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गर्मी में बाल ज्यादा क्यों झड़ते हैं? क्या होती है हेयर फॉल की बड़ी वजह, एक्सपर्ट से समझ लीजिए

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Last Updated:May 11, 2026, 20:05 IST Summer Hair Loss Causes: गर्मियों में बाल झड़ने की समस्या बढ़ जाती है. इसकी वजह तेज धूप, पसीना, स्कैल्प में गंदगी और शरीर में पानी की कमी हो सकती है. एक्सपर्ट्स के अनुसार गलत हेयर केयर, पोषण की कमी और तनाव भी हेयर फॉल बढ़ा सकते हैं. सही डाइट, स्कैल्प की सफाई और अच्छी लाइफस्टाइल से इस समस्या को कंट्रोल किया जा सकता है. गर्मियों में पसीना और स्कैल्प की गंदगी की वजह से हेयर फॉल बढ़ जाता है. How Summer Affects Hair Health: गर्मी का मौसम अपने साथ कई समस्याएं लेकर आता है. गर्मी में कई लोग हेयर फॉल बढ़ने की शिकायत करते हैं. इस मौसम में नहाते समय, कंघी करते वक्त या तकिए पर टूटे बाल दिखाई देना आम बात है. अक्सर लोग इसे केवल मौसम का असर मानकर नजरअंदाज कर देते हैं. हेयर एक्सपर्ट्स के अनुसार गर्मी में बाल झड़ने के पीछे कई वजहें हो सकती हैं. तेज धूप, पसीना, धूल, स्कैल्प में ऑयल बढ़ना और गलत हेयर केयर रूटीन बालों को कमजोर बना सकते हैं. यूपी के कानपुर स्थित जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. युगल राजपूत ने News18 को बताया गर्मियों में ज्यादा पसीना आने से स्कैल्प पर गंदगी और ऑयल जमा होने लगता है. इससे बालों की जड़ों पर असर पड़ता है और हेयर फॉल बढ़ सकता है. अगर स्कैल्प लंबे समय तक साफ न रखा जाए, तो डैंड्रफ, खुजली और फंगल इंफेक्शन जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं, जो बाल झड़ने की बड़ी वजह बनती हैं. कई लोग गर्मियों में बार-बार बाल धोते हैं, लेकिन हार्श शैम्पू या गलत प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल भी बालों को रूखा और कमजोर बना सकता है. एक्सपर्ट के मुताबिक तेज धूप और गर्म हवाएं भी बालों की सेहत पर असर डालती हैं. लंबे समय तक सूरज की UV किरणों के संपर्क में रहने से बालों की नमी कम होने लगती है, जिससे वे ड्राई और बेजान हो जाते हैं. जब बालों में नमी कम होती है, तो वे जल्दी टूटने लगते हैं. खासकर जिन लोगों के बाल पहले से ड्राई या केमिकल ट्रीटेड होते हैं, उनमें यह समस्या ज्यादा देखने को मिल सकती है. इसके अलावा शरीर में पानी की कमी भी हेयर फॉल की एक बड़ी वजह मानी जाती है. गर्मियों में शरीर से पसीने के जरिए ज्यादा पानी निकलता है. अगर पर्याप्त पानी और पोषण न मिले, तो इसका असर बालों की जड़ों पर भी पड़ सकता है. आयरन, प्रोटीन, बायोटिन और विटामिन D की कमी बालों को कमजोर बना सकती है. डॉक्टर की मानें तो तनाव और खराब लाइफस्टाइल भी बाल झड़ने की समस्या को बढ़ा सकते हैं. नींद पूरी न होना, ज्यादा स्ट्रेस लेना और अनियमित खानपान बालों की ग्रोथ साइकल को प्रभावित कर सकता है. कई बार लोग गर्मियों में हेयर स्टाइलिंग प्रोडक्ट्स और हीट टूल्स का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं, जिससे बाल और ज्यादा कमजोर हो सकते हैं. एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि गर्मियों में माइल्ड शैम्पू का इस्तेमाल करें और जरूरत से ज्यादा केमिकल वाले प्रोडक्ट्स से बचें. स्कैल्प को साफ रखना, हल्का हेयर ऑयल लगाना और धूप में निकलते समय बालों को कवर करना फायदेमंद माना जाता है. इसके अलावा पर्याप्त पानी पीना और प्रोटीन व विटामिन से भरपूर डाइट लेना भी जरूरी है. डॉक्टर का साफ कहना है कि अगर बाल जरूरत से ज्यादा झड़ रहे हों, स्कैल्प में लगातार खुजली हो रही हो या बाल पतले होते दिखाई दें, तो डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह लेना जरूरी माना जाता है. कई बार हेयर फॉल के पीछे हार्मोनल बदलाव, थायरॉइड या दूसरी स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं. समय रहते बालों और स्कैल्प की सही देखभाल करना हेल्दी और मजबूत बाल बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी माना जाता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें

Bihar Special Assistant Police Recruitment 15,821 Posts

Bihar Special Assistant Police Recruitment 15,821 Posts

Hindi News Career Bihar Special Assistant Police Recruitment 15,821 Posts | Govt Jobs Today 23 मिनट पहले कॉपी लिंक आज की सरकारी नौकरी में जानकारी बिहार में विशेष सहायक पुलिस के 15,821 पदों पर भर्ती की, रेलवे में असिस्टेंट लोको पायलट की 11,127 भर्ती के लिए आवेदन 15 मई 2026 से शुरू होने की। साथ में बिहार जिला बाल संरक्षण इकाई में 273 ओपनिंग्स की। इन जॉब्स के बारे में पूरी जानकारी के साथ आवेदन की प्रक्रिया यहां देखिए… 1. बिहार में SAP के 15,821 पदों पर भर्ती, 1 जून से रैली शुरू बिहार पुलिस मुख्यालय ने विशेष सहायक पुलिस (SAP) के 15,821 पदों पर भर्ती निकाली है। इस बार पूर्व सैनिकों के साथ CAPF से रिटायर्ड जवानों को भी मौका मिलेगा। पहले केवल पूर्व सैनिक ही इस भर्ती में शामिल हो सकते थे। भर्ती रैली 1 जून से 6 जून 2026 तक आयोजित की जाएगी। रैली हर दिन सुबह 6:30 बजे से शाम 4 बजे तक चलेगी। सिलेक्ट किए गए जवानों को एक साल के कॉन्ट्रैक्ट पर रखा जाएगा जिसे जरूरत के अनुसार बढ़ाया जा सकता है। पोस्ट वाइस वैकेंसी डिटेल्स : पद का नाम पदों की संख्या जेसीओ 148 SAP जवान 15,135 रसोइया 538 कुल पदों की संख्या 15,821 नहीं पहुंचने वालों को भी मौका अगर कोई उम्मीदवार तय तारीख पर भर्ती रैली में शामिल नहीं हो पाता है तो उसे हर महीने के पहले सप्ताह में आयोजित होने वाले वॉक-इन इंटरव्यू में भाग लेने का मौका दिया जाएगा। कैटेगरी वाइस वैकेंसी डिटेल्स : पद का नाम पदों की संख्या ईबीसी 2,936 एससी 2,688 बीसी 1,525 सीबीडब्ल्यू 510 एसटी 163 ईडब्ल्यूएस 1,582 जनरल 6,417 टोटल 15,821 डिवीजन वाइस रैली : डिवीजन डिस्ट्रिक्ट रैली डेट पूर्निया, भागलपुर, दरभंगा पूर्निया, कटिहार, अरेरिया, किशनगंज, भागलपुर, नवगाचिया, बांका, दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर 01 जून 2026 कोशी, मूंगेर, सारन सहरसा, मधेपुरा, सुपौल, मूंगेर, बेगुरायस, खागरिया, लक्षिसराय, शेखपुरा, जमुई, सारन, सिवान, गोपालगंज 02 जून 2026 तिरहट मुजफ्फरपुर, मोतिहारी, बेतिया, बागहा, सीतामढ़ी, औरंगाबाद, श्योपुर 03 जून 2026 मगध गया, जेहनाबाद, अरवाल, औरंगाबाद, नवादा 04 जून 2026 पटना पटना, नालंदा 05 जून 2026 भोजपुर, रोहतास भोजपुर, भभुआ, रोहतास, बक्सर 06 जून 2026 योग्यता : उम्मीदवार को बिहार का स्थायी निवासी होना जरूरी है। आधुनिक और ऑटोमैटिक हथियार चलाने का अनुभव भी होना चाहिए। आपदा प्रबंधन, बम निरोधक कार्य, ड्राइविंग, तैराकी, डाइविंग और मोटरबोट चलाने का अनुभव रखने वाले जवानों को प्राथमिकता दी जाएगी। सैलरी : पद का नाम पदों की संख्या जेसीओ 35 हजार रुपए प्रतिमाह SAP जवान 30 हजार रुपए प्रतिमाह रसोइया 25 हजार रुपए प्रतिमाह एज लिमिट : अधिकतम 52 साल सिलेक्शन प्रोसेस : वॉक इन इंटरव्यू डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन मेडिकल एग्जाम ऐसे करें आवेदन : रीजनल ऑफिस AWPO, दानापुर कैंट में जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करवाएं। फॉर्म भरकर सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स के साथ AWPO ऑफिस में जमा करवाएं। अपनी डिवीजन/जिले की निर्धारित तिथि पर सुबह 09:30 बजे से 04:00 बजे के बीच AWPO, दानापुर कैंट पहुंचें। रैली स्थल पर आपके डॉक्यूमेंट्स चेक किए जाएंगे। उसके बाद Walk-in Interview लिया जाएगा। इंटरव्यू के बाद मेडिकल जांच के लिए भेजा जाएगा। पूरी तरह फिट पाए जाने पर नियुक्ति पत्र दे दिया जाएगा। किसी भी जानकारी के लिए इन नंबर्स पर संपर्क करें : पुलिस अधीक्षक, STF, बिहार पटना: 0612 – 2294172 रीजनल ऑफिस AWPO, दानापुर कैंट: 06115 – 222251 ऑफिशियल वेबसाइट लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक 2. रेलवे में ALP की 11,127 भर्ती, 15 मई से आवेदन शुरू रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने असिस्टेंट लोको पायलट के 11,127 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। उम्मीदवार 15 मई से आवेदन शुरू होने के बाद अप्लाई कर सकेंगे। जोन वाइज वैकेंसी डिटेल्स : जोन का नाम पदों की संख्या सेंट्रल रेलवे 1400 ईस्ट सेंट्रल रेलवे 700 ईस्ट कोस्ट रेलवे 1625 ईस्टर्न रेलवे 608 नॉर्थ सेंट्रल रेलवे 457 नॉर्थ ईस्टर्न रेलवे 105 नॉर्थ ईस्ट फ्रंटियर रेलवे 1276 नॉर्थन रेलवे 740 नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे 600 साउथ सेंट्रल रेलवे 674 साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे 200 साउथ ईस्टर्न रेलवे 1531 साउथर्न रेलवे 250 साउथ वेस्टर्न रेलवे 200 वेस्ट सेंट्रल रेलवे 541 वेस्टर्न रेलवे 214 चितरंजन लोकोमोटिव वर्क्स (CLW) 06 कुल पदों की संख्या 11,127 एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : मान्यता प्राप्त बोर्ड/ संस्थान से 10वीं के साथ आईटीआई की डिग्री। या 10वीं के साथ इंजीनियरिंग में डिप्लोमा या इंजीनियरिंग डिग्री। एज लिमिट : न्यूनतम : 18 साल अधिकतम : 30 साल ओबीसी : 3 साल की छूट एससी/ एसटी : 5 साल की छूट फीस : अन्य सभी : 500 रुपए एससी/ एसटी/ एक्स सर्विसमैन/ ट्रांसजेंडर/ ईबीसी : 250 रुपए सिलेक्शन प्रोसेस : सीबीटी – 1 सीबीटी – 2 इंटरव्यू डॉक्यूमेंट वेरिफेशन प्रीलिम्स एग्जाम : पेपर की संख्या विषय प्रश्नों की संख्या अंक पेपर – 1 जनरल नॉलेज 100 100 पेपर – 1 लॉ 150 150 सैलरी : 19,900 रुपए प्रतिमाह ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट rrbapply.gov.in पर जाएं। होमपेज पर अप्लाई ऑनलाइन के लिंक पर क्लिक करें। न्यू रजिस्ट्रेशन लिंक पर क्लिक करके मांगी गई डिटेल्स दर्ज करें। रजिस्ट्रेशन होने के बाद लॉग इन करें। फीस (यदि लागू हो) जमा करें। फॉर्म का प्रिंटआउट निकाल कर रखें। ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक ऑनलाइन आवेदन लिंक 3. बिहार जिला बाल संरक्षण इकाई में 273 वैकेंसी, आवेदन आज से शुरू बिहार जिला बाल संरक्षण इकाई में 273 पदों पर भर्ती निकली है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट scpsvacancy.bihar.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। पोस्ट वाइज वैकेंसी डिटेल्स : पद का नाम पदों की संख्या सुपरिटेंडेंट 31 स्टोर कीपर कम अकाउंटेंट 29 काउंसलर 28 हाउसफादर/हाउसमदर 55 पैरामेडिकल स्टाफ 31 नर्स 36 स्पेशल एजुकेटर 36 बाल कल्याण अधिकारी 27 एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : सुपरिटेंडेंट :सोशल वर्क, सोशियोलॉजी, साइकोलॉजी, लॉ में पीजी, बच्चों/महिलाओं के क्षेत्र में कम से कम 3 साल का वर्क एक्सपीरियंस काउंसलर :सोशल वर्क, साइकोलॉजी, काउंसलिंग में ग्रेजुएशन या पीजी डिप्लोमा, स्कूल में कम से कम 1 साल का वर्क एक्सपीरियंस बाल कल्याण पदाधिकारी :सोशल वर्क/सोशियोलॉजी या लॉ (LAW) में ग्रेजुएशन, JJ Act, POCSO, बाल श्रम आदि क्षेत्र में 2 साल का एक्सपीरियंस स्टोर कीपर कम अकाउंटेंट :कॉमर्स/मैथ्स/इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन,अकाउंटिंग वर्क का कम से कम 2 साल का एक्सपीरियंस हाउस फादर / हाउस मदर :12वीं पास, बच्चों के साथ काम करने का 2 साल का एक्सपीरियंस पैरामेडिकल स्टाफ :इंटर के साथ नर्सिंग/मेडिकल रिकॉर्ड/ANM में डिप्लोमा, क्लिनिक या अस्पताल

Energy & AI are India’s National Priorities for 21st Century Freedom

Energy & AI are India's National Priorities for 21st Century Freedom

Hindi News Business Gautam Adani: Energy & AI Are India’s National Priorities For 21st Century Freedom नई दिल्ली28 मिनट पहले कॉपी लिंक अडाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी ने कहा कि आज के दौर में एनर्जी और इंटेलिजेंस एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं और इन्हें राष्ट्रीय प्राथमिकता के तौर पर देखा जाना चाहिए। सोमवार को नई दिल्ली में आयोजित CII एनुअल बिजनेस समिट 2026 में अडाणी ने भारत की भविष्य की जरूरतों पर यह बात कही है। अडाणी ने मिडिल ईस्ट के संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि एनर्जी सिक्योरिटी और डिजिटल सिक्योरिटी अब अलग-अलग नहीं रह गए हैं। ये दोनों ही अब किसी देश की राष्ट्रीय शक्ति के आधार हैं। उन्होंने कहा कि जो देश शांति के समय अपनी क्षमता नहीं बनाता, उसे संकट के समय इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ती है। 21वीं सदी में असली आजादी का मतलब अडाणी ने समिट में कहा कि 21वीं सदी में सच्ची स्वतंत्रता का मतलब उस ऊर्जा पर मालिकाना हक होना है जो हमारे घरों को रोशन करती है और उस इंटेलिजेंस (AI) पर कंट्रोल करना है जो हमारे दिमाग का मार्गदर्शन करती है। उन्होंने बताया कि अमेरिका और चीन जैसी दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं ने इस बात को गहराई से समझा है। पश्चिमी देशों की तरह AI से डरने की जरूरत नहीं अडाणी ने उन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया कि AI वर्कर्स की जगह ले लेगा या इंसानी फैसले कम कर देगा। उन्होंने कहा कि भारत को पश्चिमी देशों से ‘डर’ इंपोर्ट करने की जरूरत नहीं है। भारत को AI को एक ऐसी ताकत के रूप में बनाना चाहिए जो अवसर छीनने के बजाय उत्पादकता बढ़ाए और नई नौकरियां जनरेट करें। डेटा सेंटर की क्षमता 75 GW तक पहुंचने की उम्मीद अडाणी ने भारत की मोबाइल डेटा क्रांति का उदाहरण देते हुए कहा कि AI से भी ऐसा ही उछाल आएगा, लेकिन इसमें बिजली की खपत बहुत ज्यादा होगी। भारत की डेटा सेंटर क्षमता जो 2030 तक 5 गीगावाट (GW) होने की उम्मीद है, वह 2047 तक बढ़कर 75 GW तक पहुंच सकती है। मार्च 2026 तक भारत ने 500 GW स्थापित बिजली क्षमता का आंकड़ा पार कर लिया है। अडाणी ग्रुप का 100 बिलियन डॉलर का निवेश प्लान गौतम अडाणी ने बताया कि उनका ग्रुप डिजिटल भविष्य के लिए तीन पिलर्स – एनर्जी, डेटा सेंटर्स और लोगों पर काम कर रहा है। क्लीन एनर्जी: एनर्जी ट्रांजेक्शन के लिए ग्रुप ने 100 बिलियन डॉलर यानी 9.52 लाख करोड़ रुपए के निवेश का वादा किया है। सॉवरेन कंप्यूटिंग: भारतीय धरती पर डेटा सेंटर्स बनाने के लिए भी 100 बिलियन डॉलर के निवेश का प्लान है। अडाणी फाउंडेशन: ग्रुप ने शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास के लिए 60,000 करोड़ रुपए का लंबी अवधि का निवेश तय किया है, जिसका बड़ा हिस्सा AI-आधारित स्किलिंग पर खर्च होगा। अगली आजादी की जंग लैब और डेटा सेंटर्स में होगी अडाणी ने कहा कि भारत को अपने इंटेलिजेंस फ्यूचर के इंफ्रास्ट्रक्चर को किराए पर नहीं लेना चाहिए, बल्कि उसे अपनी मिट्टी पर बनाना और चलाना चाहिए। अडाणी के मुताबिक, अगली आजादी की लड़ाई केवल सीमाओं पर नहीं, बल्कि हमारे ग्रिड, डेटा सेंटर्स, फैक्ट्रियों, क्लासरूम, लैब और हमारे दिमागों में लड़ी जाएगी। क्या है सॉवरेन कंप्यूटिंग? इसका मतलब है कि किसी देश का डेटा और उसे प्रोसेस करने वाली शक्ति (कंप्यूट) उसी देश की सीमाओं के भीतर हो, ताकि बाहरी हस्तक्षेप न हो सके। भारत का पावर विजन 2047 भारत का लक्ष्य 2047 तक अपनी बिजली क्षमता को 4 गुना बढ़ाकर 2,000 गीगावाट (GW) तक ले जाना है। ये खबर भी पढ़ें… सरकार ने कहा- पेट्रोल-डीजल और LPG की कमी नहीं: एक दिन पहले PM मोदी ने कहा था- इनका इस्तेमाल कम करें पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के बीच सरकार ने देश में ईंधन की कमी की खबरों को खारिज किया है। सरकार ने सोमवार को नागरिकों को आश्वासन दिया कि देश में पेट्रोल, डीजल या LPG की कोई कमी नहीं है। यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रविवार को ईंधन पर निर्भरता कम करने और बचत करने की अपील के एक दिन बाद आया है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

‘तृणमूल पूरी तरह से नष्ट’: बंगाल चुनाव में हार के बाद टीएमसी नेताओं ने I-PAC पर की फायरिंग | भारत समाचार

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आखरी अपडेट:11 मई, 2026, 19:58 IST निलंबित टीएमसी नेता रिजु दत्ता ने भी I-PAC पर पार्टी को प्रभावी ढंग से चलाने और आंतरिक निर्णयों को प्रभावित करने का आरोप लगाया। वरिष्ठ टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने आरोप लगाया कि I-PAC ने पार्टी की आंतरिक संरचना और चुनावी संभावनाओं को नुकसान पहुंचाया है। (फाइल फोटो) 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के हाथों करारी हार का सामना करने के बाद, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर आंतरिक दोष तेजी से फोकस में आ गए हैं, नेताओं का एक वर्ग पार्टी के खराब प्रदर्शन के लिए खुलेआम राजनीतिक परामर्श फर्म I-PAC को दोषी ठहरा रहा है। वरिष्ठ टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने संगठन पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि I-PAC ने पार्टी की आंतरिक संरचना और चुनावी संभावनाओं को नुकसान पहुंचाया है। बनर्जी ने कोलकाता स्थित एक समाचार आउटलेट से कहा, “आई-पीएसी ने तृणमूल कांग्रेस संगठन को पूरी तरह से नष्ट कर दिया है। उन्होंने संभावित उम्मीदवारों के बीच झगड़े भड़काए। उन्होंने हर विधानसभा क्षेत्र में कई लोगों से कहा कि आपकी प्रतिक्रिया सबसे अच्छी है, आपको ही टिकट मिलेगा। जिन लोगों को टिकट नहीं मिला, उन्होंने गुस्से में आकर भाजपा की मदद की।” उन्होंने कंसल्टेंसी फर्म पर अत्यधिक निर्भरता के लिए साथी पार्टी नेता अभिषेक बनर्जी की भी आलोचना की। उनके अनुसार, इस तरह की निर्भरता “पार्टी के भीतर स्वीकार नहीं की गई” और इससे आंतरिक असंतोष पैदा हुआ। आलोचना को बढ़ाते हुए, निलंबित टीएमसी नेता रिजु दत्ता ने भी I-PAC पर पार्टी को प्रभावी ढंग से चलाने और आंतरिक निर्णयों को प्रभावित करने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी ने “सदस्यों को धमकाया” और पार्टी के साथ उसके जुड़ाव से वित्तीय लाभ उठाया, जबकि टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी से उन्होंने “तोड़फोड़” की जिम्मेदारी लेने का आह्वान किया। #घड़ी | कोलकाता, पश्चिम बंगाल: निलंबित टीएमसी नेता रिजु दत्ता का कहना है, “…दीदी (ममता बनर्जी) और अभिषेक बनर्जी को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए कि कैसे एक बाहरी संगठन (आई-पीएसी) पूरी पार्टी पर कब्जा करने में कामयाब रहा… जब टीएमसी नेताओं के घरों पर ईडी की छापेमारी हुई, तो दीदी… pic.twitter.com/FeHjEP1bwc– एएनआई (@ANI) 11 मई 2026 उन्होंने कहा, ”दीदी (ममता बनर्जी) और अभिषेक बनर्जी को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए कि कैसे एक बाहरी संगठन (आई-पीएसी) पूरी पार्टी पर कब्जा करने में कामयाब रहा,” उन्होंने दावा किया कि संगठन ने पार्टी ढांचे पर ”कब्जा” कर लिया है। राजगंज के पूर्व विधायक खगेश्वर रॉय और अलीपुरद्वार के पूर्व विधायक सौरव चक्रवर्ती सहित अन्य नेताओं ने भी इसी तरह की चिंताएं जताई हैं, जिसमें उम्मीदवारों के चयन में I-PAC द्वारा हस्तक्षेप करने और जमीनी स्तर की संगठनात्मक ताकत को कमजोर करने का आरोप लगाया गया है। यह विवाद टीएमसी के लिए एक महत्वपूर्ण चुनावी झटके की पृष्ठभूमि में आया है। 294 सदस्यीय विधानसभा में बीजेपी ने 207 सीटें जीतकर प्रचंड जीत हासिल की, जबकि टीएमसी 80 सीटों पर सिमट गई। I-PAC के साथ टीएमसी का जुड़ाव 2021 के विधानसभा चुनावों से पहले शुरू हुआ, जब फर्म ने अभियान रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे पार्टी को एक मजबूत जनादेश हासिल करने में मदद मिली। इसने 2024 के लोकसभा चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन में भी योगदान दिया। हालाँकि, हालिया हार के बाद इसकी भूमिका तेजी से जांच के दायरे में आ गई है। I-PAC, एक राजनीतिक परामर्शदाता कंपनी है जो पूरे भारत में हाई-प्रोफ़ाइल चुनाव अभियानों के प्रबंधन के लिए जानी जाती है, जिसने वर्षों से कई प्रमुख राजनीतिक दलों के साथ काम किया है। इसके संस्थापकों में से एक, चुनाव रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर, भाजपा और कांग्रेस सहित कई अभियानों से जुड़े रहे हैं। हालाँकि, उन्होंने 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद औपचारिक रूप से संगठन से बाहर निकल गए, और अपनी राजनीतिक यात्रा पर ध्यान केंद्रित करने के लिए राजनीतिक परामर्श से दूर हो गए। (एजेंसियों से इनपुट के साथ) चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : पश्चिम बंगाल, भारत, भारत न्यूज़ इंडिया ‘तृणमूल पूरी तरह नष्ट हो गई’: बंगाल चुनाव में हार के बाद टीएमसी नेताओं ने आई-पीएसी पर हमला बोला अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें

चेहरे से लेकर लिवर तक… मीठा खाने से पहले जान लें ये खतरनाक सच, शरीर के अंदर ऐसे तबाही मचा रही चीनी

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Last Updated:May 11, 2026, 19:58 IST चाय, मिठाई और पैकेज्ड फूड्स के जरिए लोग अनजाने में जरूरत से ज्यादा चीनी खा रहे हैं. एक्सपर्ट्स के अनुसार अधिक शुगर सिर्फ वजन ही नहीं बढ़ाती, बल्कि धीरे-धीरे लिवर, दिमाग, दिल और त्वचा पर भी बुरा असर डाल सकती है. मीठा खाना लगभग हर किसी को पसंद होता है. चाय में चीनी हो, मिठाई, कोल्ड ड्रिंक या पैकेज्ड स्नैक्स, दिनभर में लोग अनजाने में जरूरत से ज्यादा शुगर का सेवन कर लेते हैं. हालांकि स्वाद में अच्छी लगने वाली यही चीनी शरीर के कई अंगों पर धीरे-धीरे बुरा असर डाल सकती है. हेल्थ एक्सपर्ट्स मानते हैं कि जरूरत से ज्यादा शुगर सिर्फ वजन बढ़ाने तक सीमित नहीं रहती, बल्कि यह लिवर, दिमाग, त्वचा, दिल और पेट तक को प्रभावित कर सकती है. लंबे समय तक अधिक चीनी खाने की आदत शरीर के अंदर सूजन और कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ा सकती है. आइए जानते हैं डॉक्टर सौरभ सेठी से… मुंह और दांतों पर कैसे असर डालती है शुगर?जब हम ज्यादा मीठा खाते हैं, तो मुंह में मौजूद कुछ हानिकारक बैक्टीरिया शुगर को तोड़कर एसिड बनाते हैं. यही एसिड धीरे-धीरे दांतों की ऊपरी परत यानी एनामेल को नुकसान पहुंचाने लगता है. लगातार ऐसा होने पर कैविटी, दांतों में सड़न और मसूड़ों की समस्याएं बढ़ सकती हैं. विशेषज्ञों के अनुसार मीठा खाने के बाद सही तरीके से सफाई न करने पर बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं, जिससे मुंह की बदबू और गम डिजीज का खतरा भी बढ़ सकता है. View this post on Instagram

हंतावायरस के संपर्क में आए 17 यात्री अमेरिका लाए गए:42 दिन क्वारंटीन में भेजा; इस वायरस से किडनी फेल होने का खतरा

हंतावायरस के संपर्क में आए 17 यात्री अमेरिका लाए गए:42 दिन क्वारंटीन में भेजा; इस वायरस से किडनी फेल होने का खतरा

हंता वायरस के संपर्क में आए 17 अमेरिकी यात्रियों को अमेरिका के नेब्रास्का मेडिकल सेंटर लाया गया है। यहां उन्हें 42 दिनों तक निगरानी और क्वारंटीन में रखा जाएगा। अमेरिकी स्वास्थ्य विभाग (HHS) के मुताबिक, इन सभी यात्रियों को अमेरिकी सरकार के स्पेशल विमान से वापस लाया गया। ये सभी यात्री ‘MV होंडियस’ नाम की उस क्रूज शिप से लौटे हैं, जहां वायरस के मामले सामने आए थे। यह जहाज स्पेन के कैनरी आइलैंड्स में रुका था। इसके बाद एक यात्री में हंता वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है, जबकि दूसरे में हल्के लक्षण पाए गए हैं। एहतियात के तौर पर दोनों को स्पेशल सिक्योरिटी सिस्टम में लाया गया। डॉक्टर अब बाकी यात्रियों की जांच करेंगे कि उनमें संक्रमण है या नहीं। अगर कोई बीमार पाया जाता है तो उसका इलाज किया जाएगा। जो लोग स्वस्थ होंगे, उन्हें घर भेजा जा सकता है, लेकिन उनकी निगरानी जारी रहेगी। हंता वायरस के लक्षण दिखने में 8 हफ्ते तक लग सकते हैं हंता वायरस से इंसानों की किडनी फेल होने का खतरा होता है। कई मामलों में मरीज को तेज बुखार, शरीर दर्द, सांस लेने में दिक्कत और कमजोरी होने लगती है। हालत बिगड़ने पर फेफड़ों में पानी भर सकता है और जान का खतरा भी हो सकता है। इंसानों में हंता वायरस के लक्षण दिखने में 1 से 8 हफ्ते लग जाते हैं, लेकिन इसके बाद मरीज की हालत तेजी से बिगड़ने लगती है। WHO के मुताबिक, हंता वायरस की चपेट में आने वालों में से 35-40% की मौत 6 हफ्तों के अंदर हो जाती है। जानवरों से फैलता है यह वायरस हंता वायरस एक खतरनाक वायरस है, जो ज्यादातर चूहों और गिलहरियों जैसे जानवरों से फैलता है। यह उनके मल, पेशाब और लार में पाया जाता है। इसका नाम दक्षिण कोरिया की “हंटन” नदी के नाम पर रखा गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, हंता वायरस की “एंडीज” नाम की एक खास किस्म इंसान से इंसान में भी फैल सकती है। यह संक्रमित व्यक्ति की लार, थूक, साथ खाना खाने या एक ही बिस्तर पर सोने से फैल सकता है। मरीज की देखभाल करने वालों को ज्यादा खतरा रहता है। इस वायरस का पहला मामला 1993 में अमेरिका में सामने आया था। उस समय एक अमेरिकी दंपत्ति की मौत हुई थी। जांच में उनके घर के आसपास चूहों के बिल और वायरस के निशान मिले थे। अमेरिका के नेशनल इंस्टिट्यूट्स ऑफ हेल्थ के मुताबिक, दुनियाभर में हर साल हंता वायरस के करीब 1.5 लाख मामले सामने आते हैं, जिनमें से ज्यादातर यूरोप और एशिया के होते हैं। इनमें से आधे से ज्यादा मामले चीन से होते हैं। 2018 में अर्जेंटीना की एक बर्थडे पार्टी में यह वायरस 34 लोगों में फैल गया था, जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई थी। संक्रमित इंसान के करीबी संपर्क से हंता वायरस होता है अधिकारियों के मुताबिक, हंतावायरस आसानी से नहीं फैलता। यह केवल उस व्यक्ति के बहुत करीबी संपर्क से फैल सकता है जिसमें लक्षण दिखाई दे रहे हों। यूएस सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के कार्यवाहक निदेशक जय भट्टाचार्य ने कहा कि पहले यह देखा जाएगा कि कौन-कौन लोग संक्रमित व्यक्ति के करीब थे। उसी हिसाब से उन्हें कम, मध्यम या ज्यादा खतरे वाली श्रेणी में रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर किसी यात्री का संक्रमित व्यक्ति से करीबी संपर्क नहीं था, तो उसे कम खतरे वाला माना जाएगा। हालांकि, यह वायरस कोविड-19 की तरह तेजी से नहीं फैलता। ज्यादातर मामलों में यह संक्रमित चूहों के मल, पेशाब या लार के संपर्क में आने से फैलता है। इंसान से इंसान में फैलने के मामले बहुत कम देखे गए हैं। हंता वायरस का अभी कोई इलाज नहीं हंता वायरस का अभी कोई खास इलाज या वैक्सीन मौजूद नहीं है। डॉक्टर मरीज के लक्षणों के हिसाब से इलाज करते हैं ताकि उसकी हालत ज्यादा खराब न हो। अगर मरीज को सांस लेने में दिक्कत होती है, तो उसे ऑक्सीजन या वेंटिलेटर की मदद दी जाती है। शरीर में पानी और ब्लड प्रेशर संतुलित रखने के लिए दवाएं और फ्लूइड दिए जाते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि जल्दी पहचान और समय पर इलाज से मरीज की जान बचाने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए बुखार, सांस लेने में परेशानी या कमजोरी जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत अस्पताल जाना जरूरी है। कुछ लोगों को घर भेजा जा सकता है स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि शुरुआती जांच के बाद कुछ यात्रियों को घर जाने की इजाजत दी जा सकती है। हालांकि, उन्हें सुरक्षित तरीके से भेजा जाएगा ताकि रास्ते में किसी और को खतरा न हो। घर पहुंचने के बाद भी लोकल स्वास्थ्य विभाग और सीडीसी उनकी लगातार निगरानी करेंगे। CDC के मुताबिक, वायरस के संपर्क में आने के बाद 42 दिनों तक निगरानी जरूरी होती है। अगर इस दौरान किसी को बुखार या दूसरे लक्षण दिखते हैं, तो उसे तुरंत खुद को अलग करना होगा। खास मेडिकल सेंटर में रखा गया नेब्रास्का मेडिकल सेंटर में अमेरिका की खास नेशनल क्वारंटीन यूनिट है। यह अमेरिका की इकलौती फेडरल फंडेड क्वारंटीन सुविधा है। यहां के कमरों में खास नेगेटिव एयर प्रेशर सिस्टम लगाया गया है, जिससे वायरस हवा में फैल नहीं पाता। अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों को स्ट्रेचर पर नहीं लाया गया। वे खुद विमान से उतरकर गाड़ियों में बैठे और सीधे अपने क्वारंटीन कमरों में पहुंचे। डॉक्टर माइकल वाडमैन ने बताया कि यहां रहने की व्यवस्था होटल जैसी है। लोगों को कमरे में खाना मिलेगा, वे हल्की एक्सरसाइज कर सकेंगे और रोजाना उनकी जांच होगी। अगर कोई यात्री बीमार होता है, तो उसे अस्पताल की बायोकंटेनमेंट यूनिट में शिफ्ट किया जाएगा, जहां खतरनाक संक्रामक बीमारियों का इलाज किया जाता है। भारत में आ चुके हैं हंता वायरस के मामले 2007 में आंध्र प्रदेश में एक 46 साल के व्यक्ति को यह संक्रमण हुआ था। नेचर जर्नल में प्रकाशित आर्टिकल के मुताबिक 2008 में चूहे और सांप पकड़ने वाले 28 लोगों में संक्रमण मिला। सबसे हालिया केस 2016 का है। इंडियन जर्नल ऑफ क्रिटिकल केयर मेडिसिन के मुताबिक, मुंबई में हंता वायरस से एक महिला की मौत हुई थी। महिला को डिलिवरी के 8 दिन बाद पेट में तेज दर्द,

Makeup Mistakes: मेकअप से जुड़ी ये गलतियां हो सकती हैं आपके चेहरे का नूर! इन टिप्स से जानें कैसे करें त्वचा का सही तरीका?

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मेकअप संबंधी गलतियाँ जिनसे बचना चाहिए: हम सभी को खूबसूरत खूबसूरत पसंद है और सौंदर्य इस खूबसूरती में चार चांद का काम करता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जाने-अनजाने में कुछ छोटी-छोटी गलतियां हो सकती हैं? अगर आप भी चाहते हैं कि आपकी त्वचा चमकदार और बेदाग दिखे, तो आपको कुछ बातों का खास ध्यान रखना होगा। आइए आसान और बोलचाल की भाषा में कहें तो वो कौन सी गलतियां हैं जिन्हें आपको छोड़ना चाहिए और त्वचा को अपनी प्रक्रिया कैसे रखनी चाहिए। मेकअप से जुड़ी गलतियां जो आपके चेहरे को नुकसान पहुंचा रही हैं प्रभावित होना सो जाना: यह त्वचा के साथ जाने वाली सबसे बड़ी और आम गलती है। दिन भर की थकान के बाद बिना मेकअप के त्वचा के रोमछिद्र बंद हो जाते हैं। त्वचा रात में खुद को सुधार लेती है, लेकिन सुंदरता की वजह से वह सांस नहीं ले पाती। इससे मुंहासे, ब्लैकहेड्स और त्वचा के बेजान होने की समस्या होने लगती है। सीधे चेहरे पर मेकअप लगाना: कई बार सुपरमार्केट में हम सीधे फाउंडेशन या बेस लगाते हैं। ऐसा करने से मेकअप केमिकल्स सीधे त्वचा के संपर्क में आते हैं। हमेशा पहले एनालिस्ट और फिर प्राइमर रूमाल रेशम और मेकअप के बीच एक सुरक्षा लेयर बन सके। कीटनाशक ब्रूम या स्पोन का प्रयोग किया जाता है: क्या आपको याद है कि आपने पिछली बार अपने मेकअप प्रोडक्ट्स या सौंदर्य प्रसाधन कब धोए थे? अंडकोष में मृत त्वचा और खतरनाक बेडौल होते हैं जो सीधे आपके चेहरे पर लगकर पिंपल्स और संक्रमण का कारण बनते हैं। एक्सपायर उत्पादों का उपयोग किया जाता है: आपका फ़ेवरेट फ़ाउंडेशन या यूनिवर्सल यदि एक्सपेयर हो गया है, तो उसे तुरंत क्रीडान में डाल दें। एक्सपायर उत्पाद से त्वचा पर खुजली, भयंकर एलर्जी और खुजली हो सकती है। दैनिक हैवी मेकअप करना: रोज-रोज चेहरे पर बहुत ज्यादा हैवी मेकअप मेकअप से त्वचा पर बुरा असर पड़ता है। इससे स्किन डैमेज होना दिखता है और समय से पहले झुर्रियां दिखती हैं। त्वचा का सही तरीका से लेकर प्रॉसेस रखने के आसान टिप्स अपनी त्वचा की प्राकृतिक चमक बरकरार रखने के लिए आप अपनी डेली रूटीन में कुछ अच्छे बदलाव करेंगे। डबल क्लींजिंग की आदत डालना: मेकअप हटाने के लिए सिर्फ चेहरा धोना या साबुन काफी नहीं है। पहले किस तरह का अच्छा मेकअप, क्लींजिंग बाम, या फिर नारियल का तेल/बादाम के तेल से मेकअप को अच्छे तरह से लगाएं। उसके बाद उसके स्किन टाइप के अनुसार फेस वाश से फेस शॉट। त्वचा की दवाएँ नहीं मिलतीं: लगातार मेकअप करने से त्वचा का प्राकृतिक तेल कम होने लगता है जिससे उसे खिंचाव महसूस होता है। चेहरा धोने के बाद एक अच्छा चेहरे और टोनर जरूर लगाएं। साथ ही, दिन भर में कम से कम 8-10 गिलास पानी पिएं ताकि आपकी त्वचा अंदर से भी बाहर निकल जाए। सनस्क्रीन को दिखाया गया आपका सबसे अच्छा दोस्त: आपके घर के अंदर या बाहर, चाहे मौसम ठंडा हो या गर्मी का सनस्क्रीन लेप कभी न छोड़ें। यह आपकी त्वचा को सूरज की किरणें और अंधेरी जगहों से जोड़ना है। खाल को भी छुट्टी की छुट्टी में सप्ताह में कम से कम एक या दो दिन ऐसे जरूर रखें जब आप अपने चेहरे पर कोई भी कॉस्मेटिक उत्पाद और सामान न रखें। इन दिनों में अपनी त्वचा को सिर्फ बेसन, दही या एलोवेरा जेल से पैम्पर करें। इससे त्वचा को ताज़ा सांस लेने और खुद को मरम्मत करने का समय मिलता है। सही उत्पाद ही चुनें: विज्ञापन देखना नहीं, बल्कि हमेशा अपनी त्वचा टाइप जैसे ऑयली, ड्रिप या कॉम्बिनेशन को समझना ही मेकअप और स्किनकेयर उत्पाद पेश करना। मेकअप करना कोई बुरी बात नहीं है, बस इसे सही तरीके से करना और त्वचा की देखभाल करना जरूरी है। अगर आप इन छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देंगे तो आपकी त्वचा की चमक हमेशा बनी रहेगी। यह अवश्य पढ़ें: फेस टैनिंग रिमूवल: चेहरे पर निखार लाने का उपाय! सीएचई का कालापन और टैनिंग झटपट होगी दूर, बेसन में अलग अलग ये चीजें अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए तरीके, तरीके और दावे अलग-अलग विद्वानों पर आधारित हैं। रिपब्लिक भारत लेख में दी गई जानकारी के सही होने का दावा नहीं किया गया है। किसी भी उपचार और सुझाव को पहले डॉक्टर या डॉक्टर की सलाह से अवश्य लें। (टैग्सटूट्रांसलेट)मेकअप मिस्टेक्स(टी)मेकअप गलतियाँ(टी)त्वचा देखभाल युक्तियाँ(टी)मेकअप टिप्स(टी)मेकअप हैक्स(टी)गर्मियों में मेकअप(टी)गर्मियों में त्वचा की देखभाल युक्तियाँ

कटरीना को विक्की और बेटे विहान ने दिया खास गिफ्ट:एक्ट्रेस ने मां बनने के बाद सेलिब्रेट किया पहला मदर्स डे

कटरीना को विक्की और बेटे विहान ने दिया खास गिफ्ट:एक्ट्रेस ने मां बनने के बाद सेलिब्रेट किया पहला मदर्स डे

बॉलीवुड एक्ट्रेस कटरीना कैफ के मां बनने के बाद उन्होंने अपना पहला मदर्स डे सेलिब्रेट किया है। इस मौके पर उनके पति विक्की कौशल और बेटे विहान ने उन्हें खास सरप्राइज दिया। कटरीना ने सोशल मीडिया पर इस सेलिब्रेशन की कुछ तस्वीरें शेयर की हैं, जिनमें नन्हे विहान की भी झलक देखने को मिली। विक्की और विहान का प्यारा सरप्राइज कटरीना ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर इस खास दिन की कुछ झलकियां शेयर की हैं। पहली तस्वीर में एक हाथ से लिखा हुआ कार्ड और गुलाबी गुलाबों का खूबसूरत गुलदस्ता नजर आ रहा है। कार्ड पर लिखा है, “हैप्पी फर्स्ट मदर्स डे मेरा प्यार, बहुत सारा प्यार- विहान और पापा कौशल।” विक्की और विहान की तरफ से मिले इस प्यार को देखकर कटरीना काफी इमोशनल नजर आईं। नन्ही उंगलियों की झलक दूसरी तस्वीर में कटरीना ने अपने बेटे विहान की एक छोटी सी झलक दिखाई है। फोटो में मशहूर बच्चों की किताब ‘द वेरी हंग्री कैटरपिलर’ दिख रही है। नन्हे विहान ने अपनी छोटी उंगलियों से उस किताब को थाम रखा है। हालांकि, कपल ने अभी तक बेटे का चेहरा पूरी तरह से दुनिया को नहीं दिखाया है। अवॉर्ड शो से शुरू हुई थी लव स्टोरी विक्की और कटरीना की पहली मुलाकात एक अवॉर्ड शो में हुई थी, जहां विक्की होस्टिंग कर रहे थे। वहां मजाक-मजाक में शुरू हुई बात धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। दोनों ने साल 2021 में राजस्थान के सवाई माधोपुर के सिक्स सेंस फोर्ट बरवारा में शाही अंदाज में शादी की थी। शादी के 4 साल बाद 7 नवंबर 2025 को उनके बेटे विहान का जन्म हुआ।

कटरीना को विक्की और बेटे विहान ने दिया खास गिफ्ट:एक्ट्रेस ने मां बनने के बाद सेलिब्रेट किया पहला मदर्स डे

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बॉलीवुड एक्ट्रेस कटरीना कैफ के मां बनने के बाद उन्होंने अपना पहला मदर्स डे सेलिब्रेट किया है। इस मौके पर उनके पति विक्की कौशल और बेटे विहान ने उन्हें खास सरप्राइज दिया। कटरीना ने सोशल मीडिया पर इस सेलिब्रेशन की कुछ तस्वीरें शेयर की हैं, जिनमें नन्हे विहान की भी झलक देखने को मिली। विक्की और विहान का प्यारा सरप्राइज कटरीना ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर इस खास दिन की कुछ झलकियां शेयर की हैं। पहली तस्वीर में एक हाथ से लिखा हुआ कार्ड और गुलाबी गुलाबों का खूबसूरत गुलदस्ता नजर आ रहा है। कार्ड पर लिखा है, “हैप्पी फर्स्ट मदर्स डे मेरा प्यार, बहुत सारा प्यार- विहान और पापा कौशल।” विक्की और विहान की तरफ से मिले इस प्यार को देखकर कटरीना काफी इमोशनल नजर आईं। नन्ही उंगलियों की झलक दूसरी तस्वीर में कटरीना ने अपने बेटे विहान की एक छोटी सी झलक दिखाई है। फोटो में मशहूर बच्चों की किताब ‘द वेरी हंग्री कैटरपिलर’ दिख रही है। नन्हे विहान ने अपनी छोटी उंगलियों से उस किताब को थाम रखा है। हालांकि, कपल ने अभी तक बेटे का चेहरा पूरी तरह से दुनिया को नहीं दिखाया है। अवॉर्ड शो से शुरू हुई थी लव स्टोरी विक्की और कटरीना की पहली मुलाकात एक अवॉर्ड शो में हुई थी, जहां विक्की होस्टिंग कर रहे थे। वहां मजाक-मजाक में शुरू हुई बात धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। दोनों ने साल 2021 में राजस्थान के सवाई माधोपुर के सिक्स सेंस फोर्ट बरवारा में शाही अंदाज में शादी की थी। शादी के 4 साल बाद 7 नवंबर 2025 को उनके बेटे विहान का जन्म हुआ।

Supreme Court Concerned Over Pending Bail Petitions

Supreme Court Concerned Over Pending Bail Petitions

Hindi News National Supreme Court Concerned Over Pending Bail Petitions | Auto Listing System Demand नई दिल्लीकुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को देश के अलग-अलग हाईकोर्ट में जमानत याचिकाओं की बढ़ती संख्या पर चिंता जताई। कोर्ट ने कहा कि जमानत मामलों की जल्दी सुनवाई और फैसला करने के लिए मजबूत व्यवस्था बनानी जरूरी है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने कहा कि इसके लिए पेंडिंग बेल याचिकाओं की ऑटोमैटिक लिस्टिंग का सिस्टम तैयार किया जाए और मामलों के निपटारे की तय समय सीमा भी होनी चाहिए। कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट, राज्य सरकारें और जांच एजेंसियां मिलकर ऐसा सिस्टम तैयार करें, जिससे जमानत मामलों का समय पर फैसला हो सके। उसका मकसद किसी हाईकोर्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाना नहीं, बल्कि व्यवस्था को और बेहतर बनाना है। कोर्ट ने याद दिलाया कि संविधान का अनुच्छेद 21 हर व्यक्ति के जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की रक्षा की गारंटी देता है। इस प्रक्रिया में पीड़ितों के अधिकारों का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के प्रमुख सुझाव: ऑटोमैटिक लिस्टिंग: ऐसा सॉफ्टवेयर सिस्टम बनाएं, जिससे हर जमानत याचिका कम से कम 2 हफ्ते में एक बार अपने आप सुनवाई के लिए लिस्ट में आ जाए। नोटिस प्रक्रिया खत्म हो: जमानत याचिकाओं में नोटिस जारी और स्वीकार करने की प्रक्रिया हटाई जाए। उन्हें सीधे सुनवाई के लिए लिस्ट किया जाए। डिजिटल पोर्टल का इस्तेमाल: स्टेटस रिपोर्ट और जरूरी दस्तावेज ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड किए जाएं ताकि प्रक्रिया तेज हो सके। सरकारी वकीलों की जिम्मेदारी: सरकारी वकील बिना कारण मामले की सुनवाई टालने से बचें। जांच अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि पीड़ितों को सुनवाई में शामिल होने और कानूनी मदद लेने का पूरा मौका मिले। सुप्रीम कोर्ट ने पेंडिंगज मानत याचिकाओं की जानकारी मांगी दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने सभी हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल से पेंडिंग नियमित और अग्रिम जमानत याचिकाओं की जानकारी मांगी थी। कोर्ट ने पूछा था कि याचिका कब दाखिल हुई, उसकी सुनवाई कब हुई और फैसले की क्या स्थिति है। कोर्ट ने कहा कि ज्यादातर हाईकोर्ट ने जरूरी आंकड़े दे दिए हैं। कई जगहों पर पेंडिंग मामलों को तेजी से निपटाने की कोशिश भी शुरू कर दी गई हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में पेंडिंग जमानत याचिकाओं की संख्या को बहुत ज्यादा बताया। कोर्ट ने कहा कि वहां के जज हर दिन सैकड़ों मामलों की सुनवाई कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद पेंडिंग मामलों का दबाव काफी अधिक बना हुआ है। कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और प्रशासनिक समिति को सुझाव दिया कि जमानत याचिकाओं की सुनवाई के लिए पहले से तय तारीख देने की व्यवस्था बनाई जाए। कोर्ट बोला- पीड़ितों को सुनवाई में शामिल करें सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नशीले पदार्थों (NDPS) के कानून से जुड़े मामलों में FSL रिपोर्ट समय पर मिलना बहुत जरूरी है। जांच अधिकारियों की जिम्मेदारी भी अहम होती है, खासकर पीड़ितों से जुड़े मामलों में। जांच अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि पीड़ितों को सुनवाई में शामिल होने और कानूनी मदद लेने का पूरा मौका मिले। यह मामला पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के एक आदेश को चुनौती देने वाली याचिका की सुनवाई के दौरान सामने आया। इससे पहले 4 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट सभी राज्यों को जमानत मामलों के जल्द निपटारे में हाईकोर्ट की मदद करने का निर्देश दे चुका है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…