Wednesday, 12 Aug 2026 | 06:04 PM

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Supreme Court Concerned Over Pending Bail Petitions

Supreme Court Concerned Over Pending Bail Petitions

Hindi News National Supreme Court Concerned Over Pending Bail Petitions | Auto Listing System Demand नई दिल्ली13 मिनट पहले कॉपी लिंक सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को देश के अलग-अलग हाईकोर्ट में जमानत याचिकाओं की बढ़ती संख्या पर चिंता जताई। कोर्ट ने कहा कि जमानत मामलों की जल्दी सुनवाई और फैसला करने के लिए मजबूत व्यवस्था बनानी जरूरी है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने कहा कि इसके लिए पेंडिंग बेल याचिकाओं की ऑटोमैटिक लिस्टिंग का सिस्टम तैयार किया जाए और मामलों के निपटारे की तय समय सीमा भी होनी चाहिए। कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट, राज्य सरकारें और जांच एजेंसियां मिलकर ऐसा सिस्टम तैयार करें, जिससे जमानत मामलों का समय पर फैसला हो सके। उसका मकसद किसी हाईकोर्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाना नहीं, बल्कि व्यवस्था को और बेहतर बनाना है। कोर्ट ने याद दिलाया कि संविधान का अनुच्छेद 21 हर व्यक्ति के जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की रक्षा की गारंटी देता है। इस प्रक्रिया में पीड़ितों के अधिकारों का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने पेंडिंग जमानत याचिकाओं की जानकारी मांगी थी दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने सभी हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल से पेंडिंग नियमित और अग्रिम जमानत याचिकाओं की जानकारी मांगी थी। कोर्ट ने पूछा था कि याचिका कब दाखिल हुई, उसकी सुनवाई कब हुई और फैसले की क्या स्थिति है। कोर्ट ने कहा कि ज्यादातर हाईकोर्ट ने जरूरी आंकड़े दे दिए हैं। कई जगहों पर पेंडिंग मामलों को तेजी से निपटाने की कोशिश भी शुरू कर दी गई हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में पेंडिंग जमानत याचिकाओं की संख्या को बहुत ज्यादा बताया। कोर्ट ने कहा कि वहां के जज हर दिन सैकड़ों मामलों की सुनवाई कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद पेंडिंग मामलों का दबाव काफी अधिक बना हुआ है। कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और प्रशासनिक समिति को सुझाव दिया कि जमानत याचिकाओं की सुनवाई के लिए पहले से तय तारीख देने की व्यवस्था बनाई जाए। कोर्ट बोला- पीड़ितों को सुनवाई में शामिल करें सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नशीले पदार्थों (NDPS) के कानून से जुड़े मामलों में FSL रिपोर्ट समय पर मिलना बहुत जरूरी है। जांच अधिकारियों की जिम्मेदारी भी अहम होती है, खासकर पीड़ितों से जुड़े मामलों में। जांच अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि पीड़ितों को सुनवाई में शामिल होने और कानूनी मदद लेने का पूरा मौका मिले। यह मामला पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के एक आदेश को चुनौती देने वाली याचिका की सुनवाई के दौरान सामने आया। इससे पहले 4 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट सभी राज्यों को जमानत मामलों के जल्द निपटारे में हाईकोर्ट की मदद करने का निर्देश दे चुका है। देश के हाईकोर्ट में करीब 63 लाख मामले पेंडिंग सरकार की तरफ से जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट में 90,897 मामले, देश के 25 हाईकोर्ट में 63,63,406 मामले और निचली अदालतों में 4,84,57,343 मामले पेंडिंग हैं। यह आंकड़े 8 दिसंबर 2025 तक के हैं। हालांकि जमानत याचिकाओं के सटीक डेटा उपलब्ध नहीं है। दक्ष डेटाबेस के मुताबिक देश के हाईकोर्ट में हर साल लगभग 4 से 4.30 लाख से ज्यादा जमानत याचिकाएं दायर की जाती हैं। —————————- ये खबर भी पढ़ें… देश में 5.50 करोड़ केस कोर्ट में पेंडिंग, इनमें निचली अदालतों में 4.84 करोड़ केस केंद्र सरकार ने गुरुवार को राज्यसभा में बताया कि देशभर की अदालतों में कुल 5.49 करोड़ से अधिक केस पेंडिंग हैं। कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने एक लिखित उत्तर में कहा कि सुप्रीम कोर्ट से लेकर निचली अदालतों तक लंबित मामलों का बोझ लगातार बढ़ रहा है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Suvendu CM, Nisith Youth Affairs, Dilip Panchayati Raj

Suvendu CM, Nisith Youth Affairs, Dilip Panchayati Raj

Hindi News National West Bengal Govt Ministry Portfolio: Suvendu CM, Nisith Youth Affairs, Dilip Panchayati Raj कोलकाता3 मिनट पहले कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल में भाजपा की नई सरकार में सोमवार को मंत्रालयों का बंटवारा किया गया। निषिथ प्रमाणिक को उत्तर बंगाल विकास, खेल और युवा कल्याण मंत्रालय सौंपा गया है। दिलीप घोष को ग्रामीण विकास, पंचायत और पशु संसाधन मंत्री बनाया गया है। अशोक कीर्तनिया को खाद्य मंत्रालय, क्षुदिराम टूडू को पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, अग्निमित्रा पॉल को महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय सौंपा गया है। इसके अलावा आईएएस अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल को राज्य का नया चीफ सेक्रेटरी नियुक्त किया है। बंगाल का मंत्रिमंडल बंगाल में रिजल्ट के बाद से चार दिनों का घटनाक्रम… 4 मई: बंगाल में पहली बार भाजपा जीती 4 मई को 293 सीटों के नतीजे आए। भाजपा को 207 सीटें मिलीं। TMC सिर्फ 80 पर सिमट गई। राज्य में कुल 294 विधानसभा सीट हैं, एक सीट फालता पर 21 मई को दोबारा मतदान होगा। रिजल्ट 24 मई को आएगा। पूरी खबर पढ़ें… 5 मई: ममता बोलीं- इस्तीफा नहीं दूंगी ममता बनर्जी ने कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा- मैं CM पद से इस्तीफा नहीं दूंगी। हम जनादेश से नहीं, साजिश से हारे हैं। इसलिए इस्तीफा देने राजभवन नहीं जाऊंगी। ममता ने आगे कहा- चुनाव आयोग ने भाजपा के साथ मिलकर 100 सीटें लूटीं। पूरी खबर पढ़ें… 6 मई: सुवेंदु के PA की गोली मारकर हत्या कोलकाता के पास मध्यमग्राम में सुवेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वे स्कॉर्पियो पर सवार थे। एक कार उनकी गाड़ी के सामने खड़ी हो गई। इसी बीच बाइक पर आए हमलावरों ने 6 से 10 राउंड फायरिंग की। पूरी खबर पढ़ें… 7 मई: बंगाल गवर्नर ने विधानसभा भंग की बंगाल के राज्यपाल आरएन रवि ने विधानसभा भंग कर दी। लोकभवन से गुरुवार शाम को इसका नोटिफिकेशन जारी हुआ। इसका मतलब है कि ममता कैबिनेट के किसी भी मंत्री के पास अब कोई पावर नहीं रहेगी। पूरी खबर पढ़ें… 8 मई: सुवेंदु ने राज्यपाल से मिले, सरकार बनाने का दावा पेश सुवेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल के नए सीएम होंगे। कोलकाता में कन्वेंशन सेंटर में आयोजित विधायक दल की बैठक में उन्हें नेता चुना गया। बैठक के बाद अमित शाह ने उनके नाम का ऐलान किया। पूरी खबर पढ़ें… 9 मई: सुवेंदु बंगाल में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी शनिवार को पश्चिम बंगाल में BJP के पहले मुख्यमंत्री बन गए। सुवेंदु ने बांग्ला में ईश्वर के नाम की शपथ ली। शपथ के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री को झुककर प्रणाम किया। सुवेंदु के साथ 5 और विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Fuel Shortage Denied, 1.26 Cr LPG Cylinders Distributed

Fuel Shortage Denied, 1.26 Cr LPG Cylinders Distributed

नई दिल्ली1 मिनट पहले कॉपी लिंक पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के बीच केंद्र सरकार ने देश में ईंधन की कमी की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है। सरकार ने सोमवार को नागरिकों को आश्वासन दिया कि देश में पेट्रोल, डीजल या रसोई गैस (LPG) की कोई कमी नहीं है। यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रविवार को ईंधन पर निर्भरता कम करने और बचत करने की अपील के एक दिन बाद आया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव (मार्केटिंग और तेल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट के कारण ग्लोबल एनर्जी सप्लाई में रुकावट जरूर आई है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। हालांकि, भारत सरकार ने आम उपभोक्ताओं को बिना किसी असुविधा के ईंधन की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए कई प्रभावी कदम उठाए हैं। क्रूड इन्वेंट्री पर्याप्त, रिफाइनरीज में काम जारी सुजाता शर्मा ने जानकारी दी कि भारत के पास कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) का पर्याप्त भंडार है। उन्होंने बताया कि हमारी रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं और इनमें कोई रुकावट नहीं है। देश के किसी भी पेट्रोल पंप या एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप पर स्टॉक खत्म होने की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और घरों में खाना पकाने के लिए एलपीजी की सप्लाई निरंतर की जा रही है। 3 दिन में 1.26 करोड़ एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी एलपीजी सप्लाई के आंकड़े साझा करते हुए शर्मा ने बताया कि देश भर में डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क सामान्य रूप से काम कर रहा है। पिछले तीन दिनों में 1.14 करोड़ एलपीजी बुकिंग के मुकाबले 1.26 करोड़ घरों में सिलेंडर पहुंचाए गए। इसके अलावा पिछले तीन दिनों में 17,000 टन से ज्यादा कॉमर्शियल एलपीजी की बिक्री हुई। इसी अवधि में 762 टन से ज्यादा ऑटो एलपीजी बेची गई। पिछले तीन दिनों में 1,400 से ज्यादा (5 किलो वाले) छोटे सिलेंडर भी बेचे गए। 52 हजार उपभोक्ताओं ने छोड़ा रसोई गैस कनेक्शन गैस सप्लाई और इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर शर्मा ने बताया कि अब तक करीब 52,300 पीएनजी (PNG) उपभोक्ताओं ने अपने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर दिए हैं। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने 93 कैंप आयोजित किए, जिनमें 2,100 से अधिक सिलेंडर बेचे गए। वर्तमान में 6.7 लाख पीएनजी कनेक्शनों में गैस चालू की जा चुकी है और 2.68 लाख कनेक्शनों के लिए शुरुआती इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया है। 7.29 लाख से ज्यादा नए ग्राहकों ने पीएनजी के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। नियम तोड़ने वाले 76 डिस्ट्रीब्यूटर्स सस्पेंड किए गए सरकार ने ईंधन की कालाबाजारी और नियमों के उल्लंघन पर भी सख्ती दिखाई है। पिछले तीन दिनों में करीब 1,500 छापेमारी और निरीक्षण किए गए हैं। इसके आधार पर तेल कंपनियों ने 382 डिस्ट्रीब्यूटर्स पर जुर्माना लगाया है, जबकि 76 डिस्ट्रीब्यूटर्स को सस्पेंड कर दिया गया है। इसके अलावा, 1 मई से अब तक पेट्रोकेमिकल और फार्मा इंडस्ट्री के लिए 4,600 टन प्रोपलीन और 1,700 टन ब्यूटाइल एक्रिलेट की बिक्री की गई है। पीएम मोदी की अपील- ईंधन का इस्तेमाल कम करें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को तेलंगाना में एक कार्यक्रम के दौरान पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक हालात को देखते हुए पेट्रोलियम उत्पादों के सावधानीपूर्वक उपयोग का सुझाव दिया था। पीएम ने कहा था कि आज समय की मांग है कि पेट्रोल, गैस और डीजल का उपयोग बहुत संयम से किया जाए। हमें आयातित पेट्रो उत्पादों का उपयोग केवल जरूरत के अनुसार ही करना चाहिए। इससे न केवल विदेशी मुद्रा बचेगी, बल्कि युद्ध के प्रतिकूल प्रभाव भी कम होंगे। भारत ने सौर ऊर्जा और इथेनॉल में प्रगति की प्रधानमंत्री ने कहा था कि भारत सोलर एनर्जी प्रोडक्शन में दुनिया के लीडिंग देशों में शामिल हो गया है। साथ ही पेट्रोल में इथेनॉल ब्लेंडिंग में भी जरूरी ग्रोथ हासिल की है। सरकार एलपीजी कवरेज बढ़ाने, पाइप्ड गैस सप्लाई के विस्तार और सीएनजी बेस्ड सिस्टम को बढ़ावा देने पर काम कर रही है। इन्हीं प्रयासों के कारण भारत दुनिया के बड़े ऊर्जा संकट से निपटने में सक्षम है। मेट्रो और इलेक्ट्रिक व्हीकल का इस्तेमाल बढ़े सरकार ने नागरिकों से पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता धीरे-धीरे कम करने का आग्रह किया है। संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने सुझाव दिया कि जहां भी संभव हो, लोगों को मेट्रो और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करना चाहिए। इसके अलावा कारपूलिंग, माल ढुलाई के लिए रेलवे और व्यक्तिगत उपयोग के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता देनी चाहिए ताकि देश पर आर्थिक बोझ कम हो सके। क्या होता है इथेनॉल ब्लेंडिंग और पीएनजी? इथेनॉल ब्लेंडिंग: पेट्रोल में गन्ने या अनाज से बने इथेनॉल को मिलाना। इससे कच्चे तेल का आयात कम होता है और प्रदूषण भी घटता है। भारत तेजी से 20% ब्लेंडिंग के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। पीएनजी (PNG): पाइप्ड नेचुरल गैस, यह रसोई गैस (LPG) की तरह सिलेंडर में नहीं आती, बल्कि पाइप के जरिए सीधे किचन तक पहुंचती है। यह एलपीजी के मुकाबले सुरक्षित और किफायती मानी जाती है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Fuel Shortage Denied, 1.26 Cr LPG Cylinders Distributed

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नई दिल्ली14 मिनट पहले कॉपी लिंक पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के बीच सरकार ने देश में ईंधन की कमी की खबरों को खारिज किया है। सरकार ने सोमवार को नागरिकों को आश्वासन दिया कि देश में पेट्रोल, डीजल या LPG की कोई कमी नहीं है। यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रविवार को ईंधन पर निर्भरता कम करने और बचत करने की अपील के एक दिन बाद आया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट के कारण ग्लोबल एनर्जी सप्लाई में रुकावट जरूर आई है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। हालांकि, भारत सरकार ने आम उपभोक्ताओं को बिना किसी असुविधा के ईंधन की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए कई प्रभावी कदम उठाए हैं। क्रूड इन्वेंट्री पर्याप्त, रिफाइनरीज में काम जारी सुजाता शर्मा ने जानकारी दी कि भारत के पास कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) का पर्याप्त भंडार है। उन्होंने बताया कि हमारी रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं और इनमें कोई रुकावट नहीं है। देश के किसी भी पेट्रोल पंप या एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप पर स्टॉक खत्म होने की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और घरों में खाना पकाने के लिए एलपीजी की सप्लाई निरंतर की जा रही है। 3 दिन में 1.26 करोड़ एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी एलपीजी सप्लाई के आंकड़े साझा करते हुए शर्मा ने बताया कि देश भर में डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क सामान्य रूप से काम कर रहा है। पिछले तीन दिनों में 1.14 करोड़ एलपीजी बुकिंग के मुकाबले 1.26 करोड़ घरों में सिलेंडर पहुंचाए गए। इसके अलावा पिछले तीन दिनों में 17,000 टन से ज्यादा कॉमर्शियल एलपीजी की बिक्री हुई। इसी अवधि में 762 टन से ज्यादा ऑटो एलपीजी बेची गई। पिछले तीन दिनों में 1,400 से ज्यादा (5 किलो वाले) छोटे सिलेंडर भी बेचे गए। 52 हजार उपभोक्ताओं ने छोड़ा रसोई गैस कनेक्शन गैस सप्लाई और इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर शर्मा ने बताया कि अब तक करीब 52,300 पीएनजी (PNG) उपभोक्ताओं ने अपने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर दिए हैं। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने 93 कैंप आयोजित किए, जिनमें 2,100 से अधिक सिलेंडर बेचे गए। वर्तमान में 6.7 लाख पीएनजी कनेक्शनों में गैस चालू की जा चुकी है और 2.68 लाख कनेक्शनों के लिए शुरुआती इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया है। 7.29 लाख से ज्यादा नए ग्राहकों ने पीएनजी के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। नियम तोड़ने वाले 76 डिस्ट्रीब्यूटर्स सस्पेंड किए गए सरकार ने ईंधन की कालाबाजारी और नियमों के उल्लंघन पर भी सख्ती दिखाई है। पिछले तीन दिनों में करीब 1,500 छापेमारी और निरीक्षण किए गए हैं। इसके आधार पर तेल कंपनियों ने 382 डिस्ट्रीब्यूटर्स पर जुर्माना लगाया है, जबकि 76 डिस्ट्रीब्यूटर्स को सस्पेंड कर दिया गया है। इसके अलावा, 1 मई से अब तक पेट्रोकेमिकल और फार्मा इंडस्ट्री के लिए 4,600 टन प्रोपलीन और 1,700 टन ब्यूटाइल एक्रिलेट की बिक्री की गई है। पीएम मोदी की अपील- ईंधन का इस्तेमाल कम करें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को तेलंगाना में एक कार्यक्रम के दौरान पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक हालात को देखते हुए पेट्रोलियम उत्पादों के सावधानीपूर्वक उपयोग का सुझाव दिया था। पीएम ने कहा था कि आज समय की मांग है कि पेट्रोल, गैस और डीजल का उपयोग बहुत संयम से किया जाए। हमें आयातित पेट्रो उत्पादों का उपयोग केवल जरूरत के अनुसार ही करना चाहिए। इससे न केवल विदेशी मुद्रा बचेगी, बल्कि युद्ध के प्रतिकूल प्रभाव भी कम होंगे। भारत ने सौर ऊर्जा और इथेनॉल में प्रगति की प्रधानमंत्री ने कहा था कि भारत सोलर एनर्जी प्रोडक्शन में दुनिया के लीडिंग देशों में शामिल हो गया है। साथ ही पेट्रोल में इथेनॉल ब्लेंडिंग में भी जरूरी ग्रोथ हासिल की है। सरकार एलपीजी कवरेज बढ़ाने, पाइप्ड गैस सप्लाई के विस्तार और सीएनजी बेस्ड सिस्टम को बढ़ावा देने पर काम कर रही है। इन्हीं प्रयासों के कारण भारत दुनिया के बड़े ऊर्जा संकट से निपटने में सक्षम है। मेट्रो और इलेक्ट्रिक व्हीकल का इस्तेमाल बढ़े सरकार ने नागरिकों से पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता धीरे-धीरे कम करने का आग्रह किया है। संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने सुझाव दिया कि जहां भी संभव हो, लोगों को मेट्रो और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करना चाहिए। इसके अलावा कारपूलिंग, माल ढुलाई के लिए रेलवे और व्यक्तिगत उपयोग के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता देनी चाहिए ताकि देश पर आर्थिक बोझ कम हो सके। क्या होता है इथेनॉल ब्लेंडिंग और पीएनजी? इथेनॉल ब्लेंडिंग: पेट्रोल में गन्ने या अनाज से बने इथेनॉल को मिलाना। इससे कच्चे तेल का आयात कम होता है और प्रदूषण भी घटता है। भारत तेजी से 20% ब्लेंडिंग के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। पीएनजी (PNG): पाइप्ड नेचुरल गैस, यह रसोई गैस (LPG) की तरह सिलेंडर में नहीं आती, बल्कि पाइप के जरिए सीधे किचन तक पहुंचती है। यह एलपीजी के मुकाबले सुरक्षित और किफायती मानी जाती है। ये खबर भी पढ़ें… सेंसेक्स 1,313 अंक गिरकर 76,015 पर बंद: निफ्टी भी 360 अंक टूटा, ऑटो और बैंकिंग शेयर्स में ज्यादा बिकवाली रही शेयर बाजार में आज यानी 11 मई को गिरावट रही। सेंसेक्स 1,313 अंक की गिरावट के साथ 76,015 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 360 अंक की गिरावट रही, ये 23,815 पर बंद हुआ। आज ऑटो, बैंकिंग, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और रियल्टी शेयर्स में ज्यादा गिरावट रही। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

क्या बच्चे भी एंजायटी और डिप्रेशन की दवाएं ले सकते हैं? इस बारे में क्या है एक्सपर्ट की राय

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Last Updated:May 11, 2026, 18:02 IST Anxiety and Depression in Kids: आजकल बच्चों में एंजायटी और डिप्रेशन जैसी मानसिक समस्याएं बढ़ रही हैं. एक्सपर्ट्स के अनुसार जरूरत पड़ने पर बच्चों को एंजायटी और डिप्रेशन की दवाएं दी जा सकती हैं. हालांकि यह फैसला केवल डॉक्टर ही कर सकते हैं. कॉग्निटिव थेरेपी, फैमिली सपोर्ट और हेल्दी लाइफस्टाइल से बच्चों की मेंटल हेल्थ को सुधारा जा सकता है. बच्चों में आजकल मेंटल हेल्थ से जुड़ी प्रॉब्लम्स बढ़ रही हैं. Anxiety and Depression Drugs: आज के जमाने में मेंटल हेल्थ से जुड़ी समस्याएं बढ़ रही हैं. छोटे बच्चों से लेकर टीनएजर्स, युवा, मिडिल एज के लोग और बुजुर्ग सभी मानसिक समस्याओं से परेशान हैं. पढ़ाई का दबाव, सोशल मीडिया, अकेलापन, पारिवारिक तनाव और बदलती लाइफस्टाइल की वजह से कई बच्चे एंजायटी और डिप्रेशन जैसी समस्याओं की चपेट में आ जाते हैं. ऐसे में माता-पिता के मन में अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या बच्चों को भी एंजायटी और डिप्रेशन की दवाएं दी जा सकती हैं? चलिए इस बारे में साइकेट्रिस्ट से हकीकत जानने की कोशिश करते हैं. नई दिल्ली के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज की प्रोफेसर और साइकेस्ट्रिस्ट डॉ. प्रेरणा कुकरेती ने News18 को बताया बच्चों में एंजायटी और डिप्रेशन का इलाज केवल दवाओं पर निर्भर नहीं होता है. ज्यादातर मामलों में सबसे पहले काउंसलिंग, बिहेवियर थेरेपी और परिवार का सहयोग जरूरी माना जाता है. अगर समस्या हल्की हो, तो थेरेपी और लाइफस्टाइल में बदलाव करने की सलाह दी जाती है. अगर बच्चा लंबे समय तक उदास रहे, पढ़ाई और रोजमर्रा की गतिविधियों में रुचि कम हो जाए, नींद और भूख प्रभावित होने लगे या आत्महत्या जैसे विचार आने लगें, तब दवाओं की जरूरत पड़ सकती है. एक्सपर्ट के अनुसार कुछ एंटीडिप्रेसेंट और एंटी-एंजायटी दवाएं बच्चों और किशोरों के लिए मेडिकल गाइडलाइन के तहत इस्तेमाल की जाती हैं. हर दवा हर बच्चे के लिए सुरक्षित नहीं होती. डॉक्टर बच्चे की उम्र, लक्षणों की गंभीरता, मेडिकल हिस्ट्री और मानसिक स्थिति को ध्यान में रखकर ही दवा तय करते हैं. यही वजह है कि बिना डॉक्टर की सलाह के बच्चों को मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी दवाएं देना खतरनाक माना जाता है. इन दवाओं के कुछ साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं. कुछ मामलों में शुरुआती दिनों में आत्मघाती विचार बढ़ने का खतरा भी देखा गया है, इसलिए दवा शुरू होने के बाद बच्चे की नियमित निगरानी बेहद जरूरी होती है. माता-पिता को बच्चे के व्यवहार में आने वाले किसी भी असामान्य बदलाव पर डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. डॉक्टर का मानना है कि बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर पैरेंट्स को भी जागरूक रहना चाहिए. कई बार माता-पिता बच्चों की चिंता, डर या उदासी को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन अगर बच्चा लंबे समय तक चुप रहने लगे, दोस्तों से दूरी बनाने लगे, पढ़ाई में गिरावट आए या व्यवहार अचानक बदल जाए, तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए. स्वस्थ दिनचर्या भी बच्चों की मानसिक सेहत को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. पर्याप्त नींद, संतुलित आहार, फिजिकल एक्टिविटी, परिवार के साथ समय और स्क्रीन टाइम कम करना एंजायटी और तनाव को कम करने में मदद कर सकता है. बच्चों से खुलकर बातचीत करना और उनकी भावनाओं को समझना भी बेहद जरूरी है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें

सुभेंदु अधिकारी का बड़ा ‘मार्जिकल स्ट्राइक’, सरकार ने कई मदरसों को खत्म किया

सुभेंदु अधिकारी का बड़ा 'मार्जिकल स्ट्राइक', सरकार ने कई मदरसों को खत्म किया

पश्चिम बंगाल सरकार ने बड़ा सार्वभौम निर्णय लेते हुए राज्य के सभी गैर-सांस्कृतिक संगठन, बोर्डों और सार्वजनिक निगमों में नामित सदस्यों, निदेशकों और अध्यक्षों को व्यावसायिक प्रभाव से समाप्त करने का आदेश जारी किया है। इसके साथ ही 60 वर्ष की आयु पार करने के बाद पुनर्नियुक्ति या सेवा विस्तार पर काम कर रहे अधिकारियों की नियुक्तियां भी समाप्त कर दी गई हैं। यह आदेश राज्य के गृह एवं पर्वतीय मामले विभाग (गृह एवं पर्वतीय मामले विभाग) की ओर से जारी किया गया। आदेश के अनुसार इस निर्णय को तत्काल लागू करने पर विचार किया गया है और संबंधित प्रविष्टियों पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। यूनिवर्सल जर्नलिस्ट में बड़े बदलाव, गृह विभाग का सख्त आदेश नबन्ना से जारी आधिकारिक आदेश (नंबर 861-होम(विपक्ष)) के तहत राज्य सरकार ने सामूहिक व्यवस्था में व्यापक पैमाने पर काम करते हुए कई अहम फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जारी इस आदेश का उद्देश्य प्रशासन में प्लैटफॉर्म और लेज़र लेक्चर बताया जा रहा है। मनोनीत निबंध की छुट्टी राज्य सरकार के विभिन्न बोर्डों, ओहियो, धार्मिक और सार्वजनिक क्षेत्र के निगमों (पीएसयू) में नियुक्त सभी मनोनीत सदस्यों, निदेशकों और चेयरपर्सनों का ई-कॉमर्स प्रभाव समाप्त हो गया है। सेवा विस्तार पर भी कार्रवाई इसके अलावा, 60 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद पुनर्नियुक्ति या सेवा विस्तार को कर्मचारी अधिकारियों के उद्यमों में भी तुरंत समाप्त करने का निर्देश दिया गया है। गृह विभाग ने संबंधित सभी इकाइयों और दुकानों के ऑर्डर का निरंतर रखरखाव सुनिश्चित करने को कहा है। सरकारी दस्तावेज़ के अनुसार राज्य सरकार सामूहिक रूप से व्यापक पैमाने पर फार्म और सीमेंट सुनिश्चित करने की दिशा में कदम उठा रही है। ऐसा माना जा रहा है कि कई बोर्ड और सार्वजनिक निगमों में लंबे समय से सेवा विस्तार के लिए अधिकारियों और राजनीतिक नियुक्तियों को मंजूरी देकर नए नियुक्तियों को हटाने की तैयारी की जा रही है। हालांकि सरकार की ओर से आधिकारिक तौर पर इस फैसले के पीछे विस्तृत कारण उजागर नहीं किए गए हैं, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे आने वाले समय में गठबंधन और राजनीतिक रणनीति से जोड़ा जा रहा है। यह भी पढ़ें: पीएम मोदी की अपील से भड़के राहुल तो समर्थन में उतरे ये दिग्गज मंत्री, क्या है गंभीर आर्थिक खतरे का संकेत? (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल(टी)भारत(टी)सुवेंदु अधिकारी(टी)सुवेंदु अधिकारी सीएम पश्चिम बंगाल(टी)पश्चिम बंगाल सरकार आदेश(टी)डब्ल्यूबी गैर-सांविधिक निकाय बर्खास्तगी(टी)डब्ल्यूबी सेवा विस्तार समाप्त(टी)पश्चिम बंगाल सीएम

Punjab Chandigarh top news; cm Mann brother BJP join | ASI suspended

Punjab Chandigarh top news; cm Mann brother BJP join | ASI suspended

. पंजाब में आज की सबसे बड़ी खबर निकाय चुनाव से जुड़ी रही। 8 नगर निगम, 76 नगर काउंसिल व 21 नगर पंचायतों में 26 मई को वोटिंग होगी। इसके बाद 29 मई को रिजल्ट आएगा। दिनभर की 10 चुनिंदा बड़ी खबरों को VIDEO में देखने के लिए ऊपर क्लिक करें… इन 10 बड़ी खबरों को विस्तार से यहां पढ़ भी सकते हैं। तो आइए जानते हैं, पंजाब-चंडीगढ़ में दिनभर में क्या कुछ खास रहा… 1. पंजाब में निकाय चुनाव का ऐलान, आचार संहिता लागू; खर्च लिमिट तय पंजाब में निकाय चुनाव का ऐलान हो गया है। 26 मई को वोटिंग होगी, जबकि 29 मई को नतीजे आएंगे। नॉमिनेशन की प्रक्रिया 13 मई से शुरू होकर 16 मई तक चलेगी। चुनाव आयुक्त डॉ. राज कमल चौधरी ने कहा कि 18 मई को स्क्रूटनी की जाएगी। सारे उम्मीदवारों को उस दिन इलेक्शन दफ्तर जाने की अनुमति होगी। इस दौरान वह रिटर्निंग अफसर के सामने अपने एतराज रख पाएंगे। 19 मई को नामांकन वापस लेने का आखिरी मौका रहेगा। उन्होंने कहा कि आठ नगर निगमों में इलेक्शन होंगे। इनमें मोहाली, बठिंडा अबोहर, बरनाला, कपूरथला, मोगा, बटाला व पठानकोट शामिल है। 76 नगर काउंसिल और 21 नगर पंचायत में भी चुनाव होंगे। 3977 पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं। सारे इलेक्शन शहर में होंगे। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव करवाने की तैयारी की है। कुल 36,72,932 वोटर हैं। इसमें 18 लाख 990 पुरुष, 17.73 लाख महिलाएं और 226 अन्य हैं। आज से आचार सहिंता लागू हो गई है। इस संबंधी सरकार को पत्र भेजा जा रहा है। इसके बाद ट्रांसफर आदि पर रोक लग गई है। (पढ़ें पूरी खबर) 2. पंजाब बोर्ड 10वीं रिजल्ट, टॉप 3 में 2 लड़कियां पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड ने 10वीं कक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया है। छात्र बोर्ड की वेबसाइट पर इसे देख सकते हैं। टॉप तीन में इस साल 2 लड़कियां हैं। इसमें फरीदकोट की छात्रा हरलीन शर्मा ने स्टेट में टॉप किया है। सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल जैतो में पढ़ने वाली हरलीन ने 650 में से पूरे 650 अंक हासिल किए हैं। वहीं, सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल चनौली बस्सी, रूपनगर के छात्र मनिमहेश शर्मा 650 में से 645 अंक हासिल कर दूसरे नंबर पर रहे। उन्होंने 99.23% अंक मिले हैं। इसके अलावा श्री गुरु हरकिशन पब्लिक स्कूल खालसा दीवान मॉडल, होशियारपुर की छात्रा रिया रानी को स्टेट में तीसरा स्थान मिला है। उन्होंने 645 अंक हासिल किए हैं। उनके भी 99.23% अंक हैं। इस साल पास परसेंटेज में अमृतसर टॉप पर रहा, 98.41% बच्चे पास हुए हैं। इस कड़ी में 98.39% के साथ फिरोजपुर दूसरे और 97.99% के साथ पठानकोट तीसरे नंबर पर रहा। सबसे कम परिणाम लुधियाना का रहा, जहां 89.20% बच्चे पास हुए हैं। वहीं स्कूलों की बात करें, तो सरकारी स्कूल प्राइवेट से पीछे रहे। (पढ़ें पूरी खबर) 3. CM मान के भाई BJP में शामिल, प्रधान जाखड़ ने जॉइन कराई पार्टी पंजाब के CM भगवंत मान के चचेरे भाई ज्ञान सिंह सोमवार को BJP में शामिल हो गए हैं। उन्हें चंडीगढ़ में हरियाणा के सीएम नायब सैनी और पंजाब BJP प्रधान सुनील जाखड़ ने पार्टी जॉइन कराई। वह लोकसभा और विधानसभा चुनावों में AAP के कैंपेन इंचार्ज रहे। संगरूर के गांव सतौज के रहने वाले ज्ञान सिंह मान ने साल 2012 के विधानसभा चुनाव से अपना सफर शुरू किया। 2013 में आम आदमी पार्टी के गठन के समय से ही संगठन की मजबूती के लिए कार्य किया। वह 2014 से 2022 तक संगरूर सांसद कार्यालय के प्रभारी रहे। 2022 के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री भगवंत मान के चुनाव क्षेत्र धुरी के कार्यालय प्रभारी के रूप में मुख्य भूमिका निभाई। भाजपा में उनकी जॉइनिंग को खासकर मालवा क्षेत्र में पार्टी की मजबूती के तौर पर देखा जा रहा है। उन्होंने बीए की है। (पढ़ें पूरी खबर) 4. चिट्टा खरीदने वाला ASI सस्पेंड, युवकों ने डायल-112 में डिलीवरी दी फाजिल्का के अबोहर में ASI को नशीला पदार्थ खरीदना भारी पड़ गया। वीडियो सामने आने के बाद एसपी ने उसे सस्पेंड कर दिया है। वहीं नगर थाना-1 में ASI को डीएसपी हरीश कुमार ने पूछताछ के लिए बुलाया है। वहीं विधायक संदीप जाखड़ ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जो खुद कारोबार फैला रहे हैं, वो कैसे नशा को रोकेंगे। वीडियो में ASI डायल 112 गाड़ी में बैठा दिख रहा है, इसी दौरान दो युवक एक बाइक पर आते हैं और उससे कुछ बाते करते हैं, फिर 500 रुपए लेकर कुछ नशीला पदार्थ देते हैं। वीडियो में दावा किया गया है कि ASI ने युवकों से चिट्टा खरीदा है, हालांकि अभी इसकी कोई अधिकारिक पुष्टी नहीं हुई है। वहीं इस मामले में एसपी आशवंत सिंह ने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही पोस्ट करीब 4-5 दिन पुरानी है। जब जांच की गई तो पता चला कि अबोहर सिटी वन के एरिया में एएसआई बलविंदर सिंह जो फाजिल्का 112 हेल्पलाइन नंबर 408 में तैनात है, अपने एक साथी जश्न को फोन कर बुलाता है। वह युवक से 500 रुपए में नशीली वस्तु खरीदता है। जांच के बाद उसे सस्पेंड कर दिया है। एक युवक जश्न की पहचान हुई है, जबकि दूसरे का पता लगाया जा रहा है। (पढ़ें पूरी खबर) 5. लुधियाना में बाणा उतारने पर युवक की पिटाई लुधियाना में निहंग बाणा उतारकर पायजामा-टीशर्ट पहनने पर एक युवक की निहंग जत्थे ने पिटाई कर दी। इसकी भनक लगते ही निहंग जत्थे के कुछ लोगों ने उसकी पिटाई कर दी। बाद में युवक ने निहंग जत्थे से माफी मांगी और दोबारा ऐसी गलती न करने की बात कही। इसके बाद युवक को निहंग जत्थे ने दोबारा बाणा पहनने और अमृतपान की मर्यादा रखने को कहा। निहंगों ने युवकों को कहा कि तेरे को हमने इज्जत दी और तू आशिकी कर रहा। निहंगों ने कहा कि अगर आज एक ने इस तरह बाणा उतार दिया तो कल कई लोग बाणा उतार देंगे। युवक की पिटाई का वीडियो किसी ने शूट कर दिया और उसे अलग-अलग निहंग जत्थों को शेयर कर दिया। घटना रविवार को लुधियाना के ढोलनवाल में सामने आई। युवक कई सालों से निहंग जत्थे के साथ था और निहंग जत्थे ने उसे अमृतपान करवाकर उसे निहंग सिंह बनाया। (पढ़ें

आम जितना खाना है खाइए लेकिन इन 5 चीजों के साथ भूलकर भी न खाएं, शरीर में अग्निबंध बनने का खतरा

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Last Updated:May 11, 2026, 17:51 IST Foods to avoid with mango: फलों का राजा आम किसे पसंद नहीं. गर्मी बढ़ते ही बाजार में तरह-तरह के आम गुलजार होने लगती है. आम को लोग बड़े चाव से खाते हैं. लेकिन कुछ चीजें ऐसी हैं जिन्हें आम के साथ नहीं खाना चाहिए. आयुर्वेद के हिसाब से आम और कुछ चीजें विरूद्ध आहार है. अगर इन दोनों चीजों को साथ में खाया जाए तो शरीर में अग्निबंध का खतरा होता है. आम के साथ क्या-क्या नहीं खाना चाहिए. यह मौसम फलों के राजा आम का है. बाजार में हर तरफ तरह-तरह के आम भर गए हैं. जब आम ज्यादा हो जाता है तो लोग आम के साथ कई अन्य चीजों का सेवन भी करने लगते हैं. लेकिन आयुर्वेद में आम के साथ कुछ चीजों का सेवन एकदम वर्जित है. आयुर्वेद में जिन चीजों को विरूद्ध आहार कहा गया है उन्हें साथ में खाने की मनाही है. यहां ऐसी 5 चीजें हैं जिनका संयोजन सेहत के लिए जोखिम भरा हो सकता है. इन 5 चीजों के साथ कभी आम न खाएं. आम और दही – आयुर्वेद में आम और दही का विरुद्ध आहार माना गया है. आम की तासीर गर्म होती है जबकि दही की तासीर ठंडी होती है. इसलिए जब गर्म और ठंडी तासीर वाली चीजें एक साथ मिलती हैं तो यह शरीर की अग्नि यानी पाचन तंत्र को मंद कर देती है. आयुर्वेद के अनुसार ऐसा करने से शरीर में टॉक्सिन्स बनता है. वैज्ञानिक दृष्टि से भी आम और दही का मिश्रण शरीर में अत्यधिक गर्मी और पाचन असंतुलन पैदा कर सकता है. इससे त्वचा संबंधी समस्याएं जैसे कि मुंहासे, एक्जिमा या सोरायसिस हो सकता है. वही इससे पाचन धीमा होने लगता है और पेट फूलना और एसिडिटी की समस्या भी हो सकती है. आम और दूध वाली चाय या कॉफी –आयुर्वेद के अनुसार आम भारी या गरिष्ठ फल है. अगर इसे चाय के साथ पिएंगे तो इससे पाचन पर सीधा असर होगा. चाय या कॉफी जैसे कैफीन युक्त पेय पदार्थ शरीर में पित्त दोष को बढ़ाते हैं. इन दोनों का साथ सेवन शरीर में असंतुलन पैदा करता है जिससे घबराहट और सीने में जलन महसूस हो सकती है.आम में फ्रुक्टोज अधिक होता है और कैफीन के साथ मिलने पर यह मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करता है. चाय या कॉफी का सेवन आम खाने के तुरंत बाद करने से पाचन एंजाइम्स का स्राव रुक सकता है जिससे पेट में ऐंठन और बेचैनी हो सकती है. आम और करेला-आम और करेला भी विरूद्ध आहार माना गया है. एक तरफ आम मीठा और भारी होता है जबकि करेला कड़वा और हल्का होता है. इन विपरीत गुणों के कारण यह पेट में गैस और अपच का कारण बनता है. इसी तरह तीखे मसालों के साथ आम का सेवन रक्त की अशुद्धि का कारण बन सकता है. आम के तुरंत बाद करेला या मिर्च-मसालेदार भोजन करने से मतली और उल्टी की समस्या हो सकती है. आम का शुगर और मिर्च का कैप्साइसिन जब आपस में मिलते हैं तो यह गैस्ट्रिक म्यूकोसा में जलन पैदा करते हैं, जिससे पाचन मार्ग में सूजन आ सकती है. आम और कोल्ड ड्रिंक या सोडा- आयुर्वेद में आम खाने के बाद अत्यधिक ठंडा और गैस युक्त पेय पीना जठराग्नि को पूरी तरह बुझा देता है. यह शरीर के वात्त और पित्त दोषों को बढ़ा देता है. इससे मेटाबॉलिक वेस्ट को शरीर से बाहर निकलने में बाधा पहुंचती है. यानी इससे कब्ज हो सकती है. आम में पहले से ही शुगर की मात्रा बहुत अधिक होती है. कोल्ड ड्रिंक में भी कृत्रिम शुगर और कार्बन डाइऑक्साइड होती है. यह घातक संयोजन ब्लड शुगर लेवल को अचानक बहुत ज्यादा बढ़ा सकता है. यह डायबिटीज के रोगियों के लिए खतरनाक है. यह पेट में भारीपन और तीव्र गैस का कारण भी बनता है. आम और पानी-आयुर्वेद के अनुसार फलों को खाने के बाद तुरंत पानी पीना वर्जित है. आम के मामले में यह जठराग्नि को धीमा कर देता है जिससे आम पेट में पचने के बजाय ‘सड़ने’ लगता है, जो जोड़ों के दर्द और वात रोगों का कारण बन सकता है. आम में काफी मात्रा में फाइबर और पानी होता है. ऊपर से अतिरिक्त पानी पीने से पेट के एसिड का प्रभाव कम हो जाता है. इससे पाचन प्रक्रिया बाधित होती है और बैक्टीरिया को पनपने का मौका मिलता है, जिससे दस्त, पेट दर्द या गैस्ट्रोएंटेराइटिस होने की संभावना बढ़ जाती है. डिस्क्लेमर : यह स्टोरी सामान्य ज्ञान और इंटरनेट पर उपलब्ध जानकारी पर आधारित है. न्यूज 18 इसकी पुष्टि नहीं करता. किसी भी चीज का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से अवश्य राय ले. About the Author Lakshmi Narayan 18 साल से ज्यादा के लंबे करियर में लक्ष्मी नारायण ने डीडी न्यूज, आउटलुक, नई दुनिया, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक विषयों के विभिन्न मुद्दों, राजनीति, समाज, …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें

गर्मी में AC नहीं, यह नेचुरल चीज देगा राहत! शरीर को रखेगा फ्रिज जैसा ठंडा, एक्सपर्ट से जानें कैसे करें सेवन

गर्मी में AC नहीं, यह नेचुरल चीज देगा राहत! शरीर को रखेगा फ्रिज जैसा ठंडा, एक्सपर्ट से जानें कैसे करें सेवन

Last Updated:May 11, 2026, 17:33 IST Benefits of Consuming Katira in summer: भीषण गर्मी में करौली के ग्रामीण आज भी शरीर को ठंडा रखने के लिए पारंपरिक देसी नुस्खे कतीरा पर भरोसा करते हैं. आयुर्वेद विशेषज्ञों के अनुसार कतीरे की तासीर ठंडी होती है, जो शरीर को ठंडक देने, डिहाइड्रेशन से बचाने और लू के असर को कम करने में मदद करती है. लोग इसे रातभर भिगोकर सुबह दूध, शरबत या मिश्री के साथ सेवन करते हैं. आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. महेश जंगम ने बताया कि कतीरा फायदेमंद है, लेकिन इसका सेवन सीमित मात्रा में और विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार ही करना चाहिए. भीषण गर्मी में शरीर को अंदर से ठंडा रखना बेहद जरूरी हो जाता है. ऐसे मौसम में करौली के ग्रामीण आज भी पारंपरिक देसी नुस्खों पर भरोसा करते हैं. इन्हीं में से एक है कतीरा, जिसे आयुर्वेद में शरीर के लिए बेहद लाभकारी माना गया है. गांवों में लोग सुबह खाली पेट कतीरे का सेवन करते हैं, ताकि शरीर को ठंडक मिले और लू से बचाव हो सके. कतीरा शरीर में पानी की कमी नहीं होने देता और गर्म हवाओं के असर को कम करने में मदद करता है. ग्रामीणों का मानना है कि नियमित सेवन से शरीर तरोताजा रहता है और गर्मी से राहत मिलती है. करौली के आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. महेश जंगम के अनुसार गर्मी के मौसम में कतीरा का सेवन फायदेमंद माना जाता है, लेकिन इसे सीमित मात्रा में ही लेना चाहिए. उनका कहना है कि कतीरा शरीर को ठंडक पहुंचाने, लू से बचाव करने और शरीर में पानी की कमी को संतुलित रखने में मदद करता है. हालांकि जरूरत से ज्यादा सेवन करने पर कुछ लोगों को पेट फूलना, अपच या अन्य पेट संबंधी परेशानियां हो सकती हैं. इसलिए कतीरा का उपयोग हमेशा संतुलित मात्रा में और विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार ही करना चाहिए, ताकि शरीर को इसका पूरा लाभ मिल सके. ग्रामीणों का कहना है कि कतीरा शरीर को फ्रिज की तरह ठंडा रखने का काम करता है. यह एक प्राकृतिक गोंद होता है, जो पेड़ों से प्राप्त किया जाता है. गर्मी के मौसम में गांवों में इसका सेवन काफी लोकप्रिय माना जाता है. कतीरा को रातभर पानी में भिगोकर रखा जाता है, जिससे यह फूलकर जेली जैसा बन जाता है. सुबह लोग इसे दूध, शरबत या ठंडे पानी में मिश्री के साथ मिलाकर पीते हैं. ग्रामीणों के अनुसार इसका सेवन शरीर को ठंडक पहुंचाने, लू से बचाने और दिनभर तरोताजा बनाए रखने में मदद करता है. Add News18 as Preferred Source on Google गर्मियों के मौसम में कतीरे की मांग काफी बढ़ जाती है, क्योंकि यह शरीर को ठंडक देने के साथ ऊर्जा बनाए रखने में भी मदद करता है. आयुर्वेद विशेषज्ञों के अनुसार, कतीरे की तासीर ठंडी होती है, इसलिए इसका सेवन गर्मी में फायदेमंद माना जाता है. यह शरीर की अतिरिक्त गर्मी को कम करने, डिहाइड्रेशन से बचाने और पेट को ठंडा रखने में सहायक होता है. तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण होने वाली लू से बचाव में भी कतीरा असरदार माना जाता है. नियमित और सीमित मात्रा में सेवन करने से शरीर तरोताजा और ठंडा बना रहता है. गांवों में बुजुर्ग आज भी बच्चों और खेतों में काम करने वाले लोगों को नियमित रूप से कतीरा सेवन करने की सलाह देते हैं. उनका मानना है कि यह गर्मी और लू से बचाने में काफी मददगार होता है. विशेषज्ञों के अनुसार कतीरा शरीर में पानी की कमी नहीं होने देता और लंबे समय तक शरीर को ठंडक प्रदान करता है. यही वजह है कि किसान और मजदूरी करने वाले लोग इसका सेवन ज्यादा करते हैं. कई लोग कतीरे को मिश्री और गुलाब शरबत के साथ मिलाकर पीते हैं, जिससे इसका स्वाद बढ़ जाता है और शरीर को तुरंत ठंडक व ताजगी महसूस होती है. गर्मी के मौसम में कतीरा सिर्फ शरीर को ठंडक ही नहीं देता, बल्कि पाचन तंत्र के लिए भी फायदेमंद माना जाता है. इसका सेवन कब्ज, एसिडिटी और पेट की जलन जैसी समस्याओं में राहत पहुंचाने में मदद कर सकता है. कतीरा शरीर को अंदर से ठंडा रखकर पाचन प्रक्रिया को बेहतर बनाने में सहायक माना जाता है. महिलाओं के लिए भी इसे उपयोगी बताया जाता है, क्योंकि यह शरीर को ऊर्जा देने और कमजोरी दूर करने में मदद करता है. गर्मियों में सीमित मात्रा में इसका सेवन लाभकारी माना जाता है. गर्मी के इस मौसम में कतीरा गांवों के लोगों के लिए किसी प्राकृतिक औषधि से कम नहीं माना जाता. करौली के ग्रामीण इलाकों में आज भी लोग इसे पारंपरिक देसी नुस्खे के रूप में इस्तेमाल करते हैं. ग्रामीणों का मानना है कि कतीरा शरीर को अंदर से ठंडा रखने और लू से बचाने में काफी मददगार होता है. यही कारण है कि आधुनिक कोल्ड ड्रिंक्स और बाजारू पेयों की बजाय लोग आज भी कतीरा को ज्यादा महत्व देते हैं. गर्मियों में इसका सेवन स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है और गांवों में इसकी मांग लगातार बढ़ जाती है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

जैकलीन फर्नांडिस के सरकारी गवाह बनने पर ED की आपत्ति:एजेंसी बोली- एक्ट्रेस पीड़ित नहीं, सुकेश के जुर्म पता होने के बाद भी लिए करोड़ों के गिफ्ट

जैकलीन फर्नांडिस के सरकारी गवाह बनने पर ED की आपत्ति:एजेंसी बोली- एक्ट्रेस पीड़ित नहीं, सुकेश के जुर्म पता होने के बाद भी लिए करोड़ों के गिफ्ट

200 करोड़ रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडिस की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दिल्ली की एक अदालत में जैकलीन की उस याचिका का विरोध किया, जिसमें उन्होंने ‘सरकारी गवाह’ बनने की मांग की थी। ईडी ने कोर्ट में साफ कहा कि जैकलीन को सुकेश चंद्रशेखर के आपराधिक बैकग्राउंड की पूरी जानकारी थी, इसके बावजूद वे उसके साथ लगातार संपर्क में रहीं और अपराध की कमाई से करोड़ों के गिफ्ट्स लेती रहीं। सुकेश के साथ लगातार संपर्क में थीं जैकलीन स्पेशल जज प्रशांत शर्मा के सामने दाखिल अपने जवाब में ईडी ने कहा कि जैकलीन कोई ऐसी मासूम पीड़िता नहीं हैं जिन्हें सुकेश के बारे में कुछ पता न हो। एजेंसी के मुताबिक, एक्ट्रेस सुकेश चंद्रशेखर के आपराधिक रिकॉर्ड को जानने के बाद भी उसके साथ रेगुलर और सस्टेंड कॉन्टैक्ट में थीं। सुकेश ने अपराध के जरिए कमाए गए पैसों से जैकलीन और उनके परिवार के लिए महंगे गिफ्ट्स, लग्जरी सामान और सुविधाओं का इंतजाम किया था। ईडी ने जोर देकर कहा कि जैकलीन का सुकेश के साथ जुड़ाव पूरी तरह सोच-समझकर लिया गया फैसला था। जांच में सहयोग न करने का आरोप एजेंसी ने जैकलीन के व्यवहार पर भी सवाल उठाए हैं। ईडी ने कोर्ट को बताया कि एक्ट्रेस ने जांच के दौरान बिल्कुल भी सहयोग नहीं किया और उनके बयान भ्रामक रहे। रिपोर्ट के मुताबिक, अगस्त 2021 से जून 2022 के बीच दर्ज किए गए जैकलीन के बयानों में कई विरोधाभास थे। ईडी ने आरोप लगाया कि एक्ट्रेस ने अपनी स्क्रिप्ट राइटर अद्वैता काला को किए गए कैश ट्रांजेक्शन, विदेश में रहने वाले भाई-बहनों को भेजे गए फंड और बहरीन में माता-पिता के लिए खरीदी गई कारों जैसी अहम जानकारियां एजेंसी से छिपाईं। ‘खुद को पीड़ित बताना सजा से बचने का पैंतरा’ ईडी ने स्पष्ट किया कि जैकलीन का खुद को ‘विक्टिम’ बताना केवल कानून से बचने का एक तरीका है। एजेंसी ने कहा, जैकलीन इस मनी लॉन्ड्रिंग प्रक्रिया में एक सक्रिय भागीदार थीं और उन्होंने अपराध की कमाई का जमकर आनंद लिया है। उन्हें सरकारी गवाह बनाना न्याय के साथ धोखा होगा और इससे अपराध की गंभीरता कम हो जाएगी। ईडी ने इस अर्जी को कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग बताया है। अब मामले की सुनवाई 12 मई को होगी। 200 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा मामला बता दें कि यह पूरा मामला ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़ा है, जिसने रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटरों शिविंदर सिंह और मलविंदर सिंह की पत्नियों से 200 करोड़ रुपए ठगे थे। जैकलीन को इस मामले में सप्लीमेंट्री चार्जशीट में आरोपी बनाया गया था। इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने भी उनके खिलाफ मामले को रद्द करने की याचिका खारिज कर दी थी।