पाकिस्तान का अफगानिस्तान पर मिसाइल अटैक, 7 की मौत:75 घायल; 6 PAK सैनिकों की मौत के बाद किया जवाबी हमला

अफगानिस्तान के पूर्वी प्रांत कुनार में सोमवार को हुए हमलों में कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 75 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों में यूनिवर्सिटी के छात्र, बच्चे और आम नागरिक शामिल हैं। बीबीसी के मुताबिक स्थानीय अधिकारियों ने कहा कि राजधानी असदाबाद में घरों के साथ-साथ सैयद जमालुद्दीन अफगानी यूनिवर्सिटी को भी निशाना बनाया गया। तालिबान सरकार के डिप्टी प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत ने आरोप लगाया है कि ये हमले पाकिस्तान की तरफ से किए गए। उनका कहना है कि सोमवार दोपहर करीब 2 बजे शुरू हुए इन हमलों में मोर्टार और रॉकेट दागे गए। वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय का कहना है कि यूनिवर्सिटी और रिहायशी इलाकों को निशाना बनाने की खबरें पूरी तरह गलत हैं। पाकिस्तान के 6 सैनिकों की मौत, एक बंधक इससे पहले रविवार को अफगानिस्तान के कंधार इलाके में पाकिस्तान के साथ सीमा पर फिर हिंसक झड़प की घटना हुई थी। खामा प्रेस ने सूत्रों के हवाले से दावा किया कि स्पिन बोल्डक इलाके में रात के दौरान दोनों पक्षों के बीच फायरिंग हुई। इसमें पाकिस्तान के छह सैनिक मारे गए। यह भी कहा गया कि एक सैनिक को बंधक बनाकल ले गए। आधी रात चलाए गए इस ऑपरेशन में तालिबानी लड़ाके पाकिस्तानी सैनिकों के हथियार भी लेकर चले गए थे। हालांकि इन दावों की अभी तक स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि झड़प तब शुरू हुई जब देर रात पाकिस्तान की तरफ से सीमा पार फायरिंग हुई, जिसमें एक स्थानीय बच्चे की मौत हो गई। इसके बाद तालिबान ने जवाबी हमला किया। सोशल मीडिया पर इससे जुड़ा एक वीडियो भी वायरल है… मार्च में दोनों देशों के बीच सीजफायर हुआ यह घटनाएं ऐसे समय पर हुई है जब दोनों देशों के बीच पहले से ही तनाव बना हुआ है। पाकिस्तान ने मार्च में राजधानी काबुल में एक नशा मुक्ति केंद्र पर भी हमला किया था, जिसमें 400 से ज्यादा लोगों की मौत का दावा किया गया था। दोनों देशों ने मार्च में एक संघर्षविराम (सीजफायर) किया था, जिससे कई हफ्तों से चल रही खूनखराबे वाली झड़पें रुकी थीं, लेकिन अब हालात फिर बिगड़ते दिख रहे हैं। चीन के अलावा तुर्किए, कतर, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब भी इस विवाद को खत्म कराने की कोशिश कर चुके हैं। पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच जंग जैसे हालात पाकिस्तान और अफगानिस्तान में इस साल संघर्ष की शुरुआत 22 फरवरी को हुई थी। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में एयरस्ट्राइक की थी। पाकिस्तान के उप गृह मंत्री तलाल चौधरी ने दावा किया था कि सीमावर्ती इलाकों में TTP के ठिकानों पर कार्रवाई में कम से कम 70 लड़ाके मारे गए। बाद में पाकिस्तानी अखबार डॉन ने यह संख्या 80 तक पहुंचने का दावा किया था। इसके जवाब में अफगानिस्तान ने 27 फरवरी को पाकिस्तान पर हमला किया। अफगान रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि पाकिस्तान को ‘सही समय पर कड़ा जवाब’ दिया जाएगा। मंत्रालय ने इन हमलों को देश की संप्रभुता का उल्लंघन बताया था। पाकिस्तान लंबे समय से अफगानिस्तान की तालिबान सरकार पर दबाव बनाता रहा है कि वह अपनी जमीन का इस्तेमाल किसी भी आतंकी संगठन को न करने दे। इस्लामाबाद का आरोप है कि TTP अफगानिस्तान से ऑपरेट हो रहा है, जबकि तालिबान सरकार इन आरोपों से लगातार इनकार करती रही है। पाकिस्तान और TTP में लड़ाई क्यों? 2001 में अमेरिका के अफगानिस्तान पर हमले के बाद पाकिस्तान ने अमेरिका का साथ दिया। इससे TTP नाराज हो गया, वह इसे इस्लाम के खिलाफ मानता था। TTP का मानना है कि पाकिस्तान सरकार सच्चा इस्लाम नहीं मानती है, इसलिए वो उसके खिलाफ हमला करता है। TTP का अफगान तालिबान के साथ गहरा जुड़ाव है। दोनों समूह एक-दूसरे को समर्थन देते हैं। 2021 में अफगान तालिबान के सत्ता में आने के बाद पाकिस्तान ने TTP को निशाना बनाकर अफगानिस्तान में हमले किए।
Kunar University Attack | Pakistan Denies Afghanistan Strike

काबुल/इस्लामाबाद4 मिनट पहले कॉपी लिंक अफगानिस्तान के पूर्वी प्रांत कुनार में सोमवार को हुए हमलों में कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 75 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों में यूनिवर्सिटी के छात्र, बच्चे और आम नागरिक शामिल हैं। BBC के मुताबिक स्थानीय अधिकारियों ने कहा कि राजधानी असदाबाद में घरों के साथ-साथ सैयद जमालुद्दीन अफगानी यूनिवर्सिटी को भी निशाना बनाया गया। तालिबान सरकार के उप प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत ने आरोप लगाया है कि ये हमले पाकिस्तान की तरफ से किए गए। उनका कहना है कि सोमवार दोपहर करीब 2 बजे शुरू हुए इन हमलों में मोर्टार और रॉकेट दागे गए। वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय का कहना है कि यूनिवर्सिटी और रिहायशी इलाकों को निशाना बनाने की खबरें पूरी तरह गलत हैं। पाकिस्तान के 6 सैनिकों की मौत, एक बंधक इससे पहले रविवार को अफगानिस्तान के कंधार इलाके में पाकिस्तान के साथ सीमा पर फिर हिंसक झड़प की घटना हुई थी। खामा प्रेस ने सूत्रों के हवाले से दावा किया कि स्पिन बोल्डक इलाके में रात के दौरान दोनों पक्षों के बीच फायरिंग हुई। इसमें पाकिस्तान के छह सैनिक मारे गए। यह भी कहा गया कि एक सैनिक को बंधक बनाकल ले गए। आधी रात चलाए गए इस ऑपरेशन में तालिबानी लड़ाके पाकिस्तानी सैनिकों के हथियार भी लेकर चले गए थे। हालांकि, इन दावों की अभी तक स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि झड़प तब शुरू हुई जब देर रात पाकिस्तान की तरफ से सीमा पार फायरिंग हुई, जिसमें एक स्थानीय बच्चे की मौत हो गई। इसके बाद तालिबान ने जवाबी हमला किया। सोशल मीडिया पर इससे जुड़ा एक वीडियो भी वायरल है… मार्च में दोनों देशों के बीच सीजफायर हुआ यह घटनाएं ऐसे समय पर हुई है जब दोनों देशों के बीच पहले से ही तनाव बना हुआ है। पाकिस्तान ने मार्च में राजधानी काबुल में एक नशा मुक्ति केंद्र पर भी हमला किया था, जिसमें 400 से ज्यादा लोगों की मौत का दावा किया गया था। दोनों देशों के बीच मार्च में एक सीजफायर हुआ था, जिससे कई हफ्तों से चल रही खूनखराबे वाली झड़पें रुकी थीं, लेकिन अब हालात फिर बिगड़ते दिख रहे हैं। चीन के अलावा तुर्किए, कतर, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब भी इस विवाद को खत्म कराने की कोशिश कर चुके हैं। अफगानिस्तान की राजधानी काबुल पर पाकिस्तानी हमले के बाद धमाके की फुटेज। फोटो 17 मार्च की है। पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच जंग जैसे हालात पाकिस्तान और अफगानिस्तान में इस साल संघर्ष की शुरुआत 22 फरवरी को हुई थी। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में एयरस्ट्राइक की थी। पाकिस्तान के उप गृह मंत्री तलाल चौधरी ने दावा किया था कि सीमावर्ती इलाकों में TTP के ठिकानों पर कार्रवाई में कम से कम 70 लड़ाके मारे गए। बाद में पाकिस्तानी अखबार डॉन ने यह संख्या 80 तक पहुंचने का दावा किया था। इसके जवाब में अफगानिस्तान ने 27 फरवरी को पाकिस्तान पर हमला किया। अफगान रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि पाकिस्तान को ‘सही समय पर कड़ा जवाब’ दिया जाएगा। मंत्रालय ने इन हमलों को देश की संप्रभुता का उल्लंघन बताया था। पाकिस्तान लंबे समय से अफगानिस्तान की तालिबान सरकार पर दबाव बनाता रहा है कि वह अपनी जमीन का इस्तेमाल किसी भी आतंकी संगठन को न करने दे। इस्लामाबाद का आरोप है कि TTP अफगानिस्तान से ऑपरेट हो रहा है, जबकि तालिबान सरकार इन आरोपों से लगातार इनकार करती रही है। पाकिस्तान और TTP में लड़ाई क्यों? 2001 में अमेरिका के अफगानिस्तान पर हमले के बाद पाकिस्तान ने अमेरिका का साथ दिया। इससे TTP नाराज हो गया, वह इसे इस्लाम के खिलाफ मानता था। TTP का मानना है कि पाकिस्तान सरकार सच्चा इस्लाम नहीं मानती है, इसलिए वो उसके खिलाफ हमला करता है। TTP का अफगान तालिबान के साथ गहरा जुड़ाव है। दोनों समूह एक-दूसरे को समर्थन देते हैं। 2021 में अफगान तालिबान के सत्ता में आने के बाद पाकिस्तान ने TTP को निशाना बनाकर अफगानिस्तान में हमले किए। PAK-अफगान संघर्ष से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… अफगान क्रिकेटर्स काबुल एयरस्ट्राइक पर भड़के: नवीन ने कहा- पाकिस्तान और इजरायल में कोई फर्क नहीं; राशिद बोले- हम फिर से उठ खड़े होंगे पाकिस्तान ने सोमवार रात एक बार फिर अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक की है। पाकिस्तानी एयरफोर्स के लड़ाकू विमानों ने राजधानी काबुल के कई इलाकों को निशाना बनाया, जिनमें एक हॉस्पिटल भी है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक इसमें 400 लोगों की मौत हो गई, वहीं 250 से ज्यादा घायल हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें… पाकिस्तान ने इस्लामाबाद में 2 विस्फोटक ड्रोन मार गिराए:अफगानिस्तान ने सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया; पहले PAK ने काबुल पर एयरस्ट्राइक की पाकिस्तान में पिछले हफ्ते शुक्रवार को राजधानी इस्लामाबाद पर विस्फोटकों से भरे दो ड्रोन से हमला हुआ था, जिन्हें सुरक्षा एजेंसियों ने मार गिराया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एक ड्रोन फैजाबाद इलाके के पास गिरा, जबकि दूसरा I-9 सेक्टर में गिराया गया। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
उमा बोलीं-आरक्षण कोई माई का लाल नहीं छीन सकता:राष्ट्रपति-पीएम के परिवार के लोग सरकारी स्कूल नहीं जाएंगे, तब तक रहेगा; यही शिवराज भी कह चुके

भोपाल के जम्बूरी मैदान में पूर्व सीएम उमा भारती ने आरक्षण को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने मंगलवार को राजा हिरदे शाह लोधी की शौर्य यात्रा में कहा- देश में सामाजिक बराबरी के लिए आरक्षण जरूरी है। उमा भारती ने कहा- जब तक राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और चीफ जस्टिस के परिवार के लोग एक साथ सरकारी स्कूलों में नहीं पढ़ेंगे, तब तक आरक्षण कोई माई का लाल नहीं छीन सकता। उन्होंने कहा कि भारतीय समाज लंबे समय तक जातिगत आधार पर बंटा रहा और आर्थिक असमानताएं गहरी रहीं। ऐसे में आरक्षण उस विषमता को कम करने का एक बड़ा प्रयास है। बराबरी सिर्फ कानून से नहीं, बल्कि व्यवहार में बदलाव से आएगी। शिवराज ने भी यही बयान दिया था, फिर भाजपा को हार मिली थी आरक्षण के मसले पर 12 जून 2016 को तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी बयान दिया था। शिवराज अनुसूचित जाति जनजाति अधिकारी-कर्मचारी संघ द्वारा भोपाल में आयोजित सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा था- हमारे रहते हुए कोई माई का लाल आरक्षण खत्म नहीं कर सकता। नया कानून आने तक यह जारी रहेगा। बयान के बाद सवर्ण समाज नाराज, सपाक्स संघ का गठन हुआ शिवराज के इस बयान के बाद सवर्ण समाज नाराज हो गया। सपाक्स संघ का गठन हुआ, जिसने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला। उसका साथ करणी सेना ने दिया। उज्जैन, भोपाल सहित प्रदेश के बड़े शहरों में बड़े आंदोलन हुए और रैलियां निकाली गईं। 2018 के विधानसभा चुनाव के एग्जिट पोल पर भाजपा के पूर्व सांसद रघुनंदन शर्मा ने मंदसौर में कहा था– यदि माई के लाल जैसे शब्द का इस्तेमाल नहीं किया गया होता तो एमपी में भाजपा की 10 से 15 सीटें स्वत: बढ़ जाती। कांग्रेस से कड़े मुकाबले जैसी स्थिति नहीं बनती। यदि भाजपा की हार होती है तो इसकी जिम्मेदारी शिवराज सिंह चौहान की होगी। बता दें कि इस चुनाव में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा था। एक ने राम मंदिर के लिए, दूसरे ने तिरंगे के लिए कुर्सी छोड़ी उमा ने कहा- अब मैं आजादी की दूसरी लड़ाई के बारे में बताती हूं। मोदी जी ने 2014 में प्रधानमंत्री पद की शपथ ली, तो एक अमेरिकी अखबार के एडिटर ने लिखा ‘अंग्रेज तो चले गए, लेकिन कुछ ‘काले अंग्रेज’ छोड़ गए।’ हम मॉर्डनाइज हो रहे हैं, लेकिन वेस्टर्नाइज नहीं हो रहे। जनसंघ के बाद जब भाजपा बनी, तो इसे पिछड़ी और विरोधी पार्टी कहा जाता था। पहली बार ऐसा हुआ, जब एक व्यक्ति ने राम मंदिर के लिए अपनी कुर्सी छोड़ दी। दूसरे ने तिरंगे के लिए अपनी कुर्सी छोड़ दी। इसके बाद एक समुदाय ने इस भ्रम को तोड़ दिया कि भाजपा पिछड़ा विरोधी पार्टी है। आजादी की तीसरी लड़ाई समानता के लिए होनी चाहिए उमा भारती ने कहा कि भारतीय संस्कृति में पेड़, पहाड़ और जीव-जंतुओं तक की पूजा की जाती है। इसमें किसी प्रकार का भेदभाव नहीं है। देश ने आजादी के लिए लंबा संघर्ष किया है, लेकिन अब आजादी की तीसरी लड़ाई समानता के अधिकार के लिए लड़ी जानी चाहिए। उमा ने कहा- लोधी समाज की संख्या काफी अधिक है और उनकी भागीदारी से सरकारें बनती हैं। यह समाज सरकार बनाने की ताकत रखता है। सीएम बोले- पाठ्यक्रम में शामिल होगा शाह का जीवन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- राजा हिरदे शाह ने बुंदेला-गोंड समाज को एकजुट कर अपनी अलग पहचान बनाई और अंग्रेजों को कड़ी चुनौती दी। उनके जीवन पर शोध कराया जाएगा। उनके संघर्षमय जीवन को शिक्षा विभाग के माध्यम से पाठ्यक्रम में शामिल करने की दिशा में भी काम किया जाएगा। प्रीतम बोले- भारत में कम से कम एक लोधी सीएम बने पिछोर विधायक प्रीतम लोधी ने कहा- जब हेमा मालिनी के धर्मेंद्र को भारत रत्न मिल सकता है तो हमारे कल्याण सिंह को क्यों नहीं मिल सकता? प्रीतम ने कहा- जिस ओर जवानी चलती है, उस ओर जमाना चलता है। मैं जब जवानी देखने निकलता हूं तो आज की जवानी ताश के पत्तों में मिलती है। शराब की दुकान में मिलती है। हम जब जवान हुआ करते थे, तब हमारे समाज के दो-दो मुख्यमंत्री हुआ करते थे। आज जीरो हैं। भारत में कम से कम एक लोधी तो मुख्यमंत्री होना चाहिए। सीएम के भाषण के दौरान गिरा PSO, गर्मी से बिगड़ी तबीयत मुख्यमंत्री जब मंच से भाषण दे रहे थे, उसी दौरान उनके पीछे खड़ा PSO गर्मी के कारण मंच पर ही गिर गया। आसपास खड़े लोगों ने उसे संभाला। खबर के मिनट-टु-मिनट अपडेट के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…
पन्ना में दीवार गिरी, एक महिला की मौत:बारिश से बचने रुकी थी, 3 लोग घायल

पन्ना जिले के शाहनगर क्षेत्र के कचौरी गांव में सोमवार और मंगलवार (27 अप्रैल) की दरमियानी रात एक दीवार गिरने से एक महिला की मौत हो गई। इस घटना में तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा तेज आंधी-तूफान के कारण हुआ। प्रत्यक्षदर्शी निर्भय सिंह ने बताया कि अचानक मौसम बदलने से तेज आंधी और मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। इसी दौरान माया सिंह (40), जो पास की एक पेपर कार्टन फैक्ट्री से काम कर घर लौट रही थीं, बारिश से बचने के लिए निर्भय सिंह के घर के पास रुकीं। उनके साथ एक शादी समारोह से लौट रहे कुछ अन्य ग्रामीण भी बारिश से बचने के लिए वहीं खड़े थे, तभी हवा के तेज झोंके से पक्की ईंटों की दीवार ढह गई। मलबे में दबने से घायल हुई माया सिंह (40 वर्ष, पति प्रेम सिंह, निवासी कचौरी) की कटनी में उपचार के दौरान मौत हो गई। घटना में निर्भय सिंह (42 वर्ष, पिता शंकर सिंह, निवासी कचौरी), रवि शंकर सिंह (35 वर्ष, पिता रोहाणी सिंह, निवासी खमतरा) और परसोत्तम सिंह (35 वर्ष, पिता ईश्वर दीन सिंह, निवासी चोपरा) गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों का इलाज चल रहा है। दीवार गिरने की आवाज सुनकर ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। उन्होंने मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला और सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। सूचना मिलने पर शाहनगर पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस मामले की जांच कर रही है और प्रशासन द्वारा नियमानुसार सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस प्राकृतिक आपदा ने पूरे कचौरी गांव को झकझोर कर रख दिया है। एक ओर शादी की खुशियां थीं, तो दूसरी ओर इस हादसे ने मातम पसार दिया। पुलिस फिलहाल मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
महिला से एंबुलेंस साफ कराने पर दो कर्मचारी बर्खास्त:पायलट और EMT की सेवाएं समाप्त; एजेंसी ने की सख्त कार्रवाई

कटनी जिला अस्पताल परिसर में एक महिला से एम्बुलेंस साफ कराने के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। विभाग की अनुशंसा पर संबंधित एजेंसी ने एम्बुलेंस के पायलट और ईएमटी (EMT) को तत्काल प्रभाव से सेवा से हटा दिया है। घटना बीते शुक्रवार की है। उमरिया-बरही रोड स्थित खितौली के पास एक अज्ञात वाहन ने करेला ग्राम निवासी 32 वर्षीय राहुल बर्मन को टक्कर मार दी थी। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण उन्हें डायल 112 की मदद से पहले बरही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया था। मरीज की पत्नी से कराया था एंबुलेंस साफ बरही से कटनी लाते समय मरीज राहुल ने अत्यधिक पीड़ा और चोट के कारण एम्बुलेंस की खिड़की से उल्टी कर दी थी। आरोप है कि एम्बुलेंस (क्रमांक CG 04 NV 6385) के जिला अस्पताल पहुंचते ही, वहां तैनात ईएमटी मोहित खटीक ने मरीज की पत्नी पर एम्बुलेंस साफ करने का दबाव डाला। महिला को विवश होकर एम्बुलेंस में पानी डालकर सफाई करनी पड़ी। इस घटना का वीडियो 25 अप्रैल को सामने आया, जिससे स्वास्थ्य विभाग की छवि पर सवाल उठे। वीडियो संज्ञान में आने के दो दिन बाद मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. राज सिंह ठाकुर ने मामले की जांच के आदेश दिए। जांच में दोषी पाए जाने पर जे.ए.ई.एस. प्रोजेक्ट्स प्रा. लिमिटेड कंपनी ने अपने दो कर्मचारियों-पायलट देवा साहू और ईएमटी मोहित खटीक-की सेवाएं समाप्त कर दी हैं।
RCB Beats Delhi by 9 Wickets

8 मिनट पहले कॉपी लिंक सोमवार को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में विराट कोहली से ऑटोग्राफ लेने की कोशिश में एक नन्हा फैन नाकाम रहा और मैदान पर रोने लगा। उसने दो-तीन बार कोहली तक पहुंचने की कोशिश की, लेकिन सुरक्षा अधिकारियों ने रोक दिया। कोहली का ध्यान उस ओर नहीं गया और वह बच्चा खाली हाथ लौट गया। निराशा में उसने बल्ला जमीन पर पटक दिया। सोमवार को अरुण जेटली स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और दिल्ली कैपिटल्स के बीच मैच खेला गया। कोहली ने दिल्ली के खिलाफ 15 बॉल पर 23 रन की पारी खेली। RCB ने दिल्ली को 75 रन पर समेटा, 9 विकेट से जीता मैच रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने दिल्ली को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया। गेंदबाजों ने पारी 16.3 ओवर में 75 रन पर समेट दी। एक समय स्कोर 13/6 था। भुवनेश्वर कुमार और जोश हेजलवुड ने नई गेंद से टॉप ऑर्डर को तहस-नहस कर दिया। साहिल पारख, समीर रिज्वी और अक्षर पटेल खाता नहीं खोल सके। कोहली ने छक्का लगाकर जिताया मैच, प्वॉइंट्स टेबल में नंबर-2 पर पहुंची RCB 76 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए RCB ने 6.3 ओवर में जीत हासिल की। विराट कोहली ने टी नटराजन की गेंदों पर लगातार दो छक्के जड़कर मैच खत्म किया। कोहली 23 रन पर नाबाद रहे, जबकि देवदत्त पडिक्कल ने सबसे ज्यादा 34 रन बनाए। इस जीत के साथ RCB प्वॉइंट्स टेबल में दूसरे स्थान पर पहुंच गई है। ऑरेंज कैप रेस में चौथे नंबर पर कोहली, अभिषेक शर्मा टॉप पर विराट कोहली इस सीजन शानदार फॉर्म में हैं। उन्होंने 8 पारियों में 351 रन बनाए हैं और ऑरेंज कैप रेस में चौथे स्थान पर हैं। सनराइजर्स हैदराबाद के अभिषेक शर्मा 380 रन के साथ टॉप पर हैं। उनकी फॉर्म से RCB फैंस की उम्मीदें बढ़ी हैं कि टीम फिर खिताब जीत सकती है। उसी मैदान पर 264 रन बने थे, वहीं 75 पर सिमटी दिल्ली इसी अरुण जेटली स्टेडियम में कुछ दिन पहले दिल्ली ने 264/2 का स्कोर बनाया था, जिसे पंजाब किंग्स ने चेज कर लिया था। सोमवार को RCB के गेंदबाजों के आगे बल्लेबाज टिक नहीं सके। अभिषेक पोरेल (30), डेविड मिलर (19) और काइल जैमीसन (12) के अलावा कोई दहाई पार नहीं कर सका। —————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… कोहली IPL में 9 हजार रन बनाने वाले पहले बैटर:दिल्ली का पावरप्ले में सबसे कम स्कोर; बेंगलुरु ने 81 बॉल रहते मैच जीता; मोमेंट्स-रिकॉर्डस रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने IPL 2026 के 39वें मैच में दिल्ली कैपिटल्स को 9 विकेट से हरा दिया। सोमवार को अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में दिल्ली की बल्लेबाजी फ्लॉप रही। टीम ने पावरप्ले का सबसे कम स्कोर बनाया। दिल्ली की पारी 75 रन पर ढेर हो गई। जवाब ने बेंगलुरु ने 81 गेंद रहते टारगेट हासिल कर लिया। 23 रन बनाकर नाबाद रहने वाले विराट कोहली IPL इतिहास में 9 हजार रन पूरे करने वाले पहले बल्लेबाज बन गए। पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
सिंगरौली में तीन सूने घरों में चोरी:ताले तोड़कर घुसे चोरों ने लाखों का सामान चुराया; एक स्कूटी भी लेकर फरार

सिंगरौली जिले के विंध्यनगर थाना अंतर्गत जयंत चौकी क्षेत्र में स्थित एनसीएल जयंत परियोजना की CWS कॉलोनी में चोरी की वारदात हुई है। जिले की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली इस कॉलोनी में सोमवार रात अज्ञात चोरों ने तीन बंद पड़े आवासों को निशाना बनाया। चोरों ने घरों के ताले तोड़कर अंदर जमकर उत्पात मचाया। जिन घरों में चोरी हुई, उनके परिवार बच्चे की छुट्टियों और शादी-विवाह के कारण अपने पैतृक गांव गए हुए थे। सूने मकानों का फायदा उठाकर चोरों ने सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया। तीनों घरों के लॉकर तोड़ दिए गए और सामान बिखरा मिला, जिससे यह स्पष्ट होता है कि चोरों ने काफी समय लेकर घरों की तलाशी ली। कॉलोनी से एक स्कूटी भी ले गए चोर चोर कॉलोनी से एक स्कूटी भी चोरी कर ले गए, लेकिन किसी भी गेट पर उसकी एंट्री दर्ज नहीं हुई। इस घटना ने कॉलोनी की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जाता है कि कॉलोनी में करीब 15 सुरक्षा गार्ड तैनात हैं, जिनकी भूमिका पर अब सवाल उठ रहे हैं। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही इस घटना के बाद कॉलोनीवासियों में भारी आक्रोश है और वे खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब इतनी सुरक्षित मानी जाने वाली कॉलोनी में ऐसी वारदात हो सकती है, तो अन्य इलाकों की सुरक्षा का क्या होगा। मामले में थाना प्रभारी अर्चना द्विवेदी ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और संदिग्धों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी का प्रयास कर रही है। पुलिस ने लोगों को सतर्क रहने और घर खाली छोड़ते समय पड़ोसियों व सुरक्षा कर्मियों को सूचित करने की सलाह दी है।
Muslim Board: Women Pray at Home

Hindi News National Muslim Board: Women Pray At Home | FGM Debate In SC नई दिल्ली4 मिनट पहले कॉपी लिंक केरलम के सबरीमाला मंदिर सहित धार्मिक स्थलों में महिलाओं के साथ होने वाले भेदभाव से जुड़ी याचिकाओं पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। सबरीमाला पर बहस 22 अप्रैल को खत्म हो चुकी है। अब मुस्लिम धर्म में महिलाओं से जुड़े रीति-रिवाजों पर बहस जारी है। 23 अप्रैल को पिछली सुनवाई में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने कोर्ट से कहा था कि इस्लाम महिलाओं को नमाज के लिए मस्जिद आने से नहीं रोकता है, लेकिन यह बेहतर है कि वे घर पर ही इबादत करें। उधर मुस्लिम महिलाओं में एफजीएम (फीमेल जेनिटल म्यूटिलेशन) यानि खतना से जुड़ी प्रथा पर भी बहस होगी। 7 सवाल, जिनपर सुप्रीम कोर्ट में बहस हो रही सबरीमाला मामले पर 7 अप्रैल से 22 अप्रैल तक सुनवाई हुई सबरीमाला मंदिर मामले पर 7 अप्रैल से सुनवाई शुरू हुई थी। इस दौरान केंद्र सरकार ने महिलाओं की एंट्री के विरोध में दलीलें रखीं। सरकार ने कहा था कि देश के कई देवी मंदिरों में पुरुषों की एंट्री भी बैन है, इसलिए धार्मिक परंपराओं का सम्मान किया जाना चाहिए। पिछले 7 दिन की सुनवाई में क्या हुआ, पढ़िए… 7 अप्रैल : केंद्र की दलील- मंदिर में महिलाओं की एंट्री का फैसला गलत 8 अप्रैल- जो भक्त नहीं, वो धार्मिक परंपरा को चुनौती कैसे दे रहा 9 अप्रैल- सुप्रीम कोर्ट बोला- मंदिरों में एंट्री रोकने से समाज बंटेगा 15 अप्रैल- सबरीमाला मैनेजमेंट बोला- अयप्पा मंदिर रेस्टोरेंट नहीं, यहां ब्रह्मचारी देवता 17 अप्रैल- SC बोला- संविधान सबसे ऊपर, निजी धार्मिक मान्यताओं से उठकर फैसला जरूरी 21 अप्रैल- सुप्रीम कोर्ट ने पूछा-छूने से देवता अपवित्र कैसे होते हैं 22 अप्रैल- सुप्रीम कोर्ट बोला- हिंदू एकजुट रहें, संप्रदायों में बंटे नहीं . लाइव अपडेट्स 8 मिनट पहले कॉपी लिंक केरलम के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं का एंट्री विवाद दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
मस्जिद में महिलाओं के प्रवेश को लेकर SC में सुनवाई:मुस्लिम बोर्ड ने कहा था- वे घर पर ही इबादत करें, महिलाओं के खतना पर भी होगी बहस

केरलम के सबरीमाला मंदिर सहित धार्मिक स्थलों में महिलाओं के साथ होने वाले भेदभाव से जुड़ी याचिकाओं पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। सबरीमाला पर बहस 22 अप्रैल को खत्म हो चुकी है। अब मुस्लिम धर्म में महिलाओं से जुड़े रीति-रिवाजों पर बहस जारी है। 23 अप्रैल को पिछली सुनवाई में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने कोर्ट से कहा था कि इस्लाम महिलाओं को नमाज के लिए मस्जिद आने से नहीं रोकता है, लेकिन यह बेहतर है कि वे घर पर ही इबादत करें। उधर मुस्लिम महिलाओं में एफजीएम (फीमेल जेनिटल म्यूटिलेशन) यानि खतना से जुड़ी प्रथा पर भी बहस होगी। 7 सवाल, जिनपर सुप्रीम कोर्ट में बहस हो रही सबरीमाला मामले पर 7 अप्रैल से 22 अप्रैल तक सुनवाई हुई सबरीमाला मंदिर मामले पर 7 अप्रैल से सुनवाई शुरू हुई थी। इस दौरान केंद्र सरकार ने महिलाओं की एंट्री के विरोध में दलीलें रखीं। सरकार ने कहा था कि देश के कई देवी मंदिरों में पुरुषों की एंट्री भी बैन है, इसलिए धार्मिक परंपराओं का सम्मान किया जाना चाहिए। पिछले 7 दिन की सुनवाई में क्या हुआ, पढ़िए… 7 अप्रैल : केंद्र की दलील- मंदिर में महिलाओं की एंट्री का फैसला गलत 8 अप्रैल- जो भक्त नहीं, वो धार्मिक परंपरा को चुनौती कैसे दे रहा 9 अप्रैल- सुप्रीम कोर्ट बोला- मंदिरों में एंट्री रोकने से समाज बंटेगा 15 अप्रैल- सबरीमाला मैनेजमेंट बोला- अयप्पा मंदिर रेस्टोरेंट नहीं, यहां ब्रह्मचारी देवता 17 अप्रैल- SC बोला- संविधान सबसे ऊपर, निजी धार्मिक मान्यताओं से उठकर फैसला जरूरी 21 अप्रैल- सुप्रीम कोर्ट ने पूछा-छूने से देवता अपवित्र कैसे होते हैं 22 अप्रैल- सुप्रीम कोर्ट बोला- हिंदू एकजुट रहें, संप्रदायों में बंटे नहीं
43 डिग्री तापमान में अंडा खाना नुकसानदायक या फायदेमंद? डॉक्टर ने बताया पूरा सच

Last Updated:April 28, 2026, 10:54 IST गर्मियों में अंडा खाने को लेकर कई तरह के भ्रम हैं. कुछ लोग मानते हैं कि अंडा शरीर में गर्मी बढ़ाता है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार ऐसा कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. सीमित मात्रा में अंडा खाना हर मौसम में फायदेमंद होता है और यह शरीर को जरूरी प्रोटीन प्रदान करता है. फरीदाबाद: फरीदाबाद में इस समय गर्मी अपने चरम पर है. तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है. ऐसे में लोग अपने खानपान को लेकर काफी सतर्क हो जाते हैं. खासकर अंडे को लेकर अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या इतनी भीषण गर्मी में अंडा खाना सही है या नहीं. कई लोगों का मानना है कि अंडा शरीर में गर्मी बढ़ाता है इसलिए इसे गर्मियों में नहीं खाना चाहिए. लेकिन क्या सच में ऐसा है? इस सवाल का जवाब जानने के लिए हमने डॉक्टर से बात की. अंडा एक कंप्लीट प्रोटीन फरीदाबाद के सर्वोदय हॉस्पिटल की सीनियर डाइटिशियन और न्यूट्रिशन कंसल्टेंट डॉ. रितिका शर्मा ने बताया अंडे का मौसम से कोई सीधा संबंध नहीं है. चाहे सर्दी हो या गर्मी, शरीर को हर मौसम में संतुलित आहार की जरूरत होती है. अंडा एक कंप्लीट प्रोटीन है जिसमें शरीर के लिए जरूरी सभी पोषक तत्व पाए जाते हैं. अंडे को सिर्फ मौसम के आधार पर अपनी डाइट से बाहर नहीं करना चाहिए. डॉ. रितिका ने बताया कुछ लोगों को अंडा खाने से पेट में भारीपन, अपच या एलर्जी जैसी समस्याएं हो सकती हैं. यह पूरी तरह व्यक्ति की बॉडी सेंसिटिविटी पर निर्भर करता है. हर किसी का शरीर अलग तरह से प्रतिक्रिया देता है. अगर किसी को अंडा खाने से परेशानी होती है तो वह इसकी मात्रा कम कर सकता है या डॉक्टर की सलाह ले सकता है. लेकिन ज्यादातर लोगों के लिए अंडा पूरी तरह सुरक्षित और फायदेमंद है. गर्मियों में अंडे को सीमित मात्रा में खाना बेहतर डॉक्टर रितिका ने बताया गर्मियों में अंडे को सीमित मात्रा में खाना बेहतर रहता है. अक्सर लोग कहते हैं कि अंडा गर्म होता है लेकिन इसे साबित करने वाला कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. सर्दियों में लोग ज्यादा अंडे खाते हैं क्योंकि उस समय शरीर को अधिक ऊर्जा और प्रोटीन की जरूरत होती है. वहीं गर्मियों में हल्का भोजन ज्यादा पसंद किया जाता है इसलिए अंडों की मात्रा अपने आप कम हो जाती है. रोज सुबह अंडा खाना बच्चों और बड़ों दोनों के लिए फायदेमंद डॉ. रितिका शर्मा ने बताया रोज सुबह अंडा खाना बच्चों और बड़ों दोनों के लिए फायदेमंद है. एक स्वस्थ व्यक्ति दिन में दो अंडे आराम से खा सकता है. चार साल से छोटे बच्चों के लिए एक अंडा पर्याप्त होता है. अंडा खाते समय उसकी गुणवत्ता, ताजगी और उसे पकाने का तरीका भी बहुत मायने रखता है. साफ-सफाई का ध्यान रखते हुए उबला या हल्का पका अंडा सबसे बेहतर विकल्प माना जाता है. इसलिए गर्मी हो या सर्दी सीमित मात्रा में अंडा आपकी सेहत के लिए हमेशा फायदेमंद रहेगा. About the Author Vivek Kumar विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Faridabad,Faridabad,Haryana First Published : April 28, 2026, 10:54 IST







