धार हादसे में किसी ने बेटी खोई, किसी ने पत्नी:शादी तय होने के 3 दिन बाद युवती की मौत; बुजुर्ग बोले-अब पोता ही सहारा

मध्य प्रदेश के धार में टायर फटने से अनियंत्रित होकर पिकअप वाहन डिवाइडर पर चढ़कर पलट गया। वाहन ने 3-4 बार पलटी खाई। इस दौरान सड़क के दूसरी ओर जाकर स्कॉर्पियो से भी टकराया। बुधवार रात करीब साढ़े 8 बजे हुए हादसे में 16 लोगों की मौत हो गई, 13 घायल हैं। मृतकों में 6 बच्चे शामिल हैं। एक्सीडेंट में नयापुरा के 9, सेमलीपुरा के 5 और रामपुरा के 2 लोगों की मौत हुई है। जान गंवाने वालों में 5 बच्चे, 8 महिलाएं और 3 युवतियां शामिल हैं। सभी का अंतिम संस्कार गुरुवार सुबह किया गया। 4 महिलाओं के शवों को एक ही चिता पर रखकर अंतिम विदाई दी गई। अपनों को खोने का गम ऐसा था कि कोई पत्नी की तस्वीर हाथ में लेकर बैठा रहा तो कोई उनके कपड़ों को एकटक देख रहा था। पत्नी की मौत से दुखी एक युवक दीवार से सटकर घंटों बैठा ही रहा। कहा- दो छोटे बच्चों को छोड़कर वो चली गई, अब उनका क्या होगा? हादसे में एक ऐसी लड़की की भी जान गई है, जिसकी तीन दिन पहले ही शादी पक्की हुई थी। एक लड़का खुद को कोसता दिखा। बोला- जब कोख में था, तब पिता चल बसे। अब मां का आंचल भी सिर से हट गया। इस दर्दनाक हादसे के बाद दैनिक भास्कर की टीम पीड़ितों के गांवों में पहुंची। दुखी परिजन से बात कर उनका हाल समझने की कोशिश की। पहले देखिए, तीन तस्वीरें… तीन दिन पहले तय हुई थी रिंकू की शादी पूर्व सरपंच मुन्नालाल ने कहा- धार जिले के तीन गांवों के 46 लोग बुधवार सुबह लेबड़ इलाके में चुकंदर की फसल काटने गए थे। सभी काम खत्म करने के बाद पिकअप में सवार होकर घर लौट रहे थे। मेरे परिवार से पांच लोग- पत्नी सुंदरबाई, ग्यारसीबाई, रिंकू, सवित्री और पोता आयुष भी साथ थे। आयुष परिवार का इकलौता वारिस था। अब कोई कमाने वाला नहीं बचा है। उन्होंने बताया कि हादसे में नयापुरा निवासी रिंकू पिता कंवरलाल की भी जान चली गई। रिंकू की तीन दिन पहले ही शादी पक्की हुई थी। रिश्ता राजगढ़ के पास करनावद गांव के मेडा परिवार में हुआ था। एक साल बाद शादी की तारीख थी। घर की स्थिति काफी खराब होने के चलते वह अक्सर मजदूरी के लिए जाया करती थी। पिता की मौत के तीसरे दिन जन्मा, अब मां भी नहीं रही सेमलीपुरा गांव की रहने वाली अंगूरी बाई की भी इस एक्सीडेंट में मौत हुई है। उसके परिवार में बुजुर्ग सास-ससुर और 14 साल का बेटा विक्रम भूरिया ही बचे हैं। विक्रम कहता है- मां सुबह काम पर जाने का कहकर निकली थी। बहू सुबह काम पर गई, शाम को मौत की खबर आई विक्रम के दादा भंवर सिंह भूरिया ने कहा- पहले बेटा चला गया। अब बहू भी इस दुनिया में नहीं रही। वह रोज की तरह काम पर गई थी। नहीं पता था कि उसकी मौत की सूचना ही आएगी। अब पोता ही हमारा सहारा है। पड़ोसी अतुल भूरिया ने बताया कि विक्रम के पिता अनिल भूरिया की 2012 में मौत हो गई थी। अनिल की मौत के तीसरे दिन विक्रम का जन्म हुआ है। मां ही उसकी परवरिश कर रही थी। जिस हाल में था, वैसा ही पत्नी-बेटी को देखने भागा गांव के ही रहने वाले पप्पू ने कहा- पत्नी संगीता रोज की तरह काम पर जाने का कहकर निकली थी। बेटी किरण भी उसके साथ गई थी। हर दिन 250 रुपए मजदूरी मिलती थी। काम खत्म कर दोनों पिकअप से वापस लौट रहे थे। रात में एक परिचित का कॉल आया कि पिकअप पलट गई है। मैं जिस हाल में था, वैसा ही घटनास्थल की ओर भागा। यहां पता चला कि पत्नी संगीता नहीं रही। बेटी किरण का पैर फ्रैक्चर हुआ है। खचाखच भरने के बाद ही लेकर जाते थे पिकअप कैलाश ने भी इस हादसे में अपने 12 साल के बेटे चंपालाल को खो दिया है। वे कहते हैं कि चार-पांच दिन पहले ही बेटे ने काम पर जाना शुरू किया था। पिकअप जब तक खचाखच नहीं भर जाती थी, ड्राइवर गाड़ी नहीं बढ़ाता था। उस दिन भी करीब 50 लोगों को बैठा रखा था। तनुश्री के पिता उमेश डावर ने बताया कि मजदूरी पर मां के साथ बेटी भी गई थी। दोनों की मौत हो गई। अब घर में दादा-दादी और मैं ही बचा हूं। हादसे से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… एकसाथ जलीं 16 चिताएं, एक चिता पर चार महिलाएं मध्य प्रदेश के धार में बुधवार रात हुए पिकअप हादसे में नयापुरा के 9, सेमलीपुरा के 5 और रामपुरा के 2 लोगों की मौत हो गई। सभी का अंतिम संस्कार गुरुवार सुबह किया गया। 4 महिलाओं के शवों को एक ही चिता पर रखा गया। अपनों को खोने वाले परिजन का बुरा हाल है। पढ़ें पूरी खबर… 16 लाशें…चिताएं और रुदन, दर्द की 17 तस्वीरें धार में बुधवार रात इंदौर-अहमदाबाद नेशनल हाईवे पर चिकलिया फाटा के पास बड़ा सड़क हादसा हुआ। करीब 50 मजदूरों से भरी ओवरलोड पिकअप का टायर फटने के बाद वह अनियंत्रित हो गया। 3-4 बार पलटी खाकर रॉन्ग साइड में स्कॉर्पियो से टकरा गया। हादसे में 16 की मौत हो गई। पढ़ें पूरी खबर…
सिंगरौली में हाईवा की टक्कर से युवक की मौत:गुस्साए ग्रामीणों ने किया सड़क जाम; मुआवजे और कार्रवाई की मांग पर अड़े

सिंगरौली जिले के माड़ा थाना क्षेत्र के छतौली गांव में आज शुक्रवार सुबह एक सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। मृतक की पहचान शुभग लाल सिंह गोंड के रूप में हुई है। वह एक शादी समारोह से अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान विपरीत दिशा से आ रहे तेज रफ्तार हाईवा वाहन ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी, जिससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। चालक वाहन सहित मौके से फरार हादसे के बाद हाईवा चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया। इसकी सूचना मिलते ही परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए। आक्रोशित लोगों ने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया, जिससे लगभग दो घंटे तक आवागमन बाधित रहा और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। माड़ा थाना से भारी पुलिस बल मौके पर तैनात स्थिति बिगड़ती देख माड़ा थाना से भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने ग्रामीणों को समझाइश दी और काफी देर तक बातचीत के बाद परिजन शांत हुए। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा और जाम हटवाया। माड़ा थाना प्रभारी शिवपूजन मिश्रा ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और फरार हाईवा चालक की तलाश शुरू कर दी गई है। ग्रामीणों ने आरोपी चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
वजन घटाने का नेचुरल फॉर्मूला: 6 हर्बल चाय जो मेटाबोलिज़्म बढ़ाकर फैट बर्न करें, असर खुद दिखेगा

Last Updated:May 01, 2026, 09:15 IST Herbal Tea For Belly Fat: सुबह उठते ही आईने में खुद को देखना कभी-कभी थोड़ा भारी पड़ जाता है, खासकर जब पेट की चर्बी नजर आने लगे. फिटनेस का ट्रेंड बदल चुका है-अब लोग जिम के साथ-साथ नेचुरल और आसान तरीकों की ओर ज्यादा झुक रहे हैं. ऐसे में हर्बल चाय एक साइलेंट गेम-चेंजर बनकर सामने आई हैं. ये ना सिर्फ पेट हल्का रखती हैं, बल्कि धीरे-धीरे मेटाबोलिज़्म को भी बेहतर करती हैं. अच्छी बात ये है कि इन्हें बनाना आसान है और ये आपकी रोज़मर्रा की लाइफ में आसानी से फिट हो जाती हैं, अगर आप भी बिना ज्यादा स्ट्रिक्ट डाइट या एक्सट्रीम वर्कआउट के पेट की चर्बी कम करना चाहते हैं, तो ये 6 हर्बल चाय आपके लिए काम की साबित हो सकती हैं. ग्रीन टी: मेटाबोलिज़्म को देती है बूस्ट ग्रीन टी का नाम आपने कई बार सुना होगा, और भी इसका क्रेज कम नहीं हुआ है. इसमें मौजूद कैटेचिन्स बॉडी के मेटाबोलिज़्म को तेज करते हैं, जिससे फैट बर्निंग प्रोसेस बेहतर हो जाता है. खासकर अगर आप इसे सुबह खाली पेट पीते हैं, तो इसका असर धीरे-धीरे नजर आने लगता है. दिन में दो कप ग्रीन टी पीना एक सिंपल लेकिन असरदार आदत बन सकती है. 1. अदरक की चाय: सूजन और ब्लोटिंग से राहत कैसे काम करती है अदरक की चाय पेट की सूजन और गैस को कम करने में काफी मददगार होती है. कई लोग शिकायत करते हैं कि उनका पेट फूला-फूला रहता है, ऐसे में अदरक एक नेचुरल सॉल्यूशन है. ये पाचन को तेज करती है और खाने के बाद भारीपन को कम करती है. इस्तेमाल का तरीका ताजे अदरक के टुकड़े पानी में उबालकर 5 मिनट तक पकाएं और फिर इसे गरम-गरम पिएं. इसे आप खाने से पहले या बाद में ले सकते हैं. 2. पुदीने की चाय: तुरंत राहत और कम क्रेविंग पुदीने की चाय उन लोगों के लिए परफेक्ट है जो बार-बार कुछ खाने का मन होने से परेशान रहते हैं. ये पाचन तंत्र को रिलैक्स करती है और गैस से तुरंत राहत देती है. इसके साथ ही ये भूख को कंट्रोल करने में भी मदद करती है, जिससे अनावश्यक स्नैकिंग कम हो जाती है. Add News18 as Preferred Source on Google 3. दालचीनी की चाय: शुगर कंट्रोल और फैट स्टोरेज पर असर क्यों है खास दालचीनी की चाय ब्लड शुगर लेवल को स्टेबल रखने में मदद करती है. जब शुगर लेवल संतुलित रहता है, तो ओवरईटिंग की आदत खुद-ब-खुद कम हो जाती है. कैसे पिएं एक छोटा दालचीनी का टुकड़ा उबलते पानी में डालें और सुबह इसे पिएं. ये दिन की शुरुआत के लिए अच्छा ऑप्शन बन सकता है. 4. सौंफ की चाय: हल्का पेट और बेहतर डाइजेशन सौंफ की चाय पुराने घरेलू नुस्खों में से एक है, लेकिन फिर से ट्रेंड में आ गई है. ये पेट फूलने को कम करती है और शरीर में जमा अतिरिक्त पानी को बाहर निकालने में मदद करती है. एक चम्मच सौंफ को 10 मिनट तक गर्म पानी में भिगोकर पीना फायदेमंद रहता है. 5. अजवाइन की चाय: देसी नुस्खा, दमदार असर अजवाइन की चाय खासकर भारी खाने के बाद बहुत राहत देती है. गैस, अपच और पेट फूलने की समस्या में ये जल्दी असर दिखाती है. एक चम्मच अजवाइन को पानी में उबालकर छान लें और गुनगुना पीएं. ये पेट को हल्का और फ्लैट महसूस कराने में मदद कर सकती है. रोजमर्रा में कैसे शामिल करें इन हर्बल चाय का असर तभी दिखता है जब इन्हें नियमित रूप से लिया जाए. साथ ही ध्यान रखें कि इनमें चीनी ना मिलाएं. आप अपनी पसंद के हिसाब से दो या तीन चाय चुन सकते हैं और उन्हें अपनी डेली रूटीन का हिस्सा बना सकते हैं. हल्का वॉक और बैलेंस्ड डाइट के साथ इनका असर और बेहतर हो सकता है. कई लोगों ने अपनी लाइफस्टाइल में छोटे-छोटे बदलाव करके अच्छे रिजल्ट पाए हैं. जरूरी नहीं कि हर बदलाव बड़ा हो-कभी-कभी एक कप सही चाय भी फर्क डाल सकती है. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.) न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
5 मिनट और तेज हो सकती है मैराथन की रफ्तार:ऑस्ट्रेलियाई प्रोफेसर का दावा-जूतों के डिजाइन, कपड़ों के मैटेरियल की मदद से तेज होगी दौड़

लंदन की सड़कों पर रविवार को इतिहास बन गया, जब लंदन मैराथन में पहली बार दो धावकों ने 42.195 किलोमीटर की दूरी 2 घंटे से कम समय में पूरी कर दी। यह खेल इतिहास का ऐसा पल था, जिसे कभी असंभव माना जाता था। इन खिलाड़ियों ने न सिर्फ रिकॉर्ड तोड़ा, बल्कि यह भी दिखाया कि इंसानी क्षमता की सीमाएं लगातार आगे बढ़ रही हैं। भविष्यवाणी भी हुई पीछे लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती। ऑस्ट्रेलिया की मोनाश यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर साइमन एंगस का मानना है कि यह रिकॉर्ड भी ज्यादा समय तक नहीं टिकेगा। उनका कहना है कि भविष्य में मैराथन का समय 1 घंटा 54 मिनट तक पहुंच सकता है, यानी मौजूदा रिकॉर्ड से करीब 5 मिनट 30 सेकंड तेज। एंगस पिछले कई वर्षों से मैराथन रिकॉर्ड्स का अध्ययन कर रहे हैं। उन्होंने 2019 में अनुमान लगाया था कि 2 घंटे से कम समय का रिकॉर्ड 2032 तक बनेगा। बाद में उन्होंने इसे 2027 तक संशोधित किया। लेकिन लंदन में जो हुआ, उसने उनकी सभी भविष्यवाणियों को पीछे छोड़ दिया। एंगस बताते हैं, ‘यह सिर्फ दौड़ नहीं है, बल्कि विज्ञान, टेक्निक और कड़ी मेहनत का संगम है। विज्ञान और तकनीक का कमाल आज के एथलीट्स बेहतर ट्रेनिंग, उन्नत जूतों, संतुलित पोषण और नई टेक्निक का फायदा उठा रहे हैं।’ उनका मानना है कि आने वाले समय में जूतों के डिजाइन, कपड़ों के मैटेरियल और टेक्निक जैसे पहलुओं में बदलाव इस खेल को और तेज बना सकते हैं। हालांकि, इसके साथ डोपिंग नियंत्रण भी उतना ही जरूरी रहेगा, ताकि निष्पक्षता बनी रहे। वे यह भी कहते हैं कि जैसे-जैसे रिकॉर्ड बेहतर होते जाते हैं, उन्हें और सुधारना कठिन हो जाता है। यह ठीक वैसा ही है, जैसे कोई व्यक्ति फिटनेस सुधारने की कोशिश करता है, शुरुआत में तेजी से सुधार होता है, लेकिन बाद में हर ग्राम कम करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इस ऐतिहासिक दिन महिलाओं की दौड़ में भी रिकॉर्ड बना। इथोपिया की टिग्स्ट असेफा ने 2:15:41 घंटे के समय के साथ महिलाओं की सबसे तेज ‘वुमेंस-ओनली’ मैराथन जीतकर नया कीर्तिमान स्थापित किया। एंगस का मानना है कि भविष्य में यह समय भी 2 घंटे 10 मिनट तक पहुंच सकता है। लंदन मैराथन ने यह साबित कर दिया है कि खेल में ‘नामुमकिन’ शब्द अब धीरे-धीरे खत्म हो रहा है। हर नया रिकॉर्ड एक नई उम्मीद जगाता है और यह सफर अभी जारी है। केन्या के सेबेस्टियन सावे ने एक घंटे 59.30 मिनट का समय लिया केन्या के सेबेस्टियन सावे ने 1 घंटा 59 मिनट 30 सेकंड में फिनिश लाइन पार कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया, जबकि इथियोपिया के योमिफ केजेलचा ने 1:59.41 घंटे के समय के साथ दूसरा स्थान हासिल किया था। इससे पहले रिकॉर्ड केन्या के केल्विन किप्टुम (2 घंटे 35 सेकंड) के नाम था, जिनका 2024 में एक कार हादसे में निधन हो गया था।
शिवपुरी में ट्रक ने ट्रैक्टर ट्रॉली को टक्कर मारी:एक दर्जन से अधिक मजदूर घायल, काम खत्म कर घर लौट रहे थे

शिवपुरी जिले के लुकवासा चौकी क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग 46 पर एक ट्रक ने मजदूरों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को पीछे से टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में ट्रॉली पलट गई और एक दर्जन से अधिक मजदूर घायल हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को कोलारस के स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। यह घटना गुरुवार देर शाम अनंतपुर मोड़ के पास हुई। जानकारी के अनुसार, रिंकू रघुवंशी के कृषि फार्म पर मजदूरी का काम खत्म कर लगभग 25 मजदूर ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार होकर लुकवासा के सिद्धपुरा स्थित अपने घरों को लौट रहे थे। टक्कर के कारण कई पुरुष, महिलाएं और बच्चे घायल हो गए। यह मजदूर घायल घायल मजदूरों में रामप्यारी आदिवासी, शिवानी आदिवासी, लाखन बाई, भागनदे, बबलेश, प्रवीण, रजनी, अरविंद, सोनम, रूपा, चंचल, बती, सोनम, पूजा, राधा और एक अन्य रामप्यारी शामिल हैं। 5-6 गंभीर, जिला अस्पताल रेफर सभी घायलों को तत्काल कोलारस के स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। गंभीर रूप से घायल 5 से 6 मजदूरों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
चार्जिंग स्टेशन न बनने से ई-बसों की योजना अटकी:दो साल बाद भी सड़क पर नहीं उतरीं इलेक्ट्रिक बसें; आयुक्त बोले-जून तक संचालन शुरू

कटनी शहर को प्रदूषण मुक्त और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन की सौगात देने का दावा करने वाली नगर निगम की ‘दीनदयाल सिटी बस योजना’ फिलहाल फाइलों में दबी हुई है। बड़े विज्ञापनों और घोषणाओं के साथ शुरू की गई इस महत्वाकांक्षी इलेक्ट्रिक बस परियोजना को दो साल बीत चुके हैं, लेकिन प्रशासनिक लापरवाही के कारण एक भी बस अब तक सड़क पर नहीं उतर सकी है। मंजूरी, टेंडर और सब्सिडी की लंबी प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद धरातल पर शून्य प्रगति ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इलेक्ट्रिक बस संचालन योजना प्रस्तावित रूट तय योजना के खाके के मुताबिक, शहर में चार अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाना है। इनमें से दो बसें कटनी-जबलपुर मार्ग और दो बसें कटनी-रीवा मार्ग पर चलने के लिए प्रस्तावित हैं। दस्तावेजों के अनुसार, दिल्ली की ‘शोलो बस’ कंपनी को इसका टेंडर दिया गया था। टेंडर प्रक्रिया 19 फरवरी 2025 को पूरी हुई और जुलाई 2025 में राज्य स्तरीय तकनीकी समिति (SLTC) से भी हरी झंडी मिल गई। हालांकि, स्वीकृति मिले एक साल से अधिक का समय हो गया है, लेकिन बसें डिपो से बाहर नहीं आ पाई हैं। चार्जिंग स्टेशन न बनने से इलेक्ट्रिक बस योजना अटकी परियोजना के रुकने का सबसे बड़ा तकनीकी कारण चार्जिंग स्टेशन का निर्माण न होना बताया जा रहा है। बसों को चार्ज करने के लिए झिंझरी क्षेत्र में स्टेशन बनाया जाना प्रस्तावित है। 29 जुलाई 2025 को दर स्वीकृति (LOI) जारी होने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। इस पूरी योजना की अनुमानित लागत लगभग 6 करोड़ रुपए है, जिसमें प्रत्येक बस की कीमत 1.50 करोड़ रुपये आंकी गई है। सरकार द्वारा ऑपरेटर को 40 प्रतिशत तक की सब्सिडी का प्रावधान भी है। इसके बावजूद, संचालन करने वाली कंपनी की ओर से 18 लाख रुपए की ‘परफॉर्मेंस गारंटी’ जमा करने और आगे की प्रक्रिया में सुस्ती बरती जा रही है। कांग्रेस नेता राजा जगवानी ने इस देरी की आलोचना करते हुए कहा कि यह सीधे तौर पर जनता की सुविधा के साथ खिलवाड़ है। अधिकारियों की सुस्ती से परियोजना अटकी कटनी शहर में बढ़ते यातायात दबाव और ध्वनि प्रदूषण के बीच इलेक्ट्रिक बसों के शुरू होने का इंतजार लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन बसों के संचालन से न केवल सस्ती और सुरक्षित यात्रा मिलेगी बल्कि डीजल की खपत कम होने से पर्यावरण को भी लाभ होगा। लेकिन फिलहाल जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता के कारण परियोजना अटकी हुई है। इस योजना के तहत कुल 4 इलेक्ट्रिक बसें प्रस्तावित हैं, जिनमें 2 बसें कटनी-जबलपुर और 2 बसें कटनी-रीवा मार्ग पर चलनी हैं, जिसकी कुल लागत लगभग 6 करोड़ रुपए है और इसमें 40% तक सब्सिडी का प्रावधान भी है। चार्जिंग स्टेशन का निर्माण न होने से योजना आगे नहीं बढ़ पा रही है, जबकि टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और लक्ष्य जून तक संचालन शुरू करने का रखा गया है। आयुक्त बोले- जून महीने तक बसों का संचालन शुरू नगर नियम आयुक्त तपस्या परिहार ने बताया कि चार इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की प्रक्रिया जारी है और टेंडर संबंधी कार्य पूर्ण हो चुके हैं। झिंझरी में चार्जिंग स्टेशन का निर्माण जल्द पूरा कराने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि जून महीने तक बसों का संचालन शुरू कर शहरवासियों को इसका लाभ मिल सके।
एअर इंडिया अब हर दिन 100 फ्लाइट्स कम करेगी:वजह- फ्यूल की बढ़ती कीमतें और स्पेयर पार्ट्स की कमी; ऑस्ट्रेलिया, यूरोप और अमेरिका के रूट प्रभावित होंगे

एअर इंडिया अपनी इंटरनेशनल और डोमेस्टिक उड़ानों में करीब 10% की कटौती करने जा रही है। टाटा ग्रुप की यह एयरलाइन अक्टूबर के अंत से शुरू होने वाले विंटर शेड्यूल से रोजाना लगभग 100 उड़ानें बंद करेगी। वर्तमान में एयरलाइन हर दिन करीब 900 उड़ानों का संचालन करती है। फ्यूल की बढ़ती कीमतों और स्पेयर पार्ट्स की कमी के चलते फैसला इन अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा सूत्रों के अनुसार, एयरलाइन ने भारत को उत्तरी अमेरिका, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया से जोड़ने वाले कई महत्वपूर्ण इंटरनेशनल रूट्स पर फ्लाइट्स की फ्रीक्वेंसी कम करने का फैसला लिया है। डोमेस्टिक नेटवर्क में भी होगा बदलाव घरेलू रूट्स पर भी एअर इंडिया अपनी फ्रीक्वेंसी कम करेगी। कंपनी का प्लान मेट्रो-टू-मेट्रो रूट्स पर उन फ्लाइट्स को कम करने का है जहां वर्तमान में कई डेली सर्विसेज चल रही हैं। इससे एयरलाइन को अपने विमानों को अधिक मुनाफे वाले रूट्स पर लगाने या उन्हें स्टैंडबाय पर रखने में मदद मिलेगी, जिससे ऑन-टाइम परफॉर्मेंस (OTP) में सुधार हो सके। मैनेजमेंट और एक्सपर्ट्स की राय एविएशन एनालिस्ट्स का मानना है कि ATF की कीमतें एयरलाइन की ऑपरेटिंग कॉस्ट का करीब 40% होती हैं। ऐसे में टाटा ग्रुप के लिए एयर इंडिया के ट्रांसफॉर्मेशन के दौरान ग्रोथ और प्रॉफिटेबिलिटी के बीच बैलेंस बनाना एक बड़ी चुनौती है। ATF क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है? ये खबर भी पढ़ें… आज से कॉमर्शियल गैस सिलेंडर 994 रुपए तक महंगा: ऑनलाइन गेमिंग के लिए नए नियम भी लागू; मई में होने वाले 4 बड़े बदलाव कॉमर्शियल सिलेंडर आज यानी 1 मई से 994 रुपए तक महंगा हो गया है। दिल्ली में ये 3071.50 रुपए में मिल रहा है। इसके अलावा ‘ऑनलाइन गेमिंग रूल्स 2026’ प्रभावी हो गए हैं। पूरी खबर पढ़ें…
एअर इंडिया अब हर दिन 100 फ्लाइट्स कम करेगी:वजह- फ्यूल की बढ़ती कीमतें और स्पेयर पार्ट्स की कमी; ऑस्ट्रेलिया, यूरोप और अमेरिका के रूट प्रभावित होंगे

एअर इंडिया अपनी इंटरनेशनल और डोमेस्टिक उड़ानों में करीब 10% की कटौती करने जा रही है। टाटा ग्रुप की यह एयरलाइन अक्टूबर के अंत से शुरू होने वाले विंटर शेड्यूल से रोजाना लगभग 100 उड़ानें बंद करेगी। वर्तमान में एयरलाइन हर दिन करीब 900 उड़ानों का संचालन करती है। फ्यूल की बढ़ती कीमतों और स्पेयर पार्ट्स की कमी के चलते फैसला इन अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा सूत्रों के अनुसार, एयरलाइन ने भारत को उत्तरी अमेरिका, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया से जोड़ने वाले कई महत्वपूर्ण इंटरनेशनल रूट्स पर फ्लाइट्स की फ्रीक्वेंसी कम करने का फैसला लिया है। डोमेस्टिक नेटवर्क में भी होगा बदलाव घरेलू रूट्स पर भी एअर इंडिया अपनी फ्रीक्वेंसी कम करेगी। कंपनी का प्लान मेट्रो-टू-मेट्रो रूट्स पर उन फ्लाइट्स को कम करने का है जहां वर्तमान में कई डेली सर्विसेज चल रही हैं। इससे एयरलाइन को अपने विमानों को अधिक मुनाफे वाले रूट्स पर लगाने या उन्हें स्टैंडबाय पर रखने में मदद मिलेगी, जिससे ऑन-टाइम परफॉर्मेंस (OTP) में सुधार हो सके। मैनेजमेंट और एक्सपर्ट्स की राय एविएशन एनालिस्ट्स का मानना है कि ATF की कीमतें एयरलाइन की ऑपरेटिंग कॉस्ट का करीब 40% होती हैं। ऐसे में टाटा ग्रुप के लिए एयर इंडिया के ट्रांसफॉर्मेशन के दौरान ग्रोथ और प्रॉफिटेबिलिटी के बीच बैलेंस बनाना एक बड़ी चुनौती है। ATF क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है? ये खबर भी पढ़ें… आज से कॉमर्शियल गैस सिलेंडर 994 रुपए तक महंगा: ऑनलाइन गेमिंग के लिए नए नियम भी लागू; मई में होने वाले 4 बड़े बदलाव कॉमर्शियल सिलेंडर आज यानी 1 मई से 994 रुपए तक महंगा हो गया है। दिल्ली में ये 3071.50 रुपए में मिल रहा है। इसके अलावा ‘ऑनलाइन गेमिंग रूल्स 2026’ प्रभावी हो गए हैं। पूरी खबर पढ़ें…
Petrol ₹14 Loss; Rupee All-Time Low

नई दिल्ली23 मिनट पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी सोना-चांदी से जुड़ी रही। 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 2,290 रुपए बढ़कर 1.50 लाख रुपए पर पहुंच गया है। इससे पहले इसकी कीमत 1.48 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम थी। एक किलो चांदी 4,031 रुपए बढ़कर 2.40 लाख रुपए पर पहुंच गई है। वहीं, इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बावजूद रिटेल रेट न बढ़ने से कंपनियों को हर एक लीटर पेट्रोल और डीजल पर घाटा हो रहा है। रेटिंग एजेंसी इक्रा के मुताबिक, तेल कंपनियां पेट्रोल पर ₹14 और डीजल पर ₹18 प्रति लीटर का नुकसान झेल रही हैं। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम ₹994 तक बढ़ गए हैं। अप्रैल के जीएसटी कलेक्शन का डेटा आज रिलीज होगा। शेयर बाजार आज महाराष्ट्र दिवस की वजह से बंद रहेगा। पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. सोना ₹2,290 बढ़कर ₹1.50 लाख पर पहुंचा: इस साल ₹17 हजार महंगा हो चुका, चांदी आज ₹4031 बढ़कर ₹2.40 लाख पर पहुंची सोने-चांदी के दाम में 30 अप्रैल को बढ़त रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 2,290 रुपए बढ़कर 1.50 लाख रुपए पर पहुंच गया है। इससे पहले इसकी कीमत 1.48 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम थी। वहीं, एक किलो चांदी 4,031 रुपए बढ़कर 2.40 लाख रुपए पर पहुंच गई है। इससे पहले 29 अप्रैल को इसकी कीमत 2.36 लाख रुपए प्रति किलो थी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. याचिकाकर्ता बोले- अनिल अंबानी को गिरफ्तार क्यों नहीं किया: 40,000 करोड़ के फ्रॉड केस में सुप्रीम कोर्ट में बहस; ED बोली- किसे पकड़ना है, यह नहीं बता सकते अनिल अंबानी की कंपनियों से जुड़े 40,000 करोड़ रुपए के लोन फ्रॉड मामले में सुप्रीम कोर्ट में तीखी बहस हुई। याचिकाकर्ता वकील प्रशांत भूषण ने कोर्ट में पूछा कि जब सेबी (SEBI) खुद अनिल अंबानी को इस पूरे घोटाले का मास्टरमाइंड बता चुकी है, तो फिर उन्हें अब तक गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया? इस सवाल पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि जांच एजेंसियां इस बात का जवाब देने के लिए बाध्य नहीं हैं कि उन्होंने किसी ‘X’ या ‘Y’ व्यक्ति को अब तक गिरफ्तार क्यों नहीं किया। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. पेट्रोल ₹14 नुकसान में बेच रहीं तेल कंपनियां: डीजल पर ₹18 का घाटा, कच्चा तेल महंगा होने से रसोई गैस पर भी ₹80,000 करोड़ का बोझ इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बावजूद रिटेल रेट न बढ़ने से कंपनियों को हर एक लीटर पेट्रोल और डीजल पर घाटा हो रहा है। रेटिंग एजेंसी इक्रा के मुताबिक, तेल कंपनियां पेट्रोल पर ₹14 और डीजल पर ₹18 प्रति लीटर का नुकसान झेल रही हैं। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण सप्लाई चैन प्रभावित हुई है, जिससे कच्चे तेल के दाम तेजी से बढ़े हैं। इससे तेल कंपनियों पर बोझ बढ़ रहा है। यही नहीं रसोई गैस के लिए भी सरकार पर ₹80,000 करोड़ का बोझ बढ़ रहा है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. रुपया रिकॉर्ड ऑल टाइम लो पर आया: 1 डॉलर की कीमत 95.20 रुपए हुई, इससे महंगाई बढ़ने का खतरा भारतीय रुपया 30 अप्रैल को डॉलर के मुकाबले 95.20 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया है। मिडिल ईस्ट युद्ध और एनर्जी सप्लाई रुकावटों से यह गिरावट आई। विदेशी ब्रोकरेज फर्म बर्नस्टीन के मुताबिक, ईरान युद्ध जारी रहा तो रुपया 98 तक जा सकता है। विदेशी निवेशकों (FPI) की लगातार बिकवाली और वैश्विक स्तर पर बढ़ते व्यापारिक तनाव की वजह से रुपए में यह गिरावट देखी जा रही है। साल 2026 की शुरुआत से ही रुपया दबाव में है। पिछले साल दिसंबर 2025 में पहली बार रुपया 90 के स्तर के पार गया था। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 5. अडाणी एंटरप्राइजेज को चौथी तिमाही ₹221 करोड़ का घाटा:सालाना रेवेन्यू 20% बढ़ा; कंपनी हर शेयर पर ₹1.30 डिविडेंड देगी अडाणी एंटरप्राइजेज ने 30 अप्रैल को वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही के नतीजे जारी किए। इस तिमाही में कंपनी को ₹221 करोड़ का नेट लॉस हुआ है। पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी को ₹3,845 करोड़ का नेट प्रॉफिट हुआ था। हालांकि, कंपनी का रेवेन्यू 20% बढ़ा है और यह ₹32,439 करोड़ पर पहुंच गया है जो पिछले साल की तिमाही में ₹26,965 करोड़ था। नतीजों के साथ ही अडाणी एंटरप्राइजेज के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹1.30 प्रति शेयर के डिविडेंड की सिफारिश की है। पूरी खबर पढ़े… कल दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… कल के शेयर बाजार और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
हिमाचल में ग्लेशियर टूटा, लोगों ने भागकर बचाई जान:सड़क बहाली में जुटे थे PWD कर्मचारी, 5 महीने से बंद है पांगी-चंबा मार्ग

हिमाचल प्रदेश के चंबा जिला के चुराह में बीती शाम (30 अप्रैल) को ग्लेशियर टूटकर अचानक सड़क पर आ गया। इस दौरान चंबा को पांगी से जोड़ने वाली सड़क पर ग्लेशियर गिरा। इसे गिरते देख बैरागढ़-साचपास-किलाड़ सड़क पर सतरूंडी के कार्थनाला में सड़क बहाली में जुटे कर्मचारी और मजदूरों ने भागकर जान बचाई। बता दें कि, बीते दिनों क्षेत्र में भारी बर्फबारी के कारण सड़क यातायात के लिए बंद थी। लिहाजा लोक निर्माण विभाग के मजदूर और कर्मचारी सड़क बहाली में जुटे हुए थे। इस दौरान अचानक ग्लेशियर टूटा और बर्फ की नदी जैसी सड़क की तरफ बहने लगी। ग्लेशियर गिरने की आवाज सुनकर भागे सूचना के अनुसार- सड़क बहाली में जुटे कर्मचारी और मजदूरों ने जैसे ही पहाड़ी से ग्लेशियर गिरने की आवाजें सुनी वह ईधर-उधर भागने लगे। थोड़ी भी देर हो जाती तो बड़ा हादसा हो सकता है। बताया जा रहा है कि जिस पॉइंट से ग्लेशियर टूटा, उसे वहां से सड़क तक पहुंचने में 50 से 70 सेकेंड का वक्त लगा, इतने समय में कर्मचारी-मजदूर खुद भी भागने में कायमयाब रहे। हालांकि, इस घटना में कुछ मशीनरी को हल्का नुकसान पहुंचने की सूचना है। इसके बाद सड़क बहाली रोक दी गई है। हर साल तीन से चार महीने बंद होती है सड़क अति दुर्गम क्षेत्र पांगी और चंबा को जोड़ने वाली यह सड़क दिसंबर से सभी प्रकार के वाहनों के लिए बंद पड़ी है। इन दिनों PWD की मशीनरी और मजदूर बर्फ हटाने में जुटे हुए हैं। यह सड़क सर्दियों में हर साल भारी बर्फबारी के कारण तीन से चार महीने के लिए बंद हो जाती है। मगर क्षेत्र में ग्लेशियर गिरने का खतरा बना रहता है।









