Friday, 21 Aug 2026 | 11:32 PM

Trending :

EXCLUSIVE

Baby Burping Importance; How To Burp Newborn ? – Positions, Benefits

Baby Burping Importance; How To Burp Newborn ? - Positions, Benefits
  • Hindi News
  • Lifestyle
  • Baby Burping Importance; How To Burp Newborn ? Positions, Benefits | Parenting Tips

14 मिनट पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल

  • कॉपी लिंक

सवाल- मैं एक नई मां हूं और मेरा 2 महीने का बच्चा है। दूध पिलाने के बाद कई बार वह सो जाता है, तो समझ नहीं आता कि उसे हर बार डकार दिलाना जरूरी है या ऐसे ही सुला देना ठीक है?

लोग कहते हैं कि डकार न दिलाने से गैस, पेट दर्द या उल्टी की समस्या हो सकती है। इसका सही तरीका क्या है?

एक्सपर्ट: डॉ. बेजी जैसन, पीडियाट्रिशियन, MD, MRCPCH (मेंबरशिप ऑफ द रॉयल कॉलेज ऑफ पीडियाट्रिक्स एंड चाइल्ड हेल्थ)

जवाब- सबसे पहले तो आपको मां बनने की बधाई। एक नई मां के रूप में आपके मन में ऐसे सवाल आना स्वाभाविक हैं। इस समय आसपास के लोग तरह-तरह की सलाह देते हैं। इससे कन्फ्यूजन और बढ़ जाता है। इसलिए सही जानकारी हाेना जरूरी है।

‘शिशु को डकार दिलाना सही या गलत’, पेरेंटिंग से जुड़ा ये कॉमन सवाल बहुत से पेरेंट्स के मन में आता है। इसका सीधा जवाब है कि ज्यादातर मामलों में दूध पिलाने के बाद शिशु को डकार दिलाना जरूरी होता है। अब आइए इसे थोड़ा विस्तार से समझते हैं।

डकार और शिशु के हेल्थ के बीच कनेक्शन

दरअसल नवजात शिशुओं का पाचन तंत्र पूरी तरह विकसित नहीं हुआ होता है। वे सिर्फ मां के दूध पर निर्भर होते हैं। कई बार वे फीडिंग के दौरान दूध के साथ हवा भी निगल लेते हैं।

  • जब यह हवा बाहर नहीं निकलती तो पेट में प्रेशर बनाती है, जिससे असहजता हो सकती है। यही कारण है कि कई बार बच्चा फीडिंग के बाद रोता है।
  • डकार दिलाने से यह प्रेशर कम होता है और बच्चा तुरंत रिलैक्स महसूस करता है।
  • डकार शिशु के कम्फर्ट, पाचन और नींद तीनों से सीधे तौर पर जुड़ी हुई है।

शिशु को डकार दिलाना क्यों जरूरी?

डकार दिलाने से पेट में जमा हवा बाहर निकल जाती है और शिशु को आराम महसूस होता है। नीचे ग्राफिक में शिशु को डकार दिलाने के सभी कारण समझिए-

डकार न दिलाने के संभावित रिस्क

डकार न दिलाने से पेट में गैस जमा हो सकती है। इससे शिशु को पेट फूलने, दर्द और चिड़चिड़ापन हो सकता है। कुछ मामलों में बच्चा दूध भी उलट सकता है या उसकी नींद बार-बार टूट सकती है। नीचे ग्राफिक में डकार न दिलाने के सभी संभावित हेल्थ रिस्क देखिए-

शिशु को डकार कैसे दिलाएं?

शिशु को डकार बहुत सावधानी से दिलाना चाहिए। सबसे जरूरी बात यह है कि शिशु को हमेशा सीधी पोजिशन में रखें, ताकि उसके पेट में फंसी हवा आसानी से बाहर निकल सके।

डकार दिलाते समय जल्दबाजी या जोर लगाने की जरूरत नहीं होती।

  • हल्के-हल्के थपथपाने या धीरे-धीरे रगड़ने से ही शिशु को आराम मिल जाता है।
  • हर शिशु का रिएक्शन अलग होता है। किसी को तुरंत डकार आ जाती है तो किसी को थोड़ा समय लगता है।
  • ध्यान रखें कि डकार दिलाते समय शिशु का सिर और गर्दन पूरी तरह सपोर्टेड हो, क्योंकि शिशुओं का कंट्रोल पूरी तरह विकसित नहीं होता।
  • अगर डकार दिलाते समय थोड़ा दूध बाहर आ जाए तो यह सामान्य है। इसलिए कंधे या गोद में कपड़ा रखना बेहतर है।
  • हालांकि ये जरूरी नहीं है कि हर बार डकार न दिलाने से समस्या पैदा ही हो।

नीचे ग्राफिक में डकार दिलाने के सुरक्षित तरीके दिए गए हैं। आप अपने शिशु की सुविधा के अनुसार इनमें से कोई भी तरीका अपना सकते हैं।

कितनी देर तक डकार दिलानी चाहिए?

आमतौर पर शिशु को डकार दिलाने के लिए 1-3 मिनट का समय पर्याप्त होता है। इतने समय में ज्यादातर शिशुओं के पेट में गई हवा बाहर निकल जाती है।

  • अगर इस दौरान डकार नहीं आती, तो घबराने की जरूरत नहीं है। हर बार डकार आना जरूरी नहीं होता।
  • कुछ शिशु कम हवा निगलते हैं, इसलिए उन्हें हर बार डकार की जरूरत नहीं पड़ती है।
  • ध्यान रखें कि अगर बच्चा कम्फर्ट महसूस कर रहा है या सो गया है तो उसे जबरदस्ती डकार दिलाने की जरूरत नहीं है। लेकिन अगर वह असहज दिखे डकार दिलाएं।

डकार दिलाते समय किन बातों का ध्यान रखें?

डकार हमेशा सही तरीके और सावधानी के साथ दिलानी चाहिए। इस दौरान छोटी-सी गलती भी शिशु को असहज महसूस करा सकती है, क्योंकि नवजात शिशु का शरीर बेहद नाजुक होता है।

सबसे जरूरी है कि शिशु को हमेशा सुरक्षित और सपोर्टेड पोजिशन में रखें, ताकि उसकी गर्दन और सिर पर कोई दबाव न पड़े। डकार दिलाते समय बहुत हल्के हाथों का इस्तेमाल करें। जोर से थपथपाना या हिलाना नुकसानदायक हो सकता है। इस दौरान कुछ बातों का खास ख्याल रखें।

अंत में यही कहूंगी कि शिशु को डकार दिलाना बहुत जरूरी है, जो उसके पाचन, आराम और नींद से जुड़ा है। शिशु के संकेतों को समझना सबसे जरूरी है। अगर आप धैर्य और सही तरीके से यह प्रक्रिया अपनाते हैं, तो शिशु ज्यादा सहज और खुश रहेगा।

……………………

पेरेंटिंग की ये खबर भी पढ़िए

पेरेंटिंग- 13 साल की बेटी हकलाती है: बच्चे मजाक उड़ाते हैं, क्लास में कुछ बोलती नहीं, हमेशा चुप रहती है, हम उसे कैसे हेल्प करें?

‘द स्टटरिंग फाउंडेशन’ के मुताबिक, दुनियाभर में लगभग 1% यानी 8 करोड़ से ज्यादा लोग हकलाते हैं। महिलाओं की तुलना में पुरुषों में यह समस्या लगभग चार गुना ज्यादा होती है। करीब 5% बच्चे उम्र के किसी-न-किसी दौर में हकलाहट का सामना करते हैं। पूरी खबर पढ़िए…

खबरें और भी हैं…

  • पेरेंटिंग- 13 साल की बेटी हकलाती है: बच्चे मजाक उड़ाते हैं, क्लास में कुछ बोलती नहीं, हमेशा चुप रहती है, हम उसे कैसे हेल्प करें?

    बच्चे मजाक उड़ाते हैं, क्लास में कुछ बोलती नहीं, हमेशा चुप रहती है, हम उसे कैसे हेल्प करें?|लाइफस्टाइल,Lifestyle - Dainik Bhaskar1:32

    Play video

    • कॉपी लिंक

    शेयर

  • पेरेंटिंग- मेरी गोद ली हुई बेटी 9 साल की है: उसके दोस्तों ने बताया ‘वह एडॉप्टेड है’, तब से वह ढेर सारे सवाल पूछती है, क्या करूं?

    उसके दोस्तों ने बताया ‘वह एडॉप्टेड है’, तब से वह ढेर सारे सवाल पूछती है, क्या करूं?|लाइफस्टाइल,Lifestyle - Dainik Bhaskar1:59

    Play video

    • कॉपी लिंक

    शेयर

  • पेरेंटिंग- मैं सिंगल मदर हूं: पति मारता था, इसलिए छोड़ दिया, अब बेटा अपने पापा के बारे में सवाल पूछता है, उसे कैसे समझाऊं

    पति मारता था, इसलिए छोड़ दिया, अब बेटा अपने पापा के बारे में सवाल पूछता है, उसे कैसे समझाऊं|लाइफस्टाइल,Lifestyle - Dainik Bhaskar1:46

    Play video

    • कॉपी लिंक

    शेयर

  • पेरेंटिंग- 13 साल की बेटी चैट-GPT से होमवर्क करती है: हर सवाल AI से पूछती है, उसकी लर्निंग एबिलिटी कमजोर न हो जाए, क्या करूं?

    Play video

    • कॉपी लिंक

    शेयर

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
21 किलो गांजा के साथ तीन तस्कर पकड़ाए:दो आरोपी ओडिशा और एक बालाघाट का; कई राज्यों में करते थे सप्लाई

April 5, 2026/
7:50 pm

बालाघाट की रामपायली पुलिस ने तीन गांजा तस्करों को गिरफ्तार कर उनके पास से करीब 5 लाख रुपए कीमत का...

छवि अपलोड की गई

April 6, 2026/
8:53 am

घर पर फेशियल कैसे करें: हर कोई चाहता है कि उसका चेहरा साफ, चमकीला और चमकता हुआ दिखे। इसके लिए...

Vijay Deverakonda & Rashmika Mandanna Wedding in Udaipur

February 19, 2026/
2:02 pm

बॉलीवुड फिल्म एनीमल की हीरोइन रश्मिका मंदाना और साउथ एक्टर विजय देवरकोंडा 26 फरवरी को शादी करने जा रहे हैं।...

Google Preferred Source CTA

April 28, 2026/
4:30 am

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने IPL 2026 के 39वें मैच में दिल्ली कैपिटल्स को 9 विकेट से हरा दिया। अरुण जेटली...

ट्रम्प का दावा- ईरान के सुप्रीम लीडर को डील मंजूर:नए हमले रद्द; कहा- समझौता पूरी तरह तय होने तक नाकेबंदी लागू रहेगी

June 12, 2026/
6:59 am

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई ने नई डील पर मंजूरी दे...

Ramayan Movie Ranbir Kapoor Hanuman Jayanti Reveal 2026 Update

March 27, 2026/
10:48 am

12 मिनट पहले कॉपी लिंक ‘रामायण’ के को-प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा दुनिया की सबसे बड़ी विजुअल इफेक्ट्स (VFX) कंपनियों में से...

सुप्रीम कोर्ट बोला- उमर खालिद को बेल मिल सकती थी:दिल्ली दंगा मामले के अपने फैसले पर आपत्ति जताई, कहा- जमानत अधिकार है, जेल अपवाद

May 18, 2026/
1:25 pm

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली दंगा साजिश मामले में जेएनयू के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद को जमानत देने से इनकार...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

Baby Burping Importance; How To Burp Newborn ? – Positions, Benefits

Baby Burping Importance; How To Burp Newborn ? - Positions, Benefits
  • Hindi News
  • Lifestyle
  • Baby Burping Importance; How To Burp Newborn ? Positions, Benefits | Parenting Tips

14 मिनट पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल

  • कॉपी लिंक

सवाल- मैं एक नई मां हूं और मेरा 2 महीने का बच्चा है। दूध पिलाने के बाद कई बार वह सो जाता है, तो समझ नहीं आता कि उसे हर बार डकार दिलाना जरूरी है या ऐसे ही सुला देना ठीक है?

लोग कहते हैं कि डकार न दिलाने से गैस, पेट दर्द या उल्टी की समस्या हो सकती है। इसका सही तरीका क्या है?

एक्सपर्ट: डॉ. बेजी जैसन, पीडियाट्रिशियन, MD, MRCPCH (मेंबरशिप ऑफ द रॉयल कॉलेज ऑफ पीडियाट्रिक्स एंड चाइल्ड हेल्थ)

जवाब- सबसे पहले तो आपको मां बनने की बधाई। एक नई मां के रूप में आपके मन में ऐसे सवाल आना स्वाभाविक हैं। इस समय आसपास के लोग तरह-तरह की सलाह देते हैं। इससे कन्फ्यूजन और बढ़ जाता है। इसलिए सही जानकारी हाेना जरूरी है।

‘शिशु को डकार दिलाना सही या गलत’, पेरेंटिंग से जुड़ा ये कॉमन सवाल बहुत से पेरेंट्स के मन में आता है। इसका सीधा जवाब है कि ज्यादातर मामलों में दूध पिलाने के बाद शिशु को डकार दिलाना जरूरी होता है। अब आइए इसे थोड़ा विस्तार से समझते हैं।

डकार और शिशु के हेल्थ के बीच कनेक्शन

दरअसल नवजात शिशुओं का पाचन तंत्र पूरी तरह विकसित नहीं हुआ होता है। वे सिर्फ मां के दूध पर निर्भर होते हैं। कई बार वे फीडिंग के दौरान दूध के साथ हवा भी निगल लेते हैं।

  • जब यह हवा बाहर नहीं निकलती तो पेट में प्रेशर बनाती है, जिससे असहजता हो सकती है। यही कारण है कि कई बार बच्चा फीडिंग के बाद रोता है।
  • डकार दिलाने से यह प्रेशर कम होता है और बच्चा तुरंत रिलैक्स महसूस करता है।
  • डकार शिशु के कम्फर्ट, पाचन और नींद तीनों से सीधे तौर पर जुड़ी हुई है।

शिशु को डकार दिलाना क्यों जरूरी?

डकार दिलाने से पेट में जमा हवा बाहर निकल जाती है और शिशु को आराम महसूस होता है। नीचे ग्राफिक में शिशु को डकार दिलाने के सभी कारण समझिए-

डकार न दिलाने के संभावित रिस्क

डकार न दिलाने से पेट में गैस जमा हो सकती है। इससे शिशु को पेट फूलने, दर्द और चिड़चिड़ापन हो सकता है। कुछ मामलों में बच्चा दूध भी उलट सकता है या उसकी नींद बार-बार टूट सकती है। नीचे ग्राफिक में डकार न दिलाने के सभी संभावित हेल्थ रिस्क देखिए-

शिशु को डकार कैसे दिलाएं?

शिशु को डकार बहुत सावधानी से दिलाना चाहिए। सबसे जरूरी बात यह है कि शिशु को हमेशा सीधी पोजिशन में रखें, ताकि उसके पेट में फंसी हवा आसानी से बाहर निकल सके।

डकार दिलाते समय जल्दबाजी या जोर लगाने की जरूरत नहीं होती।

  • हल्के-हल्के थपथपाने या धीरे-धीरे रगड़ने से ही शिशु को आराम मिल जाता है।
  • हर शिशु का रिएक्शन अलग होता है। किसी को तुरंत डकार आ जाती है तो किसी को थोड़ा समय लगता है।
  • ध्यान रखें कि डकार दिलाते समय शिशु का सिर और गर्दन पूरी तरह सपोर्टेड हो, क्योंकि शिशुओं का कंट्रोल पूरी तरह विकसित नहीं होता।
  • अगर डकार दिलाते समय थोड़ा दूध बाहर आ जाए तो यह सामान्य है। इसलिए कंधे या गोद में कपड़ा रखना बेहतर है।
  • हालांकि ये जरूरी नहीं है कि हर बार डकार न दिलाने से समस्या पैदा ही हो।

नीचे ग्राफिक में डकार दिलाने के सुरक्षित तरीके दिए गए हैं। आप अपने शिशु की सुविधा के अनुसार इनमें से कोई भी तरीका अपना सकते हैं।

कितनी देर तक डकार दिलानी चाहिए?

आमतौर पर शिशु को डकार दिलाने के लिए 1-3 मिनट का समय पर्याप्त होता है। इतने समय में ज्यादातर शिशुओं के पेट में गई हवा बाहर निकल जाती है।

  • अगर इस दौरान डकार नहीं आती, तो घबराने की जरूरत नहीं है। हर बार डकार आना जरूरी नहीं होता।
  • कुछ शिशु कम हवा निगलते हैं, इसलिए उन्हें हर बार डकार की जरूरत नहीं पड़ती है।
  • ध्यान रखें कि अगर बच्चा कम्फर्ट महसूस कर रहा है या सो गया है तो उसे जबरदस्ती डकार दिलाने की जरूरत नहीं है। लेकिन अगर वह असहज दिखे डकार दिलाएं।

डकार दिलाते समय किन बातों का ध्यान रखें?

डकार हमेशा सही तरीके और सावधानी के साथ दिलानी चाहिए। इस दौरान छोटी-सी गलती भी शिशु को असहज महसूस करा सकती है, क्योंकि नवजात शिशु का शरीर बेहद नाजुक होता है।

सबसे जरूरी है कि शिशु को हमेशा सुरक्षित और सपोर्टेड पोजिशन में रखें, ताकि उसकी गर्दन और सिर पर कोई दबाव न पड़े। डकार दिलाते समय बहुत हल्के हाथों का इस्तेमाल करें। जोर से थपथपाना या हिलाना नुकसानदायक हो सकता है। इस दौरान कुछ बातों का खास ख्याल रखें।

अंत में यही कहूंगी कि शिशु को डकार दिलाना बहुत जरूरी है, जो उसके पाचन, आराम और नींद से जुड़ा है। शिशु के संकेतों को समझना सबसे जरूरी है। अगर आप धैर्य और सही तरीके से यह प्रक्रिया अपनाते हैं, तो शिशु ज्यादा सहज और खुश रहेगा।

……………………

पेरेंटिंग की ये खबर भी पढ़िए

पेरेंटिंग- 13 साल की बेटी हकलाती है: बच्चे मजाक उड़ाते हैं, क्लास में कुछ बोलती नहीं, हमेशा चुप रहती है, हम उसे कैसे हेल्प करें?

‘द स्टटरिंग फाउंडेशन’ के मुताबिक, दुनियाभर में लगभग 1% यानी 8 करोड़ से ज्यादा लोग हकलाते हैं। महिलाओं की तुलना में पुरुषों में यह समस्या लगभग चार गुना ज्यादा होती है। करीब 5% बच्चे उम्र के किसी-न-किसी दौर में हकलाहट का सामना करते हैं। पूरी खबर पढ़िए…

खबरें और भी हैं…

  • पेरेंटिंग- 13 साल की बेटी हकलाती है: बच्चे मजाक उड़ाते हैं, क्लास में कुछ बोलती नहीं, हमेशा चुप रहती है, हम उसे कैसे हेल्प करें?

    बच्चे मजाक उड़ाते हैं, क्लास में कुछ बोलती नहीं, हमेशा चुप रहती है, हम उसे कैसे हेल्प करें?|लाइफस्टाइल,Lifestyle - Dainik Bhaskar1:32

    Play video

    • कॉपी लिंक

    शेयर

  • पेरेंटिंग- मेरी गोद ली हुई बेटी 9 साल की है: उसके दोस्तों ने बताया ‘वह एडॉप्टेड है’, तब से वह ढेर सारे सवाल पूछती है, क्या करूं?

    उसके दोस्तों ने बताया ‘वह एडॉप्टेड है’, तब से वह ढेर सारे सवाल पूछती है, क्या करूं?|लाइफस्टाइल,Lifestyle - Dainik Bhaskar1:59

    Play video

    • कॉपी लिंक

    शेयर

  • पेरेंटिंग- मैं सिंगल मदर हूं: पति मारता था, इसलिए छोड़ दिया, अब बेटा अपने पापा के बारे में सवाल पूछता है, उसे कैसे समझाऊं

    पति मारता था, इसलिए छोड़ दिया, अब बेटा अपने पापा के बारे में सवाल पूछता है, उसे कैसे समझाऊं|लाइफस्टाइल,Lifestyle - Dainik Bhaskar1:46

    Play video

    • कॉपी लिंक

    शेयर

  • पेरेंटिंग- 13 साल की बेटी चैट-GPT से होमवर्क करती है: हर सवाल AI से पूछती है, उसकी लर्निंग एबिलिटी कमजोर न हो जाए, क्या करूं?

    Play video

    • कॉपी लिंक

    शेयर

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.