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वजन घटाने से लेकर ग्लोइंग स्किन तक, गर्मियों का हेल्दी ड्रिंक, जानें खीरा पानी पीने के फायदे

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Last Updated:May 03, 2026, 23:58 IST Cucumber Water Benefits: खीरे का पानी गर्मियों में सेवन के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है. इसके सेवन से शरीर में पानी और एनर्जी का लेवल बना रहता है. हालांकि इसका सेवन करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है. यहां आप कुकुंबर वॉटर पीने का सही तरीका और फायदे जान सकते हैं. ख़बरें फटाफट वैसे तो खीरे को सलाद के रूप में ज्यादा खाया जाता है, लेकिन इसे पानी में डालकर भी पिया जा सकता है. खीरे का पानी गर्मियों में शरीर को हाइड्रेट रखने का एक आसान और ताजगी भरा तरीका है. इसे बनाना बहुत सरल है, बस पानी में खीरे के टुकड़े डालकर कुछ समय के लिए रख दें. यह साधारण सा ड्रिंक कई फायदों से भरपूर होता है. आइए जानते हैं रोज़ाना खीरे का पानी पीने से शरीर पर क्या असर पड़ता है. शरीर को हाइड्रेट रखता हैअच्छी सेहत के लिए शरीर में पानी की कमी नहीं होनी चाहिए. पानी कम पीने से थकान, चक्कर, सूखी त्वचा और ध्यान न लगने जैसी समस्याएं हो सकती हैं. खीरे का पानी आपको दिनभर हाइड्रेट रखने में मदद करता है. आमतौर पर एक व्यक्ति को रोज 8–12 गिलास पानी पीना चाहिए, हालांकि यह जरूरत उम्र और गतिविधियों पर निर्भर करती है. त्वचा के लिए फायदेमंदअगर आप ग्लोइंग स्किन चाहते हैं, तो खीरे का पानी मददगार हो सकता है. खीरे में विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो त्वचा को नुकसान से बचाते हैं. इससे त्वचा में नमी बनी रहती है, डलनेस कम होती है और नेचुरल ग्लो आता है. वजन घटाने में मददगारखीरे का पानी बहुत कम कैलोरी वाला होता है, इसलिए यह कोल्ड ड्रिंक या मीठे जूस का अच्छा विकल्प है. इसे पीने से भूख कम लगती है और बार-बार स्नैकिंग से बचाव होता है. इससे वजन कंट्रोल में रखने में मदद मिल सकती है. हड्डियों को मजबूत बनाता हैखीरे में विटामिन K पाया जाता है, जो हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करता है. हालांकि इसकी मात्रा बहुत ज्यादा नहीं होती, लेकिन संतुलित डाइट के साथ यह फायदेमंद होता है. बेहतर फायदा पाने के लिए खीरे के टुकड़े भी खा लेना चाहिए. शरीर को डिटॉक्स करता हैखीरे का पानी एक नेचुरल डिटॉक्स ड्रिंक की तरह काम करता है. यह शरीर से टॉक्सिन बाहर निकालने में मदद करता है, जिससे पेट की सूजन कम होती है और पाचन बेहतर होता है. क्या इसके नुकसान भी हैं?ज्यादातर लोगों के लिए खीरे का पानी सुरक्षित है, लेकिन कुछ लोगों को ज्यादा पीने से हल्की गैस या पेट फूलने की समस्या हो सकती है. हमेशा खीरे को अच्छी तरह धोकर ही इस्तेमाल करें ताकि कीटनाशकों से बचा जा सके. अगर आपको किसी तरह की एलर्जी है, तो सावधानी बरतें. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

चुकंदर का रस: इन लोगों को भूलकर भी नहीं करना चाहिए चुकंदर का रस, अन्य खाद्य पदार्थ हो सकते हैं सेहत पर भारी; जानें इसके फायदे और नुकसान

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चुकंदर के फल के फायदे: चुकंदर में आयरन की अच्छी मात्रा होती है, जिससे शरीर में हीमोग्लोबिन बढ़ता है। गर्मी के मौसम में शरीर को ठंडक मिलती है और आहार से परहेज होता है। छवि: फ्रीपिक यह ब्लड मॉड्यूल को कंट्रोल करने में मदद करता है, जिससे दिल स्वस्थ रहता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को साफ और चमकदार बनाने में मदद करते हैं। छवि: फ्रीपिक चुकंदर के उत्पाद के नुकसान: अगर आपका ब्लड डिस्चार्ज पहले से ही कम हो सकता है, तो चुकंदर का सेवन और कम कर सकता है, जिससे चक्कर आना या कमजोरी हो सकती है। छवि: फ्रीपिक चुकंदर में ऑक्सीजन की कमी होती है, जो किडनी स्टोन की समस्या को बढ़ा सकती है। इसमें नैचुरल शुगर होता है, इसलिए अधिक मात्रा में पीने से ब्लड शुगर बढ़ सकता है। छवि: फ्रीपिक कुछ लोगों को चकुंदर खाने या पीने से एलर्जी या पेट में गड़बड़ी हो सकती है। छवि: फ्रीपिक अधिक मात्रा में पीने से मूत्र या मल का रंग लाल या गुलाबी हो सकता है। पेट में गैस या दर्द हो सकता है। कुछ लोगों को चक्कर या कमजोरी महसूस हो सकती है। छवि: एआई चुकंदर का रस हमेशा सीमित मात्रा में ही होता है। खाली पेट पीने से पहले अपने शरीर की प्रतिक्रिया अवश्य देखें। छवि: फ्रीपिक बेहतर होगा कि इसे गाजर या सेब के साथ पियें। यदि कोई बीमारी है तो डॉक्टर की सलाह अवश्य लें। छवि: फ्रीपिक चुकंदर का स्वास्थ्यवर्धक है, लेकिन हर चीज की तरह इसका सेवन भी मात्रा में ही करना चाहिए। अगर आपको कोई स्वास्थ्य समस्या है तो इसे पीने से पहले सावधानी जरूर बरतें। छवि: एआई अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए तरीके, तरीके और दावे अलग-अलग विद्वानों पर आधारित हैं। रिपब्लिक भारत लेख में दी गई जानकारी के सही होने का दावा नहीं किया गया है। किसी भी उपचार और सुझाव को पहले डॉक्टर या डॉक्टर की सलाह से अवश्य लें।

इन फल और सब्जियों में 90% से ज्यादा पानी, गर्मियों में जमकर करें सेवन, शरीर में नहीं होगी पानी की कमी

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Last Updated:May 03, 2026, 23:43 IST Top Water-Rich Foods: गर्मियों में शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी होता है, क्योंकि तेज धूप और पसीने के कारण शरीर से पानी तेजी से निकलता है. ऐसे में केवल पानी पीना ही काफी नहीं होता, बल्कि पानी से भरपूर फल और सब्जियों को भी डाइट में शामिल करना चाहिए. तरबूज, खीरा, खरबूजा, टमाटर, संतरा और लौकी जैसे फूड्स में 90% से अधिक पानी होता है, जो शरीर को अंदर से ठंडा रखते हैं और पानी की कमी नहीं होने देते. ये विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होते हैं, जो इम्यूनिटी बढ़ाते हैं और त्वचा को स्वस्थ रखते हैं. नियमित रूप से इनका सेवन करने से डिहाइड्रेशन से बचाव होता है. गर्मियों के मौसम में शरीर को हाइड्रेट रखना सबसे जरूरी होता है, क्योंकि इस दौरान तेज धूप और अधिक पसीने की वजह से शरीर से पानी तेजी से बाहर निकलता है. अगर समय पर पानी और तरल पदार्थ न लिए जाएं, तो डिहाइड्रेशन, कमजोरी, सिरदर्द और चक्कर जैसी समस्याएं होने लगती हैं. इसलिए सिर्फ पानी पीना ही नहीं, बल्कि ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करना भी जरूरी है, जिनमें पानी की मात्रा अधिक हो, ताकि शरीर लंबे समय तक हाइड्रेटेड रह सके. तरबूज गर्मियों का सबसे लोकप्रिय और फायदेमंद फल माना जाता है, क्योंकि इसमें लगभग 90 से 92% तक पानी होता है. यह शरीर को तुरंत ठंडक पहुंचाता है और लू के असर को कम करने में मदद करता है. इसमें मौजूद प्राकृतिक शुगर और इलेक्ट्रोलाइट्स शरीर को ऊर्जा देते हैं और थकान दूर करते हैं. रोजाना तरबूज खाने से न सिर्फ प्यास शांत होती है, बल्कि त्वचा भी फ्रेश और ग्लोइंग बनी रहती है. खीरा हाइड्रेशन के लिए सबसे आसान और सुलभ विकल्पों में से एक है, जिसमें करीब 95% पानी पाया जाता है. इसे सलाद, सैंडविच या रायता के रूप में आसानी से खाया जा सकता है. खीरा शरीर को ठंडा रखने के साथ-साथ पाचन क्रिया को भी सुधारता है. इसमें मौजूद फाइबर पेट को साफ रखने में मदद करता है और गर्मियों में होने वाली कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है. Add News18 as Preferred Source on Google खरबूजा भी एक ऐसा फल है जो पानी की कमी को तेजी से पूरा करता है और शरीर को ताजगी देता है. इसमें लगभग 90% पानी के साथ-साथ विटामिन A और C भी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. यह इम्यूनिटी बढ़ाने और त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद करता है. गर्मी के दिनों में इसे खाने से शरीर में ठंडक बनी रहती है और डिहाइड्रेशन का खतरा कम होता है. टमाटर आमतौर पर सब्जी के रूप में इस्तेमाल होता है, उसमें भी करीब 90% पानी होता है. इसे सलाद, सूप या जूस के रूप में शामिल किया जा सकता है. टमाटर में लाइकोपीन और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो त्वचा को धूप से होने वाले नुकसान से बचाते हैं. साथ ही यह शरीर को हाइड्रेट रखने में भी मदद करता है. संतरा और मौसंबी जैसे खट्टे फल न सिर्फ पानी से भरपूर होते हैं, बल्कि इनमें विटामिन C भी अच्छी मात्रा में होता है. ये शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं और गर्मी के असर को कम करते हैं. इनका जूस पीने से शरीर को तुरंत ऊर्जा मिलती है और पानी की कमी भी जल्दी पूरी होती है. लौकी एक हल्की और पौष्टिक सब्जी है, जिसमें पानी की मात्रा काफी ज्यादा होती है. यह शरीर को ठंडा रखने के साथ-साथ लिवर और पाचन तंत्र के लिए भी फायदेमंद होती है. लौकी का जूस गर्मियों में खासतौर पर पिया जाता है, जो शरीर को डिटॉक्स करने और हाइड्रेशन बनाए रखने में मदद करता है. गर्मियों में सिर्फ पानी पीना ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि पानी से भरपूर फल और सब्जियों को भी अपनी डाइट का हिस्सा बनाना चाहिए. ये खाद्य पदार्थ शरीर को अंदर से ठंडा रखते हैं, पोषण देते हैं और डिहाइड्रेशन से बचाते हैं. सही खानपान और हाइड्रेशन से आप गर्मी के मौसम में भी खुद को स्वस्थ और ऊर्जावान बनाए रख सकते हैं. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

पानी की टंकी कितने दिनों में साफ करनी चाहिए, अगर ऐसा न करें तो क्या होगा? यहां जानिए सबकुछ

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Last Updated:May 03, 2026, 23:06 IST Water Tank Cleaning Tips: कई लोग पानी की टंकी को सालों तक साफ नहीं करते हैं, लेकिन ऐसा करना सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक हो सकता है. गंदा पानी कई बीमारियों का कारण बन सकता है. हर 3 से 6 महीने में पानी की टंकी साफ करने से पानी सुरक्षित रहता है. इससे आपकी सेहत भी ठीक रहती है और बीमारियों का रिस्क कम हो जाता है. पानी की टंकी हर 3 से 6 महीने बाद साफ करनी चाहिए. Right Time to Clean Water Tank: घर में इस्तेमाल होने वाला पानी हमारी सेहत से सीधे जुड़ा होता है, लेकिन अक्सर लोग पानी की टंकी की सफाई को नजरअंदाज कर देते हैं. समय के साथ टंकी के अंदर धूल, मिट्टी, काई, बैक्टीरिया और अन्य गंदगी जमा होने लगती है, जो पानी को दूषित बना सकती है. यही गंदा पानी जब पीने या खाना बनाने में इस्तेमाल होता है, तो यह पेट से जुड़ी बीमारियों, स्किन इंफेक्शन और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है. इसलिए टंकी की सफाई बेहद जरूरी है. हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार पानी की टंकी को हर 3 से 6 महीने में एक बार जरूर साफ करना चाहिए. अगर आपके इलाके में पानी ज्यादा गंदा आता है या टंकी खुली जगह पर है, तो हर 2 से 3 महीने में सफाई करना बेहतर रहता है. वहीं अगर टंकी ढकी हुई है और पानी साफ आता है, तो 6 महीने का अंतराल भी ठीक माना जा सकता है. नियमित सफाई से पानी की गुणवत्ता बनी रहती है और बैक्टीरिया पनपने का खतरा कम हो जाता है. टंकी की सफाई के दौरान सिर्फ पानी निकालना ही काफी नहीं होता, बल्कि उसे अच्छी तरह रगड़कर साफ करना भी जरूरी है. पहले टंकी को पूरी तरह खाली करें, फिर ब्रश से अंदर की दीवारों और तली को साफ करें. इसके बाद ब्लीचिंग पाउडर या क्लोरीन का हल्का घोल इस्तेमाल कर सकते हैं, जिससे बैक्टीरिया और कीटाणु खत्म हो जाते हैं. अंत में साफ पानी से टंकी को अच्छी तरह धोकर दोबारा भरें. इससे आपकी टंकी में भरने वाला पानी साफ और सुरक्षित रहेगा. अगर टंकी की सफाई लंबे समय तक नहीं की जाती, तो पानी में बदबू आने लगती है और उसका रंग भी बदल सकता है. यह साफ संकेत है कि पानी पीने योग्य नहीं रहा. ऐसे पानी का सेवन करने से डायरिया, उल्टी, पेट दर्द और त्वचा से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं. इसलिए इन संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. सफाई के अलावा कुछ सावधानियां रखना भी जरूरी है. हमेशा टंकी को ढककर रखें ताकि उसमें धूल, कीड़े या पत्तियां न गिरें. समय-समय पर टंकी की जांच करें कि कहीं उसमें दरार या लीकेज तो नहीं है. अगर टंकी प्लास्टिक की है, तो उसे तेज धूप से बचाने की कोशिश करें. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें

केले की लस्सी रेसिपी: बच्चों के लिए चिलचिलाती गर्मी में बनाएं केले की लस्सी, स्वाद और सेहत दोनों का कहना; शरीर भी रहेगा ठंडा

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केले की लस्सी बनाने के लिए आवश्यक सामग्री: 2 इंच केले, 1 कप ठंडा दही, ½ कप ठंडा दूध, 2-3 चीनी चीनी (स्वाद), 2-3 बर्फ के टुकड़े, ¼ छोटा चम्मच इलायची पाउडर, 1/4 चम्मच छवि: फ्रीपिक बनाने की आसान विधि: सबसे पहले केले को चुटकी बजाते हुए छोटी सी कटिंग लें। अब मिक्सर जार में केला, दही और दूध डाला जाता है। इसमें चीनी और इलायची पाउडर का अच्छा मिश्रण किया जाता है। छवि: फ्रीपिक जब मिक्स मिक्स हो जाए, तो इसमें स्नो स्कॉच एक बार फिर ब्लेंड करें। अब लस्सी को बोतलों में और ऊपर से 100000000000000000. पारंपरिक-ठांडी स्वादिष्ट केले की लस्सी तैयार है। छवि: एआई केले की लस्सी के फायदे: इससे शरीर को ठंडक मिलती है और गर्मी से राहत मिलती है। केला ऊर्जा से भरपूर होती है, जिससे बच्चों को तुरंत ताकत मिलती है। छवि: एआई दही का पेट ठंडा होता है और पाचन क्रिया बेहतर होती है। यह बच्चों के लिए शराब की बोतल और भरपेट होता है। छवि: फ्रीपिक हमेशा की तरह केले का ही इस्तेमाल करने पर लस्सी का स्वाद सबसे अच्छा आता है। ज्यादा मीठा पसंद नहीं है तो चीनी कम या बिल्कुल नहीं। आप यात्रा तो शहद में भी डाल सकते हैं, यह और भी डॉक्यूमेंट्री बनेगी। छवि: फ्रीपिक गर्मी में अगर आप बच्चों के लिए कुछ नया और मसाला बनाना चाहते हैं, तो केले की लस्सी जरूर बना सकते हैं। इसका स्वाद बच्चों को पसंद आएगा और आपको उनकी सेहत की चिंता भी नहीं रहेगी। छवि: एआई (टैग्सटूट्रांसलेट)केले की लस्सी रेसिपी(टी)केले की लस्सी(टी)केले की लस्सी रेसिपी(टी)ग्रीष्मकालीन रेसिपी(टी)ग्रीष्मकालीन लस्सी रेसिपी(टी)लस्सी रेसिपी(टी)गर्मियों के लिए केले की लस्सी

अगर तमिलनाडु चुनाव में टाई हुआ तो क्या होगा? यहाँ नियम क्या कहते हैं | चुनाव समाचार

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आखरी अपडेट:03 मई, 2026, 22:45 IST द्रमुक के नेतृत्व वाले गठबंधन और अन्नाद्रमुक के नेतृत्व वाले एनडीए के बीच करीबी मुकाबले की उम्मीद के साथ, टाई जैसी असंभावित स्थिति भी व्यापक चर्चा का हिस्सा है। तमिलनाडु के 2026 के विधानसभा चुनावों में डीएमके, एआईएडीएमके और टीवीके के बीच एक उच्च-दांव प्रतियोगिता हुई। जैसा कि तमिलनाडु हाई-वोल्टेज विधानसभा चुनाव के बाद सोमवार को वोटों की गिनती के लिए तैयार है, एक असामान्य लेकिन महत्वपूर्ण सवाल अक्सर उठता है: यदि कोई बराबरी होती है तो क्या होगा? दुर्लभ होते हुए भी, चुनावों में संबंधों को भारतीय कानून और संवैधानिक प्रथा के तहत स्पष्ट रूप से संबोधित किया जाता है, जिसमें निर्वाचन क्षेत्र-स्तर के परिणामों और सरकार गठन दोनों के लिए परिभाषित प्रक्रियाएं होती हैं। मतगणना सुबह 8 बजे 62 केंद्रों पर शुरू होगी, जिसमें सुचारू और पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए 10,000 से अधिक कर्मियों को तैनात किया जाएगा और त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी। द्रमुक के नेतृत्व वाले गठबंधन और अन्नाद्रमुक के नेतृत्व वाले एनडीए के बीच करीबी मुकाबले की उम्मीद के साथ, टाई जैसी असंभावित स्थिति भी व्यापक चर्चा का हिस्सा है। यह भी पढ़ें: द्रविड़ एकाधिकार से परे: क्या तमिलनाडु में मतगणना के दिन छोटे दल ‘किंगमेकर’ के रूप में सामने आ सकते हैं? उम्मीदवारों के बीच टाई यदि किसी निर्वाचन क्षेत्र में दो उम्मीदवारों को बिल्कुल समान संख्या में वोट मिलते हैं, तो परिणाम पुनर्गणना या पुन: चुनाव के माध्यम से तय नहीं किया जाता है। इसके बजाय, इसका निपटान ड्रॉ के माध्यम से तुरंत किया जाता है। यह प्रक्रिया रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के प्रावधानों के तहत आयोजित की जाती है। विजेता का निर्धारण करने के लिए यह अनिवार्य रूप से एक यादृच्छिक चयन है – एक बॉक्स से नाम चुनने के समान। नियम यह सुनिश्चित करता है कि चुनाव परिणामों को बिना किसी देरी के अंतिम रूप दिया जाए, यहां तक ​​कि सटीक बराबरी की दुर्लभ स्थिति में भी। चुनाव आयोग निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रक्रिया की देखरेख करता है। यह भी पढ़ें: पोस्टल बैलेट से लेकर ईवीएम तक: तमिलनाडु में 4 मई को वोटों की गिनती कैसे होगी, इसकी चरण-दर-चरण प्रक्रिया बहुमत में टाई अधिक जटिल स्थिति तब उत्पन्न होती है जब किसी भी पार्टी या गठबंधन को विधानसभा में स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता है और प्रतिस्पर्धी पक्ष संख्या में बराबर होते हैं। ऐसे मामले में, निर्णय चुनाव कानून से आगे बढ़कर संवैधानिक दायरे में आ जाता है। भारत का चुनाव आयोग मतगणना प्रक्रिया पूरी करता है, जिसके बाद राज्य का राज्यपाल हस्तक्षेप करता है। राज्यपाल सबसे बड़ी पार्टी या गठबंधन को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित कर सकता है या नेताओं से बहुमत समर्थन प्रदर्शित करने के लिए कह सकता है। यह विधानसभा में शक्ति परीक्षण के माध्यम से किया जाता है, जहां निर्वाचित विधायक यह साबित करने के लिए मतदान करते हैं कि किसके पास बहुमत है। यदि इस वोट के दौरान कोई बराबरी होती है, तो विधानसभा अध्यक्ष स्थापित संसदीय परंपराओं का पालन करते हुए गतिरोध को तोड़ने के लिए निर्णायक वोट का प्रयोग कर सकते हैं। सरल शब्दों में, भारत संबंधों को संभालने के लिए दो-ट्रैक प्रणाली का पालन करता है। उम्मीदवारों के बीच एक टाई को लॉटरी प्रणाली के माध्यम से कानून द्वारा हल किया जाता है, जबकि सरकार बनाने में एक टाई को संवैधानिक प्रक्रियाओं के माध्यम से संबोधित किया जाता है जिसमें राज्यपाल, विधानसभा मतदान और यदि आवश्यक हो तो स्पीकर का निर्णायक वोट शामिल होता है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : तमिलनाडु, भारत, भारत समाचार चुनाव अगर तमिलनाडु चुनाव में टाई हुआ तो क्या होगा? यहाँ नियम क्या कहते हैं अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)तमिलनाडु चुनाव टाई(टी)तमिलनाडु चुनाव(टी)चुनाव टाई नियम(टी)लॉटरी ड्रा(टी)जनप्रतिनिधित्व अधिनियम(टी)फ्लोर टेस्ट बहुमत(टी)त्रिशंकु विधानसभा भारत(टी)राज्यपाल की भूमिका सरकार गठन

अनुष्का बनीं इंडिया-ए महिला T-20 टीम की कप्तान:इंग्लैंड-ए के खिलाफ 3 मैच खेलेंगी, सीनियर्स वनडे ट्रॉफी जिता चुकीं; बोलीं- बेस्ट देने की कोशिश करूंगी

अनुष्का बनीं इंडिया-ए महिला T-20 टीम की कप्तान:इंग्लैंड-ए के खिलाफ 3 मैच खेलेंगी, सीनियर्स वनडे ट्रॉफी जिता चुकीं; बोलीं- बेस्ट देने की कोशिश करूंगी

मध्य प्रदेश के ग्वालियर की उभरती क्रिकेट प्रतिभा अनुष्का शर्मा को भारतीय महिला क्रिकेट में बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने इंग्लैंड दौरे के लिए भारत-ए महिला टीम की टी-20 कप्तानी उन्हें दी है। अनुष्का शर्मा की कप्तानी में भारत-ए महिला टीम इंग्लैंड-ए के खिलाफ तीन टी-20 मैच खेलेगी। मुकाबले नॉर्थम्पटन और चेल्सफोर्ड में होंगे। उनके आक्रामक खेल और लगातार शानदार प्रदर्शन को देखते हुए चयनकर्ताओं ने उन पर भरोसा जताया है। अनुष्का बोलीं- सर्वश्रेष्ठ देने की पूरी कोशिश रहेगी जिम्मेदारी को लेकर अनुष्का शर्मा ने कहा कि देश के लिए खेलना हर खिलाड़ी का सपना होता है। कप्तान के रूप में टीम का नेतृत्व करना उनके लिए गर्व की बात है। वे अपनी टीम के लिए सर्वश्रेष्ठ देने की पूरी कोशिश करेंगी। टी-20 सीरीज (इंग्लैंड-ए बनाम भारत-ए) का शेड्यूल वनडे सीरीज प्रदर्शन के दम पर मिली कप्तानी हरफनमौला खिलाड़ी अनुष्का शर्मा ने घरेलू क्रिकेट में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन किया है। हाल ही में दक्षिण अफ्रीका दौरे पर उन्होंने भारतीय सीनियर टीम के लिए डेब्यू किया, जहां तीन मैचों में उपयोगी पारियां खेलीं और अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। महिला प्रीमियर लीग में दमदार प्रदर्शन महिला प्रीमियर लीग 2026 में अनुष्का शर्मा ने गुजरात जायंट्स के लिए खेलते हुए 30 गेंदों में 44 रन की तेज पारी खेली, जिससे उनकी आक्रामक बल्लेबाजी की झलक देखने को मिली। बुंदेलखंड बुल्स की कप्तान भी हैं अनुष्का मध्यप्रदेश महिला लीग के दूसरे सीजन में अनुष्का शर्मा को बुंदेलखंड बुल्स ने रिटेन कर टीम की कप्तानी सौंपी है। पहले सीजन में वे उपकप्तान थीं और टीम को खिताब जिताने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी। इस बार लीग का आयोजन इंदौर में किया जाएगा। घरेलू क्रिकेट में शानदार उपलब्धियां ……………………………………. यह खबर भी पढ़ें छतरपुर की क्रांति गौड़ महिला टी-20 टीम में शामिल महिला टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए भारतीय महिला क्रिकेट टीम का ऐलान कर दिया गया है। टूर्नामेंट इंग्लैंड में 12 जून से शुरू होगा, जबकि फाइनल मुकाबला 5 जुलाई को खेला जाएगा। भारतीय टीम अपना पहला मैच 14 जून को पाकिस्तान के खिलाफ खेलेगी। पढ़ें पूरी खबर…

एक दिन में कितनी बार पेशाब जाते हैं आप? अगर बार-बार भाग रहे हैं वॉशरूम, तो इन 5 बीमारियों का संकेत

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Last Updated:May 03, 2026, 22:32 IST Frequent Urination Causes: कई लोग एक दिन में 4-5 बार पेशाब करने जाते हैं, जबकि कुछ लोग हर घंटे वॉशरूम भागते रहते हैं. गंगाराम हॉस्पिटल के यूरोलॉजिस्ट डॉ. अमरेंद्र पाठक के अनुसार एक दिन में 6 से 8 बार पेशाब जाना सामान्य माना जाता है, लेकिन इससे ज्यादा बार पेशाब आना डायबिटीज या अन्य समस्या का संकेत हो सकता है. ऐसे में जांच कराना जरूरी है. बार-बार पेशाब जाना यूटीआई और ब्लैडर से जुड़ी समस्याओं का संकेत हो सकता है. Normal Urination Frequency: कई लोग दिनभर वॉशरूम भागते रहते हैं और हर घंटे पर उन्हें पेशाब करने की जरूरत महसूस होती है. बार-बार पेशाब आना कई स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत हो सकता है. कुछ लोग इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन ऐसा करना खतरनाक हो सकता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो पेशाब की फ्रीक्वेंसी हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकती है. यह व्यक्ति की पानी पीने की मात्रा, मौसम, खानपान और शारीरिक स्थिति पर निर्भर करती है. इसलिए पहले यह समझना जरूरी है कि एक दिन में कितनी बार पेशाब जाना नॉर्मल है और कब यह बीमारी का संकेत हो सकता है. नई दिल्ली के सर गंगाराम सिटी हॉस्पिटल के सीनियर यूरोलॉजिस्ट डॉ. अमरेंद्र पाठक ने News18 को बताया आमतौर पर एक स्वस्थ व्यक्ति दिन में लगभग 6 से 8 बार पेशाब करता है. यह सामान्य माना जाता है. अगर आप ज्यादा पानी या फ्लूड लेते हैं, तो यह संख्या थोड़ी बढ़ सकती है और यह भी सामान्य ही है. रात में एक बार पेशाब के लिए उठना भी सामान्य माना जाता है. अगर आपको बार-बार अचानक पेशाब जाने की जरूरत महसूस हो या रात में कई बार उठना पड़े, तो यह संकेत हो सकता है कि शरीर में कुछ गड़बड़ चल रहा है. ऐसी कंडीशन में आपको डॉक्टर से संपर्क कर अपनी जांच करवानी चाहिए. डॉक्टर के मुताबिक बार-बार पेशाब आने के कई कारण हो सकते हैं. ज्यादा कैफीन या चाय-कॉफी का सेवन, ठंडा मौसम या फिर ब्लैडर से जुड़ी समस्याएं होने पर फ्रीक्वेंट यूरिनेशन होता है. इसके अलावा यूरिन इन्फेक्शन भी इसकी एक वजह हो सकती है, जिसमें पेशाब करते समय जलन या दर्द महसूस होता है. इसलिए सिर्फ संख्या देखकर घबराने की बजाय अन्य लक्षणों पर भी ध्यान देना जरूरी है. डायबिटीज के शुरुआती लक्षणों में भी बार-बार पेशाब आना शामिल हो सकता है. जब शरीर में ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है, तो किडनी अतिरिक्त शुगर को पेशाब के जरिए बाहर निकालने की कोशिश करती है. डॉक्टर का साफ कहना है कि अगर आप दिन में 8-10 बार से ज्यादा पेशाब जा रहे हैं और इसके साथ ज्यादा प्यास लगना, अचानक वजन कम होना और थकान जैसे लक्षण भी दिख सकते हैं, तो जल्द से जल्द जांच करानी चाहिए. समय रहते जांच कराने से बीमारी का जल्दी पता चल जाता है और इलाज भी आसान हो जाता है. खासकर अगर परिवार में डायबिटीज का इतिहास है, तो और भी सतर्क रहने की जरूरत होती है. यह समझना जरूरी है कि हर बार पेशाब जाना बीमारी का संकेत नहीं होता, लेकिन शरीर के बदलावों को नजरअंदाज करना भी सही नहीं है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें

लौकी की खीर रेसिपी: खाने के बाद कुछ पसंद का मन? उदाहरण के लिए बिना चीनी के बनी लोकी की खेड, गर्मी में पेट को रखेगी ठंडी; नोट करें सबसे आसान तरीका

तस्वीर का विवरण

आवश्यक सामग्री: 1 लोकी, 1 लीटर दूध, स्वाद चीनी या गुड़, 1/2 इलायची पाउडर, काजू, बादाम, तेल, 1 चम्मच घी छवि: फ्रीपिक बनाने की विधि: सबसे पहले लोकी को छीलकर कद्दू कर लें और उसके बीज निकाल दें। अब कद्दू की हुई लौकी को प्रभाव सा ने उसका पानी निकाल दिया। छवि: एआई एक कड़ाही में थोड़ा सा घी गर्म करें और लोकी को 4-5 मिनट तक फैलाएं। दूसरी तरफ दूध को लेबल करने के लिए रख दें। जब दूध सब्जी बनाने लगे, टैब में भुनी हुई लौकी डाल शामिल है। छवि: सोशल मीडिया इसे अंतिम रूप देने पर 10-15 मिनट तक का समय लगता है, ताकि लौकी अच्छे से गल जाए। अब इसमें चीनी और अच्छी तरह से शामिल किया गया। ऊपर से इलायची पाउडर, काजू, बादाम और तेल की दालें। 2-3 मिनट और साहस, फिर गैस बंद कर दें। छवि: एआई लोकी की खेड को आप गर्म या प्रेमी, दोनों तरह से खा सकते हैं। लेकिन गर्मी के मौसम में इसे ठंडा करके खाने का मजा ही अलग होता है। लोकी से बनी खेड बॉडी को ठंडक की दुकान पर पचाने में बेचा जाता है। छवि: एआई यह डॉक्युमेंट्री और व्यवसायिकता से भिन्न है। साथ ही, बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आती है। अगर आप शुगर फ्री खेड बना रहे हैं तो चाइनीज की जगह गुड़ का इस्तेमाल अपने हिसाब से कर सकते हैं। छवि: फ्रीपिक अगर आप भी गरमा गरम कुछ मिठाई और मसाले खाना चाहते हैं, तो लोकी की खीर जरूर बनायें. यह स्वाद के साथ-साथ सेहत का भी पूरा ध्यान है। छवि: फ्रीपिक

केरल चुनाव परिणाम 2026: एलडीएफ, यूडीएफ, एनडीए की लड़ाई का बड़ा दांव तय करने के लिए मतगणना कल | चुनाव समाचार

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आखरी अपडेट:03 मई, 2026, 22:08 IST केरल चुनाव परिणाम 2026: राज्य के 43 स्थानों पर फैले 140 मतगणना केंद्रों पर सोमवार सुबह 8 बजे गिनती शुरू होगी। केरल के सीएम पिनाराई विजयन, कांग्रेस के वीडी सतीसन और बीजेपी के राजीव चंद्रशेखर। (पीटीआई फाइल फोटो) केरल चुनाव परिणाम 2026: केरल के राजनीतिक भाग्य का फैसला सोमवार को होगा क्योंकि 9 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए वोटों की गिनती शुरू हो जाएगी, जिससे सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ), विपक्षी यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) और भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के बीच कड़ी टक्कर और उच्च दांव वाला मुकाबला समाप्त हो जाएगा। परिणाम पर बारीकी से नजर रखी जा रही है क्योंकि तीनों मोर्चे या तो सत्ता बरकरार रखना चाहते हैं, सरकार में वापसी करना चाहते हैं, या राज्य के उभरते चुनावी परिदृश्य में अपने राजनीतिक पदचिह्न का विस्तार करना चाहते हैं। केरल में 79.63 प्रतिशत मतदान हुआ, जिसमें 140 विधानसभा क्षेत्रों में 2,71,42,952 मतदाताओं ने वोट डाले। कुल 883 उम्मीदवार मैदान में थे, जिससे यह हाल के वर्षों में सबसे अधिक प्रतिस्पर्धी चुनावी मुकाबलों में से एक बन गया। यह भी पढ़ें: भारी मतदान, कड़ा गणित: केरल के 2026 चुनाव को पढ़ना गिनती की व्यवस्था मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने पुष्टि की है कि मतगणना की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. राज्य के 43 स्थानों पर बने 140 मतगणना केंद्रों पर सोमवार सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू होगी। अभ्यास के लिए कुल 15,464 कर्मियों को तैनात किया गया है, जिनमें रिटर्निंग अधिकारी, अतिरिक्त रिटर्निंग अधिकारी, माइक्रो पर्यवेक्षक, गिनती पर्यवेक्षक और गिनती सहायक शामिल हैं। सबसे पहले डाक मतपत्रों की गणना की जाएगी, जिनमें 1.36 प्रतिशत वोट होते हैं, उसके बाद कई राउंड में ईवीएम की गिनती होगी। इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) और वीवीपीएटी इकाइयों वाले स्ट्रांगरूम चुनाव आयोग के पर्यवेक्षकों, सुरक्षा कर्मियों और उम्मीदवारों के अधिकृत प्रतिनिधियों की उपस्थिति में खोले जाएंगे। अधिकारियों ने कहा कि प्रत्येक दौर में 14 मतदान केंद्रों के नतीजे गिने जाएंगे और दोपहर तक तस्वीर साफ होने की उम्मीद है। सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य पुलिस कर्मियों के साथ केंद्रीय बलों की 25 कंपनियां तैनात की गई हैं। चुनाव के बाद किसी भी घटना को रोकने के लिए राज्य भर में निगरानी भी मजबूत कर दी गई है। यह भी पढ़ें: केरल पोल ऑफ एग्जिट पोल 2026: कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ एक दशक के बाद सत्ता में वापसी के लिए तैयार है उच्च जोखिम वाली राजनीतिक लड़ाई एग्जिट पोल ने मोटे तौर पर करीबी मुकाबले का संकेत दिया है, हालांकि कई अनुमानों में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ को थोड़ी बढ़त दी गई है। यूडीएफ के लिए, जो 2016 से सत्ता से बाहर है, चुनाव को वापसी के लिए एक निर्णायक अवसर के रूप में देखा जा रहा है, संभावित मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार पर आंतरिक चर्चा पहले से ही उभर रही है। सत्तारूढ़ एलडीएफ अपने शासन रिकॉर्ड और कल्याणकारी उपायों पर भरोसा करते हुए लगातार तीसरी बार सत्ता हासिल करने का लक्ष्य बना रहा है, हालांकि यह 2021 की 99 सीटों से कम हो सकता है। मोर्चे को 75-80 सीटों के बीच प्रतिस्पर्धी परिणाम की उम्मीद है। भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए के लिए, चुनाव को केरल में उसके विकास की एक महत्वपूर्ण परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि सरकार बनाने का अनुमान नहीं है, गठबंधन हाल के राष्ट्रीय और स्थानीय चुनावों में देखे गए लाभ के आधार पर वोट शेयर में उल्लेखनीय वृद्धि का लक्ष्य बना रहा है। (पीटीआई से इनपुट्स के साथ) चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : केरल, भारत, भारत समाचार चुनाव केरल चुनाव परिणाम 2026: एलडीएफ, यूडीएफ, एनडीए की लड़ाई का फैसला कल होगा अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)केरल विधानसभा चुनाव परिणाम(टी)केरल चुनाव गिनती(टी)केरल 2024 चुनाव(टी)एलडीएफ बनाम यूडीएफ(टी)केरल में एनडीए(टी)मतदाता मतदान केरल(टी)चुनाव परिणाम सोमवार(टी)उच्च दांव वाली राजनीतिक लड़ाई