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जमीन के लालच में पिता को नशा मुक्ति केंद्र भेजा:शिवपुरी में कोर्ट की तारीख से पहले बेटों पर साजिश का आरोप; 17 बीघा जमीन का विवाद है

जमीन के लालच में पिता को नशा मुक्ति केंद्र भेजा:शिवपुरी में कोर्ट की तारीख से पहले बेटों पर साजिश का आरोप; 17 बीघा जमीन का विवाद है

शिवपुरी में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां जमीन के लालच में दो बेटों ने अपने ही पिता को नशे का आदी बताकर नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती करा दिया। मामला तब उजागर हुआ जब पीड़ित का चचेरा भाई तलाश करते हुए केंद्र पहुंचा और उसे मिलने नहीं दिया गया, इसके बाद शुक्रवार को उसने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। जानकारी के मुताबिक गुना जिले के श्यामपुर निवासी जगदीश रघुवंशी ने बताया कि उनके चचेरे भाई गंगाराम रघुवंशी को उनके ही बेटों ने साजिश के तहत नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती करा दिया। बेटे 20 साल पहले अलग रहने लगे थे
बताया जा रहा है कि गंगाराम की पत्नी और उनके दो बेटे सतीश और विक्की करीब 20 साल पहले अलग रहने लगे थे। इसी दौरान उन्होंने चालाकी से गंगाराम के नाम की करीब 17 बीघा जमीन अपने नाम करा ली थी, जिसकी कीमत करीब एक करोड़ रुपए बताई जा रही है। अब जब जमीन के नामांतरण की प्रक्रिया चल रही थी, तब गंगाराम ने इस पर आपत्ति दर्ज करा दी। यह मामला एसडीएम न्यायालय में विचाराधीन है। 16 अप्रैल को केस की तारीख लगी थी और अगली सुनवाई 30 अप्रैल को तय थी। आरोप- बेटों ने अगवा करवाकर भर्ती किया
आरोप है कि 20 अप्रैल को जब गंगाराम एक शादी समारोह में शामिल होने गुना आए थे, तभी उनके बेटों ने उन्हें अगवा कर लिया और शिवपुरी के एक नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती करा दिया। आरोप है कि बेटों का मकसद था कि गंगाराम 30 अप्रैल की कोर्ट तारीख पर उपस्थित न हो सकें, जिससे वे जमीन पर कब्जा कर सकें। जगदीश रघुवंशी ने गंगाराम की गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। जब वह तलाश करते हुए नशा मुक्ति केंद्र पहुंचे तो उन्हें मिलने नहीं दिया गया, जिससे शक और गहरा गया। इसके बाद उन्होंने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। केंद्र मैनेजर बोले- नशे की हालत में लाए गए थे
मामले में नशा मुक्ति केंद्र प्रबंधन की लापरवाही भी सामने आई है। केंद्र के मैनेजर ब्रजेश पाठक का कहना है कि गंगाराम को उनके बेटे लेकर आए थे और वह नशे की हालत में थे। दस्तावेजों की जांच के बाद ही उन्हें भर्ती किया गया था। हालांकि बाद में परिजनों की आपत्ति पर गंगाराम को उनकी इच्छा अनुसार छोड़ दिया गया। वहीं नशा मुक्ति केंद्र से बाहर आने के बाद गंगाराम रघुवंशी ने आरोप लगाया कि उनके बेटे उनकी जमीन हड़पना चाहते हैं और इसी वजह से उन्हें जबरन वहां भर्ती कराया गया।

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जमीन के लालच में पिता को नशा मुक्ति केंद्र भेजा:शिवपुरी में कोर्ट की तारीख से पहले बेटों पर साजिश का आरोप; 17 बीघा जमीन का विवाद है

शिवपुरी में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां जमीन के लालच में दो बेटों ने अपने ही पिता को नशे का आदी बताकर नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती करा दिया। मामला तब उजागर हुआ जब पीड़ित का चचेरा भाई तलाश करते हुए केंद्र पहुंचा और उसे मिलने नहीं दिया गया, इसके बाद शुक्रवार को उसने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। जानकारी के मुताबिक गुना जिले के श्यामपुर निवासी जगदीश रघुवंशी ने बताया कि उनके चचेरे भाई गंगाराम रघुवंशी को उनके ही बेटों ने साजिश के तहत नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती करा दिया। बेटे 20 साल पहले अलग रहने लगे थे
बताया जा रहा है कि गंगाराम की पत्नी और उनके दो बेटे सतीश और विक्की करीब 20 साल पहले अलग रहने लगे थे। इसी दौरान उन्होंने चालाकी से गंगाराम के नाम की करीब 17 बीघा जमीन अपने नाम करा ली थी, जिसकी कीमत करीब एक करोड़ रुपए बताई जा रही है। अब जब जमीन के नामांतरण की प्रक्रिया चल रही थी, तब गंगाराम ने इस पर आपत्ति दर्ज करा दी। यह मामला एसडीएम न्यायालय में विचाराधीन है। 16 अप्रैल को केस की तारीख लगी थी और अगली सुनवाई 30 अप्रैल को तय थी। आरोप- बेटों ने अगवा करवाकर भर्ती किया
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