Monday, 27 Jul 2026 | 12:07 AM

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वित्त-मंत्री बोलीं- IT विभाग आम लोगों को परेशान न करे:अपनी ताकत से डराएं नहीं; जनता की भलाई के लिए काम करें वित्त-मंत्री बोलीं- IT विभाग आम लोगों को परेशान न करे:अपनी ताकत से डराएं नहीं; आम जनता की भलाई के लिए काम करें लौकी-सोयाबीन का चीला रेसिपी: मिनटों में लौकी और सोयाबीन का चीला, हाई इंट्रोडक्शन से करें दिन की शुरुआत, नोट करें विधि 'बेटी पढ़ाने से पहले दादा-दादी और नाना-नानी को पढ़ाना पड़ेगा':एक्ट्रेस नीना गुप्ता बोलीं- लड़कियों की जिंदगी नहीं बदली, 98% घरों में आज भी घूंघट PAK की लेडी अफसर पंजाबी गानों की शौकीन:सोशल मीडिया पर एक्टिव; सिद्धू मूसेवाला, आर-नैत, रंजीत बावा के गानों पर रील्स बनाईं HDFC Bank Top Loser | Market Cap Drops, HUL Gainers List & Update
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गर्मियों में मटका पानी: 99% लोगों को नहीं पता कि मटके में रखा पानी कब मिलना चाहिए? जान लें सही उपाय; अन्य पढाई स्वास्थ्य पर भारी

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ज्यादातर लोग इस बात को जरूर स्वीकार कर लेते हैं, लेकिन मटके का पानी हर 24 घंटे में एक बार बदलना चाहिए। अगर बहुत ज्यादा गर्मी है, तो 12-18 घंटे के भीतर पानी बेहतर होता है। छवि: सोशल मीडिया मटके में लंबे समय तक पानी में रहने वाले बैथने का कारण बन सकते हैं। पानी का स्वाद और क्वालिटी ख़राब हो जाती है। इससे पेट खराब, गैस या संक्रमण जैसी समस्याएं हो सकती हैं। छवि: एआई पुराना पानी पूरी तरह खाली करें। मटके को साफ पानी से 2-3 बार एक्सचेंज करें। सप्ताह में 1-2 बार मटके कोम्पोन या सोडा सोडा से साफ करें। पूरी तरह से अनइंस्टॉल के बाद ही नया पानी भरना शामिल है। छवि: एआई मटके को हमेशा पढ़ें। पानी निकालने के लिए साफ लोटा या नाल का उपयोग करें। हाथ से चलने वाली पानी की बोतलें। छवि: एआई मटके को वांछनीय और छायादार जगह पर रखें। रोज़ ताज़ा पानी भरना। जरूरत हो तो थोड़ा ठंडा पानी का औसत तापमान। छवि: सोशल मीडिया मटके का वॉटर प्लांट स्वास्थ्य के लिए अच्छा है, लेकिन उसकी सही देखभाल और पानी पर समय देना बहुत जरूरी है। छवि: एआई यदि आप प्रतिदिन ताज़ा पानी का उपयोग करते हैं, तो आप और आपका परिवार गर्मी में सुरक्षित और स्वस्थ रहेंगे। छवि: एआई अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए तरीके, तरीके और दावे अलग-अलग विद्वानों पर आधारित हैं। रिपब्लिक भारत लेख में दी गई जानकारी के सही होने का दावा नहीं किया गया है। किसी भी उपचार और सुझाव को पहले डॉक्टर या डॉक्टर की सलाह से अवश्य लें।

बैठने का तरीका और ये एक चीज है कमर दर्द की असली वजह, एक्सपर्ट की मानें बात, मिलेगा जल्दी आराम

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Last Updated:April 27, 2026, 23:18 IST Treatment Of Back Pain In Women: जीवनशेली ऐसी हो चली है कि आजकल महिलाओं में कमर दर्द के मामले बढ़ते जा रहे हैं. समय रहते महिलाएं इसपर ध्यान भी नहीं देती हैं. लापरवाही बाद में समस्या का रूप धारण कर लेता है. डॉ हरीश ने फिजियोथेरेपी, स्ट्रेचिंग, सही पोश्चर में सोने और जीवनशैली में बदलाव से राहत की सलाह दी. उनका कहना है कि जब भी ऐसा महसूस हो कि कमर में तेज दर्द है तो डॉक्टर से परामर्श जरूर लें. जोधपुर. आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में महिलाओं के बीच कमर दर्द एक आम लेकिन गंभीर समस्या बनती जा रही है. ऑफिस में लंबे समय तक बैठकर काम करना, घर के कामों का दबाव, बच्चों की देखभाल और लगातार शारीरिक मेहनत इसकी बड़ी वजह बन रही है. विशेषज्ञों के अनुसार कई महिलाएं शुरुआती दर्द को नजरअंदाज कर देती हैं, जो आगे चलकर बड़ी परेशानी का कारण बन सकता है. अगर समय रहते इस समस्या पर ध्यान दिया जाए, तो बिना दवाइयों के भी राहत पाई जा सकती है. फिजियोथेरेपी के जरिए इसका प्राकृतिक उपचार संभव है. इस वजह से कमर दर्द से पीड़ित हैं महिलाएं कमर दर्द के पीछे कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं. खराब पोश्चर यानी गलत तरीके से बैठना या खड़े रहना, मांसपेशियों की कमजोरी, विटामिन D और B12 की कमी, भारी सामान उठाना और लंबे समय तक एक ही स्थिति में रहना इस समस्या को बढ़ा सकते हैं. इसके अलावा हार्मोनल बदलाव भी महिलाओं में कमर दर्द को बढ़ाने वाले कारणों में शामिल हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते इन कारणों की पहचान कर सही समाधान अपनाना जरूरी है. विशेषज्ञों की मानें तो इस चीज से मिलेगी राहत फिजियोथेरेपी विशेषज्ञ डॉ हरीश के मुताबिक इस समस्या का बिना दवा प्राकृतिक तरीके से इलाज संभव है. नियमित फिजियोथेरेपी, स्ट्रेचिंग और जरूरी एक्सरसाइज के जरिए कमर दर्द में काफी हद तक राहत मिल सकती है. साथ ही यदि दर्द हार्मोनल बदलाव या अन्य शारीरिक कारणों से जुड़ा है, तो डॉक्टर की सलाह लेना भी जरूरी है. सही समय पर उपचार मिलने से गंभीर स्थिति बनने से रोका जा सकता है और बेहतर जीवनशैली अपनाई जा सकती है. ये एक काम करना बहित जरूरी डॉ हरीश का मानना है कि महिलाएं अगर अपने दैनिक जीवन में कुछ जरूरी बदलाव करें, तो कमर दर्द से काफी हद तक बचा जा सकता है. सही पोश्चर अपनाना, नियमित व्यायाम करना, लंबे समय तक लगातार बैठने या खड़े रहने से बचना और शरीर को पर्याप्त आराम देना बेहद जरूरी है. जागरूकता, सावधानी और समय पर उपचार के जरिए महिलाएं घर बैठे भी इस समस्या से राहत पा सकती हैं और स्वस्थ जीवन जी सकती हैं. डिस्क्लेमर- वीडियो में बताए गए व्यायाम या उपाय घर पर करने से पहले विशेषज्ञ या डॉक्टर की सलाह जरूर लें. बिना फिजियोथेरेपी विशेषज्ञ या डॉक्टर के परामर्श के किसी भी प्रकार की एक्सरसाइज न करें. About the Author Anand Pandey आनंद पाण्डेय वर्तमान में News18 हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Jodhpur,Jodhpur,Rajasthan First Published : April 27, 2026, 23:18 IST

प्रसव पीड़ा से तड़पती महिला, स्वास्थ्य केंद्र पर ताला लगा:पन्ना में बारिश के बीच परिजन को 27 किमी दूर सलेहा अस्पताल ले जाना पड़ा

प्रसव पीड़ा से तड़पती महिला, स्वास्थ्य केंद्र पर ताला लगा:पन्ना में बारिश के बीच परिजन को 27 किमी दूर सलेहा अस्पताल ले जाना पड़ा

जिले में सोमवार रात कल्दा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर ताला लटका होने के कारण एक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा के दौरान इलाज के लिए घंटों भटकना पड़ा। जानकारी के अनुसार, रात करीब 8:30 बजे सकतरा गांव की रहने वाली वंदना वर्मा को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजन ने 108 एम्बुलेंस बुलाकर उन्हें रात 9:30 बजे कल्दा स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। बाहर तेज बारिश हो रही थी, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर पता चला कि वहां मुख्य द्वार पर ताला लगा है। तेज बारिश में भटकना पड़ा महिला के ससुर रामखिलावन के अनुसार, अस्पताल में न तो कोई डॉक्टर था और न ही कोई कर्मचारी। काफी देर तक मदद न मिलने के बाद एम्बुलेंस को वापस मोड़ना पड़ा। मजबूर होकर परिजन इस गंभीर स्थिति और खराब मौसम के बीच वंदना को 27 किलोमीटर दूर सलेहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। परिजन ने स्वास्थ्य विभाग की इस लापरवाही पर भारी नाराजगी जताई है। जांच की बात कह रहे अधिकारी इस घटना के बाद पन्ना के मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) राजेश प्रसाद तिवारी ने कहा है कि मामला उनके संज्ञान में आ गया है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि वे इस बात की जांच कराएंगे कि आखिर रात के समय स्वास्थ्य केंद्र पर ताला क्यों लगा था और स्टाफ ड्यूटी से गायब क्यों था।

विदिशा में किसान ट्रेन के सामने कूदा, मौत:वीडियो में पूर्व विधायक पर केंद्रीय कृषि मंत्री की सुपारी देने का आरोप लगाया

विदिशा में किसान ट्रेन के सामने कूदा, मौत:वीडियो में पूर्व विधायक पर केंद्रीय कृषि मंत्री की सुपारी देने का आरोप लगाया

विदिशा में सोमवार को किसान ने ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। ट्रेन के सामने कूदने से पहले उसने एक वीडियो बनाया, जिसमें उसने पूर्व विधायक शशांक भार्गव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वीडियो में किसान बोलते हुए सुनाई दे रहा है कि पूर्व विधायक शशांक भार्गव उस पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और विदिशा विधायक मुकेश टंडन की हत्या करने के लिए दबाव बना रहे थे। बेटे ने भी दोहराई बात मृतक किसान के बेटे दीपक गुर्जर ने भी इन आरोपों का समर्थन किया है। परिवार का कहना है कि पूर्व विधायक शशांक भार्गव किसान पर यह दबाव बना रहे थे कि उसे पैसे तभी मिलेंगे जब वह इन नेताओं को नुकसान पहुंचाएगा। जानकारी के अनुसार, मृतक किसान पूर्व विधायक शशांक भार्गव की जमीन लीज पर लेकर खेती करता था। पुलिस ने किसान के शव का पोस्टमार्टम मेडिकल कॉलेज में कराया है। थाना प्रभारी आशुतोष सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वीडियो की भी जांच की जा रही है। पूर्व विधायक बोले- जांच हो, जनता के सामने सच आना जरूरी वहीं, इस मामले में पूर्व विधायक शशांक भार्गव ने अपने ऊपर लगे आरोपों को नकारते हुए कहा कि इस वीडियो की पूरी जांच की जानी चाहिए। जांच में वे पूरा सहयोग करेंगे। यह राजनीतिक षडयंत्र है जनता के सामने सच आना जरूरी है।

गर्मियों में कोल्ड टैंक का पानी: गर्मी में भरा है तालाब का पानी? संस्थान से पहले करें ये काम; पानी रहेगा ठंडा और नहीं जलेगी त्वचा

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घृणित कपड़ा या बोरी उत्पाद: फ़्लोरिडा के अपोजिट बोरी या इलेक्ट्रॉनिक्स से पानी ठंडा रखने में मदद मिलती है। यह देसी नुस्खा बहुत ही असरदार है, खासकर तेज गर्मी में। छवि: एआई ठंडा पानी अगर पानी ज्यादा गर्म है, तो बाल्टी में थोड़ा ठंडा या फिर फ्रिज का पानी पुराना है। इससे तापमान में गिरावट और त्वचा को राहत मिलेगी। छवि: एआई मूर्ति पर सफेद पेंट करवाएं: मछली पर सफ़ेद या वसीयत रंग का पेंट उपकरण से गर्मी कम लगती है। जहरीले रंग सूरज की किरणों को रिफ्लेक्ट करते हैं, जिससे पानी कम गर्म होता है। छवि: फ्रीपिक देर से नहाएँ: गर्मी में दो बार का समय थिएटर का पानी सबसे ज्यादा गर्मी होती है। कोशिश करें कि आप सुबह जल्दी या शाम को नहाएं। इस समय पानी छोटा ठंडा रहता है। छवि: फ्रीपिक संस्थान से पहले पानी की सुविधा: नल निगम ही सीधा नहीं है। पहले 2-3 मिनट तक पानी एक्सचेंज। इससे पाइप में जाम गर्म पानी निकल जाएगा और बाजार का ठंडा पानी आ जाएगा। छवि: एआई भैंस को खरीदाकर रखें: यदि आपके पानी की मंजिल धूप में रखी है, तो उसे या कवर से ढँक कर रखें। इससे सूर्य की सीधी किरणें पानी को अत्यधिक गर्म नहीं करतीं। छवि: फ्रीपिक पाइप को धूप से बचाएं: कई बार पाइप में धूप की वजह से पानी और सबसे ज्यादा गर्मी होती है। पाइप को छाँव में रखें या कवर कर दें। छवि: फ्रीपिक गर्मी में मछली का पानी गर्म होना आम बात है, लेकिन आसान उपाय अपनाकर बात आप बच सकते हैं। इन छोटे-छोटे टिप्स से न सिर्फ पानी ठंडा रहेगा, बल्कि आपकी त्वचा भी सुरक्षित रहेगी और न हाना भी आरामदायक रहेगा। छवि: एआई

इंदौर के पार्षद कालरा की रिकॉर्डिंग वायरल:सोशल मीडिया पर आई बातचीत की रिकॉर्डिंग, दुकान को लेकर कर रहे बात

इंदौर के पार्षद कालरा की रिकॉर्डिंग वायरल:सोशल मीडिया पर आई बातचीत की रिकॉर्डिंग, दुकान को लेकर कर रहे बात

इंदौर में पार्षद कमलेश कालरा की ऑडियो रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। तीन अलग-अलग पार्ट में यह रिकॉर्डिंग सामने आई है। रिकॉर्डिंग में वह किसी व्यक्ति से दुकान के संबंध में बात कर रहे हैं। रिकॉर्डिंग के सामने आने के बाद एक रिकॉर्डिंग ओर सामने आई, जिसमें वह कह रहे हैं कि मीडिया तक ये रिकॉर्डिंग कैसे पहुंची। रिकॉर्डिंग की बात करें तो इसमें वह और दूसरे व्यक्ति से बात कर रहे हैं। जिसमें किसी दुकान को लेकर चर्चा की जा रही है। तीन अलग-अलग पार्ट में सामने आई रिकॉर्डिंग तीन अलग-अलग रिकॉर्डिंग सामने आई है। इसमें पहली रिकॉर्डिंग में सामने वाला किसी विजय का नाम लेकर पार्षद से कर रहा है कि वह आपसे मिलना चाहते हैं। इसमें शाम को मिलने की बात पर पार्षद कहते हैं कि पार्षद हैं ना। कभी भी कुछ भी काम आ जाता है, तो उसी टाइम जाना पड़ता है। सामने वाले ने कहा कि वह कह रहे हैं कि एक दुकान खाली करा देंगे। ये वाली दुकान का जैसा भैया कहेंगे वैसा कर लेंगे। आधा किराया भैया को दे देंगे। वहीं सामने वाला पार्षद को कहता है कि आप तो इस दुकान की चॉबी ही ले लेना। वहीं, दूसरी रिकॉर्डिंग में ऐसे फोन पर बात मत कराया करो। सबसे तुम ही बात कर लिया करो। सामने वाला कहता है कि वह मेरी बात नहीं मानेंगे, इस पर पार्षद कहते हैं कि जेसीबी आएगी तब मान जाएंगे। वहीं, तीसरी रिकॉर्डिंग में वह कह रहे हैं कि बाजार में ये ऑडियो कैसे आ गई मीडिया के पास। मीडिया में चल रही है। तुम ऐसे करोगे तो कैसे काम चलेगा। ये हटवाओ। आरोपों को गलत बताया जब पार्षद कमलेश कालरा से बात की तो उन्होंने कहा कि विजय नामक व्यक्ति ने दो दुकानों पर कब्जा कर रखा था। आज कार्रवाई हुई है, जबकि आज वे इलाके में थे भी नहीं, वे कोर्ट में थे। उन्होंने लेन-देन के आरोप को भी गलत बताया है।

आलमपुर थाना प्रभारी रवि उपाध्याय को दी विदाई:बोले- आलमपुर जैसी शांत जगह पर लोगों ने बहुत प्यार और अपनापन दिया

आलमपुर थाना प्रभारी रवि उपाध्याय को दी विदाई:बोले- आलमपुर जैसी शांत जगह पर लोगों ने बहुत प्यार और अपनापन दिया

आलमपुर थाना प्रभारी रवि उपाध्याय का सोमवार शाम को विदाई समारोह आयोजित किया गया। 16 महीने तक आलमपुर में सेवाएं देने के बाद अब उनका तबादला दबोह कर दिया गया है। उनकी जगह अब एसआई सोहनीश सिंह तोमर आलमपुर थाने की जिम्मेदारी संभालेंगे। विदाई के मौके पर भावुक होते हुए रवि उपाध्याय ने कहा कि आलमपुर एक धार्मिक और शांत नगरी है, जहां के लोगों से उन्हें बहुत प्यार और अपनापन मिला। उन्होंने यहां बिताए समय को अपने करियर के सबसे बेहतरीन दौर में से एक बताया। सक्रिय मुखबिर तंत्र की तारीफ समारोह में एएसआई ओंकार सिंह तोमर ने रवि उपाध्याय के काम करने के तरीके की सराहना की। उन्होंने खास तौर पर उपाध्याय के मजबूत मुखबिर तंत्र का जिक्र किया, जिसकी वजह से क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिली। उन्होंने कहा कि तबादला नौकरी का एक हिस्सा है और उन्होंने रवि उपाध्याय को नई पारी के लिए शुभकामनाएं दीं। सहकर्मियों ने दी भावभीनी विदाई थाने के स्टाफ और क्षेत्र के लोगों ने रवि उपाध्याय को शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस विदाई कार्यक्रम में असवार थाना प्रभारी सुरेश मिश्रा, सीएमओ अतुल रावत, बैंक मैनेजर विशाल शाक्य और स्वास्थ्य विभाग, बिजली विभाग के अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में पुलिस स्टाफ और स्थानीय लोग मौजूद रहे।

उज्जैन पुलिस ने 25 मिनट में लापता बच्ची ढूंढी:अवैध हथियार जब्त, जिला बदर आरोपी भी गिरफ्तार

उज्जैन पुलिस ने 25 मिनट में लापता बच्ची ढूंढी:अवैध हथियार जब्त, जिला बदर आरोपी भी गिरफ्तार

उज्जैन पुलिस ने एक ही दिन में तीन बड़ी कार्रवाइयों को अंजाम देकर अपनी तत्परता का परिचय दिया। पुलिस ने फ्रीगंज से लापता हुई तीन साल की बच्ची को महज 25 मिनट में ढूंढ निकाला। इसके अतिरिक्त, तीन थाना क्षेत्रों से चार आरोपियों को अवैध चाकुओं के साथ गिरफ्तार किया गया और एक जिला बदर आरोपी को भी पकड़ा है। उज्जैन में कानून व्यवस्था बनाए रखने और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस सक्रिय है। सोमवार को सामने आईं इन तीन अलग-अलग घटनाओं में पुलिस की त्वरित और सटीक कार्रवाई स्पष्ट रूप से दिखाई दी। बाजार में लापता हो गई बच्ची पहली घटना फ्रीगंज बाजार से संबंधित है। देवासी नगरी निवासी वीरेंद्र सेन अपनी पत्नी के साथ खरीदारी कर रहे थे, तभी उनकी तीन वर्षीय बेटी अचानक लापता हो गई। परिजनों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ-साथ लोगों से पूछताछ कर तलाशी अभियान चलाया। महज 25 मिनट के भीतर बच्ची को वी-मार्ट शोरूम के पास सुरक्षित ढूंढ लिया गया और उसके परिजनों को सौंप दिया गया। धारदार चाकुओं के साथ आरोपी गिरफ्तार दूसरी कार्रवाई अवैध हथियारों के खिलाफ की गई। उज्जैन पुलिस ने चिमनगंज मंडी, माधवनगर और नीलगंगा थाना क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों से चार आरोपियों को धारदार चाकुओं के साथ गिरफ्तार किया। सभी आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत मामला दर्ज किया गया है। जानकारी के अनुसार, इनमें से एक आरोपी पर पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। तीसरी बड़ी कार्रवाई नीलगंगा थाना क्षेत्र में हुई, जहां पुलिस ने घेराबंदी कर जिला बदर आरोपी मयूर उर्फ मयूरेष व्यास को गिरफ्तार किया। आरोपी जिला दंडाधिकारी के आदेश का उल्लंघन करते हुए क्षेत्र में घूम रहा था। पूछताछ में उसके पास कोई वैध अनुमति नहीं पाई गई, जिसके बाद उसके खिलाफ मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।

जीरन पुलिस ने 2.61 क्विंटल डोडाचूरा पकड़ा:नाकाबंदी तोड़कर भागी स्कार्पियो से मिला, तस्कर मौके से भागा

जीरन पुलिस ने 2.61 क्विंटल डोडाचूरा पकड़ा:नाकाबंदी तोड़कर भागी स्कार्पियो से मिला, तस्कर मौके से भागा

जीरन पुलिस ने एक स्कॉर्पियो से करीब 2 क्विंटल 61 किलो अवैध डोडाचूरा पकड़ा है। जब्त किए गए माल की कीमत करीब 9.60 लाख रुपए आंकी गई है। सोमवार को जीरन थाना प्रभारी उमेश यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम घसुडी-चीताखेड़ा रोड पर चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक काले रंग की स्कॉर्पियो को रुकने का इशारा किया गया, लेकिन चालक ने गाड़ी रोकने के बजाय रफ्तार बढ़ा दी और नाकाबंदी तोड़कर भाग निकला। अंधेरे का फायदा उठाकर तस्कार फरार पुलिस ने तुरंत स्कॉर्पियो का पीछा किया। कुछ दूर जाने पर हरनावदा पुलिया के पास तस्कर अपनी गाड़ी छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए खेतों की तरफ भाग गया। जब पुलिस ने लावारिस खड़ी गाड़ी की तलाशी ली, तो उसमें भारी मात्रा में डोडाचूरा भरा मिला। गाड़ी मालिक की तलाश जारी पुलिस ने चालक के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है। अब पुलिस गाड़ी के नंबर के आधार पर उसके मालिक का पता लगा रही है, ताकि तस्करी के इस गिरोह का पर्दाफाश किया जा सके।

बुरहानपुर में नर्सरी से 8वीं तक स्कूलों में अवकाश:बढ़ते तापमान के कारण कलेक्टर का आदेश, आंगनवाड़ी से बच्चों को घर पर मिलेगा पोषक आहार

बुरहानपुर में नर्सरी से 8वीं तक स्कूलों में अवकाश:बढ़ते तापमान के कारण कलेक्टर का आदेश, आंगनवाड़ी से बच्चों को घर पर मिलेगा पोषक आहार

बुरहानपुर में बढ़ती गर्मी को देखते हुए बच्चों की छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं। कलेक्टर हर्ष सिंह ने नर्सरी से लेकर कक्षा 8वीं तक के सभी स्कूलों में 28 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक अवकाश घोषित किया है। यह फैसला बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। इसमें सरकारी, प्राइवेट, सीबीएसई, आईसीएसई और मदरसे सभी स्कूल शामिल हैं। आंगनवाड़ी में बच्चे नहीं आएंगी साहिकाएं घर जाकर बांटेंगी आहार गर्मी के असर को देखते हुए आंगनवाड़ी केंद्रों को भी आंशिक रूप से बंद करने का फैसला लिया गया है। यह व्यवस्था 28 अप्रैल से 2 मई 2026 तक लागू रहेगी। इस दौरान बच्चों को मिलने वाला पोषण बंद नहीं होगा। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं घर-घर जाकर या समूहों के माध्यम से बच्चों को नाश्ता, भोजन और टेक होम राशन (THR) उपलब्ध कराएंगी। साथ ही पोषण ट्रैकर ऐप में भी जरूरी जानकारी दर्ज की जाएगी। आंगनवाड़ी केंद्र पूरी तरह बंद नहीं रहेंगे। कार्यकर्ता और सहायिकाएं सुबह 8 बजे से दोपहर 3 बजे तक केंद्रों पर रहकर घर-घर संपर्क, रिकॉर्ड मेंटेन करने और अन्य जरूरी काम करती रहेंगी। कुल मिलाकर, गर्मी से राहत देने के लिए स्कूल बंद किए गए हैं, लेकिन बच्चों की पढ़ाई और पोषण दोनों को ध्यान में रखते हुए जरूरी व्यवस्थाएं जारी रहेंगी।