Thursday, 30 Apr 2026 | 02:39 AM

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पेट्रोल ₹14 नुकसान में बेच रहीं तेल कंपनियां:डीजल पर ₹18 का घाटा, कच्चा तेल महंगा होने से रसोई गैस पर भी ₹80,000 करोड़ का बोझ छिंदवाड़ा में मंडप में हाई-वोल्टेज ड्रामा:दुल्हन ने दूल्हे की जगह प्रेमी को पहनाई वरमाला, बारात खाली हाथ लौटी इंदौर के डेली कॉलेज बोर्ड चुनाव: नामांकन प्रक्रिया पूरी:दो श्रेणियों में 11 उम्मीदवारों ने भरा नामांकन, 21 मई को फैसला हमीदिया अस्पताल ने लॉन्च किया ऑर्थो रिहैब एप:ऑपरेशन के बाद मरीजों को कराएगा एक्सरसाइज; डिजिटल दौर में गलत हेल्थ टिप्स से बचाना लक्ष्य एमजीएम कॉलेज ने फार्मासिस्ट को किया बर्खास्त:डीन के रीडर से मारपीट के बाद कार्रवाई; अन्य शिकायतों में भी जांच में दोषी पाया गया पूर्व CM वसुंधरा राजे का फर्जी पत्र वायरल मामला:कांग्रेस IT सेल के कार्यकर्ता हाईकोर्ट में हुए पेश, राजस्थान पुलिस ने भी पेश की अपनी सफाई
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पेट्रोल ₹14 नुकसान में बेच रहीं तेल कंपनियां:डीजल पर ₹18 का घाटा, कच्चा तेल महंगा होने से रसोई गैस पर भी ₹80,000 करोड़ का बोझ

पेट्रोल ₹14 नुकसान में बेच रहीं तेल कंपनियां:डीजल पर ₹18 का घाटा, कच्चा तेल महंगा होने से रसोई गैस पर भी ₹80,000 करोड़ का बोझ

इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बावजूद रिटेल रेट न बढ़ने से कंपनियों को हर एक लीटर पेट्रोल और डीजल पर घाटा हो रहा है। रेटिंग एजेंसी इक्रा के मुताबिक, तेल कंपनियां पेट्रोल पर ₹14 और डीजल पर ₹18 प्रति लीटर का नुकसान झेल रही हैं। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण सप्लाई चैन प्रभावित हुई है, जिससे कच्चे तेल के दाम तेजी से बढ़े हैं। इससे तेल कंपनियों पर बोझ बढ़ रहा है। यही नहीं रसोई गैस के लिए भी सरकार पर ₹80,000 करोड़ का बोझ बढ़ रहा है। मिडिल ईस्ट में तनाव फिर बढ़ने से कच्चा तेल $120 के पार मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव फिर बढ़ने से कच्चे तेल की सप्लाई चेन चरमरा गई है। जो कच्चा तेल कुछ समय पहले 70-72 डॉलर प्रति बैरल मिल रहा था, उसकी कीमत अब 120-125 डॉलर के पार पहुंच गई है। तेल कंपनियों के लिए मुसीबत यह है कि वे महंगा तेल खरीदकर पुरानी कीमतों पर ही बेच रही हैं, जिससे उनका मुनाफा खत्म हो गया है। 61 दिन में इंडियन बास्केट 42 डॉलर महंगा होर्मुज रूट पर तनाव का असर दुनिया का लगभग 20% तेल और गैस (LNG) का व्यापार ‘स्ट्रैट ऑफ होर्मुज’ के समुद्री रास्ते से होता है। मिडिल ईस्ट संकट की वजह से इस रास्ते में बाधा आ रही है। इससे केवल पेट्रोल-डीजल ही नहीं, बल्कि खाद और केमिकल बनाने वाली कंपनियों की लागत भी बढ़ गई है। रसोई गैस और खाद भी महंगी हुई इस संकट का असर आपकी रसोई और खेतों तक भी पहुंच रहा है: सरल भाषा में कहें तो जब कंपनियों को कोई चीज बनाने या खरीदने में ₹100 खर्च करने पड़ते हैं, लेकिन सरकार या बाजार के दबाव में उसे ₹80 में ही बेचना पड़ता है, तो बचे हुए ₹20 के नुकसान को ‘अंडर-रिकवरी’ कहते हैं। पेट्रोल, डीजल और गैस के मामले में अभी यही हो रहा है। CNG और उद्योगों पर भी बुरा साया शहरों में गाड़ियों में इस्तेमाल होने वाली CNG के मार्जिन में भी कमी आने की आशंका है, क्योंकि कंपनियां बढ़ी हुई लागत का पूरा बोझ ग्राहकों पर नहीं डाल पा रही हैं। इक्रा ने केमिकल, प्लास्टिक और खाद सेक्टर का भविष्य ‘नेगेटिव’ बताया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब तक दुनिया में चल रहे युद्ध और तनाव कम नहीं होते, तब तक इन सेक्टरों पर दबाव बना रहेगा।

छिंदवाड़ा में मंडप में हाई-वोल्टेज ड्रामा:दुल्हन ने दूल्हे की जगह प्रेमी को पहनाई वरमाला, बारात खाली हाथ लौटी

छिंदवाड़ा में मंडप में हाई-वोल्टेज ड्रामा:दुल्हन ने दूल्हे की जगह प्रेमी को पहनाई वरमाला, बारात खाली हाथ लौटी

छिंदवाड़ा जिले के उमरेठ में एक शादी समारोह के दौरान दुल्हन ने भरे मंडप में दूल्हे की जगह अपने प्रेमी के गले में वरमाला डाल दी। घटना 27-28 अप्रैल की दरमियानी रात की बताई जा रही है। मंगलवार को इस मामले की शिकायत उमरेठ थाने में दर्ज कराई गई, जिसके बाद बुधवार को मामला सुर्खियों में आया। जानकारी के मुताबिक, परासिया से बारात उमरेठ थाना क्षेत्र के मुजावर गांव पहुंची थी। शादी की सभी रस्में धूमधाम से चल रही थीं। बारात का स्वागत हुआ, आतिशबाजी हुई और मेहमानों के लिए भोजन की व्यवस्था भी शुरू हो गई थी। इसी बीच वरमाला की रस्म के लिए मंच तैयार किया गया और दूल्हा मंच पर पहुंच गया। जैसे ही दुल्हन को मंच पर लाया गया, उसने अचानक पंडाल में मौजूद एक युवक के गले में वरमाला डाल दी और उससे लिपट गई। यह दृश्य देख मौके पर मौजूद लोग सन्न रह गए। दोनों पक्षों में मारपीट भी हुई घटना के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। दुल्हन के परिजनों ने युवक की पिटाई कर दी और उसे पंडाल से बाहर भगा दिया। इस दौरान दोनों पक्षों में जमकर विवाद और मारपीट की स्थिति बन गई। दूल्हे ने किया शादी से इनकार इस घटनाक्रम के बाद दूल्हे ने शादी करने से साफ इंकार कर दिया। बारात बिना विवाह के ही वापस लौट गई। दूल्हा पक्ष ने उमरेठ थाने पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई है। बताया जा रहा है कि युवती और युवक के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध थे। परिवार के दबाव में युवती शादी के लिए तैयार हो गई थी, लेकिन शादी के दिन उसने यह कदम उठा लिया। लेन-देन की वस्तुएं लौटाईं घटना के बाद दूल्हा पक्ष द्वारा दिए गए गहने, अंगूठी और मोबाइल भी वापस ले लिए गए। इस पूरे मामले में दूल्हा पक्ष ने आर्थिक नुकसान और सामाजिक मान-सम्मान को ठेस पहुंचने की बात कही है।फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।

एमजीएम कॉलेज ने फार्मासिस्ट को किया बर्खास्त:डीन के रीडर से मारपीट के बाद कार्रवाई; अन्य शिकायतों में भी जांच में दोषी पाया गया

एमजीएम कॉलेज ने फार्मासिस्ट को किया बर्खास्त:डीन के रीडर से मारपीट के बाद कार्रवाई; अन्य शिकायतों में भी जांच में दोषी पाया गया

एमजीएम मेडिकल कॉलेज में डीन के रीडर के साथ मारपीट करने से चर्चाओं में आए फार्मासिस्ट राकेश गोरखे के खिलाफ गंभीर कार्रवाई करते हुए कॉलेज प्रबंधन ने उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया है। यह कदम उनके विरुद्ध मिली शिकायतों और जांच रिपोर्ट के आधार पर उठाया गया है। कॉलेज प्रबंधन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, राकेश गोरखे के खिलाफ प्राप्त शिकायतों की जांच के लिए एक समिति गठित की गई थी। विस्तृत जांच के बाद समिति ने उन्हें आरोपों में दोषी पाया। इसके आधार पर प्रबंधन ने सख्त निर्णय लेते हुए उनकी सेवाएं समाप्त कर दीं। मारपीट का मामला बना मुख्य कारण जानकारी के अनुसार, गोरखे ने पिछले साल कॉलेज परिसर में डीन के रीडर भावेश के साथ मारपीट की थी। इस घटना के बाद मामला गंभीर हो गया और उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई। इस घटना को बर्खास्तगी का प्रमुख कारण माना जा रहा है। इस घटना का हाल ही में वीडियो भी वायरल हुआ था। मारपीट की घटना के बाद किया गया था सस्पेंड मारपीट की घटना के बाद कॉलेज प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए गोरखे को सस्पेंड कर दिया था। साथ ही उन्हें शासकीय मनोरोग अस्पताल बाणगंगा में अटैच किया गया था। गोरखे के खिलाफ पूर्व में भी कई शिकायतें दर्ज हो चुकी थीं। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद प्रबंधन ने सख्त रुख अपनाते हुए यह कार्रवाई की।

हमीदिया अस्पताल ने लॉन्च किया ऑर्थो रिहैब एप:ऑपरेशन के बाद मरीजों को कराएगा एक्सरसाइज; डिजिटल दौर में गलत हेल्थ टिप्स से बचाना लक्ष्य

हमीदिया अस्पताल ने लॉन्च किया ऑर्थो रिहैब एप:ऑपरेशन के बाद मरीजों को कराएगा एक्सरसाइज; डिजिटल दौर में गलत हेल्थ टिप्स से बचाना लक्ष्य

डिजिटल दौर में इंटरनेट और सोशल मीडिया पर हेल्थ से जुड़ी ढेरों जानकारी उपलब्ध है, लेकिन इनमें से बड़ी संख्या में कंटेंट भ्रामक या अधूरा होता है। कई मरीज ऑपरेशन या इलाज के बाद इन्हीं गलत टिप्स के आधार पर एक्सरसाइज और उपचार शुरू कर देते हैं, जिससे उनकी स्थिति बिगड़ने का खतरा बढ़ जाता है। इसी को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों का फोकस अब मरीजों को गलत इलाज से बचाने पर फोकस कर रहे हैं। इसी दिशा में राजधानी के हमीदिया अस्पताल ने आर्थो रिहैब एप तैयार किया है। ऑर्थोपेडिक विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. आशीष गोहिया ने कहा कि इस एप का उद्देश्य ऑपरेशन के बाद मरीजों को सामान्य और सही जानकारी देना है, ताकि वे घर पर भी एक्सरसाइज और चिकित्सीय सलाहों का सही तरीके से पालन कर सकें। सोशल मीडिया के भरोसे इलाज बन रहा खतरा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध जानकारी हर किसी के लिए एक जैसी होती है, जबकि हर मरीज की स्थिति अलग होती है। ऐसे में एक ही तरह की एक्सरसाइज सभी पर लागू नहीं होती। कई मामलों में देखा गया है कि मरीज गलत तरीके से एक्सरसाइज करने के कारण और ज्यादा चोटिल हो गए या उनकी रिकवरी में देरी हुई। यही वजह है कि विशेषज्ञ लंबे समय से प्रमाणिक और पर्सनलाइज्ड गाइडेंस की जरूरत महसूस कर रहे थे। डॉक्टरों ने तैयार किया वैज्ञानिक समाधान इस जरूरत को समझते हुए गांधी मेडिकल कॉलेज के अस्थि रोग विभाग के सीनियर रेजीडेंट डॉ. सुदीप त्रिपाठी ने ‘आर्थो रिहैब एप’ विकसित किया है। यह एप खासतौर पर उन मरीजों के लिए तैयार किया गया है, जिनका हड्डी से जुड़ा ऑपरेशन हुआ है। इसमें 200 से अधिक सर्जरी से संबंधित जानकारी, एक्सरसाइज और देखभाल के तरीके वीडियो, ऑडियो और टेक्स्ट फॉर्मेट में शामिल किए गए हैं। मरीजों को मिलेंगे यह फायदे – बार-बार अस्पताल आने की जरूरत कम होगी। – रिकवरी प्रक्रिया तेज और सुरक्षित होगी। – वीडियो में जानकारी होने से कम पढ़े-लिखे मरीज भी आसानी से समझ सकेंगे। – डॉक्टर और मरीज के बीच बेहतर समन्वय बनेगा। हर मरीज को मिलेगी जरूरत के अनुसार जानकारी इस एप की सबसे खास बात यह है कि इसमें मरीज खुद से लॉगिन नहीं कर सकता। ऑपरेशन के बाद डॉक्टर ही मरीज का रजिस्ट्रेशन करते हैं और उसकी सर्जरी के अनुसार जरूरी जानकारी अपलोड करते हैं। इससे मरीज को केवल वही जानकारी मिलती है, जो उसके लिए जरूरी और सुरक्षित है। इससे भ्रम की स्थिति खत्म होती है और इलाज अधिक प्रभावी बनता है। डॉ. त्रिपाठी के अनुसार, सड़क दुर्घटना या अन्य गंभीर मामलों में ऑपरेशन के बाद मरीजों को लंबे समय तक एक्सरसाइज करनी होती है। अस्पताल में दी गई सलाह मरीज घर जाकर भूल जाते हैं और कई बार गलत तरीके अपनाते हैं। इस एप के जरिए उन्हें हर समय सही मार्गदर्शन मिलता रहेगा, जिससे गलत एक्सरसाइज से होने वाले नुकसान को रोका जा सकेगा।

इंदौर के डेली कॉलेज बोर्ड चुनाव: नामांकन प्रक्रिया पूरी:दो श्रेणियों में 11 उम्मीदवारों ने भरा नामांकन, 21 मई को फैसला

इंदौर के डेली कॉलेज बोर्ड चुनाव: नामांकन प्रक्रिया पूरी:दो श्रेणियों में 11 उम्मीदवारों ने भरा नामांकन, 21 मई को फैसला

शहर के प्रतिष्ठित डेली कॉलेज में बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। चुनाव कार्यक्रम के तहत बुधवार को नामांकन जमा करने का अंतिम दिन था, जिसमें कुल 11 उम्मीदवारों ने अपनी दावेदारी पेश की है। कॉलेज से मिली अधिकृत जानकारी के अनुसार, इस बार चुनाव दो विशेष श्रेणियों में कराए जा रहे हैं। इनमें ‘फाउंडर डोनर’ यानी पुराने दानदाता राजघराना श्रेणी से 4 उम्मीदवारों और ‘न्यू डोनर’ श्रेणी से 7 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किए हैं। चुनावी कार्यक्रम के अनुसार 2 मई को नामांकन पत्रों की जांच होगी। इसके बाद 3 मई को उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी की जाएगी। इसी दिन यह स्पष्ट हो जाएगा कि चुनाव मैदान में कितने प्रत्याशी शेष रहेंगे। फाउंडर डोनर श्रेणी में दो पदों के लिए चार उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें वर्तमान बोर्ड अध्यक्ष विक्रमसिंह पंवार, सदस्य प्रियव्रत सिंह खिलचीपुर, ठाकुर नरेन्द्रसिंह बिडवाल और ठाकुर अनिरुद्ध सिंह दोत्ररिया शामिल हैं। न्यू डोनर श्रेणी में सात दावेदार न्यू डोनर श्रेणी के एक पद के लिए सात उम्मीदवारों ने दावेदारी पेश की है। इनमें राजेश अग्रवाल, संदीप पारिख, जयेश पटेल, नीरज देसाई, हरपालसिंह भाटिया, गुरमीतसिंह भाटिया और मानवीरसिंह बायस शामिल हैं। 21 मई को मतदान, उसी दिन परिणाम 4 मई से डाक मतपत्र भेजने की प्रक्रिया शुरू होगी। मुख्य मतदान 21 मई को कराया जाएगा। मतदान समाप्त होते ही मतगणना होगी और उसी दिन चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे। चुनाव प्रक्रिया पर विवाद भी गहराया बोर्ड गठन की प्रक्रिया विवादों से भी घिरी हुई है। कॉलेज के संविधान में किए गए संशोधनों और चुनाव में देरी को लेकर सदस्यों के बीच असंतोष देखा जा रहा है। विशेष रूप से ‘ओल्ड डेलियन्स’ श्रेणी को समाप्त कर नई व्यवस्था लागू करने का विरोध हो रहा है। यह मामला अब शासन और प्रशासन तक पहुंच गया है। नाराज सदस्यों ने कलेक्टर जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराई है। वहीं विवाद हाईकोर्ट तक भी पहुंच चुका है। अब देखना होगा कि कानूनी अड़चनों और विरोध के बीच 21 मई को होने वाले मतदान में मतदाता किन चेहरों पर भरोसा जताते हैं।

पूर्व CM वसुंधरा राजे का फर्जी पत्र वायरल मामला:कांग्रेस IT सेल के कार्यकर्ता हाईकोर्ट में हुए पेश, राजस्थान पुलिस ने भी पेश की अपनी सफाई

पूर्व CM वसुंधरा राजे का फर्जी पत्र वायरल मामला:कांग्रेस IT सेल के कार्यकर्ता हाईकोर्ट में हुए पेश, राजस्थान पुलिस ने भी पेश की अपनी सफाई

राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के नाम से फर्जी पत्र वायरल करने के मामले में गिरफ्तार कांग्रेस आईटी सेल के तीन कार्यकर्ताओं को बुधवार को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में पेश किया गया। मामले में परिजनों द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने तीनों के बयान दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जयपुर के डीआईजी क्राइम और भोपाल डीसीपी क्राइम से जवाब तलब किया है। मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की खंडपीठ में हुई। राजस्थान पुलिस ने निखिल, बिलाल और इनाम नाम के तीनों कार्यकर्ताओं को अदालत के समक्ष पेश किया। गिरफ्तारी तारीख पर पुलिस की सफाई सुनवाई के दौरान राजस्थान पुलिस ने कहा कि कानूनी दस्तावेजों में गिरफ्तारी 22 अप्रैल दर्शाई गई है, क्योंकि तीनों कार्यकर्ता 20 अप्रैल को स्वयं उनके साथ भोपाल से जयपुर गए थे। जांच के बाद 22 अप्रैल को औपचारिक गिरफ्तारी दिखाई गई। पुलिस ने यह भी बताया कि जयपुर कोर्ट से तीनों को जमानत मिल चुकी है और बेल बॉन्ड भरने के बाद उन्हें रिहा कर दिया जाएगा। कार्यकर्ताओं ने पुलिस का दावा नकारा जब हाईकोर्ट ने तीनों कार्यकर्ताओं से पूछताछ की तो उन्होंने राजस्थान पुलिस के दावे को गलत बताया। उनका कहना था कि वे अपनी मर्जी से नहीं गए थे, बल्कि उन्हें गिरफ्तार कर जयपुर ले जाया गया था। साथ ही, उन्हें ले जाने से पहले आवश्यक कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। दो राज्यों के अफसरों से जवाब तलब अदालत ने जब पुलिस अधिकारियों से इस पर सवाल किया तो बताया गया कि जयपुर पुलिस के डीआईजी क्राइम ब्रांच और भोपाल पुलिस के डीसीपी क्राइम के बीच हुई टेलीफोनिक बातचीत के बाद यह कार्रवाई की गई थी। इस पर हाईकोर्ट ने दोनों अधिकारियों से शपथपत्र पर पूरे मामले की सच्चाई बताने को कहा है। साथ ही अगली सुनवाई में दोनों अधिकारियों को उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं। सीजेएम जबलपुर को बयान दर्ज करने के निर्देश हाईकोर्ट ने कांग्रेस आईटी सेल के तीनों कार्यकर्ताओं के बयान दर्ज करने के लिए जबलपुर सीजेएम को निर्देश दिए हैं, ताकि मामले में आगे की कार्रवाई की जा सके। मामले की अगली सुनवाई 12 मई को निर्धारित की गई है।

पन्ना में बारातियों से भरी बस में लगी आग:सभी यात्री सुरक्षित निकाले गए, पवई से देवेंद्रनगर जा रही थी

पन्ना में बारातियों से भरी बस में लगी आग:सभी यात्री सुरक्षित निकाले गए, पवई से देवेंद्रनगर जा रही थी

जिल में पवई से देवेंद्रनगर जा रही बारातियों से भरी एक बस में शंकरगढ़ के पास अचानक आग लग गई। चलती बस में आग भभकते ही यात्रियों में हड़कंप मच गया, लेकिन बस ड्राइवर और स्थानीय लोगों की सूझबूझ से एक बड़ी अनहोनी टल गई और सभी बाराती सुरक्षित बच गए। बताया जा रहा है कि जब बारात वाली बस शंकरगढ़ के पास पहुंची, तो अचानक उसके इंजन से धुआं निकलने लगा। देखते ही देखते आग की लपटें इतनी तेज हो गईं कि पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। आग की खबर लगते ही ड्राइवर ने तुरंत बस रोकी और स्थानीय लोगों की मदद से सभी बारातियों को फटाफट नीचे उतारा गया। जलकर खाक हुई बस आग इतनी भयानक थी कि देखते ही देखते पूरी बस जलकर कंकाल बन गई। गनीमत रही कि आग पूरी तरह फैलने से पहले ही सभी यात्री समय रहते बाहर निकल आए थे। घटना की जानकारी मिलते ही गुनौर थाना प्रभारी त्रिवेंद्र त्रिवेदी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस और फायर ब्रिगेड ने मिलकर स्थिति को संभाला और यात्रियों को सुरक्षित जगह पहुंचाया। शॉर्ट सर्किट हो सकती है वजह शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि आग बिजली के शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी होगी। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और हादसे की असली वजह का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है। इस घटना में जान का नुकसान नहीं हुआ, लेकिन बस पूरी तरह बर्बाद हो गई है।