Gold Price Update; Sona Chandi Ka Bhav Aaj Ka (4 May 2026)

Hindi News Business Gold Price Update; Sona Chandi Ka Bhav Aaj Ka (4 May 2026) | Bhopal Jaipur Gold Silver Rate नई दिल्ली36 मिनट पहले कॉपी लिंक सोने के दाम में आज यानी 4 मई को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1,906 रुपए गिरकर 1.48 लाख रुपए पर आ गया है। इससे पहले इसकी कीमत 1.50 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम थी। वहीं चांदी की कीमत में तेजी देखने को मिल रही है। एक किलो चांदी 3,906 रुपए बढ़कर 2.44 लाख रुपए पर पहुंच गई है। इससे पहले 30 अप्रैल को इसकी कीमत 2.40 लाख रुपए प्रति किलो थी। कैरेट के हिसाब से सोने की कीमत कैरेट भाव (रुपए/10 ग्राम) 24 ₹1,48,357 22 ₹1,35,895 18 ₹1,11,268 14 ₹86,789 देश के बड़े शहरों में सोने की कीमत शहर 10 ग्राम 24 कैरेट दिल्ली ₹1,51,130 मुंबई ₹1,50,930 कोलकाता ₹1,50,930 चेन्नई ₹1,52,730 जयपुर ₹1,51,130 भोपाल ₹1,51,030 पटना ₹1,51,030 लखनऊ ₹1,51,130 रायपुर ₹1,50,930 अहमदाबाद ₹1,51,130 सोर्स: goodreturns 4 मई, 2026 सोना इस साल 15 हजार और चांदी 14 हजार रुपए महंगी 2026 में सोना अब तक 15 हजार रुपए महंगा हुआ है। 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोना 1.33 लाख रुपए पर था, जो अब 1.48 लाख रुपए पर पहुंच गया है। इस साल चांदी 14 हजार रुपए महंगी हुई है। 31 दिसंबर 2025 को चांदी 2.30 लाख रुपए किलो थी, जो अब बढ़कर 2.44 लाख रुपए पर पहुंच गई है। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है। असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके मैग्नेट टेस्ट: असली सिल्वर चुंबक से नहीं चिपकती। अगर चिपक जाए तो फेक है। आइस टेस्ट: सिल्वर पर बर्फ रखें। असली सिल्वर पर बर्फ तेजी से पिघलती है। स्मेल टेस्ट: असली सिल्वर में गंध नहीं होती। फेक में कॉपर जैसी गंध आती है। क्लॉथ टेस्ट: चांदी को सफेद कपड़े से रगड़ें। अगर काला निशान आए तो असली है। ये खबर भी पढ़ें… विधानसभा चुनाव के नतीजों के बीच सेंसेक्स 700 अंक चढ़ा: 77,700 के पार पहुंचा; मारुति-अडाणी पोर्ट्स के शेयरों में 4% तक की तेजी देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के नतीजों के बीच आज 4 मई को शेयर बाजार में तेजी है। सेंसेक्स 750 अंक (0.94%) चढ़कर 77,700 पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी भी 250 अंक (0.92%) ऊपर है, ये 24,200 के स्तर पर पहुंच गया है। आज के कारोबार में रियल्टी, मेटल और सरकारी बैंकों के शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी है। जबकि आईटी और मीडिया शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
राइटर मधु किश्वर की चंडीगढ़ कोर्ट में याचिका:FIR कॉपी मांगी, 2 नोटिस के बाद नहीं हुईं पेश; वीडियो वाले दंपति ने की इन्वेस्टिगेशन ज्वाइन

फेमस राइटर मधु किश्वर को चंडीगढ़ पुलिस द्वारा इन्वेस्टिगेशन ज्वाइन करने के लिए दूसरा नोटिस दिया जा चुका है, लेकिन वह अब तक पेश नहीं हुई हैं। वहीं, मधु किश्वर पुलिस के सामने पेश होने के बजाय चंडीगढ़ कोर्ट पहुंच गई हैं। मधु किश्वर ने कोर्ट में याचिका दायर की है, जिसमें उन्होंने मांग की है कि उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर की कॉपी उन्हें नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि पुलिस से उन्हें एफआईआर की कॉपी दिलवाई जाए। इस पर कोर्ट ने चंडीगढ़ पुलिस से जवाब मांगा है। वहीं, मिसलीडिंग वीडियो मामले में दर्ज FIR में दिखाई दे रहे दंपति ने इन्वेस्टिगेशन ज्वाइन कर ली है। हैदराबाद से एक गिरफ्तारी हुई इस मामले में चंडीगढ़ पुलिस ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए फर्जी वीडियो प्रसारित करने के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान हसन मोहिउद्दीन सिद्दीकी के रूप में हुई है, जो हैदराबाद (तेलंगाना) का रहने वाला है। पुलिस ने आरोपी को हैदराबाद से गिरफ्तार किया। आरोपी फर्जी वीडियो प्रसारित कर लोगों को गुमराह कर रहा था। पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाई जाएगी मामले की गंभीरता को देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस ने तकनीकी जांच के आधार पर उसे ट्रेस कर गिरफ्तार किया। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी से पूछताछ कर इस पूरे नेटवर्क और अन्य संभावित आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी। समाज में भ्रम फैलाया गया दरअसल, मधु किश्वर समेत अन्य लोगों पर चंडीगढ़ के सेक्टर-26 थाने में 20 अप्रैल को ही एक शिकायत पर FIR दर्ज की गई। शिकायत में कहा गया कि कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने एक वीडियो को गलत पहचान के साथ वायरल किया और उसमें अश्लील व भ्रामक शब्द जोड़कर पेश किया। इससे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति की छवि खराब करने की कोशिश की गई और समाज में भ्रम फैलाया गया।
मिल गया सुबह का सुपर ड्रिंक! एनर्जी, वजन और पेट रोग में रामबाण, जानें All-in-One लौकी जूस के फायदे

Last Updated:May 04, 2026, 12:14 IST लौकी का जूस, जो अपने आप में औषधीय गुणों से भरपूर हैं, लेकिन आज हम आपको बलिया के खास लौकी जूस के बारे में बताने जा रहे हैं, जो किसी संजीवनी से कम नहीं है. जी हां लौकी, आंवला, कच्ची हल्दी, थोड़ी मात्रा में हरा धनिया और हरा पुदीना का मेल अनेक रोगों में रामबाण सिद्ध हो सकता हैं. आगे विस्तार से जानिए… राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय नगर बलिया की पांच साल अनुभवी चिकित्साधिकारी डॉ. वंदना तिवारी के अनुसार, लौकी का जूस त्वचा और बालों के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन त्वचा को निखारकर उसे चमकदार बनाते हैं. साथ ही, यह बालों की जड़ों को मजबूत कर उनके झड़ने को कम करने में मदद करता है, जिससे प्राकृतिक स्वास्थ्य बेहतर होता है. जनपद बलिया के द्वाबा क्षेत्र में लौकी की बहुल मात्रा में खेती की जाती है, जहां से यह देश-विदेश तक भेजी जाती है. यही वजह है कि यहां की लौकी के सेवन का अलग ही महत्व है. बलिया शहर में एक ऐसी दुकान भी है, जहां इससे बने खास जूस मिलते हैं. ग्रेजुएट दुकानदार राज प्रकाश के अनुसार, उनकी यह दुकान श्री राम जानकी मंदिर, आर्य समाज रोड के ठीक सामने ‘प्रकाश जी जूस कॉर्नर’ नाम से स्थित है. लौकी के जूस का सेवन करते समय सावधानी रखना बहुत जरूरी है. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि लौकी कड़वी नहीं होनी चाहिए, क्योंकि कड़वी लौकी का जूस हानिकारक हो सकता है. इसलिए सेवन से पहले इसका स्वाद जरूर जांच लें. इसे सुबह खाली पेट पीना अधिक लाभकारी माना जाता है और एक बार में सीमित मात्रा में ही लेना चाहिए. मरीजों को बिना चिकित्सक की सलाह के इसका सेवन नहीं करना चाहिए. Add News18 as Preferred Source on Google लौकी का जूस पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में भी असरदार माना जाता है. इसके नियमित सेवन से गैस, कब्ज, एसिडिटी और जलन जैसी पेट की समस्याओं में राहत मिल सकती है. यह आंतों को साफ रखने में सहायक होता है, जिससे पाचन बेहतर होता है और शरीर को पूरा पोषण मिल पाता है. यह खास लौकी का जूस शरीर को अंदर से साफ करने में असरदार माना जाता है. यह डिटॉक्स प्रक्रिया को सपोर्ट करता है, जिससे शरीर में जमा विषैले तत्व बाहर निकलने में मदद मिलती है. इससे लीवर की कार्यक्षमता बेहतर हो सकती है और सूजन जैसी समस्याओं में राहत मिलती है. इसके चलते शरीर हल्का और अधिक ऊर्जावान महसूस करता है. लौकी का जूस हृदय स्वास्थ्य के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है. लौकी अपने आप में औषधीय गुणों से भरपूर होती है. इसमें पाया जाने वाला पोटैशियम ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में मदद करता है और शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करने में सहायक होता है. इसके नियमित सेवन से दिल से जुड़ी समस्याओं के जोखिम को कम किया जा सकता है. लौकी के जूस को बनाना आसान है. इसके लिए एक कप कटी हुई लौकी, एक आंवला, एक इंच कच्ची हल्दी, थोड़ी मात्रा में हरा धनिया और पुदीना लिया जाता है. इन्हें पानी के साथ ब्लेंड कर छान लेना चाहिए. स्वाद के लिए इसमें नींबू का रस या काला नमक मिलाया जा सकता है, जिससे इसका स्वाद और भी ताजगी भरा हो जाता है. दुकानदार राज प्रकाश के अनुसार, जब इसमें आंवला, कच्ची हल्दी, पुदीना और हरा धनिया मिलाया जाता है, तो यह एक शक्तिशाली डिटॉक्स ड्रिंक बन जाता है. आंवला विटामिन सी से भरपूर होता है, जो इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करता है. कच्ची हल्दी में कई गुण होते हैं, जो शरीर को संक्रमण से बचाते हैं. यह मिश्रण शरीर को अंदर से मजबूत बनाने की क्षमता रखता है. लौकी का जूस वजन घटाने की चाह रखने वालों के लिए फायदेमंद माना जाता है. इसमें कैलोरी कम और फाइबर अधिक होता है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है और अनावश्यक भूख नहीं लगती. इसके नियमित सेवन से वजन नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है.
Trisha krishnan visit tripati temple at her 43rd birthday, fans linked it with thalapathy vijay’s election result

11 मिनट पहले कॉपी लिंक एक्ट्रेस तृषा कृष्णन का आज 43वां बर्थडे है। इस खास मौके पर एक्ट्रेस ने तिरुपति बालाजी मंदिर पहुंचकर दर्शन किए। रविवार रात एक्ट्रेस तिरुपति के लिए रवाना हुई थीं, जिसके बाद अब उनके मंदिर दर्शन के विजुअल्स सामने आ रहे हैं। देखिए तृषा कृष्णन की तिरुपति मंदिर दर्शन की कुछ तस्वीरें- तृषा कृष्णन ऑफ व्हाइट ट्रेडिशन सूट पहने मंदिर पहुंचीं। टीम के साथ उन्होंने मंदिर के दर्शन किए। सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद से ही उनके इस दर्शन को तमिलनाडु चुनाव के नतीजों से जोड़ा जा रहा है। दरअसल, तृषा कृष्णन इन दिनों थलपति विजय से नाम जुड़ने से चर्चा में हैं। विजय की पार्टी TVK (तमिलगा वेट्री कड़गम) एग्जिट पोल में 234 सीटों में 109 से आगे चल रही है। विजय के पिता भी दर्शन करने पहुंचे चुनाव का रिजल्ट आने से ठीक पहले थलपति विजय के पिता एसएस चंद्रशेखर भी तिरुत्तनी मुरुगन मंदिर पहुंचे हैं। एसए चंद्रशेखर एक फिल्म डायरेक्टर हैं। इससे कुछ समय पहले भी तृषा कृष्णन ने वोट डालने के बाद सोशल मीडिया पर अपनी एक तस्वीर शेयर की थी। थलपति विजय से नाम जुड़ने के बाद उनकी ज्यादातर एक्टिविटीज को उन्हीं से जोड़कर देखा जा रहा है। कैसे चर्चा में आया तृषा-विजय का रिश्ता? हाल ही में थलपति विजय की पत्नी संगीता सोनालिंगम ने विजय से तलाक की मांग करते हुए याचिका में लिखा कि एक्टर का अफेयर एक एक्ट्रेस से है। दोनों 2021 से रिलेशनशिप में हैं। विजय ने बार-बार एक्ट्रेस से रिश्ता खत्म करने का आश्वासन दिया, लेकिन ऐसा नहीं किया। उन्होंने याचिका में ये भी कहा कि लगातार विजय की उस एक्ट्रेस के साथ वेकेशन की तस्वीरें सामने आती रहती हैं, जिससे उनकी मानहानि भी हुई है। तलाक से चर्चा में आए विजय कुछ समय बाद ही एक हाई प्रोफाइल शादी का हिस्सा बने, जहां एक्ट्रेस तृषा कृष्णन भी उनके साथ पहुंची थीं। ………………………………………. तृषा कृष्णन से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए- तृषा@43, एक्टर-राजनेता थलापति विजय से जुड़ा नाम:सगाई तोड़ी, डायरेक्टर ने कहा था- ये घर से न निकले तो अच्छा, क्वीन ऑफ साउथ की कहानी क्वीन ऑफ साउथ इंडिया नाम से मशहूर एक्ट्रेस तृषा कृष्णन आज 43 साल की हो चुकी हैं। तमिल और तेलुगु सिनेमा की हाईएस्ट पेड एक्ट्रेस में शामिल तृषा इन दिनों साउथ सुपरस्टार थलापति विजय से नाम जुड़ने से चर्चा में हैं। दोनों करीब 5 फिल्मों में साथ नजर आए हैं, जिनमें से 2023 में रिलीज हुई सुपरहिट फिल्म लियो भी शामिल है। थलापति विजय ने हाल ही में तलाक अनाउंस कर तृषा के साथ पब्लिक अपीयरेंस दी, जिससे अफेयर की चर्चा और बढ़ गईं। वहीं विजय की पूर्व पत्नी ने भी उन पर एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर का आरोप लगाया था। पूरी खबर पढ़िए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम 2026: जहां महिलाओं ने रिकॉर्ड संख्या में मतदान किया वहां भाजपा आगे चल रही है – इसका क्या मतलब है | भारत समाचार

आखरी अपडेट:04 मई, 2026, 11:56 IST कूच बिहार, मालदा, जलपाईगुड़ी-बंगाल के बांग्लादेश सीमा क्षेत्र में 94-96% मतदान हुआ। महिलाओं ने पुरुषों को पछाड़ दिया. इनमें से सभी सीटों पर बीजेपी आगे है. जैसे ही मोदी ने अपनी बेटी के बारे में बात की, देबनाथ मंच पर ही रोने लगे – और मोदी ने आराम से उनके सिर पर अपना हाथ रखा। वीडियो तुरंत फैल गया. (फाइल फोटो) इस चुनाव में एक संख्या ऐसी है जिसे हर राजनीतिक विश्लेषक को अपनी राह रोक लेनी चाहिए। पश्चिम बंगाल चुनाव के दूसरे चरण में, महिला मतदाताओं का प्रतिशत 92.28% था, जो पुरुष मतदान के 91.07% से अधिक था। दूसरे शब्दों में, महिलाएं सिर्फ दिखाई नहीं दीं – वे पुरुषों की तुलना में अधिक दिखाई दीं। और जब आप इसका मानचित्रण करते हैं कि मतगणना के दिन भाजपा कहां आगे चल रही है, तो एक पैटर्न उभरता है जिसे संयोग के रूप में खारिज करना असंभव है। सोमवार सुबह तक रुझान आने के बाद, बीजेपी 126 विधानसभा क्षेत्रों में टीएमसी के 73 के मुकाबले आगे चल रही थी – और उस सूची में सबसे ऊपर की सीटें वे थीं जहां महिलाएं सबसे लंबी कतार में थीं, सबसे कठिन मतदान किया था, और, जाहिर तौर पर, सबसे जानबूझकर चुना गया था। महिलाओं ने कहां सबसे अधिक मतदान किया – और वहां कौन नेतृत्व कर रहा है? संख्याएँ सटीकता के साथ कहानी बताती हैं। चरण 1 में सबसे अधिक मतदान कूच बिहार में 96.2% दर्ज किया गया, इसके बाद दक्षिण दिनाजपुर में 95.44%, मालदा में 94.79% और जलपाईगुड़ी में 94.76% मतदान हुआ। ये सभी बांग्लादेश के सीमावर्ती जिले हैं – और ये वही बेल्ट भी हैं जहां बीजेपी ने सुबह की मतगणना में अपनी शुरुआती और सबसे निर्णायक बढ़त हासिल की थी। राज्य भर में कई निर्वाचन क्षेत्रों में पुरुषों की तुलना में महिला मतदाताओं की अधिक भागीदारी दर्ज की गई, जो अधिक समावेशी चुनावी भागीदारी की ओर एक सकारात्मक बदलाव है। ओवरलैप आकस्मिक नहीं है. इन सीमावर्ती जिलों में महिलाएं वर्षों से खुली सीमाओं की विशिष्ट चिंताओं के साथ जी रही हैं – अजनबियों का आगमन, जनसांख्यिकी का स्थानांतरण, अपने ही गांवों में सुरक्षा का शांत क्षरण। उन्होंने ऐतिहासिक संख्या में मतदान किया और उन्होंने बदलाव के लिए मतदान किया। आरजी कर मामले ने टीएमसी की महिला वोटों पर क्या प्रभाव डाला? इसने उसे चकनाचूर कर दिया. अगस्त 2024 में, जिस शहर में ममता बनर्जी की सरकार चलती है, उस शहर में दिनदहाड़े सरकारी संस्थान आरजी कर मेडिकल कॉलेज के एक बंद सेमिनार कक्ष के अंदर 26 वर्षीय स्नातकोत्तर डॉक्टर के साथ बलात्कार किया गया और उसकी हत्या कर दी गई। इस मामले ने देश भर में आक्रोश पैदा कर दिया। महीनों तक सड़क पर विरोध प्रदर्शन चला। और फिर जब चुनाव आया तो बीजेपी ने कुछ ऐसा किया जो नारेबाज़ी से भी आगे निकल गया. नृशंस हत्या के लगभग डेढ़ साल बाद, रत्ना देबनाथ – पीड़ित की मां – पनिहाटी से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने के लिए सहमत हो गईं, पार्टी ने उनसे “अपराध के पीछे की सच्चाई को सामने लाने” के लिए संपर्क किया। वह कोई राजनीतिज्ञ नहीं थीं. वह एक दुःखी मां थीं जिन्होंने कहा, “जैसे-जैसे दिन बीतते हैं, मैं सोचती रहती हूं कि क्या मुझे जीवित रहते हुए न्याय मिलेगा। इसके लिए, मैं राजनीति में शामिल हुई हूं।” और फिर वह क्षण आया जो बंगाल की हर स्क्रीन पर वायरल हो गया। पनिहाटी में एक अभियान रैली में, पीएम मोदी ने रत्ना देबनाथ के साथ मंच साझा किया, उन्हें “हमारा अपना” बताया और आरोप लगाया कि उनकी बेटी वर्तमान सरकार के तहत “जंगल राज” का शिकार थी। जैसे ही मोदी ने अपनी बेटी के बारे में बात की, देबनाथ मंच पर ही रोने लगे – और मोदी ने आराम से उनके सिर पर अपना हाथ रखा। वीडियो तुरंत फैल गया. यह कोई राजनीतिक विज्ञापन नहीं था. यह किसी भी प्रेस कॉन्फ्रेंस की तुलना में कुछ अधिक कच्चा, अधिक वास्तविक और टीएमसी के लिए कहीं अधिक हानिकारक था। मोदी ने भीड़ से कहा, “मां ने अपनी बेटी को डॉक्टर बनने में मदद की। उस बेटी को टीएमसी ने उनसे छीन लिया। हमने उस मां को उम्मीदवार बनाया है।” नतीजा? शुरुआती रुझानों में रत्ना देबनाथ पानीहाटी से आगे चल रही हैं, जो एक दशक से अधिक समय से टीएमसी का गढ़ रहा है। संदेशखाली ने क्या भूमिका निभाई? यदि आरजी कार वह घाव था जो बंद नहीं होता, तो संदेशखाली इस बात का प्रमाण था कि यह कोई अलग घटना नहीं थी – यह एक पैटर्न था। संदेशखाली में महिलाएं झाड़ू और लाठियों के साथ सड़कों पर उतर आईं और उन्होंने स्थानीय टीएमसी नेताओं पर अत्याचार और यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया, जिसमें फरार टीएमसी नेता शाहजहां शेख और उनके सहयोगी भी शामिल थे – वे पुरुष जिन्होंने कथित तौर पर अपने ही समुदाय की महिलाओं को पूरी तरह से बेखौफ होकर शिकार बनाने के लिए अपने राजनीतिक संरक्षण का इस्तेमाल किया था। संदेशखाली की कई महिलाओं पर प्रणालीगत यौन उत्पीड़न के आरोप फरवरी 2024 की शुरुआत में मुख्यधारा के मीडिया में सामने आए, महिलाओं ने दावा किया कि पुलिस द्वारा एफआईआर से इनकार किया जा रहा है। मोदी ने अपनी पनिहाटी रैली में संदेशखाली का भी संदर्भ दिया और कहा, “भाजपा ने संदेशखाली की पीड़िता को नेतृत्व करने का मौका दिया है,” दोनों मामलों के बीच एक सीधी रेखा खींची – और महिलाओं के खिलाफ टीएमसी द्वारा संरक्षित हिंसा के पैटर्न और भाजपा के जवाबदेही के वादे के बीच। टीएमसी ने वास्तव में महिलाओं के साथ कहां गलती की? • इसने महिलाओं को घर पर रहने के लिए कहा। जब आरजी कर का आक्रोश चरम पर था, तब ममता बनर्जी ने महिलाओं को देर रात घर से बाहर न निकलने की सलाह दी थी. इस पर मोदी ने सीधा हमला बोलते हुए कहा, ”बंगाल की महिलाएं जब न्याय मांगती हैं तो टीएमसी उनसे कहती है कि घर से बाहर मत निकलो.” यह विपक्ष के लिए एक उपहार था. • इसने अपनी रक्षा की। संदेशखाली में आरोपी टीएमसी पदाधिकारी थे. पुलिस ने एफआईआर से इनकार कर दिया. राज्य मशीनरी ने नज़रें फेर लीं। जिन महिलाओं ने वर्षों तक टीएमसी को
फिल्म वाराणसी के मेकर्स की बढ़ीं मुश्किलें:शूटिंग के लिए 150 पानी के टैंकर देने से जल आपूर्ति बोर्ड का इनकार, 18 मई को इस्तेमाल होना था

एसएस राजामौली की मोस्ट अवेटेड फिल्म वाराणसी की शूटिंग में दिक्कतें आ सकती हैं। इस फिल्म की शूटिंग हैदराबाद फिल्मसिटी में चल रही है। फिल्म के कुछ सीन के लिए मेकर्स को एक तालाब बनाना था, जिसके लिए उन्हें हजार लीटर पानी चाहिए था, लेकिन अब जल आपूर्ति बोर्ड ने इससे इनकार कर दिया है। फिल्म वाराणसी की प्रोडक्शन कंपनी श्री दुर्गा आर्ट्स ने हाल ही राजेंद्रनगर के गगनपहाड़ स्थित फिल्मसिटी में तालाब बनाने के लिए हैदराबाद महानगर जल आपूर्ति एवं सीवरेज बोर्ड को एक लेटर लिखकर 150 वॉटर टैंकर की मांग की थी। प्रोडक्शन द्वारा बोर्ड के प्रबंध निदेशक अशोक रेड्डी को लिए गए लेटर में कहा गया था कि पानी के लिए कंपनी उन्हें टैंकर का किराया भी देगी। हालांकि बोर्ड द्वारा लेटर को रिजेक्ट कर दिया गया है। नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, सेट पर पहले ही तालाब बनवा लिया गया है, जिसमें 10 हजार लीटर प्रति टैंकर की कैपेसिटी के 150 टैंकर इस्तेमाल होने थे। पानी को 18 मई को होने वाली शूटिंग के लिए शुद्ध करवाया जाना था। लेकिन गर्मी से बढ़ने जल संकट को देखते हुए जल आपूर्ति बोर्ड ने प्रोडक्शन की सभी मांगें खारिज कर दी हैं। देखना होगा कि बोर्ड द्वारा लेटर खारिज किए जाने के बाद मेकर्स अब किस तरह पानी की डिमांड पूरी करेंगे और शूटिंग जारी रखेंगे। अप्रैल 2027 में रिलीज होगी फिल्म एसएस राजामौली के निर्देशन में बन रही फिल्म वाराणसी 7 अप्रैल 2027 में रिलीज होने के लिए शेड्यूल है। इस फिल्म से प्रियंका चोपड़ा इंडियन सिनेमा में कमबैक कर रही हैं। फिल्म में उनके साथ महेश बाबू लीड रोल में नजर आने वाले हैं।
वर्ल्ड अपडेट्स:नेपाल में 1500 से ज्यादा अधिकारी हटाए गए, बालेन सरकार का दावा 'राजनीतिक नियुक्तियां' रद्द कीं

नेपाल की नई सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए 1500 से ज्यादा सरकारी नियुक्तियों को रद्द कर दिया है। राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने शनिवार को अध्यादेश जारी कर 26 मार्च से पहले की सभी नियुक्तियों को समाप्त करने का आदेश दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस फैसले के तहत 1594 पदों पर बैठे अधिकारियों को हटाया गया है। सरकार ने इन्हें ‘राजनीतिक नियुक्तियां’ बताते हुए खत्म किया है। इस कदम से नेपाल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी, त्रिभुवन यूनिवर्सिटी, बीपी कोइराला इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ साइंसेज और नेपाल एयरलाइंस जैसे प्रमुख संस्थानों में शीर्ष पद खाली हो गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे शिक्षा, स्वास्थ्य और सार्वजनिक सेवाओं पर असर पड़ सकता है, क्योंकि कई जगहों पर निर्णय लेने वाले अधिकारी नहीं बचे हैं। सरकार का कहना है कि यह कदम पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए जरूरी था। हालांकि, नई नियुक्तियों को लेकर अभी कोई स्पष्ट योजना सामने नहीं आई है। यह फैसला हाल ही में सत्ता परिवर्तन के बाद लिया गया है, जब मार्च में हुए चुनाव में नई सरकार बनी थी। विपक्ष और कुछ विशेषज्ञ इसे लेकर सवाल उठा रहे हैं और इसे प्रशासनिक व्यवस्था के लिए जोखिम बता रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… कराची 46°C गर्मी में बेहाल: पानी-बिजली संकट से लोग परेशान, टैंकर माफिया हावी पाकिस्तान के कराची शहर में भीषण गर्मी और बुनियादी सुविधाओं की कमी ने हालात गंभीर बना दिए हैं। रविवार को तापमान 40.9°C दर्ज किया गया, लेकिन नमी के कारण यह 46°C जैसा महसूस हुआ। इस भीषण गर्मी के बीच शहर में पानी और बिजली का संकट गहरा गया है। कराची वाटर एंड सीवरेज कॉर्पोरेशन के मुताबिक, शहर को रोजाना 650 मिलियन गैलन पानी की जरूरत है, जबकि फिलहाल सिर्फ 610 मिलियन गैलन ही मिल रहा है। यानी करीब 40 मिलियन गैलन की कमी है। लांधी, बल्दिया टाउन और ओरंगी टाउन जैसे इलाकों में पानी की स्थिति बेहद खराब है और लोग मजबूरी में महंगे दाम पर टैंकर से पानी खरीद रहे हैं। वहीं, भीषण गर्मी के बावजूद लोडशेडिंग जारी है, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। कई इलाकों में बिजली कटौती के कारण घरों में रहना मुश्किल हो गया है। इस संकट के खिलाफ लोगों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन भी किया। एमक्यूएम-पाकिस्तान के नेताओं ने इसे सरकार की नाकामी बताते हुए कड़ी आलोचना की है। विशेषज्ञों का मानना है कि खराब प्रशासन और कमजोर इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण यह स्थिति पैदा हुई है। अगर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो कराची में हालात और बिगड़ सकते हैं। चीन का अमेरिका को जवाब: रिफाइनरियों से कहा- ईरान तेल पर US प्रतिबंधों को नजरअंदाज करें चीन ने अमेरिकी प्रतिबंधों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए अपनी घरेलू कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे ईरान के तेल व्यापार से जुड़े रिफाइनरियों पर लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंधों का पालन न करें। यह कदम ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी ट्रेजरी ने चीन की निजी ‘टीपॉट’ रिफाइनरियों के साथ लेन-देन पर बैंकों को चेतावनी दी थी। अमेरिका का आरोप है कि इन रिफाइनरियों के जरिए ईरान को आर्थिक मदद मिलती है, जिससे उसके सैन्य और हथियार कार्यक्रमों को समर्थन मिलता है। चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि बिना संयुक्त राष्ट्र की मंजूरी के लगाए गए प्रतिबंध अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ हैं और यह देश की संप्रभुता व विकास हितों में दखल है। हालांकि, चीन ने आधिकारिक तौर पर ईरान से तेल खरीदने से इनकार किया है और 2023 के बाद से आयात के आंकड़ों में इसका जिक्र नहीं है, लेकिन अमेरिका का दावा है कि निजी कंपनियां यह व्यापार कर रही हैं। ईरान को लेकर बढ़ते तनाव का असर वैश्विक तेल बाजार पर भी पड़ा है। कच्चे तेल की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने और खाड़ी क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों के कारण सप्लाई पर असर पड़ा है।
घर पर गन्ने का रस: प्रचंड गर्मी और भीषण लू में अमृत है आलू का ठंडा-ठंडा रस, घर पर 2 मिनट की ट्रिक से जानें; ये है सीक्रेट रेसिपी

4 मई 2026 को 11:24 IST पर अद्यतन किया गया घर पर गन्ने का रस कैसे बनाएं: प्रचंड गर्म और चिलचिलाती धूप में ठंडा और ताजगी देने वाला पेय हर किसी को पसंद आता है। फ़्रांसीसी रस में भी शामिल है नीजी देसी ड्रिंक, जो न केवल प्याज पीती है बल्कि शरीर को तुरंत ऊर्जा भी देती है। हालाँकि बाहरी स्टॉल में मिलने वाले सामान में समान साफ-सफाई नहीं रहती है। ऐसे में अब आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है क्योंकि आप इस देसी ड्रिंक को बिना मसाले और बिना मशीन के ही दो मिनट में बिल्कुल बाजार में तैयार कर सकते हैं। अनुसरण करना : घर में जिन जरूरी चीजों की जरूरत होती है उन्हें बनाने के लिए, इनमें नींबू का टुकड़ा होता है गुड़, ठंडा पानी, काला नमक, नींबू का रस, पुदीने का रस, ये जरूरी चीजें होती हैं। छवि: एआई फ़ुज़ियान के उत्पादों को ठंडा और ताज़ा बनाने के लिए फ़्रिज़ में जमाई हुई बर्फ़ भी डाली जाती है। साथ ही पुदीने के पत्ते और नींबू का स्वाद लें। छवि: एआई फ़्रांसीसी खाद्य पदार्थ बनाने के लिए सबसे पहले प्लास्टिक में गुड़, ठंडा पानी, काला नमक और नींबू का रस डाला जाता है। इसके बाद पुदीने की नॉट को स्टोइन्ट को एक से दो मिनट तक अच्छे से ब्लेंड करना चाहिए। छवि: फ्रीपिक जब गुड़ पूरी तरह से मोटा हो जाए और हल्का झाग आ जाए, तो कपड़े को प्लास्टिक में निकाल लें। इसमें ऊपर से बर्फ लगाई गई है और ठंडा-ठंडा कांच के शीशे में सर्व किया गया है। छवि: फ्रीपिक इस गुप्त विधि से बनाए गए फार्म हाउस के बिल्कुल सड़क किनारे मिलने वाले फार्म के रस से वैसा ही प्रतीत होता है। बस आप घर पर इसे साफ-सफाई के साथ तैयार कर लें। छवि: फ्रीपिक द्वारा प्रकाशित : कीर्ति सोनी प्रकाशित 4 मई 2026, 11:24 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)गन्ने का जूस रेसिपी(टी)घर पर गन्ने का जूस कैसे बनाएं(टी)गुड़ जूस रेसिपी(टी)ग्रीष्मकालीन पेय भारत(टी)घर का बना गन्ने का रस(टी)ताज़ा पेय(टी)भारतीय ग्रीष्मकालीन रेसिपी(टी)स्वस्थ पेय(टी)देसी पेय रेसिपी(टी)त्वरित ग्रीष्मकालीन पेय रेसिपी
ककड़ी और पुदीना की चटनी, गर्मी का परफेक्ट देसी जुगाड़, जो देगा डिहाइड्रेशन से राहत

X ककड़ी और पुदीना की चटनी, गर्मी का परफेक्ट देसी जुगाड़ Summer Special Home Remedy: गर्मी के मौसम में ठंडा, हल्का और ताजगी भरा खाना हर किसी की पसंद होता है. ऐसे में ककड़ी-पुदीना की चटपटी चटनी स्वाद के साथ शरीर को ठंडक भी देती है. 70 वर्षीय दादी चंद्रावती बताती है कि यह चटनी पाचन को दुरुस्त रखती है और डिहाइड्रेशन से बचाती है. इसे बनाने के लिए ककड़ी, ताजा पुदीना, हरी मिर्च, लहसुन, अदरक, नमक, भुना जीरा और नींबू का रस मिक्सर में पीस लें. चाहें तो इसमें थोड़ा दही मिलाकर स्वाद बढ़ा सकते है. यह चटनी रोटी, पराठा, दाल-चावल या स्नैक्स के साथ बेहतरीन लगती है. ककड़ी में पानी की मात्रा अधिक होती है, जबकि पुदीना पेट को ठंडा रखता है. लहसुन और अदरक इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करते है. जिससे यह चटनी स्वाद के साथ सेहत का भी ख्याल रखती है.
शिमला के स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी:पेरेंट्स-स्टूडेंट्स में हड़कंप, बच्चों को लेने पहुंचे, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट; खाली कराए परिसर

हिमाचल की राजधानी शिमला में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया जब शहर के कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली। ईमेल के जरिए धमकी के बाद स्कूल प्रबंधन ने एहतियातन अभिभावकों को मैसेज भेजा और बच्चों को तुरंत घर ले जाने को कहा। इस मैसेज को देखकर अभिभावकों में हड़कंप मच गया। परिजन आनन-फानन में स्कूल पहुंचे और अपने बच्चों को वापस ले गए। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं। एसपी शिमला गौरव ने बताया कि जनरल थ्रेट आई है। पुलिस जांच में जुटी हुई है और स्कूलों में ड्रिल चल रही है। यह धमकी शहर के चैल्सी, दयानंद, सेंट थॉमस, डीएवी टुटू इत्यादि स्कूलों को मिली है। धमकी की खबर फैलने के बाद दूसरे स्कूलों के परिजन भी घबरा गए और अपने बच्चों के लिए उनकी चिंताएं बढ़ गई। स्कूल परिसर में ली जा रही तलाशी जिन स्कूलों को धमकी मिली है, उनके परिसर में पुलिस ने संदिग्ध वस्तुओं की तलाशी को अभियान चलाया, लेकिन बम जैसी कोई भी चीज नहीं मिली। अब शिमला पुलिस यह पता लगाने में जुट गई है कि आखिर यह धमकी किसने दी। इससे पहले हाईकोर्ट-सचिवालय को भी कई बार धमकी मिल चुकी गौरतलब है कि इससे पहले भी प्रदेश में इस तरह की धमकियां मिल चुकी हैं। हाल के महीनों में हिमाचल हाईकोर्ट, राज्य सचिवालय, कई जिलों के डीसी कार्यालयों और जिला कोर्ट को भी कई बार बम से उड़ाने की धमकी दी जा चुकी है। पुलिस की अपील- घबराएं नहीं हालांकि हर बार जांच में ऐसी धमकियां अफवाह या शरारती तत्वों की करतूत ही साबित हुई हैं। फिलहाल पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।









