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Odisha GRP Constable Murdered by Mob

Odisha GRP Constable Murdered by Mob

5 मिनट पहले कॉपी लिंक भीड़ ने जीआरपी कांस्टेबल को डंडे से बांधकर पीटा। ओडिशा के खुर्दा जिले में लड़कियों से छेड़छाड़ के आरोप में भीड़ ने पीट-पीटकर एक जीआरपी कांस्टेबल सौम्य रंजन स्वाईं की हत्या कर दी। घटना उस समय हुई जब सौम्य रंजन अपने साथी के साथ किसी आधिकारिक काम से रेलवे एडीजी से मिलने जा रहे थे। आरोप है कि सौम्य रंजन और ओम प्रकाश ने बुधवार को रास्ते में दो युवतियों पर अभद्र टिप्पणी की। उनकी बाइक ने स्कूटी सवार दो महिलाओं को टक्कर भी मारी, जिससे महिलाएं दूर तक घसीटती चली गईं। सौम्य रंजन पिछले 12 सालों से कटक जीआरपी में कांस्टेबल था। सौम्य रंजन की मां ने कहा कि उनका बेटा अपने साथी ओम प्रकाश के साथ एडीजी से मिलने जा रहा था, लेकिन लोगों ने उसे पीट-पीटकर मार डाला। परिवार का आरोप है कि पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद थे, लेकिन उन्होंने सौम्य को बचाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। घटना की 4 तस्वीरें… परिवार का आरोप- पुलिस ने कुछ नहीं किया मृतक के परिजन रोते हुए। घटना की खबर इलाके में फैलते ही बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। गुस्साई भीड़ ने दोनों को रोक लिया और सौम्य रंजन पर हमला कर दिया। पुलिस पर मृतक की मदद ना करने के आरोप पर डीसीपी जगमोहन मीणा ने कहा कि मामले की जांच जारी है। उन्होंने बताया कि दूसरी ओर से भी शिकायत दर्ज कराई गई है। इसमें मृतक पक्ष पर दो युवतियों के साथ दुष्कर्म की कोशिश करने का आरोप लगाया गया है। ——————————————- ये खबर भी पढ़ें… ओडिशा में बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंचा शख्स:कंधे पर लेकर 3km पैदल चला; बैंक कर्मचारियों ने कहा था- जिसका खाता उसे लेकर आओ ओडिशा के क्योंझर में सोमवार को हैरान करने वाला मामला सामने आया। आदिवासी जीतू मुंडा अपनी मरी हुई बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंच गया। कंकाल देख बैंक में अफरा-तफरी मच गई। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

क्या कोविड की तरह कोहराम मचाएगा हंता वायरस, WHO का बड़ा बयान, दुनिया को संभलने की कितनी जरूरत

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Last Updated:May 07, 2026, 19:38 IST Hantavirus and WHO Warning: हंता वायरस चूहों से फैलने वाला एक गंभीर इंफेक्शन है. यह इंसानों में तब फैलता है, जब लोग संक्रमित चूहों के मल, मूत्र या लार के संपर्क में आते हैं. यह वायरस संक्रमित व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में बहुत कम फैलता है. यह कोविड जितनी तेजी से नहीं फैलता है और इससे महामारी का खतरा नहीं है. WHO का कहना है कि हंता वायरस को लेकर निगरानी जरूरी है, लेकिन इसे लेकर आम लोगों को चिंता करने की जरूरत नहीं है. डब्ल्यूएचओ की मानें तो हंता वायरस कोविड जितनी तेजी से नहीं फैलता है और लोगों को इसका ज्यादा खतरा नहीं है. Hantavirus vs COVID-19 Spread: कुछ दिनों पहले अटलांटिक महासागर में एक क्रूज शिप पर हंता वायरस की चपेट में आने से 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग लोग भी संक्रमित पाए गए. इसके बाद हंता वायरस को लेकर दुनिया भर में चर्चाएं शुरू हो गई हैं. कई लोग इसे कोविड जैसा खतरनाक वायरस मान रहे हैं. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) के अनुसार हंता वायरस एक गंभीर इंफेक्शन है, लेकिन आम लोगों को इसका ज्यादा खतरा नहीं है. यह वायरस चूहों से इंसानों में फैलता है. संक्रमित व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में यह वायरस रेयर मामलों में ही फैलता है. इसकी वजह से इसे कोविड जैसा मानना ठीक नहीं है. हालांकि WHO ने साफ कहा है कि इस वायरस की निगरानी होनी चाहिए और लोगों को सावधानी भी बरतनी चाहिए. WHO के मुताबिक हंता वायरस मुख्य रूप से रोडेन्ट्स जैसे चूहों के जरिए फैलता है. यह इंसानों में तब फैलता है, जब लोग संक्रमित चूहों के मल, मूत्र या लार के संपर्क में आते हैं या उससे दूषित धूल को सांस के जरिए शरीर में ले लेते हैं. यह वायरस व्यक्ति से व्यक्ति में बहुत सीमित परिस्थितियों में ही फैलता है, जो इसे कोविड-19 से अलग बनाता है. इस वायरस से होने वाली बीमारी को हंता वायरस पल्मोनरी सिंड्रोम (HPS) कहा जाता है. इसके शुरुआती लक्षणों में बुखार, थकान, मांसपेशियों में दर्द और सांस लेने में कठिनाई शामिल हो सकते हैं. गंभीर मामलों में यह फेफड़ों पर असर डालकर जानलेवा स्थिति भी पैदा कर सकता है. हालांकि, इसके मामले कोविड-19 की तुलना में बहुत कम और सीमित क्षेत्रों में ही देखे गए हैं. WHO और अन्य स्वास्थ्य एजेंसियों का कहना है कि हंता वायरस पर निगरानी जरूरी है, लेकिन इसे कोविड जैसी वैश्विक महामारी के रूप में देखना अभी उचित नहीं है. इसके संक्रमण का तरीका अलग है और यह उतनी तेजी से नहीं फैलता, जितना कोरोना वायरस फैला था. इसलिए इसे लेकर घबराने से ज्यादा जागरुकता और सावधानी की जरूरत है. विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि जिन क्षेत्रों में चूहों की समस्या ज्यादा है, वहां साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए. घरों, गोदामों और खेतों में भोजन को खुले में न रखें और चूहों के संपर्क से बचाव करें. अगर किसी व्यक्ति को लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. हंता वायरस का अभी तक कोई विशेष एंटीवायरल इलाज या वैक्सीन उपलब्ध नहीं है. इसका इलाज मुख्य रूप से लक्षणों के आधार पर किया जाता है, जिसे सपोर्टिव केयर कहा जाता है. मरीज को अस्पताल में भर्ती करके ऑक्सीजन सपोर्ट, ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करना, और जरूरत पड़ने पर इंटेंसिव केयर यूनिट में निगरानी दी जाती है, क्योंकि यह वायरस फेफड़ों और श्वसन तंत्र को प्रभावित कर सकता है. समय पर पहचान और तुरंत मेडिकल सहायता मिलने से मरीज के ठीक होने की संभावना बढ़ जाती है. इसलिए शुरुआती लक्षण दिखते ही डॉक्टर से संपर्क करना सबसे जरूरी होता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें

मोरिंगा के पत्तो के पराठे रेसिपी: गरमा गरम पेट में ठंडा होने वाला मोरिंगा के पत्तों से बने पराठे, पढ़े ही हो जायेंगे फैन; नोट करें सबसे आसान तरीका

तस्वीर का विवरण

सामग्री: 2 कप नमक का आटा, मोरिंगा के पत्ते, 1 प्याज, 1 हरी मिर्च, 1 छोटा चम्मच मक्खन, 1/2 छोटा चम्मच मसाला लाल मिर्च पाउडर, 1/2 छोटा चम्मच हल्दी, 1 छोटा चम्मच हल्दी, 1 छोटा चम्मच दही, घी, आवश्यक पानी छवि: एआई पराठा बनाने की आसान विधि: सबसे पहले मोरिंगा के विक्रेताओं को अच्छे तरीके से धोकर साफ कर लें। अब अनइंसेसिन कैट लें। इसके बाद एक बड़े पैमाने पर बर्तनों का आटा डाला गया। छवि: फ्रीपिक इसमें कटे हुए मोरिंगा के पत्ते, प्याज, हरी मिर्च, अजवायन, हल्दी, लाल मिर्च और नमक के टुकड़े अच्छी तरह मिला लें। अब इसमें छोटा दही और थोड़ा-थोड़ा पानी डाले गए नर आटा गूंध लें। छवि: फ्रीपिक इंटरनेट पर 10 मिनट तक रुकें। इसके बाद छोटे-छोटे लो अवशेष पराठे बेल लें। अब तवा गर्म करें और पराठे को दोनों तरफ से देखें। ऊपर से छोटी घी या तेल की परत सोनार और कुरकुरा होने तक। छवि: एआई गरमा-गरम मोरिंगा पराठे को दही या चटनी के साथ सर्व करें। हमेशा के लिए समुद्री मील का उपयोग करें। अधिकांश मौलिक से इसका असली स्वाद कम हो सकता है। बच्चों के लिए चॉकलेट का समय कम रखें। छवि: एआई लाभ: शरीर को ठंडक शब्दावली में मदद करता है। पाचन तंत्र बेहतर रहता है। कमजोरी और थकान को दूर करने में सहायक है। इम्युनिटी मजबूत बनाने में मदद करता है। वजन नियंत्रण करने वालों के लिए भी अच्छा विकल्प है। छवि: फ्रीपिक अगर आपने अभी तक मोरिंगा के पराठे के पौधे नहीं बनाए हैं, तो इस गर्मी को जरूर देखें। स्वाद और सेहत का यह संयोजन आपके पूरे परिवार को पसंद आएगा। छवि: एआई

RSS Chief Bhagwat: Population Control, UCC Need Public Cooperation

RSS Chief Bhagwat: Population Control, UCC Need Public Cooperation

Hindi News National RSS Chief Bhagwat: Population Control, UCC Need Public Cooperation | Mysore मैसूरु (कर्नाटक)17 मिनट पहले कॉपी लिंक मैसूरु में JSS महाविद्यापीठ में संबोधित करते मोहन भागवत। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण नीति और यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) जैसे कानून लोगों के सहयोग के बिना सफल नहीं हो सकते। उन्होंने कहा कि जाति आधारित राजनीति तभी खत्म होगी, जब समाज जाति के आधार पर सोचना बंद करेगा। भागवत गुरुवार को कर्नाटक के मैसूरु में JSS महाविद्यापीठ में “सोशल हार्मनी ऐज ए कैटलिस्ट फॉर नेशनल डेवलपमेंट” विषय पर लेक्चर के बाद इंटरेक्टिव सेशन में लोगों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने समानता को नारों से नहीं, बल्कि व्यवहार में अपनाने की अपील की। RSS सरकार नहीं, बल्कि सामाजिक संगठन जनसंख्या नियंत्रण और UCC पर सवाल के जवाब में भागवत ने कहा कि RSS सरकार नहीं, बल्कि सामाजिक संगठन है। उन्होंने कहा कि किसी भी कानून को सफल बनाने के लिए लोगों को शिक्षित करना और उनकी भागीदारी जरूरी है। उन्होंने इमरजेंसी के दौरान जनसंख्या नियंत्रण उपायों का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय जबरन नसबंदी कराई गई, जिससे लोगों में गुस्सा हुआ और बाद में सरकार को हार का सामना करना पड़ा। भागवत ने कहा कि जनसंख्या नीति बनाते समय जनसांख्यिकीय संतुलन, महिलाओं की शिक्षा, सशक्तिकरण और स्वास्थ्य जैसे पहलुओं को ध्यान में रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि नीति तय होने के बाद उसे बिना भेदभाव सभी पर लागू किया जाना चाहिए। UCC को लेकर उन्होंने कहा कि कुछ राज्यों ने इसे लागू करने की दिशा में कदम उठाए हैं। उत्तराखंड में ऐसा कानून आ चुका है और अन्य राज्यों में भी ऐसे प्रयास हो रहे हैं। लोकतंत्र में फैसले धीरे-धीरे होते हैं उन्होंने कहा, राज्य-दर-राज्य यह आगे बढ़ रहा है। शायद एक दिन पूरे देश में लागू हो जाए। लोकतंत्र में फैसले धीरे-धीरे होते हैं, क्योंकि एक व्यक्ति नहीं, बल्कि 142 करोड़ लोग मिलकर फैसला करते हैं। जाति व्यवस्था पर बोलते हुए भागवत ने कहा कि पहले समाज बदलेगा, तभी राजनीति बदलेगी। उन्होंने लोगों से कहा कि केवल जाति भूलने की बात न करें, बल्कि ऐसा व्यवहार करें जैसे जाति है ही नहीं। उन्होंने अंतरजातीय संबंध और विवाह को बढ़ावा देने की बात कही और 1942 में महाराष्ट्र में हुए एक अंतरजातीय विवाह का उदाहरण दिया, जिसे बीआर आंबेडकर और एमएस गोलवलकर ने आशीर्वाद दिया था। भागवत ने मैसूरु में JSS महाविद्यापीठ का अवलोकन भी किया। धर्म बनाकर आपस में झगड़ा करना ठीक नहीं भागवत ने कहा कि धार्मिक सद्भाव पर उन्होंने कहा कि सभी धर्म अंततः सत्य की ओर ले जाते हैं, भले ही उनके तरीके अलग हों। उन्होंने कहा कि अलग-अलग रास्ते आखिरकार एक ही मंजिल तक पहुंचते हैं, जैसे नदियां समुद्र में मिलती हैं। धर्म बनाकर आपस में झगड़ा करना ठीक नहीं है। धर्मों को समझना चाहिए कि मंजिल एक है और मानवता के लिए सहयोग और समन्वय जरूरी है। आचरण में धर्म होना चाहिए। संयम, अनुशासन और नैतिकता धर्म का आधार हैं। भारत बार-बार अपनी आजादी इसलिए खोता रहा, क्योंकि समाज में विभाजन थे। देश के विकास और सामाजिक सद्भाव के लिए एकता और भाईचारा जरूरी है। भारतीय समाज की अवधारणा पश्चिम से अलग है। यहां समाज भावनात्मक जुड़ाव और साझा उद्देश्य से बनता है, जबकि पश्चिम में यह आपसी लाभ और समझौते पर आधारित होता है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद का हवाला देते हुए कहा कि हर देश का एक संदेश, मिशन और लक्ष्य होता है। भारत की राष्ट्र की अवधारणा जमीन और लोगों के बीच गहरे संबंध पर आधारित है। ——————————————- ये खबर भी पढ़ें: RSS प्रमुख भागवत बोले- भारत पहले ही हिंदू राष्ट्र:घोषित करने की जरूरत नहीं; कहा- अयोध्या में राम मंदिर जनसमर्थन से बना RSS प्रमुख मोहन भागवत ने नागपुर में कहा कि भारत पहले से ही हिंदू राष्ट्र है। इसे घोषित करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण सत्ता में बैठे लोगों की प्रतिबद्धता और देशभर के लोगों के समर्थन से हुआ। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

RSS Chief Bhagwat: Population Control, UCC Need Public Cooperation

RSS Chief Bhagwat: Population Control, UCC Need Public Cooperation

Hindi News National RSS Chief Bhagwat: Population Control, UCC Need Public Cooperation | Mysore मैसूरु (कर्नाटक)59 मिनट पहले कॉपी लिंक मैसूरु में JSS महाविद्यापीठ में संबोधित करते मोहन भागवत। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण नीति और यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) जैसे कानून लोगों के सहयोग के बिना सफल नहीं हो सकते। उन्होंने कहा कि जाति आधारित राजनीति तभी खत्म होगी, जब समाज जाति के आधार पर सोचना बंद करेगा। भागवत गुरुवार को कर्नाटक के मैसूरु में JSS महाविद्यापीठ में “सोशल हार्मनी ऐज ए कैटलिस्ट फॉर नेशनल डेवलपमेंट” विषय पर लेक्चर के बाद इंटरेक्टिव सेशन में लोगों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने समानता को नारों से नहीं, बल्कि व्यवहार में अपनाने की अपील की। RSS सरकार नहीं, बल्कि सामाजिक संगठन जनसंख्या नियंत्रण और UCC पर सवाल के जवाब में भागवत ने कहा कि RSS सरकार नहीं, बल्कि सामाजिक संगठन है। उन्होंने कहा कि किसी भी कानून को सफल बनाने के लिए लोगों को शिक्षित करना और उनकी भागीदारी जरूरी है। उन्होंने इमरजेंसी के दौरान जनसंख्या नियंत्रण उपायों का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय जबरन नसबंदी कराई गई, जिससे लोगों में गुस्सा हुआ और बाद में सरकार को हार का सामना करना पड़ा। भागवत ने कहा कि जनसंख्या नीति बनाते समय जनसांख्यिकीय संतुलन, महिलाओं की शिक्षा, सशक्तिकरण और स्वास्थ्य जैसे पहलुओं को ध्यान में रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि नीति तय होने के बाद उसे बिना भेदभाव सभी पर लागू किया जाना चाहिए। UCC को लेकर उन्होंने कहा कि कुछ राज्यों ने इसे लागू करने की दिशा में कदम उठाए हैं। उत्तराखंड में ऐसा कानून आ चुका है और अन्य राज्यों में भी ऐसे प्रयास हो रहे हैं। लोकतंत्र में फैसले धीरे-धीरे होते हैं उन्होंने कहा, राज्य-दर-राज्य यह आगे बढ़ रहा है। शायद एक दिन पूरे देश में लागू हो जाए। लोकतंत्र में फैसले धीरे-धीरे होते हैं, क्योंकि एक व्यक्ति नहीं, बल्कि 142 करोड़ लोग मिलकर फैसला करते हैं। जाति व्यवस्था पर बोलते हुए भागवत ने कहा कि पहले समाज बदलेगा, तभी राजनीति बदलेगी। उन्होंने लोगों से कहा कि केवल जाति भूलने की बात न करें, बल्कि ऐसा व्यवहार करें जैसे जाति है ही नहीं। उन्होंने अंतरजातीय संबंध और विवाह को बढ़ावा देने की बात कही और 1942 में महाराष्ट्र में हुए एक अंतरजातीय विवाह का उदाहरण दिया, जिसे बीआर आंबेडकर और एमएस गोलवलकर ने आशीर्वाद दिया था। भागवत ने मैसूरु में JSS महाविद्यापीठ का अवलोकन भी किया। धर्म बनाकर आपस में झगड़ा करना ठीक नहीं भागवत ने कहा कि धार्मिक सद्भाव पर उन्होंने कहा कि सभी धर्म अंततः सत्य की ओर ले जाते हैं, भले ही उनके तरीके अलग हों। उन्होंने कहा कि अलग-अलग रास्ते आखिरकार एक ही मंजिल तक पहुंचते हैं, जैसे नदियां समुद्र में मिलती हैं। धर्म बनाकर आपस में झगड़ा करना ठीक नहीं है। धर्मों को समझना चाहिए कि मंजिल एक है और मानवता के लिए सहयोग और समन्वय जरूरी है। आचरण में धर्म होना चाहिए। संयम, अनुशासन और नैतिकता धर्म का आधार हैं। भारत बार-बार अपनी आजादी इसलिए खोता रहा, क्योंकि समाज में विभाजन थे। देश के विकास और सामाजिक सद्भाव के लिए एकता और भाईचारा जरूरी है। भारतीय समाज की अवधारणा पश्चिम से अलग है। यहां समाज भावनात्मक जुड़ाव और साझा उद्देश्य से बनता है, जबकि पश्चिम में यह आपसी लाभ और समझौते पर आधारित होता है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद का हवाला देते हुए कहा कि हर देश का एक संदेश, मिशन और लक्ष्य होता है। भारत की राष्ट्र की अवधारणा जमीन और लोगों के बीच गहरे संबंध पर आधारित है। ——————————————- ये खबर भी पढ़ें: RSS प्रमुख भागवत बोले- भारत पहले ही हिंदू राष्ट्र:घोषित करने की जरूरत नहीं; कहा- अयोध्या में राम मंदिर जनसमर्थन से बना RSS प्रमुख मोहन भागवत ने नागपुर में कहा कि भारत पहले से ही हिंदू राष्ट्र है। इसे घोषित करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण सत्ता में बैठे लोगों की प्रतिबद्धता और देशभर के लोगों के समर्थन से हुआ। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू को ईमेल से मिली जान से मारने की धमकी | भारत समाचार

LSG vs RCB Live Score, IPL 2026: Follow Lucknow Super Giants vs Royal Challengers Bengaluru IPL match updates from Lucknow. (Picture Credit: Creimas)

आखरी अपडेट:07 मई, 2026, 19:25 IST तकनीकी विशेषज्ञ फिलहाल धमकी भेजने के लिए इस्तेमाल किए गए आईपी पते का पता लगाने पर काम कर रहे हैं मान (आर) और बिट्टू दोनों राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने के प्रयासों में प्रमुख चेहरे रहे हैं। फ़ाइल छवि/एक्स पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के खिलाफ ईमेल के जरिए जारी की गई जान से मारने की धमकी के बाद पंजाब और राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। इलेक्ट्रॉनिक संचार, जो कथित तौर पर एक नकाबपोश सर्वर से उत्पन्न हुआ था, में दोनों हाई-प्रोफाइल नेताओं के जीवन के लिए विशिष्ट खतरे थे, जिससे उनके सुरक्षा प्रोटोकॉल में तत्काल वृद्धि हुई। डिजिटल ट्रेल की जांच पंजाब पुलिस साइबर सेल और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों की शुरुआती जांच से पता चलता है कि ईमेल कई आधिकारिक सरकारी खातों में भेजा गया था। अंग्रेजी और पंजाबी के मिश्रण में लिखे गए संदेश में नेताओं के लिए “गंभीर परिणाम” की चेतावनी दी गई है, विशेष रूप से क्षेत्रीय सुरक्षा और आंतरिक नीति पर उनके हालिया राजनीतिक रुख का संदर्भ दिया गया है। तकनीकी विशेषज्ञ वर्तमान में धमकी भेजने के लिए इस्तेमाल किए गए आईपी पते का पता लगाने के लिए काम कर रहे हैं, हालांकि सूत्रों से संकेत मिलता है कि अपराधियों ने अपने भौतिक स्थान को अस्पष्ट करने के लिए वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (वीपीएन) का उपयोग किया होगा। सुरक्षा और निगरानी को मजबूत करना विकास के जवाब में, मुख्यमंत्री मान, जिन्हें पहले से ही जेड-प्लस श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है, की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और उनके आधिकारिक आवास और काफिले के आसपास इलेक्ट्रॉनिक निगरानी बढ़ा दी गई है। कट्टरपंथी तत्वों के मुखर आलोचक केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू ने भी दिल्ली और पंजाब में अपनी सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव देखा है। बिट्टू, जिनका परिवार ऐतिहासिक रूप से उग्रवाद का निशाना रहा है – उनके दादा, पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की 1995 में हत्या कर दी गई थी – अक्सर ऐसी धमकियों के प्राप्तकर्ता रहे हैं। बढ़ती सुरक्षा चिंताओं का संदर्भ यह घटना सीमावर्ती राज्य में बढ़ती संवेदनशीलता के दौर के बीच हुई है, जहां अधिकारी सीमा पार तस्करी और कट्टरपंथी बयानबाजी के पुनरुत्थान से जूझ रहे हैं। मान और बिट्टू दोनों कानून और व्यवस्था बनाए रखने के राज्य के प्रयासों में प्रमुख चेहरे रहे हैं, जिससे वे विदेश से संचालित होने वाले गैर-राज्य अभिनेताओं के लिए अक्सर लक्ष्य बन जाते हैं। मंगलवार रात सुरक्षा प्रतिष्ठानों के पास एक के बाद एक हुए दो विस्फोटों के बाद, मान ने बुधवार को दो विस्फोट घटनाओं के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया था और आरोप लगाया था कि इस तरह से पार्टी राज्य में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी कर रही है। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने गुरुवार को मान को उनकी टिप्पणी के लिए मानहानि का कानूनी नोटिस दिया। हालांकि जांचकर्ताओं ने अभी तक आधिकारिक तौर पर ईमेल को किसी विशिष्ट समूह से नहीं जोड़ा है, लेकिन “कार्यप्रणाली” उत्तरी अमेरिका और यूरोप में स्थित खालिस्तानी समर्थक तत्वों द्वारा जारी की गई पिछली धमकियों से मेल खाती है। सुरक्षा बलों ने जनता से सतर्क रहने का आग्रह किया है क्योंकि वे इन उभरते डिजिटल और भौतिक खतरों को बेअसर करना जारी रख रहे हैं। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू को जान से मारने की धमकी वाला ईमेल मिला अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें

Tips and Tricks: घर के आसपास भी नहीं भटकेंगे मच्छर, बस अपनाएं ये देसी जुगाड़, डेंगू-मलेरिया का खतरा होगा कम

Tips and Tricks: घर के आसपास भी नहीं भटकेंगे मच्छर, बस अपनाएं ये देसी जुगाड़, डेंगू-मलेरिया का खतरा होगा कम

Last Updated:May 07, 2026, 19:22 IST Tips To Get Rid of Mosquitoes: गर्मियों के मौसम में जैसे-जैसे तापमान बढ़ता है, वैसे-वैसे मच्छरों का प्रकोप भी लोगों की परेशानी का बड़ा कारण बन जाता है. ऐसे में बघेलखंड के पारंपरिक देसी नुस्खे बेहद कारगर साबित होते हैं. ये उपाय न सिर्फ पूरी तरह प्राकृतिक हैं बल्कि सस्ते, सुरक्षित और आसानी से उपलब्ध भी हैं. (शिवांक द्विवेदी/सतना) गर्मी के सीजन में मच्छर का आतंक इतना अधिक होता है कि मच्छर से छुटकारा पाने के लिए लोग खूब पैसे खर्च कर तरह-तरह की दवाइयों का प्रयोग करते हैं. जिससे मच्छर तो भाग जाते हैं लेकिन वहा बैठें व्यक्ति को कई समस्याएं होती है. चाहे वो सांस से जुड़ी समस्या हो या त्वचा रोग और अन्य कई बीमारियों का खतरा बना रहता है. सतना निवासी उर्मिला मिश्रा ने बताया कि मच्छरों से छुटकारा पाने के लिए घर में मौजूद सामान्य चीजों का उपयोग करके बेहद कारगर उपाय तैयार किए जा सकते हैं. इनकी खासियत यह है कि इनमें किसी भी तरह के हानिकारक केमिकल का इस्तेमाल नहीं होता. इसके लिए सबसे पहले एक प्याज लिया जाता है, जिसे छीलकर उसके ऊपरी हिस्से में छोटा सा छेद किया जाता है. इस छेद में सरसों का तेल डाला जाता है, फिर उसमें पिसा हुआ तेजपत्ता और कपूर मिलाया जाता है. इस तैयार मिश्रण के ऊपर एक बाती लगाकर उसे जला दिया जाता है, जिससे यह एक देसी प्याज का दीया बन जाता है. इस दीये को घर के उन कोनों में रखा जाता है, जहां मच्छरों की अधिकता होती है. जैसे ही यह दीया जलता है, उसमें से निकलने वाली गंध और धुआं मच्छरों को दूर भगाने में मदद करता है. Add News18 as Preferred Source on Google नीम और गिलोय की सूखी पत्तियां मिलाकर किसी डिब्बे में रखें और उसमें थोड़ा सा कपूर डाल दें. जब डिब्बा खोला जाता है, तो इन सबकी मिश्रित गंध फैलती है जो मच्छरों को नज़दीक नहीं आने देती. इसे जलाना ज़रूरी नहीं है, सिर्फ सूखी गंध ही काम कर जाती है. नीम के पत्ते पानी में उबाल लें. जब पानी ठंडा हो जाए तो इसे छानकर स्प्रे बोतल में भर लें. घर के कोनों, पर्दों और बाथरूम में छिड़कें. नीम की गंध मच्छरों को बिल्कुल नहीं भाती और वे उस जगह से दूर रहते हैं. इसके अलावा नीम के पत्ते पानी में उबाल लें. जब पानी ठंडा हो जाए तो इसे छानकर स्प्रे बोतल में भर लें. घर के कोनों, पर्दों और बाथरूम में छिड़कें. नीम की गंध मच्छरों को बिल्कुल नहीं भाती और वे उस जगह से दूर रहते हैं. मच्छरों से बचने के लिए नीम, प्याज के छिलके और तेजपत्ते का मिश्रण बनाकर दीपक में जलाएं. यह उपाय सस्ता, सरल और स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित है. सबसे खास बात यह है कि आपके अपने घर में केमिकलयुक्त प्रोडक्ट यूज करने की आवश्यकता नहीं है. एक्सपर्ट की मानें तो बाजार में मिलने वाले कई मच्छर भगाने वाले उत्पादों में हानिकारक केमिकल होते हैं, जो लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं. खासकर छोटे बच्चों में एलर्जी, सांस संबंधी समस्याएं और त्वचा रोग जैसी दिक्कतें सामने आ सकती हैं. इसके विपरीत देसी उपाय पूरी तरह सुरक्षित होते हैं और इनके इस्तेमाल से किसी प्रकार का साइड इफेक्ट नहीं होता. बघेलखंड में वर्षों से इन घरेलू नुस्खों का इस्तेमाल होता आ रहा है और लोगों का इनपर गहरा विश्वास भी है. आधुनिकता के दौर में भले ही लोग नई तकनीकों और उत्पादों की ओर बढ़े हों लेकिन जब बात स्वास्थ्य और सुरक्षा की आती है, तो पुराने देसी तरीके आज भी भरोसेमंद साबित हो रहे हैं. यही कारण है कि अब शहरों में भी लोग इन पारंपरिक उपायों को अपनाने लगे हैं. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

अब मुख्यमंत्री नहीं, ममता बनर्जी, राज्यपाल ने पश्चिम बंगाल मंत्रिमंडल का कार्यभार संभाला

अब मुख्यमंत्री नहीं, ममता बनर्जी, राज्यपाल ने पश्चिम बंगाल मंत्रिमंडल का कार्यभार संभाला

ममता बनर्जी ने कोई घोषणा नहीं की, इसके बाद राज्यपाल ने पश्चिम बंगाल में निजीकरण कर दिया। बंगाल चुनाव में मिली करारी कोटा के बाद ममता बनर्जी ने वामपंथ को खारिज कर दिया था, जिसके बाद राज्यपाल ने ये फैसला लिया. यह निर्णय पूर्ण संवैधानिक प्रक्रिया के तहत हुआ है। पश्चिम बंगाल पोर्टफोलियो संविधान के विधान सभा का विधान 5 वर्ष का होता है और विधान सभा विधान सभा 8 में 2021 से 7 में 2026 तक की संभावना रही। अब नई विधानसभा के गठन की प्रक्रिया पूरी तरह से पुरानी विधानसभा को भंग कर दी गई है। इस आदेश के बाद अब ममता बनर्जी को पद छोड़ने की जरूरत ही नहीं रही। कैथोलिक प्रमुख कांग्रेस ममता बनर्जी ने मंगलवार (6 मई 2026) को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा खारिज कर दिया और आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का परिणाम ‘जनादेश नहीं बल्कि एक रणनीति’ है। साथ ही उन्होंने इंडस्ट्रीज पर उतरकर बैटल बैटल और कॉमर्स ‘इंडिया’ गठबंधन को मजबूत करने का संकल्प लिया। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आरएन रवि ने 07 मई 2026 से पश्चिम बंगाल विधानसभा को भंग करने का आदेश जारी किया है। pic.twitter.com/IuEAylWege – एएनआई (@ANI) 7 मई 2026 ममता बनर्जी ने अस्वीकार्य रूप से त्यागपत्र दे दिया ममता बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि पार्टी ने बीजेपी के खिलाफ चुनाव नहीं लड़ा, बल्कि उसकी लड़ाई चुनाव आयोग से थी, जिसने बीजेपी के लिए काम किया. उन्होंने कहा, ‘मेरी बर्बादी का सवाल ही नहीं, क्योंकि हमारी हार जनता के असंतोष से नहीं, बल्कि एक साजिश के तहत हुई है।’ मैं हारी नहीं हूं, मैं लोक भवन नहीं जाऊंगी। लगभग 100 सीटों पर लोकतंत्र को लूट लिया गया और उनकी पार्टी के लिए तीन हजार सीटें गिरा दी गईं।’ ममता ने गठबंधन गठबंधन को मजबूत करने की बात कही बंगाल में मिली हार के बाद ममता बनर्जी ने कहा कि अब वह नेशनल लेवल पर एसोसिएशन एलायंस को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। उन्होंने कहा, ‘इंडिया अलायंस के नेताओं ने मुझे एकजुटता संवाद की तरह फोन किया।’ सोनिया जी और राहुल गांधी ने भी मेरी बात कही है।’ उन्होंने कहा, ‘जब तक मैं कुर्सी पर था, मैंने बहुत कुछ सहा। अब मैं एक आजाद पंछी हूं, एक आम इंसान हूं। मैं संघर्ष करने वाली हूं। ‘मैं पोर्टफोलियों पर रहम की मिसालें और सभी विद्रोहियों के खिलाफ़ गोलियाँ।’ ब्रिगेड ग्राउंड शपथ ग्रहण समारोह पश्चिम बंगाल में भाजपा की पहली सरकार का शपथ ग्रहण समारोह नौ मई को कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित किया जाएगा। शपथ ग्रहण समारोह के लिए लगभग 4,000 सहयोगियों के साथ बहुराष्ट्रीय सुरक्षा का उल्लंघन किया गया। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन समेत बीजेपी के कई राज्यों के सीएम के शामिल होने की संभावना है. ये भी पढ़ें: बंगाल और असम में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत में अनोखा रुझान, एससी-एसटी आरक्षण पर पार्टी का शानदार प्रदर्शन

स्वाद और सेहत का खजाना है ये जंगल जलेबी, साल में मिलती है सिर्फ 2 महीने, खाते ही कहेंगे ‘वाह’ – News18 हिंदी

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X स्वाद और सेहत का खजाना है ये जंगल जलेबी, साल में मिलती है सिर्फ 2 महीने   Jungal Jalebi Health Benefits: जंगलों में पाया जाने वाला कीकर, जिसे स्थानीय भाषा में जंगल जलेबी के नाम से जाना जाता है, इन दिनों शहरों के बाजारों में खासा लोकप्रिय हो रहा है. खट्टी-मीठी स्वाद वाला यह जंगली फल न केवल लोगों की जुबान पर चढ़ रहा है बल्कि आदिवासी क्षेत्र की महिलाओं के लिए आय का साधन भी बनते जा रहा है. सीधी जिले के ग्रामीण और वन क्षेत्रों में इसकी भरपूर पैदावार होती है. यह केवल दो महीने ही मिलती है. आयुर्वेदिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ आरपी परौहा ने लोकल 18 को जानकारी देते हुए बताया कि गर्मी के मौसम में मिलने वाली जंगल जलेबी का सेवन शरीर के लिए बेहद लाभकारी होता है. इसके नियमित सेवन से इम्युनिटी सिस्टम मजबूत होता है, त्वचा रोगों में राहत मिलती है, आंखों की रोशनी बेहतर होती है और शुगर नियंत्रण में मदद मिलती है. साथ ही यह पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में भी सहायक है. उन्होंने बताया कि यह फल शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल को कम कर गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने का काम करता है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा कम हो जाता है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

क्लासन ने बदली बैटिंग अप्रोच:बोले- अब परिस्थितियों के हिसाब से खेल रहा हूं, IPL में पहली बार 50+ का एवरेज

क्लासन ने बदली बैटिंग अप्रोच:बोले- अब परिस्थितियों के हिसाब से खेल रहा हूं, IPL में पहली बार 50+ का एवरेज

सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के स्टार बल्लेबाज हेनरिक क्लासन IPL 2026 में नए अप्रोच के साथ बैटिंग कर रहे हैं। पिछले तीन सीजन के आंकड़े बताते हैं कि उन्होंने इस साल अपने विकेट की वैल्यू बढ़ाई है। इससे उनका बैटिंग एवरेज IPL करियर के बेस्ट 54.88 पर पहुंच गया है। बुधवार को पंजाब के क्लासन ने अर्धशतक लगाया। मैच के बाद उन्होंने ने कहा, मैंने यह सोचना छोड़ दिया है कि मुझे हर बार 300 के स्ट्राइक रेट से खेलना है। मैं अब पार्टनरशिप और परिस्थितियों के हिसाब से खेल रहा हूं। क्लासन फिलहाल टीम और लीग दोनों के टॉप स्कोरर हैं। उन्होंने 11 मैचों में अबतक पांच अर्धशतक लगाए हैं। टीम को पॉइंट्स टेबल में टॉप पर पहुंचाने में उनकी अहम भूमिका रही है। रन बढ़े, एवरेज में उछाल 2024 और 2025 में क्लासन आक्रामक फिनिशर की भूमिका में थे। वे तेजी से रन बनाते थे, लेकिन ज्यादा जोखिम भी लेते थे। 2026 में उन्होंने अपने गेम का अप्रोच थोड़ा बदला है। इस सीजन उनका स्ट्राइक रेट थोड़ा कम हुआ है, लेकिन एवरेज में बड़ा उछाल आया है। इससे साफ है कि क्लासन अब सिर्फ तेजी से रन नहीं बना रहे, बल्कि लंबे समय तक क्रीज पर रहकर मैच खत्म कर रहे हैं। पिछले दो सीजन में वे 5 या 6 नंबर पर बैटिंग करते थे, लेकिन इस सीजन नंबर-4 पर उनकी स्थिरता ने हैदराबाद के मिडिल ऑर्डर को मजबूती दी है। संन्यास पर बोले- वापसी का इरादा नहीं अपने इंटरनेशनल रिटायरमेंट पर क्लासन ने कहा कि वे अपने फैसले से खुश हैं। उन्होंने कहा, लाइफ हमेशा वैसी नहीं होती जैसी आप चाहते हैं। मैं 2027 वर्ल्ड कप खेलना चाहता था, लेकिन अब मैं साउथ अफ्रीका में अपने परिवार के साथ समय बिताकर खुश हूं। मैं अब क्रिकेट के नए चैप्टर का आनंद ले रहा हूं। स्पिन के खिलाफ तकनीक और आत्मविश्वास: सबा स्टार स्पोर्ट्स के शो अमूल क्रिकेट लाइव में पूर्व क्रिकेटर और एक्सपर्ट सबा करीम ने क्लासन की तारीफ की। उन्होंने कहा, क्लासन ने स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ कड़ी मेहनत की है। वे गेंद की लेंथ को जल्दी भांप लेते हैं और बैक फुट पर जाकर बड़े शॉट्स खेलने में माहिर हैं। पिछले मैच में जल्दी आउट होने के बावजूद उन्होंने जिस तरह की वापसी की है, वह उनकी मेहनत को दर्शाता है। ——————- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… IPL का गणित- हैदराबाद नंबर-1, पंजाब दूसरे स्थान पर खिसकी सनराइजर्स हैदराबाद IPL 2026 पॉइंट्स टेबल के टॉप पर आ गई है। उसने बुधवार को अपने घरेलू मैदान पर पंजाब किंग्स को 33 रन से हराया। वहीं, पंजाब की टीम दूसरे स्थान पर खिसक गई है। राजीव गांधी उप्पल स्टेडियम में 236 रन चेज कर रही पंजाब की टीम 20 ओवर में 7 विकेट पर 202 रन तक ही पहुंच सकी। पूरी खबर…