Thursday, 14 May 2026 | 05:16 AM

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सोमवार ऑफिस जाने का सोचकर संडे को ही बढ़ जाती है एंजायटी, घबराहट? जानें क्या है ‘संडे स्केयरीज’ दूर करने के टिप्स

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How to overcome Sunday Scaries: काफी लोगों को ऑफिस जाना अच्छा लगता है. रेगुलर ऑफिस जाकर अपना सारा काम समय पर निपटा देने में ऐसे लोग एक्सपर्ट होते हैं. ऐसे लोगों को वीक ऑफ के खत्म का इंतजार रहता है, ताकि वे सोमवार से फिर से नए मूड, फ्रेश माइंड से ऑफिस जा सकें. लेकिन, कुछ लोग ऐसे भी हैं, जिन्हें ऑफिस जाना बोरिंग टास्क लगता है. वे मजबूरी में काम करते हैं, क्योंकि घर चलाना है. अपने खर्चे उठाने हैं. ये लोग सोमवार शुरू नहीं होता है कि वीक ऑफ आने का इंतजार करने लगते हैं. शनिवार बीतने के बाद जब संडे आता है तो ये दिन भर यही सोचते हैं कि कल से यानी समोवार से फिर ऑफिस जाना, वर्क प्रेशर, वर्क टेंशन सब शुरू हो जाएगा. इस सोच या ऑफिस जाने के डर को ‘संडे स्केयरीज’ का नाम दिया गया है. चलिए जानते हैं क्या है संडे स्केयरीज, क्यों कुछ लोगों को संडे से ही सोमवार को ऑफिस जाने की टेंशन परेशान करने लगती है? क्या है संडे स्केयरीज? ‘संडे स्केयरीज’ एक ऐसा शब्द है, जिसका इस्तेमाल उस बेचैनी, तनाव या एंजायटी के लिए किया जाता है, जो कई लोगों को रविवार खत्म होने के साथ महसूस होने लगती है. जैसे-जैसे सोमवार करीब आता है, दिमाग में ऑफिस, काम का दबाव, मीटिंग्स, डेडलाइन और जिम्मेदारियों की चिंता बढ़ने लगती है. क्यों होती है यह समस्या? कई लोगों के लिए वीकेंड आराम और आजादी का समय होता है, लेकिन रविवार शाम आते-आते दिमाग फिर से कामकाजी रूटीन में लौटने लगता है. इसी बदलाव के कारण तनाव महसूस हो सकता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. इसके पीछे कुछ आम कारण हो सकते हैं: ऑफिस का अधिक दबावकाम से असंतोषसोमवार की मीटिंग या टारगेट का तनाववर्क-लाइफ बैलेंस बिगड़नापर्याप्त आराम न मिलनानौकरी को लेकर असुरक्षा या चिंतासंडे स्केयरीज के सामान्य लक्षणरविवार शाम उदासी या घबराहट महसूस होनानींद ठीक से न आनापेट में बेचैनी या भारीपनमूड खराब रहनालगातार सोमवार के बारे में सोचनाथकान या चिड़चिड़ापन महसूस होना क्या यह सामान्य है? हल्की चिंता महसूस होना काफी आम माना जाता है, लेकिन अगर यह हर हफ्ते बहुत ज्यादा होने लगे और मानसिक स्वास्थ्य, नींद या रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. संडे स्केयरीज से राहत पाने के कुछ आसान तरीके1. रविवार को पूरी तरह ‘वर्क डे’ न बनाएं. वीकेंड में थोड़ा आराम, हॉबी या परिवार के साथ रिलैक्स होकर समय बिताएं. ऑफिस का ख्याल दिमाग से निकाल दें. 2. सोमवार की तैयारी पहले ही कर लें. कपड़े, जरूरी काम या टू-डू लिस्ट पहले तैयार करने से तनाव कम हो सकता है. 3. अच्छी नींद लेना भी है जरूरी. रविवार रात देर तक जागने से सोमवार और मुश्किल लग सकता है. 4. स्क्रीन टाइम कम करना है जरूरी. सोने से पहले लगातार ईमेल या ऑफिस चैट देखने से एंजायटी बढ़ सकती है. 5. खुद के लिए रिलैक्सिंग रूटीन बनाएं. हल्की वॉक, म्यूजिक, योग या मेडिटेशन मदद कर सकते हैं. 6. अगर लगातार तनाव, घबराहट, नींद की समस्या या काम को लेकर डर बहुत ज्यादा बढ़ जाए, तो किसी मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना उपयोगी हो सकता है.

केला खाने के बाद पानी क्यों नहीं पीना चाहिए? जानें कारण और नुकसान

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Last Updated:May 10, 2026, 23:56 IST Banana Eating Rule: केला सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है. इसमें मौजूद पोटेशियम शरीर में स्ट्रेस हार्मोन को कंट्रोल करने में मदद करता है. कैल्शियम हड्डियों को मजबूत बनाता है और विटामिन A व C आंखों और त्वचा के लिए अच्छे होते हैं. लेकिन यदि आप इसे खाने के तुरंत बाद पानी पी लेते हैं, तो नुकसान भी झेलना पड़ सकता है. ख़बरें फटाफट Right Way To Eat Banana: हमारे घरों में अक्सर बड़े-बुजुर्ग यह सलाह देते हैं कि केला खाने के तुरंत बाद पानी नहीं पीना चाहिए. बचपन से ही यह बात सुनने को मिलती है कि ऐसा करने से पेट खराब हो सकता है. हालांकि कई लोग इसे सिर्फ एक पुरानी मान्यता समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन इसके पीछे कुछ कारण भी बताए जाते हैं. आज हम समझेंगे कि केला खाने के बाद तुरंत पानी पीने से शरीर पर क्या असर पड़ सकता है और यह सलाह क्यों दी जाती है. साथ ही यह भी जानेंगे कि बड़े-बुजुर्गों की कही बातें कई बार सेहत के लिहाज से सही क्यों होती हैं. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. केला पोषक तत्वों से भरपूर फल हैकेला एक बहुत ही पौष्टिक फल माना जाता है. इसे सुपर फ्रूट भी कहा जाता है क्योंकि इसमें कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं. केले में भरपूर मात्रा में फाइबर होता है, जो पाचन तंत्र के लिए बहुत अच्छा माना जाता है. इसके अलावा इसमें प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, हेल्दी फैट, पोटेशियम, मैग्नीशियम, कॉपर, विटामिन A, C और B6 भी पाए जाते हैं. सुबह के नाश्ते में केला खाना बहुत लाभदायक माना जाता है क्योंकि यह शरीर को तुरंत ऊर्जा देता है. अगर इसे दही या अन्य पौष्टिक चीजों के साथ खाया जाए तो इसके फायदे और बढ़ जाते हैं. केला खाने के तुरंत बाद पानी पीने का असरअगर कोई व्यक्ति केला खाने के तुरंत बाद पानी पी लेता है, तो इससे कुछ लोगों को पेट से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं. ऐसा माना जाता है कि केले में मौजूद पोषक तत्व और पोटेशियम जब ठंडे पानी के साथ मिलते हैं, तो पेट में गैस, एसिडिटी और ब्लोटिंग जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं. कई बार इससे पाचन प्रक्रिया भी प्रभावित हो जाती है और पेट भारी लगने लगता है. इसलिए इसे सेहत के लिए अच्छा नहीं माना जाता. पानी कब पीना चाहिए?अगर आपने केला खाया है, तो तुरंत पानी पीने से बचना चाहिए. कम से कम 30 मिनट का अंतर रखना बेहतर माना जाता है. इस समय के बाद शरीर केले के पोषक तत्वों को अच्छे से पचा लेता है और फिर पानी पीने से कोई परेशानी नहीं होती. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

फेस टैनिंग रिमूवल: चेहरे पर निखार लाने का उपाय! सीएचई का कालापन और टैनिंग झटपट होगी दूर, बेसन में अलग अलग ये चीजें

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बेसन स्किन की गंदगी, अतिरिक्त तेल और डेड स्किन को साफ करने में मदद मिलती है। वहीं गुलाब जल त्वचा को फ्रीजक लेप के साथ ताजा और सीलबंद बनाए रखा जाता है। छवि: फ्रीपिक दोनों का गठबंधन सहयोगी की टैनिंग कम करने और गठबंधन को चमकदार बनाने में मदद कर सकते हैं। छवि: फ्रीपिक फेस पैक बनाने के लिए: 2 अमेरिकियों बेसन, 2 मसाले गुलाब जल, 1 चुटकी हल्दी, आधा मोती दही या दूध छवि: फ्रीपिक बेसन में सबसे पहले एक बाउल डाला गया। अब इसमें गुलाब जल, हल्दी और दही का पेस्ट बनाएं। ध्यान रखें कि सबसे ज्यादा नमक न हो। सबसे पहले चेहरे को साफ पानी से धो लें। छवि: एआई अब पूरे चेहरे और गर्दन पर सामान का पैक तैयार करें। 15 से 20 मिनट तक बंद करें। इसके बाद हाथों से ठंडे पानी से धो लें। सीस की टैनिंग धीरे-धीरे कम हो रही है। छवि: एआई पैक के बाद स्किन साफा और ताज़ा स्कीगी। इससे ऑयली त्वचा की समस्या कम हो सकती है। चेहरे पर दुकान ग्लो फ्लैट आएँ। बेहतर परिणाम के लिए इस फेस पैक को एक सप्ताह में 2 से 3 बार इस्तेमाल किया जा सकता है। छवि: एआई नियमित रूप से इस्तेमाल किये जाने वाले त्वचा से पहले से अधिक मात्रा में त्वचा का दिखना संभव है। फेस पैक लगाने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें। अगर त्वचा बहुत ज्यादा सेंस सेंसिटिव है, तो डॉक्टर की सलाह लें। छवि: एआई धूप में धूप से पहले स्क्रीनसेवर में धूप सेंकना। बिना ज्यादा खर्च के इन आसान फेस पैक को शामिल करके आप अपने चेहरे को ताज़ा और ग्लोइंग बनाने में मदद कर सकते हैं। छवि: फ्रीपिक अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए तरीके, तरीके और दावे अलग-अलग विद्वानों पर आधारित हैं। रिपब्लिक भारत लेख में दी गई जानकारी के सही होने का दावा नहीं किया गया है। किसी भी उपचार और सुझाव को पहले डॉक्टर या डॉक्टर की सलाह से अवश्य लें।

आंखों में दिखे ये बदलाव तो हो जाएं सतर्क, हो सकता है लिवर डैमेज का संकेत

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Last Updated:May 10, 2026, 23:27 IST Liver Damage Sign: लिवर में प्रॉब्लम का संकेत आंखों में भी नजर आ सकते हैं. इसलिए शरीर में दिखने वाले ऐसे बदलावों को हल्के में नहीं लेना चाहिए. अगर बीमारी का पता शुरुआत में चल जाए, तो इलाज आसान हो जाता है और गंभीर परेशानी से बचा जा सकता है. ख़बरें फटाफट आजकल की खराब जीवनशैली, गलत खानपान और बढ़ते तनाव की वजह से लिवर से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं. पहले यह समस्या अधिकतर बुजुर्गों में देखने को मिलती थी, लेकिन अब युवा और बच्चे भी इसकी चपेट में आने लगे हैं. लिवर हमारे शरीर का बहुत महत्वपूर्ण अंग है, जो शरीर से विषैले पदार्थ बाहर निकालने और भोजन को पचाने में मदद करता है. इसलिए इसका स्वस्थ रहना बेहद जरूरी है. लिवर की बीमारी की सबसे बड़ी समस्या यह है कि शुरुआती समय में इसके लक्षण साफ नजर नहीं आते. यही कारण है कि डॉक्टर समय-समय पर हेल्थ चेकअप कराने और लिवर फंक्शन टेस्ट करवाने की सलाह देते हैं. अगर बीमारी का पता शुरुआत में चल जाए, तो इलाज आसान हो जाता है और गंभीर परेशानी से बचा जा सकता है. लिवर डैमेज के शुरुआती संकेत हमारा शरीर लिवर खराब होने के संकेत पहले से देने लगता है. इनमें सबसे महत्वपूर्ण संकेत आंखों से जुड़ा होता है. अगर आंखों का सफेद हिस्सा पीला दिखाई देने लगे, तो इसे सामान्य कमजोरी या थकान समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. यह शरीर में बिलीरुबिन नामक पदार्थ बढ़ने का संकेत हो सकता है. बिलीरुबिन तब बनता है जब शरीर में पुरानी लाल रक्त कोशिकाएं टूटती हैं. सामान्य स्थिति में लिवर इस पदार्थ को फिल्टर करके शरीर से बाहर निकाल देता है. लेकिन जब लिवर सही तरीके से काम नहीं करता, तो बिलीरुबिन शरीर में जमा होने लगता है. इसका असर सबसे पहले आंखों में दिखाई देता है और आंखों का सफेद हिस्सा पीला पड़ने लगता है. डॉक्टरों के अनुसार, आंखों में पीलापन कई गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकता है. इनमें पीलिया, हेपेटाइटिस, फैटी लिवर और लिवर इंफेक्शन जैसी समस्याएं शामिल हैं. अगर आंखों के साथ त्वचा भी पीली पड़ने लगे, पेशाब का रंग गहरा पीला हो जाए और लगातार कमजोरी महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए. लिवर को स्वस्थ रखने के लिए सही खानपान और अच्छी जीवनशैली बेहद जरूरी है. रोजाना हरी सब्जियां, ताजे फल, साबुत अनाज और प्रोटीन से भरपूर भोजन खाने से लिवर मजबूत रहता है. वहीं, ज्यादा तला-भुना खाना, मीठी चीजें, पैकेट वाला प्रोसेस्ड फूड और शराब लिवर पर बुरा असर डालते हैं. इससे फैटी लिवर और दूसरी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. शरीर का वजन नियंत्रित रखना भी जरूरी है. मोटापा नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज का बड़ा कारण माना जाता है. इसलिए नियमित व्यायाम करना और एक्टिव रहना लिवर की सेहत के लिए फायदेमंद होता है. इसके अलावा पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी जरूरी है, क्योंकि इससे शरीर से विषैले पदार्थ बाहर निकलने में मदद मिलती है. डॉक्टर हेपेटाइटिस ए और बी के टीके लगवाने की भी सलाह देते हैं, ताकि लिवर संक्रमण से बचाव हो सके. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

पीरियड्स में जब हो पेट और कमर में दर्द, ऐंठन, तो दूर करने के लिए पिएं ये हर्बल चाय, रसोई में पड़ी इस 1 चीज से बनाएं तुरंत

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Last Updated:May 10, 2026, 23:12 IST periods pain home remedies: पीरियड्स का दर्द हो तो महिलाएं खाना-पीना तक छोड़ देती हैं. मन चिड़चिड़ा सा होता रहता है. आप इस दर्द को सौंफ से बनी चाय को पीकर कम कर सकती हैं. ये सौंफ की चाय प्राकृतिक रूप से पाचन के लिए लाभकारी माना जाता है. इसमें मौजूद गुण गैस, पेट फूलना और ऐंठन जैसी परेशानियों को कम करने में मदद करते हैं. खासकर पीरियड्स के दौरान होने वाली असहजता में सौंफ की चाय पेट को शांत करने और पाचन को बेहतर बनाए रखने में सहायक हो सकती है. ये हर्बल टी पीरियड्स के दर्द को तुरंत करे कम. पीरियड्स के दौरान पेट में ऐंठन, गैस, सूजन और भारीपन जैसी समस्याएं महिलाओं में आम होती हैं. ऐसे समय में सौंफ की चाय एक आसान और असरदार घरेलू उपाय साबित हो सकती है. यह चाय न केवल स्वाद में अच्छी होती है, बल्कि पेट को आराम देने और शरीर को हल्का महसूस कराने में भी मदद करती है. पेट की ऐंठन और ब्लोटिंग में क्यों फायदेमंद है सौंफ? सौंफ को प्राकृतिक रूप से पाचन के लिए लाभकारी माना जाता है. इसमें मौजूद गुण गैस, पेट फूलना और ऐंठन जैसी परेशानियों को कम करने में मदद करते हैं. खासकर पीरियड्स के दौरान होने वाली असहजता में सौंफ की चाय पेट को शांत करने और पाचन को बेहतर बनाए रखने में सहायक हो सकती है. सौंफ में मौजूद गुण शरीर को कैसे पहुंचाते हैं फायदा? National Institute of Ayurveda के अनुसार, सौंफ में एंटीऑक्सीडेंट, एंटीबैक्टीरियल और दर्द कम करने वाले गुण पाए जाते हैं. यह शरीर में सूजन को घटाने, अतिरिक्त पानी बाहर निकालने और पाचन तंत्र को संतुलित रखने में मदद कर सकती है. नियमित रूप से सीमित मात्रा में सेवन करने से गैस, अपच और कब्ज जैसी समस्याओं में भी राहत मिल सकती है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. सौंफ की चाय के अन्य फायदेशरीर को तरोताजा महसूस कराएहार्मोन संतुलन को सपोर्ट करेवजन नियंत्रण में सहायक हैत्वचा की चमक बनाए रखने में मददगारसांस संबंधी हल्की परेशानियों में दिलाए आराम घर पर ऐसे बनाएं सौंफ की चाय 1 कप पानी लें. उसमें 1 चम्मच सौंफ डालें. 5 से 10 मिनट तक इसे उबालें. फिर छानकर गर्म-गर्म पिएं. आप चाहें तो स्वाद के लिए इसमें थोड़ा शहद भी मिला सकते हैं. इसे भोजन के बाद या पेट में भारीपन महसूस होने पर पीना फायदेमंद माना जाता है. सेवन करते समय रखें ये सावधानियां सौंफ की चाय सामान्य मात्रा में पीना सुरक्षित माना जाता है, लेकिन जरूरत से ज्यादा सेवन नहीं करना चाहिए. गर्भवती महिलाओं और किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे लोगों को नियमित सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर रहता है. About the Author Anshumala अंशुमाला हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा होल्डर हैं. इन्होंने YMCA दिल्ली से हिंदी जर्नलिज्म की पढ़ाई की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 15 वर्षों से काम कर रही हैं. न्यूज 18 हिंदी में फरवरी 2022 से लाइफस्टाइ…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें

सेहत का खजाना ये जंगली फल, पेट से लेकर हड्डियों तक के लिए फायदेमंद, इंडियन चेरी के नाम से फेमस

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Last Updated:May 10, 2026, 23:08 IST Lasoda Health Benefits: लसोड़ा एक ऐसा फल है जो स्वाद और सेहत दोनों के लिए अच्छा माना जाता है. इसे इंडियन चेरी भी कहा जाता है. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर नियमित रूप से लसोड़े का सेवन किया जाए, तो शरीर को प्राकृतिक रूप से कई जरूरी पोषक तत्व मिल सकते हैं. ख़बरें फटाफट आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग जल्दी बनने वाले खाने को ज्यादा पसंद करने लगे हैं. फास्ट फूड और पैकेट वाले खाद्य पदार्थ भले ही स्वादिष्ट लगते हों, लेकिन ये सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं. इसके बावजूद लोग इनका खूब सेवन करते हैं. वहीं, प्रकृति ने हमें कई ऐसे फल और सब्जियां दी हैं जो शरीर के लिए बेहद फायदेमंद होती हैं. इन्हीं में से एक है लसोड़ा, जिसे गोंदी या इंडियन चेरी भी कहा जाता है. बिहार के वन एवं पर्यावरण विभाग ने भी इसके फायदों के बारे में जानकारी दी है. यह एक तेजी से बढ़ने वाला पेड़ होता है, जिसकी ऊंचाई लगभग 10 से 20 मीटर तक हो सकती है. इसका वैज्ञानिक नाम कॉर्डिया डाइकोटोमा है. इस पेड़ के फल, पत्ते और बीज सभी औषधीय गुणों से भरपूर माने जाते हैं. लसोड़े के फायदे लसोड़े में कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं. इसमें प्रोटीन, फाइबर, कैल्शियम, फॉस्फोरस, आयरन और जिंक अच्छी मात्रा में मौजूद होते हैं. यही कारण है कि इसे सेहत के लिए काफी लाभकारी माना जाता है. – पका हुआ लसोड़ा खाने में मीठा और स्वादिष्ट लगता है. वहीं, कच्चे लसोड़े का इस्तेमाल कई तरह से किया जाता है. गांवों में इसकी सब्जी बनाई जाती है और इसका अचार भी काफी पसंद किया जाता है. इसके अलावा कच्चे फल के गूदे का उपयोग गोंद की तरह भी किया जाता है. – लसोड़ा शरीर को कई स्वास्थ्य लाभ देता है. इसमें मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में मदद करता है. इसका सेवन करने से कब्ज जैसी समस्याओं से राहत मिल सकती है. जिन लोगों को पेट से जुड़ी दिक्कतें रहती हैं, उनके लिए यह फल फायदेमंद माना जाता है. – इसके अलावा लसोड़े में आयरन अच्छी मात्रा में पाया जाता है, जो शरीर में खून की कमी को दूर करने में मदद करता है. एनीमिया से परेशान लोगों के लिए इसका सेवन लाभकारी हो सकता है. इसमें मौजूद कैल्शियम और फॉस्फोरस हड्डियों को मजबूत बनाने में सहायक होते हैं. – लसोड़े में एंटीऑक्सीडेंट्स भी पाए जाते हैं, जो शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाने में मदद करते हैं. इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्युनिटी मजबूत होती है. आयुर्वेद में भी इसके पत्तों और बीजों का इस्तेमाल कई घरेलू उपचारों में किया जाता है. सेवन का तरीकागर्मियों के मौसम में लसोड़ा आसानी से बाजार में मिल जाता है. इसे ताजा फल के रूप में खाया जा सकता है. इसके अलावा लोग इसका अचार, चटनी और सब्जी बनाकर भी खाते हैं. स्वाद के साथ-साथ यह शरीर को जरूरी पोषण देने में मदद करता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

Summer फ़्लोर कूलिंग टिप्स: तापती गर्मी में भट्टी बन गई है घर? पोछे के पानी में देसी नीबे से बनाया ये घना; अधिकतम अवधि बर्फ ठंडा जैसा

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पोचे के पानी में ये चीज़ें: 1 बाल्टी ठंडा पानी, 1 बड़ा चम्मच फिटकरी पाउडर, 8-10 चम्मच पुदीना या नींबू का तेल, 2 चम्मच गुलाब जल, थोड़ा सा नमक छवि: फ्रीपिक इन सभी जानवरों को पानी में अच्छी तरह मिला लें। अब इसी तरह पानी से पूरे घर में पोछा क्षेत्र। युनाइटेड युनिवर्सिटी रूम को फ्रेश फील कराती है। साथ ही गर्मी का एहसास भी कम होता है। छवि: एआई फिटकरी की गर्मी कम करने में मदद करती है और बर्बादी भी दूर करती है। सुबह या शाम का समय पोछा वस्त्र। बहुत गर्म पानी का उपयोग बिल्कुल न करें। छवि: फ्रीपिक गुलाब जल से घर में पेड़ और सार्वभौम देने वाली बनी रहती है। इसके अलावा घर में अधिकांश इलेक्ट्रॉनिक सामान एक साथ नहीं है। छवि: एआई तामचीनी शेल्फ को जल्दी ठीक करने में मदद मिलती है और ठंडक को थोड़ी देर तक बनाए रखा जाता है। यह उपाय सस्ता, आसान और रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाला बिल्कुल असरदार है। छवि: फ्रीपिक अगर घर में मार्बल या टाइल्स हों तो ठंडे पानी का इस्तेमाल सबसे ज्यादा असरदार रहता है। फ्लाइट तो पोछा लगाने के बाद कुछ देर से पंखा चला जाता है, इससे ठंडक जल्दी खत्म हो जाती है। छवि: मेटा एआई दिन में ऑर्थोडॉक्स पर मोटोरोला स्कर्ट रहता है। कमरे में पानी से भरे बर्तनों की दुकान से भी गर्मी कम महसूस होती है। रात में खोए हुए कागज़ के टुकड़े ताकि अंदर का पंखा खुला रहे। छवि: एआई भीषण गर्मी में घर को ठंडा रखना हर किसी के लिए जरूरी है। ऐसे में पोचे के पानी में देसी नीबू से बना यह आसान घोल आप बिना एसी के भी घर में काफी हद तक ठंड महसूस कर सकते हैं। छवि: फ्रीपिक (टैग्सटूट्रांसलेट)फ्लोर कूलिंग टिप्स(टी)गर्मी उपाय में ठंड रखने के टिप्स(टी)फ्लोर क्लीनिंग टिप्स(टी)फ्लोर कूलिंग टिप्स(टी)ग्रीष्मकालीन हैक्स(टी)देसी उपाय

न्यायिक आयोग करेगा जबलपुर क्रूज हादसे की जांच:हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस संजय द्विवेदी बने चीफ; 5 बिंदुओं पर 3 महीने में देंगे रिपोर्ट

न्यायिक आयोग करेगा जबलपुर क्रूज हादसे की जांच:हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस संजय द्विवेदी बने चीफ; 5 बिंदुओं पर 3 महीने में देंगे रिपोर्ट

मध्य प्रदेश सरकार ने जबलपुर क्रूज हादसे की न्यायिक जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। इसके लिए हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज संजय द्विवेदी की अध्यक्षता में एक सदस्यीय जांच आयोग बनाया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा रविवार को जारी अधिसूचना के अनुसार, यह आयोग राज्य शासन जांच आयोग अधिनियम, 1952 की धारा 3 के तहत काम करेगा। आयोग को विशेष रूप से पांच बिंदुओं पर जांच करके अपनी रिपोर्ट देनी होगी। इन पांच बिंदुओं पर करनी होगी जांच कारण और जवाबदेही: हादसे के वास्तविक कारणों की जांच करना और इसके लिए जिम्मेदार व्यक्तियों/अधिकारियों का निर्धारण करना। बचाव कार्य की समीक्षा: दुर्घटना के दौरान और उसके बाद किए गए बचाव उपायों और राहत कार्यों की पर्याप्तता की समीक्षा। सुरक्षा ऑडिट: प्रदेश में संचालित सभी नौकाओं, क्रूज और जल क्रीड़ा गतिविधियों का ऑडिट करना। इनलैंड वेसल्स एक्ट, 2021 और एनडीएमए की गाइडलाइंस के अनुरूप प्रमाणन की व्यवस्था देखना। मानक प्रक्रिया (SOP): भविष्य में ऐसी गतिविधियों के सुरक्षित संचालन और रखरखाव के लिए एक समान मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करना। त्वरित प्रतिक्रिया दल (QRT): जल परिवहन और पर्यटन वाले सभी स्थानों पर ‘क्विक रिस्पांस टीम’ के गठन की व्यवस्था सुनिश्चित करना। तीन महीने में सौंपनी होगी रिपोर्ट अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि न्यायिक जांच आयोग को अपनी जांच पूरी करने के लिए तीन माह का समय दिया गया है। आयोग राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से तीन महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट राज्य शासन को प्रस्तुत करेगा। खबर लगातार अपडेट की जा रही है…

फिल्मी अभिनेता से सिद्धांत यात्रा तक… विजय ने ऐसी उपलब्धि हासिल की, जो कि तमिलनाडु की मुख्यमंत्री की कुर्सी है

फिल्मी अभिनेता से सिद्धांत यात्रा तक... विजय ने ऐसी उपलब्धि हासिल की, जो कि तमिलनाडु की मुख्यमंत्री की कुर्सी है

अंततः तमिल में विजय की तीन साल पहले बनी पार्टी ने सत्ता हासिल कर ली है। इस बार के मूल्य निर्धारण ने राज्य में चली आ रही पारंपरिक राजनीति को समाप्त कर दिया है। हालाँकि, चुनाव नतीजों के बाद टीवीके प्रमुख जोसेफ सी. विजय के लिए काफी उत्कर्ष प्रदर्शित किए जा रहे हैं। वह लगातार अन्य कर्मचारियों से बहुमत के दस्तावेजों की कोशिश में लगे हुए थे। आख़िरकार 9 मई को मिल का समर्थन किया गया और उन्होंने सरकार का दावा पूरा किया, रात 10 बजे शपथ ले ली. विजय के नेतृत्व वाली सरकार का सस्पेंस पाठ्यक्रम समाप्त हो गया, जब उन्हें IUML और VCK का समर्थन प्राप्त हुआ। गवर्नर आरवी अर्लेकर ने सरकार बनाने की मंजूरी दे दी। विजय के शपथ ग्रहण में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी शामिल हुए. अंतिम चुनाव परिणाम के बाद क्या हुआ? 4 मई को तमिलनाडु के चुनाव नतीजे आये. विजय के टीवीके ने 108 पवित्र मंदिर बनाए। सबसे बड़ी पार्टी बनी. हालाँकि, टीवीके बहुमत के आंकड़े पिछड़ गए। ऐसे में उन्हें गठबंधन के लिए अन्य सहयोगी की जरूरत थी। यह भी पढ़ें: बंगाल-असम पर बीजेपी का फोकस के बाद दक्षिण भारत! पीएम नेतेलान को दिए 9377 करोड़ के फॉलोअर्स मोदी अगले कुछ वक्त में दुनिया भर में यूनिवर्सल के साथ गठबंधन को लेकर बातचीत हुई। इसमें कांग्रेस ने पांच नाममात्र के समर्थन का प्रस्ताव रखा। इसके बाद सी इंटरव्यू और सीपी आईएम ने काफी उठापटक का समर्थन दिया। इसके बाद शनिवार को आईयूएमएल और वीसीके का समर्थन भी टीवीके को मिला। विजय ने सरकार बनाने के लिए चार बार गवर्नर से मुलाकात की हालाँकि, सरकार ने दावा किया कि विजय ने चार बार राज्यपाल से मुलाकात की। लेकिन गवर्नर ने उन्हें सुपरमार्केट के ताले वापस भेज दिये। अब विजय फिल्मी सितारों की दुनिया से राजनीतिक सुपरस्टार के तौर पर दुनिया और तमिल के उभरे हैं। यदि विजय प्राप्त होती है तो राज्य में राष्ट्रपति शासन लग जाता है। विजय का जन्म साल 1974 में हुआ था. उन्होंने 1992 में फिल्म नालिया थिरपू से अपने करियर की शुरुआत की। उन्हें एक लवर बॉय के तौर पर काफी सफलता मिली। यही उनकी पहचान बन गई. साल 2024 में उन्होंने फिल्मी दुनिया को खत्म कर राजनीति में कदम रखा। यह भी पढ़ेंः पीएम मोदी की सुरक्षा में सेंध लगाने की कोशिश! बैंगलोर में कार्यक्रम स्थल के पास मिलाप, सुपरमार्केट में सामान

Kitchen Tips: कचरा नहीं तरबूज का छिलका! जापान में खरीदकर घर ले जा रहे लोग, कारण जान चौंक जाएंगे

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तरबूज खाने के बाद ज्यादातर लोग उसके छिलके को फेंक देते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि तरबूज का सफेद हिस्सा यानी लाल गूदे और हरे छिलके के बीच का भाग सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है? हालांकि हमारे देश में ज्यादातार लोग तरबूज के छिलके को कचरा से ज्यादा कुछ नहीं समझते हैं, लेकिन जापान के लोग इसे खरीदकर खाते हैं. दरअसल, वॉटरमेलन राइंड का स्वाद हल्का मीठा होता है और इसकी बनावट खीरे जैसी कुरकुरी लगती है. यही वजह है कि इसे कई तरह की रेसिपीज में इस्तेमाल किया जा सकता है. तरबूज का यह हिस्सा न सिर्फ खाने में ताजगी देता है, बल्कि जिस डिश में इसे मिलाया जाए उसका स्वाद भी आसानी से अपना लेता है. इसके अलावा यह पोषक तत्वों से भरपूर होता है. इसमें विटामिन, पोटैशियम, जिंक और कई जरूरी अमीनो एसिड पाए जाते हैं, जो शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं. तरबूज के छिलके का इस्तेमाल स्मूदी में करें इस्तेमालअगर आप हेल्दी स्मूदी पीना पसंद करते हैं, तो अगली बार तरबूज के छिलके को फेंकने की बजाय उसका इस्तेमाल करें. सबसे पहले हरे सख्त हिस्से को छील लें और सफेद भाग को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें. फिर इन्हें फ्रीजर में रख दें. बाद में इन्हें अपनी पसंद की स्मूदी में मिलाकर इस्तेमाल किया जा सकता है. यह तरीका न सिर्फ खाने की बर्बादी कम करता है, बल्कि शरीर को कई फायदे भी देता है. तरबूज के छिलके में विटामिन A, C और B6 अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं. इसके अलावा इसमें सिट्रूलिन नाम का अमीनो एसिड और लाइकोपीन जैसे एंटीऑक्सीडेंट भी होते हैं, जो दिल को स्वस्थ रखने और पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में मदद करते हैं. अचार बनाकर खाएंबहुत कम लोग जानते हैं कि तरबूज का सफेद हिस्सा खीरे की तरह ही होता है. इसलिए इसका स्वादिष्ट अचार भी बनाया जा सकता है. तरबूज के छिलके का अचार हल्का खट्टा और थोड़ा मीठा स्वाद देता है, जो खाने में काफी अलग और मजेदार लगता है. इसे सलाद में मिलाया जा सकता है या फिर स्लॉ जैसी डिश में इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके अलावा इसे ब्रुशेटा टॉपिंग के रूप में भी खाया जा सकता है. अगर आप चीज प्लेटर तैयार कर रहे हैं, तो यह एक शानदार साइड डिश भी बन सकता है. स्टिर फ्राई में करें ट्राईतरबूज का सफेद हिस्सा सब्जियों की तरह पकाया भी जा सकता है. जब इसे छोटे टुकड़ों में काट लिया जाता है, तो इसे आसानी से पैन में डालकर स्टिर फ्राई किया जा सकता है. इसे ब्रोकली, गाजर और दूसरी सब्जियों के साथ पकाने पर इसका स्वाद काफी अच्छा लगता है. हल्के मसालों और तेज आंच पर पकाने से यह कुरकुरा और स्वादिष्ट बन जाता है. जो लोग नई और हेल्दी रेसिपीज ट्राई करना पसंद करते हैं, उनके लिए तरबूज के छिलके की स्टिर फ्राई एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.