बीजेपी अब ममता बनर्जी को बंधक बनाकर जान से मारने की धमकी दे रही है, टीएमसी ने बीजेपी नेता का पोस्ट शेयर कर लगाया बड़ा आरोप

पश्चिम बंगाल का पैराग्राफ पैरा रोजमर्रा बढ़ रहा है। चुनाव में डराने-धमकाने को लेकर आईपीएस अजयपाल शर्मा ने हाल ही में आतंकवादियों के नेताओं को चेतावनी दी थी। इसके बाद से विनिर्माण और उद्योग-मुख्यालय हैं। बीजेपी नेता अजय आलोक की एक पोस्ट को लेकर पारंपरिक कांग्रेस ने जोरदार पोस्ट कर पलटवार किया है. टीएमसी की ओर से मंगलवार (28 अप्रैल) को एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा गया, “ब्लाकर की धमकियां और फिल्में के बाद बीजेपी ममता अब नारायण को जेल में बंद जान से मारने की धमकियां देने आई है।” आगे ने लिखा, “बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने अपने ट्विटर हैंडल पर पोस्ट किया है कि डरायेगा तो कहलाएगा दीदी, इसका मतलब है कि अगर आप हमें डराने की कोशिश करते हैं, तो हथियार बंद कर देंगे, दोस्त। तीन बार की कंपनी ने मुख्यमंत्री के लिए ये है बीजेपी का प्रस्ताव।” बलात्कार की धमकियों और घृणित, अपमानजनक व्यंग्यचित्रों के प्रसार के बाद, भाजपा अब श्रीमती के खिलाफ खुली मौत की धमकियाँ जारी करने पर उतर आई है। @MamataOfficial. बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता @आलोक_अजय उनके एक्स हैंडल पर पोस्ट किया गया: “डरेगा तो बोलेगा दीदी।” @MamataOfficial“, जिसका अर्थ है, “यदि आप प्रयास करें… pic.twitter.com/WsJ3e0jwyo – अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (@AITCofficial) 28 अप्रैल 2026 मोदी और अमित शाह को टैग कर क्या कहापोस्ट में आगे कहा गया कि ये है बीजेपी का बंगाल के लिए बदलाव का सपना. वे उत्तर प्रदेश और बिहार की सड़कों पर विकसित अपनी गॉल मारो और दो संस्कृति को बंगाल में स्थापित करना चाहते हैं। इसके बाद मोदी और गृह मंत्री को टैग कर लिखा गया कि इस खतरनाक खतरनाक तानाशाह को टॉप लेवल से मंजूरी मिल गई है खुद पीएम और अमित शाह के कार्यकर्ताओं से। तुम लोगों को हिन्दी समझ नहीं आती क्या? पीड़ित कार्ड खेलने की कोशिश मत करो, गोली मारो और भाग जाओ यह तुम्हारी संस्कृति है हमारी नहीं, अपने गुंडों से लोगों को डराने की कोशिश मत करो। पूर्व वह जगह है जहां बंगाल और भारत के लोगों के लिए सूरज उगता है और आप सभी विनाश के लिए तैयार हैं। https://t.co/MtLcQxijiD – डॉ. अजय आलोक (@alok_ajay) 28 अप्रैल 2026 पोस्ट में आगे कहा गया है कि अगर किसी दोस्त के बारे में वे इस तरह की बात करते हैं, तो यह डायलॉग रोंगटे बिकते हो जाते हैं कि ये भगवा गुंडे बंगाल की आम गुड़िया और बेटी पर क्या खतरा मंडराएगा। पोस्ट में कहा गया कि इन शब्दों में बंगाल भूलेगा नहीं। बंगाल माफ़ नहीं करता. इस अपमान का प्रत्युत्तर से दिया जाएगा। 4 मई को बंगाल अपनी आवाज बुलंद करेगा। ये भी पढ़ें बंगाल में चुनावी प्रचार थमा, बीजेपी ने किया धुआंधार प्रचार, 21 जिलों में पीएम मोदी ने जनता को साधे और गठबंधन को घेरा अजय आलोक का पलटवारकांग्रेस के इस पोस्ट को लेकर बीजेपी नेता अजय आलोक ने पलटवार करते हुए लिखा, “आप लोगों को हिंदी समझ में नहीं आती? पीड़ित होने का नाटक मत करो, लोग आपकी संस्कृति है, हमारी नहीं. अपने गुंडों से लोगों को डराने की कोशिश मत करो. बंगाल और भारत के लोगों के लिए सूरज पूरब से उगता है और आप सब गंदगी की ओर बढ़ रहे हैं.” ये भी पढ़ें टीएमसी के अनमोल यूसुफ़ पुतिन ने बीजेपी की लोकप्रियता में पढ़े कसीदे! ममता-महबूबा से नीतीश तक भी पीछे नहीं, पीछे की मजबूरी क्या?
‘मस्ती करते देखो अच्छा लगा…’, जापानी मोइत्रा ने शेयर किया आईपीएस अजय पाल शर्मा का बार गर्ल संग डांस वीडियो, मचा हंगामा

पश्चिम बंगाल में 29 अप्रैल को होने वाली वाली दूसरे चरण की वोट से पहले कैथोलिक विलाप हुआ है। यूपी के 24 परगना जिले के पुलिस अधिकारी अजय पाल शर्मा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर यूपी के 24 परगना जिले के पुलिस अधिकारी अजय पाल शर्मा को सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया है। वीडियो में कथित तौर पर एक्टर अजयपाल डांस शर्मार्स के बीच नाचते नजर आ रहे हैं। चाइनीज मोइत्रा ने सोशल प्लेटफॉर्म मीडिया एक्स पर दो वीडियो शेयर किए हैं। पहले एक खास महिला के सामने स्टेक ताली बजा रही थी, जबकि महिला डांस कर रही थी। दूसरे वीडियो में एक आदमी महिला के पास ‘चोली के पीछे क्या है’ गाने पर थिरकता दिख रही है। यूजीन ने वीडियो पोस्ट कर लिखा, ‘फेयर एंड लवली बबुआ @DripsAjaypal. आपको फेंटा कॉप स्टाइल में मस्ती करते हुए देखना अच्छा लगा। ठंडा-ठंडा कूल-कूल रहिए. ‘बंगाल हमेशा से ही अद्भुत है।’ फेयर एंड लवली बबुआ @DripsAjaypal – आपको फैंटाकॉप शैली का आनंद लेते हुए देखकर अच्छा लगा। ठंडा ठंडा ठंडा ठंडा रहो. बंगाल हमेशा से ही तृणमूल है. pic.twitter.com/CYfJ1q3pzn – महुआ मोइत्रा (@MahuaMoitra) 28 अप्रैल 2026 इससे पहले भी एक पोस्ट के माध्यम से जापानी ने उत्पादों पर आधारित उत्पाद का सार तैयार किया था। उन्होंने लिखा, ‘मेरे फेयर एंड लवली बबुआ अजय पाल शर्मा अपराधी, हम तो वो लोग हैं जो आपके छोटे फैंटा और बड़े फैंटा का भी इलाज कर लेते हैं!! ‘हीरोगिरी लिटिल संभल के।’ मेरा फेयर एंड लवली बबुआ @DripsAjaypal – हम तो वो लोग हैं जो कैद से आपके छोटा फैंटा और बड़ा फैंटा का भी इलाज कर लेते हैं!! हीरोगिरी थोड़ा संभल के लीजिए। pic.twitter.com/eLOrg5bQOi – महुआ मोइत्रा (@MahuaMoitra) 27 अप्रैल 2026 बीजेपी-कांग्रेस में अजय पाल शर्मा बोले- ये नहीं, बीजेपी बोली- कुछ गलत नहीं” href=’https://www.abplive.com/states/up-uk/bjp-congress-clashed-over-ajay-pal-sharma-viral-video-from-bengal-elections-jahanगीर-3121303/amp’ target=”_self”>बीजेपी-कांग्रेस में अजय पाल शर्मा बोले- ये नहीं, बीजेपी बोली- कुछ गलत नहीं यूपी के सहयोगी अजय पाल शर्मा को चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले का पुलिस पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। ‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ को विशेष तौर पर जाना जाता है। हाल ही में उनका एक वीडियो सामने आया था, जिसमें वह देख रहे हैं कि ‘अरे उनके भी लोग अच्छे हैं, समझ लीजिए कि लें अगर बदमाशी की तो उनका अच्छे से इलाज किया जाएगा।’ अगर खबर आए कि किसी ने खुराफात करने की, किसी ने परेशान करने की कोशिश की है तो उसके दोस्त से खबर लीजिए। जहां गिर के घरवाले भी यहां हैं। इन्हें बताएं कायदे से, जो बार-बार खबरें आ रही हैं कि उनके लोग धमाका कर रहे हैं तो समझ लें अच्छे लें से खबरें। बाद में रोना-पछताना मत.’ कौन हैं यूपी के आईपीएस अजय पाल शर्मा? टीएमसी को घर में चुनौती दी चुनौती, बंगाल में चुनौती” href=’https://www.abplive.com/states/up-uk/up-ips-ajay-pal-shrma-profile-who-challenged-the-tmc-candidate-jahanगीर-video-viral-3121233′ target=”_self”>कौन हैं यूपी के आईपीएस अजय पाल शर्मा? टीएमसी को घर में चुनौती दी चुनौती, बंगाल में चुनौती
खुम्बु आइसफॉल पर रुका एवरेस्ट पर्वतारोहियों का मिशन:गाइड्स को एयरलिफ्ट कराने की तैयारी; ‘एवरेस्ट की सेहत’ सुधारने में जुटे आइसफॉल डॉक्टर

समुद्र तल से 17 हजार फीट की ऊंचाई, एवरेस्ट की कठिन डगर और चारों तरफ पसरा मौत सा सन्नाटा… यहां हवा की एक सरसराहट भी दिल की धड़कनें बढ़ा देती है, क्योंकि एक जरा सी चूक सीधे गहरी खाई या बर्फ की कब्र में ले जा सकती है। इसी बर्फीले नर्क के बीच खड़ा है एक शख्स, जिसे दुनिया ‘आइसफॉल डॉक्टर’ कहती है। दावा जांगबू शेर्पा के लिए माउंट एवरेस्ट सिर्फ पहाड़ नहीं, बल्कि ‘मरीज’ है, जिसकी सांसों की नब्ज वह हर दिन टटोलता है। पर इस हफ्ते, खुम्बु आइसफॉल के उस दो मील के खतरनाक हिस्से ने दावा और उनकी 11 सदस्यीय विशिष्ट टीम को भी खौफ में डाल दिया है। भारी बर्फबारी के कारण बहुत बड़ी नीलीस-सफेद बर्फ की दीवार (सेराक) रास्ते में खड़ी हो गई है। यह दीवार इतनी विशाल है कि इसे पार करना बेहद खतरनाक है। फिलहाल ग्राउंड जीरो पर कोशिशों में जुटे जागंबू बताते हैं,‘रास्ते हर साल बंद होते हैं, पर मैंने अपनी जिंदगी में बर्फ का ऐसा पहाड़ रास्ते के बीच कभी नहीं देखा। हमने ड्रोन उड़ाकर देखा है, इसे पार करना अभी नामुमकिन है।’ यह मामूली रुकावट नहीं है, बल्कि एक ऐसी मौत की दीवार है जिसने सैकड़ों पर्वतारोहियों के सपनों को बेस कैंप में ही कैद कर दिया है।’ जांगबू कहते हैं ‘बेस कैंप अब एक तंबू के शहर में तब्दील हो चुका है, जहां 400 से ज्यादा पर्वतारोही टकटकी लगाए उस दीवार के पिघलने का इंतजार कर रहे हैं। चढ़ाई का समय तेजी से खत्म हो रहा है। नेपाल सरकार के लिए यह बड़ा राजस्व का मामला है, इसलिए विचार किया जा रहा है कि अगर एक-दो दिन में दीवार नहीं पिघली, तो गाइड्स को एयरलिफ्ट कर ऊपर पहुंचाया जाए। पहाड़ पर तीन बार फतह हासिल कर चुके दावा जांगबू जानते हैं कि रास्ता खुलने के बाद भी चुनौती कम नहीं होगी। सैकड़ों लोगों का एक साथ उस संकरे रास्ते से गुजरना एक नई मुसीबत को दावत देगा। जांगबू की नजरें अभी भी उस सफेद दीवार पर टिकी हैं- उन्हें इंतजार है कि कब उनका ‘मरीज’ उन्हें आगे बढ़ने का रास्ता देगा। क्योंकि एवरेस्ट पर, आखिरी फैसला हमेशा पहाड़ का ही होता है। खतरा, इसी जगह पर 2014 में 16 गाइड्स की मौत हुई थी आइसफॉल डॉक्टर्स का काम दुनिया के सबसे खतरनाक पेशों में गिना जाता है। ये जांबाज उस वक्त पहाड़ पर चढ़ते हैं जब कोई और वहां जाने की सोच भी नहीं सकता। दरकते ग्लेशियरों के बीच रस्सियां बांधना और रसातल जैसी गहरी दरारों पर एल्युमीनियम की सीढ़ियां टिकाना बड़ी चुनौती रहती है। पर इस साल, खतरा पहले से कहीं ज्यादा है। अप्रैल 2014 की घटना इन शेरपाओं के जेहन में अब भी ताजा है, जब इसी जगह बर्फ की दीवार गिरने से 16 गाइड्स की मौत हो गई थी। वह एवरेस्ट के इतिहास का सबसे भीषण दिन था। स्थिति वैसी ही है और सुरक्षा से समझौता करना खुदकुशी के बराबर है।
Gold Price Update; Sona Chandi Ka Bhav Aaj Ka (28 April 2026)

Hindi News Business Gold Price Update; Sona Chandi Ka Bhav Aaj Ka (28 April 2026) | Bhopal Jaipur Gold Silver Rate नई दिल्ली4 मिनट पहले कॉपी लिंक सोने-चांदी के दाम में आज यानी 28 अप्रैल को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1,629 रुपए घटकर 1.50 लाख रुपए आ गया है। इससे पहले गुरुवार को यह 1.51 लाख पर था। वहीं, एक किलो चांदी की कीमत 5,381 रुपए घटकर 2.38 लाख रुपए रह गई। चांदी की कीमत कल यानी 27 अप्रैल को 2.49 लाख रुपए थी। सोना ऑल टाइम हाई से ₹26 हजार सस्ता हुआ साल की शुरुआत में सोने में तेजी थी, लेकिन हाल के हफ्तों में मुनाफावसूली और ईरान जंग से गिरावट आई है। शुरुआती स्तर (31 दिसंबर 2025): ₹1.33 लाख ऑल टाइम हाई (29 जनवरी 2026): ₹1.76 लाख मौजूदा स्थिति: उच्चतम स्तर से सोना ₹26 हजार सस्ता होकर अब 1.50 लाख/10 ग्राम आ चुका है। चांदी में क्रैश: ₹3.86 लाख से ₹2.38 लाख तक चांदी में सोने के मुकाबले ज्यादा उतार-चढ़ाव रहा और यह ऑल टाइम हाई से तेजी से नीचे आई है। शुरुआती स्तर (31 दिसंबर 2025): ₹2.30 लाख ऑल टाइम हाई (29 जनवरी 2026): ₹3.86 लाख गिरावट का आंकड़ा: पिछले 89 दिन में चांदी ₹1.48 लाख गिरकर ₹2.38 लाख/किलो पर आई। सोना 89 दिन में ₹25 हजार और चांदी ₹1.51 लाख सस्ती तारीख सोने की कीमत चांदी की कीमत 29 जनवरी ₹1,76,121 ₹3,85,933 28 फरवरी ₹1,50,997 ₹2,66,700 31 मार्च ₹1,46,733 ₹2,30,135 28 अप्रैल ₹1,49,557 ₹2,38,339 सोर्स: IBJA ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है। असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके मैग्नेट टेस्ट: असली सिल्वर चुंबक से नहीं चिपकती। अगर चिपक जाए तो फेक है। आइस टेस्ट: सिल्वर पर बर्फ रखें। असली सिल्वर पर बर्फ तेजी से पिघलती है। स्मेल टेस्ट: असली सिल्वर में गंध नहीं होती। फेक में कॉपर जैसी गंध आती है। क्लॉथ टेस्ट: चांदी को सफेद कपड़े से रगड़ें। अगर काला निशान आए तो असली है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Gold Price Update; Sona Chandi Ka Bhav Aaj Ka (28 April 2026)

Hindi News Business Gold Price Update; Sona Chandi Ka Bhav Aaj Ka (28 April 2026) | Bhopal Jaipur Gold Silver Rate नई दिल्ली14 मिनट पहले कॉपी लिंक सोने-चांदी के दाम में आज यानी 28 अप्रैल को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1,629 रुपए घटकर 1.50 लाख रुपए आ गया है। इससे पहले गुरुवार को यह 1.51 लाख पर था। वहीं, एक किलो चांदी की कीमत 5,381 रुपए घटकर 2.38 लाख रुपए रह गई। चांदी की कीमत कल यानी 27 अप्रैल को 2.49 लाख रुपए थी। सोना ऑल टाइम हाई से ₹26 हजार सस्ता हुआ साल की शुरुआत में सोने में तेजी थी, लेकिन हाल के हफ्तों में मुनाफावसूली और ईरान जंग से गिरावट आई है। शुरुआती स्तर (31 दिसंबर 2025): ₹1.33 लाख ऑल टाइम हाई (29 जनवरी 2026): ₹1.76 लाख मौजूदा स्थिति: उच्चतम स्तर से सोना ₹26 हजार सस्ता होकर अब 1.50 लाख/10 ग्राम आ चुका है। चांदी में क्रैश: ₹3.86 लाख से ₹2.38 लाख तक चांदी में सोने के मुकाबले ज्यादा उतार-चढ़ाव रहा और यह ऑल टाइम हाई से तेजी से नीचे आई है। शुरुआती स्तर (31 दिसंबर 2025): ₹2.30 लाख ऑल टाइम हाई (29 जनवरी 2026): ₹3.86 लाख गिरावट का आंकड़ा: पिछले 89 दिन में चांदी ₹1.48 लाख गिरकर ₹2.38 लाख/किलो पर आई। सोना 89 दिन में ₹26 हजार और चांदी ₹1.48 लाख सस्ती तारीख सोने की कीमत चांदी की कीमत 29 जनवरी ₹1,76,121 ₹3,85,933 28 फरवरी ₹1,50,997 ₹2,66,700 31 मार्च ₹1,46,733 ₹2,30,135 28 अप्रैल ₹1,49,557 ₹2,38,339 सोर्स: IBJA ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है। असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके मैग्नेट टेस्ट: असली सिल्वर चुंबक से नहीं चिपकती। अगर चिपक जाए तो फेक है। आइस टेस्ट: सिल्वर पर बर्फ रखें। असली सिल्वर पर बर्फ तेजी से पिघलती है। स्मेल टेस्ट: असली सिल्वर में गंध नहीं होती। फेक में कॉपर जैसी गंध आती है। क्लॉथ टेस्ट: चांदी को सफेद कपड़े से रगड़ें। अगर काला निशान आए तो असली है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
खुम्बु आइसफॉल पर रुका एवरेस्ट पर्वतारोहियों का मिशन:गाइड्स को एयरलिफ्ट कराने की तैयारी; ‘एवरेस्ट की सेहत’ सुधारने में जुटे आइसफॉल डॉक्टर

समुद्र तल से 17 हजार फीट की ऊंचाई, एवरेस्ट की कठिन डगर और चारों तरफ पसरा मौत सा सन्नाटा… यहां हवा की एक सरसराहट भी दिल की धड़कनें बढ़ा देती है, क्योंकि एक जरा सी चूक सीधे गहरी खाई या बर्फ की कब्र में ले जा सकती है। इसी बर्फीले नर्क के बीच खड़ा है एक शख्स, जिसे दुनिया ‘आइसफॉल डॉक्टर’ कहती है। दावा जांगबू शेर्पा के लिए माउंट एवरेस्ट सिर्फ पहाड़ नहीं, बल्कि ‘मरीज’ है, जिसकी सांसों की नब्ज वह हर दिन टटोलता है। पर इस हफ्ते, खुम्बु आइसफॉल के उस दो मील के खतरनाक हिस्से ने दावा और उनकी 11 सदस्यीय विशिष्ट टीम को भी खौफ में डाल दिया है। भारी बर्फबारी के कारण बहुत बड़ी नीलीस-सफेद बर्फ की दीवार (सेराक) रास्ते में खड़ी हो गई है। यह दीवार इतनी विशाल है कि इसे पार करना बेहद खतरनाक है। फिलहाल ग्राउंड जीरो पर कोशिशों में जुटे जागंबू बताते हैं,‘रास्ते हर साल बंद होते हैं, पर मैंने अपनी जिंदगी में बर्फ का ऐसा पहाड़ रास्ते के बीच कभी नहीं देखा। हमने ड्रोन उड़ाकर देखा है, इसे पार करना अभी नामुमकिन है।’ यह मामूली रुकावट नहीं है, बल्कि एक ऐसी मौत की दीवार है जिसने सैकड़ों पर्वतारोहियों के सपनों को बेस कैंप में ही कैद कर दिया है।’ जांगबू कहते हैं ‘बेस कैंप अब एक तंबू के शहर में तब्दील हो चुका है, जहां 400 से ज्यादा पर्वतारोही टकटकी लगाए उस दीवार के पिघलने का इंतजार कर रहे हैं। चढ़ाई का समय तेजी से खत्म हो रहा है। नेपाल सरकार के लिए यह बड़ा राजस्व का मामला है, इसलिए विचार किया जा रहा है कि अगर एक-दो दिन में दीवार नहीं पिघली, तो गाइड्स को एयरलिफ्ट कर ऊपर पहुंचाया जाए। पहाड़ पर तीन बार फतह हासिल कर चुके दावा जांगबू जानते हैं कि रास्ता खुलने के बाद भी चुनौती कम नहीं होगी। सैकड़ों लोगों का एक साथ उस संकरे रास्ते से गुजरना एक नई मुसीबत को दावत देगा। जांगबू की नजरें अभी भी उस सफेद दीवार पर टिकी हैं- उन्हें इंतजार है कि कब उनका ‘मरीज’ उन्हें आगे बढ़ने का रास्ता देगा। क्योंकि एवरेस्ट पर, आखिरी फैसला हमेशा पहाड़ का ही होता है। खतरा, इसी जगह पर 2014 में 16 गाइड्स की मौत हुई थी आइसफॉल डॉक्टर्स का काम दुनिया के सबसे खतरनाक पेशों में गिना जाता है। ये जांबाज उस वक्त पहाड़ पर चढ़ते हैं जब कोई और वहां जाने की सोच भी नहीं सकता। दरकते ग्लेशियरों के बीच रस्सियां बांधना और रसातल जैसी गहरी दरारों पर एल्युमीनियम की सीढ़ियां टिकाना बड़ी चुनौती रहती है। पर इस साल, खतरा पहले से कहीं ज्यादा है। अप्रैल 2014 की घटना इन शेरपाओं के जेहन में अब भी ताजा है, जब इसी जगह बर्फ की दीवार गिरने से 16 गाइड्स की मौत हो गई थी। वह एवरेस्ट के इतिहास का सबसे भीषण दिन था। स्थिति वैसी ही है और सुरक्षा से समझौता करना खुदकुशी के बराबर है।
पांच दिन में 41 से 45 डिग्री पहुंचा तापमान:श्योपुर में भीषण गर्मी से दोपहर में बाजार में सन्नाटा, मौसम विशेषज्ञ बोले- बढ़ सकता है टेम्प्रेचर

श्योपुर जिले में गर्मी का प्रकोप जारी है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। पिछले पांच दिनों से लगातार तापमान में वृद्धि दर्ज की जा रही है। अप्रैल के अंतिम हफ्ते में अधिकतम तापमान 41 डिग्री से बढ़कर 44.8 डिग्री तक पहुंच गया है, जबकि न्यूनतम तापमान 23 से 27 डिग्री के बीच बना हुआ है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 27 अप्रैल को अधिकतम तापमान 44.8 डिग्री और न्यूनतम 27.4 डिग्री दर्ज किया गया। 26 अप्रैल को अधिकतम 44.2 डिग्री और न्यूनतम 27.6 डिग्री रहा। इससे पहले 25 और 24 अप्रैल को भी तापमान 42 डिग्री से ऊपर बना रहा था, जबकि 23 अप्रैल को अधिकतम तापमान 41 डिग्री दर्ज किया गया था। दोपहर के समय शहर के बाजारों में सन्नाटा तेज धूप और गर्म हवाओं के चलते दोपहर के समय शहर के बाजारों में सन्नाटा छाया रहता है। लोग केवल आवश्यक कार्य होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। जो लोग बाहर निकलते हैं, वे गर्मी से बचाव के लिए अपने चेहरे को कपड़े से ढंककर और सिर पर गमछा या टोपी लगाकर ही निकलते हैं। डॉक्टों ने इस भीषण गर्मी में सावधानी बरतने की सलाह दी है। उनके अनुसार, दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में निकलने से बचना चाहिए। लू और डिहाइड्रेशन से बचाव के लिए अधिक से अधिक पानी पीना, हल्का भोजन करना और शरीर को हाइड्रेट रखना आवश्यक है। आगामी दिनों में तापमान बढ़ने की संभावना मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले दिनों में तापमान में और वृद्धि हो सकती है। इसे देखते हुए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। प्रशासन ने भी आमजन से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से धूप में बाहर न निकलें और गर्मी से बचाव के सभी उपायों का पालन करें। पिछले पांच दिनों को तापमान… 27- अप्रैल अधिकतम 44.8 न्यूनतम 27.4 26- अप्रैल अधिकतम 44.2 न्यूनतम 27.6 25 अप्रैल अधिकतम 42.2 न्यूनतम 26.6 24 अप्रैल अधिकतम 42.2 न्यूनतम 23.8 23 अप्रैल अधिकतम 41 न्यूनतम 23
एमजी रोड पर धंसी सड़क, फलों से भरा पिकअप फंसा:बड़वानी में घटिया सीवरेज कार्य से लगा जाम, रहवासी बोले-सही तरीके से नहीं हो रहा काम

बड़वानी जिला मुख्यालय के एमजी रोड पर मंगलवार सुबह एक फलों से भरा पिकअप वाहन सड़क में धंस गया। घटना के बाद कुछ समय तक रास्ते पर जाम की स्थिति बन गई और यातायात प्रभावित रहा। सीवरेज काम के बाद ठीक से नहीं बनी सड़क जानकारी के अनुसार, एमजी रोड पर सीवरेज लाइन बिछाने के बाद सड़क की मरम्मत ठीक से नहीं की गई थी। इसी कारण सड़क का एक हिस्सा अचानक धंस गया और मंडी जा रहा पिकअप वाहन उसमें फंस गया। इस मार्ग पर पहले भी भारी वाहनों के फंसने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। रहवासियों ने जताई नाराजगी स्थानीय निवासी उदित ने बताया कि सीवरेज काम के बाद सड़क को सही तरीके से नहीं भरा जा रहा है। इसी वजह से आए दिन वाहन फंस रहे हैं और हादसे का खतरा बना रहता है। वहीं, राजेश गुप्ता ने कहा कि इस घटना में बड़ा हादसा टल गया, क्योंकि अगर वाहन पलट जाता तो नुकसान हो सकता था। ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग क्षेत्र के लोगों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए जिम्मेदार ठेकेदार के भुगतान पर रोक लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर समय रहते सुधार नहीं किया गया, तो आगे बड़ी घटना हो सकती है। नगर पालिका ने दिए जांच के निर्देश नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि निक्कू चौहान ने बताया कि एमजी रोड के निर्माण को लेकर शिकायतें मिली हैं। उन्होंने संबंधित ठेकेदार को गुणवत्ता के साथ जल्द काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा कि लापरवाही पाए जाने पर भुगतान रोका जाएगा और नियम के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
सीहोर-श्यामपुर मार्ग पर डामर पिघला:जिले में तापमान 44.5 डिग्री सेल्सियस पहुंचा; अस्पतालों में बनी हीट स्ट्रोक यूनिट

सीहोर जिले में भीषण गर्मी और राजस्थान से आ रही गर्म हवाओं के कारण अधिकतम तापमान 44.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। मंगलवार को तेज गर्मी के चलते सीहोर-श्यामपुर मार्ग पर सड़क का डामर पिघलना शुरू हो गया है। अप्रैल महीने में पिछले दो दिनों से पारा 44 डिग्री के पार बना हुआ है, जिसने गर्मी के कई पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। लू और हीट स्ट्रोक से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी करते हुए जिले के सभी अस्पतालों में ‘हीट स्ट्रोक मैनेजमेंट यूनिट’ और ओआरएस (ORS) कॉर्नर स्थापित कर दिए हैं। मई 2024 के बाद अप्रैल में टूटा गर्मी का रिकॉर्ड जिले में इस साल अप्रैल माह में ही गर्मी ने पिछले रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इससे पहले 23 मई 2024 को सीहोर शहर का अधिकतम तापमान 44.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, लेकिन अप्रैल के महीने में ऐसी भीषण गर्मी पहले कभी रिकॉर्ड नहीं की गई। तेज धूप के कारण दोपहर के समय शहर की अधिकांश सड़कें सुनसान नजर आ रही हैं। लोग केवल बहुत जरूरी काम होने पर ही खुद को कपड़े से ढककर घरों से बाहर निकल रहे हैं। CMHO ने दिए सतत निगरानी और उपचार के निर्देश बढ़ते तापमान के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को देखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. सुधीर कुमार डेहरिया ने अलर्ट जारी किया है। उन्होंने जिले की सभी स्वास्थ्य संस्थाओं के प्रभारी अधिकारियों को सतत निगरानी और उपचार के निर्देश दिए हैं। मरीजों को बेहतर इलाज मिल सके, इसके लिए अस्पतालों में पदस्थ स्वास्थ्य कर्मियों का उन्मुखीकरण (Orientation) भी किया जा रहा है। अस्पतालों में ठंडे पानी, पंखे और ओआरएस कॉर्नर की व्यवस्था स्वास्थ्य संस्थाओं को आने वाले मरीजों में लू के लक्षणों की तुरंत जांच करने और उचित प्रबंधन के निर्देश दिए गए हैं। वार्डों में मरीजों के लिए ठंडे पेयजल और पंखों की व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, तेज धूप में ज्यादा देर तक रहना लू लगने का प्रमुख कारण है, जिससे शरीर में पानी की कमी और इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन हो सकता है। गर्मी से संबंधित बीमारियों से बचाव के लिए सभी संस्थाओं में पर्याप्त दवाइयां उपलब्ध कराई गई हैं और ओआरएस (ORS) कॉर्नर स्थापित किए गए हैं।
BJP State Working Committee Meeting in Orchha; Hemant Khandelwal Announcement 2026

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल। भोपाल स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में पं. दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान-2026 के तहत जिला प्रशिक्षण वर्गों की कार्य योजना को लेकर बैठक आयोजित की गई। इसी दौरान प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने घोषणा की कि मई महीने में ओरछा में प्रदेश कार्यसमिति . यह बैठक खंडेलवाल के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद पहली कार्यसमिति होगी, जिससे संगठनात्मक दृष्टि से इसे अहम माना जा रहा है। हालांकि, अभी तक प्रदेश कार्यसमिति के सदस्यों के नामों की घोषणा नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि एक या दो दिन में ही इसकी सूची जारी की जा सकती है। बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, प्रदेश प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल और प्रशिक्षण महाअभियान के पश्चिम मध्य क्षेत्र के जोन प्रभारी केसी पटेल सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। बैठक में प्रदेश प्रशिक्षण टोली, प्रदेश पदाधिकारी, संभाग प्रभारी, जिला प्रभारी, जिला अध्यक्ष,संभागीय प्रशिक्षण टोली, सभी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष, जिला प्रशिक्षण वर्ग प्रभारी, प्रशिक्षण महाअभियान के जिला संयोजक उपस्थित हैं। प्रशिक्षण महाअभियान पर फोकस बैठक में जिला स्तर पर प्रशिक्षण वर्गों की रूपरेखा और कार्य योजना पर विस्तार से चर्चा की गई। पं. दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान-2026 के तहत संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करने पर जोर दिया गया।






