2 मई को 15 बूथ पर सामूहिक मतदान, सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए शनिवार (2 मई, 2026) को दक्षिण 24 परगना के 15 पोलिंग बूथों पर फिर से वोटिंग होगी। मगराहाट वेस्ट के 11 पोलिंग बूथ और डायमंड हार्बर के चार पोलिंग बूथ पर सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक वोटिंग की जाएगी। इन नामांकन में 29 अप्रैल को दूसरे चरण में वोटिंग हुई थी, जिसे चुनाव आयोग ने रद्द कर दिया था, फिर से मतदान की घोषणा की गई है। चुनाव आयोग ने कहा कि 29 अप्रैल को मतदान के दौरान इन पोलिंग बूथों की वोटिंग कराई जाएगी, जिसके बाद यह फैसला लिया गया. मगराहाट पश्चिम विधानसभा क्षेत्र और हा डायमंडबार विधानसभा क्षेत्र के रिटर्निंग अधिकारियों और पर्यवेक्षकों से मिली मतोल के आधार पर फिर से वोटिंग डिक्लेरेशन का निर्णय लिया गया है। चुनाव आयोग ने पीपल अधिनियम, 1951 के तहत मतदान को रद्द कर दिया। चुनाव आयोग के अनुसार दक्षिण 24 परगना जिले के 77 पोलिंग बूथ पर फिर से वोट की मांग की गयी है. हालाँकि, अभी चुनाव आयोग ने सिर्फ 15 पोलिंग बूथों पर ही रिपोलिंग का शुभारंभ किया है, बाकी 62 पोलिंग बूथों पर फिर से मतदान होने की जानकारी लेकर सामने नहीं आया है। यह भी पढ़ें:- सर में नाम कट, सूची में विवरण और फिर सूची में नाम… 104 साल के बंगाल चुनाव में वीआईपी यात्रा 29 अप्रैल को दक्षिण 24 परगना के बसंती इलाके में हिंसा की घटनाएं भी सामने आईं। यहां भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार विकास सरदार पर जोरदार हमला हुआ था. जानकारी के अनुसार, बसंती में भाजपा उम्मीदवार की गाड़ी में घोड़े की गाड़ियाँ चली गईं, जिससे वहां तनाव की स्थिति बनी रही। यह इवेंट बूथ नंबर 76 पर हुआ, जहां कथित तौर पर बीजेपी उम्मीदवार विकास सरदार बूथ पर कथित तौर पर हमला किया गया। यह भी पढ़ें:- पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: बंगाल रिजल्ट से पहले फुल एक्शन में बीजेपी, इजिट पोल में जीत के अनुमान के बाद तैयार हुआ ये मास्टर प्लान अंतिम के अनुसार, जब उम्मीदवार पोलिंग बूथ का भुगतान करने गए, तो कुछ लोगों ने उन पर हमला कर दिया। इस घटना के दौरान उनकी गाड़ी में भी दुश्मनी हो गई। उनके सुरक्षा कर्मियों से हथियार छीनने की भी कोशिश की गई। आरोप है कि सेंट्रल अक्रिकेट की स्थापना के बावजूद सुरक्षा कर्मियों ने स्थिति को नियंत्रित करने या बचाव कार्य में मदद करने के लिए कोई प्रवेश नहीं दिया। इस घटना के कारण इलाके में तनाव और बढ़ गया था.
EPFO Pension Hike ₹7500 & E-Prapti Portal Launch

नई दिल्ली2 मिनट पहले कॉपी लिंक कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के लाखों सब्सक्राइबर्स और पेंशनर्स के लिए दो बड़ी खबरें सामने आई हैं। लंबे समय से कम पेंशन की शिकायत कर रहे लोगों की मांग पर सरकार अब एंप्लॉई पेंशन स्कीम (EPS-95) के तहत मिनिमम पेंशन बढ़ाने पर विचार कर रही है। इसके साथ ही, EPFO ने उन लोगों के लिए ‘ई-प्राप्ति’ नाम का एक नया पोर्टल लाने की घोषणा की है, जिनके पुराने PF अकाउंट्स बंद हैं या इन-एक्टिव पड़े हैं। इस पोर्टल की मदद से बिना UAN नंबर वाले लोग भी अपना फंसा हुआ पैसा निकाल सकेंगे। ₹7500 तक हो सकती है मंथली पेंशन, कमेटी ने दी सिफारिश वर्तमान में EPS-95 स्कीम के तहत रिटायरमेंट के बाद मेंबर्स को मिनिमम ₹1000 प्रति महीना पेंशन मिलती है। पेंशनर्स एसोसिएशन और लेबर यूनियंस का कहना है कि आज की महंगाई के दौर में यह रकम बेहद कम है। इनकी मांग है कि इसे बढ़ाकर कम से कम ₹7500 किया जाए। ईपीएफओ सूत्रों के मुताबिक, एक पार्लियामेंट्री कमेटी ने भी पेंशन बढ़ाने की सिफारिश दी है। सरकार इस पर जल्द ही बड़ा फैसला ले सकती है, जिससे लाखों बुजुर्गों को आर्थिक सहारा मिलेगा। आधार से ढूंढ पाएंगे पुराने PF अकाउंट्स, नया पोर्टल आएगा प्रोविडेंट फंड से जुड़ी दूसरी बड़ी राहत उन लोगों के लिए है, जिनके पास पुराने PF अकाउंट्स तो हैं, लेकिन उनका रिकॉर्ड नहीं है। नया पोर्टल ‘ई-प्राप्ति’ यानी ‘EPF आधार बेस्ड एक्सेस पोर्टल फॉर ट्रैकिंग इन-ऑपरेटिव अकाउंट्स’ पेश किया जाएगा। यह पोर्टल उन लोगों की मदद करेगा जिनके पास यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) नहीं है या जिनके अकाउंट पुराने समय के ‘फिजिकल मोड’ में थे। इसमें आधार कार्ड के जरिए पहचान सुरक्षित तरीके से वेरीफाई की जाएगी। 31.8 लाख अकाउंट्स बंद, 22% तो 20 साल से इन-ऑपरेटिव केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने बताया कि EPFO के पास फिलहाल कुल 31.8 लाख इन-ऑपरेटिव अकाउंट्स हैं। डेटा के मुताबिक: 41% अकाउंट्स: पिछले 5 से 10 साल से इनएक्टिव हैं। 22% अकाउंट्स: 20 साल से भी ज्यादा समय से वैसे ही पड़े हुए हैं। नया पोर्टल इन पुराने अकाउंट्स को ट्रैक करने, उन्हें मौजूदा यूएएन से जोड़ने और बैलेंस एक्टिवेट करने में मदद करेगा। इससे अब घर का कोई भी सदस्य अपना पुराना पैसा आसानी से निकाल पाएगा। ₹1,000 से कम बैलेंस का होगा ‘ऑटो-सेटलमेंट’ EPFO के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज ने एक और अहम फैसला लिया है। जिन PF अकाउंट्स में ₹1000 या उससे कम की राशि है, उन्हें अब किसी लंबी कागजी कार्यवाही की जरूरत नहीं होगी। ऐसे छोटे अमाउंट्स को ‘ऑटो-सेटलमेंट’ के जरिए सीधे खाताधारक के लिंक्ड बैंक अकाउंट में भेज दिया जाएगा। कब ‘इन-ऑपरेटिव’ माना जाता है आपका अकाउंट? नियमों के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति 55 साल की उम्र के बाद रिटायर हो गया है और उसके पीएफ अकाउंट में लगातार 3 साल तक कोई पैसा जमा नहीं हुआ है, तो उसे ‘इन-ऑपरेटिव’ मान लिया जाता है। इसके बाद उस पर ब्याज मिलना बंद हो जाता है। हालांकि, अगर उम्र 55 साल से कम है और कोई नया कंट्रीब्यूशन नहीं आ रहा, तो भी 58 साल की उम्र होने तक उस बैलेंस पर ब्याज मिलता रहता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
EPFO Pension Hike ₹7500 & E-Prapti Portal Launch

नई दिल्ली28 मिनट पहले कॉपी लिंक कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के लाखों सब्सक्राइबर्स और पेंशनर्स के लिए दो बड़ी खबरें सामने आई हैं। लंबे समय से कम पेंशन की शिकायत कर रहे लोगों की मांग पर सरकार अब एंप्लॉई पेंशन स्कीम (EPS-95) के तहत मिनिमम पेंशन बढ़ाने पर विचार कर रही है। इसके साथ ही, EPFO ने उन लोगों के लिए ‘ई-प्राप्ति’ नाम का एक नया पोर्टल लाने की घोषणा की है, जिनके पुराने PF अकाउंट्स बंद हैं या इन-एक्टिव पड़े हैं। इस पोर्टल की मदद से बिना UAN नंबर वाले लोग भी अपना फंसा हुआ पैसा निकाल सकेंगे। मंथली पेंशन ₹1000 से बढ़कर ₹7500 तक हो सकती है वर्तमान में EPS-95 स्कीम के तहत रिटायरमेंट के बाद मेंबर्स को मिनिमम ₹1000 प्रति महीना पेंशन मिलती है। पेंशनर्स एसोसिएशन और लेबर यूनियंस का कहना है कि आज की महंगाई के दौर में यह रकम बेहद कम है। इनकी मांग है कि इसे बढ़ाकर कम से कम ₹7500 किया जाए। EPFO सूत्रों के मुताबिक, एक पार्लियामेंट्री कमेटी ने भी पेंशन बढ़ाने की सिफारिश दी है। सरकार इस पर जल्द ही बड़ा फैसला ले सकती है, जिससे लाखों बुजुर्गों को आर्थिक सहारा मिलेगा। आधार से ढूंढ पाएंगे पुराना PF अकाउंट्स, नया पोर्टल आएगा प्रोविडेंट फंड से जुड़ी दूसरी बड़ी राहत उन लोगों के लिए है, जिनके पास पुराने PF अकाउंट्स तो हैं, लेकिन उनका रिकॉर्ड नहीं है। नया पोर्टल ‘ई-प्राप्ति’ यानी ‘EPF आधार बेस्ड एक्सेस पोर्टल फॉर ट्रैकिंग इन-ऑपरेटिव अकाउंट्स’ पेश किया जाएगा। यह पोर्टल उन लोगों की मदद करेगा जिनके पास यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) नहीं है या जिनके अकाउंट पुराने समय के ‘फिजिकल मोड’ में थे। इसमें आधार कार्ड के जरिए पहचान सुरक्षित तरीके से वेरीफाई की जाएगी। 31.8 लाख अकाउंट्स बंद, 22% तो 20 साल से इन-ऑपरेटिव केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने बताया कि EPFO के पास फिलहाल कुल 31.8 लाख इन-ऑपरेटिव अकाउंट्स हैं। डेटा के मुताबिक: 41% अकाउंट्स: पिछले 5 से 10 साल से इनएक्टिव हैं। 22% अकाउंट्स: 20 साल से भी ज्यादा समय से वैसे ही पड़े हुए हैं। नया पोर्टल इन पुराने अकाउंट्स को ट्रैक करने, उन्हें मौजूदा UAN से जोड़ने और बैलेंस एक्टिवेट करने में मदद करेगा। इससे अब घर का कोई भी सदस्य अपना पुराना पैसा आसानी से निकाल पाएगा। ₹1,000 से कम बैलेंस का होगा ‘ऑटो-सेटलमेंट’ EPFO के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज ने एक और अहम फैसला लिया है। जिन PF अकाउंट्स में ₹1000 या उससे कम की राशि है, उन्हें अब किसी लंबी कागजी कार्यवाही की जरूरत नहीं होगी। ऐसे छोटे अमाउंट्स को ‘ऑटो-सेटलमेंट’ के जरिए सीधे खाताधारक के लिंक्ड बैंक अकाउंट में भेज दिया जाएगा। कब ‘इन-ऑपरेटिव’ माना जाता है आपका अकाउंट? नियमों के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति 55 साल की उम्र के बाद रिटायर हो गया है और उसके पीएफ अकाउंट में लगातार 3 साल तक कोई पैसा जमा नहीं हुआ है, तो उसे ‘इन-ऑपरेटिव’ मान लिया जाता है। इसके बाद उस पर ब्याज मिलना बंद हो जाता है। हालांकि, अगर उम्र 55 साल से कम है और कोई नया कंट्रीब्यूशन नहीं आ रहा, तो भी 58 साल की उम्र होने तक उस बैलेंस पर ब्याज मिलता रहता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Vaibhav Suryawanshi No Weakness: Ian Bishop

नई दिल्ली4 मिनट पहले कॉपी लिंक वेस्टइंडीज के दिग्गज गेंदबाज इयान बिशप ने कहा है कि उन्हें वैभव सूर्यवंशी की कोई कमजोरी नजर नहीं आती है। हालांकि, पूर्व दिग्गज गेंदबाज ने अपने अनुभव के आधार पर कहा है कि उनके खिलाफ बैक ऑफ लेंथ गेंदबाजी कारगर साबित हो सकती है। 15 साल के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपने प्रदर्शन से सभी को हैरान कर दिया है। राजस्थान के इस ओपनर ने जसप्रीत बुमराह, जोश हेजलवुड और भुवनेश्वर कुमार जैसे दिग्गज गेंदबाजों पर चौके-छक्के लगाए हैं। वे इस सीजन में 400 रन बना चुके हैं। और ऑरेंज कैप की रेस में तीसरे स्थान पर हैं। IPL के ‘रिवेंज वीक’ से पहले ESPN क्रिकइंफो एक्सपर्ट इयान बिशप ने मुंबई के खराब प्रदर्शन पर भी बात की। उन्होंने दैनिक भास्कर के सवाल पर कहा कि अगर मुंबई को बाउंस बैक करना है, तो उसे अपनी गेंदबाजी बेहतर करनी होगी। उन्होंने कहा- टीम में और भी खामियां हैं, लेकिन सबसे पहले गेंदबाजी पर काम करना होगा। सूर्यवंशी के पास गेंदबाजों के सारे प्लान का जवाब 58 साल के दिग्गज गेंदबाज ने सूर्यवंशी की बैटिंग की तरीफ करते हुए कहा- उनके पास हर गेंदबाज के प्लान A से लेकर G तक का करारा जवाब है। इयान ने बताया कि टूर्नामेंट के सीनियर गेंदबाज वैभव को रोकने के लिए अलग-अलग पैंतरे आजमा रहे हैं। पिछले मैच में अर्शदीप सिंह ने लगातार यॉर्कर डालने की कोशिश की और फिर विकेट के पीछे से एंगल बदलकर गेंदबाजी की, लेकिन वैभव पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। बिशप के मुताबिक, जब एक अनुभवी गेंदबाज को किसी युवा खिलाड़ी के खिलाफ 6-7 अलग-अलग प्लान बदलने पड़ें, तो समझ जाइए कि वह खिलाड़ी खास है। बैक-ऑफ-लेंथ गेंद बन सकती है चुनौती वैभव सूर्यवंशी की कमजोर पर इयान बिशप ने कहा- ‘उनकी बैटिंग में कमजोरी ढूंढना मुश्किल है। वैभव का ‘बेस बॉल’ स्टाइल बैट स्विंग और उनकी मानसिक मजबूती उन्हें दुनिया के बेस्ट बॉलर्स के सामने बेखौफ होकर खेलने की ताकत देती है। हालांकि, बिशप ने अपने अनुभव के आधार पर सूर्यवंशी की बैटिंग में एक खामी निकाली है। उन्होंने कहा- ‘बैक-ऑफ-लेंथ’ गेंद पर वे कभी-कभी मुश्किल में पड़ते हैं। सनराइजर्स हैदराबाद के प्रफुल्ल हिंगे ने इसी लेंथ का इस्तेमाल कर उन्हें शून्य पर आउट किया था। बिशप ने यह भी कहा कि अगर गेंदबाज ने यह गेंद जरा भी मिस की, तो वैभव उसे सीधा बाउंड्री के बाहर भेजने में माहिर हैं। इयान बिशप ने अपने इंटरनेशनल करियर में 43 टेस्ट और 84 वनडे मैचों में गेंदबाजी की है। उनके नाम 279 विकेट हैं। उन्होंने 1988 में वनडे डेब्यू किया था और 1998 तक इंटरनेशनल क्रिकेट खेलते रहे हैं। जोफ्रा आर्चर को नेट सेशन में धोया सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का जिक्र करते हुए बिशप ने कहा कि वैभव का आत्मविश्वास कमाल का है। उन्होंने नेट्स पर जोफ्रा आर्चर जैसे तेज गेंदबाज की गेंदों पर भी आसानी से पुल और लॉफ्टेड शॉट लगाए हैं। बिशप का मानना है कि तकनीकी रूप से वैभव बहुत अच्छी तरह सेट हैं और अभी तक कोई भी टीम ऐसी सटीक रणनीति नहीं बना पाई है जिससे उन्हें लगातार परेशान किया जा सके। मुंबई की नाकामी के जिम्मेदार सिर्फ पंड्या नहीं बिशप ने मुंबई के खराब प्रदर्शन पर कहा- टीम की नामामी का ठीकरा सिर्फ कप्तान के सिर पर नहीं फोड़ा जा सकता है। उन्होंने कहा- सूर्यकुमार यादव और जसप्रीत बुमराह जैसे टीम के बड़े खिलाड़ियों को भी आगे आकर जिम्मेदारी उठानी होगी। IPL का रिवेंज वीक 2 मई से शुरू हो रहा है। इसकी शुरुआत मुंबई-चेन्नई मैच से होगा। यह मैच चेन्नई में खेला जाएगा। रिवेंज वीक को आप स्टार स्पोर्ट्स और जियो हाट स्टार पर देख सकते हैं। ———————————————————– IPL से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… सूर्यवंशी टी-20 में सबसे तेज 100-सिक्स लगाने की दहलीज पर IPL 2026 का 43वां मैच राजस्थान रॉयल्स और दिल्ली कैपिटल्स के बीच खेला जाएगा। मुकाबला जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से होगा। राजस्थान के वैभव सूर्यवंशी टी-20 में सबसे तेज 100 सिक्स के करीब हैं। उन्होंने 27 पारियों में 511 गेंदों पर 99 सिक्स लगाए हैं। यह रिकॉर्ड वेस्टइंडीज के कीरोन पोलॉर्ड के नाम है, जिन्होंने 843 गेंदों में 100 छक्के पूरे किए थे। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Vaibhav Suryawanshi No Weakness: Ian Bishop

नई दिल्ली21 मिनट पहले कॉपी लिंक वेस्टइंडीज के दिग्गज गेंदबाज इयान बिशप ने कहा है कि उन्हें वैभव सूर्यवंशी की कोई कमजोरी नजर नहीं आती है। हालांकि, पूर्व दिग्गज गेंदबाज ने अपने अनुभव के आधार पर कहा है कि उनके खिलाफ बैक ऑफ लेंथ गेंदबाजी कारगर साबित हो सकती है। 15 साल के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपने प्रदर्शन से सभी को हैरान कर दिया है। राजस्थान के इस ओपनर ने जसप्रीत बुमराह, जोश हेजलवुड और भुवनेश्वर कुमार जैसे दिग्गज गेंदबाजों पर चौके-छक्के लगाए हैं। वे इस सीजन में 400 रन बना चुके हैं। और ऑरेंज कैप की रेस में तीसरे स्थान पर हैं। IPL के ‘रिवेंज वीक’ से पहले ESPN क्रिकइंफो एक्सपर्ट इयान बिशप ने मुंबई के खराब प्रदर्शन पर भी बात की। उन्होंने दैनिक भास्कर के सवाल पर कहा कि अगर मुंबई को बाउंस बैक करना है, तो उसे अपनी गेंदबाजी बेहतर करनी होगी। उन्होंने कहा- टीम में और भी खामियां हैं, लेकिन सबसे पहले गेंदबाजी पर काम करना होगा। सूर्यवंशी के पास गेंदबाजों के सारे प्लान का जवाब 58 साल के दिग्गज गेंदबाज ने सूर्यवंशी की बैटिंग की तरीफ करते हुए कहा- उनके पास हर गेंदबाज के प्लान A से लेकर G तक का करारा जवाब है। इयान ने बताया कि टूर्नामेंट के सीनियर गेंदबाज वैभव को रोकने के लिए अलग-अलग पैंतरे आजमा रहे हैं। पिछले मैच में अर्शदीप सिंह ने लगातार यॉर्कर डालने की कोशिश की और फिर विकेट के पीछे से एंगल बदलकर गेंदबाजी की, लेकिन वैभव पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। बिशप के मुताबिक, जब एक अनुभवी गेंदबाज को किसी युवा खिलाड़ी के खिलाफ 6-7 अलग-अलग प्लान बदलने पड़ें, तो समझ जाइए कि वह खिलाड़ी खास है। बैक-ऑफ-लेंथ गेंद बन सकती है चुनौती वैभव सूर्यवंशी की कमजोर पर इयान बिशप ने कहा- ‘उनकी बैटिंग में कमजोरी ढूंढना मुश्किल है। वैभव का ‘बेस बॉल’ स्टाइल बैट स्विंग और उनकी मानसिक मजबूती उन्हें दुनिया के बेस्ट बॉलर्स के सामने बेखौफ होकर खेलने की ताकत देती है। हालांकि, बिशप ने अपने अनुभव के आधार पर सूर्यवंशी की बैटिंग में एक खामी निकाली है। उन्होंने कहा- ‘बैक-ऑफ-लेंथ’ गेंद पर वे कभी-कभी मुश्किल में पड़ते हैं। सनराइजर्स हैदराबाद के प्रफुल्ल हिंगे ने इसी लेंथ का इस्तेमाल कर उन्हें शून्य पर आउट किया था। बिशप ने यह भी कहा कि अगर गेंदबाज ने यह गेंद जरा भी मिस की, तो वैभव उसे सीधा बाउंड्री के बाहर भेजने में माहिर हैं। इयान बिशप ने अपने इंटरनेशनल करियर में 43 टेस्ट और 84 वनडे मैचों में गेंदबाजी की है। उनके नाम 279 विकेट हैं। उन्होंने 1988 में वनडे डेब्यू किया था और 1998 तक इंटरनेशनल क्रिकेट खेलते रहे हैं। जोफ्रा आर्चर को नेट सेशन में धोया सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का जिक्र करते हुए बिशप ने कहा कि वैभव का आत्मविश्वास कमाल का है। उन्होंने नेट्स पर जोफ्रा आर्चर जैसे तेज गेंदबाज की गेंदों पर भी आसानी से पुल और लॉफ्टेड शॉट लगाए हैं। बिशप का मानना है कि तकनीकी रूप से वैभव बहुत अच्छी तरह सेट हैं और अभी तक कोई भी टीम ऐसी सटीक रणनीति नहीं बना पाई है जिससे उन्हें लगातार परेशान किया जा सके। मुंबई की नाकामी के जिम्मेदार सिर्फ पंड्या नहीं बिशप ने मुंबई के खराब प्रदर्शन पर कहा- टीम की नामामी का ठीकरा सिर्फ कप्तान के सिर पर नहीं फोड़ा जा सकता है। उन्होंने कहा- सूर्यकुमार यादव और जसप्रीत बुमराह जैसे टीम के बड़े खिलाड़ियों को भी आगे आकर जिम्मेदारी उठानी होगी। IPL का रिवेंज वीक 2 मई से शुरू हो रहा है। इसकी शुरुआत मुंबई-चेन्नई मैच से होगा। यह मैच चेन्नई में खेला जाएगा। रिवेंज वीक को आप स्टार स्पोर्ट्स और जियो हाट स्टार पर देख सकते हैं। ———————————————————– IPL से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… सूर्यवंशी टी-20 में सबसे तेज 100-सिक्स लगाने की दहलीज पर IPL 2026 का 43वां मैच राजस्थान रॉयल्स और दिल्ली कैपिटल्स के बीच खेला जाएगा। मुकाबला जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से होगा। राजस्थान के वैभव सूर्यवंशी टी-20 में सबसे तेज 100 सिक्स के करीब हैं। उन्होंने 27 पारियों में 511 गेंदों पर 99 सिक्स लगाए हैं। यह रिकॉर्ड वेस्टइंडीज के कीरोन पोलॉर्ड के नाम है, जिन्होंने 843 गेंदों में 100 छक्के पूरे किए थे। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
जयपुर में सूर्यवंशी का पहली गेंद पर चौका,अगली पर बोल्ड:राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग हुए चोटिल; दिल्ली ने 7 विकेट से हराया

जयपुर के SMS स्टेडियम में खेले गए IPL मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स ने राजस्थान रॉयल्स को 7 विकेट से हरा दिया। राजस्थान के कप्तान रियान पराग ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। ओपनर बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने स्टार्क की पहली गेंद पर सिक्स मारा, लेकिन ओवर की तीसरी गेंद पर आउट हो गए। राजस्थान की पारी के दूसरे ओवर में वैभव सूर्यवंशी ने पहली बॉल पर चौका लगाया और अगली गेंद पर बोल्ड हो गए। इसके बाद कप्तान रियान पराग ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 50 गेंद में 90 रन की पारी खेली। उनके अलावा डोनोवन फरेरा ने 14 गेंद में 47 रन और ध्रुव जुरेल ने 30 गेंद में 42 रन की शानदार पारी खेली। राजस्थान ने 20 ओवर में 225 रन बनाए। 226 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दिल्ली को सलामी बल्लेबाजों ने शानदार शुरुआत दी। पथुम निसांका ने 33 गेंद में 62 रन और केएल राहुल ने 40 गेंद में 75 रन की पारी खेली। वहीं नीतीश राणा ने 17 गेंद में 33 रन बनाए। आखिर में स्टब्स ने 18 और आशुतोष शर्मा ने 25 रन की पारी खेलकर टीम को जीत दिला दी। फिल्डिंग के दौरान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग के पैर की मांसपेशियों में खिंचाव आ गया, जिसके कारण उनको मैदान से बाहर जाना पड़ा। राजस्थान के साथ ही अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में दर्शक अपनी-अपनी टीम को सपोर्ट करने पहुंचे थे। पास की कालाबाजारी करने वाली गैंग पकड़ी उधर, जयपुर पुलिस ने IPL मैच के पास की कालाबाजारी करने वाली गैंग पकड़ी है। डीएसटी साउथ टीम ने छापेमारी कर 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों से 13 वीवीआईपी पास बरामद किए। वहीं दूसरी ओर SMS स्टेडियम में पार्किंग के लिए लोगों को बड़ी राशि खर्च करनी पड़ रही है। टू व्हीलर के लिए 149 प्लस जीएसटी राशि निर्धारित की गई है। 4 व्हीलर के लिए चार कैटेगरी में पैसे वसूले जा रहे हैं। सिल्वर कैटेगरी में 399 प्लस जीएसटी, गोल्ड कैटेगरी में 599 में प्लस जीएसटी, प्लैटिनम कैटेगरी में 749 प्लस जीएसटी। वहीं एलीट क्लास में 999 + जीएसटी वसूली जा रही है। मैच से जुड़ी फोटोज…
पदक विजेताओं को मिलेगी आउट ऑफ टर्न नौकरी:खेल मंत्री ने किया टेनिस बॉल क्रिकेट का शुभारंभ; कहा- अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के लिए खुद को तैयार करें

उत्तराखंड टेनिस बॉल क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा आयोजित प्रतियोगिता का खेल मंत्री ने भव्य शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए प्रदेश सरकार की खेल नीतियों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी। उद्घाटन समारोह में बड़ी संख्या में खिलाड़ी, कोच, अभिभावक और खेल प्रेमी मौजूद रहे। प्रतिभाओं को निखारने का मिलता है मंच मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचीं खेल मंत्री ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं छिपी हुई प्रतिभाओं को निखारने का एक मजबूत मंच प्रदान करती हैं। उन्होंने आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से ही प्रदेश में एक नई और सकारात्मक खेल संस्कृति को दिशा मिलती है। खिलाड़ियों का भविष्य सुरक्षित कर रही सरकार खिलाड़ियों के सुरक्षित भविष्य को लेकर मंत्री ने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड सरकार पूरी तरह से उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने पदक विजेताओं को आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरी देने का प्रावधान लागू किया है। इसके साथ ही, राज्य की सरकारी नौकरियों में खिलाड़ियों के लिए 4 प्रतिशत का कोटा भी तय किया गया है, ताकि वे बिना किसी चिंता के अपने खेल पर फोकस कर सकें। आने वाले अंतरराष्ट्रीय इवेंट्स सुनहरा मौका आने वाले समय में होने वाले बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों का जिक्र करते हुए खेल मंत्री ने कहा कि प्रदेश के खिलाड़ियों के पास अपनी प्रतिभा दिखाने का यह एक सुनहरा अवसर है। सरकार इसके लिए बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं और प्रोत्साहन योजनाओं के माध्यम से हर संभव सहयोग दे रही है। निरंतर प्रयास ही सफलता की कुंजी अपने संबोधन के अंत में उन्होंने खिलाड़ियों को सफलता का मंत्र दिया। मंत्री ने कहा, “अनुशासन, समर्पण और कड़ी मेहनत के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ें। हार और जीत खेल का हिस्सा है, लेकिन बिना रुके किया गया प्रयास ही सफलता की असली कुंजी है।” उन्होंने सफल आयोजन के लिए पूरी टीम को बधाई दी और खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
ट्रेड यूनियन बोला-नए लेबर कोड श्रमिकों के लिए डेथ वारंट:मजदूर दिवस पर कहा- 10 हजार में मजदूरों से 12-12 घंटे काम लिया जा रहा

नीमच में अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस पर सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन ने गांधी वाटिका में सभा की। इस दौरान मजदूर नेताओं ने सरकार की नीतियों और नए लेबर कोड को लेकर जमकर गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने साफ मांग रखी कि काम के घंटे 8 ही रहने चाहिए और कम से कम इतना वेतन जरूर मिले जिससे घर चल सके। सभा में कामरेड विजय बैरागी और निरंजन गुप्ता ने बताया कि आज जो मजदूरों को 8 घंटे काम की सुविधा मिली है, उसके लिए शिकागो के शहीदों ने अपनी जान दी थी। उन्होंने अफसोस जताया कि आज के दौर में मजदूर एक बार फिर उन्हीं पुरानी मुसीबतों से घिर गए हैं, जिनके खिलाफ सालों पहले लड़ाई लड़ी गई थी। पुलिसिया कार्रवाई और शोषण पर नाराजगी सुनील शर्मा और नितेश यादव ने कहा कि दिल्ली, हरियाणा और मध्य प्रदेश के फैक्ट्रियों में हालात खराब हैं। आरोप लगाया गया कि जब मजदूर अपने हक की बात करते हैं, तो उन पर पुलिस का इस्तेमाल किया जाता है और उन्हें जेल में डाल दिया जाता है। नेताओं ने यह भी कहा कि नीमच और आसपास के इलाकों में मजदूरों से 12-12 घंटे काम लिया जा रहा है, जो सरासर शोषण है। महंगाई और कम वेतन की मार कैलाश चंद्र सेन और मुकेश बाबा ने बताया कि आज के दौर में 8 से 10 हजार रुपए की सैलरी में मकान का किराया देना, बच्चों को पढ़ाना और इलाज कराना नामुमकिन हो गया है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि दुनिया में चल रहे युद्ध और महंगाई का सारा बोझ मजदूरों और किसानों की कमर तोड़ रहा है। नए लेबर कोड को बताया ‘डेथ वारंट’ आशा कार्यकर्ता सुनीता धाकड़ ने साल 2025 से लागू हुए चार नए लेबर कोड पर कड़ा एतराज जताया। उन्होंने इसे मजदूरों के लिए ‘डेथ वारंट’ (मौत का फरमान) बताते हुए कहा कि इससे पक्की नौकरियां खत्म हो जाएंगी और मजदूर पूरी तरह से ठेकेदारों के रहमोकरम पर बंधुआ बनकर रह जाएंगे। किसान और मजदूर मिलकर लड़ेंगे लड़ाई आखिर में युवा किसान नेता राधेश्याम नागदा ने कहा कि जिस तरह किसानों ने लंबी लड़ाई लड़कर कृषि कानून वापस कराए थे, अब वैसे ही मजदूर और किसान मिलकर सरकार की इन नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे। सभा में बड़ी संख्या में मजदूर और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
Epstein Suicide Note Found by Fellow Inmate; Court Sealed

18 मिनट पहले कॉपी लिंक जेफ्री एपस्टीन के सेल की तस्वीर। यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के मरने से पहले उनके सुसाइड नोट लिखने का दावा किया गया है। यह कथित सुसाइड नोट पिछले करीब 7 साल से न्यूयॉर्क की अदालत में सील है। इस वजह से इसे अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक एपस्टीन की मौत की जांच कर रही एजेंसियों को भी यह अहम सबूत नहीं मिला। अगर यह नोट सच में एपस्टीन ने लिखा था, तो यह उनकी मानसिक स्थिति के बारे में अहम जानकारी दे सकता था। रिपोर्ट के मुताबिक, यह नोट जुलाई 2019 में एपस्टीन के साथी कैदी निकोलस टारटाग्लियोने को मिला था। उस समय एपस्टीन जेल में बेहोश हालत में मिला था और उनकी गर्दन पर कपड़ा बंधा हुआ था। उस घटना में उनकी जान बच गई थी। लेकिन कुछ हफ्तों बाद जेल में उनकी मौत हो गई, जिसे मेडिकल अधिकारियों ने आत्महत्या बताया। जेल के इसी कमरे में मृत मिला था एपस्टीन। नोट में लिखा- अब अलविदा कहने का समय है टारटाग्लियोने के मुताबिक, इस नोट में लिखा था कि जांच एजेंसियों ने महीनों तक एपस्टीन की जांच की, लेकिन कुछ भी नहीं मिला। नोट में यह भी लिखा था, ‘आप मुझसे क्या चाहते हैं, क्या मैं रोऊं? अब अलविदा कहने का समय है।’ हालांकि, अमेरिकी जस्टिस डिपोर्टमेंट का कहना है कि उनके पास यह नोट नहीं है, इसलिए वे इसकी पुष्टि नहीं कर सकते। फेडरल जज के कहने पर नोट सील किया गया रिपोर्ट के मुताबिक, यह नोट बाद में टारटाग्लियोने के अपने आपराधिक केस का हिस्सा बन गया और एक फेडरल जज ने इसे सील कर दिया। इसी वजह से एपस्टीन की मौत की जांच करने वालों को यह अहम सबूत नहीं मिल पाया। न्यूयॉर्क टाइम्स ने हाल ही में अदालत से इस नोट को सार्वजनिक करने की मांग की है। इसी बीच, रिकॉर्ड में मौजूद दो पेज की टाइमलाइन बताती है कि टारटाग्लियोने के वकीलों ने इस नोट को असली बताया, लेकिन कैसे, यह साफ नहीं है। जस्टिस डिपार्टमेंट की प्रवक्ता ने कहा कि एपस्टीन केस से जुड़े सभी दस्तावेज जुटाने के लिए एजेंसी ने व्यापक कोशिश की, जिसमें जेल ब्यूरो और इंस्पेक्टर जनरल ऑफिस के रिकॉर्ड भी शामिल थे। इसके बावजूद यह नोट उनके पास नहीं है। एपस्टीन की मौत के बाद सुरक्षा में कई खामियां जस्टिस डिपार्टमेंट के मुताबिक, एपस्टीन की मौत के बाद मैनहट्टन करेक्शनल सेंटर की सुरक्षा में कई खामियां सामने आईं, जिससे उनकी मौत पर कई सवाल और थ्योरी उठीं। जुलाई की घटना के बाद एपस्टीन ने अधिकारियों से कहा था कि टारटाग्लियोने ने उन पर हमला किया, लेकिन बाद में कहा कि उन्हें अपने साथी कैदी से कोई दिक्कत नहीं थी। टारटाग्लियोने पहले पुलिस अधिकारी थे और चार हत्याओं के मामले में 2023 में दोषी ठहराए गए हैं। वे चार उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। उन्होंने हमेशा एपस्टीन पर हमला करने के आरोप से इनकार किया है और अपनी बेगुनाही का दावा किया है। जेफ्री एपस्टीन के साथी कैदी निकोलस टारटाग्लियोने। यह तस्वीर 23 जुलाई, 2019 की है। एक किताब के अंदर मिला था सुसाइड नोट टारटाग्लियोने के मुताबिक, उन्हें यह नोट अपनी जेल के कमरे में एक किताब के अंदर मिला था। उन्होंने कहा कि यह पीले कागज पर लिखा था, जो लीगल पैड से फाड़ा गया था। उन्होंने यह नोट अपने वकीलों को दे दिया, ताकि अगर एपस्टीन उन पर आरोप लगाते रहें, तो यह उनके बचाव में काम आ सके। टाइमलाइन के मुताबिक 27 जुलाई 2019– एपस्टीन की आत्महत्या की कोशिश के ठीक चार दिन बाद, टारटाग्लियोने ने अपने वकील ब्रूस बार्केट को इस नोट के बारे में बताया। बाद में दूसरे वकील जॉन वीडर को यह नोट लेने के लिए कहा गया। वकीलों ने दो बार इसे प्रमाणित करने की कोशिश की, लेकिन शुरुआत में सफलता नहीं मिली। 2019 के अंत या 2020 की शुरुआत में इस सुसाइड नोट को प्रमाणित किया गया। आखिरकार जज केनेथ करास ने आदेश दिया कि यह नोट अदालत को सौंपा जाए। जॉन वीडर ने बताया कि उन्होंने खुद यह नोट कोर्ट में जमा कराया था, लेकिन उन्हें यह याद नहीं है कि इसमें क्या लिखा था। बाद में वकीलों के बीच विवाद के चलते इससे जुड़े दस्तावेज भी सील कर दिए गए। कोर्ट के प्रवक्ता ने इस पर कोई टिप्पणी करने से इनकार किया, लेकिन कहा कि ऐसे सील रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के लिए कोर्ट के वॉल्ट में रखे जाते हैं। ——————– यह खबर भी पढ़ें… सऊदी क्राउन प्रिंस का सलाहकार बनना चाहता था एपस्टीन:द्वीप पर ‘मस्जिद’ बनवाई, उसमें सोने का गुंबद, मक्का से कपड़े और उज्बेकिस्तान के टाइल्स लगवाए सेक्स अपराधी जेफ्री एपस्टीन सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान का सलाहकार बनना चाहता था। उसने मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में कई साल तक अपने संबंध बनाए। वह एक तरफ बिजनेस के मौके ढूंढ रहा था, और दूसरी तरफ इस्लाम से जुड़ी दुर्लभ और धार्मिक चीजें भी इकट्ठा कर रहा था। उसने इन चीजों को अपने कैरेबियन द्वीप पर बनी एक विवादित इमारत को सजाने में इस्तेमाल किया, जिसे वह ‘मस्जिद’ कहता था। उसने मक्का की काबा से किस्वा मंगवाई। किस्वा वह कपड़ा होता है जिस पर सोने से कुरान की आयतें कढ़ी होती हैं और इसे काबा पर चढ़ाया जाता है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Aditya Dhars Humility Praised by Wife Yami Gautam Post Dhuran Success

9 मिनट पहले कॉपी लिंक आदित्य धर की फिल्म ‘धुरंधर’ के दोनों पार्ट्स ने मिलकर वर्ल्डवाइड 3000 करोड़ रुपए का बड़ा कलेक्शन कर लिया है। इस बड़ी कामयाबी के बीच यामी गौतम ने पति और फिल्ममेकर आदित्य धर के व्यवहार और उनकी सोच को लेकर कई बातें साझा की हैं। यामी का कहना है कि इतनी बड़ी सफलता के बाद भी आदित्य के तेवर जरा भी नहीं बदले हैं और वे पहले की तरह ही विनम्र हैं। आदित्य पहले की तरह ही विनम्र यामी ने ग्राजिया इंडिया को दिए इंटरव्यू में आदित्य के बारे में कहा, एक इंसान के तौर पर हममें कुछ भी नहीं बदला है। इसकी वजह आदित्य की पर्सनैलिटी है। वह बिल्कुल भी दिखावा नहीं करते और बेहद विनम्र हैं। मैंने उन्हें लाइफ के अलग-अलग दौर से गुजरते देखा है। कई उतार-चढ़ाव और कमजोर पल भी आए, लेकिन हमने कभी अपनी निराशा बाहर नहीं निकाली। हम दोनों आध्यात्मिकता पर विश्वास रखते हैं और भगवान के शुक्रगुजार हैं। मां के सपोर्ट से कर पा रही हूं काम यामी ने मदरहुड और करियर के बैलेंस पर भी बात की। उन्होंने कहा, “मां बनने के बाद मैं काम कर पा रही हूं, यह मेरे स्ट्रॉन्ग सपोर्ट सिस्टम की वजह से मुमकिन हुआ है। मुझे अपनी फैमिली और खासकर अपनी मां से बहुत मदद मिलती है। इतने छोटे बच्चे को सेट पर ले जाना सही नहीं होता है। बच्चा आपके दिल का टुकड़ा होता है, जब दोनों पेरेंट्स काम कर रहे हों तो उसे किसके भरोसे छोड़ेंगे? इसलिए फैमिली का साथ होना बहुत जरूरी है।” अब बेटे को समय दे रहे हैं आदित्य यामी ने बताया कि फिलहाल वे काम में बिजी हैं और आदित्य की दोनों फिल्में रिलीज हो चुकी हैं, इसलिए अब आदित्य घर पर बेटे वेदविद के साथ वक्त बिता रहे हैं। उन्होंने कहा, हमारी और फैमिली की प्रायोरिटी हमेशा से बच्चा रहा है। बच्चे के लिए आप पहले से कुछ प्लान नहीं कर सकते, आपको बस फ्लो के साथ रहना पड़ता है। अभी आदित्य वेदविद के साथ रह सकते हैं, जो हमारे लिए सबसे बड़ी खुशी है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔







