Monday, 27 Apr 2026 | 03:52 AM

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Dhirendra Shastri apologises for his remarks on Chhatrapati Shivaji Maharaj मोहन यादव सरकार फिर लेगी 2800 करोड़ रुपए का कर्ज:नए वित्त वर्ष के पहले ही महीने में हो जाएगा 4600 करोड़ का कर्ज इंदौर में ACP से बजरंग दल कार्यकर्ता की बहस:बारात के चलते गाड़ी को नहीं मिला रास्ता; विवाद बढ़ा तो टीआई ने खुलवाया जाम CM का 4 मई को ग्वालियर में प्रस्तावित कार्यक्रम:कलेक्टर-SP ने लिया जायजा, ऋषि गालव विश्वविद्यालय के भूमिपूजन में होंगे शामिल ग्वालियर में AI से वीडियो बनाकर छात्रा को किया ब्लैकमेल:पीछा करता था पिता की दुकान का कर्मचारी, छेड़छाड़ की, वीडियो दिखाकर ऐंठे मां के गहने जल गंगा संवर्धन अभियान: देश में नंबर वन बना एमपी:नेशनल रैंकिंग में डिंडौरी पहले और खंडवा दूसरे स्थान पर
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Dhirendra Shastri apologises for his remarks on Chhatrapati Shivaji Maharaj

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Hindi News National Dhirendra Shastri Apologises For His Remarks On Chhatrapati Shivaji Maharaj नागपुर12 मिनट पहले कॉपी लिंक छत्रपति शिवाजी महाराज और समर्थ रामदास स्वामी के बारे में अपनी टिप्पणी को लेकर विवादों में घिरे बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने माफी मांग ली। रविवार को नागपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस में धीरेंद्र शास्त्री ने कहा- कुछ लोगों ने मेरे बयान का गलत अर्थ निकाला। मैं जिस स्वराज और हिंदू राष्ट्र की अवधारणा का सम्मान करता हूं, उसमें छत्रपति शिवाजी महाराज का स्थान सर्वोच्च है। उनके बारे में नकारात्मक बोलना तो दूर, मैं ऐसा सपने में भी नहीं सोच सकता। उन्होंने आगे कहा- संदर्भ बिल्कुल अलग था। छत्रपति शिवाजी महाराज की संतों और अपने गुरु समर्थ रामदास स्वामी के प्रति गहरी निष्ठा थी। हम एक शिष्य की अपने गुरु के प्रति भक्ति के बारे में बात कर रहे थे। ठीक वैसे ही जैसे महाभारत में अर्जुन ने भगवान कृष्ण से कहा कि वह अपने ही लोगों से युद्ध नहीं करेंगे, तब कृष्ण ने गीता का उपदेश दिया था। हमारा उद्देश्य केवल छत्रपति शिवाजी महाराज महानता को उजागर करना था कि वे संतों के प्रति कितने गहरे रूप से समर्पित थे, लेकिन एक छोटा सा अंश संदर्भ से काटकर फैला दिया गया। धीरेंद्र शास्त्री नागपुर में विश्व के पहले ‘भारतदुर्गा मंदिर’ के शिलान्यास समारोह में हुए थे शामिल। क्या था विवादित बयान? नागपुर के एक कार्यक्रम में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने शिवाजी महाराज को लेकर एक दावा किया था। उन्होंने कहा था कि शिवाजी महाराज युद्धों से थक गए थे। उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों को त्यागने की इच्छा जताई थी। शास्त्री के अनुसार, महाराज अपना मुकुट लेकर गुरु समर्थ रामदास के पास पहुंचे थे। शिवाजी महाराज ने अपना मुकुट उनके चरणों में रख दिया था। शास्त्री ने यह भी कहा था कि तब गुरु रामदास ने मुकुट वापस शिवाजी के सिर पर रखा और उन्हें सिखाया कि थकान के बावजूद अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करना ही सच्ची सेवा है। मैं तो संतों के प्रति महाराज की भक्ति बता रहा था: धीरेंद्र शास्त्री प्रेस कॉन्फ्रेंस में धीरेंद्र शास्त्री ने आगे कहा- कुछ लोगों ने मेरे बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया। हम उन लोगों की आलोचना कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे, जिनके स्वराज्य ने हमें ‘हिंदू राष्ट्र’ स्थापित करने के लिए प्रेरित किया। मैंने अपने शब्दों में महाराज और संतों के प्रति अपनी भावनाओं को व्यक्त करने का प्रयास किया था। उन्होंने कहा- छत्रपति शिवाजी महाराज में आस्था रखने वाले सभी लोग हमारे अपने हैं। अगर हम ऐसे मुद्दों पर आपस में बहस करेंगे, तो इससे केवल दूसरों को ही फायदा होगा। मेरा किसी के प्रति कोई गलत इरादा नहीं था, लेकिन अगर मैंने किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है, तो मैं माफी मांगता हूं। उन्होंने कहा कि मैं तो संतों के प्रति महाराज की भक्ति बता रहा था। नागपुर के कार्यक्रम में संतों के साथ-साथ RSS चीफ मोहन भागवत, केंद्रीय मंत्री गडकरी और महाराष्ट्र के सीएम फडणवीस भी मौजूद रहे। राजनीतिक घमासान भी मचा पूर्व राज्यसभा सदस्य संभाजीराजे छत्रपति ने कहा-जिस मध्यप्रदेश से शास्त्री आते हैं, वहां के महान योद्धा छत्रसाल बुंदेला ने शिवाजी महाराज से ही प्रेरित होकर मुगलों के खिलाफ जंग जीती थी। संभाजीराजे ने शास्त्री के ज्ञान पर सवाल उठाते हुए उन्हें अपने ही राज्य का इतिहास न जानने वाला बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे पाखंडी बाबाओं के कार्यक्रमों पर राज्य में रोक लगाई जाए। महाराष्ट्र के कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने इसे इतिहास बदलने की साजिश बताया। उन्होंने नितिन गडकरी और देवेंद्र फडणवीस से भी माफी की मांग की। फडणवीस ने इस पर कहा कि इतिहास की किताबों में ऐसा कोई प्रसंग नहीं मिलता। उन्होंने लोगों से जिम्मेदारी से व्यवहार करने की अपील की। कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार और हर्षवर्धन सपकाल ने इसे ‘इतिहास का विकृत रूप’ बताया है। शिवसेना (UBT) के प्रवक्ता संजय राउत ने कहा कि शिवाजी महाराज एक संप्रभु शासक थे और यह कहना कि उन्होंने अपना राज्य किसी और को सौंप दिया था, एक ऐतिहासिक पाप है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ऐसे बयानों के लिए मंच मुहैया करा रही है। एनसीपी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने बाबा के महाराष्ट्र में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जब यह बयान दिया जा रहा था, तब राज्य के सत्ताधारी नेता मंच पर मौजूद थे। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने कार्रवाई नहीं की, तो जनता खुद उन्हें सबक सिखाएगी। धीरेंद्र शास्त्री ने रविवार को नागपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने बयानों पर स्पष्टीकरण दिया। चारों बच्चों वाले बयान पर भी दिया स्पष्टीकरण नागपुर में उसी कार्यक्रम में धीरेंद्र शास्त्री ने कहा था कि हर किसी को चार बच्चे पैदा करने चाहिए और उनमें से एक को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को देना चाहिए। उनके इस बयान पर भी काफी विवाद में रहा। धीरेंद्र शास्त्री ने इस पर भी स्पष्टीकरण देते हुए कहा- संघ को पुत्र देने का अर्थ है उसे राष्ट्रवादी बनाना। चाहे वह कलेक्टर हो, शिक्षक हो या कुछ और, मेरा इरादा यही था कि बच्चे सनातनी विचारधारा के हों। शास्त्री ने यह भी कहा की कि वे भविष्य में विवाह करेंगे। उन्होंने कहा कि वे स्वयं भी हिंदू आबादी बढ़ाने में योगदान देंगे। —————– धीरेंद्र शास्त्री के बयान से जु़ड़ी ये खबर भी पढ़ें… धीरेंद्र शास्त्री बोले-नक्कटा तू अपनी कंपनी लाहौर में खोल ले:लेंसकार्ट के तिलक-मंगलसूत्र पाबंदी पर भड़के प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) में बागेश्वर धाम के पं. धीरेंद्र शास्त्री ने हनुमंत कथा के दौरान लेंसकार्ट कंपनी को चेतावनी दी। उन्होंने कहा- “एक कंपनी है उसका नाम लेंसकार्ट है, उसने बोला है अपनी कंपनी के वर्करों को कि हमारे यहां कोई तिलक लगा के नहीं आ सकता, मंगलसूत्र पहन के नहीं आ सकता, सिंदूर लगा के नहीं आ सकता। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

मोहन यादव सरकार फिर लेगी 2800 करोड़ रुपए का कर्ज:नए वित्त वर्ष के पहले ही महीने में हो जाएगा 4600 करोड़ का कर्ज

मोहन यादव सरकार फिर लेगी 2800 करोड़ रुपए का कर्ज:नए वित्त वर्ष के पहले ही महीने में हो जाएगा 4600 करोड़ का कर्ज

मध्य प्रदेश सरकार नए वित्त वर्ष के पहले महीने में एक बार फिर मंगलवार को 2800 करोड़ रुपए का कर्ज उठाने जा रही है। यह कर्ज दो किस्तों में 1600 करोड़ और 1200 करोड़ रुपए के रूप में लिया जाएगा। पहला कर्ज 8 साल और दूसरा 22 साल के लिए होगा जिसके ब्याज की अदायगी छमाही की जाएगी। सरकार ने अभी 31 मार्च 2026 की स्थिति में कर्ज का खुलासा नहीं किया है। मंगलवार को लिए जाने वाले दोनों ही कर्ज 31 मार्च 2025 की स्थिति में 4 लाख 14 हजार करोड़ रुपए के कर्ज के आंकड़े के आधार पर लिए जा रहे हैं। नया वित्त वर्ष शुरू होने के बाद 15 दिन के भीतर मोहन यादव सरकार ने एक बार फिर 1800 करोड़ रुपए का कर्ज आरबीआई के जरिए लिया है। सरकार को इस ऋण राशि का भुगतान 15 अप्रैल को किया गया। यह लोन दो अलग-अलग किस्त 1200 करोड़ और 600 करोड़ के रूप में लिया गया है। इसके पहले 31 मार्च 2026 को वित्त वर्ष खत्म होने के पहले एक माह में सरकार द्वारा 18700 करोड़ का लोन लिया गया था। इसके पहले 28 मार्च को राज्य सरकार ने रामनवमी पर 2500 करोड़ का लोन 14 साल के लिए लिया था। वित्त विभाग द्वारा जारी नोटिफिकेशन में सरकार पर 31 मार्च 2025 को कर्ज 4 लाख 14 हजार 611 करोड़ रुपए बताए गए हैं, जबकि इसके पहले लिए गए सभी ऋण में 31 मार्च 2025 की स्थिति में कर्ज 4 लाख 21 हजार 740 करोड़ रुपए बताया गया था। इसके पहले 17 मार्च को दो अलग-अलग कर्ज 4100 करोड़ रुपए के लिए गए हैं। 10 मार्च को 1900 करोड़ रुपए 10 साल के ब्याज पर तो 1700 करोड़ रुपए 14 साल और 2200 करोड़ रुपए 21 साल की अवधि के लिए कर्ज लिया। तीन मार्च को होली पर 6300 करोड़ रुपए के चार अलग-अलग कर्ज लिए गए थे। वित्त विभाग द्वारा किए गए नोटिफिकेशन के मुताबिक, तीन मार्च को पहला लोन 1800 करोड़ का लिया गया। इसी तरह दूसरा कर्ज 13 साल के लिए 1600 करोड़ रुपए का, तीसरा कर्ज 1300 करोड़ का 15 साल के लिए और चौथा कर्ज 1600 करोड़ रुपए का 23 साल के लिए लिया गया है। इस तरह कुल 6300 करोड़ का कर्ज लिया गया, जो गत वित्त वर्ष में लिए गए एक दिन के कर्ज में सर्वाधिक रहा है।

इंदौर में ACP से बजरंग दल कार्यकर्ता की बहस:बारात के चलते गाड़ी को नहीं मिला रास्ता; विवाद बढ़ा तो टीआई ने खुलवाया जाम

इंदौर में ACP से बजरंग दल कार्यकर्ता की बहस:बारात के चलते गाड़ी को नहीं मिला रास्ता; विवाद बढ़ा तो टीआई ने खुलवाया जाम

इंदौर के हीरानगर में शनिवार रात बजरंग दल के जिला संयोजक के भतीजे की बारात में जमकर हंगामा हो गया। एसीपी की गाड़ी को रास्ता नहीं देने पर वह बिफर गईं। सड़क पर ही बहस करने लगीं। इसके चलते वहां ट्रैफिक जाम जैसी स्थिति बन गई। बाद में टीआई मौके पर पहुंचे और मामले को शांत किया। मामला गौरी नगर के पास एक्सिस बैंक के पास का है। यहां बजरंग दल के जिला संयोजक जयेश मौर्य की बारात निकल रही थी। इस दौरान व्यवस्था न बिगड़े, इसके लिए बाउंसर भी लगाए गए थे। तभी वहां से महिला एसीपी रूबिना मिजवानी अपनी जीप से गुजर रही थीं। सड़क पर जाम से नाराज हो गईं सड़क पर जाम की स्थिति होने के चलते महिला एसीपी गुस्सा हो गईं। उन्होंने कुछ युवकों को धक्का दे दिया। इस दौरान कुछ हिंदूवादियों ने महिला एसीपी से कह दिया कि वह पाकिस्तान जाकर बारात निकालें। महिला एसीपी का कहना था कि बारात के चलते सड़क पर जाम लग रहा है। उन्होंने यहां करीब आधे घंटे तक बारात को नहीं निकलने दिया। टीआई ने खुलवाया जाम जानकारी मिलने के बाद टीआई सुशील पटेल मौके पर पहुंचे। उन्होंने युवकों को समझाया और बारात को मौके से रवाना किया। बताया जा रहा है कि हिंदूवादियों ने साफ तौर पर कहा कि अगर शादी नहीं होती तो वे बताते। हालांकि उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों तक एसीपी के व्यवहार को लेकर शिकायत करने की बात कही। बाणगंगा में भी हो चुका है विवाद इससे पहले भी महिला एसीपी से चेकिंग के दौरान एक कार में सवार महिला ने भी बदतमीजी की थी। तब भी महिला एसीपी ने मामले में शिकायत दर्ज नहीं कराई थी। हालांकि सोशल मीडिया पर इसका मैसेज वायरल हुआ था। ऑफिस शिफ्ट होने के बाद होती है दिक्कत हीरानगर एसीपी रूबिना मिजवानी का ऑफिस पहले गौरी नगर सब्जी मंडी में था, लेकिन 6 माह से वह हीरानगर थाने के ऊपर बैठने लगी हैं। इसके चलते अफसरों ने उन्हें कुछ दिन पहले नया ऑफिस ढूंढने के लिए कहा था, लेकिन मामला ठंडे बस्ते में चला गया। उन्हें इस ऑफिस में आने-जाने के दौरान कई बार जाम में फंसना पड़ता है।

CM का 4 मई को ग्वालियर में प्रस्तावित कार्यक्रम:कलेक्टर-SP ने लिया जायजा, ऋषि गालव विश्वविद्यालय के भूमिपूजन में होंगे शामिल

CM का 4 मई को ग्वालियर में प्रस्तावित कार्यक्रम:कलेक्टर-SP ने लिया जायजा, ऋषि गालव विश्वविद्यालय के भूमिपूजन में होंगे शामिल

ग्वालियर शहर में शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में प्रस्तावित ऋषि गालव विश्वविद्यालय के भूमिपूजन समारोह की तैयारियां जोरों पर हैं। 4 मई को शीतला माता मंदिर, शिवपुरी लिंक रोड पर आयोजित होने वाले इस भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेने के लिए रविवार को कलेक्टर रुचिका चौहान एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्रशासन द्वारा आयोजन स्थल पर मूलभूत सुविधाओं, मंच व्यवस्था, वीआईपी प्रोटोकॉल, पेयजल, स्वच्छता, पार्किंग और आमजन की सुविधा से जुड़ी व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वहीं पुलिस प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक डायवर्जन, भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन प्रबंधन को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। इस मौके पर एडिशनल एसपी सुमन गुर्जर, एसडीएम अतुल सिंह, एसडीएम नरेन्द्र बाबू यादव, अपर आयुक्त नगर निगम मुनीष सिकरवार, अपर संचालक उच्च शिक्षा डॉ. रत्नम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और विश्वविद्यालय से जुड़े पदाधिकारी भी उपस्थित रहे, जिन्होंने कार्यक्रम को सफल और सुव्यवस्थित बनाने के लिए समन्वय के साथ कार्य करने की प्रतिबद्धता जताई।

जल गंगा संवर्धन अभियान: देश में नंबर वन बना एमपी:नेशनल रैंकिंग में डिंडौरी पहले और खंडवा दूसरे स्थान पर

जल गंगा संवर्धन अभियान: देश में नंबर वन बना एमपी:नेशनल रैंकिंग में डिंडौरी पहले और खंडवा दूसरे स्थान पर

मध्यप्रदेश ने जल संरक्षण और प्रबंधन के क्षेत्र में एक अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की है। भारत सरकार के ‘जल संचय भागीदारी’ (JSJB) अभियान के तहत मध्यप्रदेश अब पूरे देश में पहले नंबर पर पहुंच गया है। बीते 5 मार्च तक मध्यप्रदेश इस सूची में छठे स्थान पर था, लेकिन मुख्यमंत्री द्वारा ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ की निरंतर समीक्षा और जन-भागीदारी को प्रोत्साहित करने के परिणामस्वरूप प्रदेश ने रैंकिंग में यह लंबी छलांग लगाई है। डिंडौरी नेशनल रैंकिंग में पहले नंबर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सामुदायिक सहभागिता पर आधारित जल प्रबंधन के मामले में मध्यप्रदेश पूरे देश के सामने एक श्रेष्ठ उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है । इस अभियान की सफलता में जिलों का योगदान भी सराहनीय रहा है, जहां राष्ट्रीय स्तर की रैंकिंग में डिंडौरी जिला पहले और खंडवा जिला दूसरे स्थान पर रहा है। प्रदेश में इस महाअभियान के तहत 16 सरकारी विभागों की 82 प्रमुख गतिविधियों को चिन्हित किया गया है, जिसके माध्यम से जल संरचनाओं के पुनर्जीवन और नए जल स्रोतों के निर्माण पर युद्ध स्तर पर कार्य किया जा रहा है। अभियान के तहत न केवल ग्रामीण बल्कि शहरी क्षेत्रों में भी बडे़ स्तर पर काम किए जा रहे हैं। वन भूमि पर होने वाले जल संरक्षण कार्यों को गति देने के लिए एक विशेष ‘ऑनलाइन ऐप’ भी विकसित किया गया है, जिससे अनुमति की प्रक्रिया सुगम और पारदर्शी हो गई है। अभियान से जुड़े आंकड़े फॉर्म पॉन्ड, अमृत सरोवर बनाए जा रहे पूरे अभियान के लिए 6,630 करोड़ रुपए का वित्तीय लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत खंडवा जिला प्रदेश में पहले, खरगोन दूसरे और डिंडौरी तीसरे स्थान पर है।अभियान में फार्म पॉन्ड, अमृत सरोवर और पुराने मनरेगा कार्यों को पूर्ण करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

ग्वालियर में AI से वीडियो बनाकर छात्रा को किया ब्लैकमेल:पीछा करता था पिता की दुकान का कर्मचारी, छेड़छाड़ की, वीडियो दिखाकर ऐंठे मां के गहने

ग्वालियर में AI से वीडियो बनाकर छात्रा को किया ब्लैकमेल:पीछा करता था पिता की दुकान का कर्मचारी, छेड़छाड़ की, वीडियो दिखाकर ऐंठे मां के गहने

‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस'(AI) से नाबालिग छात्रा का अश्लील वीडियो जनरेट कर उसे सोशल मीडिया पर अपलोड करने की धमकी ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया है। मनचला, नाबालिग छात्रा के पिता की दुकान का कर्मचारी है। वह रोज छात्रा का पीछा करता था। रास्ते में कई बार छेड़छाड़ की। ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ से बनाए गंदे वीडियो को दिखाकर छात्रा को ब्लैकमेल किया और उसकी मां के गहने ऐंठ लिए। घटना उपनगर मुरार में 5 फरवरी से अप्रैल 2026 के बीच की है। अब जब गहनों की पड़ताल हुई तो छात्रा के साथ हो रही हरकत का खुलासा हुआ है। छात्रा परिजन के साथ मुरार थाना पहुंची और मामले की शिकायत की है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। मुरार में रहने वाली 17 वर्षीय किशोरी जो 12वीं की छात्रा है। छात्रा ने रविवार को मुरार थाना पहुंचकर शिकायत की है कि उसके पिता की सदर बाजार में दुकान है। दुकान पर हर्ष ठाकुर नामक युवक काम करता है। छात्रा बारादरी पर कोचिंग पढ़ने जाती है। फरवरी माह से हर्ष ठाकुर उसका पीछा करने लगा। छात्रा ने मना किया तो उसने प्यार का इजहार किया, जिस पर छात्रा ने उसके प्रस्ताव को ठुकरा दिया। इसके बाद उसके एआई से वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल कर 15 हजार रुपए की मांग की। उसके पास इतने रुपए नहीं थे तो उसने इसकी शिकायत पिता से की। जिस पर पिता ने हर्ष ठाकुर को समझाया तो उसने परेशान न करने का वादा किया। कुछ दिन शांत रहा फिर दी धमकी कुछ दिन तक तो हर्ष ठाकुर शांत रहा और फिर से उसकी कोचिंग पर आकर फिर से 15 हजार रुपए की मांग कर उसे धमकाने लगा और उसके वीडियो सोशल मीडिया पर डालकर बदनाम करने की धमकी दी। धमकी से घबराई छात्रा ने मां के अलमारी में रखे दो मंगलसूत्र, एक जोड़ी कड़े निकाल कर हर्ष ठाकुर को दे दिए। सीएसपी मनीष यादव ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी की तलाश की जा रही है।