेयरमैन को लेटर लिखेगी। AAP का आरोप है कि इन सांसदों का कदम असंवैधानिक है और उन्हें अयोग्य घोषित करना चाहिए। सांसद संजय सिंह ने कहा कि दलबदल विरोधी कानून के तहत राज्यसभा और लोकसभा में किसी भी प्रकार के विभाजन या गुटबाजी को मान्यता नहीं दी जाती, चाहे वह दो-तिहाई बहुमत के साथ ही क्यों न हो। उन्होंने कहा कि संविधान की 10वीं अनुसूची भी ऐसे किसी अलग गुट को वैध नहीं मानती। AAP के 10 राज्यसभा सांसदों में से राघव चड्‌ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक ने शुक्रवार को BJP जॉइन कर ली थी। राघव चड्‌ढा ने कहा था कि हरभजन सिंह, विक्रमजीत सिंह साहनी, स्वाति मालीवाल, राजेंदर गुप्ता भी हमारे साथ हैं। BJP में शामिल होने की घोषणा के 24 घंटे के भीतर राघव चड्ढा के इंस्टाग्राम फॉलोअर्स करीब 13 लाख घटकर 14.6 मिलियन से 13.3 मिलियन रह गए। एक्सपर्ट्स के मुताबिक ये युवा यूजर्स की प्रतिक्रिया हो सकती है। स्वाति मालीवाल बोलीं- केजरीवाल महिला विरोधी हैं स्वाति मालीवाल ने AAP और अरविंद केजरीवाल पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने 2006 से केजरीवाल के साथ काम किया, हर आंदोलन में साथ दिया, लेकिन बाद में उनके साथ पार्टी में दुर्व्यवहार हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके घर में उनके साथ मारपीट कराई गई और FIR वापस लेने के लिए दबाव बनाया गया। मालीवाल ने कहा कि उन्हें दो साल तक संसद में बोलने का मौका नहीं दिया गया जो बेहद शर्मनाक है। उन्होंने केजरीवाल को महिला विरोधी, भ्रष्ट और गुंडागर्दी करने वाला नेता बताया। साथ ही पंजाब सरकार पर भी आरोप लगाया कि वहां अवैध खनन और ड्रग्स का कारोबार चरम पर है और सरकार रिमोट कंट्रोल से चलाई जा रही है। मालीवाल ने यह भी कहा कि उन्होंने BJP किसी दबाव में नहीं, बल्कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्वास के चलते भाजपा जॉइन की है। विपक्ष के अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया सौरभ भारद्वाज- BJP ऐसी पार्टियों से डरती है जो सत्ता से सवाल पूछती हैं। AAP सिर्फ सांसदों की पार्टी नहीं, बल्कि आम कार्यकर्ताओं की पार्टी है, जो बिना किसी पद के भी संघर्ष करते हैं। बड़े नेताओं को ED और CBI जैसी एजेंसियों के डर से तोड़ा जा सकता है, लेकिन AAP के जमीनी कार्यकर्ता डरने वाले नहीं हैं और वे लगातार सवाल उठाते रहेंगे। कांग्रेस नेता जयराम रमेश- BJP की वॉशिंग मशीन फिर चालू हो गई है। जो नेता पहले खुद को ईमानदार और सिद्धांतवादी बताते थे, अब उनका असली चेहरा सामने आ गया है। संजय राउत- भाजपा बकासुर जैसी हो गई है, जिसकी भूख कभी खत्म नहीं होती। BJP किसी भी नेता को अपने साथ शामिल कर लेती है और दलबदल करने वाले नेताओं को गलत जगह पर जाने वाला बताया। अन्ना हजारे- व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए पार्टी बदलना सही नहीं है। जनप्रतिनिधियों को संविधान की भावना के अनुसार काम करना चाहिए और ऐसे फैसले लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Raghav Chadha BJP Joining Controversy; AAP Sanjay Singh

Raghav Chadha BJP Joining Controversy; AAP Sanjay Singh

Hindi News National Raghav Chadha BJP Joining Controversy; AAP Sanjay Singh | Sandeep Pathak Swati Maliwal नई दिल्ली43 मिनट पहले कॉपी लिंक भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल को शुक्रवार शाम को भाजपा कार्यालय में पार्टी की सदस्यता दिलाई थी। आम आदमी पार्टी (AAP) अपने सात राज्यसभा सांसदों के भाजपा में शामिल होने की घोषणा के बाद उन्हें अयोग्य ठहराने के लिए राज्यसभा चेयरमैन को लेटर लिखेगी। AAP का आरोप है कि इन सांसदों का कदम असंवैधानिक है और उन्हें अयोग्य घोषित करना चाहिए। सांसद संजय सिंह ने कहा कि दलबदल विरोधी कानून के तहत राज्यसभा और लोकसभा में किसी भी प्रकार के विभाजन या गुटबाजी को मान्यता नहीं दी जाती, चाहे वह दो-तिहाई बहुमत के साथ ही क्यों न हो। उन्होंने कहा कि संविधान की 10वीं अनुसूची भी ऐसे किसी अलग गुट को वैध नहीं मानती। AAP के 10 राज्यसभा सांसदों में से राघव चड्‌ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक ने शुक्रवार को BJP जॉइन कर ली थी। राघव चड्‌ढा ने कहा था कि हरभजन सिंह, विक्रमजीत सिंह साहनी, स्वाति मालीवाल, राजेंदर गुप्ता भी हमारे साथ हैं। BJP में शामिल होने की घोषणा के 24 घंटे के भीतर राघव चड्ढा के इंस्टाग्राम फॉलोअर्स करीब 13 लाख घटकर 14.6 मिलियन से 13.3 मिलियन रह गए। एक्सपर्ट्स के मुताबिक ये युवा यूजर्स की प्रतिक्रिया हो सकती है। स्वाति मालीवाल बोलीं- केजरीवाल महिला विरोधी हैं स्वाति मालीवाल ने AAP और अरविंद केजरीवाल पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने 2006 से केजरीवाल के साथ काम किया, हर आंदोलन में साथ दिया, लेकिन बाद में उनके साथ पार्टी में दुर्व्यवहार हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके घर में उनके साथ मारपीट कराई गई और FIR वापस लेने के लिए दबाव बनाया गया। मालीवाल ने कहा कि उन्हें दो साल तक संसद में बोलने का मौका नहीं दिया गया जो बेहद शर्मनाक है। उन्होंने केजरीवाल को महिला विरोधी, भ्रष्ट और गुंडागर्दी करने वाला नेता बताया। साथ ही पंजाब सरकार पर भी आरोप लगाया कि वहां अवैध खनन और ड्रग्स का कारोबार चरम पर है और सरकार रिमोट कंट्रोल से चलाई जा रही है। मालीवाल ने यह भी कहा कि उन्होंने BJP किसी दबाव में नहीं, बल्कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्वास के चलते भाजपा जॉइन की है। विपक्ष के अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया सौरभ भारद्वाज- BJP ऐसी पार्टियों से डरती है जो सत्ता से सवाल पूछती हैं। AAP सिर्फ सांसदों की पार्टी नहीं, बल्कि आम कार्यकर्ताओं की पार्टी है, जो बिना किसी पद के भी संघर्ष करते हैं। बड़े नेताओं को ED और CBI जैसी एजेंसियों के डर से तोड़ा जा सकता है, लेकिन AAP के जमीनी कार्यकर्ता डरने वाले नहीं हैं और वे लगातार सवाल उठाते रहेंगे। कांग्रेस नेता जयराम रमेश- BJP की वॉशिंग मशीन फिर चालू हो गई है। जो नेता पहले खुद को ईमानदार और सिद्धांतवादी बताते थे, अब उनका असली चेहरा सामने आ गया है। संजय राउत- भाजपा बकासुर जैसी हो गई है, जिसकी भूख कभी खत्म नहीं होती। BJP किसी भी नेता को अपने साथ शामिल कर लेती है और दलबदल करने वाले नेताओं को गलत जगह पर जाने वाला बताया। अन्ना हजारे- व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए पार्टी बदलना सही नहीं है। जनप्रतिनिधियों को संविधान की भावना के अनुसार काम करना चाहिए और ऐसे फैसले लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

दमोह बैंक ऑफ बड़ौदा कियोस्क में 2 लाख की चोरी:दो प्रिंटर और एक एलसीडी टीवी समेत नकदी ले गए बदमाश

दमोह बैंक ऑफ बड़ौदा कियोस्क में 2 लाख की चोरी:दो प्रिंटर और एक एलसीडी टीवी समेत नकदी ले गए बदमाश

दमोह के कचोरा बाजार में शुक्रवार देर रात चोरों ने बैंक ऑफ बड़ौदा के कियोस्क सेंटर को निशाना बनाया। चोर दुकान का ताला तोड़कर नकद रुपयों समेत करीब दो लाख रुपए का सामान समेट ले गए। शनिवार सुबह 11 बजे जब संचालक दुकान पहुंचा, तब चोरी का पता चला। कियोस्क संचालक अरविंद जैन ने बताया कि शुक्रवार रात वे दुकान बंद करते समय दराज में 50 हजार रुपए नकद छोड़कर गए थे। शनिवार को जब वे सेंटर पहुंचे, तो ताला टूटा हुआ देख उनके होश उड़ गए। अंदर जाकर देखा तो नकद रुपयों के साथ-साथ दो प्रिंटर और एक एलसीडी टीवी भी गायब थी। पुलिस और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट पहुंचे सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस की टीम और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट मौके पर पहुंचे और सबूत जुटाए। संचालक के मुताबिक, नकदी और चोरी हुए सामान की कुल कीमत लगभग 2 लाख रुपए है। पुलिस ने चोरों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस पुलिस अब कचोरा बाजार और आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देख रही है, ताकि चोरों का सुराग लगाया जा सके। संचालक ने पुलिस से मांग की है कि आरोपियों को जल्द पकड़कर उनका सामान और नकदी वापस दिलाई जाए।

चाबहार की हिस्सेदारी ईरानी कंपनी को सौंप सकता है भारत:अमेरिका प्रतिबंध हटने तक जारी रहेगी अस्थायी व्यवस्था; भारत का यहां 120 मिलियन डॉलर का निवेश

चाबहार की हिस्सेदारी ईरानी कंपनी को सौंप सकता है भारत:अमेरिका प्रतिबंध हटने तक जारी रहेगी अस्थायी व्यवस्था; भारत का यहां 120 मिलियन डॉलर का निवेश

भारत ईरान के चाबहार पोर्ट में अपनी हिस्सेदारी ईरानी कंपनी को सौंप सकता है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, यह कदम अस्थायी तौर पर उठाया जा सकता है, ताकि अमेरिका के प्रतिबंधों से मिली छूट खत्म होने के बाद भी काम जारी रह सके। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत का इस पोर्ट में 120 मिलियन डॉलर का निवेश है। भारत सरकार इस मुद्दे पर अमेरिका और ईरान दोनों से अलग-अलग बातचीत कर रही है। रिपोर्ट के मुताबिक यह बातचीत बेहद संवेदनशील है और इसमें शामिल अधिकारियों ने पहचान उजागर करने से इनकार किया है। भारत को नवंबर 2025 में छह महीने की छूट मिली थी, जिससे चाबहार पोर्ट पर बिना रुकावट काम होता रहा। यह छूट इस महीने खत्म हो रही है। चाबहार से पूरी तरह बाहर नहीं निकल रहा भारत रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि भारत चाबहार प्रोजेक्ट से पूरी तरह बाहर निकलने की योजना नहीं बना रहा है। भविष्य में यहां कनेक्टिविटी बढ़ाने की योजना है, जिसमें रेल लिंक भी शामिल है, जिससे अफगानिस्तान और आगे तक पहुंच मजबूत होगी। भारत इस अस्थायी ट्रांसफर को अमेरिका और ईरान के बीच बैलेंस बनाने की कोशिश के तौर पर देख रहा है। एक तरफ अमेरिका का ईरान पर सख्त प्रतिबंध है, वहीं दूसरी तरफ चाबहार पोर्ट भारत की रणनीति का अहम हिस्सा है। यह पोर्ट पाकिस्तान को बायपास करते हुए सीधे अफगानिस्तान तक पहुंच देता है। चाबहार पोर्ट स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास स्थित है, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ने वाला अहम समुद्री रास्ता है। इसकी लोकेशन इसे रणनीतिक रूप से और महत्वपूर्ण बनाती है। चाबहार पोर्ट लंबे समय से भारत की क्षेत्रीय रणनीति का हिस्सा रहा है। इसे पाकिस्तान के ग्वादर पोर्ट में चीन की मौजूदगी के जवाब के तौर पर भी देखा जाता है। ऐसे में हिस्सेदारी ट्रांसफर का कोई भी कदम क्षेत्रीय कूटनीति पर असर डाल सकता है। पोर्ट के लिए भारत ने अब तक क्या-क्या किया भारत ने साल 2003 में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के दौरान ईरान से चाबहार बंदरगाह को लेकर बातचीत शुरू की। बाद में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े तनाव के कारण यह प्रक्रिया रुक गई। साल 2013 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने चाबहार बंदरगाह में 800 करोड़ रुपए निवेश करने की घोषणा की। साल 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान और अफगानिस्तान के नेताओं के साथ चाबहार समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के तहत भारत ने एक टर्मिनल के लिए 700 करोड़ रुपए देने और बंदरगाह के विकास के लिए 1,250 करोड़ रुपए का कर्ज देने का फैसला किया। साल 2024 में तत्कालीन विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने ईरान के विदेश मंत्री से मुलाकात कर कनेक्टिविटी के मुद्दे पर चर्चा की। भारतीय कंपनी इंडिया पोर्ट्स ग्लोबल लिमिटेड (IPGL) के अनुसार, चाबहार बंदरगाह पूरी तरह तैयार होने पर 82 मिलियन टन कार्गो संभाल सकेगा। चाबहार पोर्ट से भारत के 4 बड़े फायदे 1. बिना पाकिस्तान के रास्ते सेंट्रल एशिया तक पहुंच भारत को अफगानिस्तान या दूसरे एशियाई देशों तक सामान भेजने के लिए पाकिस्तान के रास्ते से नहीं जाना पड़ता। भारत ईरान के चाबहार पोर्ट से सीधा अपना माल अफगानिस्तान और सेंट्रल एशिया भेज सकता है। इससे समय और पैसा दोनों बचते। 2. व्यापार बढ़ेगा भारत चाबहार के जरिए अपने सामान, दवाएं, फूड और इंडस्ट्रीयल प्रोडक्ट आसानी से दूसरे देशों तक भेज सकता है। इससे भारत का एक्सपोर्ट बढ़ेगा और लॉजिस्टिक खर्च (ढुलाई खर्च) कम होगा। भारत को ईरान से तेल खरीदने में आसानी होती है। दोनों देश मिलकर चाबहार को एक ट्रेड हब बना सकेंगे। 3. भारत का निवेश सुरक्षित रहेगा भारत ने चाबहार पोर्ट के विकास में काफी पैसा और संसाधन लगाए हैं। 4. चीन-पाकिस्तान का काउंटर चाबहार बंदरगाह, पाकिस्तान के ग्वादर पोर्ट (जहां चीन निवेश कर रहा है) के नजदीक है। इसलिए यह पोर्ट भारत को रणनीतिक रूप से मजबूत बनाता है और चीन-पाकिस्तान गठजोड़ को काउंटर करने में मदद करता है।

चाबहार की हिस्सेदारी ईरानी कंपनी को सौंप सकता है भारत:अमेरिका प्रतिबंध हटने तक जारी रहेगी अस्थायी व्यवस्था; भारत का यहां ₹1100 करोड़ का निवेश

चाबहार की हिस्सेदारी ईरानी कंपनी को सौंप सकता है भारत:अमेरिका प्रतिबंध हटने तक जारी रहेगी अस्थायी व्यवस्था; भारत का यहां 120 मिलियन डॉलर का निवेश

भारत ईरान के चाबहार पोर्ट में अपनी हिस्सेदारी ईरानी कंपनी को सौंप सकता है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, यह कदम अस्थायी तौर पर उठाया जा सकता है, ताकि अमेरिका के प्रतिबंधों से मिली छूट खत्म होने के बाद भी काम जारी रह सके। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत का इस पोर्ट में ₹1100 करोड़ का निवेश है। भारत सरकार इस मुद्दे पर अमेरिका और ईरान दोनों से अलग-अलग बातचीत कर रही है। रिपोर्ट के मुताबिक यह बातचीत बेहद संवेदनशील है और इसमें शामिल अधिकारियों ने पहचान उजागर करने से इनकार किया है। भारत को नवंबर 2025 में छह महीने की छूट मिली थी, जिससे चाबहार पोर्ट पर बिना रुकावट काम होता रहा। यह छूट इस महीने खत्म हो रही है। चाबहार से पूरी तरह बाहर नहीं निकल रहा भारत रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि भारत चाबहार प्रोजेक्ट से पूरी तरह बाहर निकलने की योजना नहीं बना रहा है। भविष्य में यहां कनेक्टिविटी बढ़ाने की योजना है, जिसमें रेल लिंक भी शामिल है, जिससे अफगानिस्तान और आगे तक पहुंच मजबूत होगी। भारत इस अस्थायी ट्रांसफर को अमेरिका और ईरान के बीच बैलेंस बनाने की कोशिश के तौर पर देख रहा है। एक तरफ अमेरिका का ईरान पर सख्त प्रतिबंध है, वहीं दूसरी तरफ चाबहार पोर्ट भारत की रणनीति का अहम हिस्सा है। यह पोर्ट पाकिस्तान को बायपास करते हुए सीधे अफगानिस्तान तक पहुंच देता है। चाबहार पोर्ट होर्मुज स्ट्रेट के पास है, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ने वाला अहम समुद्री रास्ता है। इसकी लोकेशन इसे रणनीतिक रूप से और महत्वपूर्ण बनाती है। चाबहार पोर्ट लंबे समय से भारत की क्षेत्रीय रणनीति का हिस्सा रहा है। इसे पाकिस्तान के ग्वादर पोर्ट में चीन की मौजूदगी के जवाब के तौर पर भी देखा जाता है। ऐसे में हिस्सेदारी ट्रांसफर का कोई भी कदम क्षेत्रीय कूटनीति पर असर डाल सकता है। पोर्ट के लिए भारत ने अब तक क्या-क्या किया भारत ने साल 2003 में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के दौरान ईरान से चाबहार पोर्टको लेकर बातचीत शुरू की। बाद में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े तनाव के कारण यह प्रक्रिया रुक गई। साल 2013 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने चाबहार पोर्टमें 800 करोड़ रुपए निवेश करने की घोषणा की। साल 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान और अफगानिस्तान के नेताओं के साथ चाबहार समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के तहत भारत ने एक टर्मिनल के लिए 700 करोड़ रुपए देने और पोर्टके विकास के लिए 1,250 करोड़ रुपए का कर्ज देने का फैसला किया। साल 2024 में तत्कालीन विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने ईरान के विदेश मंत्री से मुलाकात कर कनेक्टिविटी के मुद्दे पर चर्चा की। चाबहार पोर्ट से भारत के फायदे 1. बिना पाकिस्तान के रास्ते सेंट्रल एशिया तक पहुंच भारत को अफगानिस्तान या दूसरे एशियाई देशों तक सामान भेजने के लिए पाकिस्तान के रास्ते से नहीं जाना पड़ता। भारत ईरान के चाबहार पोर्ट से सीधा अपना माल अफगानिस्तान और सेंट्रल एशिया भेज सकता है। इससे समय और पैसा दोनों बचते। 2. व्यापार बढ़ेगा भारत चाबहार के जरिए अपने सामान, दवाएं, फूड और इंडस्ट्रीयल प्रोडक्ट आसानी से दूसरे देशों तक भेज सकता है। इससे भारत का एक्सपोर्ट बढ़ेगा और लॉजिस्टिक खर्च (ढुलाई खर्च) कम होगा। भारत को ईरान से तेल खरीदने में आसानी होती है। दोनों देश मिलकर चाबहार को एक ट्रेड हब बना सकेंगे। 3. चीन-पाकिस्तान का काउंटर चाबहार बंदरगाह, पाकिस्तान के ग्वादर पोर्ट (जहां चीन निवेश कर रहा है) के नजदीक है। इसलिए यह पोर्ट भारत को रणनीतिक रूप से मजबूत बनाता है और चीन-पाकिस्तान गठजोड़ को काउंटर करने में मदद करता है। ———————– ये खबर भी पढ़ें… दावा- ब्रिटेन ने जंग में साथ नहीं दिया, ट्रम्प नाराज:ब्रिटेन के कब्जे वाले फॉकलैंड द्वीप पर अर्जेंटीना का साथ दे सकते हैं ब्रिटेन और स्पेन ने NATO से जुड़ी एक अमेरिकी रिपोर्ट पर आपत्ति जताई है। इसमें कहा गया था कि ट्रम्प सरकार इन दोनों देशों को सजा देने पर विचार कर रही हैं। इसकी वजह ईरान के खिलाफ जंग में अमेरिका का खुलकर साथ नहीं देना है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी रक्षा मंत्रालय यानी पेंटागन के भीतर अधिकारियों के बीच एक ईमेल के जरिए बातचीत हुई, जिसमें अलग-अलग संभावित कदमों (ऑप्शन्स) पर विचार किया जा रहा था। पूरी खबर यहां पढ़ें…

‘केजरीवाल के साथ कोई काम नहीं कर सकता’: स्वाति मालीवाल ने की पीएम मोदी की तारीफ, कहा- AAP अब वही पार्टी नहीं रही | भारत समाचार

DC vs PBKS Live Score: Follow latest updates from the IPL 2026 match. (AP Photo)

आखरी अपडेट:25 अप्रैल, 2026, 16:49 IST मालीवाल ने केजरीवाल के आवास पर शारीरिक हमले के आरोपों का जिक्र किया और कहा कि आम आदमी पार्टी अब “झूठ, भ्रष्टाचार और गुंडागर्दी” के लिए जानी जाती है। पूर्व AAP सांसद स्वाति मालीवाल. (पीटीआई/फ़ाइल) स्वाति मालीवाल, जो शुक्रवार को भाजपा में शामिल होने वाले सात आप सांसदों में से एक थीं, ने कहा कि उनकी पूर्व पार्टी अपने मूल सिद्धांतों से बहुत दूर भटक गई है, और दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल अब पहले जैसे नहीं रहे। पिछले साल दिल्ली में सत्ता गंवाने के बाद आप को उस समय भारी झटका लगा जब कभी पार्टी का प्रमुख चेहरा रहे राघव चड्ढा ने छह अन्य सांसदों के साथ भाजपा में शामिल होने के लिए आधिकारिक तौर पर इस्तीफा दे दिया। मालीवाल, संदीप पाठक, हरभजन सिंह और अशोक मित्तल दलबदलुओं में से कुछ थे। यहां लाइव अपडेट्स फॉलो करें मालीवाल ने बताया, “मैंने अपना घर छोड़ दिया, सात साल तक झुग्गियों में रही, अपनी नौकरी छोड़ दी और हर आंदोलन का समर्थन किया। लेकिन जब मैंने मारपीट के बाद एफआईआर दर्ज करने की कोशिश की, तो केजरीवाल के आवास पर उनके सहयोगियों ने मुझे पीटा।” पीटीआईयह कहते हुए कि उसे अपना मामला वापस लेने के लिए “धमकी दी गई और दबाव डाला गया”। उन्होंने कहा, “दो साल तक मुझ पर अपना केस वापस लेने का दबाव डाला गया, लेकिन मैं नहीं झुकी। इस वजह से पार्टी ने मुझे संसद में बोलने के लिए एक मिनट का भी समय नहीं दिया।” मालीवाल 2024 के उस मामले का जिक्र कर रही थीं, जहां उन्होंने केजरीवाल के एक करीबी सहयोगी पर उनके आवास पर शारीरिक उत्पीड़न करने का आरोप लगाया था। इस घटना ने पार्टी के भीतर गहरे आंतरिक विभाजन की शुरुआत को चिह्नित किया। घटना के बाद से मालीवाल केजरीवाल की मुखर आलोचक रही हैं और उन्होंने खुद को पार्टी के हितों से दूर कर लिया है। यह भी पढ़ें: कैसे केजरीवाल की AAP हार गई: स्वाति मालीवाल के हमले से लेकर राघव चड्ढा के बाहर निकलने तक ‘केजरीवाल के साथ कोई काम नहीं कर सकता’ मालीवाल ने आगे कहा कि AAP पूरी तरह से बदल गई है और अब “झूठ, भ्रष्टाचार और गुंडागर्दी” के लिए जानी जाती है, उन्होंने कहा कि लोग अब केजरीवाल के कारण जा रहे हैं। उन्होंने और अधिक दलबदल की चेतावनी देते हुए कहा, “कोई भी अच्छा व्यक्ति उनके साथ लंबे समय तक काम नहीं कर सकता। वह कहते कुछ हैं और करते कुछ और।” उन्होंने आगे कहा कि केजरीवाल ने एक बार खुद को “आम आदमी” के रूप में पेश किया था, लेकिन दिल्ली में कई “शीशमहल” नहीं बना रहे थे। उन्होंने दिल्ली में आप की हार के बाद उन पर “रिमोट कंट्रोल” के जरिए पंजाब सरकार चलाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने आगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की और कहा कि भाजपा में शामिल होने का उनका फैसला सावधानीपूर्वक विचार करने के बाद आया है। उन्होंने कहा, “उनके नेतृत्व में भारत तेजी से प्रगति कर रहा है और उनकी कूटनीति के कारण विश्व स्तर पर मजबूत होकर उभरा है।” मालीवाल ने उन दावों को भी खारिज कर दिया कि ईडी और सीबीआई जैसी एजेंसियों के डर से नेता भाजपा में शामिल हो रहे हैं, उन्होंने कहा, “मैं उनमें से नहीं हूं जो डर सकती हूं। मैं पूरे दिल से शामिल हुई हूं। अगर मैं चाहती तो दो साल पहले शामिल हो सकती थी।” इससे पहले, मालीवाल ने एक्स पर एक पोस्ट में आरोप लगाया था कि ईमानदारी और पारदर्शिता के संस्थापक आदर्श जो आप को परिभाषित करते थे, अब पार्टी के सात सांसदों के पलायन के बाद “त्याग” दिए गए हैं। विलय से भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए को उच्च सदन में पर्याप्त बढ़ावा मिलेगा, जिससे यह कार्यात्मक बहुमत के करीब पहुंच जाएगा जो विवादास्पद कानून के पारित होने को आसान बना सकता है। दलबदल से सदन में आप की ताकत काफी कम हो गई है। और पढ़ें: ‘हमें छोड़ने के लिए मजबूर किया गया’: राघव चड्ढा कहते हैं, बीजेपी के पाला बदलने के बाद AAP ‘गलत रास्ते’ पर आगे बढ़ रही है चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 25 अप्रैल, 2026, 16:49 IST न्यूज़ इंडिया ‘केजरीवाल के साथ कोई काम नहीं कर सकता’: स्वाति मालीवाल ने की पीएम मोदी की तारीफ, कहा- AAP अब पहले जैसी पार्टी नहीं रही अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें

गुना में बैंक की प्रोजेक्ट मैनेजर ने खाया जहर, मौत:पति को घर का सामान लाने बाजार भेजा; पति ने कॉल किया तो बोली-जहर खा लिया

गुना में बैंक की प्रोजेक्ट मैनेजर ने खाया जहर, मौत:पति को घर का सामान लाने बाजार भेजा; पति ने कॉल किया तो बोली-जहर खा लिया

गुना की विंध्याचल कॉलोनी में नवविवाहिता ने जहर खाकर सुसाइड कर लिया। महिला ने पहले अपने पति को घर का सामान लेने बाजार भेजा, इसके बाद चूहामार खा ली। जानकारी के अनुसार, रीवा जिले की रहने वाली दिव्या मिश्रा (33) अपने पति दीपेंद्र मिश्रा के साथ यहां रहती थीं। शुक्रवार शाम पति को बाजार भेजने के बाद दिव्या ने उसे फोन पर बताया कि उसने जहर खा लिया है। यह सुनते ही पति तुरंत घर पहुंचा और उसे अस्पताल ले गया। दिव्या को पहले एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां रातभर इलाज चलता रहा। शनिवार सुबह करीब 7 बजे उसकी मौत हो गई। लव मैरिज के बाद साथ रह रहा था दंपती दोनों की तीन साल पहले लव मैरिज हुई थी। दीपेंद्र मिश्रा कार शोरूम में काम करते हैं, जबकि दिव्या एक बैंक में प्रोजेक्ट मैनेजर के पद पर कार्यरत थीं। मौत के बाद शव को जिला अस्पताल लाया गया, जहां तहसीलदार की मौजूदगी में डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। कारण स्पष्ट नहीं, पुलिस जांच में जुटी प्राथमिक जानकारी में पति-पत्नी के बीच किसी तरह का विवाद सामने नहीं आया है। महिला ने यह कदम क्यों उठाया, इसका कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सका है। कोतवाली पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

गंदे वॉशबेसिन सफाई युक्तियाँ: वॉश बेसिन के ऊपर लगे फिल्टर पर जमे हुए पानी के दाग है? इन 5 प्रवेश से साफ़ करें; हो जाएगा चमाचम

गंदे-वॉशबेसिन-दर्पण-बाथरूम-दर्पण-पानी-धब्बों को कैसे साफ करें-गंदे शीशे की सफाई कैसे करें

25 अप्रैल 2026 को 16:37 IST पर अद्यतन किया गया Dirty Washbasin Mirror Cleaning Tips: बाथरूम का वॉश बेसिन और उसके ऊपर लगा शीशा रोज इस्तेमाल में आता है। ऐसे में उस पर पानी का दाग, साबुन का निशान और कूड़ा जमा हो जाता है, जिससे वह दिखने में आकर्षक और आकर्षक लगता है। अगर आप भी इन जिद्दी बातों से परेशान हैं, तो अब चिंता करने की जरूरत नहीं है। कुछ आसान घरेलू प्रवेश द्वार से आप अपने चश्मे को फिर से चमका सकते हैं। तो जानिए 5 आसान और असरदार तरीके- अनुसरण करना : सिरका आने का काम: सिरका उद्यम है। एक बोतल में पानी और सफेद सिरका मिलाकर इसे स्प्रे पर रखें और 2-3 मिनट के लिए छोड़ दें। साफा कपड़े या पेपर से पेपर लें। चमकीला हो जायेगा। छवि: फ्रीपिक अंग्रेजी काम:लेबम में मौजूद एसिड के दाग को हटाने में मदद मिलती है। टेम्पलेट का रस पारंपरिक सीधे दाग वाली जगह पर। 5 मिनट बाद आकर्षक पोशाक से साफ कर लें। ऐसे उदाहरण पर जमी सफेदी और गायब हो जाएंगे। छवि: फ्रीपिक बेस्ट सोडा का पेस्ट: जिद्दी दाग ​​निकालने के लिए सबसे अच्छा उत्पाद है। इंस्टीट्यूट सोडा में पानी के पेस्ट की दुकान। इसे टैग पर हाथ से राँचें। फिर आरामदायक कपड़ों से साफ कर लें। आसानी से हट जायेंगे। छवि: फ्रीपिक साबुन: साबुन दाग गहरा नहीं हैं, तो यह तरीका काफी है। गुनगुने पानी में शैतान साबुन। कपड़ों को डब्बेकर में शीशा साफ करें। बाद में बच्चों के कपड़े से लेकर फोटोग्राफर तक। शीशा सासा और ताजी चीज़। छवि: एआई अखबार से फिनिशिंग: सफाई के बाद फाइनल टच देना जरूरी है। फाईल को साफ करने के बाद पेपर से ‍पाठकें। इससे कोई दस्तावेज़ या रूढ़ि नहीं रहेगी और चमकीला चमक उठेगा। छवि: फ्रीपिक सप्ताह में कम से कम 2 बार चश्मा साफ करें। कठोर पानी के दाग जल्दी जमते हैं, इसलिए नियमित सफाई जरूरी है। बहुत जोर से राँचे से बचाया, इससे शीशा ख़राब हो सकता है। छवि: फ्रीपिक इन आसान घरेलू इंस्टालेशन से आप अपनी वॉश वैली के ग्लास को बिना ज्यादा मेहनत के चमचमा सकते हैं। अब आपका कलाकार हमेशा के लिए साफ और चमकदार दिखता है। छवि: एआई द्वारा प्रकाशित : समृद्धि ब्रेजा प्रकाशित 25 अप्रैल 2026 16:36 IST पर

‘हमें छोड़ने के लिए मजबूर किया गया’: राघव चड्ढा ने कहा, बीजेपी के साथ बदलाव के बाद AAP ‘गलत रास्ते’ पर आगे बढ़ रही है | भारत समाचार

DC vs PBKS Live Score: Follow latest updates from the IPL 2026 match. (AP Photo)

आखरी अपडेट:25 अप्रैल, 2026, 16:10 IST राघव चड्ढा ने कहा कि आप के कई सांसद पार्टी छोड़ने का विकल्प चुन रहे हैं क्योंकि यह भ्रष्ट और समझौतावादी हाथों में पड़ गई है। राघव चड्ढा के जाने के बाद उनके और पार्टी के बीच तनाव पैदा हो गया। आप के पूर्व सांसद राघव चड्ढा ने शनिवार को कहा कि उन्होंने और छह अन्य सांसदों ने डर के कारण पार्टी नहीं छोड़ी, बल्कि केजरीवाल की नीतियों के कारण उन्हें ऐसा करने के लिए मजबूर होना पड़ा। एक समय आप के उभरते सितारे रहे चड्ढा ने छह अन्य राज्यसभा सांसदों के साथ पार्टी छोड़ दी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए, जिससे आंतरिक दरार पूरी तरह से टूट में बदल गई। संदीप पाठक, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, स्वाति मालीवाल और विक्रम साहनी अन्य सांसद थे जिन्होंने दलबदल किया। पत्रकारों से बात करते हुए चड्ढा ने कहा, “हर वह व्यक्ति जिसने आम आदमी पार्टी को अपने खून-पसीने से सींचा और बड़ी उम्मीदों के साथ पार्टी से जुड़ा था, उसने या तो पार्टी छोड़ दी है या छोड़ने की तैयारी में है। हर मेहनती व्यक्ति का मानना ​​है कि पार्टी में कोई गुंजाइश नहीं है।” लाइव अपडेट्स का पालन करें चड्ढा ने इस बात पर जोर दिया कि केजरीवाल के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी गलत दिशा में जा रही है और कोई भी अब उसके साथ जुड़ना नहीं चाहता है, उन्होंने कहा कि पार्टी “भ्रष्ट और समझौतावादी हाथों” में पड़ गई है। वीडियो | दिल्ली: 6 अन्य सांसदों के साथ AAP छोड़ने पर राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कहा, ‘हर वह व्यक्ति जिसने आम आदमी पार्टी को अपने खून-पसीने से सींचा, और बहुत उम्मीदों के साथ पार्टी से जुड़ा था, उसने या तो पार्टी छोड़ दी है या आगे बढ़ने की तैयारी में है… pic.twitter.com/umGep7kQBG– प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (@PTI_News) 25 अप्रैल 2026 उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली में शीशमहल विवाद ने केजरीवाल की गरिमा को गिराने और दिल्ली विधानसभा चुनाव में आप की हार में योगदान दिया। उन्होंने कहा, “मुझे आश्चर्य है कि आम आदमी पार्टी के बचे हुए कुछ अच्छे कार्यकर्ता कैसे प्रतिक्रिया देंगे जब गलियों और इलाकों में लोग उनसे शीश महल के बारे में सवाल पूछेंगे। आम आदमी पार्टी को आत्मनिरीक्षण करना चाहिए और इस बारे में सोचना चाहिए।” यह भी पढ़ें: क्यों संदीप पाठक का जाना AAP के लिए राघव चड्ढा से भी बड़ा झटका है? चड्ढा का जाना आप के लिए एक नया झटका है राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के 10 सदस्य हैं. छह अन्य सांसदों के साथ पार्टी छोड़ने का चड्ढा का कदम संसद के ‘दो-तिहाई’ नियम के तहत एक रणनीतिक कदम है, जिसके तहत यदि सदन में किसी पार्टी के दो-तिहाई सदस्य किसी अन्य पार्टी में विलय के लिए सहमत होते हैं, तो इसे वैध विलय माना जाता है, न कि दलबदल। 37 वर्षीय चड्ढा पार्टी के शुरुआती दिनों से ही केजरीवाल के साथ जुड़े हुए थे। पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट और दिल्ली के मॉडर्न स्कूल के पूर्व छात्र, वह पहली बार इंडिया अगेंस्ट करप्शन आंदोलन के अंतिम चरण के दौरान केजरीवाल से जुड़े थे, जब एक राजनीतिक पार्टी बनाने के बारे में चर्चा चल रही थी। वह जल्द ही आप के राष्ट्रीय प्रवक्ता के रूप में एक प्रमुख चेहरे के रूप में उभरे और 26 साल की उम्र में उन्हें राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया। हालाँकि, हाल के हफ्तों में चड्ढा और आप के बीच तनाव बढ़ रहा था। दरार तब और अधिक स्पष्ट हो गई जब चड्ढा पार्टी के प्रमुख कार्यक्रमों और चुनाव प्रचार से अनुपस्थित रहे, जिसमें हाल ही में केजरीवाल और मनीष सिसौदिया को उत्पाद शुल्क नीति मामले में अदालत से मिली राहत भी शामिल थी। चड्ढा पर विशिष्ट सार्वजनिक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करके राज्यसभा में पार्टी के हितों का प्रतिनिधित्व करने में विफल रहने का आरोप लगाया गया था और उन्हें उच्च सदन में आप के उपनेता पद से हटा दिया गया था। विभाजन से राज्यसभा में भाजपा और एनडीए की संख्या भी मजबूत होगी, जबकि संसद में AAP की उपस्थिति काफी कमजोर हो जाएगी और एक राष्ट्रीय राजनीतिक ताकत के रूप में इसके भविष्य पर सवाल उठेंगे। यह भी पढ़ें: जेन जेड बैकलैश? AAP छोड़ने के बाद राघव चड्ढा ने इंस्टाग्राम पर खोए 1 मिलियन फॉलोअर्स चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 25 अप्रैल, 2026, 15:50 IST न्यूज़ इंडिया ‘हमें छोड़ने के लिए मजबूर किया गया’: राघव चड्ढा का कहना है कि बीजेपी के पाला बदलने के बाद AAP ‘गलत रास्ते’ पर आगे बढ़ रही है अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें

दिल्ली-इंदौर एअर इंडिया फ्लाइट में तकनीकी खराबी, उड़ान कैंसिल:रनवे से लौटा विमान, भीषण गर्मी में घंटों बिना AC के बैठे यात्री; एयरपोर्ट पर नारेबाजी

दिल्ली-इंदौर एअर इंडिया फ्लाइट में तकनीकी खराबी, उड़ान कैंसिल:रनवे से लौटा विमान, भीषण गर्मी में घंटों बिना AC के बैठे यात्री; एयरपोर्ट पर नारेबाजी

दिल्ली से इंदौर आने वाली एअर इंडिया की फ्लाइट AI-2515 को तकनीकी खराबी के चलते रनवे से वापस टर्मिनल पर लाना पड़ा। रनवे पर खड़ी फ्लाइट के अंदर एयर कंडीशनिंग (AC) बंद कर दी गई। भीषण गर्मी और बंद केबिन में घंटों फंसे रहने से यात्रियों की तबीयत बिगड़ने लगी। यात्री रिफंड की मांग को लेकर दिल्ली एयरपोर्ट पर नारेबाजी कर रहे हैं। फ्लाइट रोजाना दोपहर 12:10 बजे दिल्ली से उड़ान भरती है। 1:45 बजे इंदौर पहुंचती है। तकनीकी समस्या के कारण देरी हुई। इसके शाम 5 बजे तक इंदौर पहुंचने की संभावना जताई गई थी, लेकिन एअर इंडिया ने फ्लाइट को रद्द कर दिया है। घटनाक्रम की शुरुआत दिल्ली एयरपोर्ट पर गेट बदलने से हुई। बोर्डिंग से पहले दो बार गेट बदला गया, जिससे अफरा-तफरी रही। विमान में बैठाने के बाद तकनीकी क्लियरेंस न मिलने से फ्लाइट को लंबे समय तक रनवे पर खड़ा रखा गया। यात्रियों ने रिफंड की मांग की यात्रियों का कहना है कि देरी को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई और चालक दल से भी संतोषजनक जवाब नहीं मिले। स्थिति लंबे समय तक जस की तस रही, जिसके बाद विमान को वापस टर्मिनल पर लाया गया। एयरपोर्ट पर उतरते ही यात्रियों ने एअर इंडिया के खिलाफ नारेबाजी की और विरोध जता रहे हैं। यात्रियों ने एयरलाइन पर सुरक्षा से खिलवाड़ और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार का आरोप लगाया। कई यात्री वैकल्पिक व्यवस्था या रिफंड की मांग को लेकर एयरपोर्ट पर अड़े हैं। शालिन जैन नाम के पैसेंजर ने सोशल मीडिया प्लेफॉर्म एक्स पर एअर इंडिया को टैग कर लिखा- एअर इंडिया की लापरवाही दिन-ब-दिन नई ऊंचाइयों पर पहुंच रही है। AI-2516 इंदौर-दिल्ली फ्लाइट, जो दोपहर 2:15 बजे निर्धारित थी, हर 30 मिनट में समय बदलते हुए अब शाम 6 बजे बताई जा रही है। क्या यह फ्लाइट आज रवाना भी होगी? फ्लाइट 2 घंटे देरी से चली, अब कैंसिल वहीं @astro_moon_6 नाम के यूजर ने @airindia को टैग करते हुए लिखा कि फ्लाइट 2 घंटे देरी से चली और अब रद्द कर दी गई है। तकनीकी खराबी के अलावा कोई ठोस कारण नहीं बताया गया। यह भी स्पष्ट नहीं है कि यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए क्या व्यवस्था की गई है। असुविधा को कम करने हमारी टीम काम कर रही- एअर इंडिया इसके जवाब में एअर इंडिया ने रिप्लाई करते हुए लिखा- मिस्टर जैन, हम आपकी बात समझते हैं। आपके अनुभव के प्रति सहानुभूति रखते हैं। यह देरी परिचालन कारणों से हुई है। हमारी टीम असुविधा को कम करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। आपके धैर्य के लिए धन्यवाद। ………………………………………. यह खबरें भी पढ़ें… 1. अहमदाबाद प्लेन क्रैश- फ्यूल में गड़बड़ी या दोनों इंजन फेल:क्या पायलट ने गलत इंजन बंद किया, 4 केस स्टडी से समझिए हादसे की थ्योरी अहमदाबाद से 12 जून को लंदन जा रही एअर इंडिया की फ्लाइट AI-171 उड़ने के तुरंत बाद एक हॉस्टल के ऊपर क्रैश हो गई। कुल 260 लोग मारे गए। इनमें 230 पैसेंजर और 12 क्रू मेंबर्स शामिल हैं। टेकऑफ के दो मिनट बाद ही जिस तरह प्लेन गिरा, उसकी वजह समझने के लिए दैनिक भास्कर ने बड़े विमान हादसों की पड़ताल की। इनकी जांच रिपोर्ट पढ़ी। पढ़ें पूरी खबर… 2. इंदौर एयरपोर्ट प्रबंधन ने रनवे के पास छोड़ा गड्ढा इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर प्रबंधन की बड़ी लापरवाही सामने आई है। यह मामला रनवे से जुड़ा है, जहां केबलिंग कार्य के लिए रनवे के पास गड्ढा खोदा गया है। हैरानी की बात यह है कि आम सड़कों की तरह इस गड्ढे को न तो तुरंत भरा गया और न ही आसपास कोई सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। पढ़ें पूरी खबर…