लौकी की चटनी रेसिपी: गर्मी में शरीर को ठंडक देती है लौकी की चटनी विधि नोट करें

आवश्यक सामग्री: 1 कद्दू लोकी, 2-3 हरी मिर्च, 3-4 लहसुन की कलियां, 1 टुकड़ा अदरक, 2 दही दही, 1 छोटा मक्खन, 1 छोटा मक्खन, 1 छोटा मसाला तेल, 1/2 छोटा अखरोट का तेल, 1/2 छोटा मक्खन, कुछ कैरी पत्ते छवि: फ्रीपिक बनाने की विधि: सबसे पहले लोकी को धोकर छील लें और कद्दू कर लें। अब एक पैन में थोड़ा सा तेल गर्म करें और लोकी आर्किटेक्चर में 4-5 मिनट तक का समय लें, ताकि उसका कोलकमाल खत्म हो जाए। छवि: फ्रीपिक फिर इसे ठंडा होने दें। पिस्सू में भुनी हुई लौकी, हरी मिर्च, लहसुन, अदरक और थोड़ा सा नमक के टुकड़े लें। अब इस पेस्ट में दही और इसी तरह जीरा पाउडर और गुड से मिक्स करें। छवि: सोशल मीडिया एक छोटा सा पैन में तेल गरम करें, इसमें राय और कैरी करें, पत्ते तड़का तैयार करें। इस आदर्श को मैक के ऊपर डाल दें। छवि: फ्रीपिक तैयार लोकी की रेसिपी के साथ आप रोटी, पराठा, दाल-चावल या सब्जी के साथ सर्व कर सकते हैं। इसका ठंडा-ठंडा स्वाद गर्मियों में बहुत अच्छा लगता है। छवि: एआई ज्यादा कट्टापन पसंद हो तो इसमें थोड़ा नींबू रस भी डाल सकते हैं। बच्चों के लिए तीखापन कम शेयर। फ़र्ज़ी में 1-2 दिन तक इस्तेमाल किया जा सकता है। छवि: फ्रीपिक यह आसान और ताकतवर लौकी की चटनी न सिर्फ स्वादिष्ट है, बल्कि शरीर को ठंडक देने में भी मदद करती है। एक बार कलाकृति अवश्य देखें। आपके घर का बच्चा भी इसे चाव से खाएगा। छवि: फ्रीपिक
प्रेग्नेंट होने पर जान से मारने की धमकी:पहली बार ‘लव-जिहाद’ के आरोपियों के खिलाफ उतरा मुस्लिम संगठन,कहा-गिरफ्तारी नहीं हुई तो करेंगे CM हाउस का घेराव

राजधानी भोपाल में इंजीनियरिंग छात्रा के साथ कथित धोखाधड़ी, शारीरिक शोषण और धर्म परिवर्तन के दबाव के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। पहली बार किसी मुस्लिम संगठन ने खुलेतौर पर आरोपियों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए पीड़िता के समर्थन में उतरने का ऐलान किया है। ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी ने इसे गंभीर और शर्मनाक बताते हुए आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। नाम बदलकर की दोस्ती, शादी का झांसा देकर बनाए संबंध महिला थाना में दर्ज एफआईआर के मुताबिक आईईएस यूनिवर्सिटी की छात्रा ने आरोप लगाया है कि उसकी मुलाकात 2023 में एक युवक से हुई, जिसने खुद का नाम “आशीष पांडे” बताया। दोस्ती के बाद आरोपी ने शादी का झांसा दिया और छात्रा के साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए। छात्रा का आरोप है कि बाद में उसे पता चला कि युवक का असली नाम आसिफ रजा है। जब उसने शादी की बात की, तो आरोपी ने इनकार कर दिया और कथित तौर पर उसे “रखैल बनकर रहने” तक की बात कही। प्रेग्नेंट होने पर बदला रवैया, धमकियों का आरोप पीड़िता के अनुसार जनवरी 2026 में जब उसने खुद के गर्भवती होने की जानकारी दी, तो आरोपी अपने दो साथियों के साथ उसके घर पहुंचा। यहां शादी से साफ इनकार करते हुए उसे जान से मारने, एसिड अटैक और अन्य गंभीर धमकियां दीं। एफआईआर में यह भी उल्लेख है कि आरोपियों ने धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया, जिसे छात्रा ने ठुकरा दिया। इसके बाद उसे लगातार धमकियां मिलती रहीं। पैसे लेने और ब्लैकमेल करने के भी आरोप छात्रा ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी ने रिश्ते के दौरान उससे ऑनलाइन और नकद पैसे भी लिए। साथ ही, शादी का झांसा देकर लगातार मानसिक दबाव और ब्लैकमेलिंग की। बता दें कि वह सीएम डिप्लोमा की छात्रा है। 2 महीने बाद भी गिरफ्तारी नहीं, पुलिस पर सवाल 5 मार्च 2026 को दर्ज एफआईआर के बावजूद अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने पर सवाल उठ रहे हैं। पीड़िता का कहना है कि उसे अब भी धमकियां मिल रही हैं और वह घर से बाहर निकलने में डर रही है। उसने आरोप लगाया कि शुरुआत में पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने में भी आनाकानी की और समझौते की सलाह दी। पीड़िता कहना है कि एक युवक को गिरफ्तार किया था मगर उसे भी छोड़ दिया। मुस्लिम संगठन ने कहा ‘हम शर्मिंदा हैं, बेटी के साथ खड़े हैं’ ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी के संरक्षक शमशुल हसन ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है और एक छात्रा के साथ इस तरह की घटना पूरे प्रदेश के लिए शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि आरोपी ने नाम बदलकर दोस्ती की और जो कुछ किया, वह निंदनीय है। संगठन ने स्पष्ट किया कि इसे वे ‘लव जिहाद’ नहीं मानते, बल्कि कुछ लोगों की हरकत बताते हुए कहा कि पूरे समाज को इसके लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। संगठन ने पीड़िता की कानूनी लड़ाई और पढ़ाई का पूरा खर्च उठाने का भी ऐलान किया है। एक हफ्ते का अल्टीमेटम, नहीं तो CM हाउस घेराव मुस्लिम संगठन ने राज्य सरकार को चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया जाएगा। संगठन ने सवाल उठाया कि जब राजधानी में ही छात्राएं सुरक्षित नहीं हैं, तो प्रदेश में महिला सुरक्षा के दावे कैसे सही माने जाएं। पीड़िता बोली सिर्फ न्याय चाहिए, शादी नहीं पीड़िता ने साफ कहा कि वह आरोपी से शादी नहीं करना चाहती, बल्कि उसे सख्त सजा दिलाना चाहती है। उसका कहना है कि आरोपी ने उसे धोखे में रखा, ब्लैकमेल किया और गर्भवती होने पर उसे खत्म करने तक की धमकी दी। फिलहाल वह डरी हुई है और बाहर निकलने से भी कतरा रही है। धर्म परिवर्तन कानून समेत कई धाराओं में केस दर्ज महिला थाना पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर प्रथम दृष्टया मामला दर्ज करते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 60, 351(2) और 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। इसके साथ ही मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम, 2021 की धारा 3(1)(a) और 5 भी लगाई गई हैं, जो जबरन धर्म परिवर्तन और उससे जुड़े कृत्यों से संबंधित हैं। पुलिस ने प्रकरण को विवेचना में लेकर आरोपों की जांच शुरू कर दी है। हालांकि, कार्रवाई में देरी को लेकर अब पुलिस की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है।
आशा भोसले ने निधन से एक दिन पहले नाटक देखा:लोगों को डांट लगाते हुए कला को जिंदा रखने की बात कही थी

सिंगर आशा भोसले अपने निधन से एक दिन पहले मुंबई में तीन घंटे का मराठी नाटक देखने गई थीं। वहां वह स्टेज पर भी गईं और नाटक देखने आए लोगों को डांट लगाते हुए कला को जिंदा रखने की बात कही थी। यह बात आशा भोसले के पोते चिंटू भोसले ने स्क्रीन को दिए इंटरव्यू में बताई। आशा भोसले का 12 अप्रैल को 92 साल की उम्र में निधन हुआ था। उनके परिवार में बेटे आनंद भोसले और पोते-पोती जनाई भोसले और चिंटू भोसले हैं। चिंटू ने आशा भोसले के आखिरी पलों को याद करते हुए बताया कि मौत से 3-4 दिन पहले उनकी आखिरी बातचीत हुई थी। उस शाम उन्होंने ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध पर बात की थी और साथ में आम खाए थे। उन्होंने आगे कहा, ‘वह बहुत शांति से गईं। नींद में ही उनका निधन हुआ। उन्हें कोई दर्द नहीं था। हमने कहा था कि हम अस्पताल आएंगे, लेकिन उन्होंने कहा था, ‘मुझे थोड़ी देर सोने दो।’ उन्होंने अपनी शर्तों पर वैसे ही दुनिया छोड़ी, जैसे उन्होंने पूरी जिंदगी जी।’ परिवार दुख से उबरने की कोशिश कर रहा परिवार के बारे में बात करते हुए चिंटू ने कहा कि सभी इस दुख से उबरने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जनाई इस खबर से पूरी तरह टूट गई हैं, क्योंकि वह आशा भोसले के बहुत करीब थीं। दोनों ने साथ में कई शो किए थे। चिंटू ने कहा कि परिवार दुख में भी आशा भोसले की जिंदगी को सेलिब्रेट कर रहा है। सभी लोग साथ बैठते हैं, डिनर करते हैं, बातें करते हैं और हंसते हैं। उन्होंने कहा कि यही तरीका है, जिससे वे इस दुख को संभाल रहे हैं।
आशा भोसले ने निधन से एक दिन पहले नाटक देखा:लोगों को डांट लगाते हुए कला को जिंदा रखने की बात कही थी

सिंगर आशा भोसले अपने निधन से एक दिन पहले मुंबई में तीन घंटे का मराठी नाटक देखने गई थीं। वहां वह स्टेज पर भी गईं और नाटक देखने आए लोगों को डांट लगाते हुए कला को जिंदा रखने की बात कही थी। यह बात आशा भोसले के पोते चिंटू भोसले ने स्क्रीन को दिए इंटरव्यू में बताई। आशा भोसले का 12 अप्रैल को 92 साल की उम्र में निधन हुआ था। उनके परिवार में बेटे आनंद भोसले और पोते-पोती जनाई भोसले और चिंटू भोसले हैं। चिंटू ने आशा भोसले के आखिरी पलों को याद करते हुए बताया कि मौत से 3-4 दिन पहले उनकी आखिरी बातचीत हुई थी। उस शाम उन्होंने ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध पर बात की थी और साथ में आम खाए थे। उन्होंने आगे कहा, ‘वह बहुत शांति से गईं। नींद में ही उनका निधन हुआ। उन्हें कोई दर्द नहीं था। हमने कहा था कि हम अस्पताल आएंगे, लेकिन उन्होंने कहा था, ‘मुझे थोड़ी देर सोने दो।’ उन्होंने अपनी शर्तों पर वैसे ही दुनिया छोड़ी, जैसे उन्होंने पूरी जिंदगी जी।’ परिवार दुख से उबरने की कोशिश कर रहा परिवार के बारे में बात करते हुए चिंटू ने कहा कि सभी इस दुख से उबरने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जनाई इस खबर से पूरी तरह टूट गई हैं, क्योंकि वह आशा भोसले के बहुत करीब थीं। दोनों ने साथ में कई शो किए थे। चिंटू ने कहा कि परिवार दुख में भी आशा भोसले की जिंदगी को सेलिब्रेट कर रहा है। सभी लोग साथ बैठते हैं, डिनर करते हैं, बातें करते हैं और हंसते हैं। उन्होंने कहा कि यही तरीका है, जिससे वे इस दुख को संभाल रहे हैं।
जालंधर में भज्जी के घर के बाहर लिखा 'गद्दार':AAP यूथ विंग का LPU-हरभजन के घर पर प्रदर्शन; पोस्टरों पर भी कालिख पोती

जालंधर में आम आदमी पार्टी (AAP) के यूथ विंग के कार्यकर्ताओं ने शनिवार दोपहर पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए 7 राज्यसभा सांसदों के खिलाफ प्रदर्शन किया। जालंधर में कार्यकर्ताओं ने पूर्व सांसद हरभजन सिंह के आवास के बाहर नारेबाजी की और उनके घर पर ‘गद्दार’ लिख दिया। आप कार्यकर्ताओं ने लवली प्रोफैशनल यूनिवर्सिटी के बाहर अशोक मित्तल के खिलाफ भी प्रदर्शन किया और उनका पुतला जलाया। आप कार्यकर्ताओं ने इस दौरान पंजाब के गद्दार जैसे नारे लगाए। प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि हरभजन सिंह, राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक सहित कुल 7 राज्यसभा सांसदों ने आम आदमी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थामकर गद्दारी की है। मित्तल की यूनिवर्सिटी के बाहर लगे पोस्टरों पर भी काली स्प्रे लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी और हरभजन सिंह के घर के बाहर प्रदर्शन किया गया। आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पार्टी के गद्दार, पंजाब के गद्दार जैसे नारे लगाए। अशोक मित्तल की यूनिवर्सिटी के बाहर लगे पोस्टरों पर भी काली स्प्रे की गई। राज्यसभा सांसद और एलपीयू के मालिक अशोक मित्तल का पुतला भी जलाया। मुर्दाबाद के नारे लगाए। सिर पर काली पट्टियां बांधकर पहुंचे आप कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन के दौरान, AAP कार्यकर्ताओं ने अपने सिर पर काली पट्टियां बांधी हुई थीं। उन्होंने हरभजन सिंह के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपना विरोध दर्ज कराया। पुलिस की मौजूदगी में ही कार्यकर्ताओं ने हरभजन सिंह के घर के बाहर ‘गद्दार’ शब्द लिखा। इस दौरान, जब पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, तो कुछ कार्यकर्ता पुलिसकर्मियों से भी उलझ गए। पार्टी तोड़ने का आरोप लगा चुके हैं मान गौरतलब है कि एक दिन पहले मान ने कहा था कि भाजपा वाले हमारी सरकार के कामों से डरे हुए हैं। इन्होंने जरूर सर्वे करवाया होगा, जिसमें उन्हें पता चला होगा कि उनकी स्थिति बिल्कुल मजबूत नहीं है। इसलिए हमारी पार्टी को तोड़ने की कोशिश की गई। पंजाबी दिल से प्यार करते हैं, लेकिन अगर कोई उनसे धोखा करता है, तो वे उसे पीढ़ियों तक याद रखते हैं।” मान ने कहा कि मैं सख्त शब्दों में इस चीज की निंदा करता हूं। अमित शाह को यह बात पसंद नहीं आई होगी कि भगवंत मान का कोई विकल्प नहीं है। रवनीत बिट्टू तीन-चार दिन पहले राघव चड्ढा को गालियां निकाल रहे थे। अब कैसे मिलेंगे।
नेहा पेंडसे को सड़क पर शख्स ने पकड़ लिया था:एक्ट्रेस ने डर के मारे चाबी शख्स की गाड़ी पर फेंक दी थी

टीवी एक्ट्रेस नेहा पेंडसे ने हाल ही में बताया कि मुंबई में सुबह जॉगिंग के दौरान एक बार एक शख्स ने रास्ता पूछने के बहाने गाड़ी रोकी और अचानक उनको पकड़ लिया था। नेहा पेंडसे ने ‘हॉट्टरफ्लाई’ को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि वह एक सुबह मुंबई में जॉगिंग के लिए निकली थीं। जब एक आदमी ने अपनी कार उनके पास रोकी और धीमी आवाज में रास्ता पूछा, तो उन्हें समझ नहीं आया कि वह क्या कह रहा है। जब उन्हें ठीक से समझ नहीं आया, तो वह पास गईं और उसकी बात सुनने की कोशिश की। एक्ट्रेस ने कहा, ‘जैसे ही मैं उसके पास गई, उसने अचानक मुझे पकड़ लिया और इससे पहले कि मैं कुछ समझ पाती, वह गाड़ी चलाकर चला गया।’ नेहा ने गुस्से में चाबी फेंकी थी नेहा ने कहा कि उस समय उनके हाथ में उनकी कार की चाबी थी, जिसमें बड़ा रिमोट ब्लॉक लगा हुआ था। उन्होंने तुरंत गुस्से और डर में वह चाबी उस व्यक्ति की गाड़ी पर फेंक दी, जो जाकर उसकी गाड़ी के पीछे के शीशे पर लगी। उन्होंने आगे बताया, ‘शख्स ने जब जोर से ब्रेक मारा, उस वक्त मेरी हालत खराब हो गई थी। एक सेकंड के लिए वह रुक गया। मुझे लगा कि अगर उसने गाड़ी रिवर्स ले ली तो मैं क्या करती?’ नेहा के अनुसार, वह व्यक्ति यह देखने के लिए रुका था कि उसकी गाड़ी को कितना नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि वह उनकी जिंदगी का सबसे डरावना एक सेकंड था, जिसे वह कभी नहीं भूल सकतीं। चाइल्ड आर्टिस्ट के रूप में करियर की शुरुआत की थी नेहा पेंडसे ने 1995 में एक चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर अपना करियर शुरू किया था। उनका पहला शो कैप्टन हाउस था, जिसे एकता कपूर ने प्रोड्यूस किया था। उस समय वह सिर्फ 10 साल की थीं। इसके बाद उन्होंने ‘हसरतें’ और ‘पड़ोसन’ जैसे कई टीवी शो में काम किया। फिल्मों में उन्होंने 1999 में फिल्म दाग: द फायर से डेब्यू किया। इसके बाद वह फिल्म प्यार कोई खेल नहीं में भी दिखीं। नेहा ने तमिल और मराठी फिल्मों में भी काम किया है। नेहा ‘मे आई कम इन मैडम?’ और ‘भाबीजी घर पर हैं!’ जैसे टीवी शो में नजर आ चुकी हैं। वह आखिरी बार 2024 में टीवी शो ‘मे आई कम इन मैडम 2’ में दिखी थीं। उसी साल वह मराठी फिल्म ‘तिघी’ में भी दिखीं, जिसे उन्होंने अपने पति शार्दुल सिंह ब्यास के साथ प्रोड्यूस किया था।
Sreesanth Harbhajan Singh IPL Slap Video Controversy; Instagram

Hindi News Sports Sreesanth Harbhajan Singh IPL Slap Video Controversy; Instagram | Cricket News 7 मिनट पहले कॉपी लिंक यह क्लिप करीब 8 महीने पहले पूर्व IPL कमिश्नर ललित मोदी ने सोशल मीडिया पर जारी किया था। भारतीय क्रिकेट टीम के दो पूर्व दिग्गज, एस श्रीसंत और हरभजन सिंह के बीच 2008 का ‘थप्पड़ कांड’ फिर चर्चा में है। 16 साल पुराने इस विवाद ने दोनों के रिश्ते खत्म कर दिए हैं। श्रीसंत ने खुलासा किया कि उन्होंने हरभजन सिंह को सोशल मीडिया पर ब्लॉक कर दिया है और अब कोई संबंध नहीं रखना चाहते। केरल के मीडिया हाउस ‘मातृभूमि’ को दिए इंटरव्यू में श्रीसंत ने कहा, ‘मैंने आज तक किसी इंटरव्यू में भज्जी (हरभजन) के बारे में बात नहीं की, यह पहली बार है। कुछ समय पहले तक सब ठीक था, लेकिन उन्होंने उस विवाद पर फिर से एक विज्ञापन बनाया। उन्होंने इसके लिए करीब 80 लाख से 1 करोड़ रुपए लिए। इसके बाद उन्होंने मुझे फोन किया और कहा कि मैं अपने सोशल मीडिया पर इस विज्ञापन को लेकर स्टोरी पोस्ट करूं।’ जनवरी में पर गणतंत्र दिवस सेल पर जारी किया गया था यह विज्ञापन जनवरी 2026 में एक मार्केटिंग ऐप की गणतंत्र दिवस सेल के लिए जारी किया गया था। इसमें हरभजन सिंह को ‘चांटा क्लास’ के टीचर के रूप में दिखाया गया है, जो लोगों को यह समझाते हैं कि खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान को थप्पड़ मारकर ठीक करने की पुरानी आदत छोड़ें और उसकी जगह एप से नए प्रोडक्ट खरीदें। विज्ञापन में मजाकिया अंदाज में हरभजन कहते हैं, ‘सही से थप्पड़ लगाओ, सब ठीक हो जाता है,’ जो परोक्ष रूप से उनके और श्रीसंत के बीच 2008 में हुए विवाद की याद दिलाता है। ‘माफ कर सकता हूं, लेकिन भूल नहीं सकता’ हरभजन सिंह के बर्ताव पर नाराजगी जताते हुए श्रीसंत ने कहा, ‘मैंने उनसे साफ कह दिया कि मैं माफ कर सकता हूं, लेकिन भूल नहीं सकता। अगर आप किसी को भूल जाते हैं, तो वह दोबारा वही गलती करेगा। वह (हरभजन) इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं। इसमें कोई शक नहीं है।’ श्रीसंत ने कहा कि उनके माता-पिता ने उन्हें सिखाया है कि माफी दे दो, लेकिन सबक याद रखो। भाई कहता था, पर अब रिश्ता खत्म; सब एक दिखावा है श्रीसंत ने कहा कि अब उनके बीच कोई बॉन्ड नहीं बचा है। उन्होंने कहा,’मेरा उस व्यक्ति के साथ अब कोई रिश्ता नहीं है। मैं उन्हें भाई कहता था, लेकिन पिछले एक-दो महीनों में उन्होंने जो विज्ञापन किया, उसके बाद मैंने उन्हें इंस्टाग्राम पर ब्लॉक कर दिया है। वे एक महान व्यक्ति हो सकते हैं, लेकिन मेरे लिए भारतीय टीम में खेलने से लेकर अब तक, वह जो भी करते हैं, वह सब एक ‘एक्ट’ (दिखावा) है। श्रीसंत इस दिखावे को स्वीकार नहीं करता। क्या था ‘थप्पड़ कांड’ विवाद? यह पूरा विवाद IPL के पहले सीजन यानी 2008 का है। 25 अप्रैल को मोहाली में मुंबई इंडियंस और किंग्स इलेवन पंजाब के बीच मैच के बाद हरभजन सिंह ने श्रीसंत को थप्पड़ जड़ दिया था। मैच खत्म होने के बाद श्रीसंत मैदान पर रोते हुए नजर आए थे। इरफान पठान और महेला जयवर्धने ने किया था बीच-बचाव इरफान पठान और महेला जयवर्धने ने बीच-बचाव कर उन्हें अलग किया। इसके बाद पठान, हरभजन को पीछे ले जाते दिखे। हरभजन सिंह पर लगा था 8 मैचों का प्रतिबंध मैदान पर श्रीसंत के रोने की तस्वीरें और वीडियो ने क्रिकेट जगत में सुर्खियां बटोरी थीं। हरभजन सिंह को तत्काल बचे 8 मैच से बैन किया गया था और उन पर मैच फीस का जुर्माना भी लगा था। श्रीसंत ने दावा किया था कि हरभजन बहुत गुस्से में पेश आए और बिना वजह थप्पड़ जड़ा। इस घटना पर मीडिया और फैंस के बीच बहस हुई। हरभजन ने इस घटना पर कई बार अफसोस जता चुके हैं हरभजन इस घटना पर कई बार अफसोस जता चुके हैं। उन्होंने टीम इंडिया के दिग्गज स्पिनर ने रविचंद्रन अश्विन के साथ एक इंटरव्यू में कहा था कि मेरी जिंदगी का एक ऐसा पल जिसे मैं बदलना चाहता हूं, वो है श्रीसंत को थप्पड़ मारने का किस्सा। अगर मुझे मौका मिले तो मैं इसे अपनी लाइफ से हटा दूं। जो हुआ गलत हुआ और मुझे ऐसा नहीं करना चाहिए था। मैंने उसके लिए सैकड़ों बार माफी मांगी। आज भी जब मौका मिलता है तो माफी मांगता हूं। यह मेरी सबसे बड़ी गलती थी। कई बार सार्वजनिक मंच से हरभजन सिंह इस घटना पर अफसोस जता चुके हैं। श्रीसंत की बेटी बात नहीं करती हरभजन ने आगे कहा कि इस घटना का बोझ वह आज भी उठाते हैं। उन्होंने बताया कि एक बार जब वह श्रीसंत की बेटी से मिले तो वह उनसे बात करने से कतराने लगी और बोली- मैं आपसे बात नहीं करना चाहती, क्योंकि आपने मेरे पापा को मारा था। उसकी यह बात सुनकर मेरा दिल टूट गया। मेरी आंखों में आंसू आ गए। मैं सोचने लगा कि मैंने उसके मन में कैसी छवि छोड़ी है? वो मुझे ऐसे इंसान के रूप में देख रही है जिसने उसके पिता को मारा। यह सोचकर मुझे बहुत बुरा लगा और मैं आज भी उसके लिए माफी मांगता हूं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
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Hindi News Sports Sreesanth Harbhajan Singh IPL Slap Video Controversy; Instagram | Cricket News स्पोर्ट्स डेस्क1 घंटे पहले कॉपी लिंक यह क्लिप करीब 8 महीने पहले पूर्व IPL कमिश्नर ललित मोदी ने सोशल मीडिया पर जारी किया था। भारतीय क्रिकेट टीम के दो पूर्व खिलाड़ियों, एस श्रीसंत और हरभजन सिंह के बीच 2008 का ‘थप्पड़ कांड’ फिर चर्चा में है। 16 साल पुराने इस विवाद ने दोनों के रिश्ते खत्म कर दिए हैं। श्रीसंत ने खुलासा किया कि उन्होंने हरभजन सिंह को सोशल मीडिया पर ब्लॉक कर दिया है और अब कोई संबंध नहीं रखना चाहते। केरल के मीडिया हाउस ‘मातृभूमि’ को दिए इंटरव्यू में श्रीसंत ने कहा, ‘मैंने आज तक किसी इंटरव्यू में भज्जी (हरभजन) के बारे में बात नहीं की, यह पहली बार है। कुछ समय पहले तक सब ठीक था, लेकिन उन्होंने उस विवाद पर फिर से एक विज्ञापन बनाया। उन्होंने इसके लिए करीब 80 लाख से 1 करोड़ रुपए लिए। इसके बाद उन्होंने मुझे फोन किया और कहा कि मैं अपने सोशल मीडिया पर इस विज्ञापन को लेकर स्टोरी पोस्ट करूं।’ रिपब्लिक डे पर विज्ञापन जारी किया गया था यह विज्ञापन जनवरी 2026 में एक मार्केटिंग ऐप की गणतंत्र दिवस सेल के लिए जारी किया गया था। इसमें हरभजन सिंह को ‘चांटा क्लास’ के टीचर के रूप में दिखाया गया है, जो लोगों को यह समझाते हैं कि खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान को थप्पड़ मारकर ठीक करने की पुरानी आदत छोड़ें और उसकी जगह एप से नए प्रोडक्ट खरीदें। विज्ञापन में मजाकिया अंदाज में हरभजन कहते हैं, ‘सही से थप्पड़ लगाओ, सब ठीक हो जाता है,’। यह डायलॉग उनके और श्रीसंत के बीच 2008 में हुए विवाद की याद दिलाता है। ‘माफ कर सकता हूं, लेकिन भूल नहीं सकता’ हरभजन सिंह के बर्ताव पर नाराजगी जताते हुए श्रीसंत ने कहा, ‘मैंने उनसे साफ कह दिया कि मैं माफ कर सकता हूं, लेकिन भूल नहीं सकता। अगर आप किसी को भूल जाते हैं, तो वह दोबारा वही गलती करेगा। वह (हरभजन) इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं। इसमें कोई शक नहीं है।’ श्रीसंत ने कहा कि उनके माता-पिता ने उन्हें सिखाया है कि माफी दे दो, लेकिन सबक याद रखो। भाई कहता था, पर अब रिश्ता खत्म; सब दिखावा है श्रीसंत ने कहा कि अब उनके बीच कोई बॉन्ड नहीं बचा है। उन्होंने कहा,’मेरा उस व्यक्ति के साथ अब कोई रिश्ता नहीं है। मैं उन्हें भाई कहता था, लेकिन पिछले एक-दो महीनों में उन्होंने जो विज्ञापन किए, उसके बाद मैंने उन्हें इंस्टाग्राम पर ब्लॉक कर दिया है। वे एक महान व्यक्ति हो सकते हैं, लेकिन मेरे लिए भारतीय टीम में खेलने से लेकर अब तक, वह जो भी करते हैं, वह सब एक ‘एक्ट’ (दिखावा) है।’ श्रीसंत ने कहा कि वह इश दिखावे को स्वीकार नहीं करते। क्या था ‘थप्पड़ कांड’ विवाद? यह पूरा विवाद IPL के पहले सीजन यानी 2008 का है। 25 अप्रैल को मोहाली में मुंबई इंडियंस और किंग्स इलेवन पंजाब के बीच मैच के बाद हरभजन सिंह ने श्रीसंत को थप्पड़ जड़ दिया था। मैच खत्म होने के बाद श्रीसंत मैदान पर रोते हुए नजर आए थे। इरफान पठान और महेला जयवर्धने ने किया था बीच-बचाव इरफान पठान और महेला जयवर्धने ने बीच-बचाव कर उन्हें अलग किया। इसके बाद इरफान, हरभजन को पीछे ले जाते दिखे। हरभजन सिंह पर लगा था 8 मैचों का प्रतिबंध मैदान पर श्रीसंत के रोने की तस्वीरें और वीडियो ने क्रिकेट जगत में सुर्खियां बटोरी थीं। हरभजन सिंह को तत्काल बचे 8 मैच से बैन किया गया था और मैच फीस का जुर्माना भी लगा था। श्रीसंत ने दावा किया था कि हरभजन ने गुस्से में बिना वजह थप्पड़ जड़ा। इस घटना पर मीडिया और फैंस के बीच बहस हुई। हरभजन इस घटना पर कई बार अफसोस जता चुके हैं हरभजन इस घटना पर कई बार अफसोस जता चुके हैं। उन्होंने रविचंद्रन अश्विन के साथ एक इंटरव्यू में कहा था कि ‘मेरी जिंदगी का एक ऐसा पल जिसे मैं बदलना चाहता हूं- वो है श्रीसंत को थप्पड़ मारने का किस्सा।’ उन्होंने कहा, ‘अगर मुझे मौका मिले तो मैं इसे अपनी लाइफ से हटा दूं। जो हुआ गलत हुआ और मुझे ऐसा नहीं करना चाहिए था। मैंने उसके लिए सैकड़ों बार माफी मांगी। आज भी जब मौका मिलता है तो माफी मांगता हूं। यह मेरी सबसे बड़ी गलती थी।’ कई बार सार्वजनिक मंच से हरभजन सिंह इस घटना पर अफसोस जता चुके हैं। श्रीसंत की बेटी बात नहीं करती हरभजन ने आगे कहा कि इस घटना का बोझ वह आज भी उठाते हैं। उन्होंने बताया कि एक बार जब वह श्रीसंत की बेटी से मिले तो वह उनसे बात करने से कतराने लगी और बोली- मैं आपसे बात नहीं करना चाहती, क्योंकि आपने मेरे पापा को मारा था। हरभजन ने कहा- ‘उसकी यह बात सुनकर मेरा दिल टूट गया। मेरी आंखों में आंसू आ गए। मैं सोचने लगा कि मैंने उसके मन में कैसी इमेज बनाई है? वह मुझे एक ऐसे इंसान के रूप में देख रही है, जिसने उसके पिता को मारा। यह सोचकर मुझे बहुत बुरा लगा और मैं आज भी उसके लिए माफी मांगता हूं।’ दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
सागर आईजी ने दमोह में क्राइम समीक्षा बैठक की:बोले- यहां अपराध सुलझाने का तरीका अच्छा, थोड़ी कमियां मिलीं, सुधार के निर्देश दिए

सागर संभाग के प्रभारी आईजी मिथिलेश शुक्ला शनिवार दोपहर दमोह पहुंचे। उन्होंने जबलपुर नाका स्थित नए पुलिस कंट्रोल रूम में जिले के पुलिस अफसरों के साथ अपराधों की समीक्षा की। आईजी की कमान संभालने के बाद दमोह में उनकी यह पहली बैठक थी। बैठक की शुरुआत में एसपी श्रुतकीर्ति सोमवंशी ने आईजी का स्वागत किया। इसके बाद आईजी ने जिले के सभी एसडीओपी और थाना प्रभारियों से परिचय लिया। उन्होंने जिले की क्राइम रिपोर्ट देखी और एक-एक थाने के कामकाज का हिसाब लिया। आईजी ने दमोह पुलिस की तारीफ करते हुए कहा कि यहां अपराध सुलझाने का तरीका अच्छा है, लेकिन कुछ जगहों पर जो कमियां दिखी हैं, उन्हें सुधारने के लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं। सुधार के निर्देश, जल्द होगा दोबारा मुआयना आईजी ने साफ किया कि पुलिसिंग को और बेहतर बनाने के लिए जो निर्देश आज दिए गए हैं, उन्हें गंभीरता से लिया जाए। उन्होंने अफसरों को चेताया कि वह जल्द ही दोबारा दमोह आकर निरीक्षण करेंगे और देखेंगे कि निर्देशों का कितना पालन हुआ है। इस बैठक में सीएसपी एचआर पांडे सहित जिले के तमाम आला पुलिस अधिकारी और थाना प्रभारी मौजूद रहे।
Canada Immigration Rules Change: Doctors, Nurses Prioritized

कनाडा जाने वाले भारतीय छात्रों के लिए भी नियम सख्त किए गए हैं। कनाडा सरकार ने 2026 में अपनी इमीग्रेशन पॉलिसी में बड़ा बदलाव किया है। अब सरकार का फोकस ज्यादा लोगों को बुलाने के बजाय ऐसे लोगों पर है, जो देश की अर्थव्यवस्था में तुरंत योगदान दे सकें। . नई नीति के मुताबिक, कनाडा में पहले से रहकर करीब 70 लाख रुपए सालाना कमाने वाले लोग अगर PR (परमानेंट रेजिडेंसी) के लिए आवेदन करते हैं, तो उन्हें सिर्फ 1 हफ्ते के भीतर PR मिल सकती है। जबकि अवैध तरीके से आए लोगों तुरंत डिपोर्ट कर दिया जाएगा। सरकार ने 2025 से 2027 के बीच दिए जाने वाले PR के कुल कोटे में भी कटौती की है। अब प्राथमिकता उन लोगों को दी जा रही है, जो पहले से कनाडा में वर्क परमिट या स्टडी परमिट पर रह रहे हैं। सरकार का लक्ष्य है कि ऐसे करीब 40% लोगों को वहीं से PR देकर स्थायी किया जाए। इसका मतलब है कि अगर आप पहले से कनाडा में काम या पढ़ाई कर रहे हैं, तो आपके लिए PR पाना अब पहले से आसान हो सकता है। वहीं, बाहर से नए लोगों को बुलाने की रफ्तार कम की गई है। यह नियम 26 मार्च से लागू हैं। अब प्रशासनिक ढांचे में फेरबदल किया जा रहा है। साथ ही, जिन लोगों के पास हाई-स्किल और अच्छी सैलरी वाली नौकरी का ऑफर है, उन्हें वीजा में प्राथमिकता मिल रही है। खासतौर पर हेल्थकेयर (डॉक्टर, नर्स), इंजीनियरिंग और कंस्ट्रक्शन सेक्टर (प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन) से जुड़े पेशों को ज्यादा महत्व दिया जा रहा है। कनाड़ा में पहले से काम करने वालों को जल्दी PR मिलेगी (फाइल फोटो) जानिए नए बिल में क्या है खास? कनाडा को बढ़ते हाउसिंग संकट से उबरने का प्रेशर: कनाडा के नए इमीग्रेशन बिल सी-12 और नागरिकता कानून सी-3 में बड़े बदलाव किए गए हैं। कनाडा सरकार अब संख्या के बजाय गुणवत्ता पर ध्यान दे रही है। नए कानून के तहत अगले 3 सालों के लिए पक्की पीआर (PR) के लक्ष्यों में भारी कटौती की गई है। सरकार का मकसद देश में बढ़ते हाउसिंग संकट और बुनियादी ढांचे पर पड़ रहे दबाव को कम करना है। अब कनाडा में जाते ही 1 साल के अंदर मांगनी होगी शरण: नए बिल सी-12 के अनुसार, अब शरण मांगने के नियम बहुत सख्त हो गए हैं। अगर कोई व्यक्ति कनाडा में घुसने के बाद एक साल के भीतर या सीमा पार करने के 14 दिन के अंदर क्लेम नहीं करता तो उसे डिपोर्ट किया जा सकता है। यह फर्जीवाड़े को रोकने के लिए है। 40 फीसदी अस्थायी लोग किए जाएंगे पक्के: पीआर (PR) के लिए अब उन लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी जो पहले से कनाडा में रहकर काम कर रहे हैं। सरकार ने साफ किया है कि वह बाहर से नए लोगों को बुलाने के बजाय, वहां पहले से मौजूद 40 फीसदी अस्थायी निवासियों को ही पक्का (स्थायी निवासी) करने पर जोर देगी। वीजा और वर्क परमिट के लिए अब हाई-स्किल की जरूरत: वीजा और वर्क परमिट के लिए अब हाई-स्किल और अच्छी सैलरी वाले कोर्सेज को तवज्जो दी जा रही है। हर कॉलेज या साधारण कोर्स के बाद अब वर्क परमिट मिलना आसान नहीं होगा। केवल वे कोर्सेज प्राथमिकता में रहेंगे, जो स्वास्थ्य या कंस्ट्रक्शन जैसे जरूरी क्षेत्रों से जुड़े हैं। कनाडाई माता-पिता अपने बच्चों को नागरिकता दे सकेंगे: नागरिकता कानून सी-3 में बड़ा बदलाव हुआ है। अब विदेश में पैदा हुए कनाडाई माता-पिता अपने बच्चों को नागरिकता दे सकेंगे, बशर्ते उन्होंने खुद कनाडा में कम से कम 3 साल बिताए हों। यह बदलाव उन खोए हुए कनाडाई परिवारों को राहत देने के लिए लाया गया है। डॉक्टर, नर्स पर सरकार का ज्यादा फोकस। ज्यादा सैलरी वाले वर्कर्स के लिए PR आसान जानकारी के अनुसार, ज्यादा सैलरी वाले वर्कर्स के लिए पीआर पाने का सबसे सीधा रास्ता एक्सप्रेस एंट्री और प्रोविंशियल नॉमिनी प्रोग्राम (PNP) है। सरकार अब ऐसे ड्रॉ निकाल रही है, जो केवल उन लोगों के लिए हैं, जिनके पास जॉब ऑफर हैं। जो लोग पहले से कनाडा में हाई-वेज पर काम कर रहे हैं, उन्हें कैनेडियन एक्सपीरियंस क्लास के तहत आवेदन करते समय अतिरिक्त अंक मिलेंगे। आपकी सैलरी जितनी ज्यादा होगी, आपके आर्थिक योगदान को उतना ही बेहतर माना जाएगा और पीआर की संभावना बढ़ जाएगी। इमीग्रेशन विभाग उन प्रोफेशनल्स को प्राथमिकता देगा, जिनकी सालाना इनकम करीब 70 लाख रुपए या उससे अधिक है। स्टूडेंट वीजा के लिए सख्य किए नियम पंजाब से कनाडा जाने वाले स्टूडेंट्स के लिए कनाडा ने नए इमीग्रेशन बिल में नियम अब पहले से कहीं ज्यादा सख्त कर दिए हैं। अब हर कॉलेज या हर कोर्स करने के बाद वर्क परमिट मिलना पक्का नहीं है। सरकार ने कोर्सेज की लिस्ट तैयार की है। केवल उन्हीं क्षेत्रों में पढ़ाई करने वालों को आगे काम करने की परमिशन मिलेगी, जिनकी मार्केट में डिमांड होगी। अवैध तरीके से आने वालों पर रोक के लिए सी-12 बिल नए कानून बिल C-12 की बात करें, तो यह मुख्य रूप से उन लोगों के लिए है, जो गलत तरीके से कनाडा में घुसने की कोशिश करते हैं। अब शरण मांगने के नियमों को बहुत सख्त कर दिया गया है। अगर कोई व्यक्ति वैध तरीके के बजाय शॉर्टकट अपनाता है, तो उसे तुरंत डिपोर्ट करने के अधिकार सरकार ने अपने पास ले लिए हैं। पहले ये रिफ्यूजी बोर्ड के पास होते थे। पीआर के लिए भी उन लोगों को राहत दी गई है, जिनके माता-पिता कनाडाई हैं, लेकिन वे खुद बाहर पैदा हुए हैं। अब वे अपने बच्चों को भी कनाडाई नागरिकता दे सकेंगे, बशर्ते उन्होंने खुद कनाडा में कम से कम 3 साल बिताए हों।









