Sunday, 14 Jun 2026 | 01:13 PM

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भीषण गर्मी ने कर दिया बेहाल? लू और डिहाइड्रेशन से बचाएंगे ये आयुर्वेदिक उपाय, तुरंत मिलेगा आराम

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गर्मी का मौसम शुरू होते ही तेज धूप, बढ़ता तापमान और लू का असर लोगों की सेहत पर साफ दिखाई देने लगता है. इस समय थकान, कमजोरी, सिरदर्द, चक्कर आना, डिहाइड्रेशन और पेट से जुड़ी दिक्कतें आम हो जाती हैं. ऐसे मौसम में हेल्थ एक्सपर्ट और आयुर्वेद विशेषज्ञ लोगों को अपनी दिनचर्या में बदलाव करने और शरीर का खास ख्याल रखने की सलाह देते हैं. उनका मानना है कि अगर समय रहते सही खानपान और घरेलू उपाय अपनाए जाएं, तो गर्मी से होने वाली कई परेशानियों से बचा जा सकता है. विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मियों में सबसे जरूरी चीज है शरीर को हाइड्रेट रखना. जब तापमान बढ़ता है, तो शरीर से पसीने के जरिए पानी तेजी से बाहर निकलता है. अगर इसकी भरपाई न की जाए, तो कमजोरी और पानी की कमी हो सकती है. इसलिए दिनभर थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहना चाहिए. सिर्फ सादा पानी ही नहीं, बल्कि नींबू पानी, छाछ, नारियल पानी, बेल का शरबत और घर के बने प्राकृतिक पेय भी फायदेमंद माने जाते हैं. आयुर्वेद क्या कहता है?आयुर्वेद के अनुसार, गर्मी में शरीर को ठंडक देना और अंदर की नमी बनाए रखना जरूरी है. इसके लिए कुछ आसान और पारंपरिक उपाय अपनाए जा सकते हैं. ये उपाय शरीर को राहत देने के साथ पाचन को भी बेहतर रखने में मदद करते हैं. तुलसी के बीज का सेवनगर्मी में तुलसी के बीज काफी लाभकारी माने जाते हैं. इन्हें रातभर पानी में भिगोकर सुबह उस पानी के साथ लिया जा सकता है. भीगने के बाद ये फूल जाते हैं और ठंडक देने में मदद करते हैं. माना जाता है कि इससे शरीर को राहत मिलती है और पेट भी शांत रहता है. खस, चंदन और मोगरा का उपयोगआयुर्वेद में खस, चंदन और मोगरा को गर्मी के मौसम में उपयोगी माना गया है. इन चीजों को पानी में भिगोकर रखा जा सकता है. इस पानी का सेवन करने से शरीर को प्राकृतिक ठंडक मिलती है और गर्मी से होने वाली बेचैनी कम हो सकती है. इनकी खुशबू भी मन को शांत करने में मदद करती है. सफेद प्याज क्यों फायदेमंद माना जाता है?गर्मी के मौसम में सफेद प्याज का सेवन भी कई लोग करते हैं. माना जाता है कि यह शरीर का तापमान संतुलित रखने में मदद कर सकता है. सलाद के रूप में या खाने के साथ इसे लिया जा सकता है. ग्रामीण इलाकों में लू से बचने के लिए प्याज साथ रखने की परंपरा भी रही है. खानपान में करें बदलावगर्मियों में भारी, तला-भुना और बहुत ज्यादा मसालेदार खाना कम करना चाहिए. ऐसा खाना पाचन पर असर डाल सकता है और शरीर में गर्मी बढ़ा सकता है. इसके बजाय हल्का, ताजा और पौष्टिक भोजन लें. दही, छाछ, मौसमी फल, खीरा, तरबूज, सलाद, हरी सब्जियां और घर का बना साधारण खाना बेहतर विकल्प हैं.

मैहर अस्पताल पहुंची 5 सदस्यीय राज्यस्तरीय टीम:लेबर रूम के स्ट्रक्चर में मिली खामी; 6 बेड का MNCU शुरू करने के निर्देश

मैहर अस्पताल पहुंची 5 सदस्यीय राज्यस्तरीय टीम:लेबर रूम के स्ट्रक्चर में मिली खामी; 6 बेड का MNCU शुरू करने के निर्देश

सतना जिले में कुपोषण से हुई मौतों की जांच के लिए गठित पांच सदस्यीय राज्यस्तरीय टीम ने गुरुवार को मैहर सिविल अस्पताल का जायजा लिया। वरिष्ठ उप संचालक डॉ. राकेश बोहरे और उप संचालक डॉ. हिमानी यादव के नेतृत्व में आई टीम ने चाइल्ड हेल्थ सेवाओं और पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) की समीक्षा की। टीम ने स्पष्ट किया कि बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। पोषण पुनर्वास केंद्र की सेवाओं पर जताई संतुष्टि जांच टीम ने सबसे पहले अस्पताल के एनआरसी वार्ड का निरीक्षण किया, जहाँ चिकित्सकीय सुविधाएं बेहतर पाई गईं। आशा कार्यकर्ताओं द्वारा कुपोषित बच्चों को समय पर भर्ती कराने के प्रयासों की टीम ने सराहना की। इस दौरान वरिष्ठ अधिकारियों ने आशा कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद किया और जरियारी गांव के एक कुपोषित बच्चे की विस्तृत केस स्टडी तैयार करने के निर्देश दिए। एमएनसीयू के विस्तार और ओटी मरम्मत के निर्देश डिप्टी डायरेक्टर चाइल्ड हेल्थ ने सिविल अस्पताल में सुविधाओं के विस्तार हेतु 6 बेड का एमएनसीयू (MNCU) संचालित करने के निर्देश जारी किए। वहीं, नवनिर्मित मॉड्यूलर ओटी के निरीक्षण में लेबर रूम के स्ट्रक्चर में कुछ तकनीकी गड़बड़ियां पाई गईं। टीम ने सुधार होने तक इसे हैंडओवर न करने की हिदायत दी है और इंजीनियर के माध्यम से तकनीकी खामियां ठीक कराने को कहा है। आशा कार्यकर्ताओं की ड्रेस और फील्ड मॉनिटरिंग पर सुझाव निरीक्षण के दौरान रिकॉर्ड संधारण और फील्ड मॉनिटरिंग की भी जांच की गई। टीम ने प्रशासनिक सुधार के तहत आशा कार्यकर्ताओं की साड़ी का रंग बदलकर बैंगनी करने का सुझाव दिया। इस दौरान राज्य सलाहकार डॉ. आरती पांडेय, डॉ. अमित द्विवेदी, डॉ. भरत जैन सहित जिला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

थांदला-पेटलावद मार्ग पर ट्रैक्टर-अर्टिगा की भिड़ंत:एयरबैग खुलने से बची कार सवारों की जान; एक घायल, सड़क पर फैली ईंटें

थांदला-पेटलावद मार्ग पर ट्रैक्टर-अर्टिगा की भिड़ंत:एयरबैग खुलने से बची कार सवारों की जान; एक घायल, सड़क पर फैली ईंटें

झाबुआ जिले के थांदला-पेटलावद मार्ग पर गुरुवार देर शाम ईंटों से भरे एक ट्रैक्टर और अर्टिगा कार के बीच जोरदार टक्कर हुई। होटल अनमोल के पास हुई यह भिड़ंत इतनी तेज थी कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, हालांकि कार के एयरबैग समय पर खुलने से सवारों की जान बच गई। भिड़ंत के बाद सड़क पर बिखरी ईंटें जानकारी के अनुसार, ईंटों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली और कार (MP13ZP1781) की आमने-सामने की टक्कर के बाद ट्रॉली में लदी ईंटें सड़क पर फैल गईं। इस वजह से मार्ग पर कुछ समय के लिए आवागमन बाधित रहा। सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया। एक व्यक्ति घायल, इलाज जारी हादसे में एक व्यक्ति घायल हुआ है, जिसे तत्काल उपचार के लिए थांदला के शासकीय अस्पताल भेजा गया। बीएमओ डॉ. भुवनसिंह डावर ने पुष्टि की है कि केवल एक व्यक्ति को चोटें आई हैं और उसका इलाज जारी है। गनीमत रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। थांदला टीआई अशोक कनेश ने बताया मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया है और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। मार्ग को सुचारु बनाने के लिए सड़क पर बिखरी ईंटों को हटाया गया। वाहनों को किनारे कर यातायात बहाल कर दिया गया है।

नीमच में श्रद्धा के साथ मनाया नरसिंह जयंती महोत्सव:अग्रवाल समाज मंदिर में लगाए 56 भोग; जीवंत नरसिंह लीला देख भाव-विभोर हुए श्रद्धालु

नीमच में श्रद्धा के साथ मनाया नरसिंह जयंती महोत्सव:अग्रवाल समाज मंदिर में लगाए 56 भोग; जीवंत नरसिंह लीला देख भाव-विभोर हुए श्रद्धालु

नीमच के घंटाघर स्थित अग्रवाल समाज के नृसिंह मंदिर में गुरुवार को भगवान नरसिंह जयंती उत्साह के साथ मनाई गई। प्रातः अभिषेक से शुरू हुए इस उत्सव में शाम को भव्य नरसिंह लीला का मंचन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर दर्शन लाभ लिए और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। 56 भोग और भजनों से भक्तिमय हुआ वातावरण उत्सव के तहत सुबह 8:30 बजे भगवान का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अभिषेक किया गया। दोपहर में नृसिंह परिवार महिला मंडल द्वारा भगवान को 56 भोग अर्पित किए गए। इस अवसर पर आयोजित भजन-कीर्तन में महिला श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिससे मंदिर परिसर दिनभर भक्तिमय बना रहा। जीवंत लीला: खंभ फाड़कर प्रकट हुए भगवान शाम 7:15 बजे गोधूलि बेला में नरसिंह लीला का मुख्य आकर्षण शुरू हुआ। कलाकारों ने हिरण्यकश्यप वध और भक्त प्रह्लाद की रक्षा के प्रसंग का जीवंत मंचन किया। जैसे ही भगवान नरसिंह खंभ फाड़कर प्रकट हुए, पूरा परिसर जयकारों से गूंज उठा। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इसी बेला में भगवान ने धर्म की स्थापना की थी। आरती के साथ उत्सव का समापन अग्रवाल समाज के अध्यक्ष ओम प्रकाश बंसल ने बताया कि यह उत्सव प्रतिवर्ष परंपरागत रूप से मनाया जाता है। लीला मंचन के पश्चात रात्रि में भगवान की भव्य महाआरती की गई, जिसमें सैकड़ों भक्त शामिल हुए। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित श्रद्धालुओं को विशेष प्रसाद का वितरण किया गया।

जबेरा में नरसिंह प्रगटोत्सव पर निकली शोभायात्रा:अखाड़ों ने दिखाए हैरतअंगेज करतब; बरगी हादसे की खबर सुन बीच में रवाना हुए मंत्री

जबेरा में नरसिंह प्रगटोत्सव पर निकली शोभायात्रा:अखाड़ों ने दिखाए हैरतअंगेज करतब; बरगी हादसे की खबर सुन बीच में रवाना हुए मंत्री

दमोह जिले के जबेरा में गुरुवार रात भगवान नरसिंह प्रगटोत्सव पर शोभायात्रा निकाली गई। प्राचीन सिद्ध पीठ नरसिंह देवालय से शुरू हुई इस यात्रा में पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, स्वामी रंजीतानंद सरस्वती महाराज सहित अनेक संत और आचार्य शामिल हुए। नगर भ्रमण के दौरान श्रद्धालुओं ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। बरगी डैम हादसे की सूचना पर रवाना हुए मंत्री शोभायात्रा के बाद कार्यक्रमों के दौरान पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी को जबलपुर के बरगी डैम में क्रूज डूबने और जनहानि की सूचना मिली। इस बड़ी दुर्घटना की जानकारी मिलते ही मंत्री कार्यक्रम को बीच में छोड़कर तत्काल जबलपुर के लिए रवाना हो गए। अखाड़ों का शौर्य प्रदर्शन और धार्मिक अनुष्ठान शोभायात्रा के दौरान अखाड़ों के कलाकारों ने पारंपरिक लाठी कला और शौर्य का प्रदर्शन किया। प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले इस प्रगटोत्सव के उपलक्ष्य में प्राचीन नरसिंह मंदिर में विशेष धार्मिक अनुष्ठान और विद्वान आचार्यों के सानिध्य में पूजन कार्यक्रम संपन्न हुए। संतों की उपस्थिति में हुआ विधिवत समापन मंत्री के प्रस्थान के बाद आनंद धाम के पीठाधीश्वर स्वामी रंजीतानंद सरस्वती और दंडी स्वामी की उपस्थिति में शोभायात्रा का विधिवत समापन किया गया। इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

बैलेट बॉक्स गेम के आरोप देर रात तक कोलकाता में भारी तोड़फोड़, स्ट्रॉन्ग रम सॉपडें सीएम ममता, ईसी की सफाई

बैलेट बॉक्स गेम के आरोप देर रात तक कोलकाता में भारी तोड़फोड़, स्ट्रॉन्ग रम सॉपडें सीएम ममता, ईसी की सफाई

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित राजनीतिक सिद्धांत में हुई पोस्टल बैलेट की प्रक्रिया। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सबसे पहले राजधानी कोलकाता में गुरुवार (30 अप्रैल, 2026) की रात हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। दरअसल, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी ऑर्थोडॉक्स कांग्रेस (टीएमसी) ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर बैलेट बॉक्स से छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया है। आस्था के इस आरोप के साथ ही वैष्णव कांग्रेस और भाजपा का खुलासा हुआ. एक तरफ जहां तेलंगाना कांग्रेस के नेता और समर्थक बीजेपी पर आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन में हड़ताल की, तो दूसरी तरफ सीएम ममता बनर्जी कोलकाता के सखावत मेमोरियल स्कूल स्थित मजबूत कमरे के अंदर चली गईं। इस दौरान लैपटॉप समर्थकों की बैठक में वे जय निकोलस के नारा लगाते रहे। स्थिति को देखते हुए मजबूत कमरे के बाहर भारी संख्या में सुरक्षा संरचनाओं को नष्ट कर दिया गया। वहीं, इस दौरान बीजेपी के समर्थकों ने जय श्री राम के नारे लगाए. इस बीच चुनाव आयोग ने टीएमसी की ओर से पोस्टल बैलेट से जुड़ी प्रक्रिया को लेकर प्लेसमेंट पर बैलेट और स्ट्रॉन्ग रूम के साथ प्लेसमेंट दिया है। चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया पर बैलेट बॉक्स के सामान चुनाव आयोग ने कहा कि खुदीराम अनुशीलन केंद्र के परिसर में कुल सात एसी स्ट्रॉन्ग रूम बनाए गए हैं, जहां मतदान के बाद सभी विद्युत वोटिंग यूनिट (ईवीएम) को सुरक्षित रखा गया है। कल रविवार (29 अप्रैल, 2026) को ऑल स्ट्रॉन्ग रूम में मतदान समाप्त होने के बाद ग्रीन, उनके चुनावी महासचिव और जनरल ऑब्जर्वर की उपस्थिति को मंजूरी दे दी गई और सील कर दिया गया। इनमें से आखिरी स्ट्रॉन्ग रूम को आज गुरुवार (30 अप्रैल) की सुबह करीब 5:15 बजे सील कर दिया गया। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी स्ट्रांग रूम और उनमें रखे गए ईवीएम सील बंद की स्थिति पूरी तरह से सुरक्षित हैं। यह भी पढ़ें: ‘पूरी रात जागते होंगे, कंप्यूटर में डेटा बदल सकते हैं’, गिनती से पहले सीएम ममता की अपील बैलेट बॉक्सः चुनाव आयोग पूरी तरह से सुरक्षित हैं पोस्टल बैलेट को लेकर बैलेट को लेकर चुनाव आयोग ने कहा, ‘इसी परिसर में पोस्टल बैलेट के लिए एक अलग मजबूत कमरा बनाया गया है, जहां विभिन्न पोल बैलेट और ईटीबीपीएस के माध्यम से प्राप्त बैलेट को असेंबली क्षेत्र में सुरक्षित रखा गया है। इस पूरी प्रक्रिया की जानकारी सबसे पहले सभी ऑब्जर्वर और रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) को दी गई थी और उनके सहयोगियों को भी इसकी जानकारी दी गई थी। इसके अलावा, रिटर्निंग क्रिएटिव ने ईमेल के जरिए भी अपनी जानकारी दी है।’ इलेक्शन ने कहा, ‘पोस्टल बैलेट का सेग्रिगेशन तय प्रक्रिया शाम 4 बजे से स्ट्रॉन्ग फॉर्म कमीशन के तहत शुरू हुई।’ इस दौरान सभी आवश्यक नोटबुक का पालन किया गया। मुख्य स्ट्रॉन्ग रूम पूरी तरह से सुरक्षित और बंद हैं। इस पूरी प्रक्रिया को शशि पांजा, स्थापत्य के कुणाल घोष और भाजपा के काली को भी दिखाया गया, तो स्थापति के कुणाल बने रहे।’ चुनाव आयोग ने सभी राजनीतिक आश्रमों को नामांकन के लिए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सूचित करने के बाद बैलेट का पृथक्करण शाम 4 बजे से पोस्ट करना शुरू कर दिया था। रातभर में बदमाशों को पकड़ें पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के मतदान के बाद सामने आई हिंसा की घटनाओं को लेकर प्रशासन ने सख्ती कर दी है। मुख्य इलेक्ट्रॉनिक्स अधिकारी मनोज अग्रवाल ने गुरुवार को अधिकारियों को “नीति पर ध्यान न देने” के निर्देश दिए। निर्वाचन आयोग के अधिकारियों, कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा के लिए जिला मजिस्ट्रेटों और पुलिस अधीक्षकों के साथ हुई सामान्य बैठक में यह निर्णय लिया गया। एरल ने स्पष्ट रूप से कहा कि मतदान के बाद गड़बड़ी करने वालों को “आज रात तक गिरफ्तार किया जाना चाहिए। दूसरे चरण का मतदान समाप्त होने के कुछ घंटों बाद ही राज्य के कई विचारधाराओं से राजनीतिक विचारधाराओं की खबरें आईं, जिसके बाद आयोग ने पर्यवेक्षण और पुष्टि दी है। मुख्य चुनाव अधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मतदान के बाद भी इसी तरह से डेमोक्रेट्स के साथ मतदान के दौरान इतनी ही वोटिंग दर्ज की गई थी। साथ ही, किसी भी प्रकार की स्थिति में शस्त्रागार और कठोर कार्रवाई करने पर जोर दिया गया। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि चुनाव प्रक्रिया अभी समाप्त नहीं हुई है, इसलिए शब्दावली और उसके बाद के समय में किसी भी तरह की सुरक्षा व्यवस्था नहीं होनी चाहिए। यह भी पढ़ें: एलेक्टिट पोल में टीएमसी की हार के बीच आया ममता का बयान, बोलीं-भाजपा ने…

नीमच शहर में भारी वाहनों की 'नो एंट्री':सुबह 9 से रात 10 बजे तक प्रतिबंधित रहेंगे ट्रक; उल्लंघन पर होगी FIR

नीमच शहर में भारी वाहनों की 'नो एंट्री':सुबह 9 से रात 10 बजे तक प्रतिबंधित रहेंगे ट्रक; उल्लंघन पर होगी FIR

नीमच शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और सड़क दुर्घटनाओं को रोकने कलेक्टर हिमांशु चन्द्रा ने सख्त कदम उठाया है। उन्होंने गुरुवार को आदेश जारी कर शहर के प्रमुख व्यस्त मार्गों पर भारी वाहनों के प्रवेश को प्रतिबंधित कर दिया है। यह प्रतिबंध 15 जून तक प्रभावी रहेगा। सुबह 9 से रात 10 बजे तक भारी वाहनों पर रोक प्रशासनिक आदेश के अनुसार, शहर के संवेदनशील और व्यस्त क्षेत्रों में सुबह 9 बजे से रात 10 बजे तक ट्रकों और अन्य भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह वर्जित रहेगा। इंदौर में बीते वर्ष भारी वाहनों से हुए हादसों से सबक लेते हुए यह निर्णय लिया गया है। इस दौरान हिंगोरिया रेलवे फाटक, जावद फन्टा, टैगोर मार्ग और विजय टॉकीज से दशहरा मैदान जैसे प्रमुख रास्तों पर भारी वाहन नहीं चल सकेंगे। इन धाराओं में हो सकती है कार्रवाई यदि कोई वाहन चालक ‘नो एंट्री’ के नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत एफआईआर दर्ज कर कड़ी वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। इन प्रमुख मार्गों को ‘नो एंट्री जोन’ में किया शामिल प्रतिबंध के दायरे में शहर के लगभग सभी प्रवेश द्वार और मुख्य मार्ग शामिल किए गए हैं। प्रवेश पॉइंट: हिंगोरिया रेलवे फाटक, भरभड़िया फन्टा, जावद फन्टा और नाका नंबर 7। मुख्य मार्ग: फव्वारा चौक, अंबेडकर रोड, मूलचंद मार्ग, पंचवटी कॉलोनी रोड और चमड़ा कारखाना मार्ग। संवेदनशील क्षेत्र: टैगोर मार्ग और विजय टॉकीज से दशहरा मैदान तक का पूरा हिस्सा।

हनुवंतिया बैकवॉटर में भोपाल के व्यक्ति की डूबने से मौत:तेरहवीं कार्यक्रम के बाद घूमने पहुंचा था, गहरे पानी में जाने से हादसा

हनुवंतिया बैकवॉटर में भोपाल के व्यक्ति की डूबने से मौत:तेरहवीं कार्यक्रम के बाद घूमने पहुंचा था, गहरे पानी में जाने से हादसा

खंडवा जिले के हनुवंतिया बैकवॉटर में गुरुवार शाम 40 वर्षीय व्यक्ति की डूबने से मौत हो गई। मृतक की पहचान बसंत पिता मेहताब कोठारे, निवासी शाहपुरा, भोपाल के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार बसंत अपने भाई-भाभी और अन्य रिश्तेदारों के साथ खंडवा जिले के बीड़ क्षेत्र स्थित कौड़ियां खदान में एक पारिवारिक कार्यक्रम (तेरहवीं) में शामिल होने आया था। कार्यक्रम के बाद सभी लोग घूमने के लिए हनुवंतिया पहुंचे थे। इसी दौरान शाम करीब 5 बजे बसंत बैकवॉटर में नहाने उतरा और अचानक गहरे पानी में चला गया। परिजनों ने तुरंत उसे बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। बीड़ पुलिस चौकी प्रभारी राधेश्याम मालवीय के मुताबिक, मृतक भोपाल में मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मूंदी अस्पताल भेज दिया है। शुक्रवार सुबह पोस्टमार्टम किया जाएगा। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

हादसे में 16 मजदूरों की मौत से चेता धार प्रशासन:हाईवे पर अभियान चलाकर ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई

हादसे में 16 मजदूरों की मौत से चेता धार प्रशासन:हाईवे पर अभियान चलाकर ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई

धार शहर के चिकलिया फाटे पर बु‌धवार रात हुए एक सड़क हादसे में 16 मजदूरों की मौत हो गई। इस दुर्घटना में 30 से अधिक मजदूर घायल हुए हैं, जिनका विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है। हादसे के बाद आज (गुरुवार) सभी मृतकों का अंतिम संस्कार किया गया। घटना के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ। धार शहर के जेतपुरा स्थित इंदौर-अहमदाबाद नेशनल हाईवे पर पुलिस ने वाहन चालकों के खिलाफ अभियान चलाया। इस दौरान कई वाहनों पर जुर्माना लगाया गया और कुछ को जब्त भी किया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय डावर भी मौके पर मौजूद रहे। पुलिस की कार्रवाई के दौरान ऐसे कई वाहन मिले, जिनमें मजदूरों को क्षमता से अधिक संख्या में ले जाया जा रहा था। अक्सर ओवरलोडिंग ही बड़े सड़क हादसों का कारण बनती है। हादसे के बाद स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि समय रहते ओवरलोडिंग और नियमों के उल्लंघन पर अंकुश लगाया जाता, तो शायद इतनी बड़ी दुर्घटना टाली जा सकती थी।

उज्जैन में शादी के दौरान विवाद, कुर्सियां-बर्तन चले, VIDEO:फोटोग्राफर ने महिला को कैमरे के सामने से हटने को कहा, झड़प

उज्जैन में शादी के दौरान विवाद, कुर्सियां-बर्तन चले, VIDEO:फोटोग्राफर ने महिला को कैमरे के सामने से हटने को कहा, झड़प

उज्जैन के राजीव नगर (चिमनगंज क्षेत्र) में एक शादी समारोह हिंसक झड़प में बदल गया। मामूली विवाद ने बड़ा रूप ले लिया। यह घटना 27 अप्रैल की है। एक वैवाहिक कार्यक्रम के दौरान, फोटोग्राफर ने कैमरे के सामने आ रही एक महिला को हटने के लिए कहा। इस बात पर महिला नाराज हो गई और दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते यह बहस दोनों पक्षों के बीच बड़े झगड़े में बदल गई। रात 1 बजे बढ़ा विवाद रात करीब एक बजे विवाद इतना बढ़ गया कि मेहमानों ने एक-दूसरे पर कुर्सियां, बर्तन, पानी के कैन और अन्य सामान फेंकना शुरू कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जिसे जो वस्तु हाथ लगी, उसी से हमला किया गया। इस अचानक हुए बवाल से गली-मोहल्ले के लोग भी घबरा गए। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ लोग आपस में मारपीट करते और कुछ बीच-बचाव करते दिख रहे हैं। यह झगड़ा रिसेप्शन स्थल के सामने रसोई क्षेत्र तक भी फैल गया। पुलिस ने बताया कि इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं की गई है। शिकायत मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। देखिए शादी में मारपीट की तस्वीरें…