मध्य प्रदेश के धार में टायर फटने से अनियंत्रित होकर पिकअप वाहन डिवाइडर पर चढ़कर पलट गया। वाहन ने 3-4 बार पलटी खाई। इस दौरान सड़क के दूसरी ओर जाकर स्कॉर्पियो से भी टकराया। बुधवार रात करीब साढ़े 8 बजे हुए हादसे में 16 लोगों की मौत हो गई, 13 घायल हैं। मृतकों में 6 बच्चे शामिल हैं। एक्सीडेंट में नयापुरा के 9, सेमलीपुरा के 5 और रामपुरा के 2 लोगों की मौत हुई है। जान गंवाने वालों में 5 बच्चे, 8 महिलाएं और 3 युवतियां शामिल हैं। सभी का अंतिम संस्कार गुरुवार सुबह किया गया। 4 महिलाओं के शवों को एक ही चिता पर रखकर अंतिम विदाई दी गई। अपनों को खोने का गम ऐसा था कि कोई पत्नी की तस्वीर हाथ में लेकर बैठा रहा तो कोई उनके कपड़ों को एकटक देख रहा था। पत्नी की मौत से दुखी एक युवक दीवार से सटकर घंटों बैठा ही रहा। कहा- दो छोटे बच्चों को छोड़कर वो चली गई, अब उनका क्या होगा? हादसे में एक ऐसी लड़की की भी जान गई है, जिसकी तीन दिन पहले ही शादी पक्की हुई थी। एक लड़का खुद को कोसता दिखा। बोला- जब कोख में था, तब पिता चल बसे। अब मां का आंचल भी सिर से हट गया। इस दर्दनाक हादसे के बाद दैनिक भास्कर की टीम पीड़ितों के गांवों में पहुंची। दुखी परिजन से बात कर उनका हाल समझने की कोशिश की। पहले देखिए, तीन तस्वीरें… तीन दिन पहले तय हुई थी रिंकू की शादी पूर्व सरपंच मुन्नालाल ने कहा- धार जिले के तीन गांवों के 46 लोग बुधवार सुबह लेबड़ इलाके में चुकंदर की फसल काटने गए थे। सभी काम खत्म करने के बाद पिकअप में सवार होकर घर लौट रहे थे। मेरे परिवार से पांच लोग- पत्नी सुंदरबाई, ग्यारसीबाई, रिंकू, सवित्री और पोता आयुष भी साथ थे। आयुष परिवार का इकलौता वारिस था। अब कोई कमाने वाला नहीं बचा है। उन्होंने बताया कि हादसे में नयापुरा निवासी रिंकू पिता कंवरलाल की भी जान चली गई। रिंकू की तीन दिन पहले ही शादी पक्की हुई थी। रिश्ता राजगढ़ के पास करनावद गांव के मेडा परिवार में हुआ था। एक साल बाद शादी की तारीख थी। घर की स्थिति काफी खराब होने के चलते वह अक्सर मजदूरी के लिए जाया करती थी। पिता की मौत के तीसरे दिन जन्मा, अब मां भी नहीं रही सेमलीपुरा गांव की रहने वाली अंगूरी बाई की भी इस एक्सीडेंट में मौत हुई है। उसके परिवार में बुजुर्ग सास-ससुर और 14 साल का बेटा विक्रम भूरिया ही बचे हैं। विक्रम कहता है- मां सुबह काम पर जाने का कहकर निकली थी। बहू सुबह काम पर गई, शाम को मौत की खबर आई विक्रम के दादा भंवर सिंह भूरिया ने कहा- पहले बेटा चला गया। अब बहू भी इस दुनिया में नहीं रही। वह रोज की तरह काम पर गई थी। नहीं पता था कि उसकी मौत की सूचना ही आएगी। अब पोता ही हमारा सहारा है। पड़ोसी अतुल भूरिया ने बताया कि विक्रम के पिता अनिल भूरिया की 2012 में मौत हो गई थी। अनिल की मौत के तीसरे दिन विक्रम का जन्म हुआ है। मां ही उसकी परवरिश कर रही थी। जिस हाल में था, वैसा ही पत्नी-बेटी को देखने भागा गांव के ही रहने वाले पप्पू ने कहा- पत्नी संगीता रोज की तरह काम पर जाने का कहकर निकली थी। बेटी किरण भी उसके साथ गई थी। हर दिन 250 रुपए मजदूरी मिलती थी। काम खत्म कर दोनों पिकअप से वापस लौट रहे थे। रात में एक परिचित का कॉल आया कि पिकअप पलट गई है। मैं जिस हाल में था, वैसा ही घटनास्थल की ओर भागा। यहां पता चला कि पत्नी संगीता नहीं रही। बेटी किरण का पैर फ्रैक्चर हुआ है। खचाखच भरने के बाद ही लेकर जाते थे पिकअप कैलाश ने भी इस हादसे में अपने 12 साल के बेटे चंपालाल को खो दिया है। वे कहते हैं कि चार-पांच दिन पहले ही बेटे ने काम पर जाना शुरू किया था। पिकअप जब तक खचाखच नहीं भर जाती थी, ड्राइवर गाड़ी नहीं बढ़ाता था। उस दिन भी करीब 50 लोगों को बैठा रखा था। तनुश्री के पिता उमेश डावर ने बताया कि मजदूरी पर मां के साथ बेटी भी गई थी। दोनों की मौत हो गई। अब घर में दादा-दादी और मैं ही बचा हूं। हादसे से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… एकसाथ जलीं 16 चिताएं, एक चिता पर चार महिलाएं मध्य प्रदेश के धार में बुधवार रात हुए पिकअप हादसे में नयापुरा के 9, सेमलीपुरा के 5 और रामपुरा के 2 लोगों की मौत हो गई। सभी का अंतिम संस्कार गुरुवार सुबह किया गया। 4 महिलाओं के शवों को एक ही चिता पर रखा गया। अपनों को खोने वाले परिजन का बुरा हाल है। पढ़ें पूरी खबर… 16 लाशें…चिताएं और रुदन, दर्द की 17 तस्वीरें धार में बुधवार रात इंदौर-अहमदाबाद नेशनल हाईवे पर चिकलिया फाटा के पास बड़ा सड़क हादसा हुआ। करीब 50 मजदूरों से भरी ओवरलोड पिकअप का टायर फटने के बाद वह अनियंत्रित हो गया। 3-4 बार पलटी खाकर रॉन्ग साइड में स्कॉर्पियो से टकरा गया। हादसे में 16 की मौत हो गई। पढ़ें पूरी खबर…















































