Thursday, 05 Nov 2026 | 06:04 PM

Trending :

Sheikh Hasina Delhi Speech | Bangladesh India Relations Statement

Sheikh Hasina Delhi Speech | Bangladesh India Relations Statement

नई दिल्ली/ढाका4 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

शेख हसीना ने देश छोड़ने से एक दिन पहले 25 जुलाई 2024 को ढाका में प्रदर्शन के दौरान क्षतिग्रस्त हुए मेट्रो स्टेशन का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने मीडिया से आखिरी बार बातचीत की थी।

बांग्लादेश ने कहा है कि वह भारत के साथ अपने रिश्ते खराब नहीं करना चाहता और दोनों देशों के बीच अच्छे संबंध बनाए रखना चाहता है।

दरअअसल, बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने ऐलान किया है कि वे 5 अगस्त को एक कार्यक्रम को ऑनलाइन संबोधित करेंगी।

हसीना के देश छोड़ने के बाद 2 साल में यह पहली बार शेख हसीना किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में वर्चुअल भाषण देतीं नजर आएंगी।

बांग्लादेश ने इस पर रोक लगाने की मांग की थी लेकिन भारत ने मंगलवार को इससे इनकार कर दिया था।

भारत ने कहा-

इसके बाद बांग्लादेश की विदेश राज्य मंत्री शमा ओबैद ने को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “हम भारत के साथ अच्छे संबंध चाहते हैं। हम नहीं चाहते कि हमारे रिश्ते खराब हों या उन पर कोई असर पड़े। उम्मीद है कि भारत भी इसे समझेगा।”

बांग्लादेश लौटने का ऐलान कर चुकी हैं शेख हसीना

शेख हसीना का कार्यक्रम में दिल्ली में सर मार्क टली ऑडिटोरियम में होगा। इसका आयोजन फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब कर रहा है।

फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब ऑफ साउथ एशिया (FCCSA) नई दिल्ली स्थित पत्रकारों का संगठन है। इसकी स्थापना 1958 में हुई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह कार्यक्रम शाम 6 बजे से 7:30 बजे तक चलेगा।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, हसीना इस कार्यक्रम में बांग्लादेश लौटने की तारीख का ऐलान कर सकती हैं। उन्होंने पिछले महीने कहा था कि वे दिसंबर में अपने देश लौटेंगी। इस दौरान उनकी हत्या भी हो जाए तो उन्हें मंजूर है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक हसीना अपने भाषण में देश के लिए अपना विजन भी पेश कर सकती हैं। उनके बेटे सजीब वाजेद जॉय भी कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। इसके अलावा अवामी लीग के कई सीनियर नेता भी इसमें हिस्सा लेंगे।

शेख हसीना की यह फुटेज हेलिकॉप्टर में बैठने से पहले की है। उन्होंने 5 अगस्त 2024 को देश छोड़ा था।

शेख हसीना की यह फुटेज हेलिकॉप्टर में बैठने से पहले की है। उन्होंने 5 अगस्त 2024 को देश छोड़ा था।

शेख हसीना ने 5 अगस्त का दिन ही क्यों चुना

5 अगस्त 2024 को ही छात्र आंदोलन के बाद शेख हसीना को बांग्लादेश छोड़ना पड़ा था। प्रदर्शनकारी उनके सरकारी आवास तक पहुंच गए थे। इसके बाद वह इस्तीफा देकर सेना के विमान से भारत आ गई थीं।

यानी जिस दिन उन्हें सत्ता छोड़नी पड़ी थी, उसी दिन वह दो साल बाद फिर लोगों के सामने आ रही हैं। माना जा रहा है कि वह इसी दिन अपनी राजनीतिक वापसी का मैसेज देना चाहती हैं।

हसीना के भाषण को लेकर बांग्लादेश में क्या चर्चा है?

बांग्लादेश सरकार ने इस भाषण के प्रसारित होने पर हर तरह से पाबंदी लगा दी है। प्रिंट, टीवी और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को चेतावनी दी गई कि शेख हसीना का भारत से होने वाला भाषण प्रसारित या प्रकाशित नहीं किया जाए क्योंकि अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) के आदेश के तहत इस बयान के प्रसारण पर रोक है। इस पाबंदी के बाद से ही सबसे ज्यादा चर्चा में ये है कि क्या हसीना वापस या सकती हैं या नहीं? हालांकि, बांग्लादेशी मीडिया में इस बात पर चर्चा चल रही है कि हसीना की वापसी से भारत और बांग्लादेश के रिश्तों पर क्या असर होने वाला है। बांग्लादेश के बड़े अखबार प्रोथोम आलो लिखता है, ‘भारत को बांग्लादेश से अपने द्विपक्षीय रिश्तों को लेकर गंभीर नजर आना चाहिए। इस तरह की राजनीतिक गतिविधि से रिश्तों पर खराब असर हो सकता है।’ द डेली स्टार का संपादकीय भी इसी लाइन पर है कि भारत की धरती से इस तरह की राजनीतिक गतिविधियां हाल ही में सुधरते रिश्तों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इस अखबार ने बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय के विरोध को भी जायज ठहराया है। उधर, बंगाली अखबार जुगांतर ने हसीना के वापस आने को लेकर विपक्षी पार्टियों के रुख को ज्यादा प्रमुखता से छापा है। सोशल मीडिया पर क्या चल रहा:

बांग्लादेशी फेसबुक, यूट्यूब और एक्स (X) पर इन हैश टैग के जरिए चर्चा हो रही है- #SheikhHasina #AwamiLeague #August5 #JulyUprising #IndiaBangladesh

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक बांग्लादेश की मीडिया और सोशल मीडिया में हसीना के भाषण को लेकर तीन तरह के नैरेटिव बने हुए हैं: 1. सरकार: हसीना ‘फरार अपराधी’ हैं, उन्हें कोई राजनीतिक मंच नहीं मिलना चाहिए। 2. छात्र आंदोलन से जुड़ी पार्टियां: हसीना की वापसी नहीं होनी चाहिए। हसीना लौट कर अदालत का सामना करें। 3. अवामी लीग समर्थक: हसीना ही राजनीतिक स्थिरता का विकल्प हैं और उनके बिना चुनाव निष्पक्ष नहीं होंगे।

——————————-

बांग्लादेश से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें..

बांग्लादेश के राष्ट्रपति ने इस्तीफा दिया:कहा- बीमार हूं, कई बार बेहोश हो जाता हूं; दावा- शेख हसीना से बातचीत की जानकारी लीक हुई

बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना इस्तीफा संसद (जातीय संसद) के स्पीकर हाफिज उद्दीन अहमद को सौंपा। राष्ट्रपति ने इस्तीफे की वजह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को बताया है। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
पश्चिम बंगाल के फाल्टा में पुनर्निर्माण के लिए मतदाता आयोग ने भर्ती सामग्री सुरक्षा व्यवस्था की स्थापना की

May 20, 2026/
3:05 pm

पश्चिम बंगाल की फाल्टा विधानसभा सीट पर 21 मई 2026 को पुनर्मतदान के लिए मतदाता आयोग ने सुरक्षा व्यवस्था लगभग...

गाय बनाम भैंस का दूध: गाय या भैंस का दूध... आपके बच्चे की सेहत के लिए असली 'सुपरफूड' कौन सा दूध है? जानिए सेवन का सही तरीका

June 24, 2026/
5:07 pm

गाय का दूध बनाम भैंस का दूध स्वास्थ्य लाभ: हर माता-पिता अपने बच्चे के संपूर्ण विकास और स्वास्थ्य को लेकर...

RRB Group D Result 2026

July 1, 2026/
2:50 pm

15 मिनट पहले कॉपी लिंक रेलवे भर्ती बोर्ड RRB की ओर से RRB Group D रिजल्ट 2026 एग्जाम होने के...

नेपाली पीएम के 100 में से 88 वादे अधूरे:शपथ के 30 दिन में 2 मंत्रियों ने सरकार छोड़ी, जेन-जी बोले- क्या काबिल लोग नहीं

May 29, 2026/
10:40 am

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह को सत्ता संभाले अभी सिर्फ दो महीने हुए हैं, लेकिन उनकी सरकार पर सवाल उठने...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

Sheikh Hasina Delhi Speech | Bangladesh India Relations Statement

Sheikh Hasina Delhi Speech | Bangladesh India Relations Statement

नई दिल्ली/ढाका4 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

शेख हसीना ने देश छोड़ने से एक दिन पहले 25 जुलाई 2024 को ढाका में प्रदर्शन के दौरान क्षतिग्रस्त हुए मेट्रो स्टेशन का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने मीडिया से आखिरी बार बातचीत की थी।

बांग्लादेश ने कहा है कि वह भारत के साथ अपने रिश्ते खराब नहीं करना चाहता और दोनों देशों के बीच अच्छे संबंध बनाए रखना चाहता है।

दरअअसल, बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने ऐलान किया है कि वे 5 अगस्त को एक कार्यक्रम को ऑनलाइन संबोधित करेंगी।

हसीना के देश छोड़ने के बाद 2 साल में यह पहली बार शेख हसीना किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में वर्चुअल भाषण देतीं नजर आएंगी।

बांग्लादेश ने इस पर रोक लगाने की मांग की थी लेकिन भारत ने मंगलवार को इससे इनकार कर दिया था।

भारत ने कहा-

इसके बाद बांग्लादेश की विदेश राज्य मंत्री शमा ओबैद ने को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “हम भारत के साथ अच्छे संबंध चाहते हैं। हम नहीं चाहते कि हमारे रिश्ते खराब हों या उन पर कोई असर पड़े। उम्मीद है कि भारत भी इसे समझेगा।”

बांग्लादेश लौटने का ऐलान कर चुकी हैं शेख हसीना

शेख हसीना का कार्यक्रम में दिल्ली में सर मार्क टली ऑडिटोरियम में होगा। इसका आयोजन फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब कर रहा है।

फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब ऑफ साउथ एशिया (FCCSA) नई दिल्ली स्थित पत्रकारों का संगठन है। इसकी स्थापना 1958 में हुई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह कार्यक्रम शाम 6 बजे से 7:30 बजे तक चलेगा।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, हसीना इस कार्यक्रम में बांग्लादेश लौटने की तारीख का ऐलान कर सकती हैं। उन्होंने पिछले महीने कहा था कि वे दिसंबर में अपने देश लौटेंगी। इस दौरान उनकी हत्या भी हो जाए तो उन्हें मंजूर है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक हसीना अपने भाषण में देश के लिए अपना विजन भी पेश कर सकती हैं। उनके बेटे सजीब वाजेद जॉय भी कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। इसके अलावा अवामी लीग के कई सीनियर नेता भी इसमें हिस्सा लेंगे।

शेख हसीना की यह फुटेज हेलिकॉप्टर में बैठने से पहले की है। उन्होंने 5 अगस्त 2024 को देश छोड़ा था।

शेख हसीना की यह फुटेज हेलिकॉप्टर में बैठने से पहले की है। उन्होंने 5 अगस्त 2024 को देश छोड़ा था।

शेख हसीना ने 5 अगस्त का दिन ही क्यों चुना

5 अगस्त 2024 को ही छात्र आंदोलन के बाद शेख हसीना को बांग्लादेश छोड़ना पड़ा था। प्रदर्शनकारी उनके सरकारी आवास तक पहुंच गए थे। इसके बाद वह इस्तीफा देकर सेना के विमान से भारत आ गई थीं।

यानी जिस दिन उन्हें सत्ता छोड़नी पड़ी थी, उसी दिन वह दो साल बाद फिर लोगों के सामने आ रही हैं। माना जा रहा है कि वह इसी दिन अपनी राजनीतिक वापसी का मैसेज देना चाहती हैं।

हसीना के भाषण को लेकर बांग्लादेश में क्या चर्चा है?

बांग्लादेश सरकार ने इस भाषण के प्रसारित होने पर हर तरह से पाबंदी लगा दी है। प्रिंट, टीवी और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को चेतावनी दी गई कि शेख हसीना का भारत से होने वाला भाषण प्रसारित या प्रकाशित नहीं किया जाए क्योंकि अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) के आदेश के तहत इस बयान के प्रसारण पर रोक है। इस पाबंदी के बाद से ही सबसे ज्यादा चर्चा में ये है कि क्या हसीना वापस या सकती हैं या नहीं? हालांकि, बांग्लादेशी मीडिया में इस बात पर चर्चा चल रही है कि हसीना की वापसी से भारत और बांग्लादेश के रिश्तों पर क्या असर होने वाला है। बांग्लादेश के बड़े अखबार प्रोथोम आलो लिखता है, ‘भारत को बांग्लादेश से अपने द्विपक्षीय रिश्तों को लेकर गंभीर नजर आना चाहिए। इस तरह की राजनीतिक गतिविधि से रिश्तों पर खराब असर हो सकता है।’ द डेली स्टार का संपादकीय भी इसी लाइन पर है कि भारत की धरती से इस तरह की राजनीतिक गतिविधियां हाल ही में सुधरते रिश्तों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इस अखबार ने बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय के विरोध को भी जायज ठहराया है। उधर, बंगाली अखबार जुगांतर ने हसीना के वापस आने को लेकर विपक्षी पार्टियों के रुख को ज्यादा प्रमुखता से छापा है। सोशल मीडिया पर क्या चल रहा:

बांग्लादेशी फेसबुक, यूट्यूब और एक्स (X) पर इन हैश टैग के जरिए चर्चा हो रही है- #SheikhHasina #AwamiLeague #August5 #JulyUprising #IndiaBangladesh

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक बांग्लादेश की मीडिया और सोशल मीडिया में हसीना के भाषण को लेकर तीन तरह के नैरेटिव बने हुए हैं: 1. सरकार: हसीना ‘फरार अपराधी’ हैं, उन्हें कोई राजनीतिक मंच नहीं मिलना चाहिए। 2. छात्र आंदोलन से जुड़ी पार्टियां: हसीना की वापसी नहीं होनी चाहिए। हसीना लौट कर अदालत का सामना करें। 3. अवामी लीग समर्थक: हसीना ही राजनीतिक स्थिरता का विकल्प हैं और उनके बिना चुनाव निष्पक्ष नहीं होंगे।

——————————-

बांग्लादेश से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें..

बांग्लादेश के राष्ट्रपति ने इस्तीफा दिया:कहा- बीमार हूं, कई बार बेहोश हो जाता हूं; दावा- शेख हसीना से बातचीत की जानकारी लीक हुई

बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना इस्तीफा संसद (जातीय संसद) के स्पीकर हाफिज उद्दीन अहमद को सौंपा। राष्ट्रपति ने इस्तीफे की वजह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को बताया है। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.