Saturday, 22 Aug 2026 | 09:31 AM

Trending :

EXCLUSIVE

क्या कोविड की तरह कोहराम मचाएगा हंता वायरस, WHO का बड़ा बयान, दुनिया को संभलने की कितनी जरूरत

authorimg

Last Updated:

Hantavirus and WHO Warning: हंता वायरस चूहों से फैलने वाला एक गंभीर इंफेक्शन है. यह इंसानों में तब फैलता है, जब लोग संक्रमित चूहों के मल, मूत्र या लार के संपर्क में आते हैं. यह वायरस संक्रमित व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में बहुत कम फैलता है. यह कोविड जितनी तेजी से नहीं फैलता है और इससे महामारी का खतरा नहीं है. WHO का कहना है कि हंता वायरस को लेकर निगरानी जरूरी है, लेकिन इसे लेकर आम लोगों को चिंता करने की जरूरत नहीं है.

Zoom

डब्ल्यूएचओ की मानें तो हंता वायरस कोविड जितनी तेजी से नहीं फैलता है और लोगों को इसका ज्यादा खतरा नहीं है.

Hantavirus vs COVID-19 Spread: कुछ दिनों पहले अटलांटिक महासागर में एक क्रूज शिप पर हंता वायरस की चपेट में आने से 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग लोग भी संक्रमित पाए गए. इसके बाद हंता वायरस को लेकर दुनिया भर में चर्चाएं शुरू हो गई हैं. कई लोग इसे कोविड जैसा खतरनाक वायरस मान रहे हैं. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) के अनुसार हंता वायरस एक गंभीर इंफेक्शन है, लेकिन आम लोगों को इसका ज्यादा खतरा नहीं है. यह वायरस चूहों से इंसानों में फैलता है. संक्रमित व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में यह वायरस रेयर मामलों में ही फैलता है. इसकी वजह से इसे कोविड जैसा मानना ठीक नहीं है. हालांकि WHO ने साफ कहा है कि इस वायरस की निगरानी होनी चाहिए और लोगों को सावधानी भी बरतनी चाहिए.

WHO के मुताबिक हंता वायरस मुख्य रूप से रोडेन्ट्स जैसे चूहों के जरिए फैलता है. यह इंसानों में तब फैलता है, जब लोग संक्रमित चूहों के मल, मूत्र या लार के संपर्क में आते हैं या उससे दूषित धूल को सांस के जरिए शरीर में ले लेते हैं. यह वायरस व्यक्ति से व्यक्ति में बहुत सीमित परिस्थितियों में ही फैलता है, जो इसे कोविड-19 से अलग बनाता है. इस वायरस से होने वाली बीमारी को हंता वायरस पल्मोनरी सिंड्रोम (HPS) कहा जाता है. इसके शुरुआती लक्षणों में बुखार, थकान, मांसपेशियों में दर्द और सांस लेने में कठिनाई शामिल हो सकते हैं. गंभीर मामलों में यह फेफड़ों पर असर डालकर जानलेवा स्थिति भी पैदा कर सकता है. हालांकि, इसके मामले कोविड-19 की तुलना में बहुत कम और सीमित क्षेत्रों में ही देखे गए हैं.

WHO और अन्य स्वास्थ्य एजेंसियों का कहना है कि हंता वायरस पर निगरानी जरूरी है, लेकिन इसे कोविड जैसी वैश्विक महामारी के रूप में देखना अभी उचित नहीं है. इसके संक्रमण का तरीका अलग है और यह उतनी तेजी से नहीं फैलता, जितना कोरोना वायरस फैला था. इसलिए इसे लेकर घबराने से ज्यादा जागरुकता और सावधानी की जरूरत है. विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि जिन क्षेत्रों में चूहों की समस्या ज्यादा है, वहां साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए. घरों, गोदामों और खेतों में भोजन को खुले में न रखें और चूहों के संपर्क से बचाव करें. अगर किसी व्यक्ति को लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.

हंता वायरस का अभी तक कोई विशेष एंटीवायरल इलाज या वैक्सीन उपलब्ध नहीं है. इसका इलाज मुख्य रूप से लक्षणों के आधार पर किया जाता है, जिसे सपोर्टिव केयर कहा जाता है. मरीज को अस्पताल में भर्ती करके ऑक्सीजन सपोर्ट, ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करना, और जरूरत पड़ने पर इंटेंसिव केयर यूनिट में निगरानी दी जाती है, क्योंकि यह वायरस फेफड़ों और श्वसन तंत्र को प्रभावित कर सकता है. समय पर पहचान और तुरंत मेडिकल सहायता मिलने से मरीज के ठीक होने की संभावना बढ़ जाती है. इसलिए शुरुआती लक्षण दिखते ही डॉक्टर से संपर्क करना सबसे जरूरी होता है.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

About the Author

authorimg

अमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
Flights Cancelled & High Airfare

April 17, 2026/
4:35 pm

नई दिल्ली38 मिनट पहले कॉपी लिंक ईरान युद्ध और होर्मुज रूट बंद होने से यूरोप और एशिया में जेट फ्यूल...

दो बाइकों की आमने-सामने भिड़ंत, एएसआई समेत दो घायल:गंभीर हालत में हायर सेंटर रेफर, बालाघाट में लिंगा मजार के पास हादसा

April 5, 2026/
6:14 pm

बालाघाट में रविवार को ग्रामीण थाना क्षेत्र अंतर्गत लिंगा मजार के पास हट्टा रोड पर दो बाइकों की आमने-सामने की...

थाईलैंड में भारतीय टूरिस्ट पर नस्लभेदी कमेंट:रेस्टोरेंट स्टाफ बोली- इंडिया वेरी बैड; पुलिस बुलाने पर मैनेजर ने माफी मांगी

April 21, 2026/
7:47 pm

थाईलैंड के आओ नांग शहर में एक भारतीय टूरिस्ट और ट्रैवल व्लॉगर सूमो को नस्लभेदी कमेंट का सामना करना पड़ा।...

राम मंदिर चढ़ावा घोटाले पर भड़के मुकेश खन्ना:कहा- ये चोर, डाकू से भी ऊपर, भगवान को लूट रहे हैं; 8 लोगों की हो चुकी है गिरफ्तारी

June 27, 2026/
9:33 am

सीनियर एक्टर मुकेश खन्ना राम मंदिर में हुए चढ़ावा घोटाले पर भड़क गए हैं। उनका कहना है कि मंदिर में...

India Vs West Indies Live Cricket Score, T20 World Cup 2026: Stay updated with IND vs WI Ball by Ball Match Updates and Live Scorecard from Kolkata.

February 11, 2026/
1:40 pm

आखरी अपडेट:11 फरवरी, 2026, 13:40 IST लोकसभा में राहुल गांधी ने गाजा में युद्ध, यूक्रेन, ईरान तनाव का हवाला देते...

भारत-न्यूजीलैंड में FTA से सेब बागवान चिंतित:राठौर बोले-इम्पोर्ट ड्यूटी 25% की; हिमाचल, कश्मीर-उत्तराखंड के किसानों पर पड़ेगी मार

April 28, 2026/
1:27 pm

भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच बीते कल दिल्ली में हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) ने हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड...

राजनीति

क्या कोविड की तरह कोहराम मचाएगा हंता वायरस, WHO का बड़ा बयान, दुनिया को संभलने की कितनी जरूरत

authorimg

Last Updated:

Hantavirus and WHO Warning: हंता वायरस चूहों से फैलने वाला एक गंभीर इंफेक्शन है. यह इंसानों में तब फैलता है, जब लोग संक्रमित चूहों के मल, मूत्र या लार के संपर्क में आते हैं. यह वायरस संक्रमित व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में बहुत कम फैलता है. यह कोविड जितनी तेजी से नहीं फैलता है और इससे महामारी का खतरा नहीं है. WHO का कहना है कि हंता वायरस को लेकर निगरानी जरूरी है, लेकिन इसे लेकर आम लोगों को चिंता करने की जरूरत नहीं है.

Zoom

डब्ल्यूएचओ की मानें तो हंता वायरस कोविड जितनी तेजी से नहीं फैलता है और लोगों को इसका ज्यादा खतरा नहीं है.

Hantavirus vs COVID-19 Spread: कुछ दिनों पहले अटलांटिक महासागर में एक क्रूज शिप पर हंता वायरस की चपेट में आने से 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग लोग भी संक्रमित पाए गए. इसके बाद हंता वायरस को लेकर दुनिया भर में चर्चाएं शुरू हो गई हैं. कई लोग इसे कोविड जैसा खतरनाक वायरस मान रहे हैं. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) के अनुसार हंता वायरस एक गंभीर इंफेक्शन है, लेकिन आम लोगों को इसका ज्यादा खतरा नहीं है. यह वायरस चूहों से इंसानों में फैलता है. संक्रमित व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में यह वायरस रेयर मामलों में ही फैलता है. इसकी वजह से इसे कोविड जैसा मानना ठीक नहीं है. हालांकि WHO ने साफ कहा है कि इस वायरस की निगरानी होनी चाहिए और लोगों को सावधानी भी बरतनी चाहिए.

WHO के मुताबिक हंता वायरस मुख्य रूप से रोडेन्ट्स जैसे चूहों के जरिए फैलता है. यह इंसानों में तब फैलता है, जब लोग संक्रमित चूहों के मल, मूत्र या लार के संपर्क में आते हैं या उससे दूषित धूल को सांस के जरिए शरीर में ले लेते हैं. यह वायरस व्यक्ति से व्यक्ति में बहुत सीमित परिस्थितियों में ही फैलता है, जो इसे कोविड-19 से अलग बनाता है. इस वायरस से होने वाली बीमारी को हंता वायरस पल्मोनरी सिंड्रोम (HPS) कहा जाता है. इसके शुरुआती लक्षणों में बुखार, थकान, मांसपेशियों में दर्द और सांस लेने में कठिनाई शामिल हो सकते हैं. गंभीर मामलों में यह फेफड़ों पर असर डालकर जानलेवा स्थिति भी पैदा कर सकता है. हालांकि, इसके मामले कोविड-19 की तुलना में बहुत कम और सीमित क्षेत्रों में ही देखे गए हैं.

WHO और अन्य स्वास्थ्य एजेंसियों का कहना है कि हंता वायरस पर निगरानी जरूरी है, लेकिन इसे कोविड जैसी वैश्विक महामारी के रूप में देखना अभी उचित नहीं है. इसके संक्रमण का तरीका अलग है और यह उतनी तेजी से नहीं फैलता, जितना कोरोना वायरस फैला था. इसलिए इसे लेकर घबराने से ज्यादा जागरुकता और सावधानी की जरूरत है. विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि जिन क्षेत्रों में चूहों की समस्या ज्यादा है, वहां साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए. घरों, गोदामों और खेतों में भोजन को खुले में न रखें और चूहों के संपर्क से बचाव करें. अगर किसी व्यक्ति को लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.

हंता वायरस का अभी तक कोई विशेष एंटीवायरल इलाज या वैक्सीन उपलब्ध नहीं है. इसका इलाज मुख्य रूप से लक्षणों के आधार पर किया जाता है, जिसे सपोर्टिव केयर कहा जाता है. मरीज को अस्पताल में भर्ती करके ऑक्सीजन सपोर्ट, ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करना, और जरूरत पड़ने पर इंटेंसिव केयर यूनिट में निगरानी दी जाती है, क्योंकि यह वायरस फेफड़ों और श्वसन तंत्र को प्रभावित कर सकता है. समय पर पहचान और तुरंत मेडिकल सहायता मिलने से मरीज के ठीक होने की संभावना बढ़ जाती है. इसलिए शुरुआती लक्षण दिखते ही डॉक्टर से संपर्क करना सबसे जरूरी होता है.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

About the Author

authorimg

अमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.