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Childrens Bodies Kept 24 Days; Grandfather Demands Justice

Childrens Bodies Kept 24 Days; Grandfather Demands Justice

Hindi News National Manipur Bomb Attack: Childrens Bodies Kept 24 Days; Grandfather Demands Justice इंफाल27 मिनट पहलेलेखक: डी. कुमार कॉपी लिंक तस्वीर उस घर की उस खिड़की की है, जहां 7 अप्रैल को बम फटा था। बच्चे कमरे में सो रहे थे। स्थानीय लोगों ने खिड़की की मरम्मत करवा दी है। मणिपुर के ट्रोंगलाओबी गांव में 7 अप्रैल को बम धमाके में 5 साल के बच्चे और उसकी 6 महीने की बहन की मौत हो गई थी। दो भाई-बहनों का शव 24 दिन बाद भी इंफाल के रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के मुर्दाघर में रखे हैं। इस हमले का आरोप संदिग्ध कुकी उग्रवादियों पर लगाया गया। इन मासूम मौतों ने मणिपुर हिंसा के दर्द को कई गुना बढ़ा दिया है। भास्कर टीम गुरुवार को बच्चों के घर ट्रोंगलाओबी गांव पहुंची। खुले खेतों के पास बने घर में घुसते ही दीवार और आसपास मौजूद टिन की चादरों पर बम के छर्रों से हुए छेद दिल दहला देंगे। जिस खिड़की पर बम फोड़ा गया था, उसकी मरम्मत करा दी गई है। लेकिन पूरा परिवार सदमे में है। बच्चों के 71 साल के दादा, बाबुटन ओइनाम कहते हैं- सरकार 10-10 लाख रुपए लेकर बच्चों का अंतिम संस्कार करने को कह रही है, लेकिन हमें पैसा नहीं चहिए। हमें हत्यारे चाहिए। हमले के समय दोनों भाई-बहन अपनी मां के साथ सो रहे थे। जिन्हें गिरफ्तार किया, वो तो पहले से ही जेल में थे… मणिपुर की भाजपा सरकार ने इस घटना की जांच एनआईए को सौंपी है। हैरानी वाली बात ये है कि शुरुआत में कुछ संदिग्ध कुकी उग्रवादियों को गिरफ्तार करने की खबरें आईं, लेकिन आरोपी कौन हैं, कहां के हैं, ऐसे कई सवालों पर सरकार और पुलिस चुप्पी साधे हुए है। बाबुटन ने बताया कि सरकार जिन तीन लोगों को पकड़ने का दावा कर रही है, उनके बारे में लोग कह रहे हैं कि ये उग्रवादी पहले से जेल में बंद हैं। फिर पुलिस ने उन्हीं को दोबारा क्यों गिरफ्तार किया? इन्हीं झूठे दावों के चलते हम अपने बच्चों के शव अब तक घर नहीं लाए। परिवार का आरोप- सरकार हमसे कुछ छिपा रही बाबुटन ओइनाम ने आगे कहा- हम तब तक अपने बच्चों का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे, जब तक उन्हें मारने वालों को सरकार गिरफ्तार कर सजा नहीं दे देती है। पुलिस ने किसे गिरफ्तार किया, हमें नहीं पता। उन निर्दयी लोगों ने एक ऐसी नन्हीं बच्ची को मार डाला, जिसने जन्म के बाद अन्न का एक दाना भी नहीं चखा था। बाबुटन कहते हैं कि गृह मंत्री गोविंदास कोंथौजम सिंह घटना के बाद हमारे घर पर आए थे। हमने उनसे दो टूक कहा था- हत्यारों को हमारे सामने सजा दो। सरकार हमसे कुछ छिपा रही है लेकिन हमें नहीं पता कि क्या? मृत बच्चों की दादी और उनकी बहन। घटना के बाद से पूरा परिवार सदमे में है। 24 दिन से 24 घंटे प्रदर्शन, महिलाएं बोलीं- सरकार झूठी बच्चों की मौत के खिलाउ नेशनल हाईवे 202 पर मोइरांग में मैतेई महिलाएं 24 दिन से प्रदर्शन कर रही हैं। यहां बैठीं प्रेमिता कहती हैं, ‘हम 24 घंटे धरने पर हैं। सरकार से कोई मिलने नहीं आया। सरकार झूठ बोल रही है। उन्होंने किसी को गिरफ्तार नहीं किया। दूसरी ओर, कुकी संगठन ने भी ​गिरफ्तारी पर अनभिज्ञता जाहिर की।’ मणिपुर में एक साल राष्ट्रपति शासन रहा, 4 फरवरी को नई सरकार बनी मणिपुर में मई 2023 में मैतेई और कुकी-जो समुदायों के बीच जातीय हिंसा शुरू हुई थी। यह 2025 के शुरुआती महीनों तक जारी रही। हिंसा के दौरान कई इलाकों में आगजनी, लूट और हत्याओं की घटनाएं हुईं। हजारों लोग विस्थापित हुए और राहत शिविरों में रहने को मजबूर हुए। मणिपुर के तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने 9 फरवरी, 2025 को इस्तीफा दे दिया था। दो साल से ज्यादा समय तक जारी हिंसा न रोक पाने के कारण उनपर लगातार राजनीतिक दबाव बन रहा था। बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद 13 फरवरी 2025 को मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगा था। करीब एक साल बाद 4 फरवरी 2026 को मणिपुर में नई सरकार का गठन हुआ। भाजपा के युमनाम खेमचंद सिंह ने मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। मणिपुर की यह खबर भी पढ़ें… मणिपुर के उखरुल में फायरिंग से 3 की मौत:मिलिटेंट्स ने कई घर जलाए, नगा-कुकी समुदाय में तनाव; 7 अप्रैल से अब तक 10 मौतें मणिपुर के उखरुल जिले में 24 अप्रैल को दो अलग-अलग फायरिंग घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई। सिनाकेइथेई गांव में हमलावरों ने फायरिंग के साथ कई घरों में आग भी लगा दी। राज्य में अप्रैल में हिंसा की अलग-अलग घटनाओं में 10 मौतें हुईं। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

गौतम अडाणी शादी की 40वीं सालगिरह पर केदारनाथ पहुंचे:पत्नी के साथ जलाभिषेक किया; कंपनी बना रही ₹4,081 करोड़ से रोपवे

गौतम अडाणी शादी की 40वीं सालगिरह पर केदारनाथ पहुंचे:पत्नी के साथ जलाभिषेक किया; कंपनी बना रही ₹4,081 करोड़ से रोपवे

गौतम अडाणी ने आज सुबह रुद्रप्रयाग स्थित केदारनाथ धाम के दर्शन किए। अडाणी ने शादी की 40वीं सालगिरह पर पत्नी प्रीति अडाणी के साथ महादेव का जलाभिषेक किया। इसी दौरान VIP कल्चर को देखकर वहां मौजूद पुजारी व श्रद्धालु भड़क गए और नारेबाजी करने लगे। अडाणी सुबह दिल्ली से देहरादून पहुंचे और वहां से प्राइवेट हेलिकॉप्टर से धाम पहुंचे। दर्शन के बाद उन्होंने प्रस्तावित सोनप्रयाग-केदारनाथ रोपवे परियोजना का एरियल सर्वे किया। इसके बाद अडाणी ने धाम से जुड़ी फोटो शेयर की। केदारनाथ के कपाट 22 अप्रैल को लोगों के लिए खोल दिए गए थे। जिला प्रशासन के मुताबिक, अब तक यहां 2.5 लाख से ज्यादा लोग दर्शन कर चुके हैं। गौतम अडाणी की PHOTOS… अडाणी की कंपनी बना रही केदारनाथ में रोपवे अडाणी की कंपनी सोनप्रयाग-केदारनाथ रोपवे परियोजना पर काम कर रही। लगभग 13 किलोमीटर लंबी यह रोपवे प्रणाली दुनिया के सबसे ऊंचे और चुनौतीपूर्ण भौगोलिक क्षेत्रों में से एक में स्थापित की जा रही है। अभी श्रद्धालुओं को सोनप्रयाग से केदारनाथ तक पहुंचने के लिए 16 किलोमीटर की खड़ी और थका देने वाली पैदल चढ़ाई करनी पड़ती है, जिसमें औसतन 8 से 9 घंटे का समय लगता है। हालांकि, इस रोपवे के शुरू होने के बाद यह कष्टकारी सफर महज 36 मिनट में सिमट जाएगा। यह प्रोजेक्ट दुनिया की सबसे सुरक्षित और आधुनिक ‘3S’ (थ्री-केबल) तकनीक पर आधारित होगा, जिसे खराब मौसम और तेज हवाओं के बीच भी सुचारू रूप से संचालित करने के लिए डिजाइन किया गया है। लगभग 4,081 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना का निर्माण अडाणी समूह द्वारा ‘पर्वतमाला योजना’ के तहत किया जा रहा है। इसकी क्षमता इतनी व्यापक होगी कि यह प्रति घंटे लगभग 1,800 यात्रियों को एक तरफ से ले जा सकेगा, जिससे सीजन के दौरान उमड़ने वाली भीड़ का प्रबंधन करना काफी आसान हो जाएगा। सितंबर 2025 में मिला अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड को प्रोजेक्ट गौतम अडाणी की कंपनी अडाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (एईएल) ने बताया कि उनको सितंबर में सोनप्रयाग से केदारनाथ को जोड़ने वाले लगभग 13 किलोमीटर लंबे रोपवे प्रोजेक्ट के निर्माण का ठेका मिला था। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस मार्च 2025 में इस रोपवे प्रोजेक्ट को मंजूरी दी थी। इसे पूरा होने में करीब 5 साल का वक्त लगेगा। केंद्र ने केदारनाथ धाम और हेमकुंड साहिब के लिए रोप-वे प्रोजेक्ट को इस मार्च 2025 में मंजूरी दी थी। राष्ट्रीय रोपवे विकास कार्यक्रम के तहत उत्तराखंड में सोनप्रयाग से केदारनाथ तक नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक मैनेजमेंट इसे बनाएगा। केदारनाथ मंदिर समुद्र तल से 3,584 मीटर की ऊंचाई पर है। यहां मंदाकिनी नदी है। केदारनाथ धाम भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। माथा टेकने के बाद लिखा- आप ही मेरी असली शक्ति गौतम अडाणी ने X पर फोटो तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा- ‘आज का दिन मेरे लिए विशेष है, एक ओर विश्व श्रमिक दिवस है और दूसरी ओर मेरे विवाह की 40वीं वर्षगांठ। इस पावन अवसर की शुरुआत मैंने अपनी जीवनसंगिनी प्रीति के साथ केदारनाथ धाम में भगवान महादेव के दर्शन और आशीर्वाद से की। चार दशकों की इस यात्रा में, प्रीति का साथ मेरे लिए केवल जीवन का संबल नहीं, बल्कि हर चुनौती में एक शांत शक्ति और हर सफलता में एक विनम्र आधार रहा है, इसके लिए मैं हृदय से उनका आभारी हूं। हमने महादेव से प्रार्थना की कि वह हमारे देश को निरंतर प्रगति, समृद्धि और शक्ति प्रदान करें, और हम सभी को राष्ट्र निर्माण में अपना श्रेष्ठ योगदान देने की प्रेरणा दें। आज, विश्व श्रमिक दिवस के अवसर पर, मैं अडाणी परिवार के अपने 4 लाख से अधिक साथियों से जुड़ने के लिए एक नई पहल, ‘अपनी बात, अपनों के साथ’ की शुरुआत कर रहा हूं। यह मेरे लिए केवल एक औपचारिक संवाद नहीं, बल्कि अदाणी परिवार में सभी से दिल से जुड़ने का एक प्रयास है। इस पहल के माध्यम से, मैं समय-समय पर अपने विचार, अपने अनुभव और अपनी सीख साझा करूंगा और उतनी ही विनम्रता से सीखने का प्रयास भी करूंगा। मेरा दृढ़ विश्वास है कि जब अदाणी परिवार के लाखों सदस्य एक-दूसरे के सहयोगी बनकर राष्ट्र निर्माण के संकल्प से जुड़ेंगे, तब हम सिर्फ परियोजनाएं ही नहीं बनाएँगे, बल्कि विकसित भारत के सपने को साकार करने की दिशा में अपना विनम्र योगदान भी दे सकेंगे। आप सभी का विश्वास और साथ ही मेरी सबसे बड़ी शक्ति है। जय श्रमशक्ति, जय राष्ट्रशक्ति।’ ————————————— ये खबर भी पढ़ें… चारधाम यात्रा 12वां दिन- मॉनिटरिंग मॉडल से हिमाचल इंप्रेस: गंगोत्री हाईवे पर यात्री फंसे; 1000KG प्लास्टिक कचरा इकट्ठा चारधाम यात्रा का आज 12वां दिन है। अब तक 4.63 लाख से ज्यादा यात्री चारों धामों में दर्शन कर चुके हैं। केदारनाथ यात्रा के तहत सोनप्रयाग में बायोमेट्रिक पंजीकरण के बाद श्रद्धालुओं को लगातार धाम के लिए रवाना किया जा रहा है। केदारनाथ धाम में ग्रीन चारधाम पहल के तहत एक हफ्ते में 1000 किलो प्लास्टिक वेस्ट एकत्रित किया गया है। (पढ़ें पूरी खबर)

New Online Gaming Rules Come into Effect Today; Gaming Certificates to Remain Valid for Up to 10 Years; Non-Money Games Now Exempt from Registration

New Online Gaming Rules Come into Effect Today; Gaming Certificates to Remain Valid for Up to 10 Years; Non-Money Games Now Exempt from Registration

Hindi News Business New Online Gaming Rules Come Into Effect Today; Gaming Certificates To Remain Valid For Up To 10 Years; Non Money Games Now Exempt From Registration नई दिल्ली7 मिनट पहले कॉपी लिंक देश में ऑनलाइन गेमिंग की इंडस्ट्री में आज से एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। सरकार ने प्रोमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग रूल्स 2026 शुक्रवार, 1 मई 2026 से लागू कर दिए हैं। इन नए नियमों का मुख्य उद्देश्य ऑनलाइन मनी गेमिंग से होने वाले वित्तीय और सामाजिक नुकसान को रोकना और भारत को ग्लोबल गेमिंग हब बनाना है। ऑनलाइन मनी गेम्स पर पूरी तरह बैन, विज्ञापन भी नहीं कर पाएंगे नए नियमों के तहत सभी प्रकार के ऑनलाइन मनी गेम्स पर पूरी तरह बैन लगा दिया गया है। इसमें किस्मत पर आधारित (चांस) और कौशल पर आधारित (स्किल) दोनों तरह के गेम्स शामिल हैं, जिनमें पैसे का दांव लगाया जाता है। अब इन गेम्स का विज्ञापन या प्रमोशन करना भी गैरकानूनी होगा। बैंकों और पेमेंट गेटवे को निर्देश दिए गए हैं कि वे ऐसे प्लेटफॉर्म्स के ट्रांजैक्शन प्रोसेस न करें। नियम तोड़ने पर भारी जुर्माना और 5 साल तक की जेल सरकार ने नियमों का उल्लंघन करने वालों के लिए सख्त सजा का प्रावधान किया है। ऑनलाइन मनी गेम ऑफर करने पर 3 साल तक की जेल या 1 करोड़ रुपए तक का जुर्माना हो सकता है। दोबारा अपराध करने पर जेल की अवधि 5 साल तक बढ़ सकती है और जुर्माना 2 करोड़ रुपए तक लग सकता है। इन गेम्स का विज्ञापन करने पर भी 2 साल की जेल या 50 लाख रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान है। 45 करोड़ लोग प्रभावित, 20 हजार करोड़ से ज्यादा का नुकसान भारत में ऑनलाइन गेमिंग का बाजार तेजी से बढ़ा है और 2024 में यह 232 अरब रुपए यानी 23,200 करोड़ रुपए का था। डेटा के मुताबिक, देश के लगभग 45 करोड़ लोग मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म्स से प्रभावित हुए हैं, जिसमें लोगों को 20,000 करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हुआ है। इसी को देखते हुए सरकार ने ई-स्पोर्ट्स और सोशल गेम्स (मनोरंजन वाले खेल) को बढ़ावा देने और मनी गेम्स को खत्म करने का फैसला लिया है। अब ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया रखेगी नजर नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया (OGAI) का गठन किया गया है। डिजिटल ऑफिस: ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया का ऑफिस दिल्ली में होगा, यह एक डिजिटल-फर्स्ट रेगुलेटर है। डिसिजन मेकिंग प्रोसेस: यह अथॉरिटी 90 दिनों के भीतर तय करेगी कि कोई गेम ‘मनी गेम’ की कैटेगरी में है या वह ‘ई-स्पोर्ट्स’ के रूप में सुरक्षित है। रजिस्ट्रेशन: ई-स्पोर्ट्स के लिए अब 10 साल तक का डिजिटल रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट दिया जाएगा। पहले सर्टिफिकेट की वैलिडिटी 5 साल रहती थी। शिकायत निवारण: यूजर्स की शिकायतों के लिए दो-स्तरीय सिस्टम होगा। अगर कंपनी समाधान नहीं करती, तो यूजर अथॉरिटी के पास अपील कर सकेंगे। युवाओं की सुरक्षा के लिए एज गेटिंग और पेरेंटल कंट्रोल डिजिटल माहौल को सुरक्षित बनाने के लिए कंपनियों को अब कई सेफ्टी फीचर्स देने होंगे। इनमें उम्र का वेरिफिकेशन, समय की पाबंदी और माता-पिता के लिए कंट्रोल टूल्स (पेरेंटल कंट्रोल) शामिल हैं। इससे युवाओं को लत और मानसिक तनाव से बचाने में मदद मिलेगी। गेम्स का क्लासिफिकेशन तीन तरीके से होगा गेम्स को किस कैटेगरी में रखा जाए, इसके लिए अथॉरिटी ने तीन रास्ते तय किए हैं… सुओ मोटो: अथॉरिटी खुद किसी गेम का रिव्यू कर उसे क्लासिफाई कर सकती है। ई-स्पोर्ट्स बॉडीज: ई-स्पोर्ट्स से जुड़ी इंस्टीट्यूशंस खुद आवेदन कर सकती हैं। केंद्र सरकार: सरकार स्पेसिफिक सोशल गेम्स को नोटिफाई कर सकती है। किसी भी गेम के क्लासिफिकेशन की प्रोसेस को पूरा करने के लिए 90 दिनों की समय सीमा तय की गई है। अब हर गेम के लिए मैंडेटरी डिटरमिनेशन की जरूरत नहीं होगी। यूजर सेफ्टी के लिए टू-टियर सिस्टम सरकार ने गेम खेलने वालों की सुरक्षा और उनकी शिकायतों के निपटारे के लिए टू-टियर ग्रीवांस रिड्रेसल सिस्टम अनिवार्य कर दिया है। इसके अलावा गेमिंग प्लेटफॉर्म्स को डेटा रिटेंशन (डेटा संभाल कर रखना) और समय-समय पर कंप्लायंस रिपोर्ट जमा करनी होगी। गृह मंत्रालय को भी इस अथॉरिटी का हिस्सा बनाया गया है, ताकि नियमों का उल्लंघन करने वाले गेम्स को ब्लॉक करने जैसी कार्रवाई की जा सके। प्रमोशन और रिफंड के नियमों में बदलाव नई गाइडलाइंस से गेम प्रमोशन से जुड़े प्रावधान हटा दिए गए हैं। अब अलग-अलग मंत्रालय अपनी योजनाओं के हिसाब से प्रमोशन स्कीम डिजाइन कर सकेंगे। मटेरियल चेंज के कॉन्सेप्ट को भी हटा दिया है, ताकि कंपनियों और सरकार के बीच विवाद की स्थिति न बने। रिफंड से जुड़े नियमों को भी हटाया गया है, क्योंकि सरकार का मानना है कि इस समस्या का समाधान पहले ही हो चुका है। भविष्य की राह, डिजिटल इकोनॉमी और नए रोजगार सरकार का मानना है कि इन नियमों से भारत की क्रिएटिव इकोनॉमी को मजबूती मिलेगी। ई-स्पोर्ट्स और सुरक्षित सोशल गेम्स के बढ़ने से डिजाइन, टेक्नोलॉजी और कंटेंट क्रिएशन के सेक्टर में नए निवेश और रोजगार के अवसर पैदा होंगे। 2027 तक इस सेक्टर के 316 अरब रुपए यानी 31,600 करोड़ रुपए तक पहुंचने का अनुमान है। 2,500 स्टेकहोल्डर्स से ली गई राय इन नियमों को अंतिम रूप देने से पहले सरकार ने इंडस्ट्री बॉडीज, कानून की जानकारी रखने वाली फर्म्स और एकेडमिक एक्सपर्ट्स सहित करीब 2,500 लोगों से सुझाव लिए थे। स्टेकहोल्डर्स ने गेमिंग की परिभाषा को स्पष्ट करने और अथॉरिटी के स्ट्रक्चर को बेहतर बनाने की सलाह दी थी, जिन्हें नए नोटिफिकेशन में शामिल किया गया है। क्या है ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया? ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया (OGAI) एक छह सदस्यीय टीम होगी। इसमें आईटी मंत्रालय के अलावा गृह मंत्रालय के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। इसका मुख्य काम भारत में चल रहे गेम्स की निगरानी करना, उनके क्लासिफिकेशन को तय करना और यूजर्स की प्राइवेसी व सुरक्षा सुनिश्चित करना है। ई-स्पोर्ट्स क्या है? यह एक कॉम्पिटिटिव डिजिटल स्पोर्ट्स है जिसमें टीम वर्क और स्किल की जरूरत होती है। इसे अब नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस एक्ट के तहत पहचान मिल सकती है। क्या करें अगर कोई प्लेटफॉर्म पैसा मांगे? ऐसे प्लेटफॉर्म्स की शिकायत तुरंत ‘ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी’ या साइबर सेल में करें, क्योंकि

ग्वालियर में न्यूनतम पारा 4 डिग्री लुढ़का:अगले दो हफ्तों तक तेज गर्मी की संभावना कम, दिन का तापमान भी 1.7 डिग्री नीचे आया

ग्वालियर में न्यूनतम पारा 4 डिग्री लुढ़का:अगले दो हफ्तों तक तेज गर्मी की संभावना कम, दिन का तापमान भी 1.7 डिग्री नीचे आया

ग्वालियर में गुरुवार शाम अचानक मौसम बदलने से शहरवासियों को गर्मी से राहत मिली है। तेज आंधी, बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि ने तापमान में गिरावट आई है। शुक्रवार सुबह भी मौसम सुहावना बना रहा और न्यूनतम तापमान में 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान 39.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.7 डिग्री कम था। दिन में उमस बनी रही, लेकिन शाम की बारिश के बाद वातावरण में ठंडक महसूस की गई। शुक्रवार सुबह आर्द्रता 67 प्रतिशत और न्यूनतम तापमान 22.5 डिग्री सेल्सियस रहा। ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान ग्वालियर संभाग के भिंड, दतिया, मुरैना, शिवपुरी और श्योपुर जिलों में भी आंधी और बारिश का प्रभाव देखा गया। कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंचने की सूचना मिली है। हवा चलने और हल्की बारिश की संभावना भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार अगले 24 घंटों के दौरान ग्वालियर संभाग में मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रह सकता है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और हल्की बारिश होने की संभावना है। अगले एक-दो दिनों तक तापमान में गिरावट जारी रह सकती है, जिससे गर्मी का प्रभाव कम रहेगा। मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि अगले दो हफ्तों तक गर्मी का असर कुछ कम रहने की उम्मीद है, हालांकि पूरी तरह से राहत नहीं मिलेगी। प्री-मानसून गतिविधियां धीरे-धीरे सक्रिय हो रही हैं, और मानसून के समय से पहले आने की संभावना भी जताई जा रही है।

नींबू के विकल्प: ₹300 किलो महंगा तो चिंता छोड़ दें अपनाएं ये 7 देसी चीजें, जो गर्माहट में साबित होंगी बेस्ट कूलिंग हैक्स

नींबू का विकल्प

1 मई 2026 को 10:11 IST पर अपडेट किया गया नींबू के विकल्प: गर्मी के कारण बाजार में गर्मी के कारण नुकसान बढ़ गया है। इसमें सेलेनियम के रेट भी शामिल हैं, भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए और खटास के लिए इसका कई तरह से इस्तेमाल किया जाता है। बढ़ते दाम की वजह से एक आम इंसान के लिए बेहद कीमती है। लेकिन क्या आपको पता है कि कुछ देसी व्यंजन अभी भी मौजूद हैं, जिनका इस्तेमाल करके आप अपने भोजन का जायका खरीद सकते हैं। आइए आपको बताते हैं ऐसे ही सात विकल्पों के बारे में…. अनुसरण करना : अमचूर पाउडर दाल- पास्ता में खटास के लिए सबसे अच्छा है। आम से बनाया जाता है। पिछली बार सब्जी पकाने के बाद इसे ऊपर से देखने पर खाने वाले का स्वाद बिल्कुल वैसा ही हो गया जैसा कि कहा जाता है। छवि: फ्रीपिक इमली इमली का प्रयोग पुरानी सब्जियों से किया जाता है। इसे पानी में सरलकर पल्प तैयार करके भर, रसेदार सब्जी और लैपटॉप में टेम्पलेट की जगह इस्तेमाल किया जाता है। ये शरीर में ठंडक बाबा का भी काम करता है। छवि: फ्रीपिक केरी गर्मियों में कच्ची आम की बहार बनी रहती है। आप इसे मानकीकृत हुई दाल में डाल सकते हैं। इसके अलावा कीक में नींबू के रस की जगह कद्दू की हुई केरीडो से विटामिन सी की प्रचुर मात्रा होती है। छवि: फ्रीपिक देही रायता, केक या कुछ खास ग्रेवी वाले डिशेज में नींबू की जगह पर दही का इस्तेमाल किया जा सकता है। दही सिर्फ खाने में ही काटा नहीं होता है, बल्कि समरसमान में डस्मों को भी लेबल किया जाता है। छवि: फ्रीपिक कूकुम का शरबत और तड़का कोकम का उपयोग तटीय क्षेत्र में विशेष रूप से किया जाता है। इसकी तासीर बहुत बेकार है। नींबू पानी की जगह कोकम का शरबत प्लांट हेल्थ के लिए बहुत बढ़िया है। छवि: फ्रीपिक अनारदाना पाउडर छोले जैसे नीबेलैण्ड की जगह अनारदाने का प्रयोग करते हैं। यह खाने में अलग-अलग फ्लेवर का स्वाद बढ़ाकर स्वाद बढ़ाता है। स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से यह है ख़ून साफ़ करने और पेट की समस्याओं में मदद। छवि: फ्रीपिक टमाटर अगर आप कीज़ में बिजली कट्टा पाना चाहते हैं, तो देशी टमाटर का उपयोग बढ़ा सकते हैं। इसमें विटामिन सी होती है, जो नींबू की कमी को पूरा करती है। छवि: फ्रीपिक द्वारा प्रकाशित : कीर्ति सोनी प्रकाशित 1 मई 2026 को 10:11 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट)नींबू के विकल्प(टी)ग्रीष्मकालीन रसोई युक्तियाँ(टी)प्राकृतिक खट्टापन(टी)अमचूर पाउडर(टी)इमली के फायदे(टी)कच्चे आम के व्यंजन(टी)बजट अनुकूल खाना बनाना(टी)विटामिन सी युक्त खाद्य पदार्थ

अप्रैल के आखिरी दिनों में 40 डिग्री पर ठहरा पारा:अभी भीषण गर्मी से राहत; मई में एक दशक में नौ बार रहा 42 डिग्री से ज्यादा तापमान

अप्रैल के आखिरी दिनों में 40 डिग्री पर ठहरा पारा:अभी भीषण गर्मी से राहत; मई में एक दशक में नौ बार रहा 42 डिग्री से ज्यादा तापमान

इंदौर में अप्रैल में इस बार भीषण गर्मी ने अपने तेज तेवर दिखाए और अधिकतम तापमान 26 अप्रैल को 43 डिग्री तक पहुंच गया। हालांकि इसके बाद तापमान में लगातार गिरावट रही। आखिरी के दो दिनों में दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस रहा। रात के तापमान में उतार-चढ़ाव रहा। गुरुवार रात तापमान 2 डिग्री लुढ़ककर 23.9 (0) डिग्री सेल्सियस रहा। अभी चार दिनों से गर्मी के तेवर कुछ नरम पड़े हैं। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक राजस्थान से आने वाली गर्म हवाओं का रुख नरम होने से इंदौर और उसके आसपास के क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक भीषण गर्मी से राहत रहेगी। अब आज से मई शुरू हो गया है। इंदौर के लिए यह माह काफी तपिश वाला रहा है। इंदौर में पिछले एक दशक में मई में 9 बार दिन का पारा 42 डिग्री के पार रहा। इसमें भी दो बार तापमान 44 डिग्री सेल्सियस रहा। तब इस तपिश ने लोगों को हलाकान कर दिया था। दरअसल मई में सतही हवाएं सामान्यत: पश्चिम से ही आती हैं। कभी-कभी दोपहर में तेज हवा चलने लगती है। गर्जन के साथ हल्की बारिश से तापमान में कमी आती है जिसकी वजह से तात्कालिक राहत मिलती है। इंदौर में 10 सालों में सिर्फ 2021 में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस रहा। दो बार 2016 और 2024 में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा रहा जिसने झुलसा दिया था। इंदौर में मई से जुड़े फैक्ट्स इंदौर में पिछले एक हफ्ते का तापमान

छतरपुर में आंधी के कारण छत से गिरी बच्ची:गेहूं समेटते समय चुनरी में हवा भरने से संतुलन बिगड़ा

छतरपुर में आंधी के कारण छत से गिरी बच्ची:गेहूं समेटते समय चुनरी में हवा भरने से संतुलन बिगड़ा

छतरपुर: जिले के राजनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत तालगांव में गुरुवार शाम एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां तेज आंधी-तूफान के दौरान एक 10 वर्षीय बच्ची छत से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गई। घायल बच्ची की पहचान रूबी (पिता ब्रजभारत पटेल) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, घटना गुरुवार शाम करीब 6 से 7 बजे की है। मौसम में अचानक बदलाव होने के बाद तेज हवा और आंधी शुरू हो गई थी। इसी दौरान रूबी अपने घर की छत पर गेहूं समेटने गई थी। बताया जा रहा है कि बच्ची ने चुनरी ओढ़ रखी थी, तभी तेज हवा के चलते चुनरी में हवा भर गई और दबाव बनने से वह असंतुलित हो गई। छत पर मुंडेर नहीं होने के कारण बच्ची सीधे करीब 10 से 12 फीट नीचे गिर गई। गिरते ही बेहोश हुई, मुंह और शरीर में गंभीर चोटें हादसे के बाद बच्ची मौके पर ही बेहोश हो गई। गिरने से उसके मुंह में गंभीर चोट आई है और दांत भी टूट गए हैं। इसके अलावा शरीर के कई हिस्सों में चोटें बताई जा रही हैं। घटना के बाद परिवार में अफरा-तफरी मच गई और परिजन तुरंत उसे उठाकर स्थानीय अस्पताल लेकर पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद बच्ची की हालत गंभीर देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया। वहां इमरजेंसी में डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया और बाद में ट्रॉमा वार्ड में भर्ती कर लिया गया। फिलहाल बच्ची का इलाज जारी है और डॉक्टर उसकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। छत पर सुरक्षा इंतजाम नहीं इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में बिना मुंडेर की छतों की समस्या को उजागर कर दिया है। तेज हवा या बारिश के दौरान ऐसे हादसों की आशंका बढ़ जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि छतों पर सुरक्षा के इंतजाम होना बेहद जरूरी है, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

राष्ट्रपति मुर्मू आज शिमला स्थित सेना प्रशिक्षण संस्थान जाएंगी:फिर दिल्ली लौटेंगी, मौसम पर निर्भर करेगी उड़ान; 5 दिन से रिट्रीट में रुकी

राष्ट्रपति मुर्मू आज शिमला स्थित सेना प्रशिक्षण संस्थान जाएंगी:फिर दिल्ली लौटेंगी, मौसम पर निर्भर करेगी उड़ान; 5 दिन से रिट्रीट में रुकी

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज (1 मई) पांच दिन के प्रवास के बाद शिमला से दिल्ली लौटेंगी। वह पिछले पांच दिनों से शिमला के समीप छराबड़ा स्थित राष्ट्रपति निवास ‘रिट्रीट’ में ठहरी हुई हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दिल्ली रवाना होने से पहले राष्ट्रपति शिमला स्थित सेना प्रशिक्षण संस्थान (आरट्रैक) का दौरा करेंगी। इसके बाद वह हेलिकॉप्टर के माध्यम से दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगी। हालांकि, राष्ट्रपति की वापसी पूरी तरह मौसम की स्थिति पर निर्भर करेगी। हिमाचल प्रदेश में पिछले चार दिनों से लगातार मौसम खराब बना हुआ है, जिसके चलते विजिबिलिटी और उड़ान संचालन प्रभावित हुआ है। यही कारण रहा कि राष्ट्रपति के 29 अप्रैल को अटल टनल रोहतांग, सिस्सू और 30 अप्रैल को एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी पालमपुर के प्रस्तावित दौरे भी रद्द करने पड़े थे। आज भी शिमला में आसमान में हल्के बादल छाए हैं। मौसम विभाग के अनुसार आज भी राज्य के कई भागों में बारिश के आसार हैं। ऐसे में आज का दिल्ली प्रस्थान भी मौसम पर निर्भर रहेगा। सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट राष्ट्रपति के दौरे को लेकर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से सतर्क हैं। सेना प्रशिक्षण कमान के लिए राष्ट्रपति की मूवमेंट के दौरान शिमला को अलग-अलग भागों से जोड़ने वाली सड़कों पर ट्रैफिक रोक दिया जाएगा। राष्ट्रपति की मूवमेंट के दौरान रोका जाएगा ट्रैफिक अप्पर शिमला से राजधानी आने वाली गाड़ियां छराबड़ा में रोकी जाएगी, जबकि सुन्नी व करसोग साइड से आने वाले वाहन मशोबरा बाइफरकेशन पर रोके जाएंगे। इसी तरह मशोबरा बाइफरकेशन से ढली चौक-समिट्री टनल-संजौली चौक-नवबहार चौक तक शहर में ट्रैफिक रोक दिया जाएगा। हर साल गर्मियों में रिट्रीट आते रहे राष्ट्रपति बता दें कि, शिमला से लगभग 13 किलोमीटर दूर छराबड़ा में राष्ट्रपति निवास ‘रिट्रीट’ है। यहां पर राष्ट्रपति हर साल गर्मियों में आते रहे हैं और पांच-छह यहां रुकने के बाद वापस लौटते हैं।

राहुल रॉय के सपोर्ट में आया AICWA:पीएम मोदी को लिखा पत्र, 60+ कलाकारों के लिए पेंशन और मेडिकल इंश्योरेंस की मांग की

राहुल रॉय के सपोर्ट में आया AICWA:पीएम मोदी को लिखा पत्र, 60+ कलाकारों के लिए पेंशन और मेडिकल इंश्योरेंस की मांग की

ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) एक्टर राहुल रॉय के वायरल वीडियो की आलोचना के बीच उनके सपोर्ट में आया है। साथ ही एसोसिएशन ने पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर 60 साल से ज्यादा उम्र के कलाकारों के लिए पेंशन और मेडिकल इंश्योरेंस की मांग की बात कही है। AICWA ने अपने ट्वीट में लिखा, स्टार बनने का सफर समय के साथ बदलता रहा है। राजेश खन्ना से लेकर शाहरुख खान तक, और अब रणवीर सिंह जैसे कलाकार हर दौर के अपने आइकॉन रहे हैं। इनमें राहुल रॉय ने 1990 में आई फिल्म आशिकी की बड़ी सफलता से अपनी अलग पहचान बनाई और अपनी पीढ़ी का चेहरा बने। हाल ही में राहुल रॉय ने मशहूर गाने तेरे दर पर सनम पर एक वीडियो शेयर किया, लेकिन दुख की बात है कि कुछ लोगों ने उनका मजाक उड़ाया और ट्रोल किया। यह व्यवहार गलत और असंवेदनशील है। ट्वीट में आगे लिखा गया, उन्होंने कभी भी गंदे बोल, गानों को बिगाड़कर या भद्दे मजाक से पॉपुलैरिटी पाने की कोशिश नहीं की, जो आजकल आम हो गया है। राहुल रॉय ने हमेशा अपने काम में इज्जत और सच्चाई बनाए रखी है। उन्होंने ध्यान खींचने के लिए कभी किसी का मजाक नहीं उड़ाया और ना ही कला को बिगाड़ा। उनके शब्द उनकी ताकत, आत्मसम्मान और मुश्किल हालात के बावजूद काम करते रहने की सोच दिखाते हैं। एसोसिएशन ने यह भी कहा कि हमने माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर 60 साल से ज्यादा उम्र के कलाकारों के लिए पेंशन और मेडिकल इंश्योरेंस शुरू करने की मांग की है। बॉलीवुड और क्षेत्रीय फिल्म इंडस्ट्री में कई सीनियर आर्टिस्ट उम्र बढ़ने के साथ काम कम मिलने पर आर्थिक और स्वास्थ्य समस्याओं से जूझते हैं। यह सच्चाई नजरअंदाज नहीं की जा सकती। एसोसिएशन ने बॉलीवुड से अपील की है कि राहुल रॉय को अच्छे प्रोजेक्ट्स में काम दिया जाए। फिल्म ‘आशिकी’ फेम राहुल रॉय ने हाल ही में एक कंटेंट क्रिएटर के साथ वायरल हुए वीडियो पर रिएक्ट करते हुए एक इमोशनल पोस्ट लिखी थी। एक्टर ने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर लिखा, मैं अपना काम ईमानदारी और विनम्रता के साथ करता हूं। मुझे कुछ लीगल मामलों के लिए पेमेंट करना है और ये आज के नहीं हैं, ये उस समय के हैं जब ब्रेन स्ट्रोक हुआ था, उससे पहले के। अगर आप मेरी सादगी का मजाक उड़ाते हैं या मेरे संघर्षों पर हंसते हैं, तो यह मेरे बारे में कम और आपके बारे में ज्यादा बताता है। उन्होंने आगे यह भी लिखा, अगर आप सच में इतने चिंतित हैं, तो मेरी मदद करें कि मुझे कोई सच्चा और अच्छा काम मिल सके, ताकि मैं इन मामलों का पेमेंट कर सकूं। कम से कम मैं मेहनत करके कमा रहा हूं, दूसरों का मजाक उड़ाकर नहीं और ब्रेन स्ट्रोक के बाद, मेरे लिए एक्टिव रहना जरूरी है। मैं जितने समय तक जीवित हूं, काम करना चाहता हूं। यह मेरे दिमाग को एक्टिव रखता है और मुझे उद्देश्य और जिम्मेदारी का एहसास कराता है कि मैं आज भी काम कर रहा हूं। हां, कभी-कभी थोड़ा दर्द हो सकता है, लेकिन आप मुझे तोड़ नहीं सकते। राहुल रॉय का यह वीडियो डॉ. वनिता घाडगे देसाई नाम के हैंडल से शेयर किया गया था। इसमें राहुल गाने ‘तेरे दर पे सनम’ पर कंटेंट क्रिएटर के साथ नजर आए। यह गाना 1993 की फिल्म ‘फिर तेरी कहानी याद आई’ का है, जिसमें राहुल के साथ पूजा भट्ट थीं। राहुल रॉय के सपोर्ट में उतरा बॉलीवुड वहीं, राहुल रॉय की पोस्ट पर कमेंट करके बॉलीवुड के कई सेलेब्स उनके सपोर्ट में आए। फिल्ममेकर फराह खान ने कमेंट करते हुए उन्हें ‘गुड लक’ कहा। वहीं, सोनू सूद ने राहुल को भाई बताते हुए लिखा,’कीप रॉकिंग ब्रदर’। एक्टर अनुपम खेर ने भी राहुल का हौसला बढ़ाते हुए उन्हें ‘बेस्ट’ बताया। वहीं, शिल्पा शिरोडकर ने कहा कि हमें वह करना चाहिए जो हमारे लिए जरूरी है, लोगों को बातें करने दें। इनके अलावा निकितिन धीर, टीना दत्ता, करणवीर बोहरा और माहिका शर्मा जैसे कलाकारों ने भी राहुल के लिए प्रार्थना की और उनके प्रति अपना प्यार जताया

तेल कंपनियों ने 2025-26 में रोजाना ₹116 करोड़ मुनाफा कमाया:पिछले वित्त-वर्ष में कच्चे तेल की कीमत कोविड के बाद सबसे कम रही

तेल कंपनियों ने 2025-26 में रोजाना ₹116 करोड़ मुनाफा कमाया:पिछले वित्त-वर्ष में कच्चे तेल की कीमत कोविड के बाद सबसे कम रही

Hindi News Business Oil Companies Earned A Daily Profit Of ₹116 Crore In 2025–26, As Crude Oil Prices Remained At Their Lowest Levels Since The COVID 19 Pandemic During The Previous Financial Year मुंबई27 मिनट पहलेलेखक: गुरुदत्त तिवारी कॉपी लिंक ईरान-अमेरिका जंग के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रेंट क्रूड गुरुवार को 126 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था, जो 4 साल का उच्चतम स्तर है। हालांकि, बाद में दाम 116 डॉलर तक ​आ गए। ऐसे में एजेंसियों के हवाले से बताया जा रहा है कि ईरान युद्ध की वजह से महंगे कच्चे तेल से देश की तेल कंपनियों को रोजाना 2,400 करोड़ का नुकसान हो रहा है। पेट्रोल पर प्रति लीटर 14 रुपए और डीजल पर 18 रुपए का नुकसान झेलना पड़ रहा है। इससे तेल कंपनियां पेट्रो मूल्य बढ़ाने का दबाव बना रही हैं। जबकि, हकीकत ये है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में कच्चे तेल के औसत दाम महज 71 डॉलर प्रति बैरल रहे, जो कोविड वर्ष 2020-21 के बाद सबसे कम हैं। युद्ध 28 फरवरी 2026 से शुरू हुआ था और 27 फरवरी तक दाम 76 डॉलर प्रति बैरल थे। ऐसे में महज 2 महीने में ही क्रूड की कीमतें चढ़ी हैं। जबकि, सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2025-26 के शुरुआती 9 महीनों में देश की चार अग्रणी तेल कंपनियों ने कुल 1.37 लाख करोड़ रु. यानी हर रोज 116 करोड़ रुपए का लाभ कमाया। हमारे लिए क्रूड का भाव $50 घट चुका 1. ईरान सीजफायर के बाद क्रूड के भाव? ईरान-अमेरिका युद्धबंदी के बाद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है। इंडियन बास्केट में कच्चे तेल के दाम, जो 150 डॉलर पहुंच गए थे, अब 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब आ गए हैं। 2. सरकार ने क्या किया? सरकार ने 27 मार्च को पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी में 10-10 रु. की कटौती की थी। इससे प्रति माह लगभग 12,000 करोड़ के राजस्व नुकसान का अनुमान लगाया है। 3. सरकार घाटे की भरपाई कैसे कर रही? सरकार ने डीजल के निर्यात पर लगने वाले ‘विंडफाल टैक्स’ का सहारा लिया है। 11 अप्रैल को सरकार ने डीजल निर्यात पर लगने वाले इस टैक्स को 21.50 रु. प्रति लीटर से बढ़ाकर सीधे 55.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया। 4. विंडफाल टैक्स से कितनी आय हो रही है? भारत से हर महीने औसतन 191 करोड़ लीटर डीजल का निर्यात होता है। विंडफाल टैक्स बढ़ाने के बाद सरकार को केवल डीजल निर्यात से ही करीब 10,500 करोड़ रु. की मासिक आय हो रही है, जो एक्साइज ड्यूटी से हुए नुकसान की काफी हद तक भरपाई कर देती है। 5. तेल कंपनियों ने क्या पाबंदियां लगाईं? कंपनियां घाटा कम करने ‘राशनिंग’ का सहारा ले रही हैं। पंप संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पिछले वर्ष की बिक्री के बराबर ही स्टॉक बेचें। एक बार में किसी भी ग्राहक को 200 लीटर से अधिक डीजल न देने के निर्देश दिए गए हैं ताकि उद्योगों को होने वाली बल्क सप्लाई को रोका जा सके। ये खबर भी पढ़ें… आज से कॉमर्शियल गैस सिलेंडर 994 रुपए तक महंगा: ऑनलाइन गेमिंग के लिए नए नियम भी लागू; मई में होने वाले 4 बड़े बदलाव कॉमर्शियल सिलेंडर आज यानी 1 मई से 994 रुपए तक महंगा हो गया है। दिल्ली में ये 3071.50 रुपए में मिल रहा है। इसके अलावा ‘ऑनलाइन गेमिंग रूल्स 2026’ प्रभावी हो गए हैं। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…