राजधानी भोपाल में इंजीनियरिंग छात्रा के साथ कथित धोखाधड़ी, शारीरिक शोषण और धर्म परिवर्तन के दबाव के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। पहली बार किसी मुस्लिम संगठन ने खुलेतौर पर आरोपियों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए पीड़िता के समर्थन में उतरने का ऐलान किया है। ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी ने इसे गंभीर और शर्मनाक बताते हुए आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। नाम बदलकर की दोस्ती, शादी का झांसा देकर बनाए संबंध महिला थाना में दर्ज एफआईआर के मुताबिक आईईएस यूनिवर्सिटी की छात्रा ने आरोप लगाया है कि उसकी मुलाकात 2023 में एक युवक से हुई, जिसने खुद का नाम “आशीष पांडे” बताया। दोस्ती के बाद आरोपी ने शादी का झांसा दिया और छात्रा के साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए। छात्रा का आरोप है कि बाद में उसे पता चला कि युवक का असली नाम आसिफ रजा है। जब उसने शादी की बात की, तो आरोपी ने इनकार कर दिया और कथित तौर पर उसे “रखैल बनकर रहने” तक की बात कही। प्रेग्नेंट होने पर बदला रवैया, धमकियों का आरोप पीड़िता के अनुसार जनवरी 2026 में जब उसने खुद के गर्भवती होने की जानकारी दी, तो आरोपी अपने दो साथियों के साथ उसके घर पहुंचा। यहां शादी से साफ इनकार करते हुए उसे जान से मारने, एसिड अटैक और अन्य गंभीर धमकियां दीं। एफआईआर में यह भी उल्लेख है कि आरोपियों ने धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया, जिसे छात्रा ने ठुकरा दिया। इसके बाद उसे लगातार धमकियां मिलती रहीं। पैसे लेने और ब्लैकमेल करने के भी आरोप छात्रा ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी ने रिश्ते के दौरान उससे ऑनलाइन और नकद पैसे भी लिए। साथ ही, शादी का झांसा देकर लगातार मानसिक दबाव और ब्लैकमेलिंग की। बता दें कि वह सीएम डिप्लोमा की छात्रा है। 2 महीने बाद भी गिरफ्तारी नहीं, पुलिस पर सवाल 5 मार्च 2026 को दर्ज एफआईआर के बावजूद अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने पर सवाल उठ रहे हैं। पीड़िता का कहना है कि उसे अब भी धमकियां मिल रही हैं और वह घर से बाहर निकलने में डर रही है। उसने आरोप लगाया कि शुरुआत में पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने में भी आनाकानी की और समझौते की सलाह दी। पीड़िता कहना है कि एक युवक को गिरफ्तार किया था मगर उसे भी छोड़ दिया। मुस्लिम संगठन ने कहा ‘हम शर्मिंदा हैं, बेटी के साथ खड़े हैं’ ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी के संरक्षक शमशुल हसन ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है और एक छात्रा के साथ इस तरह की घटना पूरे प्रदेश के लिए शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि आरोपी ने नाम बदलकर दोस्ती की और जो कुछ किया, वह निंदनीय है। संगठन ने स्पष्ट किया कि इसे वे ‘लव जिहाद’ नहीं मानते, बल्कि कुछ लोगों की हरकत बताते हुए कहा कि पूरे समाज को इसके लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। संगठन ने पीड़िता की कानूनी लड़ाई और पढ़ाई का पूरा खर्च उठाने का भी ऐलान किया है।
एक हफ्ते का अल्टीमेटम, नहीं तो CM हाउस घेराव मुस्लिम संगठन ने राज्य सरकार को चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया जाएगा। संगठन ने सवाल उठाया कि जब राजधानी में ही छात्राएं सुरक्षित नहीं हैं, तो प्रदेश में महिला सुरक्षा के दावे कैसे सही माने जाएं। पीड़िता बोली सिर्फ न्याय चाहिए, शादी नहीं पीड़िता ने साफ कहा कि वह आरोपी से शादी नहीं करना चाहती, बल्कि उसे सख्त सजा दिलाना चाहती है। उसका कहना है कि आरोपी ने उसे धोखे में रखा, ब्लैकमेल किया और गर्भवती होने पर उसे खत्म करने तक की धमकी दी। फिलहाल वह डरी हुई है और बाहर निकलने से भी कतरा रही है। धर्म परिवर्तन कानून समेत कई धाराओं में केस दर्ज महिला थाना पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर प्रथम दृष्टया मामला दर्ज करते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 60, 351(2) और 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। इसके साथ ही मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम, 2021 की धारा 3(1)(a) और 5 भी लगाई गई हैं, जो जबरन धर्म परिवर्तन और उससे जुड़े कृत्यों से संबंधित हैं। पुलिस ने प्रकरण को विवेचना में लेकर आरोपों की जांच शुरू कर दी है। हालांकि, कार्रवाई में देरी को लेकर अब पुलिस की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है।













































