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Punjab CM Bhagwant Mann Daughter Row | Commercial Cylinder Price Hike

Punjab CM Bhagwant Mann Daughter Row | Commercial Cylinder Price Hike

. पंजाब में आज की सबसे बड़ी खबर विधानसभा की कार्यवाही से जुड़ी रही। एक तरफ CM भगवंत मान के व्यवहार ने विरोधियों को चौंका दिया। कांग्रेस ने विधानसभा का दरवाजा बंद कर CM और विधायकों की एल्कोमीटर से जांच की मांग कर दी। वहीं दूसरी तरफ CM भगवंत मान ने 6 राज्यसभा सांसदों के छोड़ने के बाद विधानसभा में विश्वासमत पेश किया। दिनभर की 10 चुनिंदा बड़ी खबरों को VIDEO में देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन 10 बड़ी खबरों को विस्तार से यहां पढ़ भी सकते हैं। तो आइए जानते हैं, पंजाब-चंडीगढ़ में दिनभर में क्या कुछ खास रहा… 1. CM ने विधानसभा में विश्वास मत पेश किया 6 राज्यसभा सांसदों के आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़ने के बाद CM भगवंत मान ने पंजाब विधानसभा में विश्वास मत पेश किया। उन्होंने कहा कि आजकल अफवाहों का बाजार गर्म रहता है। नेगेटिव खबरें तेजी से फैलती हैं। चर्चा चल रही आम आदमी पार्टी के विधायक चले जााएंगे। यह लोगों में भ्रम पैदा करती है। इस दौरान AAP विधायकों ने कहा कि वह CM भगवंत मान और AAP सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल के साथ खड़े हैं। इसके बाद सीएम के विश्वासमत को सर्वसम्मति से पास कर दिया गया। इस दौरान सदन में कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा के विधायक मौजूद नहीं थे। (पढ़ें पूरी खबर) 2. कांग्रेस MLA पर भड़के पंजाब CM, बोले- मेरी बेटी के बारे बकवास करता है मजदूर दिवस को लेकर पंजाब विधानसभा के सेशन में जमकर हंगामा हो गया। CM भगवंत मान सीधे कांग्रेस MLA सुखपाल खैहरा से भिड़ गए। मान ने कहा कि तू (खैहरा) तो मेरी बेटी के बारे बोलता है। मैं उसे पंजाबी पढ़ाऊंगा। यह बकवास करता है। इसका विधानसभा के खर्च पर इलाज करवाओ। इस दौरान खैहरा के पैर पर पैर रखकर बैठने को लेकर भी बवाल मचा। सीएम ने कहा कि जो विधायक नहीं, वह भी सही ढंग से बैठे हैं। इस दौरान स्पीकर ने खैहरा को पैर पर पैर रखकर न बैठने को कहा। इस दौरान नेता विपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि विधानसभा का दरवाजा बंद करो और सबका एल्कोमीटर से टेस्ट कराओ।इस दौरान विधानसभा में मजदूरों को लेकर प्रस्ताव पेश किया गया। जिस पर चर्चा के बाद उसे पास कर दिया गया। (पढ़ें पूरी खबर) 3. कॉमर्शियल सिलेंडर ₹1000 तक महंगा; होटल-ढाबों, शादी के खाने का खर्च बढ़ेगा पंजाब में कमर्शियल सिलेंडर के रेट एक हजार रुपए तक बढ़ गए हैं। HP का 19 किलो वाला रेगुलर कॉमर्शियल सिलेंडर 2,190 की जगह अब 3,190 रुपए में मिलेगा। इंडेन का 19 किलो वाला सिलेंडर पर 993 रुपए महंगा मिलेगा। लुधियाना में रेगुलर कमर्शियल सिलेंडर की 2100 रुपए कीमत थी जो बढ़कर 3092 रुपए हो गई। चंडीगढ़ में अब कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत 3092 रुपए हो जाएगी। पहले 2100 रुपए का था। बता दें कि कमर्शियल सिलेंडर तीन तरह के होते हैं- 19 किलोग्राम रेगुलर, 19 किलोग्राम एक्स्ट्रा तेज, तीसरा 19 किलोग्राम नैनो कट। सभी के रेट में बढ़ोतरी हुई है। गैस सिलेंडर के दाम में बढ़ोतरी का सबसे बड़ा असर होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग बिजनेस पर पड़ेगा। बढ़ती लागत के कारण खाने-पीने की चीजें महंगी हो सकती हैं।(पढ़ें पूरी खबर) 4. गैंगस्टर सुक्खा काहलवां के राइट हैंड का मर्डर, कार में लुढ़की मिली लाश कपूरथला में शुक्रवार तड़के कुख्यात गैंगस्टर रहे सुक्खा काहलवां के राइट हैंड गोपी जैरामपुर की हत्या कर दी गई। उसकी लाश कार की सीट पर लुढ़की मिली। वह ड्राइविंग सीट पर बैठा था, उसी दौरान हमलावरों ने उस पर हमला कर दिया। हमले की प्लानिंग इतनी सटीक थी कि उसे भागने तक का टाइम नहीं मिली। कुछ गोलियां कार के फ्रंट शीशे पर भी लगीं। गोपी सुक्खा काहलवां के मर्डर का आखिरी गवाह था। इससे पहले बाकी सारे गवाह मुकर गए लेकिन वह गवाही पर कायम था। एसएसपी गौरव तूरा ने कहा कि मृतक के खिलाफ तीन आपराधिक मामले दर्ज थे, जिनमें अवैध हथियार, डकैती और एक मामला एनडीपीएस एक्ट से संबंधित था। उसकी हत्या करने वालों की जांच की जा रही है।(पढ़ें पूरी खबर) 5. चंडीगढ़ से राजपुरा अब 30 मिनट में चंडीगढ़ से राजपुरा, पटियाला, संगरूर, मानसा और बठिंडा जाने वाले लोगों का सफर आने वाले समय में आसान हो जाएगा। केंद्र सरकार ने चंडीगढ़ से राजपुरा तक बनने वाले रेल ट्रैक के लिए भूमि अधिग्रहण का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। 18.11 किलोमीटर लंबी इस लाइन के लिए मोहाली और पटियाला जिले के कई गांव शामिल किए गए हैं। रेलवे ट्रैक बनने से पंजाब का मालवा क्षेत्र चंडीगढ़ से सीधा जुड़ जाएगा। राजपुरा के लिए कोई सीधी ट्रेन न होने के कारण अभी करीब डेढ़ घंटे तक समय लगता है। नई लाइन से समय घटकर करीब आधा घंटा रह जाएगा। प्रोजेक्ट के लिए कुल 443.29 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। (पढ़ें पूरी खबर) 6. बेअदबी के नए कानून के तहत पहली FIR पंजाब में बने नए बेअदबी कानून के तहत पहली FIR दर्ज की गई है। यह केस मुक्तसर जिले के मलोट की घटना को लेकर हुआ है। जिसमें वार्ड नंबर 10 में गुटका साहिब के फटे हुए अंग मिले थे। DSP हरजीत सिंह ने बताया गुटका साहिब के फटे अंग मिलने के बाद सिख संगत ने इन्हें पास के गुरुद्वारे में पहुंचाया और पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। जिसके बाद बेअदबी करने वालों के खिलाफ नए कानून के तहत केस दर्ज कर CCTV कैमरे खंगाले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उनकी पहचान के लिए CCTV कैमरे खंगाले जा रहे हैं। वहीं सिख संगत ने चेतावनी दी कि 10 दिन में कार्रवाई न हुई तो फिर संघर्ष किया जाएगा (पढ़ें पूरी खबर) 7. पंजाब में घर बैठे कैसे करें स्वगणना, OTP किसे देना; स्टेप बाय स्टेप डिटेल पढ़ें पंजाब के 23 जिलों में जनगणना की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके पहले चरण में 14 मई तक स्वगणना होगी। यानी लोग कहीं से भी ऑनलाइन अपनी जानकारी भर सकेंगे। यह पोर्टल रोजाना सुबह 6 बजे से रात 12 बजे तक काम करेगा। जो लोग ऑनलाइन जानकारी नहीं भरेंगे, उनके घर सरकारी कर्मचारी जाकर पहले की तरह जानकारी जुटाएंगे। वहीं, जिन्होंने ऑनलाइन

भास्कर एनालिसिसमौज के बदले मौत! जिम्मेदार आंधी नहीं, अंधा-बहरा सिस्टम है:आंधी की चेतावनी और NGT-सुप्रीम कोर्ट के आदेश न दिखे-न सुने, अब लाशें गिन रहे हो

भास्कर एनालिसिसमौज के बदले मौत! जिम्मेदार आंधी नहीं, अंधा-बहरा सिस्टम है:आंधी की चेतावनी और NGT-सुप्रीम कोर्ट के आदेश न दिखे-न सुने, अब लाशें गिन रहे हो

लाइफ जैकेट… जिसमें जिंदगी ही नहीं बची थी। उसमें था मां के साथ लिपटे एक मासूम का शव! जबलपुर के बरगी डैम हादसे के बाद किसी चमत्कार की आस लगाए बैठे बचाव दल और परिवार के लिए वो पल झकझोर देने वाला था… जब मां-बेटे का शव बाहर निकाला गया। बेटे को बचा लेने की . इन मां-बेटे के साथ जितने भी लोग उस क्रूज की सवारी पर निकले थे… मौज में थे। निश्चिंत थे। ऐसे किसी हादसे की भनक तक नहीं थी। अब उन्हें नहीं पता था कि जिस सरकारी तंत्र पर भरोसा कर वो इस सफर पर निकले हैं, वो खुद अंधा-बहरा है। उसे नहीं सुनाई दी वो चेतावनी जो मौसम विभाग 4 घंटे पहले ही जारी कर चुका था। चेतावनी छोड़िए, NGT और सर्वोच्च न्यायालय का वो आदेश तक नहीं पढ़ा-सुना जिसमें कहा गया था कि डीजल से चलने वाले ये क्रूज किसी भी कीमत पर नदी-डैम में न चलाए जाएं। …और उस पर मंत्री की ये स्वीकारोक्ति कि आदेश के बारे में पता ही नहीं है। वाह! क्या सिस्टम है…क्या तंत्र है। और क्या जिम्मेदार हैं हमारे। इनके लिए जिम्मेदार शब्द का उपयोग ही बेमानी सा लगता है। क्रूज पर सवार लोग गा रहे हैं, बातचीत कर रहे हैं। लाल घेरे में बेटे को गोद में लेकर बैठी मां। लापरवाहियों की ये फेहरिस्त पढ़िए बैन के बाद भी डीजल से चलने वाला क्रूज चलाया जा रहा था। रोज 6 फेरे लगाता था। मौसम विभाग ने आंधी की चेतावनी जारी की, फिर भी क्रूज को रोका नहीं गया, जबकि हवा की रफ्तार 74 किमी प्रतिघंटा से ज्यादा पहुंच गई थी। आंधी शुरू होने, लहरें क्रूज के अंदर आने और क्रूज के डगमगाने पर लोगों ने किनारे लगाने का कहा, लेकिन फिर भी आगे बढ़े। लाइफ जैकेट के लिए सख्ती नहीं की गई, कई लोगों ने नहीं पहना, जबकि इसका पालन सख्ती से किया जाना चाहिए था अब जब सिस्टम सच में इतना नकारा है तो आम इंसान ये कैसे मान सकता है कि वो सुरक्षित रहेगा। फिर चाहे धार की उस सड़क पर चलने वाला हो, जिस पर 16 जिंदगियां खत्म हो गईं या जबलपुर का बरगी डैम जिसमें 9 लोगों की जल समाधि बन गई। 9 ही क्यों? कई तो अब तक मिले नहीं हैं। मैं अपने शब्दों के लिए क्षमा मांगता हूं, लेकिन आप ये तसल्ली जरूर रख सकते हैं कि मौतों के बाद यहां नौटंकियां बहुत होंगी। दौरे होंगे। ढांढस बंधाने नेता आएंगे। बड़ी-बड़ी बातें करेंगे। लाशें गिनेंगे…और मुआवजे के नाम पर हर जिंदगी की कीमत चुकाने की बात करेंगे, लेकिन क्या इन 2-4 लाख रुपए से अपनों को खोने का दर्द भुलाया जा सकेगा? उनकी पूर्ति की जा सकेगी? क्या उनके अपने लौट आएंगे? यदि हां! तो इससे दोगुनी राशि हम आपको देते हैं। लौटा दो। लौटा दो उस मासूम बच्चे की जिंदगी जो उसी कोख से लिपटी हुई खत्म हो गई…जिससे वो जन्मा था। लौटा दो किसी की मां, किसी की बेटी…किसी की पत्नी। लौटा दो धार हादसे में जान गंवाने वाले एक ही परिवार के वो 9 लोग। एक ही चिता पर जल चुकी वो 5 महिलाएं। वो रिश्ते। अपनी लाइफ जैकेट में 4 साल के बच्चे को इस तरह समेटे मिली मां। …छोड़िए! आप कुछ नहीं लौटा सकते। आप सिर्फ तमाशबीन हैं। वही रहेंगे। आपको न ये दर्द दिखेगा। न रुदन सुनाई देगा। आप तो अंधे-बहरे हैं न। और नहीं हैं, इन जिंदगियों की परवाह है… तो कीमत बांटना छोड़कर एक-एक जिम्मेदार को सबक सिखाइए। आपकी हर चूक को दुरुस्त करते जाइए। इंसाफ का थोड़ा भरोसा जगा है क्योंकि मुख्यमंत्री ने जांच के आदेश दे दिए हैं, लेकिन कहीं इसका हश्र बाकी जांचों जैसा न हो जाए। क्योंकि अब कमेटी बनेगी। बयान होंगे, लेकिन क्या सच में सिस्टम से जुड़े पॉवरफुल लोगों तक उस कमेटी की जांच और उसकी आंच पहुंच सकेगी? क्या वो सिस्टम के इन ताकतवर चेहरों से सवाल कर पाएगी? क्योंकि जब बात निकलेगी तो विभाग के मंत्री तक भी जाएगी। जिले के प्रमुख की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी। टूरिज्म डिपार्टमेंट, क्रूज का संचालन करने वाला महकमा, चेतावनी अनसुना करने वाला सिस्टम…और भी बहुत कुछ घिरेगा। तो क्या आप इन पर सच में एक्शन ले पाआओ? क्या सच में सबक सिखा पाओगे? … और नहीं कर पाओ, तो खबरदार हो जाइए। भास्कर आपकी ऐसी हर चूक के खिलाफ मोर्चा खोलेगा। सिस्टम की हर वो पोल खोलेगा जो जानलेवा है, जो जनता की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहा है। तो खुद सुधारिए…या एक्सपोज के लिए तैयार रहिए। अब सिस्टम की एक-एक खामी सामने लाई जाएगी। ————- यह खबरें भी पढ़ें MP के क्रूज हादसे में अब तक 9 शव मिले:जबलपुर में 4 साल के बेटे को छाती से चिपकाए मिली मां; 3 बच्चों समेत 4 लापता मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में गुरुवार शाम करीब 5 बजे पर्यटन विभाग का एक क्रूज अचानक आई तेज आंधी के चलते डूब गया। अब तक 9 शव मिल चुके हैं। प्रशासन के मुताबिक, 28 लोगों को बचा लिया गया है। तीन बच्चों सहित 4 लोग लापता हैं। पढ़ें पूरी खबर जबलपुर में क्रूज डूबने से पहले के 2 VIDEO:म्यूजिक-मस्ती में डूबे थे लोग, लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी; अंदर आ रही थीं ऊंची लहरें मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में गुरुवार शाम क्रूज डूबने से ठीक पहले के दो वीडियो सामने आए हैं। पहले वीडियो में क्रूज के अंदर का नजारा दिख रहा है, जिसमें टूरिस्ट म्यूजिक और मस्ती में डूबे नजर आ रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर

क्या पंजाब विधानसभा में नशे में धुत होकर पहुंचे थे भगवंत मान? विपक्ष ने की अल्कोहल टेस्ट की मांग, मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया | भारत समाचार

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आखरी अपडेट:01 मई, 2026, 17:52 IST कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल ने पंजाब के सीएम भगवंत मान पर राज्य विधानसभा में नशे में धुत होकर पहुंचने का आरोप लगाया और सभी आप विधायकों के शराब परीक्षण की मांग की। पंजाब विधानसभा में विपक्षी विधायकों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर विधानसभा परिसर में शराब पीकर लाने का आरोप लगाया। पंजाब विधानसभा में शुक्रवार को एक दिवसीय विशेष सत्र के दौरान उस समय बड़ा विवाद खड़ा हो गया जब कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर नशे की हालत में राज्य विधानसभा में पहुंचने का आरोप लगाया और शराब परीक्षण की मांग की। विवाद तब शुरू हुआ जब मान ने कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा द्वारा विधानसभा में कथित तौर पर मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने पर आपत्ति जताई, जिसके बाद खैरा ने पिछले सत्र के दौरान दर्शक दीर्घा में बैठी मान की पत्नी का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “उन्होंने खुद को सुधारा। वह सदन की सदस्य नहीं हैं। आपने मेरी बेटी को भी निशाना बनाया।” तू रहने दे… ए बकवास करदा ये बंदा (आप इसे छोड़ें… यह आदमी बकवास कर रहा है)” मान ने अस्पष्ट भाषण देते हुए कहा। पंजाब स्पीकर ने अल्कोहल टेस्ट की मांग खारिज की गुस्सा बढ़ने पर खैरा ने मान पर राज्य विधानसभा में नशे की हालत में पहुंचने का आरोप लगाया और अल्कोहल परीक्षण की मांग की। इन मांगों का समर्थन कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा ने किया, जिन्होंने कहा कि सभी विधायकों को अल्कोहल मीटर परीक्षण से गुजरना चाहिए। बाजवा ने पंजाब विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर अनिवार्य अल्कोहल मीटर और पीजीआईएमईआर मेडिकल टीम द्वारा सभी विधायकों का डोप परीक्षण कराने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक सीएम खुद को स्पष्ट नहीं कर देते, कांग्रेस विधायक कार्यवाही में शामिल नहीं होंगे। यह बेहद शर्मनाक है अगर माननीय मुख्यमंत्री वास्तव में नशे की हालत में इस प्रतिष्ठित सदन में आए हैं, जैसा कि साथी विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने आरोप लगाया है। ऐसा आचरण विधानसभा की गरिमा पर आघात है। मैं इसे बनाए रखने के लिए तत्काल एल्को-मीटर परीक्षण की अपनी मांग दोहराता हूं… pic.twitter.com/d6vDRVX9WA– प्रताप सिंह बाजवा (@Partap_Sbajwa) 1 मई 2026 हालांकि, पंजाब विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवान ने अल्कोहल टेस्ट की मांग को खारिज कर दिया, जिसके बाद सभी कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा से वॉकआउट कर दिया। मान ने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा, ”सत्र की शुरुआत सकारात्मक रही… लेकिन कांग्रेस हमेशा सदन से बाहर जाने का बहाना ढूंढती है।” खैरा ने बाद में संवाददाताओं से कहा, “मुख्यमंत्री बार-बार उठे और विपक्षी सदस्यों के खिलाफ, मेरे खिलाफ कई तरह के सवाल उठाए। जब ​​मैं उनके आचरण को देख रहा था, तो यह स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा था कि आज उन्होंने शराब पी रखी है। वह वैसे भी शराबी हैं। लेकिन आज विधानसभा में पहली बार हमने देखा कि वह शराब पीकर आए हैं।” शिरोमणि अकाली दल, भाजपा की प्रतिक्रिया इस बीच, शिरोमणि अकाली दल ने भी मान पर नशे की हालत में विधानसभा में आने का आरोप लगाया। पार्टी ने कहा, “शिरोमणि अकाली दल की मांग है कि मुख्यमंत्री आज पूरे पंजाब के सामने डोप टेस्ट कराएं ताकि पंजाबियों को भी सच्चाई पता चल सके।” और भी बहुत कुछ @भगवंतमान ‘अतिरिक्त लाभ’ के बारे में अधिक जानें मेरे पास एक अच्छा विकल्प है मेरे पास एक अच्छा विकल्प है, मुझे एक और चीज़ मिलनी चाहिए एक और विकल्प चुनें और भी बहुत कुछ है ठीक है… pic.twitter.com/zuszvbRWea– शिरोमणि अकाली दल (@A Kali_Dal_) 1 मई 2026 हाल ही में भाजपा के लिए आप छोड़ने वाली स्वाति मालीवाल ने भी शराब परीक्षण की मांग दोहराई। उन्होंने कहा, “एक आदमी जो केवल नींद के दौरान शराब से दूर रहता है, वह पंजाब कैसे चला सकता है? सीएम मान को अल्कोहल टेस्ट कराना चाहिए और दोषी पाए जाने पर उन्हें सीएम पद से हटा देना चाहिए।” पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा कि अगर यह घटना सच पाई गई तो यह पंजाब की प्रतिष्ठा पर धब्बा होगी। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ”जो सीट कभी प्रताप सिंह और कैप्टन अमरिन्दर सिंह जैसे नेताओं के पास थी, वहां अगर कोई पंजाब के मुख्यमंत्री के रूप में नशे में धुत होकर आता है, तो यह राज्य के लिए अपमान है।” मान, आप ने आरोपों से इनकार किया इस बीच, आम आदमी पार्टी (आप) ने विपक्षी विधायकों द्वारा लगाए गए आरोपों का खंडन किया, पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने इसे मुख्यमंत्री को बदनाम करने की साजिश बताया। समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए मान ने कहा कि कांग्रेस के पास उठाने के लिए कोई मुद्दा नहीं है, उन्होंने कहा, “और क्या परीक्षण किया जाना चाहिए?” उन्होंने यह भी कहा कि आप से बड़े पैमाने पर दलबदल की अफवाहों के बावजूद कांग्रेस विश्वास प्रस्ताव पर मतदान के दौरान अनुपस्थित थी। #घड़ी | चंडीगढ़: पंजाब के सीएम भगवंत मान कहते हैं, “…उन सभी अटकलों पर आज विराम लग गया है जो कह रहे थे कि AAP के 65 या 40 विधायक जा रहे हैं।” pic.twitter.com/k9HazXZlYp – एएनआई (@ANI) 1 मई 2026 पंजाब के कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत ने कांग्रेस के लिए एक निर्वाचित राज्य प्रमुख के खिलाफ “झूठे आरोप” लगाना “शर्मनाक” बताया, जो श्रमिकों के कल्याण और बेहतरी पर चर्चा करना चाहता था। सत्तारूढ़ AAP द्वारा मजदूर दिवस को चिह्नित करने और पंजाब के श्रमिक वर्ग को श्रद्धांजलि देने के लिए विशेष सत्र बुलाया गया था, पंजाब के छह सहित AAP के कई राज्यसभा सांसदों के इस्तीफा देने और भाजपा में शामिल होने के कुछ दिनों बाद। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : चंडीगढ़, भारत, भारत न्यूज़ इंडिया क्या पंजाब विधानसभा में नशे में धुत होकर पहुंचे थे भगवंत मान? विपक्ष ने की अल्कोहल टेस्ट की मांग, सीएम ने दी प्रतिक्रिया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)भगवंत मान अल्कोहल टेस्ट(टी)पंजाब विधानसभा विवाद(टी)नशे

जमीन के लालच में पिता को नशा मुक्ति केंद्र भेजा:शिवपुरी में कोर्ट की तारीख से पहले बेटों पर साजिश का आरोप; 17 बीघा जमीन का विवाद है

जमीन के लालच में पिता को नशा मुक्ति केंद्र भेजा:शिवपुरी में कोर्ट की तारीख से पहले बेटों पर साजिश का आरोप; 17 बीघा जमीन का विवाद है

शिवपुरी में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां जमीन के लालच में दो बेटों ने अपने ही पिता को नशे का आदी बताकर नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती करा दिया। मामला तब उजागर हुआ जब पीड़ित का चचेरा भाई तलाश करते हुए केंद्र पहुंचा और उसे मिलने नहीं दिया गया, इसके बाद शुक्रवार को उसने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। जानकारी के मुताबिक गुना जिले के श्यामपुर निवासी जगदीश रघुवंशी ने बताया कि उनके चचेरे भाई गंगाराम रघुवंशी को उनके ही बेटों ने साजिश के तहत नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती करा दिया। बेटे 20 साल पहले अलग रहने लगे थे बताया जा रहा है कि गंगाराम की पत्नी और उनके दो बेटे सतीश और विक्की करीब 20 साल पहले अलग रहने लगे थे। इसी दौरान उन्होंने चालाकी से गंगाराम के नाम की करीब 17 बीघा जमीन अपने नाम करा ली थी, जिसकी कीमत करीब एक करोड़ रुपए बताई जा रही है। अब जब जमीन के नामांतरण की प्रक्रिया चल रही थी, तब गंगाराम ने इस पर आपत्ति दर्ज करा दी। यह मामला एसडीएम न्यायालय में विचाराधीन है। 16 अप्रैल को केस की तारीख लगी थी और अगली सुनवाई 30 अप्रैल को तय थी। आरोप- बेटों ने अगवा करवाकर भर्ती किया आरोप है कि 20 अप्रैल को जब गंगाराम एक शादी समारोह में शामिल होने गुना आए थे, तभी उनके बेटों ने उन्हें अगवा कर लिया और शिवपुरी के एक नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती करा दिया। आरोप है कि बेटों का मकसद था कि गंगाराम 30 अप्रैल की कोर्ट तारीख पर उपस्थित न हो सकें, जिससे वे जमीन पर कब्जा कर सकें। जगदीश रघुवंशी ने गंगाराम की गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। जब वह तलाश करते हुए नशा मुक्ति केंद्र पहुंचे तो उन्हें मिलने नहीं दिया गया, जिससे शक और गहरा गया। इसके बाद उन्होंने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। केंद्र मैनेजर बोले- नशे की हालत में लाए गए थे मामले में नशा मुक्ति केंद्र प्रबंधन की लापरवाही भी सामने आई है। केंद्र के मैनेजर ब्रजेश पाठक का कहना है कि गंगाराम को उनके बेटे लेकर आए थे और वह नशे की हालत में थे। दस्तावेजों की जांच के बाद ही उन्हें भर्ती किया गया था। हालांकि बाद में परिजनों की आपत्ति पर गंगाराम को उनकी इच्छा अनुसार छोड़ दिया गया। वहीं नशा मुक्ति केंद्र से बाहर आने के बाद गंगाराम रघुवंशी ने आरोप लगाया कि उनके बेटे उनकी जमीन हड़पना चाहते हैं और इसी वजह से उन्हें जबरन वहां भर्ती कराया गया।

क्या बृजभूषण शरण सिंह सपा में जा रहे हैं? संकेत, अखिलेश यादव की प्रशंसा ईंधन बज़ | राजनीति समाचार

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आखरी अपडेट:01 मई, 2026, 17:47 IST अखिलेश यादव की तारीफ, बीजेपी के अंदरुनी असंतोष और बैकचैनल चर्चाओं के बीच बृजभूषण शरण सिंह के समाजवादी पार्टी में जाने की संभावना तेज हो गई है. फिलहाल, बृजभूषण शरण सिंह का कहना है कि वह भाजपा के साथ बने रहेंगे, हालांकि वह अतीत में अन्य दलों से ऑफर मिलने की बात स्वीकार करते हैं। (एपी फोटो, फाइल) भाजपा के वरिष्ठ नेता बृजभूषण शरण सिंह ने एक बार फिर अटकलें तेज कर दी हैं, यह चर्चा तेज हो गई है कि वह 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी में शामिल हो सकते हैं। हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन हालिया टिप्पणियों, राजनीतिक संकेतों और रिपोर्ट की गई बैकचैनल बातचीत से पता चलता है कि सिंह और सपा प्रमुख अखिलेश यादव के बीच चर्चा निर्णायक चरण में पहुंच सकती है। इन अटकलों को तब नई गति मिली जब सिंह ने लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भाजपा विधायक अनुपमा जयसवाल से मिलने के लिए सार्वजनिक रूप से यादव की प्रशंसा की। कठिन समय के दौरान एक राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी तक पहुंचने के यादव के भाव को सिंह ने राजनीतिक परिपक्वता और नेतृत्व का एक उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि यादव की यात्रा के बाद, कई भाजपा नेताओं ने भी यह सुझाव दिया कि सपा नेता ने एक मिसाल कायम की है। एक विरोध प्रदर्शन के दौरान जलने से घायल होने के बाद यादव जायसवाल से मिलने गए थे। महिला आरक्षण के मुद्दे पर एक विरोध प्रदर्शन के दौरान यादव के पुतले को आग लगाने की कोशिश में बहराईच से भाजपा विधायक अनुपमा जयसवाल झुलस गई थीं। उनकी यात्रा ने न केवल अपने मानवीय पहलू के लिए बल्कि गहरे ध्रुवीकृत माहौल में दिए गए राजनीतिक संदेश के लिए भी ध्यान आकर्षित किया। हाल के महीनों में सिंह द्वारा यादव की बार-बार की गई प्रशंसा ने इस सिद्धांत को बल दिया है कि वह एक बदलाव की तैयारी कर रहे हैं। साथ ही, सिंह ने भाजपा के भीतर असंतोष व्यक्त किया है। हाल ही में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में बोलते हुए, उन्होंने कहा कि पार्टी के विस्तार के कारण कई वरिष्ठ नेताओं को किनारे कर दिया गया है, और नए प्रवेशकर्ता अक्सर पुराने पार्टी कार्यकर्ताओं को सहकर्मियों के बजाय प्रतिद्वंद्वी के रूप में देखते हैं। इन टिप्पणियों को पार्टी की आंतरिक संरचना की सूक्ष्म आलोचना के रूप में देखा जा रहा है। उनका असंतोष आंशिक रूप से 2024 के लोकसभा चुनावों से उपजा हुआ प्रतीत होता है, जब उन्हें टिकट से वंचित कर दिया गया और उनकी जगह उनके बेटे को टिकट दे दिया गया। पिछले साल एक पॉडकास्ट में, सिंह ने दावा किया था कि उन्हें जनता की भावना से नहीं बल्कि एक “साजिश” के तहत हटाया गया था, और उन्होंने दावा किया कि वह सक्रिय चुनावी राजनीति में लौट आएंगे। उन्होंने उस अवधि के दौरान यादव के समर्थन को भी स्वीकार किया जब उन्हें गंभीर आरोपों का सामना करना पड़ा, यह देखते हुए कि सपा नेतृत्व ने इस मुद्दे को राजनीतिक रूप से नहीं बढ़ाया। सिंह ने कहा कि अगर किसी को लगता है कि वह “बोझ” बन गए हैं, तो उन्हें खुलकर कहना चाहिए और वह 2027 के विधानसभा और 2029 के आम चुनावों में अपनी प्रासंगिकता प्रदर्शित करेंगे। इस टिप्पणी को व्यापक रूप से एक चुनौती और एक संकेत के रूप में पढ़ा गया है कि उन्होंने अपने विकल्प खुले रखे हैं। सूत्र बताते हैं कि कोई भी संभावित कदम पूर्वी उत्तर प्रदेश, विशेषकर गोंडा, बलरामपुर और अयोध्या जैसे जिलों में सीट-बंटवारे और राजनीतिक प्रभाव पर निर्भर हो सकता है। माना जाता है कि सिंह 20 से 25 विधानसभा क्षेत्रों में उम्मीदवारों के चयन में भूमिका चाह रहे हैं, एक ऐसी मांग जो सपा नेतृत्व के साथ बातचीत को जटिल बना सकती है। हालांकि, यूपी के राजनीतिक पर्यवेक्षकों ने कहा कि सिंह 2008 में बीजेपी से निकाले जाने के बाद एसपी में शामिल हुए थे और 2009 का लोकसभा चुनाव एसपी के टिकट पर जीते थे। दिवंगत मुलायम सिंह यादव के साथ उनका लंबे समय से जुड़ाव और अखिलेश यादव के साथ उनका निरंतर तालमेल वर्तमान घटनाक्रम में गहराई जोड़ता है। लखनऊ के डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में राजनीति विज्ञान विभाग के प्रमुख शशिकांत पांडे ने कहा कि सिंह का बड़ा बेटा वर्तमान में विधायक है, जबकि उनका छोटा बेटा संसद सदस्य के रूप में कार्यरत है। पांडे ने कहा, “सपा में पूर्ण बदलाव से उनकी सौदेबाजी की स्थिति मजबूत हो सकती है, लेकिन जटिलताएं भी पैदा हो सकती हैं, जिसमें उनके बेटे की संसदीय सदस्यता का संभावित नुकसान भी शामिल है। दूसरी ओर, एक आंशिक कदम उनके राजनीतिक आधार के बीच भ्रम पैदा कर सकता है।” पांडे ने कहा कि, यादव के लिए, स्थिति पर सावधानीपूर्वक विचार करने की आवश्यकता है। सिंह को पार्टी में लाने से पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में, खासकर कुछ जाति समूहों के बीच, सपा की स्थिति मजबूत हो सकती है। “बृज भूषण शरण सिंह का पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों, खासकर गोंडा, बलरामपुर और बहराईच जैसे जिलों में महत्वपूर्ण प्रभाव बना हुआ है। यदि वह समाजवादी पार्टी में शामिल होते हैं, तो इससे कुछ प्रमुख जाति समूहों के बीच पार्टी की स्थिति मजबूत हो सकती है। हालाँकि, समाजवादी पार्टी को अपनी व्यापक सामाजिक गठबंधन रणनीति के साथ इसे संतुलित करना होगा। साथ ही, सिंह की विवादास्पद पृष्ठभूमि और पिछड़े वर्गों, दलितों और अल्पसंख्यकों का गठबंधन बनाने के एसपी के व्यापक प्रयास को देखते हुए राजनीतिक जोखिम की भी संभावना है,” पांडे ने बताया। पूरी अटकलों पर यादव ने संभलकर जवाब दिया. जब सिंह से सपा में संभावित प्रवेश के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, “भाजपा के भीतर, विशेष रूप से पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समुदाय के लोग आहत और अपमानित महसूस कर रहे हैं और छोड़ना चाहते हैं। जहां तक ​​पूर्व सांसद और गोंडा के एक नेता का सवाल है, जो अतीत में हमारे साथ जुड़े रहे हैं, केवल वही बता सकते हैं कि राजनीति क्या दिशा लेगी।” हालाँकि, बयान न तो इसकी पुष्टि करता है और न ही संभावना से इनकार करता है, लेकिन व्याख्या के लिए जगह छोड़ता है। फिलहाल, सिंह का कहना

तमिलनाडु में चुनाव के बाद टीवीके के ऑफिस में दुकान, पोस्ट भी दर्ज, पुलिस में शिकायत दर्ज, ईसी से पास की मांग

तमिलनाडु में चुनाव के बाद टीवीके के ऑफिस में दुकान, पोस्ट भी दर्ज, पुलिस में शिकायत दर्ज, ईसी से पास की मांग

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित चार मई को होने वाली गणित की गिनती से पहले घटना से हलचल। तमिलनाडु में विधानसभा के चुनाव के बाद शुक्रवार (1 मई, 2026) को थलपति विजय की पार्टी तमिलंगा वेत्री कजगम (टीवीके) के तिरुचिरापल्ली जिले के श्रीरंगम विधानसभा क्षेत्र में स्थित लालची की घटना सामने आई है। इसके साथ ही ऑफिस से पार्टी के सभी पोस्टर और बैनर भी लगाए गए हैं। इस घटना को लेकर थलपति विजय की पार्टी टीवीके ने स्थानीय पुलिस के पास अवैध शिकायत दर्ज कराई है। इसके अलावा पार्टी ने चुनाव आयोग में हस्तक्षेप की भी मांग की है. टीवीके शोक ने अज्ञात लोगों पर लगाया आरोप त्रिचिरापल्ली (त्रिचि) जिले के श्रीरंगम विधानसभा क्षेत्र से टीवीके के दावेदार टीवीके राकेश ने पार्टी इलेक्शन ऑफिस में तीखी आलोचना की है। उन्होंने इस मामले को लेकर सवाल उठाया है कि श्रीरंगम विधानसभा क्षेत्र में कौन सा सागर सागर में हो सकता है? उन्होंने कहा, ‘त्रिची के श्रीरांगल विधानसभा क्षेत्र के अंडानलूर यूनियन के पेट्टवैथलाई क्षेत्र में स्थित मेरा पंचायत कार्यालय आज शुक्रवार (1 मई, 2026) की सुबह अज्ञात लोगों की तरफ से आग लगने की घटना को पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया है।’ वहां सभी लगे बैनर और पोस्टर भी दिए गए हैं।’ शिकायत दर्ज पुलिस स्टेशन दक्षिणी पार्टी के यूनियन सचिव घटना के बाद तमिलगा वेत्री कजगम (टीवीके) के यूनियन सचिव ने स्थानीय पुलिस स्टेशन में अवैध कब्जे और पार्टी की संपत्ति को नष्ट करने के आरोप में अवैध रूप से दर्ज शिकायत दर्ज की है। उन्होंने पुलिस से जल्द से जल्द दोषियों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार कर उन पर तत्काल सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। 4 मई को टेम्प्लेट में होनहार है स्टॉक्स की गिनती उल्लेखनीय है कि तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में पिछले शनिवार गुरुवार (23 अप्रैल, 2026) को एक चरण के मतदान के साथ बहुमत हो गया है। अब चुनाव आयोग की ओर से सोमवार (4 मई, 2026) को चुनाव में वोटों की गिनती और सर्वे की घोषणा की जाएगी। ध्यान देने वाली बात यह है कि इस बार चुनाव के बाद आए एस्कॉलिट पोल में टीवीके को जनता का काफी समर्थन मिला। यह भी पढ़ें: मध्य पूर्व की तरह अगर भारत में कूड़ा जंग तो देश कितना तैयार, डीआरडीओ प्रमुख ने बताया कब तैयार होगा सुदर्शन चक्र (टैग्सटूट्रांसलेट)तमिलनाडु(टी)टीवीके(टी)थलपति विजय(टी)तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026(टी)चुनाव आयोग(टी)तमिलनाडु(टी)टीवीके(टी)थलपति विजय(टी)तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026(टी)चुनाव आयोग

बुरहानपुर विधायक चिटनिस ने फोफनार क्षेत्र का निरीक्षण किया:5-7 गांवों में कम वोल्टेज, अनियमित बिजली आपूर्ति की समस्या पर अफसरों से चर्चा

बुरहानपुर विधायक चिटनिस ने फोफनार क्षेत्र का निरीक्षण किया:5-7 गांवों में कम वोल्टेज, अनियमित बिजली आपूर्ति की समस्या पर अफसरों से चर्चा

बुरहानपुर विधायक अर्चना चिटनिस ने जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से चली आ रही वोल्टेज समस्या को लेकर शुक्रवार दोपहर फोफनार और तुरकगुराड़ा क्षेत्र का स्थल निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बिजली कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा की और बड़गांव से तुरकगुराड़ा ग्रिड तक 33 केवी विद्युत लाइन के अधूरे कार्य को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्य की गुणवत्ता और समय सीमा का विशेष ध्यान रखने पर जोर दिया। फोफनार स्थित विद्युत केंद्र पर अत्यधिक दबाव के कारण आसपास के 5 से 7 गांवों में कम वोल्टेज, बिजली के उतार-चढ़ाव और अनियमित आपूर्ति की समस्या बनी हुई थी। इससे किसानों, ग्रामीणों और छोटे व्यवसायियों को लगातार परेशानी हो रही थी। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए विधायक अर्चना चिटनिस के प्रयासों से वर्ष 2018 में तुरकगुराड़ा में 33-11 केवी विद्युत उपकेंद्र की स्थापना स्वीकृत हुई थी। लगभग 2.25 करोड़ रुपए की लागत से इसका निर्माण पूरा हो चुका है। शुरुआत में शासकीय भूमि उपलब्ध न होने के कारण परियोजना में देरी हुई थी, लेकिन लगातार प्रयासों से भूमि उपलब्ध कराकर कार्य पूर्ण कराया गया। विधायक ने तकनीकि सुधारों के निर्देश दिए वर्तमान में फोफनार ग्रिड से तुरकगुराड़ा उपकेंद्र को बिजली आपूर्ति की जा रही है, लेकिन अत्यधिक लोड के कारण वोल्टेज की समस्या बनी हुई है। इसलिए बड़गांव से तुरकगुराड़ा तक 33 केवी लाइन का शीघ्र पूरा होना आवश्यक है, ताकि लोड संतुलित हो सके और विद्युत आपूर्ति में सुधार आए। उपकेंद्र के पूरी तरह से चालू होने के बाद बड़सिंगी, मैथा खारी, भावसा, एकझिरा, चिड़ियापानी, बोरगांव, संग्रामपुर, पिपरी सहित कई गांवों को स्थिर और सुचारू बिजली आपूर्ति मिल सकेगी। निरीक्षण के दौरान जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि प्रदीप पाटिल, कृषि समिति अध्यक्ष किशोर पाटिल, नितिन महाजन, दत्तु महाजन, विद्युत मंडल के अधीक्षण यंत्री कुंवरसिंह मालवीय, कार्यपालन यंत्री जितेंद्र कुमार पाल, कनिष्ठ यंत्री नसीम अंसारी, जनप्रतिनिधि और स्थानीय ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित थे। विधायक चिटनिस ने अधिकारियों से कार्य की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली और तकनीकी सुधारों के निर्देश भी दिए। बिजली आपूर्ति आवश्यक उल्लेखनीय है कि बुरहानपुर क्षेत्र में केला, गन्ना, कपास और हल्दी जैसी नकदी फसलों का व्यापक उत्पादन होता है, जिसके लिए नियमित और पर्याप्त बिजली आपूर्ति अत्यंत आवश्यक है। इस परियोजना के पूर्ण होने से किसानों को सिंचाई में सुविधा मिलेगी, उत्पादन में वृद्धि होगी और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

CITU Demands Noida Protest Workers Release

CITU Demands Noida Protest Workers Release

Hindi News Career CITU Demands Noida Protest Workers Release | ILO Probe Police Action 9 मिनट पहले कॉपी लिंक आज ‘इंटरनेशनल लेबर डे’ है। एक ओर दुनिया इस दिन को मजदूरों के योगदान और उनके अधिकारों को बढ़ावा देने के रूप में मना रही है, तो वहीं दूसरी तस्वीर अपने हक के लिए प्रदर्शन करते भारतीय मजदूरों की है, जिनके हिस्से आपराधिक मुकदमे और जेल की चारदीवारी आई। ये मजदूर नोएडा प्रोटेस्ट में अपने हक की मांग करते प्रदर्शनकारी हैं। नोएडा के गौतम बुद्ध नगर में फैक्ट्री वर्कर्स प्रोटेस्ट के बाद अब 1 मई को ‘लेबर डे’ के अवसर पर पहले से ही सिक्योरिटी टाइट कर दी गई है। बड़ी कंपनियों के बाहर पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस के मुताबिक लॉ एंड ऑर्डर बनाए रखने के लिए ड्रोन कैमरे से इंडस्ट्रियल इलाकों में निगरानी भी की जा रही है। नोएडा में सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर प्रोटेस्ट हुए थे नोएडा में 9 अप्रैल से फैक्ट्री वर्कर्स ने सैलरी बढ़ाने और बेहतर वर्किंग कंडिशन जैसी मांगों को लेकर प्रोटेस्ट किया था। 13 अप्रैल को प्रदर्शन हिंसक हो गया था। भीड़ पर काबू पाने के लिए पुलिस बल ने लाठीचार्ज किया था। कुछ मजदूरों पर FIR दर्ज कर कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस ने लगभग 350 प्रोटेस्टर्स को जेल में डाला था। सरकार और पुलिस की इस कार्रवाई के खिलाफ 27 अप्रैल को दिल्ली की सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन यानी CITU ने इंटरनेशनल लेबर ऑर्गेनाइजेशन (ILO) को लिखित शिकायत भेजी है। नाबालिग समेत 1100 से ज्यादा मजदूर हिरासत में यूनियन नेताओं का कहना है कि जब हड़ताल शुरू हुई थी, तब उत्तर प्रदेश में अनस्किल्ड लेबर्स की न्यूनतम मजदूरी सिर्फ 11,314 रुपए थी। उनका कहना है कि दिल्ली-NCR जैसे महंगे इलाके में मजदूरों से इतनी कम कमाई में गुजारा करने की उम्मीद की जा रही है, जिसमें बुनियादी जरूरतें भी पूरी नहीं होतीं। पिछले दस साल में यहां रहने का खर्च कई गुना बढ़ चुका है, लेकिन वर्कर्स के लिए मिनिमम वेज उसके मुताबिक नहीं बढ़ा है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि करीब 350 नाबालिग और 800 वयस्कों को कासना (गाजियाबाद) में हिरासत में रखा गया है। पुलिस और सरकार की ज्यादती की स्वतंत्र जांच की मांग इंटरनेशनल लेबर ऑर्गेनाइजेशन (ILO) को लिखित शिकायत में CITU ने नोएडा में वर्कर्स के मौलिक अधिकारों से वंचित रखने और ट्रेड यूनियन के अधिकारों के उल्लंघन की बात कही है। साथ ही नोएडा के प्रदर्शनकारियों की रिहाई और पुलिस और सरकार की ज्यादती पर स्वतंत्र जांच बैठाने की मांग की। कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया CPI(M) से जुड़े इस ट्रेड यूनियन ने ILO की ‘कमेटी ऑन फ्रीडम ऑफ एसोसिएशन’ (CFA) को भेजे अपने पिटीशन में वर्कर्स और यूनियन अधिकारों के बहुत गंभीर, बड़े स्तर पर और सिस्टमैटिक उल्लंघन की बात उठाई है। CITU- ‘वर्कर्स को शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने का हक’ CITU का कहना है कि वर्कर्स के पास न तो संघ से जुड़ने की आजादी है, न संगठित होने का अधिकार है, न कलेक्टिव बार्गेन और न ही वो शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करने का हक रखते हैं। साथ ही CITU ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर ILO के मौलिक सिद्धांतों के उल्लंघन का भी आरोप लगाया है। CITU ने ILO को सौंपे पिटीशन में नोएडा–प्रोटेस्ट से जुड़ी 3 मुख्य मांगें उठाई हैं: यूनियन ने प्रोटेस्ट के दौरान गिरफ्तार हुए प्रदर्शनकारियों को तुरंत जेल से रिहा करने और उन पर लगे आपराधिक मामलों की वापसी की मांग की है। CITU ने पुलिस के वर्कर्स पर किए गए अतिक्रमणों (पुलिस एक्सेसेस) की पारदर्शी जांच के लिए एक स्वतंत्र न्यायिक जांच की मांग की है। CITU ने ट्रेड यूनियन के जरिए सामूहिक बातचीत यानी क्लेक्टिव बार्गेन सिस्टम को वापस रिस्टोर करने की मांग उठाई है। कंपनी और वर्कर के बीच बातचीत और सैलरी/वर्किंग कंडीशन तय करने को लेकर यूनियन के पास बार्गेन का ऑप्शन यानी अपनी मजदूरी तय करने का हक होना चाहिए, न कि ये सिर्फ एक तरफा हो। ‘ILO के फंडामेंटल प्रिंसिपल्स को अपनाए भारत’ पिटीशन में CITU ने ILO से गुजारिश की है कि वे देखें कि भारत ILO कन्वेंशन नंबर 98 और फंडामेंटल प्रिंसिपल्स पर ILO की घोषणा को अपनाए और उसका पालन करे। ILO कन्वेंशन 98 सामूहिक सौदेबाजी यानी कलेक्टिव बार्गेनिंग के सिस्टम के बेसिक प्रिंसिपल्स तय करता है। इसका मतलब ऐसे सिस्टम से है जहां वर्कर्स, एंप्लॉयर्स और सरकारें, सैलरी, काम के घंटे और काम की शर्तों पर एक साथ बात कर सकें। ILO के 10 मुख्य कन्वेंशन यानी बुनियादी मानवाधिकारों से जुड़े नियम ILO ने वर्कर्स के अधिकारों की रक्षा के लिए कुछ अहम कन्वेंशन बनाए हैं। इनमें से कुछ को तो भारत ने मान लिया है, लेकिन कुछ को अभी तक नहीं अपनाया है। भारत ने जिन कन्वेंशन को अपनाया है उनमें: 1. जबरन मजदूरी न कराना (Forced Labour Convention, No. 29) 2. जबरन मजदूरी को पूरी तरह खत्म करना (Abolition of Forced Labour, No. 105) 3. समान काम के लिए समान वेतन (Equal Remuneration, No. 100) 4. नौकरी में भेदभाव न हो (Discrimination Convention, No. 111) 5. बच्चों के काम करने की न्यूनतम उम्र तय करना (Minimum Age, No. 138) 6. बाल मजदूरी खत्म करना (Worst Forms of Child Labour, No. 182) भारत ने अभी तक जिन कन्वेंशन को नहीं अपनाया है: 7. मजदूरों को यूनियन बनाने की आजादी (Freedom of Association, No. 87) 8. संगठन बनाने और सामूहिक बातचीत का अधिकार (Right to Organise & Collective Bargaining, No. 98) 9. काम की जगह पर सुरक्षा और स्वास्थ्य का अधिकार (Occupational Safety and Health 1981, No. 155) 10. काम की सुरक्षा और स्वास्थ्य को बढ़ावा देने का ढांचा (Promotional Framework for Occupational Safety and Health 2006, No. 187) ILO वर्कर्स के अधिकारों की रक्षा के लिए इंटरनेशनल लेबर ऑर्गेनाइजेशन (ILO) संयुक्त राष्ट्र (UN) की एजेंसी है, जो वर्कर्स के हक, सैलरी, उनकी सुरक्षा और काम की शर्तों पर नजर रखती है। ILO की 7 प्रमुख जिम्मेदारियां: 1. इंटरनेशनल श्रम नियम बनाना और देखना कि देश उन्हें मान रहे हैं या नहीं ILO हर साल इंटरनेशनल लेबर कन्वेंशन में रिकमेंडेशन बनाता है: जैसे संगठित होने की आजादी, कलेक्टिव बार्गेन, बाल मजदूरी

मुंबई इंडियंस को झटका, सैंटनर टूर्नामेंट से बाहर:एक महीने क्रिकेट से दूर रहेंगे, इंग्लैंड-आयरलैंड टेस्ट से भी बाहर; चेन्नई के मैच में चोट लगी थी

मुंबई इंडियंस को झटका, सैंटनर टूर्नामेंट से बाहर:एक महीने क्रिकेट से दूर रहेंगे, इंग्लैंड-आयरलैंड टेस्ट से भी बाहर; चेन्नई के मैच में चोट लगी थी

IPL में लगातार हार का सामना कर रही मुंबई इंडियंस के लिए एक और बुरी खबर आई है। उनके स्टार ऑलराउंडर और न्यूजीलैंड के वाइट बॉल कप्तान मिचेल सैंटनर चोट की वजह से टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं। सैंटनर को बाएं कंधे में ग्रेड-थ्री ACL इंजरी हुई है। इसके चलते वह कम से कम एक महीने के लिए क्रिकेट से दूर रहेंगे। स्कैन रिपोर्ट आने के बाद न्यूजीलैंड क्रिकेट (NZC) ने शुक्रवार को इसकी पुष्टि की। चेन्नई के खिलाफ मैच में चोटिल हुए थे सैंटनर 23 अप्रैल को चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के खिलाफ खेले गए मुकाबले चोटिल हो गए थे। फील्डिंग के दौरान डाइव लगाते समय उनका बायां कंधा जमीन से टकरा गया था। इसके बावजूद मैच में उन्होंने पूरे 4 ओवर फेंके थे और एक विकेट भी चटकाया। हालांकि वह बल्लेबाजी के लिए मैदान पर नहीं उतर सके। इसी हफ्ते वे इलाज के लिए भारत से स्वदेश लौटे हैं। आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट से भी बाहर न्यूजीलैंड क्रिकेट के मुताबिक, स्पेशलिस्ट डॉक्टरों ने सैंटनर को कम से कम एक महीने तक आराम और रिहैबिलिटेशन की सलाह दी है। इस वजह से वे मई के अंत में आयरलैंड के खिलाफ होने वाले इकलौते टेस्ट से बाहर रहेंगे। इसके अलावा जून की शुरुआत में लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले पहले टेस्ट में भी नहीं खेल पाएंगे। दूसरे और तीसरे टेस्ट में उनकी वापसी होगी या नहीं, इसका फैसला उनकी रिकवरी को देखते हुए बाद में लिया जाएगा। मुंबई ने ऑक्शन में 2 करोड़ रुपये में खरीदा था 34 वर्षीय सैंटनर को मुंबई ने ऑक्शन में 2 करोड़ रुपये में खरीदा था। इस IPL में वह शुरूआती मुकाबलों में नहीं खेले थे। उन्होंने वर्ल्ड कप के बाद निजी कारणों से ब्रेक लिया था और फ्रेंचाइजी के साथ देर से जुड़े थे। सैंटनर ने इस सीजन खेले 4 मैच में लगभग 9 की इकोनॉमी से रन देते हुए 5 विकेट लिए। बल्लेबाजी में उन्हें ज्यादा मौका नहीं मिला। ———————————————— स्पोर्ट्स यह खबर भी पढ़ें… पाकिस्तानी बोले- वैभव के बैट में AI चिप लगी है:सूर्यवंशी का जवाब-भगवान ने लगाकर दी है; उन्होंने ऊपर ही कहा था- इसी का इस्तेमाल करना बिहार के 15 साल के वैभव सूर्यवंशी अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से IPL 2026 में धूम मचा रहे हैं। उनकी बैटिंग की चर्चा अब पाकिस्तान तक पहुंच गई है। पाकिस्तान के क्रिकेट एक्सपर्ट नौमान नियाज का मानना है कि वैभव के बैट में AI चिप लगा हुआ है, जिसके कारण वह लंबे-लंबे छक्के लगा रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें…

मुंबई इंडियंस को झटका, सैंटनर टूर्नामेंट से बाहर:एक महीने क्रिकेट से दूर रहेंगे, इंग्लैंड-आयरलैंड टेस्ट से भी बाहर; चेन्नई के मैच में चोट लगी थी

मुंबई इंडियंस को झटका, सैंटनर टूर्नामेंट से बाहर:एक महीने क्रिकेट से दूर रहेंगे, इंग्लैंड-आयरलैंड टेस्ट से भी बाहर; चेन्नई के मैच में चोट लगी थी

IPL में लगातार हार का सामना कर रही मुंबई इंडियंस के लिए एक और बुरी खबर आई है। उनके स्टार ऑलराउंडर और न्यूजीलैंड के वाइट बॉल कप्तान मिचेल सैंटनर चोट की वजह से टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं। सैंटनर को बाएं कंधे में ग्रेड-थ्री ACL इंजरी हुई है। इसके चलते वह कम से कम एक महीने के लिए क्रिकेट से दूर रहेंगे। स्कैन रिपोर्ट आने के बाद न्यूजीलैंड क्रिकेट (NZC) ने शुक्रवार को इसकी पुष्टि की। चेन्नई के खिलाफ मैच में चोटिल हुए थे सैंटनर 23 अप्रैल को चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के खिलाफ खेले गए मुकाबले चोटिल हो गए थे। फील्डिंग के दौरान डाइव लगाते समय उनका बायां कंधा जमीन से टकरा गया था। इसके बावजूद मैच में उन्होंने पूरे 4 ओवर फेंके थे और एक विकेट भी चटकाया। हालांकि वह बल्लेबाजी के लिए मैदान पर नहीं उतर सके। इसी हफ्ते वे इलाज के लिए भारत से स्वदेश लौटे हैं। आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट से भी बाहर न्यूजीलैंड क्रिकेट के मुताबिक, स्पेशलिस्ट डॉक्टरों ने सैंटनर को कम से कम एक महीने तक आराम और रिहैबिलिटेशन की सलाह दी है। इस वजह से वे मई के अंत में आयरलैंड के खिलाफ होने वाले इकलौते टेस्ट से बाहर रहेंगे। इसके अलावा जून की शुरुआत में लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले पहले टेस्ट में भी नहीं खेल पाएंगे। दूसरे और तीसरे टेस्ट में उनकी वापसी होगी या नहीं, इसका फैसला उनकी रिकवरी को देखते हुए बाद में लिया जाएगा। मुंबई ने ऑक्शन में 2 करोड़ रुपये में खरीदा था 34 वर्षीय सैंटनर को मुंबई ने ऑक्शन में 2 करोड़ रुपये में खरीदा था। इस IPL में वह शुरूआती मुकाबलों में नहीं खेले थे। उन्होंने वर्ल्ड कप के बाद निजी कारणों से ब्रेक लिया था और फ्रेंचाइजी के साथ देर से जुड़े थे। सैंटनर ने इस सीजन खेले 4 मैच में लगभग 9 की इकोनॉमी से रन देते हुए 5 विकेट लिए। बल्लेबाजी में उन्हें ज्यादा मौका नहीं मिला। ———————————————— स्पोर्ट्स यह खबर भी पढ़ें… पाकिस्तानी बोले- वैभव के बैट में AI चिप लगी है:सूर्यवंशी का जवाब-भगवान ने लगाकर दी है; उन्होंने ऊपर ही कहा था- इसी का इस्तेमाल करना बिहार के 15 साल के वैभव सूर्यवंशी अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से IPL 2026 में धूम मचा रहे हैं। उनकी बैटिंग की चर्चा अब पाकिस्तान तक पहुंच गई है। पाकिस्तान के क्रिकेट एक्सपर्ट नौमान नियाज का मानना है कि वैभव के बैट में AI चिप लगा हुआ है, जिसके कारण वह लंबे-लंबे छक्के लगा रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें…