R Madhavan On Retirement Woes & Aging Challenges

7 मिनट पहले कॉपी लिंक बॉलीवुड एक्टर आर माधवन ने बढ़ती उम्र, लाइफ प्लानिंग और तेजी से बदलती दुनिया में खुद को रिलेवेंट बनाए रखने की चुनौतियों पर खुलकर बात की है। माधवन का मानना है कि मेडिकल साइंस की वजह से अब लोग पहले से ज्यादा लंबा जीवन जी रहे हैं, लेकिन रिटायरमेंट के बाद आने वाली मुश्किलों के लिए बहुत कम लोग तैयार हैं। अपनी उम्र के हिसाब से चुन रहे हैं रोल वरुण दुआ के साथ एक पॉडकास्ट में माधवन ने बताया कि वे अब वही रोल कर रहे हैं जो उनकी असल जिंदगी और उम्र से मेल खाते हैं। अपनी वेब सीरीज ‘लेगेसी’ का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “मैं ऐसे रोल कर रहा हूं जो मेरी उम्र के हिसाब से सही हैं। पिछली बार की तुलना में अब मेरे बाल पहले से कहीं ज्यादा सफेद हो गए हैं और मैं इसे स्वीकार करता हूं।” 90 से 100 साल जीना अब संभव मेडिकल साइंस में हुए विकास पर बात करते हुए माधवन ने कहा कि लंबी उम्र अब सामान्य होती जा रही है। उन्होंने कहा, “अगर आप हेल्दी रहें और अपनी लाइफस्टाइल का ध्यान रखें, तो 90 साल तक जीना अब कोई बड़ी बात नहीं है। अब 100 साल तक जीना भी मुमकिन हो रहा है, लेकिन इसके साथ ही बुढ़ापे की चुनौतियां भी बढ़ गई हैं।” शारीरिक निर्भरता है सबसे बड़ा डर जब माधवन से उनके सबसे बड़े डर के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बड़ी बेबाकी से जवाब दिया। एक्टर ने कहा, “मेरा सबसे बड़ा डर किसी पर निर्भर होना है, चाहे वो शारीरिक रूप से हो या आर्थिक रूप से। यह स्थिति मेरे लिए नरक से भी बदतर है। मैं अपनी गरिमा और आत्मसम्मान से समझौता नहीं कर सकता। मुझे हमेशा समाज में योगदान देने में सक्षम होना चाहिए।” रिटायरमेंट प्लानिंग पर माधवन की सोच माधवन ने जीवन के चरणों को समझाते हुए कहा कि पहले 30 साल पढ़ाई और प्लानिंग में बीतते हैं। अगले 30 साल करियर और परिवार बनाने के होते हैं, लेकिन 60 साल की उम्र के बाद एक ठहराव आ जाता है। उन्होंने कहा, “60 के बाद अगले 30 साल के लिए किसी के पास कोई योजना नहीं होती। रिटायरमेंट के बाद अचानक आप अपनी पावर और पहचान खो देते हैं। कल तक आप ‘सर’ थे, आज सिर्फ एक आम नागरिक हैं। लोग इस बदलाव के मानसिक असर को कम आंकते हैं।” दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
R Madhavan On Retirement Woes & Aging Challenges

30 मिनट पहले कॉपी लिंक बॉलीवुड एक्टर आर माधवन ने बढ़ती उम्र, लाइफ प्लानिंग और तेजी से बदलती दुनिया में खुद को रिलेवेंट बनाए रखने की चुनौतियों पर खुलकर बात की है। माधवन का मानना है कि मेडिकल साइंस की वजह से अब लोग पहले से ज्यादा लंबा जीवन जी रहे हैं, लेकिन रिटायरमेंट के बाद आने वाली मुश्किलों के लिए बहुत कम लोग तैयार हैं। अपनी उम्र के हिसाब से चुन रहे हैं रोल वरुण दुआ के साथ एक पॉडकास्ट में माधवन ने बताया कि वे अब वही रोल कर रहे हैं जो उनकी असल जिंदगी और उम्र से मेल खाते हैं। अपनी वेब सीरीज ‘लेगेसी’ का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “मैं ऐसे रोल कर रहा हूं जो मेरी उम्र के हिसाब से सही हैं। पिछली बार की तुलना में अब मेरे बाल पहले से कहीं ज्यादा सफेद हो गए हैं और मैं इसे स्वीकार करता हूं।” 90 से 100 साल जीना अब संभव मेडिकल साइंस में हुए विकास पर बात करते हुए माधवन ने कहा कि लंबी उम्र अब सामान्य होती जा रही है। उन्होंने कहा, “अगर आप हेल्दी रहें और अपनी लाइफस्टाइल का ध्यान रखें, तो 90 साल तक जीना अब कोई बड़ी बात नहीं है। अब 100 साल तक जीना भी मुमकिन हो रहा है, लेकिन इसके साथ ही बुढ़ापे की चुनौतियां भी बढ़ गई हैं।” शारीरिक निर्भरता है सबसे बड़ा डर जब माधवन से उनके सबसे बड़े डर के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बड़ी बेबाकी से जवाब दिया। एक्टर ने कहा, “मेरा सबसे बड़ा डर किसी पर निर्भर होना है, चाहे वो शारीरिक रूप से हो या आर्थिक रूप से। यह स्थिति मेरे लिए नरक से भी बदतर है। मैं अपनी गरिमा और आत्मसम्मान से समझौता नहीं कर सकता। मुझे हमेशा समाज में योगदान देने में सक्षम होना चाहिए।” रिटायरमेंट प्लानिंग पर माधवन की सोच माधवन ने जीवन के चरणों को समझाते हुए कहा कि पहले 30 साल पढ़ाई और प्लानिंग में बीतते हैं। अगले 30 साल करियर और परिवार बनाने के होते हैं, लेकिन 60 साल की उम्र के बाद एक ठहराव आ जाता है। उन्होंने कहा, “60 के बाद अगले 30 साल के लिए किसी के पास कोई योजना नहीं होती। रिटायरमेंट के बाद अचानक आप अपनी पावर और पहचान खो देते हैं। कल तक आप ‘सर’ थे, आज सिर्फ एक आम नागरिक हैं। लोग इस बदलाव के मानसिक असर को कम आंकते हैं।” दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 परिणाम: ममता बनर्जी की सीट भवानीपुर में फिर से तूफान, टीएमसी का आरोप- ‘मजबूत कमरे के पास बीजेपी के झंडे वाली रैली’

चुनाव समाचार: पश्चिम बंगाल में मातृभाषा का समय 24 घंटे से भी कम रह गया है। ऐसे में फिर से राज्य में क्रिसमस का नजारा देखने को मिला है. इस बार यह ममता बनर्जी के विधानसभा क्षेत्र भवानीपुर में हुआ है। आरोप है कि स्ट्रैंग रूम में डीजे वाली शोरूम का ताला खोल दिया गया। घटना इलाके के सखावत मेमोरियल गर्ल्स स्कूल में हुई है। इस दौरान ममता बनर्जी चार घंटे तक फ्लैट पर रहीं। ममता ने बिना इजाजत जनता पर लगाया आरोप. राज्य में डॉक्यूमेंट्री के बीच सीक्वल मुकाबला देखने को मिल सकता है। क्योंकि डेवलपर की तरफ से स्ट्रैंग रूम की इबादत पर नज़र रखी जा रही है। उद्योगपति का आरोप- आर्मी जीप में बीजेपी का झंडा लगा थान्यूज एजेंसियों से बात करते हुए कार्यकर्ता ने कहा कि पुलिस अपना काम ठीक से कर रही थी। पुलिस तो साइकलों की भी जांच कर रही थी। एक कार के अंदर घुसेड़. हमने आर्मी जीप में बीजेपी का झंडा देखा. उसे बिना जांच के ही आगे बढ़ाया गया। हमारे इस पर डेमोक्रेसी. एक अन्य कार्यकर्ता ने बताया कि गाड़ी अंदर चली गई। वह एक सफेद रंग की गाड़ी थी। इसके आगे बीजेपी का लोगो लगा था. पीछे सेना ने लिखा था. पुलिस ने गाड़ी की जांच नहीं की. किसी भी गाड़ी को अंदर जाने की इजाज़त कैसे दी जा सकती है? ये भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल चुनाव: बंगाल में बिधाननगर काउंटींग सेंटर के बाहर तूफान! टीएमसी-बीजेपी में हुई महंगाई, पुलिस ने की लाठियां चुनाव आयोग ने दी सफाई वहीं इस मामले में पूरे चुनाव आयोग के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कार साहिब मुखर्जी रोड से गुजरात रही थी। आईडिया फ़ोर्स और पुलिस चेन्किंग के बाद कुछ भी स्ट्रेंथ न मिलने पर उनसे मुलाकात की गई। इधर, राज्य में कई जगहों पर इसी तरह स्ट्रांग रूम के बाहर कांस्टविंट का मौसम हो रहा है। सोमवार सुबह 8 बजे से शुरू होगी तृतीया 4 मई यानी सोमवार को फाल्टा जिले को राज्य की 293 वीं तिमाही पर छोड़ दिया जाएगा। इसके अलावा अन्य जिलों के नतीजे भी आएंगे। प्रातः 8 बजे से मातृभाषा प्रारम्भ होगी। ये भी पढ़ें: कहानी की मार! दूध की दुकान में 4 रुपये की बढ़ोतरी, इस राज्य ने लिया बड़ा फैसला (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)कोलकाता(टी)बीजेपी बनाम टीएमसी(टी)पश्चिम बंगाल परिणाम 2026(टी)ताजा समाचार(टी)अपडेट समाचार(टी)टीएमसी कार्यकर्ताओं ने सफेद कार पर बीजेपी लोगो का आरोप लगाया(टी)ममता बनर्जी विरोध(टी)भवानीपुर विधानसभा चुनाव(टी)स्ट्रांग रूम भवानीपुर(टी)कोलकाता समाचार(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)कोलकाता(टी)बीजेपी बनाम टीएमसी(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम 2026(टी)ताजा खबरें(टी)अपडेट(टी)टीएमसी सोसायटी का आरोप – सफेद कार पर बीजेपी के लोगो(टी)ममता बनर्जी का विरोध प्रदर्शन(टी)भवानीपुर विधानसभा चुनाव(टी)भवानीपुर स्ट्रॉन्ग रूम(टी)कोलकाता समाचार
मीठे नीम का कमाल! बाल को काला-घना करने से लेकर डायबिटीज कंट्रोल तक… सिर्फ एक पत्ता बदल देगा आपकी सेहत

Last Updated:May 03, 2026, 16:58 IST Curry Leaves Health Benefits: अगर आप भी झड़ते बालों, चेहरे के जिद्दी दानों या डायबिटीज जैसी समस्याओं से परेशान हैं और महंगे इलाज कराकर थक चुके हैं, तो यह खबर आपके लिए है. जिसे हम अक्सर रसोई में सिर्फ छौंक लगाने के काम आने वाला ‘करी पत्ता’ समझते हैं, वह असल में औषधीय गुणों का एक ऐसा खजाना है जो आपके घर के आसपास ही मुफ्त में मिल जाता है. आयुर्वेद विशेषज्ञों के अनुसार, बालों को जड़ों से काला और घना बनाने से लेकर ब्लड शुगर को कंट्रोल करने तक, इस एक पत्ते के फायदे आपको हैरान कर देंगे. Curry Leaves Health Benefits: करी पत्ता जिसे ‘मीठा नीम’ भी कहा जाता है, भारतीय घरों का एक अहम हिस्सा है. अक्सर लोग इसका इस्तेमाल सिर्फ खाने का स्वाद और खुशबू बढ़ाने के लिए करते हैं, लेकिन आयुर्वेद में इसे एक शक्तिशाली औषधि माना गया है. देहरादून की आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. शालिनी के अनुसार, करी पत्ता बालों, त्वचा और आंतरिक स्वास्थ्य के लिए किसी जादुई जड़ी-बूटी से कम नहीं है. इसके नियमित और सही इस्तेमाल से आप कई गंभीर परेशानियों से घर बैठे निजात पा सकते हैं. आजकल के प्रदूषण और केमिकल युक्त शैंपू के कारण बाल झड़ना और समय से पहले सफेद होना एक बड़ी समस्या बन गया है. डॉ. शालिनी बताती हैं कि करी पत्ता बालों की सेहत के लिए सबसे बेहतरीन प्राकृतिक उपाय है. अगर आप इसके ताजे पत्तों को पीसकर नारियल तेल के साथ मिलाकर स्कैल्प पर लगाते हैं, तो यह बालों की जड़ों को मजबूती देता है. इसमें मौजूद पोषक तत्व न केवल बालों का गिरना रोकते हैं, बल्कि उन्हें अंदर से पोषण देकर काला और चमकदार भी बनाते हैं. यह बाजार में मिलने वाले महंगे हेयर ट्रीटमेंट्स का एक सस्ता और सुरक्षित विकल्प है. त्वचा के लिए नेचुरल केमिकल फ्री कॉस्मेटिकगर्मियों के मौसम में चेहरे पर कील-मुहासे और दानों की समस्या आम हो जाती है. करी पत्ते में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो त्वचा को इंफेक्शन से बचाते हैं. इसके पत्तों का लेप चेहरे पर लगाने से न केवल ठंडक मिलती है, बल्कि यह त्वचा की रंगत को साफ करने और दाग-धब्बों को कम करने में भी मदद करता है. जो लोग अपनी स्किन केयर रूटीन में केमिकल से बचना चाहते हैं, उनके लिए करी पत्ता एक बेहतरीन विकल्प है. पाचन तंत्र को भी रखता है दुरुस्तस्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, डायबिटीज के मरीजों के लिए करी पत्ते का सेवन बहुत फायदेमंद होता है. यह शरीर में इंसुलिन की गतिविधि को प्रभावित कर ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में मदद करता है. इसके अलावा, जिन लोगों को पाचन की समस्या जैसे कब्ज, गैस या अपच रहती है, उनके लिए इसका चूर्ण या अर्क मेटाबॉलिज्म को तेज करता है. यह लिवर को डिटॉक्स करने और उसे बेहतर तरीके से काम करने में भी सहायता करता है. सिरदर्द और तनाव से तुरंत राहतआज की भागदौड़ भरी जिंदगी में सिरदर्द और मानसिक तनाव एक आम बात है. इसके लिए बार-बार पेनकिलर लेना सेहत के लिए ठीक नहीं होता. करी पत्ते के अर्क या इसके तेल से सिर की मालिश करने पर काफी राहत मिलती है. इसकी खास खुशबू और औषधीय तत्व मानसिक शांति प्रदान करते हैं और तनाव को कम करने में मददगार साबित होते हैं. About the Author Seema Nath सीमा नाथ 6 साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत शाह टाइम्स में रिपोर्टिंग के साथ की जिसके बाद कुछ समय उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Dehradun,Uttarakhand
Inflation in Pakistan could rise to as high as 11%, and the Pakistani Rupee could reach 298 against the US Dollar

Hindi News Business Inflation In Pakistan Could Rise To As High As 11%, And The Pakistani Rupee Could Reach 298 Against The US Dollar नई दिल्ली13 मिनट पहले कॉपी लिंक मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और बढ़ते तेल संकट के कारण पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर दबाव और बढ़ने वाला है। अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती रहीं, तो पाकिस्तान में महंगाई दर फिर से दहाई के आंकड़े को पार कर 11% तक पहुंच सकती है। इसके अलावा डॉलर के मुकाबले पाकिस्तानी रुपया की कीमत 298 तक जा सकती है। डॉन और टॉपलाइन सिक्योरिटीज लिमिटेड की पाकिस्तान स्ट्रैटेजी रिपोर्ट में इस बात की जानकारी दी गई है। 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकता है कच्चा तेल, महंगाई बढ़ेगी रिपोर्ट के अनुसार, मौजूदा हालात में अगले एक साल तक महंगाई औसतन 9 से 10% के बीच रह सकती है। वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में इसके 11% से ऊपर जाने का अनुमान है। अगर कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल रहती है, तो महंगाई बढ़ेगी और तेल में हर 10 डॉलर के उछाल से महंगाई 50 बेसिस पॉइंट बढ़ जाएगी। तेल 120 डॉलर प्रति बैरल पहुंचने पर सालाना महंगाई 11% तक जा सकती है, जिससे स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान को ब्याज दरें बढ़ाने पर मजबूर होना पड़ेगा। महंगाई के कारण पाकिस्तान की GDP ग्रोथ के अनुमान में भी कटौती बढ़ती महंगाई के कारण पाकिस्तान की आर्थिक ग्रोथ की रफ्तार धीमी होने की आशंका है। रिपोर्ट में वित्त वर्ष 2027 के लिए GDP ग्रोथ का अनुमान 4.0% से घटाकर 2.5 से 3.0% कर दिया गया है। वित्त वर्ष 2026 के लिए ग्रोथ 3.5 से 4.0% रहने की संभावना है। औद्योगिक क्षेत्र यानी इंडस्ट्रियल सेक्टर पर इसका सबसे बुरा असर पड़ सकता है, जहां ग्रोथ 4% से गिरकर महज 1% पर आ सकती है। वित्त वर्ष 2027 में पाकिस्तान का CAD 8 बिलियन डॉलर के पार जा सकता है रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि अगर सरकार ने आयात यानी इंपोर्ट पर कंट्रोल नहीं रखा, तो वित्त वर्ष 2027 में पाकिस्तान का करंट अकाउंट डेफिसिट यानी CAD 8 बिलियन डॉलर (करीब ₹67,000 करोड़) के पार जा सकता है। इससे विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव और बढ़ेगा। वहीं वित्त वर्ष 2026 में राजकोषीय घाटा यानी फिस्कल डेफिसिट GDP का 4.0 से 4.5% रहने का अनुमान है, जो इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) के तय लक्ष्यों से काफी ज्यादा है। पाकिस्तानी मार्केट दुनिया का सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला बाजार बना पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज (PSX) दुनिया के सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले बाजारों में से एक रहा है। इसकी मुख्य वजह ऊर्जा के लिए आयात पर भारी निर्भरता है। पाकिस्तान अपनी जरूरत की 85% ऊर्जा आयात करता है। वित्त वर्ष 2026 में पेट्रोलियम आयात 15 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। इसी वजह से साल की पहली तिमाही में मार्केट में 15% की गिरावट देखी गई है। एक्सपोर्ट और विदेशों से आने वाले फंड्स में भी गिरावट की आशंका पाकिस्तान के आर्थिक भविष्य पर रेमिटेंस (विदेशों से आने वाला पैसा) में 3.5% की कमी आ सकती है। खाड़ी देशों (GCC) से आने वाले पैसे में 10% की गिरावट आ सकती है। साथ ही एक्सपोर्ट में भी 4% की कमी होने का अनुमान है। पाकिस्तानी रुपया (PKR) भी डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर वित्त वर्ष 2027 तक 298 के स्तर पर पहुंच सकता है। कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स यानी महंगाई दर क्या होती है? कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) वह पैमाना है जिससे हम आम जनता द्वारा खरीदी जाने वाली वस्तुओं और सेवाओं की औसत कीमतों में होने वाले बदलाव को मापते हैं। जब यह दर 11% कही जाती है, तो इसका मतलब है कि पिछले साल के मुकाबले औसत खर्च 11% बढ़ गया है। ये खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान में डीजल 55% और पेट्रोल 43% महंगा: डीजल 184 महंगा होकर 520, पेट्रोल 137 बढ़कर 458 रुपया/लीटर हुआ; ईरान जंग का असर पाकिस्तान में डीजल-पेट्रोल सबसे ज्यादा महंगा हो गया है। एक लीटर पेट्रोल 458 और डीजल 520 रुपया (पाकिस्तानी रुपया) के पार पहुंच गया है। सरकार ने पेट्रोल में 43% और हाई-स्पीड डीजल (HSD) के दाम में 55% का इजाफा किया है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
30 दिन तक रोज दही खाने से क्या होगा? जानें स्किन, बाल, पेट और हड्डियों पर होने वाला असर, खुद दिखेगा फर्क

Daily Curd Benefits: रोजमर्रा की भागदौड़ में लोग अक्सर महंगे सप्लीमेंट, स्किन प्रोडक्ट्स और फिटनेस प्लान पर पैसा खर्च करते हैं, लेकिन कई बार असली फायदा हमारी रसोई में रखी साधारण चीजों से मिलता है. दही भी ऐसी ही एक चीज है, जो स्वाद के साथ सेहत का मजबूत साथी मानी जाती है, अगर आप रोजाना सिर्फ एक कटोरी दही 30 दिनों तक खाते हैं, तो शरीर में कई सकारात्मक बदलाव नजर आ सकते हैं. चेहरे की चमक बढ़ने से लेकर बालों की मजबूती, पेट की सेहत से लेकर हड्डियों तक दही का असर दिख सकता है. यही वजह है कि हेल्थ एक्सपर्ट्स भी इसे डेली डाइट का हिस्सा बनाने की सलाह देते हैं. सही मात्रा और सही समय पर दही खाना आपके लिए छोटा कदम लेकिन बड़ा फायदा साबित हो सकता है. दही क्यों माना जाता है सुपरफूड?दही एक ऐसा डेयरी फूड है जिसमें कैल्शियम, प्रोटीन, फॉस्फोरस, विटामिन B12, पोटैशियम, जिंक और अच्छे बैक्टीरिया यानी प्रोबायोटिक्स पाए जाते हैं. यही वजह है कि यह सिर्फ पेट भरने वाला भोजन नहीं बल्कि बॉडी को अंदर से सपोर्ट करने वाला फूड माना जाता है. गांवों से लेकर शहरों तक दही भारतीय खानपान का हिस्सा रहा है. गर्मियों में लोग इसे ठंडक के लिए खाते हैं, वहीं कई घरों में खाना बिना दही के अधूरा माना जाता है. 30 दिन लगातार दही खाने से क्या बदलाव दिख सकते हैं?-स्किन पर आएगा नेचुरल ग्लोअगर आपकी त्वचा थकी हुई, बेजान या डल दिखती है तो दही मददगार हो सकता है. इसमें मौजूद लैक्टिक एसिड और जरूरी पोषक तत्व स्किन हेल्थ को सपोर्ट करते हैं. नियमित सेवन से चेहरे पर निखार और फ्रेशनेस महसूस हो सकती है. कई लोग बताते हैं कि जब उन्होंने जंक फूड कम करके दही को डाइट में शामिल किया, तो कुछ हफ्तों में त्वचा पहले से बेहतर दिखने लगी. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. -बाल बन सकते हैं ज्यादा मजबूतकमजोर बाल, टूटना और रूखापन आज आम परेशानी है. दही में मौजूद प्रोटीन बालों के लिए जरूरी माना जाता है. यह केराटिन निर्माण में मदद करता है, जो बालों की स्ट्रक्चर का अहम हिस्सा है, अगर आपकी डाइट में प्रोटीन कम है तो रोज दही खाना फायदा दे सकता है. इससे बालों की चमक और मजबूती बेहतर हो सकती है. -शरीर में बढ़ सकती है एनर्जीकई लोग सुबह उठते ही थकान महसूस करते हैं या दिनभर सुस्ती रहती है. दही में मौजूद विटामिन B12 और दूसरे न्यूट्रिएंट्स शरीर को ऊर्जा देने में मदद करते हैं, अगर इसे नाश्ते या दोपहर के खाने के साथ लिया जाए तो शरीर हल्का महसूस कर सकता है. खासकर गर्म मौसम में दही खाने से ताजगी भी महसूस होती है. पेट की समस्याओं में राहत-पाचन रहेगा बेहतरदही को सबसे ज्यादा पाचन के लिए जाना जाता है. इसमें अच्छे बैक्टीरिया होते हैं, जो आंतों के संतुलन को बेहतर रखने में मदद करते हैं, अगर किसी को गैस, भारीपन, कब्ज या एसिडिटी की दिक्कत रहती है तो दही उपयोगी हो सकता है. हालांकि अगर किसी को डेयरी से परेशानी है तो डॉक्टर की सलाह जरूरी है. -खाने का बेहतर उपयोगजब पाचन सही रहता है तो शरीर पोषण को बेहतर तरीके से इस्तेमाल करता है. इसका असर त्वचा, ऊर्जा और इम्युनिटी तक दिख सकता है. हड्डियों को मिलेगा सहारादही कैल्शियम और फॉस्फोरस का अच्छा स्रोत माना जाता है. ये दोनों पोषक तत्व हड्डियों और दांतों के लिए जरूरी हैं. बढ़ती उम्र, महिलाओं और बच्चों के लिए यह खास तौर पर फायदेमंद हो सकता है. अगर कोई व्यक्ति दूध नहीं पीता, तो दही उसके लिए अच्छा विकल्प बन सकता है. दही खाने का सही तरीका क्या है?दही का फायदा पाने के लिए इसे जरूरत से ज्यादा खाना जरूरी नहीं. रोज एक कटोरी दही काफी मानी जाती है. इसे आप ऐसे खा सकते हैं: -सादा दही सबसे बेहतरमीठा या फ्लेवर वाला दही खाने के बजाय सादा दही ज्यादा अच्छा विकल्प है. -किस समय खाएं?दोपहर के खाने के साथ या सुबह नाश्ते में दही लेना अच्छा माना जाता है. रात में कुछ लोगों को सूट नहीं करता, इसलिए शरीर के हिसाब से चुनें. -क्या रखें ध्यान?अगर सर्दी, एलर्जी या लैक्टोज इंटॉलरेंस की समस्या है तो पहले विशेषज्ञ से सलाह लें. दही कोई जादुई चीज नहीं, लेकिन नियमित और संतुलित सेवन से यह शरीर को कई तरह से फायदा पहुंचा सकता है. सिर्फ 30 दिन तक एक कटोरी दही खाने की आदत आपकी स्किन, बाल, पेट और हड्डियों पर अच्छा असर दिखा सकती है. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
मैंगो रसमलाई रेसिपी: गर्म में ठंडा खाने का क्या है मन? बाजार से नहीं घर पर असली मैंगो रसमलाई, सब पूछेंगे सीक्रेट रेसिपी

आवश्यक सामग्री: 1 लीटर फुल क्रीम दूध, 2-3 चम्मच चम्मच आम, 2-3 बड़े चम्मच नींबू का रस या सिरका, 4-5 बड़े चम्मच चीनी, 4-5 इलायची पाउडर, सीधे से केसर के टुकड़े, कटे हुए पिस्ता और बादाम छवि: फ्रीपिक बनाने की आसान विधि: सबसे पहले दूध को लेबल लें। जब दूध के मसाले लगें, तब गैस के मिश्रण और मसाले का रस डालें। दूध वसा और छेना अलग हो जाएगा। छवि: फ्रीपिक अब इसे कपड़ों में अच्छे से ठंडा पानी से धो लें और 20-25 मिनट के लिए लटकाएं ताकि पानी निकल जाए। चेना को अच्छे से मसलकर दोस्त कर लें। अब छोटे-छोटे गोल या चपटी टिक्की जैसा आकार। छवि: फ्रीपिक एक पैन में पानी और थोड़ा सा चीनी स्टाॅकलिस्ट। इसमें गोले तैयार करें और 10-12 मिनट तक का समय लें। ये फूल जाएंगे और मुलायम हो जाएंगे। छवि: फ्रीपिक दूसरे पैन में दूध के टुकड़े और उसे छोटे नीले रंग का होना। इसमें चीनी, कालीमिर्च पाउडर और आम का पल्प शामिल है। 2-3 मिनट का समय। अब चाशनी से गोल प्लास्टिक पोर्टेबल और मैंगो मिल्क दाल में डाल दीजिए. छवि: एआई ऊपर से केसर और गिटार ऑर्केस्ट्रा शामिल हैं। रसमलाई को 2-3 घंटे के लिए फ़रिश्ता में ठंडा होने दें। अनोखा-ठंडी मैंगो रसमलाई सर्व कर सकते हैं। हर बेबी में आम का फ्लेवर और मलाई की सॉफ्टनेस आपको खुश कर देगी। छवि: एआई रसमलाई को हमेशा के लिए बनाकर इसका उपयोग कर लें। छैना हेल्थकेयर लॉजिस्टिक होगा, रसमलाई बिल्कुल ही मुलायम होगी। अधिकांश कच्चे दूध का स्वाद और समृद्ध रचनाएँ हैं। छवि: एआई अब जब भी आपका मन कुछ मीठा और ठंडा खाने का है, तो बाहर से चखने की बजाय घर पर ये आसान आम रसमलाई जरूर ट्राई कर सकते हैं। सब आपके पसंदीदा होंगे और रेसिपी भी पूछेंगे। छवि: फ्रीपिक (टैग्सटूट्रांसलेट) मैंगो रसमलाई रेसिपी(टी) रसमलाई रेसिपी(टी) मैंगो रसमलाई(टी)घर पर रसमलाई कैसे बनाएं(टी)मैंगो डिश(टी)मैंगो रसमलाई रेसिपी(टी)ग्रीष्मकालीन डिश(टी)कूलिंग डिश
गर्मियों में बड़े करामाती होते हैं ये हर्बल पौधे, लू और धूप का सबसे कारगर उपाय, डॉक्टर से जानें फायदे

X गर्मियों में बड़े करामाती होते हैं ये हर्बल पौधे, लू और धूप का सबसे कारगर उपाय गर्मी में तेज धूप, लू और बढ़ते तापमान के बीच शरीर को ठंडा और स्वस्थ बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन जाता है. ऐसे में आयुर्वेदिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. आरपी परौहा ने बताया कि गर्मी के मौसम में शरीर को अंदर से ठंडा रखने और लू से बचने के लिए हर्बल पौधे सबसे कारगर और प्राकृतिक उपाय हैं. आयुर्वेद में इन पौधों का उपयोग सदियों से होता आ रहा है और इनका शरीर पर कोई दुष्प्रभाव भी नहीं पड़ता. खास बात यह है कि इन्हें आप अपने घर के गमलों या छोटे बगीचे में आसानी से उगा सकते हैं. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
Trump Skeptical of Iran Peace Proposal; Crime Price Not Paid

वॉशिंगटन डीसी22 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के नए शांति प्रस्ताव की समीक्षा करने की बात कही है, लेकिन इसकी सफलता पर संदेह जताया। उन्होंने कहा कि ईरान ने अभी तक अपने अपराधों की कीमत नहीं चुकाई है। ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा कि वे ईरान के भेजे गए प्रस्ताव को जल्द देखेंगे, लेकिन इसके स्वीकार होने की संभावना कम है। उनका कहना है कि पिछले 47 साल में ईरान ने जो किया, उसके लिए उसे बड़ी कीमत चुकानी बाकी है। दरअसल ईरान की एजेंसियों के मुताबिक, तेहरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को 14-पॉइंट प्रस्ताव भेजा है। इसमें सभी मोर्चों पर संघर्ष खत्म करने और होर्मुज स्ट्रेट के लिए नया फ्रेमवर्क बनाने की बात शामिल है। ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा कि अब अमेरिका को तय करना है कि वह बातचीत चाहता है या टकराव। ईरान दोनों विकल्पों के लिए तैयार है। ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा कि अमेरिका को तय करना है कि वो शांति चाहता है या जंग। ईरानी अधिकारी बोले- अमेरिका पर भरोसा नहीं ईरानी सेना के सीनियर अधिकारी मोहम्मद जाफर असदी ने कल कहा कि अमेरिका पर भरोसा नहीं किया जा सकता और दोनों देशों के बीच फिर से युद्ध हो सकता है। उन्होंने कहा कि ईरान की सेना पूरी तरह तैयार है और अगर अमेरिका कोई गलत कदम उठाता है, तो जवाब दिया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका किसी भी समझौते या वादे का पालन नहीं करता। असदी ने कहा कि अमेरिकी अधिकारियों के बयान और कदम ज्यादातर दिखावटी और मीडिया के लिए होते हैं। उनका मकसद पहले तेल की कीमतों को गिरने से रोकना और दूसरा अपनी बनाई हुई मुश्किल स्थिति से बाहर निकलना है। ईरान का आरोप- अमेरिका परमाणु संधि का पालन नहीं कर रहा ईरान ने अमेरिका पर परमाणु समझौते का पालन न करने का आरोप लगाया है। ईरान ने शनिवार को संयुक्त राष्ट्र में कहा कि अमेरिका परमाणु अप्रसार संधि (NPT) के नियमों का पालन नहीं कर रहा और उसका व्यवहार दोहरे मापदंड वाला है। ईरान ने बयान में कहा कि पिछले 56 सालों से अमेरिका इस संधि के तहत अपनी जिम्मेदारियों का पालन नहीं कर रहा है। जबकि उसके पास हजारों परमाणु हथियार हैं। साथ ही ईरान ने यह भी कहा कि अगर अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी की निगरानी में काम किया जाए, तो यूरेनियम संवर्धन पर कोई कानूनी रोक नहीं है, जैसा कि ईरान के मामले में था। ईरान होर्मुज को लेकर नया कानून लाने की तैयारी कर रहा अमेरिका के साथ सीजफायर वार्ता को लेकर जारी चर्चा के बीच ईरान होर्मुज स्ट्रेट को लेकर नया कानून लाने की तैयारी कर रहा है। ईरानी संसद के उपाध्यक्ष हमीदरेजा हाजी-बाबाई ने कहा कि इस कानून के तहत इजराइल के जहाजों को इस समुद्री रास्ते से गुजरने की इजाजत नहीं दी जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित बिल में यह भी कहा गया है कि दुश्मन देशों के जहाज तभी गुजर पाएंगे, जब वे युद्ध का मुआवजा देंगे। इसके अलावा, दूसरे देशों के जहाजों को भी ईरान से अनुमति लेनी होगी, तभी वे इस रास्ते का इस्तेमाल कर सकेंगे। हाजी-बाबाई ने कहा कि अब होर्मुज में जहाजों की आवाजाही पहले जैसी नहीं रहेगी और युद्ध के बाद हालात बदल जाएंगे। ईरान जंग से दुनिया पर फूड संकट का खतरा संयुक्त राष्ट्र (UN) की संस्था FAO के मुख्य अर्थशास्त्री मैक्सिमो टोरेरो ने चेतावनी दी है कि दुनिया एक बड़े खाद्य संकट की ओर बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि होर्मुज बंद होने से खाद (फर्टिलाइजर) की सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हुई है। युद्ध शुरू होने के बाद से इसकी सप्लाई लगभग रुक गई है, जिससे कीमतें बढ़ रही हैं और कमी भी हो रही है। इसका असर खेती पर पड़ेगा और फसलों की पैदावार 30% तक घट सकती है। इससे खाने-पीने की चीजें और महंगी हो सकती हैं। टोरेरो ने अल जजीरा से कहा कि हालात इसलिए और खराब हो रहे हैं क्योंकि एशिया में बुआई का समय निकल चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका और ब्राजील जैसे बड़े देश अपनी फसलें बदल सकते हैं और गेहूं- मक्का की जगह सोयाबीन उगा सकते हैं, जिससे बाजार पर और असर पड़ेगा। ——————— यह खबर भी पढ़ें… ईरान जंग के 2 महीने, दुनिया में मंदी का संकट:दावा- अमेरिका ने ₹95 लाख करोड़ खर्चे, ईरान में 3,600+ मौतें; चीन-रूस फायदे में रहे अमेरिका की ईरान के खिलाफ 28 फरवरी को शुरू हुई जंग को दो महीने हो चुके हैं, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने इसे छोटी और निर्णायक लड़ाई बताया था, लेकिन अब हालात उलट दिख रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
पत्नी को खोकर भी ‘देवदूत’ बना आर्मी ऑफिसर, वाइफ का दिल दान कर बचा ली 14 वर्षीय अनजान बच्चे की जान

अंगदान करना सिर्फ एक चिकित्सा प्रक्रिया नहीं, बल्कि मानवता की सबसे सुंदर अभिव्यक्तियों में से एक है. जब कोई व्यक्ति या किसी ब्रेन डेड घोषित पेशेंट की फैमिली अंग दान करने का फैसला लेती है तो ये निर्णय किसी अनजान की जिंदगी में नई सुबह बनकर लौटता है. जब मरीज की सांसें थमने लगती हैं, तो उसे फिर से जीने का अवसर मिलना किसी चमत्कार से कम नहीं. और, जो ये नेक काम करता है, वह उस परिवार के लिए भगवान सा लगने लगता है. किसी जरूरतमंद को अंग दान करने का यह निस्वार्थ कदम समाज में करुणा, दया भाव दिखाने और उम्मीद की नई किरण जगाता है. नई दिल्ली में एक ऐसी ही प्रेरणादायक घटना सामने आई है, जिसमें भारतीय सेना के एक अधिकारी ने अपनी ब्रेन डेड घोषित पत्नी का दिल एक 14 वर्षीय बीमार लड़के को दान करने का फैसला लिया. यह लड़का पिछले एक वर्ष से एंड-स्टेज हार्ट फेल्योर से जूझ रहा था. इस लड़के को सफल हृदय प्रत्यारोपण (Heart transplant) के जरिए नई जिंदगी प्राप्त हुई. यह जीवनरक्षक ऑपरेशन कई संस्थाओं और व्यक्तियों के सामूहिक प्रयास से संभव हो पाया. दरअसल, 2 मई 2026 को पंचकुला स्थित कमांड हॉस्पिटल, चंडीमंदिर में इस 41 वर्षीय महिला को ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया था. इस कठिन समय में महिला के पति और दो बेटियों ने मिलकर ऑर्गन डोनेट करने का एक प्रेरणादायक निर्णय लिया. इससे कई लोगों को जीवनदान मिलने का मौका मिला. ब्रेन डेड घोषित करने के बाद, महिला के हृदय को नई दिल्ली स्थित इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल को आवंटित किया गया. हॉस्पिटल की सपोर्ट टीम डॉ. मुकेश गोयल, डॉ. अरावली, संजय, करुणा और रिंकू के साथ-साथ ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर दिव्या ने तुरंत कार्रवाई करते हुए चंडीगढ़ पहुंची. कमांड हॉस्पिटल, चंडीमंदिर से हार्ट को प्राप्त किया. फिर चार्टर्ड फ्लाइट के जरिए हृदय को निर्धारित समय सीमा (कोल्ड इस्केमिक टाइम) के भीतर दिल्ली लेकर आ गई. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. ग्रीन कॉरिडोर से मिला समय पर उपचारदिल्ली पहुंचने के बाद, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने एयरपोर्ट से हॉस्पिटल तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया. इस व्यवस्था के कारण हृदय को केवल 20 मिनट में हॉस्पिटल पहुंचा दिया गया, जिससे समय पर सफलतापूर्वक 14 वर्षीय हार्ट पेशेंट में दिल को ट्रांसप्लांट कर दिया गया. फिलहाल मरीज की कंडीशन स्थिर है और आईसीयू में डॉक्टर्स की निगरानी में है. जटिल सर्जरी को सफल बनाने में कई एजेंसियों का मिला योगदानइस पूरे मिशन में नेशनल ऑर्गन एंड टिशू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन, हरियाणा और पंजाब पुलिस, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और निजी जेट सेवा ‘एसीएस एनी टाइम एनी व्हेयर’ का महत्वपूर्ण योगदान रहा. सभी के सपोर्ट और कोऑर्डिनेशन की वजह से यह जटिल प्रक्रिया समय पर पूरी हो सकी. डॉक्टर ने क्या कहा?इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल्स के सीनियर कंसल्टेंट- कार्डियोथोरेसिक सर्जरी- हार्ट एंड लंग ट्रांसप्लांट, डॉ. मुकेश गोयल ने कहा कि बच्चे की हालत लंबे समय से गंभीर थी और हृदय प्रत्यारोपण ही उसके जीवन को बचाने का एकमात्र उपाय था. सौभाग्य से समय पर उपयुक्त डोनर मिल गया, जिससे पूरी प्रक्रिया तय समय सीमा के भीतर सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई. अंगदान का प्रेरणादायक संदेशयह घटना अंगदान के महत्व को उजागर करती है. एक परिवार के साहसिक फैसले ने न सिर्फ एक कम उम्र के लड़के को नई जिंदगी दी, बल्कि समाज के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है.








