Deepika Padukone With SRK In Cape Town; Shooting King With Baby Bump

8 मिनट पहले कॉपी लिंक बॉलीवुड एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण इन दिनों अपनी प्रेग्नेंसी के दौरान फिल्म ‘किंग’ की शूटिंग कर रहीं हैं। हाल ही में सोशल मीडिया पर दीपिका और शाहरुख खान की कुछ तस्वीरें वायरल हुई हैं। ये तस्वीरें साउथ अफ्रीका के केपटाउन की हैं। शूटिंग के दौरान दीपिका के लुक की काफी चर्चा हो रही है। फैंस ने दीपिका की ड्रेस को सर्च करना शुरू किया तो पता चला उन्होंने 23,537 रुपए (248 डॉलर) की ड्रेस पहनी हुई थी। ड्रेस की असली कीमत करीब 47 हजार रुपए थी, लेकिन फिलहाल यह 50% डिस्काउंट पर मिल रही थी। हालांकि,अब यह ड्रेस वेबसाइट पर आउट ऑफ स्टॉक हो चुकी है। प्रेग्नेंसी में भी शूट कर रहीं दीपिका ये तस्वीरें ऐसे समय में सामने आई हैं जब दीपिका पादुकोण ने हाल ही में अपनी दूसरी प्रेग्नेंसी की जानकारी फैंस के साथ शेयर की है। दीपिका ने 19 अप्रैल को इंस्टाग्राम पर एक फोटो पोस्ट की थी, जिसमें उनकी बेटी दुआ उनकी गोद में बैठी है और हाथ में प्रेग्नेंसी टेस्ट किट पकड़े हुए है। 6वीं बार साथ दिखेंगे शाहरुख-दीपिका शाहरुख खान और दीपिका पादुकोण की यह साथ में छठी फिल्म होगी। इससे पहले यह जोड़ी ‘ओम शांति ओम’, ‘चेन्नई एक्सप्रेस’, ‘हैप्पी न्यू ईयर’ और ‘पठान’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में नजर आ चुकी है। फिल्म ‘किंग’ में शाहरुख की बेटी सुहाना खान भी लीड रोल में नजर आएंगी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Deepika Padukone With SRK In Cape Town; Shooting King With Baby Bump

29 मिनट पहले कॉपी लिंक बॉलीवुड एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण इन दिनों अपनी प्रेग्नेंसी के दौरान फिल्म ‘किंग’ की शूटिंग कर रहीं हैं। हाल ही में सोशल मीडिया पर दीपिका और शाहरुख खान की कुछ तस्वीरें वायरल हुई हैं। ये तस्वीरें साउथ अफ्रीका के केपटाउन की हैं। शूटिंग के दौरान दीपिका के लुक की काफी चर्चा हो रही है। फैंस ने दीपिका की ड्रेस को सर्च करना शुरू किया तो पता चला उन्होंने 23,537 रुपए (248 डॉलर) की ड्रेस पहनी हुई थी। ड्रेस की असली कीमत करीब 47 हजार रुपए थी, लेकिन फिलहाल यह 50% डिस्काउंट पर मिल रही थी। हालांकि,अब यह ड्रेस वेबसाइट पर आउट ऑफ स्टॉक हो चुकी है। प्रेग्नेंसी में भी शूट कर रहीं दीपिका ये तस्वीरें ऐसे समय में सामने आई हैं जब दीपिका पादुकोण ने हाल ही में अपनी दूसरी प्रेग्नेंसी की जानकारी फैंस के साथ शेयर की है। दीपिका ने 19 अप्रैल को इंस्टाग्राम पर एक फोटो पोस्ट की थी, जिसमें उनकी बेटी दुआ उनकी गोद में बैठी है और हाथ में प्रेग्नेंसी टेस्ट किट पकड़े हुए है। 6वीं बार साथ दिखेंगे शाहरुख-दीपिका शाहरुख खान और दीपिका पादुकोण की यह साथ में छठी फिल्म होगी। इससे पहले यह जोड़ी ‘ओम शांति ओम’, ‘चेन्नई एक्सप्रेस’, ‘हैप्पी न्यू ईयर’ और ‘पठान’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में नजर आ चुकी है। फिल्म ‘किंग’ में शाहरुख की बेटी सुहाना खान भी लीड रोल में नजर आएंगी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Spirit Airlines Shuts Down | CEO Says No Money Left; Old Airline

वॉशिंगटन13 मिनट पहले कॉपी लिंक एयरलाइन मुख्य रूप से उन लोगों के लिए थी जो कम बजट में फ्लोरिडा और कैरिबियन देशों की यात्रा करना चाहते थे। अमेरिकी एयरलाइन कंपनी स्पिरिट एयरलाइंस ने वित्तीय संकट और ईंधन की कीमतों में अचानक आए उछाल के कारण अपना कामकाज पूरी तरह बंद कर दिया है। कंपनी ने 2 मई 2026 को आधिकारिक तौर पर अपने सभी ऑपरेशंस को सस्पेंड करने की घोषणा की। CEO बोले- हमारे पास पैसे नहीं बचे थे स्पिरिट एयरलाइंस के प्रेसिडेंट और CEO डेव डेविस ने कहा कि पिछले कुछ हफ्तों में ईंधन की कीमतों में हुई बेतहाशा बढ़ोतरी ने कंपनी को इस मोड़ पर खड़ा कर दिया है। बिजनेस को चालू रखने के लिए करोड़ों डॉलर की नकदी की जरूरत थी, जो कंपनी के पास नहीं थी। उन्होंने इसे एक ‘दुखद अंत’ बताया और कहा कि 34 साल से सस्ती हवाई यात्रा देने वाली एयरलाइन के पास अब ऑपरेशंस बंद करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था। स्पिरिट एयरलाइंस की शुरुआत 1983 में एक ट्रकिंग कंपनी ‘चार्टर वन’ के तौर पर हुई थी। 1992 में इसे रीब्रांड कर स्पिरिट एयरलाइंस बनाया गया। एयरलाइन के बंद होने की तीन बड़ी वजहें 1. कच्चा तेल महंगा होने से बिजनेस मॉडल गड़बड़ा गया था अमेरिका और ईरान की जंग ने स्पिरिट एयरलाइंस की मुश्किलें बढ़ा दीं थी। मार्च में हॉर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से ब्रेंट क्रूड ऑयल 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है। जेट फ्यूल महंगा होने के बाद प्रीमियम एयरलाइंस ने तो टिकट महंगी कर इसकी भरपाई कर ली, लेकिन स्पिरिट जैसी बजट एयरलाइन के पास कीमतें बढ़ाने की गुंजाइश नहीं थी। 2. ट्रम्प प्रशासन के साथ 500 मिलियन डॉलर की डील फेल ट्रम्प प्रशासन स्पिरिट एयरलाइंस को बचाने के लिए करीब ₹4,700 करोड़ का बेलआउट पैकेज देने पर विचार कर रहा था। डील के तहत सरकार एयरलाइन में 90% हिस्सेदारी लेती। हालांकि, सिटाडेल और एरेस मैनेजमेंट कॉर्प जैसे बड़े बॉन्डहोल्डर्स ने सरकारी शर्तों को मानने से इनकार कर दिया। इस वजह से यह डील फेल हो गई और एयरलाइन को बंद करना पड़ा। ट्रम्प प्रशासन के साथ डील शनिवार सुबह फेल हो गई और एयरलाइन को बंद करना पड़ा। 3. 2020 से अब तक 2.5 बिलियन डॉलर का नुकसान कंपनी की हालत लंबे समय से खराब थी। 2020 से अब तक कंपनी को 2.5 बिलियन डॉलर यानी, करीब 24 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का घाटा हो चुका था। पिछले साल कंपनी ने करीब 4 हजार कर्मचारियों की छंटनी की थी और 200 रूट बंद कर दिए थे। 2022 में फ्रंटियर एयरलाइंस और फिर जेटब्लू के साथ मर्जर की कोशिशें नाकाम रहीं। बाइडन प्रशासन ने 2024 में जेटब्लू के साथ मर्जर को ब्लॉक कर दिया था। कंपनी के कई विमानों के इंजनों में आई खराबी के कारण दर्जनों जेट्स ग्राउंडेड थे फरवरी 2026 तक कंपनी की मार्केट हिस्सेदारी गिरकर मात्र 3.9% रह गई थी। फ्लाइट कैंसिल होने के बाद महंगी टिकटें खरीदी अचानक फ्लाइट्स कैंसिल होने से यात्रियों को नुकसान उठाना पड़ा। नैशविले की अमांडा डेनियल ने बताया कि उन्हें फ्लोरिडा जाना था, लेकिन फ्लाइट कैंसिल होने का मैसेज मिला। उन्हें दूसरी एयरलाइन में 1000 डॉलर से ज्यादा खर्च कर टिकट लेनी पड़ी। अचानक फ्लाइट्स कैंसिल होने से यात्रियों को नुकसान उठाना पड़ा। क्रेडिट कार्ड वालों को राहत, पॉइंट्स और वाउचर डूबे एयरलाइन ने साफ किया है कि जिन लोगों ने क्रेडिट कार्ड से पेमेंट किया है, उन्हें रिफंड उसी मोड में वापस मिल जाएगा। हालांकि, जिन यात्रियों ने वाउचर, क्रेडिट या एयरलाइन पॉइंट्स के जरिए बुकिंग की थी, उन्हें अब दिवालियापन अदालत की प्रक्रिया का हिस्सा बनना होगा। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि ‘फ्री स्पिरिट पॉइंट्स’ अब मान्य नहीं हैं और इनकी वैल्यू शून्य हो गई है। ‘स्पिरिट इफेक्ट’ खत्म होने से महंगी हो सकती है हवाई यात्रा विशेषज्ञों का मानना है कि स्पिरिट एयरलाइंस के जाने से अमेरिका में हवाई सफर महंगा होगा। इसे ‘स्पिरिट इफेक्ट’ कहा जाता था, जिसके तहत स्पिरिट की कम कीमतों को देखकर दूसरी बड़ी एयरलाइंस भी अपने रेट कम रखती थीं। अब प्राइस बढ़ सकता है। ट्रकिंग कंपनी ‘चार्टर वन’ के तौर पर हुई थी कंपनी स्पिरिट एयरलाइंस की शुरुआत 1983 में एक ट्रकिंग कंपनी ‘चार्टर वन’ के तौर पर हुई थी। 1992 में इसे रीब्रांड कर स्पिरिट एयरलाइंस बनाया गया। यह एयरलाइन मुख्य रूप से उन लोगों के लिए थी जो कम बजट में फ्लोरिडा और कैरिबियन देशों की यात्रा करना चाहते थे। CEO डेव डेविस ने कहा कि उन्होंने बॉन्डहोल्डर्स के साथ मिलकर कंपनी को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन बदलती वैश्विक परिस्थितियों के आगे वे टिक नहीं सके। नॉलेज पार्ट: अगर आपकी एयरलाइन बंद हो जाए तो क्या करें? चार्जबैक फाइल करें: अगर आपने क्रेडिट कार्ड से टिकट बुक की है, तो बैंक से ‘चार्जबैक’ के लिए संपर्क करें। यह रिफंड पाने का सबसे तेज तरीका है। ट्रैवल इंश्योरेंस: अपनी पॉलिसी चेक करें कि क्या उसमें ‘इन्सॉल्वेंसी’ या ‘सर्विस सीज’ (सेवा बंद होना) कवर है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Mcap of four of top-10 most valued firms surges by ₹2.20 lakh crore, Reliance biggest winner

Hindi News Business Mcap Of Four Of Top 10 Most Valued Firms Surges By ₹2.20 Lakh Crore, Reliance Biggest Winner मुंबई30 मिनट पहले कॉपी लिंक मार्केट कैप के लिहाज से देश की 10 सबसे बड़ी कंपनियों में से 4 की वैल्यू बीते हफ्ते के कारोबार में 2.20 लाख करोड़ रुपए बढ़ गई। इस दौरान रिलायंस इंडस्ट्रीज की मार्केट वैल्यू सबसे ज्यादा बढ़ी है। रिलायंस की मार्केट वैल्यू ₹1.39 लाख करोड़ बढ़कर ₹19.36 लाख करोड़ पर पहुंच गई। वहीं भारती एयरटेल की मार्केट वैल्यू ₹43,503 करोड़ बढ़कर ₹11,49 लाख करोड़ पर पहुंच गई। TCS की मार्केट वैल्यू ₹27,569 करोड़ और बजाज फाइनेंस की वैल्यू ₹9,432 करोड़ बढ़ी है। इनके अलावा 6 कंपनियों की वैल्यू बीते हफ्ते के कारोबार में 1.24 लाख करोड़ रुपए घटी है। इनमें HDFC बैंक, SBI, ICICI बैंक, लार्सन एंड टुब्रो, HUL और LIC शामिल है। देश की टॉप-10 कंपनियों में से 4 की वैल्यू ₹2.20 लाख करोड़ बढ़ी कंपनी हफ्ते भर में चेंज (₹ करोड़ में) मौजूदा मार्केट कैप (₹ लाख करोड़ में) रिलायंस +1,39,655 19.36 एयरटेल +43,503 11.49 TCS +27,569 8.94 बजाज फाइनेंस +9,432 5.83 ICICI बैंक -45,364 9.04 SBI -30,922 9.85 HDFC बैंक -20,951 11.87 HUL -18,420 5.28 LIC -8,222 5.04 L&T -178 5.51 सोर्स: BSE (27 अप्रैल – 30 अप्रैल, 2026) बीते हफ्ते सेंसेक्स 250 अंक चढ़ा था पिछले हफ्ते सेंसेक्स 250 (0.32%) अंक चढ़ा था। वहीं बीते हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी गुरुवार (30 अप्रैल) को सेंसेक्स में 583 अंक (0.75%) की गिरावट रही। ये 76,913 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 180 अंकों (0.74%) की गिरावट रही, ये 23,998 के स्तर पर बंद हुआ था। मार्केट कैपिटलाइजेशन क्या होता है? मार्केट कैप किसी भी कंपनी के टोटल आउटस्टैंडिंग शेयरों यानी वे सभी शेयर जो फिलहाल उसके शेयरहोल्डर्स के पास हैं, उनकी वैल्यू है। इसका कैलकुलेशन कंपनी के जारी शेयरों की कुल संख्या को उनकी कीमत से गुणा करके किया जाता है। इसे एक उदाहरण से समझें… मान लीजिए… कंपनी ‘A’ के 1 करोड़ शेयर मार्केट में लोगों ने खरीद रखे हैं। अगर एक शेयर की कीमत 20 रुपए है, तो कंपनी की मार्केट वैल्यू 1 करोड़ x 20 यानी 20 करोड़ रुपए होगी। कंपनियों की मार्केट वैल्यू शेयर की कीमतों के बढ़ने या घटने के चलते बढ़ता-घटता है। इसके और कई कारण हैं… बढ़ने का क्या मतलब घटने का क्या मतलब शेयर की कीमत में बढ़ोतरी शेयर प्राइस में गिरावट मजबूत वित्तीय प्रदर्शन खराब नतीजे पॉजिटीव न्यूज या इवेंट नेगेटिव न्यूज या इवेंट पॉजिटीव मार्केट सेंटिमेंट इकोनॉमी या मार्केट में गिरावट हाई प्राइस पर शेयर जारी करना शेयर बायबैक या डीलिस्टिंग मार्केट कैप के उतार-चढ़ाव का कंपनी और निवेशकों पर क्या प्रभाव पड़ता है? कंपनी पर असर : बड़ा मार्केट कैप कंपनी को मार्केट से फंड जुटाने, लोन लेने या अन्य कंपनी एक्वायर करने में मदद करता है। वहीं, छोटे या कम मार्केट कैप से कंपनी की फाइनेंशियल डिसीजन लेने की क्षमता कम हो जाती है। निवेशकों पर असर : मार्केट कैप बढ़ने से निवेशकों को डायरेक्ट फायदा होता है। क्योंकि उनके शेयरों की कीमत बढ़ जाती है। वही, गिरावट से नुकसान हो सकता है, जिससे निवेशक शेयर बेचने का फैसला ले सकते हैं। उदाहरण: अगर TCS का मार्केट कैप ₹12.43 लाख करोड़ बढ़ता है, तो निवेशकों की संपत्ति बढ़ेगी, और कंपनी को भविष्य में निवेश के लिए ज्यादा पूंजी मिल सकती है। लेकिन मार्केट कैप गिरता है तो इसका नुकसान हो सकता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
‘अपने सिद्धांतों पर कायम रहूंगा’: बीजेपी में बदलाव के बाद पंजाब पुलिस की एफआईआर पर संदीप पाठक | भारत समाचार

आखरी अपडेट:03 मई, 2026, 18:02 IST पाठक की यह टिप्पणी उनके भाजपा में शामिल होने के कुछ दिनों बाद पंजाब पुलिस द्वारा कथित तौर पर भ्रष्टाचार और उत्पीड़न के आरोप में उनके खिलाफ दो एफआईआर दर्ज करने के बाद आई है। सांसद संदीप पाठक 24 अप्रैल को बीजेपी में शामिल हुए थे. (फोटो: पीटीआई) हाल ही में आम आदमी पार्टी (आप) से इस्तीफा देकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हुए राज्यसभा सांसद संदीप पाठक ने पंजाब पुलिस द्वारा भ्रष्टाचार और उत्पीड़न के आरोप में उनके खिलाफ दो एफआईआर दर्ज करने पर प्रतिक्रिया दी। पुलिस की यह कार्रवाई आप के प्रमुख रणनीतिकार पाठक के छह अन्य राज्यसभा सांसदों के साथ भाजपा में शामिल होने के बाद हुई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाठक के खिलाफ पंजाब के दो अलग-अलग जिलों में गैर-जमानती धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए थे। पत्रकारों से बात करते हुए, पाठक ने कहा कि उन्हें अभी तक एफआईआर के बारे में कोई औपचारिक जानकारी नहीं मिली है और उन्होंने सुझाव दिया कि पंजाब में राज्य मशीनरी का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “कल से टेलीविजन चैनल रिपोर्ट कर रहे हैं कि पंजाब में मेरे खिलाफ दो एफआईआर दर्ज की गई हैं। मुझे अभी तक इन एफआईआर के बारे में कोई औपचारिक या अनौपचारिक जानकारी नहीं मिली है। कल से, मैं एफआईआर की एक प्रति मिलने का इंतजार कर रहा हूं ताकि मैं जवाब दे सकूं।” #घड़ी | दिल्ली: राज्यसभा सांसद संदीप पाठक का कहना है, “कल से, टेलीविजन चैनल रिपोर्ट कर रहे हैं कि पंजाब में मेरे खिलाफ दो एफआईआर दर्ज की गई हैं। मुझे अभी तक इन एफआईआर के बारे में कोई औपचारिक या अनौपचारिक जानकारी नहीं मिली है। कल से, मैं इंतजार कर रहा हूं… pic.twitter.com/HDKjZ2a92B– एएनआई (@ANI) 3 मई 2026 आप से भाजपा में अपने परिवर्तन को संबोधित करते हुए, पाठक ने जोर देकर कहा कि उनका बाहर निकलना व्यक्तिगत लाभ के बजाय गहरे वैचारिक मतभेदों से प्रेरित था। उन्होंने कहा, “जब तक मैंने AAP में काम किया, सिद्धांतों और धार्मिकता के अनुसार काम किया। आज, मैं भाजपा में हूं। मैं सिद्धांतों और धार्मिकता के अनुसार काम करना जारी रखूंगा। राजनीति में सफलता या विफलता मेरे लिए कोई मायने नहीं रखती। मुझे यह सुनिश्चित करना है कि भले ही मैं असफल हो जाऊं, लेकिन मैं अपना राजनीतिक धर्म कभी नहीं तोड़ूं।” भाजपा, कांग्रेस ने लगाया ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ का आरोप इस बीच, भाजपा और शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे पाठक के खिलाफ आप का ”राजनीतिक प्रतिशोध” बताया। पंजाब भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष अश्विनी शर्मा ने राज्य की आप सरकार पर विपक्ष को दबाने के लिए पुलिस का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। शर्मा ने आरोप लगाया, “आप छोड़कर भाजपा में शामिल होने के बाद पंजाब में राज्यसभा सांसद संदीप पाठक के खिलाफ गैर-जमानती एफआईआर दर्ज करना स्पष्ट रूप से दिखाता है कि केजरीवाल और मान द्वारा पुलिस को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।” “यह डर, दहशत और बदले की राजनीति है।” कांग्रेस नेता शमा मोहम्मद ने भी आम आदमी पार्टी (आप) पर हमला करते हुए कहा, “अरविंद केजरीवाल ने उनका साथ छोड़ने वाले सांसदों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराना शुरू कर दिया है और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए पंजाब सरकार की मशीनरी का इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं।” यह तब हुआ जब 24 अप्रैल को AAP को भारी झटका लगा, जब उसके 10 में से सात सांसद – संदीप पाठक, राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता, विक्रमजीत साहनी और स्वाति मालीवाल – ने भाजपा में शामिल होने के लिए पार्टी छोड़ दी। इससे पहले पंजाब पुलिस ने सांसद और पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह की सुरक्षा वापस ले ली थी. (एजेंसियों से इनपुट के साथ) चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया ‘अपने सिद्धांतों पर कायम रहूंगा’: बीजेपी में बदलाव के बाद पंजाब पुलिस की एफआईआर पर संदीप पाठक अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)संदीप पाठक एफआईआर(टी)संदीप पाठक बीजेपी(टी)आप राजनीतिक प्रतिशोध(टी)पंजाब पुलिस एफआईआर(टी)राज्यसभा सांसद दलबदल(टी)आप से बीजेपी में स्विच(टी)गैर जमानती धाराएं पंजाब(टी)अरविंद केजरीवाल विवाद
Punjab CM Mann | 3 MPs Meet President | Youth Burnt Alive | Mayor Proposes Principal

. पंजाब में आज की सबसे बड़ी खबर बारिश से जुड़ी रही। तेज आंधी चलने के कारण कई जगह 3 से 5 घंटे लाइट गुल रही। पेड़ गिरने से कई कारों को नुकसान पहुंचा है। छतों पर रखी पानी की टंकियां तक उड़ गईं। दिनभर की 10 चुनिंदा बड़ी खबरों को VIDEO में देखने के लिए ऊपर क्लिक करें… इन 10 बड़ी खबरों को विस्तार से यहां पढ़ भी सकते हैं। तो आइए जानते हैं, पंजाब-चंडीगढ़ में दिनभर में क्या कुछ खास रहा… 1. पंजाब-चंडीगढ़ में तेज बारिश और आंधी, गाड़ियों पर दीवार और पेड़ गिरे, टेंट उड़े पंजाब और चंडीगढ़ में आज सुबह अचानक मौसम बदल गया। चंडीगढ़, जालंधर, अमृतसर, लुधियाना, मोहाली और आनंदपुर साहिब समेत कई जगह तेज बारिश हुई। वहीं आंधी के कारण नुकसान हुआ। कई जगह 3 से 5 घंटे लाइट गुल रही। मोहाली के फेज-6 में आंधी के चलते पेड़ गिरने से कई कारों को नुकसान पहुंचा है। यहां हवा इतनी तेज थी छतों पर रखी पानी की टंकियां तक उड़ गईं। वहीं फरीदकोट के कोटकपूरा की पुरानी अनाज मंडी में जागरण के लिए लगाए गए टेंट गिर गए। चंडीगढ़ के सेक्टर 43, 37 और मलोया में भी गाड़ियों पर पेड़ गिरे। चंडीगढ़ मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक आज 8 जिलों में गरज के साथ बारिश, बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने की संभावना है। इसको लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, होशियारपुर, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर और रूपनगर शामिल हैं। (पढ़ें पूरी खबर) 2. CM से पहले चड्ढा राष्ट्रपति से मिलेंगे पंजाब के सीएम भगवंत मान से पहले भाजपा सांसद राघव चड्ढा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेंगे। राष्ट्रपति ने 5 मई को सुबह 10:40 बजे राघव चड्ढा और तीन अन्य सांसदों को मिलने का समय दिया है। इसी दिन सीएम भगवंत मान को भी राष्ट्रपति से मुलाकात का समय मिला है। वहीं सांसद संदीप पाठक के खिलाफ दो FIR दर्ज होने के दावे के बाद पाठक पहली बार सामने आए। उन्होंने कहा- ऐसी खबरें चल रही हैं, लेकिन मुझे इस तरह की किसी FIR की जानकारी नहीं है। मुझे जब इनकी जानकारी दी जाएगी, तब मैं कोई जवाब दे पाऊंगा। उधर, पंजाब BJP के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात की। इस दौरान प्रदेश प्रधान सुनील जाखड़ ने संदीप पाठक पर दर्ज मामलों को लेकर कहा कि पर्चों से तो हम निपट लेंगे। AAP ने ने अपने MLA को डराया है। (पढ़ें पूरी खबर) 3. दो पन्ने का नोट लिखकर पिता का सुसाइड लुधियाना में ढाडी जत्थे के सदस्य ने सुसाइड कर लिया। वह सुबह घर से निकले थे। इसके बाद उनका शव धार्मिक स्थल के पास मिला। पुलिस को मौके से 2 पेज का सुसाइड नोट मिला है। परिवार के अनुसार बेटी की कॉन्ट्रैक्ट मैरिज और पैसों की मांग से परेशान होकर उन्होंने यह कदम उठाया। राइटर हरप्रीत सिंह उर्फ प्रीत सैंडल गांव मकसूदड़ा के रहने वाले थे। पुलिस ने बेटी के पति, उसके चाचा और एक ट्रैवल एजेंट के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया है। परिवार के अनुसार, हरप्रीत कल सुबह करीब 6 बजे घर से निकले थे और बाद में गांव के बाहरी इलाके में स्थित एक धार्मिक स्थल के पास उनका शव मिला। आशंका है कि उन्होंने शाम के समय, जब वहां सन्नाटा था, जहरीला पदार्थ निगला लिया। दोस्तों का कहना है कि यह वही जगह थी, जहां से उन्होंने अपने कलात्मक सफर की शुरुआत की थी। (पढ़ें पूरी खबर) 4. बेअदबी कानून को अकाल तख्त ने किया नामंजूर, स्पीकर तलब पंजाब में बेअदबी को लेकर लागू हुआ नया कानून अकाल तख्त को मंजूर नहीं है। इस संबंध में विधानसभा स्पीकर को 8 मई को तलब किया है। श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज की अध्यक्षता में हुई बेठक में यह फैसला लिया गया है। उन्होंने कहा कि स्पीकर से पूछा जाएगा कि पंथ की इजाजत के बिना कानून कैसे बनाया गया। इस कानून में गुरुद्वारा प्रबंधन और ग्रंथी सिंहों की जिम्मेदारी को स्पष्ट रूप से परिभाषित नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि यह विषय सीधे पंथ से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसके निर्णय पंथक स्तर पर ही लिए जाने चाहिए, न कि केवल सरकार द्वारा। श्री गुरु ग्रंथ साहिब केवल सिख समुदाय के ही नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के गुरु हैं। (पढ़ें पूरी खबर) 5. मेयर पति ने लेडी प्रिंसिपल लिखा- लव-यू लुधियाना में आम आदमी पार्टी (AAP) की मेयर इंद्रजीत कौर के पति रवि आनंद उर्फ लक्की और लेडी प्रिंसिपल की एक और चैटिंग सामने आई है। रवि आनंद ने लेडी प्रिंसिपल के साथ चैटिंग की और उन्हें प्रपोज करने के लिए फेसबुक मैसेंजर पर लव यू लिख दिया। लेडी प्रिंसिपल ने रवि आनंद के लव यू का जवाब देने के बजाए उससे सेल्फी मांगी, जिस पर रवि आनंद ने लिख दिया ‘फिगर की’। लेडी प्रिंसिपल का कहना है कि वह स्क्रीन पर उसकी फोटो लाना चाहती थीं। इसलिए, उन्होंने सेल्फी मांगी थी। लेडी प्रिंसिपल का कहना है कि लक्की चैटिंग में इधर-उधर की बात करता रहा और उन्हीं से सेल्फी मांगता रहा। आखिर में उसने सेल्फी दे दी। लेडी प्रिंसिपल का कहना है कि उन्होंने रवि आनंद की चैटिंग को स्क्रीन रिकॉर्ड कर सेव किया, क्योंकि वह साथ के साथ मैसेज डिलीट कर रहा था। (पढ़ें पूरी खबर) 6. लेडी डॉक्टर ने किया सुसाइड, सरकारी क्वार्टर में मिला शव फतेहगढ़ साहिब में सिविल अस्पताल की लेडी डॉक्टर ने सुसाइड कर लिया है। उनका शव सरकारी क्वार्टर में फंसी पर लटका हुआ मिला। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पोस्टमॉर्टम करवाया। इसके बाद शव को परिजनों के हवाले कर दिया गया है। मृतका की पहचान डॉक्टर रिया (30) के रूप में हुई है, जो वह मूल रूप से बठिंडा की करने वाली थीं। उसकी तीन साल पहले शादी हुई थी। थाना फतेहगढ़ साहिब के प्रभारी अशोक कुमार ने बताया कि डॉक्टर रिया ने फांसी क्यों लगाई अभी इसका कारण सामने नहीं आया है। प्रारंभिक जांच के अनुसार, मौके की तलाशी के दौरान कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस अब डॉक्टर के पारिवारिक पेशेवर और निजी जीवन से जुड़े पहलुओं को
केरल चुनाव नतीजों से पहले पिनाराई विजयन ने सोशल मीडिया बायो से ‘सीएम’ टैग हटाया | चुनाव समाचार

आखरी अपडेट:03 मई, 2026, 17:51 IST अद्यतन प्रोफ़ाइल में अब उन्हें “पोलित ब्यूरो सदस्य, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)” के रूप में वर्णित किया गया है। केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन. (पीटीआई) केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने रविवार को राज्य में हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों के लिए वोटों की गिनती से पहले अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल को अपडेट किया, और अपने बायो से “मुख्यमंत्री” टैग हटा दिया। अद्यतन प्रोफ़ाइल में अब उन्हें “पोलित ब्यूरो सदस्य, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)” के रूप में वर्णित किया गया है। यह बदलाव केरल में करीबी नजर वाले चुनावी मुकाबले के नतीजे घोषित होने से ठीक एक दिन पहले आया है। विजयन अपने गढ़ धर्मदाम से लगातार तीसरी बार ऐतिहासिक कार्यकाल की मांग कर रहे हैं, जो वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के लिए एक प्रमुख आधार बना हुआ है। यह क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से सत्तारूढ़ गठबंधन का गढ़ रहा है, लेकिन मौजूदा चुनाव को पिछले वर्षों की तुलना में अधिक प्रतिस्पर्धी लड़ाई के रूप में देखा जा रहा है। यह भी पढ़ें: यूडीएफ ने एग्जिट पोल का स्वागत किया जबकि एलडीएफ, भाजपा भविष्यवाणियों से असहमत हैं केरल में सत्तारूढ़ एलडीएफ को कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के साथ-साथ भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) से कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। यूडीएफ ने मुख्यमंत्री के खिलाफ वीपी अब्दुल रशीद को मैदान में उतारा था, जबकि एनडीए ने के रंजीत को उम्मीदवार बनाया था। 2021 के विधानसभा चुनावों में, विजयन ने 59.8 प्रतिशत वोट शेयर के साथ 95,522 वोट हासिल करके धर्मदाम सीट आराम से जीत ली। यूडीएफ के उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 28.4 प्रतिशत वोट मिले। 2016 में उन्होंने पहली बार 30,905 वोटों के अंतर से सीट जीती। मतगणना से पहले जारी एग्जिट पोल में मोटे तौर पर कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ को बढ़त मिलने की भविष्यवाणी की गई है, हालांकि विभिन्न एजेंसियों के अनुमान अलग-अलग हैं। कुछ सर्वेक्षण कांटे की टक्कर का संकेत देते हैं, जबकि अन्य विपक्षी गठबंधन को संभावित लाभ का संकेत देते हैं। केरल में 9 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान हुआ, जिसमें 78.27 प्रतिशत मतदान हुआ। कई अन्य राज्यों के साथ नतीजे 4 मई को घोषित होने वाले हैं। (एएनआई से इनपुट के साथ) चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : केरल, भारत, भारत समाचार चुनाव केरल चुनाव नतीजों से पहले पिनाराई विजयन ने सोशल मीडिया बायो से ‘सीएम’ टैग हटाया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)केरल विधानसभा चुनाव 2026(टी)पिनाराई विजयन(टी)केरल के मुख्यमंत्री(टी)धर्मदाम निर्वाचन क्षेत्र(टी)सीपीआई (एम) केरल(टी)यूडीएफ बनाम एलडीएफ(टी)बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए केरल(टी)एग्जिट पोल अनुमान
नारियल पानी vs गन्ने का रस: गर्मी में कौन है असली हाइड्रेशन किंग और किससे मिलेगी ज्यादा ताजगी और ताकत?

Hydration Drinks: गर्मी शुरू होते ही शरीर जैसे खुद ही ठंडक की तलाश में लग जाता है. सड़क किनारे गन्ने के रस की मशीन हो या ठेले पर रखे ताजे नारियल-दोनों ही विकल्प हमें बार-बार अपनी तरफ खींचते हैं, लेकिन सवाल वही रहता है, आखिर इनमें से कौन सा पेय सच में शरीर को ज्यादा ठंडा और हाइड्रेट करता है? कई लोग स्वाद के आधार पर चुनाव करते हैं, तो कुछ लोग सेहत को ध्यान में रखते हैं, अगर आप भी कंफ्यूज हैं कि इस गर्मी में क्या पीना ज्यादा फायदेमंद रहेगा, तो यह तुलना आपको एक साफ जवाब देने में मदद करेगी. यहां हम दोनों ड्रिंक्स के फायदे, असर और सही इस्तेमाल को आसान भाषा में समझेंगे. 1. नारियल पानी: हल्का, ताज़ा और हाइड्रेशन का मास्टरनारियल पानी को अक्सर नेचुरल एनर्जी ड्रिंक कहा जाता है. इसमें पोटैशियम, सोडियम और मैग्नीशियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स होते हैं, जो शरीर में पानी की कमी को जल्दी पूरा करते हैं. यही वजह है कि डॉक्टर भी डिहाइड्रेशन में इसे पीने की सलाह देते हैं. क्यों है खास?नारियल पानी पेट पर हल्का होता है और ज्यादा मीठा भी नहीं होता. इसलिए इसे पीने के बाद भारीपन महसूस नहीं होता. खासकर जब तेज धूप में बाहर से घर लौटते हैं, तो एक गिलास नारियल पानी शरीर को तुरंत राहत देता है. कई लोग वर्कआउट के बाद भी इसे पीना पसंद करते हैं, क्योंकि यह शरीर को जल्दी रिकवर करने में मदद करता है. कब पीना बेहतर?सुबह खाली पेट या दिन में किसी भी समय नारियल पानी पी सकते हैं. यह उन लोगों के लिए भी अच्छा है जिन्हें ज्यादा मीठा या शुगर से बचना होता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. 2. गन्ने का रस: तुरंत एनर्जी का देसी फॉर्मूलागन्ने का रस गर्मियों में सबसे ज्यादा बिकने वाला ड्रिंक है. इसका मीठा स्वाद और ठंडा असर लोगों को तुरंत आकर्षित करता है. इसमें नेचुरल शुगर होती है, जो शरीर को झट से एनर्जी देती है. क्या हैं इसके फायदे?गन्ने का रस पीने से थकान तुरंत दूर हो जाती है, अगर आप लंबे समय तक धूप में रहे हैं या बहुत ज्यादा काम किया है, तो यह ड्रिंक आपको तुरंत ताकत देता है. इसमें कुछ मात्रा में फाइबर और मिनरल्स भी होते हैं, जो पाचन में मदद करते हैं. कब पीना सही?दोपहर के समय या जब आपको जल्दी एनर्जी चाहिए, तब गन्ने का रस अच्छा विकल्प है. हालांकि, ज्यादा मात्रा में पीने से शुगर का लेवल बढ़ सकता है, इसलिए संतुलन जरूरी है. हाइड्रेशन vs एनर्जी: असली मुकाबलाकौन ज्यादा हाइड्रेट करता है?अगर बात सिर्फ हाइड्रेशन की हो, तो नारियल पानी आगे निकल जाता है. इसमें मौजूद इलेक्ट्रोलाइट्स शरीर को जल्दी हाइड्रेट करते हैं और पानी की कमी को संतुलित रखते हैं. कौन देता है ज्यादा ठंडक?दोनों ही ड्रिंक्स ठंडक देते हैं, लेकिन नारियल पानी ज्यादा हल्का और फ्रेश फील देता है. वहीं गन्ने का रस थोड़ा भारी हो सकता है, खासकर ज्यादा पीने पर. एनर्जी के मामले में कौन आगे?यहां गन्ने का रस जीतता है. इसमें मौजूद नेचुरल शुगर तुरंत एनर्जी देती है, जो नारियल पानी में कम होती है. रोजमर्रा की जिंदगी से एक उदाहरणमान लीजिए आप दोपहर में बाजार से लौटे हैं और बहुत थक गए हैं-ऐसे में गन्ने का रस आपको तुरंत राहत देगा. वहीं अगर आप पूरे दिन घर से बाहर हैं और बार-बार प्यास लग रही है, तो नारियल पानी ज्यादा बेहतर रहेगा. क्या सावधानियां रखें?दोनों ही ड्रिंक्स हेल्दी हैं, लेकिन हर चीज की तरह इन्हें भी लिमिट में लेना जरूरी है. खासकर डायबिटीज के मरीजों को गन्ने के रस से सावधान रहना चाहिए. वहीं नारियल पानी भी जरूरत से ज्यादा पीने पर इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बिगाड़ सकता है. किसे चुनें?अगर आपका फोकस हाइड्रेशन और हल्की ठंडक पर है, तो नारियल पानी बेहतर है, लेकिन अगर आपको तुरंत एनर्जी चाहिए, तो गन्ने का रस आपका साथी बन सकता है. सही चुनाव आपके शरीर की जरूरत और उस समय की स्थिति पर निर्भर करता है.
खीरा पुदीना की चटनी रेसिपी: गर्म शरीर को ठंडक दें विधि नोट करें

सामग्री: 1 बड़ा खेड़ा, पुदीना मसाला, 2-3 हरी मिर्च, 1 छोटा टुकड़ा अदरक, 1-2 मोटा दही, 1/2 मोटा जीरा पाउडर, स्वादानुसार नमक, 1/2 बड़ा काला नमक, 1 छोटा चम्मच का रस छवि: एआई बनाने की विधि: सबसे पहले ढोलकर को छूकर लें और छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें। अब मसाले में खेड़ा, पुदीना के टुकड़े, हरी मिर्च और अदरक डालें। इसमें नमक, काला नमक और इसके अलावा जीरा पाउडर भी डाला जाता है। छवि: फ्रीपिक अगर आप स्ट्रॉक करते हैं तो इसमें छोटी दही भी डाल सकते हैं, इसमें मक्खन और क्रीमी फ्लेवर हैं। अब इसे अच्छे से पीस लें। अंतिम में एक बार फिर से मिला लें। छवि: मेटा एआई इस अनमोल-ठंडी रेसिपी को आप गरमा-गरम पराठों, दाल-चावल, या फिर समोसा, पकौड़े के साथ परोस सकते हैं. यह हर खाने के साथ स्वाद को दोगुना कर देता है। छवि: एआई अधिक ठंडक के लिए मैक को धीमी गति से फर्म में ले जाएं। अगर सुपरमार्केट अधिकांश डेयरी हो जाए, तो इसमें छोटी दही या छोटी डेयरी बनाई जा सकती है। तीखा पसंद हो तो हरी मिर्च की मात्रा बढ़ सकती है। छवि: फ्रीपिक खेड़ा-पुदीना की ये है गर्मी में स्वाद और सेहत दोनों का ध्यान। इसे बनाना बेहद आसान है और यह हर किसी को पसंद आता है। एक बार घर पर निश्चित रूप से मिसाइलें बनाई जा सकती हैं। छवि: एआई
बलूचों के हमलों से US-Pak माइनिंग प्रोजेक्ट संकट में:कीमत ₹64000 करोड़; 4 महीने पहले 500 लड़ाकों ने 58 लोगों की हत्या की थी

पाकिस्तान के बलूचिस्तान में बढ़ती हिंसा ने अमेरिका-पाकिस्तान के रेको डिक माइनिंग प्रोजेक्ट को संकट में डाल दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसकी वैल्यू करीब 7.7 अरब डॉलर (₹64,000 करोड़) है। बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) के 500 से ज्यादा लड़ाकों ने 31 जनवरी को बलूचिस्तान के कई इलाकों में हमला कर 58 लोगों की हत्या कर दी थी, जिससे रेको डिक माइनिंग प्रोजेक्ट की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए। हमलावरों ने बैंक, पुलिस स्टेशन, जेल और सरकारी इमारतों को निशाना बनाया। कई जगहों पर आगजनी की गई और मुख्य सड़कों को जाम कर दिया गया, जिससे क्वेटा और कराची के बीच कनेक्टिविटी प्रभावित हुई। कुछ हमलावरों ने आत्मघाती विस्फोट भी किए। आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल, हमले और खतरनाक हुए रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलावरों ने ऑटोमैटिक राइफल और ग्रेनेड लॉन्चर जैसे आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल किया। इनमें से कुछ हथियार अफगानिस्तान में 2021 के बाद छोड़े गए अमेरिकी हथियार बताए जा रहे हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इतने बड़े स्तर पर हमला बिना लोकल समर्थन, मजबूत नेटवर्क और पर्याप्त हथियारों के मुमकिन नहीं है। रेको डिक प्रोजेक्ट पर सीधा असर हमलों का असर बलूचिस्तान के सबसे महत्वपूर्ण खनन प्रोजेक्ट रेको डिक पर पड़ा। यह क्षेत्र सोना और तांबे के बड़े भंडार के लिए जाना जाता है। हमलों के बाद इस साइट तक जाने वाले रास्ते कई दिनों तक बंद रहे, जिससे ऑपरेशन प्रभावित हुआ। यह प्रोजेक्ट अमेरिका और पाकिस्तान के बीच आर्थिक साझेदारी का केंद्र माना जा रहा है। अमेरिकी निवेश और विदेशी कंपनियों की चिंता अमेरिका ने इस प्रोजेक्ट में करीब 1.3 अरब डॉलर निवेश की घोषणा की है, जबकि कुल निवेश 2 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। कनाडा की बैरिक माइनिंग कंपनी ने सुरक्षा कारणों से प्रोजेक्ट की गति धीमी कर दी है और 2027 तक देरी की बात कही है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, अगर रेको डिक प्रोजेक्ट प्रभावित होता है, तो अमेरिका-पाकिस्तान साझेदारी को बड़ा झटका लग सकता है। BLA की बढ़ती ताकत और रणनीति में बदलाव पिछले कुछ सालों में BLA के हमले अधिक संगठित और तकनीकी रूप से मजबूत हुए हैं। यह संगठन अब सिर्फ सुरक्षा बलों ही नहीं, बल्कि नागरिकों और विदेशी निवेश को भी निशाना बना रहा है। सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में BLA अपने हमलों को ‘आजादी की लड़ाई’ के रूप में पेश करता है, जिससे उसे स्थानीय युवाओं का समर्थन मिल रहा है। अलगाववाद की जड़ें और स्थानीय असंतोष बलूचिस्तान में अलगाववाद की शुरुआत 1948 में पाकिस्तान के गठन के बाद हुई थी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उनके क्षेत्र के प्राकृतिक संसाधनों का फायदा बाहरी कंपनियां और केंद्र सरकार उठाती हैं, जबकि उन्हें रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलतीं। इसी असंतोष के कारण शिक्षित युवाओं का एक वर्ग भी उग्रवाद की ओर झुक रहा है। बलूचिस्तान की सीमा ईरान और अफगानिस्तान से लगती है। ऐसे में इन देशों में अस्थिरता का सीधा असर इस क्षेत्र पर पड़ता है। पाकिस्तानी अधिकारियों को आशंका है कि अगर ईरान के पूर्वी हिस्से में हालात बिगड़ते हैं, तो BLA जैसे संगठन और मजबूत हो सकते हैं और सीमा पार से हमले बढ़ सकते हैं। अन्य आतंकी संगठनों की मौजूदगी बलूचिस्तान में केवल BLA ही नहीं, बल्कि पाकिस्तानी तालिबान (TTP) और ISIS का क्षेत्रीय नेटवर्क भी सक्रिय हो रहा है। इससे सुरक्षा चुनौतियां और जटिल हो गई हैं। पाकिस्तान सरकार एक ओर सैन्य कार्रवाई के जरिए उग्रवाद को खत्म करने की कोशिश कर रही है, वहीं दूसरी ओर रोजगार और आर्थिक सहायता के जरिए युवाओं को मुख्यधारा में लाने की योजना बना रही है। हालांकि, मानवाधिकार संगठनों का आरोप है कि सरकार की सख्ती के चलते कई लोग लापता हो रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी और बढ़ रही है। —————- यह खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान का अफगानिस्तान पर मिसाइल अटैक, 7 की मौत:75 घायल; 6 PAK सैनिकों की मौत के बाद किया जवाबी हमला अफगानिस्तान के पूर्वी प्रांत कुनार में सोमवार को हुए हमलों में कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 75 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों में यूनिवर्सिटी के छात्र, बच्चे और आम नागरिक शामिल हैं। पढ़ें पूरी खबर…








